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Posted by ritik
Uttar Pradesh
15-09-2019 07:55 PM
Punjab
09-15-2019 08:37 PM
Shrimaan g basmati 1509 mein NPK 00.52.34 @500 gm and boron @100 gm per acre ko 150 liter pani mein mila ke spray kro g..
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
15-09-2019 07:53 PM
Punjab
09-15-2019 08:54 PM
pashu de suun to 1 hafte badd pett de kiria lai goli de skde ho.
Posted by ritik
Uttar Pradesh
15-09-2019 07:52 PM
Punjab
09-17-2019 05:58 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है और क्या समस्या आ रही है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Qaumrul Hoda
Bihar
15-09-2019 07:50 PM
Punjab
09-16-2019 12:20 AM
kripya aap iski photo bheje taki apko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Satpal
Haryana
15-09-2019 07:45 PM
Rajasthan
09-22-2019 12:50 PM
हेलो सर वर्मी कंपोस्ट के लिए संपर्क करें राजेश रावत 7023 258428
Posted by Mandeep singh
Punjab
15-09-2019 07:37 PM
Punjab
09-17-2019 05:59 PM
tuci kadaknath de rate vare jankari lai mere nal 9781589637 sampark kr skde ho.
Posted by Dharmender
Haryana
15-09-2019 07:37 PM
Punjab
09-15-2019 08:50 PM
Rs. 60 per plant
Posted by Dharmender
Haryana
15-09-2019 07:35 PM
Maharashtra
09-20-2019 11:12 AM
dragon fruit ki cost 60 rupaye prati fruit hoti hai.dhanywad
Posted by Mandeep singh
Punjab
15-09-2019 07:34 PM
Punjab
09-16-2019 12:32 AM
mandeep ji tuc sab to pehlan khet di mitti check krao jisnal tuhanu eh andaja ho jayega ke khet vich kehde kehde tat ki kami hai dooja isde vich tuc roodi di khaad milao ta jo khet bijai de layk ho sake.dhanwad
Posted by rajik soudagar
Maharashtra
15-09-2019 07:32 PM
Punjab
10-29-2019 05:48 PM
rajik soudagar ji aap RIR breed rakh sakte ho yeh dual purpose breed hai ji.
Posted by RAJPUT HUKAM
Madhya Pradesh
15-09-2019 07:27 PM
Punjab
09-16-2019 12:33 AM
राजपूत जी आप इसकी रोकथाम के लिए planofix @4 ml को प्रति 15 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by YOGESH
Haryana
15-09-2019 07:26 PM
Punjab
09-15-2019 07:30 PM
jarsi sahiwal HF nasal
Posted by Baljeet Baljeetsingh
Punjab
15-09-2019 07:23 PM
Punjab
09-15-2019 07:29 PM
Posted by Ratnesh kumar
Bihar
15-09-2019 07:21 PM
Punjab
09-16-2019 10:15 PM
Ratnesh ji iske thnno per aap coolmac tube lgayen aur Bovimin-Gl liquid 7ml rojana dena suru kren..
Posted by Aman Pratap Singh
Uttar Pradesh
15-09-2019 07:19 PM
Punjab
09-15-2019 07:32 PM
श्रीमान जी बासमती 1509 में हॉपर और सुंडी के हमले की जांच करते रहें यदि सुंडी का हमला है तो proclaim @80 gm या Fame @30 ml या Coragen @60 ml प्रति एकड़ की स्प्रे करें बासमती में हॉपर और तेले की रोकथाम के लिए Actara @100 gm प्रति एकड़ की स्प्रे करें इसमें ब्लास्ट की रोकथाम के लिए Nativo @120 gm प्रति एकड़ या Amistar top @200 ml प्रति एकड़ की स्प्रे कर सकते हैं
Posted by Darshan Jakhar
Haryana
15-09-2019 07:09 PM
Punjab
09-16-2019 06:02 PM
यदि वो ब्याय चुकी है तो उसे आप बोतल Mifex 450ml लगवायें उस बोतल में Injection Tonofas 20ml, Injection Avil 10ml डालें और इसे IV(slow) लगवायें बाकि उसे Injection X-nil 1gm, Injection Megludyne 20ml (IM) लगवायें और तीन दिन तक लगवायें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by mukesh
Rajasthan
15-09-2019 07:08 PM
Punjab
09-15-2019 07:34 PM
Shrimaan g narme mein NPK 13.O.45 @1 kg per 100 liter pani mein mila ke spray kro g..
Posted by mukesh
Rajasthan
15-09-2019 07:07 PM
Punjab
09-15-2019 07:35 PM
Shrimaan g blight ki roktham ke liye Custodia @250 ml per acre mein streptocycline mila ke 200 liter pani mein mila ke spray kr skte ho g..
Posted by GYAN CHAND
Uttar Pradesh
15-09-2019 07:04 PM
Maharashtra
12-07-2019 04:46 PM
पपीते की खेती के लिए निम्नलिखित किस्में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फ.... (Read More)
पपीते की खेती के लिए निम्नलिखित किस्में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है CO 2: यह मध्यम आकार की अंडाकार, हरे पीले रंग की किस्म है इसका गुद्दा नर्म और लाल रंग का होता है इसमें रस की मात्रा काफी होती है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है CO 5: यह किस्म दो वर्षों में 75-80 फल प्रति वृक्ष देती है IIHR39 and IIHR54: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं इसमें टी एस एस की मात्रा उच्च होती है Taiwan 785: यह छोटे कद की किस्म है इसके फल आयताकारा और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है फलों को रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है फलों को कतारों में प्रयोग किया जाता है और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है Taiwan 786: इसके फलों को कतारों में और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल स्वाद और कम बीज वाले होते हैं फलों को रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है Washington: यह कतारों में प्रयोग किए जाने वाली किस्म है इसके फल गोल, मध्यम आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल का छिल्का गहरे पीले रंग का होता है नर और मादा पौधे अलग होते हैं Solo: इसके फल छोट, गहरे गुलाबी रंग का गुद्दा होता है, जो कि स्वाद में मीठा होता है यह किस्म कतारों में प्रयोग की जाती है Ranchi: फल आयताकार होते हैं और गुद्दा गहरे पीले रंग का होता है Honey Dew: इस किस्म के फल बड़े आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल स्वाद होते हैं और नर पौधे मादा पौधे से छोटे होते हैं इसका पौधा मध्यम कद का होता है पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें यूरिया 150 ग्राम, फासफोरस 80 ग्राम, पोटाश 100 ग्राम प्रति वृक्ष में प्रति वर्ष डालें खादों को 4 भागों में बांटकर रोपाई के बाद पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें महीने में डालें बसंत के मौसम में फरवरी मार्च के महीने में बिजाई करें जबकि मॉनसून के मौसम में बिजाई के लिए जून जुलाई का महीना उपयुक्त होता है और पतझड़ के मौसम में बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने में की जाती है आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 1 सैं.मी. की गहराई पर बोयें 100-120 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें मिट्टी की किस्म, जलवायु के हालातों आदि के आधार पर सिंचाई करें सर्दियों में 15 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें तने को पानी के संपर्क में ना आने दें और खेत में पानी भी खड़ा ना होने दें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं
Posted by Pappu Yadav
Uttar Pradesh
15-09-2019 07:04 PM
Punjab
09-16-2019 12:37 AM
पप्पू जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे के आप कोनसी फसल के बारे में जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by brajesh pal
Uttar Pradesh
15-09-2019 07:00 PM
Punjab
09-16-2019 12:38 AM
DBW 187 kisam ICAR-INDIAN INSTITUTE OF WHEAT & BARLEY RESEARCH ke dwara tyar ki gayi hai. iska beej lene ke liye aap Dr. Raj Kumar 9255270087 se sampark kar sakte hai.
Posted by पुष्पराज पटेल
Chattisgarh
15-09-2019 06:54 PM
Punjab
09-16-2019 12:10 AM
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्.... (Read More)
बढ़िया वर्मी कंपोस्ट निम्नलिखित तरीके अनुसार बनायी जा सकती है इसलिए ऐसा स्थान लें जहां धूप ना आये और हवादार हो इस स्थान पर ईंटों या पत्थर के टुकड़े और मिट्टी की 2—3 इंच मोटी परत बिछायें मिट्टी पर थोड़ा सा पानी छिड़ककर गीला करें मिट्टी में 25 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं होनी चाहिए इसके ऊपर गंडोए (40 गंडोए प्रति वर्ग फीट जगह) में मिलायें इसके बाद वेस्ट जैसे कि बची कुची सब्जियां, फल, कच्चा गोबर, गोबर की सलरी की 8—10 इंच मोटी परत डालें दूसरी परत के बाद इसके ऊपर सूखे पत्ते या पराली से ढक दें हर परत के बाद पानी छिड़कें ताकि नमी बनी रहे वर्मीकंपोस्ट के बैड को 3—4 इंच मोटी गोबर की परत से ढक दें और इसके ऊपर बोरा या तिरपाल रखें ताकि नमी बनी रहे रसोई, फसलों या डेयरी के बचे कुचे की परत को रैक से पलटते रहें और आवश्यकतानुसार थोड़ा थोड़ा करके और वेस्ट भी डाल सकते हैं इसके ऊपर कच्चा गोबर भी डाल सकते हैं पर ध्यान रखें कि यह परत पहले जितनी ही मोटी रहें वर्मी कंपोस्ट की खाद मौसम के हिसाब से 45—60 दिनों में तैयार हो जाती है सबसे ऊपर वाली परत को हटाकर गंडोए छलनी से अलग कर लें और निचली छोड़ दें इसके ऊपर दोबारा रसोई या एग्रो वेस्ट की 6 इंच मोटी परत बिछाकर दोबारा खाद तैयार की जा सकती हैं 45 दिनों के बाद पानी छिड़कना बंद करने से भी गंडोए निचली परत में चले जाते हैं और छलनी से अलग करने में समय कम लगता है तैयार वर्मी कंपोस्ट काले भूरे रंग की गंध रहित और चाय पत्ती जैसी होती है इसे छांव में हवा में सुखकर आवश्यकतानुसार थैले या बोरियों में डालकर रखा जा सकता है एक टन वर्मी कंपोस्ट में 1.0—1.5 किलोग्राम नाइट्रोजन, 5—10 किलोग्राम पोटाश और 3.5—5.0 किलो फासफोरस होता है इसके अलावा इसमें कई तरह के एन्ज़ाइम और सूक्ष्म तत्व कॉपर, आयरन, जिंक, सल्फर, कैलशियम और मैगनीशियम आदि होते हैं
Posted by ਰਾਜਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
15-09-2019 06:51 PM
Punjab
09-15-2019 07:37 PM
Posted by Harwinder Singh Khalra
Punjab
15-09-2019 06:48 PM
Punjab
09-16-2019 12:08 AM
harwinder ji kinnu jekar digde han ta isde layi tuc planofix@4ml nu prati 15 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Rahul
Haryana
15-09-2019 06:47 PM
Punjab
09-15-2019 08:46 PM
Rahul g dhan mein aap NPK 00.52.34 @500 gm and boron @100 gm per acre ka spray kr skte ho g.Ess mein urea or dap ja potash nhi dal skte ho g.
Posted by rajwinder singh
Punjab
15-09-2019 06:45 PM

?

Punjab
09-15-2019 08:47 PM
Posted by Abhishek Yadav
Uttar Pradesh
15-09-2019 06:41 PM
Punjab
12-09-2019 05:00 PM
श्रीमान जी, किसी भी स्थान को सूखा क्षेत्र तब मन जाता है, जब वह बारिश या पानी नहीं होता है, धन्यवाद
Posted by Rameshwar siyol khara
Rajasthan
15-09-2019 06:34 PM
Punjab
09-16-2019 12:03 AM
khara ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake ke yeh koi bimari hai ya tatv ki kami .
Posted by Farhan Alam
Delhi
15-09-2019 06:33 PM
Punjab
09-15-2019 07:15 PM
nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein or training lein phir shuroo krain Training mein loan ke baare sab bta denge
Posted by Sunny Deshwal
Uttar Pradesh
15-09-2019 06:18 PM
Maharashtra
09-16-2019 12:00 AM
Posted by गोपाल कुमार
Bihar
15-09-2019 06:10 PM
Rajasthan
09-16-2019 12:02 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Gurjit singh bhullar
Punjab
15-09-2019 06:10 PM
Punjab
09-15-2019 08:54 PM
Posted by Saurav Kumar
Uttar Pradesh
15-09-2019 06:10 PM
Punjab
09-15-2019 11:59 PM
Posted by jass
Haryana
15-09-2019 06:05 PM
Punjab
09-15-2019 11:45 PM
Posted by amit pandey
Uttar Pradesh
15-09-2019 06:02 PM
Punjab
09-17-2019 01:51 PM
usko aap Receptal 5ml IV lgwayen aur injection lgane ke badd Bull se cross krwaa den aur ek varr cross krane ke badd dubara 12 hours badd cross krwayen fir ussse 72 hours badd usko Duraprojen injection lgwa den, isse frak padd jayega..