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Posted by Gurjeet singh
Punjab
15-09-2019 11:37 AM
Punjab
09-16-2019 10:02 PM
ehh golia pashu da dhudh vdhaun ate pashu de thhna vich dhudh pura krn da kam krdia hai.
Posted by mandip ghuman
Punjab
15-09-2019 11:33 AM
Punjab
09-15-2019 12:25 PM
Pau lud, totavit starong, agrimin, minfagold, best ne isde NL push Di growth Sahi hundi ,parjaran kiria thk krda,pasu nu heat vich lehon vich thik a hor v Kai pehde ne
Posted by Paramveer singh
Haryana
15-09-2019 11:28 AM
Punjab
12-09-2019 05:17 PM
Shrimaan ji, isdi dose @ 300 to 400 gm prati acre de hisaab nal vart sakde ho, eh ik fungicide hai eh fungus di roktham lai vartea janda hai, dhanwad
Posted by Harshal Bhute
Madhya Pradesh
15-09-2019 11:26 AM
Punjab
09-17-2019 06:09 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि मिर्च में क्या समस्या आ रही है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Paramveer singh
Haryana
15-09-2019 11:23 AM
Punjab
12-09-2019 05:19 PM
Shrimaan ji, salt di photo bhejo tajo dekh ke tuhnu is bare puri jankari diti ja sake, dhanwad
Posted by Amit kushwaha
Chattisgarh
15-09-2019 11:22 AM
Punjab
12-09-2019 05:18 PM
श्रीमान जी, खेत की हल से जोताई करें और खेत को नदीनों और ढेलियों रहित करें प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 5-10 टन प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएं अच्छी तरह से ना गली हुई रूड़ी की खाद को ना डालें इससे जड़ें दोमुंही हो जाती हैं बिजाई के लिए समतल बैड या मेढ़ों का ही .... (Read More)
श्रीमान जी, खेत की हल से जोताई करें और खेत को नदीनों और ढेलियों रहित करें प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 5-10 टन प्रति एकड़ मिट्टी में मिलाएं अच्छी तरह से ना गली हुई रूड़ी की खाद को ना डालें इससे जड़ें दोमुंही हो जाती हैं बिजाई के लिए समतल बैड या मेढ़ों का ही प्रयोग करें मैदानी क्षेत्रों में, इसकी बिजाई के लिए सितंबर से जनवरी का महीना उपयुक्त होता है जबकि पहाड़ी क्षेत्रों के लिए मार्च से अगस्त का महीना उपयुक्त होता है अच्छी गुणवत्ता वाली मूली लेने के लिए नवंबर से दिसंबर के महीने में बिजाई करें अच्छी उपज और वृद्धि के लिए मूली को मेड़ों पर बोयें दो मेंड़ों में 40-45 सैं.मी. और दो पौधों में 6-8 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें अच्छी पैदावार के लिए, बीज को 1.5-3 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई पंक्तियों में या बुरकाव विधि द्वारा की जा सकती है धन्यवाद
Posted by Sachin Chouhan
Madhya Pradesh
15-09-2019 11:21 AM
Punjab
12-09-2019 05:15 PM
Shrimaan ji, mausam vibhag ke anusar ane vale kuch dino mein mausam saaf rahe ga, dhanywad
Posted by Amrish Verma
Uttar Pradesh
15-09-2019 11:19 AM
Maharashtra
12-07-2019 04:59 PM
अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है
Posted by Sachin Chouhan
Madhya Pradesh
15-09-2019 11:19 AM
Punjab
12-09-2019 05:15 PM
Shrimaan ji, mausam vibhag ke anusar ane vale kuch dino mein mausam saaf rahe ga, dhanywad
Posted by Lakhbir sohi Golu
Punjab
15-09-2019 11:08 AM
Punjab
12-09-2019 04:39 PM
Shrimaan ji, eh fungus da hamla hoea hai, isdi roktham lai tuc folicur @ 200 ml prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by sukhwinder singh
Haryana
15-09-2019 11:05 AM
Punjab
09-16-2019 07:13 PM
Pig feed ke liye aap yeh photo dekh skte hai.
Posted by saurabh Sharma
Uttar Pradesh
15-09-2019 11:05 AM
Rajasthan
09-15-2019 03:58 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Sanni Kumar
Uttar Pradesh
15-09-2019 11:02 AM
Punjab
12-09-2019 05:12 PM
Shrimaan ji, dhaan ki bali ane ke baad isme NPK 130045 @ 1 kg prati acre ke hisaab se spray karo or isme boron @ 100 gm prati acre ke hisaab se spray karo, dhanwad
Posted by lokinder singh
Haryana
15-09-2019 10:59 AM
Maharashtra
12-07-2019 05:05 PM
Peas are mainly sown with the wheat as it is a leguminous crop and helps in nitrogen fixing.
Posted by Harvinder singh
Punjab
15-09-2019 10:57 AM
Punjab
12-09-2019 05:10 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਇਹ ਦੱਸੋ ਕੇ ਇਹ ਦਿਕਤ ਪੂਰੇ ਖੇਤ ਚ ਹੀ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਜਾ ਕਾਫੀ ਬੂਟਿਆਂ ਤੇ ਹੈ, ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਦਾ ਹਾਲ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ghanshyam singh Bhadouriya
Uttar Pradesh
15-09-2019 10:49 AM
Maharashtra
09-18-2019 10:22 AM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं
Posted by Amit kushwaha
Chattisgarh
15-09-2019 10:44 AM
Punjab
12-09-2019 05:07 PM
श्रीमान जी, चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए मेटसलफुरॉन 20 डब्लयु पी 30 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर नदीनों के अंकुरण के बाद रोपाई के 20-25 दिन बाद डालें स्प्रे से पहले खेत में खड़े पानी का निकास कर दें और स्प्रे के एक दिन बाद सिंचाई करें धान की विधि के लिए आप सिफारिशी खादों का इस्तेमाल करें, धन्यवाद
Posted by kuldeep singh parmar
Rajasthan
15-09-2019 10:35 AM
Rajasthan
09-15-2019 03:56 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by lakhwinder brar
Punjab
15-09-2019 10:32 AM
Posted by rohit vinayak
Punjab
15-09-2019 10:30 AM
Punjab
12-09-2019 05:04 PM
Shrimaan ji, is upar tuc neem de tel @ 4ml prati liter pani de hisaab nal di spray karo ate is vich khatti lassi @ 3ml prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by Prabhjot Randhawa
Punjab
15-09-2019 10:28 AM
Punjab
10-31-2019 06:38 PM
Prabhjot Randhawa ji eh marketing te depend arda hai estimate rate 10-15 rupees tak rehda hai ji.
Posted by Prahlad Bhourgade
Madhya Pradesh
15-09-2019 10:26 AM
Punjab
12-09-2019 05:02 PM
Shrimaan ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap folicur @ 200 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by ਚਮਕੌਰ ਸਿੰਘ ਮਾਨ
Punjab
15-09-2019 10:25 AM
Punjab
12-09-2019 04:41 PM
Shrimaan ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap folicur @ 200 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Vikas Yadav
Uttar Pradesh
15-09-2019 10:20 AM
Punjab
09-15-2019 12:27 PM
bukhar check krwo te Apne nare de Dr NL saparik kro
Posted by jitender pal singh
Uttar Pradesh
15-09-2019 10:16 AM
Punjab
12-09-2019 04:09 PM
Shrimaan ji, ap iski roktham ke liye tilt @ 200 ml prati acre ke hisab se spay karein, dhanywad
Posted by kalu
Rajasthan
15-09-2019 10:15 AM
Maharashtra
12-07-2019 05:08 PM
सरसों की बिजाई का सही समय सितंबर से अक्तूबर है तोरिया फसल की लिए बिजाई सितंबर के पहले पखवाड़े से मध्य अक्तूबर तक कर लेनी चाहिए अफ्रीकी सरसों और तारामीरा की फसल अक्तूबर के आखिर तक बोयी जा सकती है राया फसल की बिजाई मध्य अक्तूबर से नवंबर के आखिर तक की जाती है जब तारामीरा को मुख्य फसल के बीच उगाया जाता है तो इसक.... (Read More)
सरसों की बिजाई का सही समय सितंबर से अक्तूबर है तोरिया फसल की लिए बिजाई सितंबर के पहले पखवाड़े से मध्य अक्तूबर तक कर लेनी चाहिए अफ्रीकी सरसों और तारामीरा की फसल अक्तूबर के आखिर तक बोयी जा सकती है राया फसल की बिजाई मध्य अक्तूबर से नवंबर के आखिर तक की जाती है जब तारामीरा को मुख्य फसल के बीच उगाया जाता है तो इसकी बिजाई मुख्य फसल पर निर्भर करती है
Posted by jitender pal singh
Uttar Pradesh
15-09-2019 10:12 AM
Punjab
12-09-2019 04:13 PM
श्रीमान जी, इसकी रोकथाम के लिए आप tilt @ 200 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Gurdeep Singh virdi
Punjab
15-09-2019 10:08 AM
Punjab
12-09-2019 04:55 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ 1 ਕਨਾਲ ਵਿਚ ਬਰਸੀਮ ਦਾ 1.25 kg ਬੀਜ, ਜਾਵੀ ਦਾ 3.15 kg ਬੀਜ ਅਤੇ ਜੋ ਦਾ 5 kg ਬੀਜ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by R,K RAY
West Bengal
15-09-2019 10:01 AM
Punjab
12-09-2019 04:16 PM
Shrimaan ji, iski roktham ke liye ap carbendazim @ 4 gm ya mancozeb @ 4 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Satinder
Punjab
15-09-2019 09:55 AM
Punjab
12-09-2019 04:51 PM
