
Posted by aniket
Madhya Pradesh
14-09-2019 02:44 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये के आप कोनसी फसक की जानकारी लेना चाहत हैं, ताकि आपको उसके बारे में बताया जा सके, धन्यवाद

Posted by sukhwinder singh
Punjab
14-09-2019 02:41 PM
Sukh inder ji PAU kisan mela 21-22 september nu hai ji.dhanwad

Posted by Kundan Kumar
Bihar
14-09-2019 02:31 PM
kundan ji aap isme sundi ka hamla check karen agar maujood hai to aap fame@20ml ya cpragen@60 ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Amarjit Singh
Punjab
14-09-2019 02:31 PM
Amarjit ji taran tarn vich kisam mela nahi hunda eh Amritsar de KVK vich hunda hai jo Nag klan jahagir vich maujood hai. eh mela 10 september nu c jidi tareek nikal gyi hai.dhanwad

Posted by sukhraj singh
Punjab
14-09-2019 02:30 PM
BhaaG 1quintal feed da formula Anaaj 40kg khal 30kg chokar or rice polish 30kg min mix 2kg namak 1kg mithha sod 1kg
Posted by ਯਸ਼ਕੀਰਤ ਬਰਾੜ
Rajasthan
14-09-2019 02:27 PM
Yashkirat ji sarso ki bijai 15 september se 15 october tak hundi hai.tuc kisma jive Aashirwad (RK 01-03),Swarn Jyoti (RH 9801),RGN 73,Lakshmi.seed bed te ugayi fasl vadhia tareeke nal ugdi hai ate jameen nu do tin var hal nal wah ke usde uper suhaga fer deo.

Posted by Janak Juglan@ gaimal com
Punjab
14-09-2019 02:27 PM
ਜਨਕ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਹਨਾਂ ਦੋਨਾਂ ਨੂੰ ਇਕੱਠੇ ਨਾ ਵਰਤੋਂ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Manjinder Singh
Punjab
14-09-2019 02:27 PM
ਮਨਜਿੰਦਰ ਜੀ ਲੁਧਿਆਣੇ ਮੇਲਾ 21 -22 ਸਿਤੰਬਰ ਨੂੰ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by chahal
Punjab
14-09-2019 02:25 PM
chahl ji tuc last te tilt di varto karo isdi matra 200ml nu prati acre de hisab nal spray karo. dhanwad

Posted by Janak Juglan@ gaimal com
Punjab
14-09-2019 02:24 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਹ ਫੰਗਸ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋਇਆ ਹੈ , ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ folicur @ 200 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕਿ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Janak Juglan@ gaimal com
Punjab
14-09-2019 02:22 PM
Shrimaan ji, is vich sundi da hamla hoea hai, isdi roktham lai tuc fame @ 20 ml ya coragen @ 60 ml nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by Anupam Singh
Uttar Pradesh
14-09-2019 02:20 PM
Dragon fruit ki kheti ke liye Dragon fruit ki kalmei lgayi jati hai ye ped gujrat mei hota hai eik acre mei takriban iski 1600 kalmei lagti hai aur in kalmo ko pehle gamle mei tyar kiya jata hai aur fir april se September tak kabhi bhi field mei lga skte hai aur eik kalam lagbhagg 70 rs ki ati hai. Adhik jaankari ke liye aap niche diye number par baat kr skte hain: vijay kumar -7065414241.Thank you

Posted by vijender Singh
Uttar Pradesh
14-09-2019 02:10 PM
श्रीमान जी, बढ़िया विकास और पैदावार के लिए अच्छे निकास वाली, उच्च जैविक तत्वों वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7 होनी चाहिए पानी के ऊंचे स्तर वाली मिट्टी में यह बढ़िया पैदावार देती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक ज़मीन की जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 8-10 टन प्रतिकिलो ख.... (Read More)
श्रीमान जी, बढ़िया विकास और पैदावार के लिए अच्छे निकास वाली, उच्च जैविक तत्वों वाली रेतली दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7 होनी चाहिए पानी के ऊंचे स्तर वाली मिट्टी में यह बढ़िया पैदावार देती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक ज़मीन की जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 8-10 टन प्रतिकिलो खेत की तैयारी के समय प्रति एकड़ में डालें खेती के लिए बैड तैयार करें बीजों को गड्ढों या खालियों में बोया जा सकता है उत्तर भारत में, इसकी खेती दो बार की जा सकती है इसे फरवरी-मार्च और जून-जुलाई में भी बोया जा सकता है बीजों को बैड के दोनों तरफ बोयें और 45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें बीजों को सीधे या मेंड़ पर बोया जा सकता है एक एकड़ बिजाई के लिए,1.5 किलो बीजों की मात्रा काफी होती है बिजाई से पहले 12-24 घंटे के लिए बीजों को पानी में भिगो दें इससे उनकी अंकुरन प्रतिशतता में विकास होता है बीजों को मिट्टी से होने वाली फंगस से बचाने के लिए, कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम या थीरम 2.5 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद, बीजों को ट्राइकोडरमा विराइड 4 ग्राम या स्यूडोमोनास फलूरोसैंस 10 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें टिंडे की पूरी फसल को नाइट्रोजन 40 किलो (यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो), और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की मात्रा शुरूआती विकास के समय में डालें काले पॉलीथीन मल्च का प्रयोग करने से नदीनों की रोकथाम होगी और मिट्टी में भी नमी बनी रहेगी खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए, हाथों से गोडाई करें और नदीनों की जांच करते रहें बिजाई के बाद 15-20 दिनों के बाद हाथों से गोडाई करें नदीनों की तीव्रता के आधार पर बाकी की गोडाई करें इसे लगातार सिंचाई की जरूरत होती है क्योंकि यह कम समय की फसल है बीजों को सिंचाई से पहले खालियों में बोया जाये, तो पहली सिंचाई बिजाई के बाद दूसरे या तीसरे दिन करें गर्मियों के मौसम में, 4-5 दिन के फासले पर जलवायु, मिट्टी की किस्म, के अनुसार सिंचाई करें बारिश के मौसम में बारिश की आवृति के आधार पर सिंचाई करें टिंडे की फसल को ड्रिप सिंचाई देने पर अच्छा परिणाम मिलता है और 28% पैदावार बढ़ाता है धन्यवाद
Posted by sohan lal
Himachal Pradesh
14-09-2019 02:09 PM
नदीनों को दो से तीन गोडाई की जरूरत होती है गोडाई से मिट्टी को हवा मिलती है रासायनिक तरीके से नदीनों की रोकथाम के लिए पायराज़ोन 1-1.12 किलो प्रति एकड़ में प्रयोग करें बाद में नदीननाशक के उपयोग से बचें
Posted by mahaveer bairwa
Madhya Pradesh
14-09-2019 02:09 PM
Mahaveer ji dhan ka rate 1840-1900 rupaye prati quintal chal raha hai.dhanywad
Posted by mahaveer bairwa
Madhya Pradesh
14-09-2019 02:08 PM
Mahaveer ji dhan ka rate 1840-1900 rupaye prati quintal chal raha hai.dhanywad
Posted by ਹਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
14-09-2019 02:04 PM
narme vich NPK 13.O.45 @2 kg per acre nu 200 liter pani vich mila ke spray kro g.eh 3 spray weekly interval te kro g.Narme vich fungicide Adama da Custodia @250 ml per acre da spray kr skde ho g jiss nal narme da yield v increase hunda hai and blast v nhi aounda..

Posted by Mufazzal Hasani
Uttar Pradesh
14-09-2019 01:57 PM
इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Arka shital : इसके फल हल्के हरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्.... (Read More)
इसको मिट्टी की अलग-अलग किस्मे जैसे की रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाया जा सकता हैं खीरे की फसल के लिए दोमट मिट्टी में, जिसमे जैविक तत्वों की उच्च मात्रा हो और पानी का अच्छा निकास हो, उचित पैदावार देती है खीरे की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए Arka shital : इसके फल हल्के हरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Lucknow Early: इसके फल लंबे और चमकदार होते हैं यह किस्म लखनऊ और उसके नजदीक के क्षेत्रों में प्रसिद्ध है स्थानीय किस्में Nasdar, Sikkim Kakadi आदि Pant sankar khira 1: इसके फल लंबे और बेलनाकार होते हैं इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Khira – 1: इसके फल लंबे और बेलनाकार और सफेद धारीदार होते हैं इसके फल 50-60 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 60 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खीरे की खेती के लिए, अच्छी तरह से तैयार और नदीन रहित खेत की जरूरत होती है मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरा बनाने के लिए, बिजाई से पहले 3-4 बार खेत की जोताई करें रूड़ी की खाद, जैसे गाये के गोबर को मिट्टी में मिलाये, ताकि खेत की उपजाऊ शक्ति बढ़ जाये 30 सैं.मी. चौड़े और आवश्यक लंबाई के बैड तैयार करें दो बैडों के बीच 1.5 से 2 मीटर का फासला रखें उत्तर प्रदेश में, खीरे की खेती के लिए फरवरी से मार्च का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, बिजाई मार्च से अप्रैल में की जाती है बिजाई के ढंग के आधार पर फासला भी विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 1.5 मीटर और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 2-3 सैं.मी. गहराई पर बोयें एक एकड़ खेत के लिए 0.8-1.2 किलोग्राम बीज की मात्रा काफी हैं खेत की तैयारी के समय, 8-10 टन गाय का गला हुआ गोबर नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 24 किलो (सिंगल फास्फेट 150 किलो) और पोटाशियम 24 किलो (म्यूरेट ऑफ़ पोटाश 40 किलो) शुरुआत में खाद के रूप में डालें बिजाई के 32-3सप्ताह पहले गाय का गोबर, पोटाश और फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें नाइट्रोजन की मात्रा को दो भागों में बांटकर पहली बिजाई के 25-30 दिनों के बाद और दूसरी बिजाई के 45-50 दिनों के बाद डालें बारिश के मौसम में सिंचाई की जरूरत नहीं होती है और गर्मी के मौसम में इसको बार-बार सिंचाई की जरूरत होती है 4 से 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तुड़ाई के दो दिन पहले सिंचाई करें, इससे फल ताजे, चमकदार और आकर्षित रहेंगे

Posted by chohan
Punjab
14-09-2019 01:51 PM
chohan ji kirpa karke daso ke 1121 vich ki dikkat aa rahi hai ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by jaswant singh sandhu
Punjab
14-09-2019 01:49 PM
tuci uss nu Hitek injection 1ml chamdi vich lgwao ate Nutri-cot liqiud 10-10ml swere sham deo, iss nal frak paa jawega..

Posted by navu
Punjab
14-09-2019 01:46 PM
tuci iss nu vitum-h liquid 2-2ml swere sham deo ate Nurokind pet liquid 5-5ml swere sham deo ate 1 month di gaban honn ton badd 7in1 injection lgwao..
Posted by Gurwinder Singh
Punjab
14-09-2019 01:42 PM
Gurwinder ji tuci chicks lain lai Balwinder Singh 9041009671 Papu Hachery Farm nal sampark kr skde ho...

Posted by Vicky
Punjab
14-09-2019 01:42 PM
Vicky ji tohada dhanwad post nu read karke eh bare apna swal pucheya ji. tusi photo nu dobara dheyan nal dekho ji. 2 kg packing da rate 300 hai. ehna means 150 rupees per kg hai. 4kg da rate 600 hai ji. es vich confuse hon wali gal nahi hai ji. baki jekar tohanu nai samaj lagi ta tusi sade Helpline NO. 9779977641 te v call kar sakde ho ji. Thankyou.

Posted by ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
14-09-2019 01:41 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸ ਵਿਚ ਹਲਦੀ ਰੋਗ , sheath blight ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਕਿਸ ਬਿਮਾਰੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ, ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by dharminder singh
Punjab
14-09-2019 01:41 PM
dharminder ji kirpa karke daso ke tuc keetnashak ja fungicide nu rla ke khet vich spray kiti hai ja nahi kyuki jhona machan da aahi karn hundahai.dhanwad

Posted by sukhpal ghuman
Punjab
14-09-2019 01:30 PM
Posted by jaswant singh sandhu
Punjab
14-09-2019 01:26 PM
Jaswant singh sandhu ji strawberry Plant len lai tusi Navjot singh shergill 9872595194 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by raj
Punjab
14-09-2019 01:23 PM
shrimaan ji, tebuconazole ik fungicide hai, joke fungus di roktham lai vartea janda hai, isdi dose @ 00 ml nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal vartea janda hai, dhanwad

