Posted by sunilbabu
Uttar Pradesh
13-09-2019 11:18 AM
sunilbabu ji aap iske uper quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by manpreet
Punjab
13-09-2019 10:57 AM
Manpreet ji khatti lassi di spray ulli rog de layi kar sakde ho isdi matra 3 litre nu prati acre de hisab nal 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad

Posted by ajay
Punjab
13-09-2019 10:51 AM
ajay ji dhaniya alag fasl hai ate methi alag dono msaleya di category vich aunde han par eh dono alag alag faslan han.dhanwad
Posted by gurpreet gill
Punjab
13-09-2019 10:51 AM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ carbendazim @4 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Pardeep singh maan
Punjab
13-09-2019 10:49 AM
ਵਧੇਰੇ ਪੈਦਾਵਾਰ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਅਤੇ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ (ਪਹਿਲੇ ਫੁੱਲ ਖਿਲਣ ਤੋਂ ਹਰੇਕ 15 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ 2-3 ਸਪਰੇਆਂ) ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਕਈ ਵਾਰੀ ਵਰਗਾਕਾਰ ਲਾਰਵਾ ਡਿੱਗਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਫੁੱਲ ਝੜਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਪਲੈਨੋਫਿਕਸ (ਐਨ.ਏ.ਏ.) 4 ਮਿ.ਲੀ. ਅਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੂਖਮ-ਤੱਤ 120 ਗ੍ਰਾਮ, ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਸਲਫੇਟ 150 .... (Read More)
ਵਧੇਰੇ ਪੈਦਾਵਾਰ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰਨ ਲਈ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਅਤੇ ਡੀ.ਏ.ਪੀ. 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ (ਪਹਿਲੇ ਫੁੱਲ ਖਿਲਣ ਤੋਂ ਹਰੇਕ 15 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ 2-3 ਸਪਰੇਆਂ) ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਕਈ ਵਾਰੀ ਵਰਗਾਕਾਰ ਲਾਰਵਾ ਡਿੱਗਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨਾਲ ਫੁੱਲ ਝੜਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਪਲੈਨੋਫਿਕਸ (ਐਨ.ਏ.ਏ.) 4 ਮਿ.ਲੀ. ਅਤੇ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੂਖਮ-ਤੱਤ 120 ਗ੍ਰਾਮ, ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਸਲਫੇਟ 150 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਖਰਾਬ ਮੌਸਮ ਦੇ ਕਾਰਨ ਟੀਂਡੇ ਝੜਦੇ ਦਿਖਾਈ ਦੇਣ ਤਾਂ ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 100 ਗ੍ਰਾਮ 00:52:34 + 30 ਮਿ.ਲੀ. ਹਿਊਮਿਕ ਐਸਿਡ (>12%) + 6 ਮਿ.ਲੀ. ਸਟਿੱਕਰ ਨੂੰ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 10 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਤਿੰਨ ਸਪਰੇਆਂ ਕਰੋ ਅੱਜ-ਕੱਲ ਪੱਤਿਆਂ ਵਿੱਚ ਲਾਲੀ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਦਿਖ ਰਹੀ ਹੈ, ਇਸ ਦਾ ਮੁੱਖ ਕਾਰਨ ਪੌਸ਼ਟਿਕ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਘਾਟ ਹੈ ਇਸ ਨੂੰ ਖਾਦਾਂ ਦੇ ਸਹੀ ਉਪਯੋਗ ਨਾਲ ਠੀਕ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਕਰਨ ਲਈ 1 ਕਿਲੋ ਮੈਗਨੀਸ਼ੀਅਮ ਸਲਫੇਟ ਦੀ ਪੱਤਿਆਂ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਯੂਰੀਆ 2 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 100 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
Posted by ਦੇਸ ਰਾਜ ਸੂਦ
Punjab
13-09-2019 10:45 AM
iss de vich sheath blight pai gyi hai. iss di roktham de lyi folicur@200ml ja pulsor@200ml ja custodia@300ml ja nativo@80gm ja amistar top@200ml ja indofil di avtar@400gm ja hexaconazole@300ml prati acre de hisaab nal 150ltr pani de nal mila ke spray kro.
Posted by sohan lal
Himachal Pradesh
13-09-2019 10:45 AM
sohan ji aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisba se spray karen.dhanywad
Posted by Jass Vilasra
Punjab
13-09-2019 10:45 AM
Posted by anand kumar verma
Uttar Pradesh
13-09-2019 10:38 AM
यह एक उष्णकटिबंधीय बीज की फसल है जिसकी खेती भारत में की जाती है इसका सेवन खाना बनाने और चिप्स के रूप में किया जाता है नर्म तने और जिमीकंद के पत्तों का प्रयोग सब्जियों में किया जाता है इसकी खेती मुख्य तौर पर यह उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिमी बंगाल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश महाराष्ट्र और उड़ीसा में की जाती .... (Read More)
यह एक उष्णकटिबंधीय बीज की फसल है जिसकी खेती भारत में की जाती है इसका सेवन खाना बनाने और चिप्स के रूप में किया जाता है नर्म तने और जिमीकंद के पत्तों का प्रयोग सब्जियों में किया जाता है इसकी खेती मुख्य तौर पर यह उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिमी बंगाल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश महाराष्ट्र और उड़ीसा में की जाती है यह प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और ओमेगा 3 फैटी एसिड का एक बहुत बढ़िया स्त्रोत है मिट्टी इसके लिए लाल चिकनी मिट्टी की आवश्यकता होती है, जिसकी पी एच 5.5—7.0 होनी चाहिए यह एक उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय फसल है बनस्पति अवस्था के दौरान इसे अच्छी वर्षा और गर्म मौसम की और बीजों के विकास के दौरान ठंडे और शुष्क मौसम की जरूरत होती है किस्में Gajendra: यह किस्म APAU, हैदराबाद द्वारा विकसित की गई है यह 200—215 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 17—21 टन प्रति एकड़ होती है Sree Padma: इसे CTCRI Thiruvananthapuram में विकसित किया गया है इसकी औसतन पैदावार 17 टन प्रति एकड़ होती है ज़मीन की तैयारी और बिजाई इसकी बिजाई फरवरी के महीने में की जाती है ताकि मॉनसून की पहली बारिश आने से पहले बीज अंकुरित हो सके इसे अप्रैल—मई के महीने में रोपित किया जाता है इसमें 20—25 सैं.मी. का फासला रखें इसके पौधे 20—25 सैं.मी. गहरे गड्ढों में लगाएं बीजों की बिजाई हाथों से की जाती है और 60cm x 60cm x 45cm गहरे गड्ढों में बोया जाता है बीज की मात्रा बीज के भार के अनुसार बीज का प्रयोग किया जाता है यदि बीज का भार 250 ग्राम है तो 16 क्विंटल प्रति एकड़ और यदि 500 ग्राम है तो 30 क्विंटल बीज की जरूरत होती है बीज उपचारित करने के लिए बाविस्टिन के 2 प्रतिशत घोल में 30 मिनट के लिए डुबोकर रखें यह मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारियों से बचाव करता है खादें और नदीनों की रोकथाम ज़मीन की तैयारी के दौरान गली सड़ी रूड़ी की खाद 10—12 टन अच्छी तरह से मिक्स करें बिजाई के 45 दिन बाद फास्फोरस की पूरी मात्रा, नाइट्रोजन और पोटाश की आधी मात्रा डालें बाकी बची खुराक एक महीने बाद डालनी चाहिए खेत को नदीन रहित बनाने के लिए 1—2 गोडाई करें और हर गोडाई के बाद मेंड़ों पर मिट्टी चढ़ाएं सिंचाई — इसे ज्यादातर बारिश के मौसम में लगाया जाता है हालांकि, जब मॉनसून खत्म हो जाती है तो सिंचाई की जरूरत पड़ती है, जहां यह बड़े पैमाने पर बढ़ती है पानी का एक स्थान पर खड़ा होना फसल के लिए हानिकारक होता है जहां भी सिंचाई की सहूलत उपलब्ध होती है, वहां सप्ताह में एक बार सिंचाई की जा सकती है कटाई — फसल की बिजाई के 8 महीने बाद कटाई की जाती है और यह विशेष तौर पर जनवरी—फरवरी के महीनों में करें जिमीकंद के तने और पत्तों का सूखना कटाई की अवस्था बताता है अच्छी मार्केटिंग के लिए 6 महीने पहले कटाई कर लेनी चाहिए
Posted by sodhi
Punjab
13-09-2019 10:37 AM
ਸੋਢੀ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ carbendazim @3 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by sikander
Rajasthan
13-09-2019 10:32 AM
सिकंदर जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप carbendazim @3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by JEETENDRA SINGH
Uttar Pradesh
13-09-2019 10:30 AM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
Posted by JEETENDRA SINGH
Uttar Pradesh
13-09-2019 10:25 AM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफ.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है, बाकि प्राथमिक जानकारी आप नोट कर सकते हैं इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्टूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है ..

Posted by vikas Singh
Chattisgarh
13-09-2019 10:24 AM
Shrimaan ji, university kisi bhi 2 cheimcals ko mix kar ke spray larne ki sifarish nahi karti hai, bactegone ik bactericide hai iski dose @ 6gm prati acre hoti hai, , isko custodia @ 300 ml ke sath mila kar spray kiya jata hai, coragen sundi ki roktham ke liye use kiya jata hai or actara @ 80 gm prati acre ke hisaab se use kiya jata hai or yeh keetnashak hai, dhanywad

Posted by Rajan Modgill
Punjab
13-09-2019 10:22 AM
Shrimaan ji, kirpa kar ke daso ke tuc is di kehri variety di bijai kiti hai, tajo tuhnu usde hisaab nal isda utar dita ja sake, dhanwad

Posted by Tarlochan singh
Punjab
13-09-2019 10:19 AM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਸਰਜਰੀ ਸਪੈਸਲਿਸਟ ਡਾਕਟਰ ਨੂੰ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਪਲਸਤਰ ਕਰਵਾ ਦਿਓ ਜੀ
Posted by sunil
Haryana
13-09-2019 10:16 AM
DBW 187 kisam ICAR-INDIAN INSTITUTE OF WHEAT & BARLEY RESEARCH ke dwara tyar ki gayi hai. iska beej lene ke liye aap Dr. Raj Kumar 9255270087 se sampark kar sakte hai.9255270087
Posted by Jass Vilasra
Punjab
13-09-2019 10:14 AM
ਜੱਸ ਜੀ ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ, ਕਾਲੀ ਸਰ੍ਹੋਂ ਦੇ ਬੀਜ, ਮੂਲੀ, ਪਾਲਕ, ਪੱਤਾ ਗੋਭੀ, ਧਨੀਆ, ਸੌਂਫ ਦੇ ਬੀਜ, ਸਲਾਦ, ਬਰੌਕਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by harjap singh
Punjab
13-09-2019 09:57 AM
ਹਰਜਾਪ ਜੀ glamore ਇਕ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਜੋ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਨੈਟਿਵੋ ਇਕ ਫੰਗਸਨਾਸ਼ੀ ਜੋ ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Arvind Kumar
Uttar Pradesh
13-09-2019 09:56 AM
arvind ji kripya aap audio dubara bheje aapke dwara bheji gayi audio upload nahi hui hai.dhanywad
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
13-09-2019 09:55 AM
ਨਿਰਪਾਲ ਜੀ Imidacloprid ਰਸ ਚੂਸਣ ਵਾਲੀ ਕੀਟਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇ ਤੇਲਾ , ਚੇਪਾ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਕਰਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Gurdeep Singh virdi
Punjab
13-09-2019 09:51 AM
ਗੁਰਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ PAU ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਿਤੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਆਖਰੀ ਹਫਤੇ ਵਿਚ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਰਾਈ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Arvind Kumar
Uttar Pradesh
13-09-2019 09:45 AM
Arvind ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aapko iske bare men jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Harpreet Singh
Punjab
13-09-2019 09:42 AM
ਅੰਬ :- ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਇੱਕ ਮਹੀਨਾ ਪਹਿਲਾਂ 1×1×1 ਮੀਟਰ ਦੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਟੋਏ 9x9 ਮੀਟਰ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਪੁੱਟੋ ਟੋਇਆਂ ਨੂੰ ਸੂਰਜ ਦੀ ਰੌਸ਼ਨੀ ਵਿੱਚ ਖੁੱਲਾ ਛੱਡ ਦਿਓ ਫਿਰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ 30-40 ਕਿਲੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਅਤੇ 1 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਮਿਲਾ ਕੇ ਭਰ ਦਿਓ ਪੌਦੇ ਅਗਸਤ-ਸਤੰਬਰ ਅਤੇ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਬੀਜੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪੌਦੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਠੰਡੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜੋ ਫਸਲ .... (Read More)
ਅੰਬ :- ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਇੱਕ ਮਹੀਨਾ ਪਹਿਲਾਂ 1×1×1 ਮੀਟਰ ਦੇ ਆਕਾਰ ਦੇ ਟੋਏ 9x9 ਮੀਟਰ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਪੁੱਟੋ ਟੋਇਆਂ ਨੂੰ ਸੂਰਜ ਦੀ ਰੌਸ਼ਨੀ ਵਿੱਚ ਖੁੱਲਾ ਛੱਡ ਦਿਓ ਫਿਰ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ 30-40 ਕਿਲੋ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਅਤੇ 1 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਮਿਲਾ ਕੇ ਭਰ ਦਿਓ ਪੌਦੇ ਅਗਸਤ-ਸਤੰਬਰ ਅਤੇ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਬੀਜੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪੌਦੇ ਹਮੇਸ਼ਾ ਸ਼ਾਮ ਨੂੰ ਠੰਡੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਬੀਜੋ ਫਸਲ ਨੂੰ ਤੇਜ਼ ਹਵਾ ਤੋਂ ਬਚਾਓ
ਅਮਰੂਦ :- ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਜਾਂ ਅਗਸਤ-ਸਤੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾਂ ਅਮਰੂਦ ਦੇ ਪੌਦੇ ਲਗਾਉੇਣ ਲਈ ਸਹੀ ਮੰਨਿਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਪੌਦੇ ਲਗਾਉਣ ਲਈ 6x5 ਮੀਟਰ ਫਾਸਲਾ ਰੱਖੋ ਜੇਕਰ ਪੌਦੇ ਵਰਗਾਕਾਰ ਢੰਗ ਨਾਲ ਲਗਾਏ ਹਨ ਤਾਂ ਪੌਦਿਆਂ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 7 ਮੀਟਰ ਰੱਖੋ 132 ਪੌਦੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਲਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜੜਾਂ ਨੂੰ 25 ਸੈ:ਮੀ ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
ਜਾਮਣ :- ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਬਸੰਤ ਅਤੇ ਮਾਨਸੂਨ ਦੋਵੇਂ ਰੁੱਤਾਂ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਬਸੰਤ ਰੁੱਤ ਚ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਅਤੇ ਮਾਨਸੂਨ ਸਮੇਂ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੁਲਾਈ-ਅਗਸਤ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਪੌਦਿਆਂ ਲਈ ਦੋਹਾਂ ਪਾਸਿਓ 10 ਮੀਟਰ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਅਤੇ ਬੀਜਾਂ ਲਈ ਦੋਹਾਂ ਪਾਸਿਓ 8 ਮੀਟਰ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਦੀ ਸਿਫਾਰਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਨੂੰ 4-5 ਸੈ.ਮੀ. ਡੂੰਘਾ ਬੀਜੋ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਸਿੱਧੇ ਹੀ ਬੀਜਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ

Posted by malkit deol
Punjab
13-09-2019 09:40 AM
BhaaG is nu 1kg kanak da dalia 500g gur ch rinh ke 7din khuao Rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai 1kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo

Posted by harmanpreet singh
Punjab
13-09-2019 09:34 AM
harmanpreet ji eh fungus de karn ho rahi hai isde uper tilt@200ml nu prati acre de hisab nal spray karo.is to ilava isde vich sundi check karo jo daaneya de vicho rass choos laindi hai isde layi tuc Cartap hydrochloride @ 170 gm or Triazophos @ 350 ml or Chlorpyriphos @ 1 Ltr prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Rajesh khanna
Uttar Pradesh
13-09-2019 09:32 AM
Rajesh ji aap iske uper keet ka hamla check karen agar maujood hai to imidalcoprid @1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.iske ilava aap iske uper carbendazim@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Beant singh
Punjab
13-09-2019 09:24 AM
beant ji isde uper aliette 2.5 ml prati liter pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by kalyan lodha
Madhya Pradesh
13-09-2019 09:24 AM
अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है
Posted by Bhupesh Thakur
Chattisgarh
13-09-2019 09:23 AM
खेत को नदीनों से बचाने के लिए एक या दो बार गोडाई करें और पहली गोडाई बिजाई के 1 महीना बाद करें नदीनों के लिए बिजाई से दो दिनों के अंदर अंदर पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ 100-200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें
Posted by Beant singh
Punjab
13-09-2019 09:23 AM
beant ji isde uper aliette 2.5 ml per litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by jaspreet singh
Punjab
13-09-2019 09:07 AM
jaspreet ji tuc isde uper custodia @300ml nu prat acre de hisab nal spray karo. eh paudheya vich hrapan laike aundi hai.dhanwad

Posted by Mahendra Singh Patel
Uttar Pradesh
13-09-2019 09:00 AM
महेंद्र जी आप इसके ऊपर 8 -10 किलो प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by subhas Kumar
Uttar Pradesh
13-09-2019 09:00 AM
subhas Kumar ji yeh fungus ke karn ho raha hai iske uper aap tilt@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Sitaram Godara
Rajasthan
13-09-2019 08:59 AM
मौसम विभाग के अनुसार आज आपके इलाके में बादलवाई रहेगी और कल हलकी बारिश होने की सम्भावना है धन्यवाद

Posted by PANKAJ RANA
Punjab
13-09-2019 08:57 AM

Posted by jayendra
Uttar Pradesh
13-09-2019 08:53 AM
jayendra ji aap iske uper tilt@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.iske ilava tana chedak ke karen hota hai iske liye aap iske uper Cartap hydrochloride @ 170 gm ya Triazophos @ 350 ml ya Chlorpyriphos @ 1 Ltr ko prati acre ke hisab se daale.dhanywad

Posted by Ghanshyam Ghanshyam
Gujarat
13-09-2019 08:50 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Ghanshyam Ghanshyam
Gujarat
13-09-2019 08:49 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by rajkumar mourya
Uttar Pradesh
13-09-2019 08:46 AM
राजकुमार जी यह तना छेदक के कारण होता है इस कीटाणु का लार्वा धान के पौधे की बन रही बालियों में प्रवेश करके उसको खा जाता है, जिससे बालियां धीरे धीरे सूख कर खाली हो जाती है जो बाद में सफेद रंग में तबदील हो जाती हैं यदि इसके हमले के लक्षण दिखाई दे तो फसल के ऊपर कार्टाइप हाइड्रोक्लोराईड 170 ग्राम या टराईजोफॉस 350 मि.ली.... (Read More)
राजकुमार जी यह तना छेदक के कारण होता है इस कीटाणु का लार्वा धान के पौधे की बन रही बालियों में प्रवेश करके उसको खा जाता है, जिससे बालियां धीरे धीरे सूख कर खाली हो जाती है जो बाद में सफेद रंग में तबदील हो जाती हैं यदि इसके हमले के लक्षण दिखाई दे तो फसल के ऊपर कार्टाइप हाइड्रोक्लोराईड 170 ग्राम या टराईजोफॉस 350 मि.ली. या एक लीटर कलोरपाइरीफॉस को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए
Posted by Baljinder Singh
Punjab
13-09-2019 08:45 AM
ਬਲਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ, ਮੇਲੇ ਵਿੱਚ ਜੋ ਨੰਬਰ ਲਿਆ ਸੀ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਐਪ ਦਾ ਲਿੰਕ ਸੈਡ ਕਰਨ ਲਈ ਲਿਆ ਸੀ ਜੀ, ਬਾਕੀ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਐਪ ਵਿੱਚ ਹੀ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੈ ਜੀ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਆਪਣਾ ਖੇਤੀ ਨਾਲ ਸਬੰਧਿਤ ਸਵਾਲ ਇਸੇ ਤਰਾਂ ਹੀ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਸਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਮੈਸਿਜ ਰਾਹੀ ਕੋਈ ਵੀ ਸਰਵਿਸ ਨਹੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਜਿਵੇਂ ਮੌਸਮ ਆਦਿ ਦੀ ਮੌਸਮ ਦੀ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਵੀ ਐਪ ਦੇ ਵਿੱਚ ਹ.... (Read More)
ਬਲਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ, ਮੇਲੇ ਵਿੱਚ ਜੋ ਨੰਬਰ ਲਿਆ ਸੀ ਉਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਐਪ ਦਾ ਲਿੰਕ ਸੈਡ ਕਰਨ ਲਈ ਲਿਆ ਸੀ ਜੀ, ਬਾਕੀ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਐਪ ਵਿੱਚ ਹੀ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੈ ਜੀ ਜਾਂ ਤੁਸੀ ਆਪਣਾ ਖੇਤੀ ਨਾਲ ਸਬੰਧਿਤ ਸਵਾਲ ਇਸੇ ਤਰਾਂ ਹੀ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ , ਸਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਮੈਸਿਜ ਰਾਹੀ ਕੋਈ ਵੀ ਸਰਵਿਸ ਨਹੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਜਿਵੇਂ ਮੌਸਮ ਆਦਿ ਦੀ ਮੌਸਮ ਦੀ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਵੀ ਐਪ ਦੇ ਵਿੱਚ ਹੀ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੀ ਹੈ ਜੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by akash singh
Punjab
13-09-2019 08:43 AM
ਅਮਰੀਕ ਜੀ ਇਹ ਝੋਨੇ ਦੀ ਕਿਸਮ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਇਹ ਝੋਨਾ ਪੱਕਣ ਤੇ ਕਿੰਨਾ ਟਾਇਮ ਲੈਂਦਾ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਕਿਸਮ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by guggu singh
Punjab
13-09-2019 08:43 AM
Guggu ji thiamethoxam ik keetnashak hai eh rass choosan vale keetan di roktham de layi varti jandi hai isdi matra 60-80 gram prati acre de hisab nal varti jandi hai.dhanwad
Posted by sukhjinder shergill
Punjab
13-09-2019 08:35 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਝੰਡੇ ਪੱਤੇ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ, ਜਾ ਫਿਰ ਇਸਦੇ ਨਿਸਾਰੇ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ, ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by suman
Chattisgarh
13-09-2019 08:31 AM
suman ji aap isme sundi ka hamla check karen. agar maujood hai to aap fame@20ml ya coragen@60 ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by suman
Chattisgarh
13-09-2019 08:25 AM
Suman ji yeh tatv ki kami ke karn ho raha hai iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by ਨਿਰਮਲ ਸਿੰਘ ਮਣਕੂ
Punjab
13-09-2019 08:18 AM
nirmal ji jehde full digde han ohde layi tuc NPK 130045@10 gram nu prati litre pani de hisab nal spray karo. dooja jehda tidda hai kirpa karke usdi photo bhejo ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by sumit
Haryana
13-09-2019 08:16 AM
सुमित जी आप इसके ऊपर fame @20 ml या coragen @60 ml को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
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