श्रीमान जी टिड बहुत तरह के होते है कृपया इसकी फोटो भेंजे ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके
Posted by Ashish kumar
Uttar Pradesh
15-09-2019 09:54 AM
Punjab
12-09-2019 04:13 PM
श्रीमान जी, इसकी रोकथाम के लिए आप chlorpyriphos @ 1 लीटर को 60 किलो मिटटी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से शिडकाव करें, धन्यवाद
Posted by prashant kashyap
Bihar
15-09-2019 09:53 AM
Punjab
12-09-2019 04:15 PM
श्रीमान जी, मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकू.... (Read More)
श्रीमान जी, मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी किस्मे जैसे Arka Meghana,Arka Sweta,Kashi Early, Kashi Surkh की बिजाई कर सकते है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें धन्यवाद
Posted by Shiv Rathore
Madhya Pradesh
15-09-2019 09:53 AM
Punjab
12-09-2019 04:08 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये के अपने इसमें किस की स्प्रे की है, क्यों की कई बार नदीन नशककी स्प्रे करने से ऐसा हो जाता है, आप इसमें custodia @ 300 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Ashish kumar
Uttar Pradesh
15-09-2019 09:51 AM
Punjab
12-09-2019 04:03 PM
श्रीमान जी, इसकी रोकथाम के लिए आप chlorpyriphos @ 1 लीटर को 60 किलो मिटटी में मिला कर प्रति एकड़ के हिसाब से शिडकाव करें, धन्यवाद
Posted by prabhjot singh
Punjab
15-09-2019 09:49 AM
Punjab
09-15-2019 11:32 AM
BhaaG isnu 1kg kanak da dalia 500g gur ch rinh ke swer shaam 7 din khuao Rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu 1kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by mayur
Gujarat
15-09-2019 09:48 AM
Punjab
09-17-2019 06:10 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि कपास में क्या समस्या आ रही है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Parveen
Punjab
15-09-2019 09:46 AM
Punjab
09-15-2019 11:36 AM
BhaaG isnu gilla daana kehnde ne iss wich paani kina ae je 2 hisse paani ae te 3kg gilla daana 1kg feed da badal ae Eh dhian rakho k isnu ooli na lagi howe eh dhian rakh k pa lao naale dekho sasti feed pendi ae ke gilla daana
Posted by rahul Jadhav
Maharashtra
15-09-2019 09:44 AM
Punjab
12-09-2019 03:59 PM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke apne isme konsi khaad ka istemaal kiya hai, taki apko iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Prahlad Bhourgade
Madhya Pradesh
15-09-2019 09:42 AM
Punjab
12-09-2019 03:43 PM
Shrimaan ji, isme ap SAAF @ 500 gm prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by khuspal
Punjab
15-09-2019 09:32 AM
Punjab
12-09-2019 03:58 PM
Shrimaan ji, is vich tuc sundi d hamle di janch karo , jekar sundi mojjod hove ta is vich tuc fame @ 20 ml ya coragen @ 60 ml prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by Gurjeet singh
Punjab
15-09-2019 09:25 AM
Punjab
09-16-2019 10:01 PM
tuci uss nu Cipro-tz 1-1 goli swere sham ate Banminth forte 1 goli ajj ate ek 3 din badd deo, baki uss nu ORT calf 2 pudi pani vich ghol ke pillao, tuci iss trah 3-4 din illag kro iss nal frak paa jawega.
Posted by ਦੇਸ ਰਾਜ ਸੂਦ
Punjab
15-09-2019 09:23 AM
Punjab
12-09-2019 04:01 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਕਿਸੀ ਦੋ ਦਵਾਈਆਂ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਾਰਨ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਦੀ ਹੈ,ਜੇ ਕਰ ਹੋਪਰ ਦਾ ਹਮਲਾ ਮੌਜੂਦ ਨਹੀਂ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ ਇਸ ਦੀ ਸਪਰੇ ਨਾ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
15-09-2019 09:20 AM
Punjab
09-16-2019 07:26 PM
tuci uss nu Mifex botal 450ml lgwao ate uss botal vich Tonophos injection 20ml paa ke IV slow lgwao..
Posted by ANAND Rajwade
Chattisgarh
15-09-2019 09:04 AM
Punjab
12-09-2019 03:55 PM
Shrimaan ji, isme dheemak ka hamla jaanch karein, agar dheemak mojood ho to ap isme chlorpyriphos @ 4 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad