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Posted by vipin
Madhya Pradesh
11-09-2019 01:23 PM
Punjab
09-12-2019 12:03 PM
यह मोबाइल एप्लीकेशन किसानो को जानकारी देने के लिए है जी इस पर खसरा नक्शा नहीं देखा जा सकता जी , नक्शा देखने के लिए आप http://landrecords.mp.gov.in/ वेबसाइट पर क्लिक करके जानकारी ले सकते है जी
Posted by vipin
Madhya Pradesh
11-09-2019 01:20 PM
Punjab
09-12-2019 12:03 PM
यह मोबाइल एप्लीकेशन किसानो को जानकारी देने के लिए है जी इस पर खसरा नक्शा नहीं देखा जा सकता जी , नक्शा देखने के लिए आप http://landrecords.mp.gov.in/ वेबसाइट पर क्लिक करके जानकारी ले सकते है जी
Posted by sudarshan
Rajasthan
11-09-2019 01:18 PM
Punjab
09-11-2019 01:21 PM
sudarshan ji aap iske uper NPK 191919@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanwyad
Posted by om rana
Uttar Pradesh
11-09-2019 01:17 PM
Punjab
09-11-2019 04:17 PM
Rana ji sbse jyada ande deni wali nasal BV300 hai yeh 1 sal mai 300 eggs deti hai ..
Posted by बिपिन गुप्ता
Jharkhand
11-09-2019 01:15 PM
Rajasthan
09-11-2019 04:22 PM
गुप्ता जी आप डेयरी फार्मिंग करने के लिए साहीवाल और जर्सी नस्ल की गायों को रख सकते हैं इनका दूध भी अच्छा होता है और इन्हें बीमारियां भी कम लगती हैं
Posted by gokul
Himachal Pradesh
11-09-2019 01:01 PM
Maharashtra
09-11-2019 01:08 PM
सेब का फल जब अखरोट के आकार का हो तो स्कैब से बचाव के लिए 200 लीटर पानी में 80 ग्राम माइक्लोबूटानिल या 600 ग्राम मैनकोजैब या प्रोपिनेब अथवा 150 ग्राम डोडीन या मैटीसम 55 प्रतिशत के साथ 5 प्रतिशत पयराक्लोस्ट्रोबिन डब्ल्यूजी की 300 ग्राम मात्रा को 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें
Posted by jay
Gujarat
11-09-2019 12:50 PM
Punjab
09-11-2019 04:26 PM
आपके सभी सवालों के जवाब दिए जा चुके है आप एप में अपने सभी सवालों के जवाब देख सकते है धन्यवाद
Posted by ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
11-09-2019 12:48 PM
Punjab
09-11-2019 01:38 PM
Shrimaan g moncern fungicide hai eh jhone vich blast nu control krda hai esdi dose @250 ml per acre da spray kr skde ho g...
Posted by SUKHDEV Singh
Punjab
11-09-2019 12:47 PM
Punjab
09-11-2019 09:57 PM
tuci iss nu maa da dhudh vdia matra vich deo ate iss nu Sharoferrol liquid 10ml rojana deo ate 8 din di honn ton badd albomar liquid 10-10ml krke 3 din deo, iss nal frak paa jawega.
Posted by Rajinder Dhaliwal
Punjab
11-09-2019 12:41 PM
Punjab
09-11-2019 01:39 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਚੈਸ ਦਵਾਈ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਕੈਮੀਕਲ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ @120 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by K.C.Jain
West Bengal
11-09-2019 12:39 PM
Punjab
09-11-2019 12:43 PM
तुलसी - (ऑसीमम सैक्टम) एक शाकीय तथा औषधीय पौधा है इनमें ऑसीमम सैक्टम को प्रधान या पवित्र तुलसी माना गया जाता है, इसकी भी दो प्रधान प्रजातियाँ हैं- श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग लिए होती हैं इसके अतिरिक्त ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में भ.... (Read More)
तुलसी - (ऑसीमम सैक्टम) एक शाकीय तथा औषधीय पौधा है इनमें ऑसीमम सैक्टम को प्रधान या पवित्र तुलसी माना गया जाता है, इसकी भी दो प्रधान प्रजातियाँ हैं- श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग लिए होती हैं इसके अतिरिक्त ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में भी तुलसी का किसी न किसी रूप में प्रयोग किया जाता है तुलसी ऐसी औषधि है जो ज्यादातर बीमारियों में काम आती है इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, खॉसी, दंत रोग और श्वास सम्बंधी रोग के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है तुलसी की पत्तियों में एक चमकीला पीला वाष्पशील तेल पाया जाता है जो कीड़े और बैक्टीरिया के खिलाफ उपयोगी होता है काली तुलसी की खेती (Black Tulsi farming in hindi) हेतु यह सूरज की रोशनी में बहुत अधिक पनपता है तुलसी स्वाभाविक रूप से समुद्र तल से 2000 मीटर की ऊचाँई तक पाई जाती है यह प्रारंभिक स्थिति में अच्छी तरह नहीं बढ़ती है और इसे धूप की आवश्यकता होती है इसे अच्छी तरह से सूखी मिट्टी की आवश्यकता होती है पौधे को विशेष रूप से घर के अंदर गर्म मिट्टी में रखने पर तेजी से बढ़ता है यह पौधा नम मिट्टी में स्वाभाविक रूप से बढ़ता है इसकी बुबाई वर्षा आधारित क्षेत्रों में बारिश के मौसम में और सिंचित क्षेत्रों अक्टूबर – नवंबर माह में की जाती है सिंचित क्षेत्रों में 6 से 10 से.मी. लंबे अंकुरित पौधो को जुलाई या अक्टूबर – नवंबर माह में खेतों में लगाया जाता है अंकुरित पौधो को कतार में 40 से.मी. की दूरी पर लगाया जाता है रोपण के तुंरत बाद खेत की सिंचाई की जाती है गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग किया जाता है बीज नर्सरी में बोये जाते है एक हेक्टेयर भूमि के लिए लगभग 20-30 कि.ग्रा. बीजों की आवश्यकता होती है बुवाई के बाद FYM और मिट्टी के मिश्रण की पतली परत को बीजों के ऊपर फैलाया जाता है स्पिंक्लर द्दारा सिंचाई की जाती है बीज अंकुरण के लिए 8-12 दिन का समय लेते है और लगभग 6 सप्ताह के बाद पौधे रोपण के लिए तैयार हो जाते है काली तुलसी हेतु रोपण के बाद विशेष रूप से मानसून के अंत के बाद खेत की सिंचाई की जाती है दूसरी सिंचाई के बाद पौधे अच्छी तरह जम जाते है अंतराल को भरने और कमजोर पौधो को अलग करने का यह सही समय होता है ताकि खेत में एक समान पौधे रहें गार्मियो में 3-4 बार सिंचाई की आवश्यकता होती है जबकि शेष अवधि के दौरान आवश्यकता के अनुसार सिंचाई की जाती है लगभग 20-25 बार सिंचाई देना पर्याप्त होता है
Posted by Satwinder Singh
Punjab
11-09-2019 12:39 PM
Punjab
09-11-2019 01:40 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਹ ਦਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇਅ ਬਾਰੇ ਪੁੱਛ ਰਹੇ ਹੋ ਜੀ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਸਕੇ ਜੀ
Posted by Shiv Rathore
Madhya Pradesh
11-09-2019 12:38 PM
Punjab
09-11-2019 01:41 PM
Shiv g yeh fungus krke ho rha hai eski roktham ke liye Custodia @250 ml per acre and streptocycline @2 gm per ko 150 liter pani mein mila ke spray kro g .
Posted by monu
Haryana
11-09-2019 12:37 PM
Punjab
11-18-2019 06:07 PM
Monu ji mitti or pani ki janch ke lia aap Krishi Vigyan Kendra, Address: Jagdishpur, Sonipat Haryana 131029 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by R,K RAY
West Bengal
11-09-2019 12:36 PM
Punjab
12-10-2019 07:41 PM
Shrimaan ji, isme macchar ke hamle ki janch karein, agar mojood ho to ap isme imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, or isme NPK 005234 @ 10gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
11-09-2019 12:35 PM
Punjab
09-11-2019 01:42 PM
shrimaan g narme vich magnessium @1 kg per acre nu 100 liter pani vich mila ke spray kr skde ho g..
Posted by ਗੁਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
11-09-2019 12:35 PM
Punjab
12-12-2019 05:04 PM
Shrimaan ji, zinc ate lohe di spray ta hi kiti jandi hai agar isdi kami de lasshan butte te dikahi dende han, agar ajeha kuch hai tan tuc chelated zinc sulpahte @ 200 gm ate lohe lai ferrous sulpahte @ 400 -500 gm nu 150 liter pani ch mila ke prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by ਹੈਪੀ ਭਾਈਕਾ
Punjab
11-09-2019 12:19 PM
Maharashtra
09-11-2019 12:25 PM
ਹੈਪ੍ਪੀ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Rashid Ali khan
Punjab
11-09-2019 12:17 PM
Maharashtra
09-11-2019 12:26 PM
ਰਸ਼ੀਦ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ tilt ਦੀ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 200 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Amarjit Singh
Haryana
11-09-2019 12:16 PM
Punjab
09-11-2019 12:28 PM
amarjit ji kirpa karke daso isdi umar kinni hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad अमरजीत जी कृपया करके बताएं इसकी आयु कितनी है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by farsaram balach
Rajasthan
11-09-2019 12:14 PM
Punjab
09-11-2019 12:33 PM
फरसाराम जी कृपया आप इसके ऊपर NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Hariom Patidar
Madhya Pradesh
11-09-2019 12:12 PM
Punjab
09-13-2019 07:13 AM
Sir mirch mai aap Arise company ka (calver) urea mai milakar niche dalen
Posted by kawal
Punjab
11-09-2019 12:08 PM
Punjab
09-11-2019 02:21 PM
ਇਹ ਦੁੱਧ ਉਤਪਾਦਨ ਵਧਾਉਣ ਤੇ ਦੁੱਧ ਦੀ ਕੁਆਲਿਟੀ ਵਧਾਉਣ ਵਿੱਚ ਮੱਦਦ ਕਰਦਾ ਹੈ ਇੱਕ ਤਰਾਂ ਦਾ ਵਿਟਾਮਿਨ ਖਣਿਜ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਦਾ ਹੈ
Posted by Amrit singh
Punjab
11-09-2019 12:06 PM
Punjab
09-11-2019 12:34 PM
Amrit ji kirpa karke isdi photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Manjeet Sharma
Haryana
11-09-2019 12:02 PM
Punjab
09-11-2019 02:22 PM
Manjeet Sharma ji aap rakesh ji se baat kar sakte hai yeh tulsi ki kheti karte hai ji. 97558 77211 Rakesh kumar.
Posted by Sudhir Kumar Trivedi
Uttar Pradesh
11-09-2019 11:57 AM
Rajasthan
09-11-2019 04:28 PM
आप अपने इलाके में मुर्रा नस्ल की भैंस को रख सकते है ये दूध के लिए अच्छी नस्ल है
Posted by Ranjeet singh
Punjab
11-09-2019 11:54 AM
Punjab
09-11-2019 11:58 AM
HD3226 kisam jhone di university valo sifarish nahi hai. eh punjab seed store valo tyar kiti gayi hai. isda austan jhaad 28 quintal prati acre de hisab nal dasya ja reha hai ate kisan trail de layi es var isda beej lai sakde han beej lain layi tuc 9478489622,9814130982 Punjab Seed Company, Gidderbaha de nal sampark kar sakde ho.dhanwad
Posted by gurdeep
Punjab
11-09-2019 11:49 AM
Punjab
09-11-2019 12:08 PM
shrimaan g Bayer Nativo bhut vdia fungicide hai and esdi dose @120 gm per acre hai.Osheen hopper nu control karn lyi spray kr skde ho g esdi dose @80 gm per acre hai.Tuc jekar alag alag spray kroge tn bhut vdia result milega.Bt jekar mix krke spray krni hai tn ghol alag alag bna ke spray kr skde ho g..
Posted by pankaj prajapati
Madhya Pradesh
11-09-2019 11:42 AM
Punjab
09-11-2019 04:06 PM
pankaj ji agar yeh uper se peela pad raha hai to yeh zinc ki kami ke karn hota hai iske liye aap ferrous sulphate@1 kilo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad
Posted by Gurvinder Singh
Uttarakhand
11-09-2019 11:38 AM
Punjab
09-13-2019 10:55 AM
uttrakhand me ABS ka sexed seman aapko rudrapur se milega ji. iske liye aap rajeev ji se 9837047761 number par contact kare ji.
Posted by Rajinder Dhaliwal
Punjab
11-09-2019 11:37 AM
Punjab
09-11-2019 12:11 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਐਮੀਸਟਾਰ ਟੌਪ Syngenta ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਫਫੂੰਦਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਸਪਰੇਅ ਕਰਨ ਵੇਲੇ ਚੜੇਗੀ ਨਹੀਂ
Posted by Gurvinder Singh
Uttarakhand
11-09-2019 11:31 AM
Punjab
10-24-2019 06:02 PM
Gurvinder Singh ji aap apne zile ke nazdiki animal husbandry department me mile or apna name ikhwaye. agar aapne only sirf AI ki training leni hai to kisi veterinary doctor se bhi training le sakte hai ji.
Posted by Sunny Mahey
Punjab
11-09-2019 11:27 AM
Punjab
09-11-2019 04:03 PM
ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਰਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਰ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਸ਼ੇਅਰ ਨਹੀ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਜੀ ਪਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਿੱਚੋ ਜੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਉਹ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਰੇਟ ਤੇ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਕੋਈ ਪਰੋਫਿਟ ਲੈ ਕੇ ਨਹੀ ਸੇਲ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਤੁਸੀ ਉੱਥੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by Manjeet Sharma
Haryana
11-09-2019 11:26 AM
Maharashtra
09-11-2019 11:33 AM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं
Posted by sachin kumar
Haryana
11-09-2019 11:26 AM
Maharashtra
09-11-2019 11:34 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by Neeraj Rathi
Uttar Pradesh
11-09-2019 11:25 AM
Posted by shlok
Uttar Pradesh
11-09-2019 11:25 AM
Maharashtra
09-11-2019 11:41 AM
DBW 187 kisam ICAR-INDIAN INSTITUTE OF WHEAT & BARLEY RESEARCH ke dwara tyar ki gayi hai. iska beej lene ke liye aap Dr. Raj Kumar 9255270087 se sampark kar sakte hai.
Posted by gurdip
Punjab
11-09-2019 11:22 AM
Maharashtra
09-11-2019 11:31 AM
ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ-ਦਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਇੱਕਲੀ ਕਰਨੀ ਹਾਂ ਤਾਂ 1.25-1.5kg ਤੇ ਜੇ ਕਿਸੇ ਫਸਲ ਨਾਲ ਬੀਜਣੀ ਹੈ ਤਾਂ 0.50-0.75kg ਬੀਜ ਪਾਓ ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਪਲਾੱਟ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ, ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ ਜਾਂ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪੁੰਗਰਾਅ ਲਈ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਨਮੀ ਬਣਾਈ ਰੱਖੋ ਸਧਾਰਨ ਹਾਲਾ.... (Read More)
ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ-ਦਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਇੱਕਲੀ ਕਰਨੀ ਹਾਂ ਤਾਂ 1.25-1.5kg ਤੇ ਜੇ ਕਿਸੇ ਫਸਲ ਨਾਲ ਬੀਜਣੀ ਹੈ ਤਾਂ 0.50-0.75kg ਬੀਜ ਪਾਓ ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਪਲਾੱਟ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ, ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ ਜਾਂ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪੁੰਗਰਾਅ ਲਈ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਨਮੀ ਬਣਾਈ ਰੱਖੋ ਸਧਾਰਨ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪੁੰਗਰਾਅ 10 ਤੋਂ 14 ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ 18 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੂਰਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀਆਂ ਜੜ੍ਹਾਂ 4 ਤੋਂ 6 ਹਫਤੇ ਵਿੱਚ ਵਿਕਸਿਤ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ 15–20 ਟਨ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਖਾਦਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਓ: ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ - 30 kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, ਫਾਸਫੋਰਸ - 20 kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, ਹਰ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 30 kg ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਪਾਓ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਦੂਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 5 ਤੋਂ 6 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਫਿਰ 10 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਤੇ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰਦੇ ਰਹੋ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੱਥੀਂ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਅਤੇ 20 kg ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਪਾਓ
Posted by Sonaram bishnoi
Rajasthan
11-09-2019 11:18 AM
Punjab
12-10-2019 07:45 PM
श्रीमान जी, कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आपकी मूंगफली की फसल में कोई समस्या आ रही है, ताकि आपको उसके हिसाब से उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by anil kumar
Uttar Pradesh
11-09-2019 11:14 AM
Punjab
09-11-2019 04:58 PM
आप मटर की किस्मे जैसे Asauji: आई. ए. आर. आई. की तरफ से तैयार की गई किस्म है Early Superb: यह इंग्लैंड की तरफ से तैयार की गई छोटे कद की किस्म है Little Marvel: यह छोटे कद की इंग्लैंड की किस्म है Jawahar Matar 3: इस किस्म की पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Jawahar Matar 4: इस किस्म की पैदावार 28 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by Bhinder singh
Punjab
11-09-2019 11:11 AM
Punjab
09-12-2019 07:08 PM
ਮੱਝਾਂ ਗਾਵਾਂ ਦੇ ਛੋਟੇ calfs ਲਈ ਫੀਡ ਬਨਾਉਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਮੱਕੀ,ਕਣਕ, ਜ਼ੌ 50 ਕਿਲੋ ਮੂੰਗਫਲੀ ਖਲ 30 ਕਿਲੋ ਸਕਿਮਡ ਮਿਲਕ ਪਾਊਡਰ 07 ਕਿਲੋ ਚੌਲਾ ਦਾ ਛਿਲਕਾ 10 ਕਿਲੋ ਧਾਤਾ ਦਾ ਚੂਰਾ 02 ਕਿਲੋ ਨਮਕ 01 ਕਿਲੋ ਵਿਟਾਮਿਨ ਏ ਅਤੇ ਡੀ ਪੂਰਕ(ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਆਂਟਲ) 10 ਕਿਲੋ ਫਾਸਫੋਰਸ 0.5 ਕਿਲੋ ਇਹ 100 ਕਿਲੋ ਫੀਡ ਦਾ ਫਾਰਮੂਲਾ ਹੈ..
Posted by anil kumar
Uttar Pradesh
11-09-2019 11:09 AM
Punjab
09-11-2019 11:16 AM
बीज की मात्रा:-बिजाई के लिए 35-40 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई का समयअच्छी उपज प्राप्त करने के लिए अंत अक्तूबर से मध्य नवंबर के बीच बिजाई पूरी कर लें इसके आगे बिजाई में देरी करने से उपज में कमी होगी अगेती मंडीकरन के लिए मटरों को अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े में उगाएं PG 3: यह छोटे कद वाली अगेती किस्म .... (Read More)
बीज की मात्रा:-बिजाई के लिए 35-40 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई का समयअच्छी उपज प्राप्त करने के लिए अंत अक्तूबर से मध्य नवंबर के बीच बिजाई पूरी कर लें इसके आगे बिजाई में देरी करने से उपज में कमी होगी अगेती मंडीकरन के लिए मटरों को अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े में उगाएं PG 3: यह छोटे कद वाली अगेती किस्म है जो 135 दिनों में तैयार हो जाती है इसके फूल सफेद और दाने क्रीमी सफेद होते हैं यह सब्जी बनाने के लिए अच्छी मानी जाती है इस पर सफेद रोग कम आता है और फली छेदक का हमला कम होता है Matar Ageta 6: यह पी ए यू लुधियाणा की तरफ से तैयार की गई अगेती और छोटे कद की किस्म है इसके दाने मुलायम और हरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 24 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Field Pea 48: यह अगेती पकने वाली दरमियानी किस्म है इसके दाने हल्के हरे रंग के मोटे और झुरड़ियों वाले होते हैं यह 135 दिनों में पकती है यह सब्जी बनाने के लिए अच्छी मानी जाती है इसकी औसतन पैदावार 27 क्विंटल प्रति एकड़ है