
Posted by rajik soudagar
Maharashtra
15-09-2019 02:37 AM
Rajik soudagar ji desi chicks lene ke lia aap Bhumika ANIMAL Breeder farm 9229881876 se samparak kare, Thankyou.

Posted by rajik soudagar
Maharashtra
15-09-2019 02:36 AM
aap unko ek farm mai rakh skte hai ya fir aap dono mai thodi jalli lgakr v rkh skte hai..
Posted by Arvind patel
Madhya Pradesh
15-09-2019 01:39 AM
Pusa Rubi: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और सर्दियों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 133 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Early Dwarf: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम छोटे और तना पीला होता है यह किस्म रोपाई के बाद 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औ.... (Read More)
Pusa Rubi: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और सर्दियों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 133 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Early Dwarf: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम छोटे और तना पीला होता है यह किस्म रोपाई के बाद 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Chhuhara: इसके फल बीज रहित, नाशपाति के आकार के, लाल और बाहरी मोटी परत के होते हैं इसकी गुणवत्ता कटाई के बाद 7 दिनों तक मंडी लायक होती है इसलिए इस किस्म को लंबी दूरी वाले स्थानों और नए उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है Pusa 120: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम छोटे, नर्म, आकर्षित और तना पीले रंग का होता है यह किस्म निमाटोड के प्रतिरोधी किस्म है Roma Selection 120: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म जड़ गलन के प्रतिरोधी किस्म है Rashmi: यह व्यापक रूप से अपनाई गई हाइब्रिड है इसके फल मध्यम, गोल और आकर्षित होते हैं यह किस्म सूखा बीमारी के प्रतिरोधी किस्म है Karnataka Hybrid: इस किस्म की फसल रोपाई के 80 दिनों के बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फल लंबे और अंडाकार होते हैं यह किस्म सूखा और निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है
Posted by ASHOK BARUPAL
Rajasthan
15-09-2019 12:11 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by जितेन्द्र सिंह
Rajasthan
15-09-2019 12:11 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by गजेंद्र चौधरी
Uttar Pradesh
15-09-2019 12:09 AM
तुलसी - (ऑसीमम सैक्टम) एक शाकीय तथा औषधीय पौधा है इनमें ऑसीमम सैक्टम को प्रधान या पवित्र तुलसी माना गया जाता है, इसकी भी दो प्रधान प्रजातियाँ हैं- श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग लिए होती हैं इसके अतिरिक्त ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में भ.... (Read More)
तुलसी - (ऑसीमम सैक्टम) एक शाकीय तथा औषधीय पौधा है इनमें ऑसीमम सैक्टम को प्रधान या पवित्र तुलसी माना गया जाता है, इसकी भी दो प्रधान प्रजातियाँ हैं- श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग लिए होती हैं इसके अतिरिक्त ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में भी तुलसी का किसी न किसी रूप में प्रयोग किया जाता है तुलसी ऐसी औषधि है जो ज्यादातर बीमारियों में काम आती है इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, खॉसी, दंत रोग और श्वास सम्बंधी रोग के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है तुलसी की पत्तियों में एक चमकीला पीला वाष्पशील तेल पाया जाता है जो कीड़े और बैक्टीरिया के खिलाफ उपयोगी होता है काली तुलसी की खेती (Black Tulsi farming in hindi) हेतु यह सूरज की रोशनी में बहुत अधिक पनपता है तुलसी स्वाभाविक रूप से समुद्र तल से 2000 मीटर की ऊचाँई तक पाई जाती है यह प्रारंभिक स्थिति में अच्छी तरह नहीं बढ़ती है और इसे धूप की आवश्यकता होती है इसे अच्छी तरह से सूखी मिट्टी की आवश्यकता होती है पौधे को विशेष रूप से घर के अंदर गर्म मिट्टी में रखने पर तेजी से बढ़ता है यह पौधा नम मिट्टी में स्वाभाविक रूप से बढ़ता है इसकी बुबाई वर्षा आधारित क्षेत्रों में बारिश के मौसम में और सिंचित क्षेत्रों अक्टूबर – नवंबर माह में की जाती है सिंचित क्षेत्रों में 6 से 10 से.मी. लंबे अंकुरित पौधो को जुलाई या अक्टूबर – नवंबर माह में खेतों में लगाया जाता है अंकुरित पौधो को कतार में 40 से.मी. की दूरी पर लगाया जाता है रोपण के तुंरत बाद खेत की सिंचाई की जाती है गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग किया जाता है बीज नर्सरी में बोये जाते है एक हेक्टेयर भूमि के लिए लगभग 20-30 कि.ग्रा. बीजों की आवश्यकता होती है बुवाई के बाद FYM और मिट्टी के मिश्रण की पतली परत को बीजों के ऊपर फैलाया जाता है स्पिंक्लर द्दारा सिंचाई की जाती है बीज अंकुरण के लिए 8-12 दिन का समय लेते है और लगभग 6 सप्ताह के बाद पौधे रोपण के लिए तैयार हो जाते है काली तुलसी हेतु रोपण के बाद विशेष रूप से मानसून के अंत के बाद खेत की सिंचाई की जाती है दूसरी सिंचाई के बाद पौधे अच्छी तरह जम जाते है अंतराल को भरने और कमजोर पौधो को अलग करने का यह सही समय होता है ताकि खेत में एक समान पौधे रहें गार्मियो में 3-4 बार सिंचाई की आवश्यकता होती है जबकि शेष अवधि के दौरान आवश्यकता के अनुसार सिंचाई की जाती है लगभग 20-25 बार सिंचाई देना पर्याप्त होता है

Posted by गजेंद्र चौधरी
Uttar Pradesh
15-09-2019 12:07 AM
तुलसी - (ऑसीमम सैक्टम) एक शाकीय तथा औषधीय पौधा है इनमें ऑसीमम सैक्टम को प्रधान या पवित्र तुलसी माना गया जाता है, इसकी भी दो प्रधान प्रजातियाँ हैं- श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग लिए होती हैं इसके अतिरिक्त ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में भ.... (Read More)
तुलसी - (ऑसीमम सैक्टम) एक शाकीय तथा औषधीय पौधा है इनमें ऑसीमम सैक्टम को प्रधान या पवित्र तुलसी माना गया जाता है, इसकी भी दो प्रधान प्रजातियाँ हैं- श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग लिए होती हैं इसके अतिरिक्त ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में भी तुलसी का किसी न किसी रूप में प्रयोग किया जाता है तुलसी ऐसी औषधि है जो ज्यादातर बीमारियों में काम आती है इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, खॉसी, दंत रोग और श्वास सम्बंधी रोग के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है तुलसी की पत्तियों में एक चमकीला पीला वाष्पशील तेल पाया जाता है जो कीड़े और बैक्टीरिया के खिलाफ उपयोगी होता है काली तुलसी की खेती (Black Tulsi farming in hindi) हेतु यह सूरज की रोशनी में बहुत अधिक पनपता है तुलसी स्वाभाविक रूप से समुद्र तल से 2000 मीटर की ऊचाँई तक पाई जाती है यह प्रारंभिक स्थिति में अच्छी तरह नहीं बढ़ती है और इसे धूप की आवश्यकता होती है इसे अच्छी तरह से सूखी मिट्टी की आवश्यकता होती है पौधे को विशेष रूप से घर के अंदर गर्म मिट्टी में रखने पर तेजी से बढ़ता है यह पौधा नम मिट्टी में स्वाभाविक रूप से बढ़ता है इसकी बुबाई वर्षा आधारित क्षेत्रों में बारिश के मौसम में और सिंचित क्षेत्रों अक्टूबर – नवंबर माह में की जाती है सिंचित क्षेत्रों में 6 से 10 से.मी. लंबे अंकुरित पौधो को जुलाई या अक्टूबर – नवंबर माह में खेतों में लगाया जाता है अंकुरित पौधो को कतार में 40 से.मी. की दूरी पर लगाया जाता है रोपण के तुंरत बाद खेत की सिंचाई की जाती है गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग किया जाता है बीज नर्सरी में बोये जाते है एक हेक्टेयर भूमि के लिए लगभग 20-30 कि.ग्रा. बीजों की आवश्यकता होती है बुवाई के बाद FYM और मिट्टी के मिश्रण की पतली परत को बीजों के ऊपर फैलाया जाता है स्पिंक्लर द्दारा सिंचाई की जाती है बीज अंकुरण के लिए 8-12 दिन का समय लेते है और लगभग 6 सप्ताह के बाद पौधे रोपण के लिए तैयार हो जाते है काली तुलसी हेतु रोपण के बाद विशेष रूप से मानसून के अंत के बाद खेत की सिंचाई की जाती है दूसरी सिंचाई के बाद पौधे अच्छी तरह जम जाते है अंतराल को भरने और कमजोर पौधो को अलग करने का यह सही समय होता है ताकि खेत में एक समान पौधे रहें गार्मियो में 3-4 बार सिंचाई की आवश्यकता होती है जबकि शेष अवधि के दौरान आवश्यकता के अनुसार सिंचाई की जाती है लगभग 20-25 बार सिंचाई देना पर्याप्त होता है

Posted by Kamal
Madhya Pradesh
15-09-2019 12:01 AM
श्रीमान जी, जीरा बहुत ही कम मात्रा में लगाया जाता है इसके लिए आप किस्मे जैसे कि RZ 19, GC 1, RZ 209 की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
14-09-2019 11:56 PM
tuci Calf nu janam ton 1 hafte badd pett de kiria lai dwai de skde ho, ehh 30ml dwai tuci 10-10ml krke 3 din deo ji.

Posted by sushilkumar
Maharashtra
14-09-2019 11:39 PM
जो नुकसान होना था हो गया है सढका की जरूरत नहीं है
Posted by ATMA singh
Punjab
14-09-2019 10:42 PM
tuci uss nu Ifer-H injection 2.5ml lgwao ate 1 hafte badd 2.5ml dubara lgwao, iss nal frak paa jawega..
Posted by ATMA singh
Punjab
14-09-2019 10:35 PM
tuci uss ton koi v pashu cross krwan ton pehla pashu da pishe wala hissa pani nal chngi trah saff kro ate cross krwaun ton badd bull de cross krnn wale part nu lal dwai de ghol wala pani lgao, iss nal bimaria ton bacha rehnda hai..

Posted by મોરી યુવરાજસિંહ
Gujarat
14-09-2019 10:34 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीन.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें
Posted by Vincent Toppo
Jharkhand
14-09-2019 10:03 PM
aap bakria lene ke liye Ritesh Kumar 9334728654 New jyoti Foundation se sampark kr skte hai.
Posted by pawan bishnoi
Rajasthan
14-09-2019 10:00 PM
pawan ji yeh fungus ki roktham karti hai iski matra 300ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Khem Chand Sharma
Rajasthan
14-09-2019 09:54 PM
khem chand ji aap iske uper quinalphos@400ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by sukh
Punjab
14-09-2019 09:48 PM
tuci uss nu NS botal 5 litre rojj lgwao ate uss vich Metro 700ml mix krke (IV) lgwao, ehh rojana 3 din lgwao, bakii uss nu Amoxirum injection 3gm, Rumirec injection 10ml , 3 din lgwao ate Smylx liquid 450ml lgatar 3 din pilao, iss nal frak paa jawega.

Posted by pravin dhole
Maharashtra
14-09-2019 09:42 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Gyan singh Thakur
Chattisgarh
14-09-2019 09:32 PM
श्रीमान जी, ठूठी रोग की रोकथाम के लिए आप tilt @ 200 ml को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by Madho Chauhan
Bihar
14-09-2019 09:30 PM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफ.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है यह डिपार्टमेंट जहाँ खेतीबाड़ी अफसर बैठता है जैसे जैसे कचिहरी, डी सी दफ्तर बोल देते है उसमें बना होता है, बाकि प्राथमिक जानकारी आप नोट कर सकते हैं इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्टूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है ..