Posted by Galiya Pargi
Madhya Pradesh
14-09-2019 01:20 PM
गलिया जी आप कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by jaswant singh sandhu
Punjab
14-09-2019 01:20 PM
ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਸਹੀ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਉਸਦੀ ਟਾਇਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਵਿਚ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਵੜੇਵੇ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਫੈਟ ਵੱਧਦੀ ਹੈ ਰੋਜਾਨਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਵੜੇਵੇ ਖਵਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਾ ਖਵਾਓ ਨਹੀ ਤਾਂ ਚਰਬੀ ਜਿਆਦਾ ਚੜਂਨ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਵੜੇਵੇ ਸੁੱਕੇ ਹੀ ਹੋਣ ਠੀਕ ਹੈ ਜੇਕਰ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਹੋਣ ਤਾਂ ਹੋਰ ਵੀ ਵਧੀਆ ਹੈ ਜਦ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਸਹੀ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਉਸਦੀ ਟਾਇਮ ਤੇ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ , ਇਨ੍ਹਾਂ ਕਰਕੇ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਦੁੱਧ ਅਤੇ ਫੈਟ ਵਿਚ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਂਦਾ ਹੈ , ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਵੜੇਵੇ ਪਾਉਣ ਨਾਲ ਫੈਟ ਵੱਧਦੀ ਹੈ ਰੋਜਾਨਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਵੜੇਵੇ ਖਵਾਓ ਉਸ ਤੋਂ ਵੱਧ ਨਾ ਖਵਾਓ ਨਹੀ ਤਾਂ ਚਰਬੀ ਜਿਆਦਾ ਚੜਂਨ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੇ ਵੜੇਵੇ ਸੁੱਕੇ ਹੀ ਹੋਣ ਠੀਕ ਹੈ ਜੇਕਰ ਦੇਸੀ ਕਪਾਹ ਦੇ ਵੜੇਵੇ ਹੋਣ ਤਾਂ ਹੋਰ ਵੀ ਵਧੀਆ ਹੈ ਜਦੋਂ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ ਦੋ ਵਾਰੀ ਖੁਆਇਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਦੁੱਧ ਦੀ ਫੈਟ ਘੱਟ ਆਉਂਂਦੀ ਹੈ ਥੋੜਾ ਥੋੜਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਕਈ ਵਾਰ ਖੁਆਉਣ ਨਾਲ ਵੀ ਦੁੱਧ ਦੀ ਫੈਟ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗੀ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ virbac ਕੰਪਨੀ ਦਾ fatplus ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ.
Posted by Amrit singh
Punjab
14-09-2019 01:14 PM
श्रीमान जी, गुलाब की संभाल के लिए आप गुलाब में कीट व् बिमारियों के हमले से बचाव रखें इसमें सिफारशी खादों का उपयोग करें, तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीन.... (Read More)
श्रीमान जी, गुलाब की संभाल के लिए आप गुलाब में कीट व् बिमारियों के हमले से बचाव रखें इसमें सिफारशी खादों का उपयोग करें, तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by pandit Vishal ji pachori
Madhya Pradesh
14-09-2019 01:11 PM
पंडित जी पत्ता लपेट की रोकथाम के लिए आप इसके ऊपर fame @२०मल या coragen @60ml को प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by anoopsingh Nishad ji
Uttar Pradesh
14-09-2019 01:09 PM
श्रीमान जी, इसमें मछर का हमल हुआ है , इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @15 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by SeehraGippy
Punjab
14-09-2019 01:09 PM
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
14-09-2019 01:08 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕੋਨਫੀਡੋਰ 200 SL ਅਤੇ ਕਰੋਕੋਡਾੲੀਲ 17.8 SL ਵਿਚ imidacloprid ਪਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਦੋਨਾਂ ਵਿਚ ਇਕੋ ਹੀ ਸਾਲ੍ਟ ਹੈ, ਇਹ ਮੱਛਰ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by vikram singh
Punjab
14-09-2019 01:07 PM
tuci vashi nu pett de kiria lai Albomar liquid 10-10ml krke 3 din deo ate 1 month tak changi trah maa da dhudh deo ate 1 month badd calf starter feed dhudh vich deni suru kro uss nu ajje dalia naa deo, iss hisab nal usdi vdia growth howegi.

Posted by pandit Vishal ji pachori
Madhya Pradesh
14-09-2019 01:02 PM
श्रीमान जी, कृपया आप धान की फोटो भेजें ताकि आपको इसके बारे में उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by ROCKY KASHYAP
Uttar Pradesh
14-09-2019 01:01 PM
श्रीमान जी,आम में फल क़िस्म के हिसाब से ही आता है, ऐसी कोई दवाई नहीं है, जो इसमें समय से पहले फल ला सके, धन्यवाद
Posted by Gyan Prakash
Uttar Pradesh
14-09-2019 12:59 PM
Shrimaan ji, kripya ap ganne ki photo bhejein taki dekh kar apko iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad
Posted by ROCKY KASHYAP
Uttar Pradesh
14-09-2019 12:58 PM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं
Posted by shivam rajpoot
Madhya Pradesh
14-09-2019 12:58 PM
yeh fungal infection ke karan ho raha hai aap waha fresh water dalen aur dhuph wale din KMnO₄ dwai dalen, jisko lal dwai bolte hai aur fresh water dalte rehen..

Posted by kulwant singh
Punjab
14-09-2019 12:43 PM
Shrimaan ji, university kise 2 dawaiyan nu mix kar ke spray karn di sifarish nahi kardi hai, galileo ate iso dawai gandi rog nahi nahi varti jandi hai, isda upyog sheth blight lai kita janda hai, gandi rog lai tuc tilt @ 200 ml nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray kar sakde ho, dhanwad
Posted by सूरज तिवारी
Chattisgarh
14-09-2019 12:42 PM
श्रीमान जी, अपनी खेती एक ग्रुप ही है, जहा पर सभी किसान भाई इक दूसरे के साथ संम्पर्क कर सकते हैं, जहा वो किसी को सलाह दे भी सकते हैं और सलाह ले भी सकते हैं, धन्यवाद
Posted by pawan kumar
Haryana
14-09-2019 12:41 PM
pawan ji kripya aap swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by surinder singh
Punjab
14-09-2019 12:35 PM
श्रीमान जी,यह फंगस का हमला हुआ है , इसकी रोकथाम के लिए आप carbendazim @ 4 gm या mancozeb @ 4 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
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