
Posted by Jeetram
Rajasthan
14-09-2019 07:16 AM
Shrimaan ji, narme da rate is samay 5000 se 5321 rupay prati quintal ke hisaab se chal raha hai, dhanywad

Posted by Dharminder singh
Punjab
14-09-2019 07:08 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਤੇਲੇ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ glamore @ 50 ml ਨ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ashwani Sidar
Chattisgarh
14-09-2019 07:05 AM
श्रीमान जी, कृपया आप धान की फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by vikrant
Bihar
14-09-2019 07:03 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by hardeep singh
Punjab
14-09-2019 07:02 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ folicur @ 200 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਏਨੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by pappu manjhi
Bihar
14-09-2019 06:56 AM
Shrimaan ji, iske liye ap NPK 191919 @ 1kg ko 150 lite apni mein mila kar parti acre ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by Kadulal Bairwa
Madhya Pradesh
14-09-2019 06:54 AM
Kadulal ji yeh fungus ke karn hota hai iske liye aap carbendazim@3 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by shriram
Rajasthan
14-09-2019 06:51 AM
यह उष्णकटिबंधीय फल है काली मिर्च की बेल अधिक ठण्ड सहन नही कर सकता इसके लिए हल्की ठण्ड वाली जलवायु उत्तम होती है यदि मौसम का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है तो ऐसे मौसम में इसका पौधा वृद्धि नहीं कर सकता काली मिर्च की फसल में 2000 mm की वार्षिक वर्षा का होना जरूरी होता है दक्षिण अफ्रीका में काली मिर्.... (Read More)
यह उष्णकटिबंधीय फल है काली मिर्च की बेल अधिक ठण्ड सहन नही कर सकता इसके लिए हल्की ठण्ड वाली जलवायु उत्तम होती है यदि मौसम का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है तो ऐसे मौसम में इसका पौधा वृद्धि नहीं कर सकता काली मिर्च की फसल में 2000 mm की वार्षिक वर्षा का होना जरूरी होता है दक्षिण अफ्रीका में काली मिर्च की फसल में समय – समय पर हल्की सिंचाई करनी चाहिए काली मिर्च की खेती के लिए लाल लेटेराइट मिटटी और लाल मिटटी उत्तम मानी जाती है जिस भूमि में काली मिर्च की खेती की जाती है उस खेत की मिटटी में जल धारण करने की क्षमता होनी चाहिए इस भूमि में रूट सड़ांध जैसी बीमारी को रोकने की क्षमता होनी चाहिए यदि भूमि का पी. एच. मान 5 से 6 के बीच का हो तो अच्छा होता है काली मिर्च के पौधे के विस्तार करने के लिए कलमों का उपयोग किया जाता है इसकी एक या दो कलमों को काटकर सितम्बर के मध्य में रोपित किया जाता है काली मिर्च के कलमों को एक कतार में लगाना चाहिए कलमों को लगाते समय इनके बीच की दुरी का ध्यान रखे एक हेक्टेयर भूमि पर 1666 पौधे होने चाहिए काली मिर्च की बेल चढ़ाई जाती है ऊँचे पेड़ पर ये 30 से 45 मीटर तक की ऊंचाई पर चढ़ जाते है लेकिन इसके फलों को आसानी से लेने के लिए इसकी बेल को केवल 8 से 9 मीटर की ऊंचाई तक ही बढ़ने दिया जाता है काली मिर्च का एक पौधा कम से कम 25 से 30 साल तक फलता – फूलता है इसकी फसल को कोई छाया की जरूरत नही होती
Posted by shriram
Rajasthan
14-09-2019 06:49 AM
यह उष्णकटिबंधीय फल है काली मिर्च की बेल अधिक ठण्ड सहन नही कर सकता इसके लिए हल्की ठण्ड वाली जलवायु उत्तम होती है यदि मौसम का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है तो ऐसे मौसम में इसका पौधा वृद्धि नहीं कर सकता काली मिर्च की फसल में 2000 mm की वार्षिक वर्षा का होना जरूरी होता है दक्षिण अफ्रीका में काली मिर्.... (Read More)