Posted by Sham Lodhwal
Maharashtra
14-09-2019 09:28 PM
मोती पालन से लाखो कैसे कमाए अब घर बैठे सीखे
WHATAPP FOR ONLINE TRAINING 9770085381 ( TEXT - ONLINE TRAINING )
https://youtu.be/MMvKOBzkgFA

Posted by Manoj kumar singh
Uttar Pradesh
14-09-2019 09:23 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताएं कि आपके धान की बाली में क्या रोग है, ताकि आपको उसके हिसाब से इसका इलाज बताय जा सके, धन्यवाद
Posted by भैराराम परिहार
Rajasthan
14-09-2019 09:14 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि मिर्च में क्या समस्या आ रही है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by deepa
Haryana
14-09-2019 09:12 PM
Shrimaan ji, PB 1 ka rate is samay 2448 rupay prati quintal ke hisaab se chal raha hai, dhanywad
Posted by Gurdarshan singh
Punjab
14-09-2019 09:12 PM
ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml, Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ

Posted by bhagat Singh
Uttar Pradesh
14-09-2019 09:06 PM
यदि आप पशुपालन के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डे.... (Read More)
यदि आप पशुपालन के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा, यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें

Posted by sukhdeep singh
Punjab
14-09-2019 09:04 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Mifex 450ml ਬੋਤਲ ਲਗਵਾਓ ਉਸ ਬੋਤਲ ਵਿਚ Tonophos injection 20ml ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਲਗਵਾਓ..

Posted by bhagat Singh
Uttar Pradesh
14-09-2019 08:58 PM
जर्सी गाय लेने के लिए आप Parteek 9936286478 Model Dairy Farm से संपर्क कर सकते है।

Posted by सत्यपाल
Haryana
14-09-2019 08:57 PM
श्रीमान जी, यह सख्त किस्म की फसल है और इसकी पैदावार के लिए हर तरह की मिट्टी अनुकूल होती है, जिसमें हल्की से लेकर भारी और कम निकास वाली मिट्टी भी शामिल है इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है गहरी, अच्छे निकास वाली रेतली दोमट से चिकनी दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है Allahbad Safeda: .... (Read More)
श्रीमान जी, यह सख्त किस्म की फसल है और इसकी पैदावार के लिए हर तरह की मिट्टी अनुकूल होती है, जिसमें हल्की से लेकर भारी और कम निकास वाली मिट्टी भी शामिल है इसकी पैदावार 6.5 से 7.5 पी एच वाली मिट्टी में भी की जा सकती है गहरी, अच्छे निकास वाली रेतली दोमट से चिकनी दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है Allahbad Safeda: यह छोटे कद की किस्म है इसका आकार गोल और शाखाएं फैली हुई होती हैं फल नर्म, गोल और गुद्दा सफेद रंग का होता है और अच्छे स्वाद वाला होता है Banarasi Surkha: इस किस्म के पत्ते हरे चमकदार होते हैं , वृक्ष लंबा होता है जो फलों की अच्छी उपज देता है फल मध्यम आकार केऔर क्रीमी रंग के होते हैं गुद्दा गुलाबी रंग का होता है और इसमें बहुत सारे बीज होते हैं यह जल्दी पकने वाली किस्म है Lucknow 49 (Sardar Amrood): यह किस्म Allahabad Safeda से तैयार की गई है इसके फल बड़े आकार के होते हैं छिल्का खुरदरा और सफेद गुद्दा होता है इस किस्म का पौधा छोटे आकार का होता है पर Allahabad Safeda किस्म से बड़ा होता है इसका गुद्दा क्रीमी सफेद रंग का और नर्म होता है फल रसदार और उत्तम स्वाद वाला होता है Hisar Safeda: यह संकर किस्म है जो Allahabad Safeda और Seedless Amrood किस्म से तैयार की गई है इसका पौधा सीधा और फल गोल चमकदार होते हैं गुद्दा सफेद रंग का होता है बीज कम, फल रसदार और स्वाद में अच्छा होता है Hisar Surkha: यह संकर किस्म है जो Apple color Amrood और Banarasi Surkha किस्म से तैयार की गई है इस किस्म का वृक्ष लंबा और मध्यम फैलने वाला होता है फल गोल होते हैं छिल्का रंग में हल्के रंग का होता है गुद्दा गुलाबी रंग का और रसदार होता है इसके पौधे बीज लगाके या कलम विधि के द्वारा तैयार किए जाते हैं सरदार किस्म के बूटों पर बीज मुरझाने की बीमारी का असर नहीं होता और इन्हें जड़ों के द्वारा पनीरी तैयार करने के लिए उपयोग किया जा सकता है इसके पूरी तरह पके हुए फलों में से बीज तैयार करके उन्हें बैड या नर्म क्यारियों में अगस्त से मार्च के महीने में बीजना चाहिए क्यारियों की लंबाई 2 मीटर और चौड़ाई 1 मीटर तक होनी चाहिए बिजाई से 6 महीने के बाद पनीरी खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाती है नईं अंकुरित पनीरी की चौड़ाई 1 से 1.2 सैं.मी. और ऊंचाई 15 सैं.मी. तक हो जाने पर यह अंकुरन विधि के लिए प्रयोग करने के लिए तैयार हो जाती है मई से जून तक का समय कलम विधि के लिए अनुकूल होता है नए पौधे और ताजी कटी टहनियों या कलमें अंकुरन विधि के लिए प्रयोग की जा सकती हैं रवरी मार्च या अगस्त सितंबर का महीना अमरूद के पौधे लगाने के लिए सही माना जाता है पौधे लगाने के लिए 6x5 मीटर का फासला रखें यदि पौधे वर्गाकार ढंग से लगाएं हैं तो पौधों का फासला 7 मीटर रखें 81 पौधे प्रति एकड़ लगाए जाते हैं जड़ों को 25 सैं.मी. की गहराई पर बीजना चाहिए बिजाई का ढंग :सीधी बिजाई करके, खेत में रोपण करके, कलमें लगाकर, पनीरी लगाकर पौधों की मजबूती और सही वृद्धि के लिए कटाई और छंटाई की जरूरत होती है जितना मजबूत बूटे का तना होगा, उतनी ही पैदावार अधिक अच्छी गुणवत्ता भरपूर होगी बूटे की उपजाई क्षमता बनाए रखने के लिए फलों की पहली तुड़ाई के बाद बूटे की हल्की छंटाई करनी जरूरी है जब कि सूख चुकी और बीमारी आदि से प्रभावित टहनियों की कटाई लगातार करनी चाहिए बूटे की कटाई हमेशा नीचे से ऊपर की तरफ करनी चाहिए अमरूद के बूटे को फूल, टहनियां और तने की स्थिति के अनुसार पड़ते हैं इसलिए साल में एक बार पौधे की हल्की छंटाई करने के समय टहनियों के ऊपर वाले हिस्से को 10 सैं.मी. तक काट देना चाहिए इस तरह कटाई के बाद नईं टहनियां अकुंरन में सहायता मिलती है एक वर्ष की फसल के लिए यूरिया 200 ग्राम, एस एस पी 200 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 100 ग्राम के साथ 10 किलो गाय का गोबर प्रति वृक्ष में डालें 2 वर्ष की फसल के लिए 20 किलो गाय का गोबर, यूरिया 400 ग्राम, एस एस पी 400 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 200 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 3 वर्ष की फसल के लिए यूरिया 600 ग्राम, एस एस पी 600 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 4 वर्ष की फसल के लिए यूरिया 800 ग्राम, एस एस पी 800 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 400 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 5 वर्ष की फसल के लिए गाय का गोबर 50 किलो, यूरिया 1000 ग्राम, एस एस पी 1000 ग्राम और म्यूरेट ऑफ पोटाश 500 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें पहली सिंचाई पौधे लगाने के तुरंत बाद और दूसरी सिंचाई तीसरे दिन करें इसके बाद मौसम और मिट्टी की किस्म के हिसाब से सिंचाई की जरूरत पड़ती है अच्छे और तंदरूस्त बागों में सिंचाई की ज्यादा जरूरत नहीं होती नए लगाए पौधों को गर्मियों में सप्ताह बाद और सर्दियों के महीने में 2 से 3 बार सिंचाई की जरूरत होती है पौधे को फूल लगने के समय ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती क्योंकि ज्यादा सिंचाई से फूल गिरने का खतरा बढ़ जाता है अमरूद के बाग में पहले 3 से 4 वर्ष के दौरान मूली, भिंडी, बैंगन और गाजर की फसल उगाई जा सकती है इसके इलावा फलीदार फसलें जैसे चने, फलियां आदि भी उगाई जा सकती हैं फसल की अच्छी वृद्धि और उपज के लिए नदीनों का नियंत्रण आवश्यक है नदीनों की जांच के लिए ग्रामोक्सोन 6 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में मिलाकर मार्च, जुलाई और सितंबर महीने में डालें ग्लाइफोसेट 1.6 लीटर को नदीनों के अंकुरण के बाद प्रति एकड़ में डालें एक एकड़ खेत के लिए 200 लीटर पानी पर्याप्त होता है इन बूटीनाशकों को अमरूद के पौधों पर स्प्रे ना करें इनका प्रयोग सिर्फ नदीनों पर ही करें धन्यवाद

Posted by Manjeet Dagar
Haryana
14-09-2019 08:57 PM
Shrimaan ji, 1121 ka rate is samay 2500 se 2960 rupay prati quintal ke hisaab se chal raha hai, dhanywad

Posted by Kuldeep Singh
Punjab
14-09-2019 08:47 PM
ਕੁਲਦੀਪ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਕੱਟੀ ਦੀ ਉਮਰ ਦਸੋ ਜੀ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ

Posted by Manoj kumar singh
Uttar Pradesh
14-09-2019 08:47 PM
Manoj ji jab dhan nisrna shur kar deti hai tab aap iske uper NPK 130045 @1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Rohit Tiwari
Madhya Pradesh
14-09-2019 08:46 PM
https://youtu.be/g4wqW8anr1g EARN 4-5 LAKH BY HOME ROOF COURT YARD OPEN LAND BALCONY बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र ( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग ) सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका , सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा .... (Read More)
https://youtu.be/g4wqW8anr1g EARN 4-5 LAKH BY HOME ROOF COURT YARD OPEN LAND BALCONY बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र ( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग ) सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका , सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा सत्यापित मोती पालन से लाखो कैसे कमाए अब घर बैठे सीखे WHATAPP FOR ONLINE TRAINING 9770085381 ( TEXT - ONLINE TRAINING ) अगला प्रशिक्षण 23-24 NOV सीट बुक करने के लिए भी उपरोक्त न. पर करे ऑनलाइन ट्रेनिंग फीस 2500/- ( PROTECT PEN DRIVE WITH ALL VIDEO * PEARL FARMING BOOK IN HINDI * SEED AND OTHER* MATERIAL LIFE TIME SUPPORT HOW TO EARN 1 LAKH WITH BAMORIYA FARM CONCEPT ) OFFLINE TRAINING FEE 6000/-

Posted by jitendra tirole
Madhya Pradesh
14-09-2019 08:35 PM
Nagarjuna Atonik 2ml/liter water me spray kre
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
14-09-2019 08:33 PM
tuci ohna nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate bachia nu bhar de hisab nal de skde ho ate fatkadi de pani nal ohna dia akha saff kro iss nal akha vicho pani aunna htt jawega, baki pashu de pett vich kiire honn nal akha vich gidd, akha vicho panni, sarir kamjor, khurak jyada khani ya ghtt khani, mokk krni, sahi trah hajam na hona, ehh pashu dia nishania hundia hai..

Posted by Ankit Kumar
Rajasthan
14-09-2019 08:26 PM
श्रीमान जी, कृपय आप बताएं कि आप किस बेल की बात कर रहे है, ताकि आपको उसके हिसाब से उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by M singh
Punjab
14-09-2019 08:26 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 1 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜ, Gouge ਪਾਊਡਰ ਦੇ 1-1 ਪਾਉਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰ.... (Read More)
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ ਅਤੇ 1 ਕਿਲੋ ਦਲੀਆ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਰਿਨ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ ਮਿਕਸ ਕਰੋ , ਇਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਅੱਧਾ ਅੱਧਾ ਕਰਕੇ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਤੁਸੀ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜ, Gouge ਪਾਊਡਰ ਦੇ 1-1 ਪਾਉਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ.
Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
14-09-2019 08:17 PM
Shrimaan ji, isdi roktham lai tuc folicur @ 200 ml nu 150 liter pani ch ghol ke prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by Rajaram Gurjar
Rajasthan
14-09-2019 08:10 PM
श्रीमान जी, मिर्च के लिए आप किस्मे जैसे कि Pusa Jwala, Pant C-1, Pusa Sadabahar, NP-46A, G 5, G 3 की बुवाई कर सकते हैं, धन्यवाद

Posted by Vikash Chaudhary
Uttar Pradesh
14-09-2019 08:10 PM
Shrimaan ji, kripya aap apna sawal visthar se puchein ke aap kis cheej ki registration karna chahte hain, taki apko iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad
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