यह उष्णकटिबंधीय फल है काली मिर्च की बेल अधिक ठण्ड सहन नही कर सकता इसके लिए हल्की ठण्ड वाली जलवायु उत्तम होती है यदि मौसम का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है तो ऐसे मौसम में इसका पौधा वृद्धि नहीं कर सकता काली मिर्च की फसल में 2000 mm की वार्षिक वर्षा का होना जरूरी होता है दक्षिण अफ्रीका में काली मिर्च की फसल में समय – समय पर हल्की सिंचाई करनी चाहिए काली मिर्च की खेती के लिए लाल लेटेराइट मिटटी और लाल मिटटी उत्तम मानी जाती है जिस भूमि में काली मिर्च की खेती की जाती है उस खेत की मिटटी में जल धारण करने की क्षमता होनी चाहिए इस भूमि में रूट सड़ांध जैसी बीमारी को रोकने की क्षमता होनी चाहिए यदि भूमि का पी. एच. मान 5 से 6 के बीच का हो तो अच्छा होता है काली मिर्च के पौधे के विस्तार करने के लिए कलमों का उपयोग किया जाता है इसकी एक या दो कलमों को काटकर सितम्बर के मध्य में रोपित किया जाता है काली मिर्च के कलमों को एक कतार में लगाना चाहिए कलमों को लगाते समय इनके बीच की दुरी का ध्यान रखे एक हेक्टेयर भूमि पर 1666 पौधे होने चाहिए काली मिर्च की बेल चढ़ाई जाती है ऊँचे पेड़ पर ये 30 से 45 मीटर तक की ऊंचाई पर चढ़ जाते है लेकिन इसके फलों को आसानी से लेने के लिए इसकी बेल को केवल 8 से 9 मीटर की ऊंचाई तक ही बढ़ने दिया जाता है काली मिर्च का एक पौधा कम से कम 25 से 30 साल तक फलता – फूलता है इसकी फसल को कोई छाया की जरूरत नही होती
Posted by shriram
Rajasthan
14-09-2019 06:47 AM
यह उष्णकटिबंधीय फल है काली मिर्च की बेल अधिक ठण्ड सहन नही कर सकता इसके लिए हल्की ठण्ड वाली जलवायु उत्तम होती है यदि मौसम का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है तो ऐसे मौसम में इसका पौधा वृद्धि नहीं कर सकता काली मिर्च की फसल में 2000 mm की वार्षिक वर्षा का होना जरूरी होता है दक्षिण अफ्रीका में काली मिर्.... (Read More)
यह उष्णकटिबंधीय फल है काली मिर्च की बेल अधिक ठण्ड सहन नही कर सकता इसके लिए हल्की ठण्ड वाली जलवायु उत्तम होती है यदि मौसम का तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है तो ऐसे मौसम में इसका पौधा वृद्धि नहीं कर सकता काली मिर्च की फसल में 2000 mm की वार्षिक वर्षा का होना जरूरी होता है दक्षिण अफ्रीका में काली मिर्च की फसल में समय – समय पर हल्की सिंचाई करनी चाहिए काली मिर्च की खेती के लिए लाल लेटेराइट मिटटी और लाल मिटटी उत्तम मानी जाती है जिस भूमि में काली मिर्च की खेती की जाती है उस खेत की मिटटी में जल धारण करने की क्षमता होनी चाहिए इस भूमि में रूट सड़ांध जैसी बीमारी को रोकने की क्षमता होनी चाहिए यदि भूमि का पी. एच. मान 5 से 6 के बीच का हो तो अच्छा होता है काली मिर्च के पौधे के विस्तार करने के लिए कलमों का उपयोग किया जाता है इसकी एक या दो कलमों को काटकर सितम्बर के मध्य में रोपित किया जाता है काली मिर्च के कलमों को एक कतार में लगाना चाहिए कलमों को लगाते समय इनके बीच की दुरी का ध्यान रखे एक हेक्टेयर भूमि पर 1666 पौधे होने चाहिए काली मिर्च की बेल चढ़ाई जाती है ऊँचे पेड़ पर ये 30 से 45 मीटर तक की ऊंचाई पर चढ़ जाते है लेकिन इसके फलों को आसानी से लेने के लिए इसकी बेल को केवल 8 से 9 मीटर की ऊंचाई तक ही बढ़ने दिया जाता है काली मिर्च का एक पौधा कम से कम 25 से 30 साल तक फलता – फूलता है इसकी फसल को कोई छाया की जरूरत नही होती

Posted by lala ji
Uttar Pradesh
14-09-2019 06:42 AM
श्रीमान जी, कृपया आप धान की फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Gyan Chand Sharma
Haryana
14-09-2019 06:37 AM
उसे आप पेट के कीड़ों के लिए Bendikind plus दें और उसे Bovimin-B पाउडर 50-50gm सुबह शाम और anabolite liquid 100ml रोजाना और Milkout 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by kang
Punjab
14-09-2019 06:29 AM
Sahib G rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai 1kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo swer shaam taaran dekho jad taaran kare uss nu aas karwa lao Je pashu swere bole teeka shaam nu luwao je shaam nu bole te teeka swer nu luwao je pashu duje din taarran kare teeka duwara luwao jine din taarran disan une din teekalaguJe je 3 vaar nahi rahi tuci saaf sheeshi ch taaran pa ke nere di laboratory wich culture karwa ke dasi pashuan wali dwaee doctor se bachedani ch bharwao teeka asli doctor ton luao
Posted by ਦੇਸ ਰਾਜ ਸੂਦ
Punjab
14-09-2019 06:26 AM
ਦੇਸ ਰਾਜ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੇਲਾ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਕਾਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Tekram Lodhi
Chattisgarh
14-09-2019 06:21 AM
श्रीमान जी, ब्लास्ट की रोकथाम के लिए आप folicur @ 200 ml को 150 लीटर पानी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धनयवाद

Posted by Ashwani Kumar
Uttar Pradesh
14-09-2019 06:12 AM
अश्वनी जी अभी आप सब्जियां जैसे गाजर, शलगम, फूलगोभी, आलू, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, कोहीराबी, धनिया, सौंफ के बीज, सलाद, ब्रोकोली धन्यवाद

Posted by Tekram Lodhi
Chattisgarh
14-09-2019 06:11 AM
यदि इसके हमले के लक्षण दिखाई दे तो फसल के ऊपर कार्टाइप हाइड्रोक्लोराईड 170 ग्राम या टराईजोफॉस 350 मि.ली. या एक लीटर कलोरपाइरीफॉस को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए

Posted by Tekram Lodhi
Chattisgarh
14-09-2019 06:09 AM
यदि इसके हमले के लक्षण दिखाई दे तो फसल के ऊपर कार्टाइप हाइड्रोक्लोराईड 170 ग्राम या टराईजोफॉस 350 मि.ली. या एक लीटर कलोरपाइरीफॉस को 100 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए
Posted by Rampooj Bhanwala
Haryana
14-09-2019 06:02 AM
rampooj ji aap prati acre 3 killo sulphur ka chitta de is se pani jaldi mitti men smana shuru kar dega.dhanywad

Posted by Ramlal Beniwal Beniwal
Rajasthan
14-09-2019 05:42 AM
रामलाल जी यह फंगस के कारण होता है इसके लिए आप इसके ऊपर copper oxychloride @3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Joginder Singh Maan
Punjab
14-09-2019 05:26 AM
BhaaG 21 22 September nu Ludhiana University ch kisan mela aa
Posted by gurpreet gill
Punjab
14-09-2019 05:10 AM
ਸਾਉਣੀ/ਮਾਨਸੂਨ ਰੁੱਤ ਦੀ ਮੱਕੀ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨ ਵੱਡੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜੋ ਕਿ ਖੁਰਾਕੀ ਤੱਤ ਲੈਣ ਵਿੱਚ ਫਸਲ ਨਾਲ ਮੁਕਾਬਲਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ 35% ਤੱਕ ਝਾੜ ਘਟਾ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਲਈ ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਨਦੀਨਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰਨਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਦੋ ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ 40-45 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪਰ ਜਿਆਦਾ ਹੋਣ ਦੀ ਸੂਰਤ ਵਿੱਚ ਐਂਟੇ.... (Read More)
ਸਾਉਣੀ/ਮਾਨਸੂਨ ਰੁੱਤ ਦੀ ਮੱਕੀ ਵਿੱਚ ਨਦੀਨ ਵੱਡੀ ਸਮੱਸਿਆ ਹੁੰਦੇ ਹਨ, ਜੋ ਕਿ ਖੁਰਾਕੀ ਤੱਤ ਲੈਣ ਵਿੱਚ ਫਸਲ ਨਾਲ ਮੁਕਾਬਲਾ ਕਰਦੇ ਹਨ ਅਤੇ 35% ਤੱਕ ਝਾੜ ਘਟਾ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਇਸ ਲਈ ਵੱਧ ਝਾੜ ਲੈਣ ਲਈ ਨਦੀਨਾਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰਨਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ ਦੋ ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ, ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 20-25 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ 40-45 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਪਰ ਜਿਆਦਾ ਹੋਣ ਦੀ ਸੂਰਤ ਵਿੱਚ ਐਂਟੇਰਾਜੀਨ 500 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 200 ਲੀ. ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਸਪ੍ਰੇਅ ਕਰੋ ਗੋਡੀ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿੱਟੀ ਉੱਪਰ ਖਾਦ ਦੀ ਪਤਲੀ ਪਰਤ ਵਿਛਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਜੜਾਂ ਨਾਲ ਮਿੱਟੀ ਲਾਓ
Posted by Aman
Punjab
14-09-2019 05:04 AM
aman ji mela KVK faridkot vich ho reha hai. isda address hai :- Baba Farid Nagar, Bazigar Basti, Faridkot, Punjab 151203 Krishi Vigyan Kendra Faridkot.eh mela 17 september nu ho reha hai.

Posted by Harsh Dahiya
Rajasthan
14-09-2019 04:53 AM
श्रीमान जी, सरसों की बिजाई का सही समय असिंचित क्षेत्रों में बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक पूरी कर लें जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें धन्यवाद

Posted by Prabhjot Randhawa
Punjab
14-09-2019 03:28 AM
tuci isdi training lain lai apne nazdiki kvk nal sampark kr skde ho ate training lai skde ho. training lai tuci Krishi Vigyan Kendra, Kheri , Sangrur, Address: National Highway 71, Punjab 148001, Phone: 0161 240 1960 nal sampark kr skde ho.
Posted by pankaj barange
Madhya Pradesh
14-09-2019 01:11 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by jay singh
Uttar Pradesh
14-09-2019 01:01 AM
श्रीमान जी, बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के म.... (Read More)
श्रीमान जी, बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें धन्यवाद

Posted by jay singh
Uttar Pradesh
14-09-2019 12:50 AM
श्रीमान जी , खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है
बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्.... (Read More)
श्रीमान जी , खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है
बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें धन्यवाद
Posted by iqbaljit
Punjab
14-09-2019 12:49 AM
मशरूम की खेती करने वाले व्यक्ति को मशरूम उत्पादन की उचित जानकारी होनी चाहिए आप अपने कृषि विज्ञान केन्द्र में सम्पर्क करे पूरी जानकारी होने के बाद आप सफतापूर्वक उत्पादन कर सकते हो और लाभ प्राप्त कर सकते हो अगर आपको मशरूम की गुणवत्ता के बारे में पता है तो आप आप के नजदीक बिक्री के लिए कोई परेशानी नहीं होगी .... (Read More)
मशरूम की खेती करने वाले व्यक्ति को मशरूम उत्पादन की उचित जानकारी होनी चाहिए आप अपने कृषि विज्ञान केन्द्र में सम्पर्क करे पूरी जानकारी होने के बाद आप सफतापूर्वक उत्पादन कर सकते हो और लाभ प्राप्त कर सकते हो अगर आपको मशरूम की गुणवत्ता के बारे में पता है तो आप आप के नजदीक बिक्री के लिए कोई परेशानी नहीं होगी फिर भी आप को कुछ परेशानी हो तो उसके लिए बाद में सम्पर्क करें अशोक वशिष्ट जींद हरियाणाold sangroor

Posted by Vijay Topno
Jharkhand
14-09-2019 12:33 AM
श्रीमान जी, रंगीनी लाख कीट से एक वर्ष में दो फसलें ली जाती हैं जिसे बैसाखी (ग्रीष्मकालीन) और कतकी (वर्षाकालीन) फसल कहते हैं बैसाखी फसल हेतु लाख कीट या बीहन को वृक्षों पर अक्तूबर या नवम्बर maah maaमाह में तथा कतकी के लिए जून या जुलाई माह में चढ़ाया जाता है वैसाखी और कतकी फसल बीहन चढ़ाने के बाद क्रमशः 8 और 4 माह में तैया.... (Read More)
श्रीमान जी, रंगीनी लाख कीट से एक वर्ष में दो फसलें ली जाती हैं जिसे बैसाखी (ग्रीष्मकालीन) और कतकी (वर्षाकालीन) फसल कहते हैं बैसाखी फसल हेतु लाख कीट या बीहन को वृक्षों पर अक्तूबर या नवम्बर maah maaमाह में तथा कतकी के लिए जून या जुलाई माह में चढ़ाया जाता है वैसाखी और कतकी फसल बीहन चढ़ाने के बाद क्रमशः 8 और 4 माह में तैयार हो जाती है वृक्षों की काट-छांट : वृक्षों पर बीहन चढ़ाने या क्रीड़ा छोड़ने (कीट संचारण) के पहले वृक्षों की काट-छांट इसलिए आवश्यक है क्योंकि लाख कीट नर्म, मुलायम और रसदार टहनियों पर अच्छा पलता है काट-छांट की प्रक्रिया, कीट छोड़ने के 6 maah माह पहले सबसे उपयुक्त है अत: बैशाखी फसल जो अक्तूबर या नवम्बर में लगायी जाती है उसकी काट-छांट अप्रैल माह में करना चाहिए यदि पहले से पेड़ पर लाख नहीं हो तो यह प्रक्रिया मार्च में जब फली आना प्रारंभ हो जाये तभी कर लेना चाहिए काट-छांट हल्की करें अंगूठे (2.5 से.मी. व्यास) से मोटी टहनियाँ न कांटें 1. 25 से.मी. से 2.5 से.मी. व्यास की टहनियों को एक हाथ (एक से डेढ़ फीट) की ऊंचाई से कांटे 1. 25 से.मी. से व्यास से कम मोटाई की टहनियों को उनके उत्पति के स्थान से कांटे सूखी, रोगग्रस्त, टूटी या फटी हुई टहनियों को क्षतिग्रस्त स्थान से कांटे, सूखे ठूँठ को भी उनके उत्पति स्थान से काट कर निकाल दें काट-छांट के लिए तेजधार वाली दावली का प्रयोग करें टहनियाँ तिरछी, साफ और एक बार में कांटे पहली बार काट-छांट करते समय पेड़ों को उचित स्वरुप देने हेउ थोड़ी मोटी डाल को भी काटा जा सकता है परिपक्व फसल का उपयोग बीहन लाख के रूप में करना है तो फसल कटाई, शिशु कीट निकलने का समय ध्यान में रखकर करना चाहिए
अरी या कच्ची फसल जिसे अप्रैल में काटना है, कभी भी काट सकते हैं
अक्तूबर या नवम्बर मी बीहन काटते समय सिर्फ पपड़ी वाली लाख डंडी काटें तथा छुटपुट दाने वाली टहनियाँ छोड़ दें, जिसमें से इसी समय शिशु कीट निकलकर खाली जगह में बैठेगें और अप्रैल में वृक्षों की काट-छांट करते समय अरी (कच्ची) लाख भी मिल जाएगी
अप्रैल में अरी खंड के वृक्षों से कच्ची लाख पूर्ण रूप से कांटे और इसी समय मरी टहनियाँ यदि हों तो उसे भी काट दें धन्यवाद

Posted by rajneesh Kumar
Bihar
13-09-2019 11:37 PM
Rajneesh ji yaddi aap pashuo ko calcium dene ke vare mai push rehe hai too aap calcium ko feed mai millakr de skte hai yaddi aap koi aur jankari lena chahte hai too dubara apna swal push skte hai..

Posted by Anuj kumar pandey
Bihar
13-09-2019 11:26 PM
Anuj ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Navjot singh
Punjab
13-09-2019 11:09 PM
navjot ji eh kaale tele di roktham de layi varti jandi hai.dhanwad

Posted by Umar fayyaz
Uttar Pradesh
13-09-2019 10:54 PM
uski nazdiki doctor se janch krwayen kyuki bhukar ki janch krke sahi ilag ho skta hai..
Posted by Brijesh Kumar
Uttar Pradesh
13-09-2019 10:33 PM
Brijesh ji iska weight iski khurak per nirbhar krta hai yaddi khurak achi to weight jldi aur acha gain ho jayega kai varr khurak mai protein ja aur kami hoti hai jise sahi growth nhi ho patti..

Posted by Kanchan Rai
Uttar Pradesh
13-09-2019 10:27 PM
हर साल अगस्त और सितंबर महीने में N:P:K (15:15:15) @50 ग्राम प्रति पौधे में पहले तीन वर्ष डालें

Posted by mohandeep singh sekhon
Punjab
13-09-2019 10:20 PM
ਮੇਥੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਹਰ ਤਰਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਜੈਵਿਕ ਤੱਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਹੋਣ, ਲਾਭਦਾਇਕ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਚੰਗੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਦੋਮਟ ਅਤੇ ਰੇਤਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਮਿੱਟੀ 5.3 ਤੋਂ 8.2 pH ਵਾਲੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਫਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਅੰਤ ਵਾਲਾ ਹਫਤਾ ਅਤੇ ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਹਫਤਾ ਉਚਿੱਤ ਸਮਾਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਤਾਰ ਤੋਂ ਕਤਾਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 22.5.... (Read More)
ਮੇਥੀ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਹਰ ਤਰਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ, ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਜੈਵਿਕ ਤੱਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਾਤਰਾ ਵਿੱਚ ਹੋਣ, ਲਾਭਦਾਇਕ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਚੰਗੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਦੋਮਟ ਅਤੇ ਰੇਤਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਚੰਗੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਮਿੱਟੀ 5.3 ਤੋਂ 8.2 pH ਵਾਲੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਫਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਅੰਤ ਵਾਲਾ ਹਫਤਾ ਅਤੇ ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਹਫਤਾ ਉਚਿੱਤ ਸਮਾਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਤਾਰ ਤੋਂ ਕਤਾਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 22.5 ਸੈ.ਮੀ. ਦਾ ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਬੈਡ ਉੱਤੇ 3-4 ਸੈ.ਮੀ. ਦੀ ਡੂੰਘਾਈ ਤੇ ਬੀਜ ਬੀਜੋ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਹੱਥੀਂ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by Shameem Malik
Uttar Pradesh
13-09-2019 10:12 PM
खेत को नदीनों से बचाने के लिए एक या दो बार गोडाई करें और पहली गोडाई बिजाई के 1 महीना बाद करें नदीनों के लिए बिजाई से दो दिनों के अंदर अंदर पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ 100-200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें

Posted by Jaggi Randhawa
Punjab
13-09-2019 10:06 PM
jaggi ji eh fungus de karn hunda hai isde layi tuc planofix@4ml nu 15 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by jaspreet singh
Punjab
13-09-2019 10:03 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਕੱਚੀ ਜਗਾਹ ਬੰਨੋ ਅਤੇ ਇਸਦੀ ਸੋਜਿਸ਼ ਵਾਲੀ ਜਗਾਹ ਤੇ Iodex ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰਕੇ ਗਰਮ ਪੱਟੀ ਬੰਨ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ

Posted by mulchand kachanahe
Chattisgarh
13-09-2019 09:58 PM
मूलचंद जी धान में यूरिया बिजाई के 15 दिन तक डाला जाता है और कितनी मात्रा में डालना है यह उसकी किसम पर निर्भर करता है कि धान की किसम कोनसी है धन्यवाद
Posted by Shivraj singh gurjar
Madhya Pradesh
13-09-2019 09:55 PM
श्रीमान जी, कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप गेहूं के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते हैं, ताकि आपको इसके बारे में उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by Jaggi Randhawa
Punjab
13-09-2019 09:55 PM
ਜੱਗੀ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ planofix @4ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ 15 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by satendra
Madhya Pradesh
13-09-2019 09:44 PM
Satendra ji usko aap banminth tablet 1 goli deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by Ranjeet Singh
Punjab
13-09-2019 09:34 PM
ranjeet there are two problems one is fungus and second is Insect.to control fungus you can spray nativo@80 gram and to control thrips you can spray glamore@50 gram per acre. Thank you
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