
Posted by deep chand rana
Uttarakhand
16-09-2019 07:28 AM
दीप जी आप गायों और भैंसों के लिए Enerboost पाउडर दे सकते है जोकि Animax pharma company का प्रोडक्ट है इससे पशु को फैट मिलती है और कमज़ोरी दूर रहती है ये पाउडर आप सभी पशुओं को आसानी से खिला सकते है इसे छोटे पशुओं को 50 ग्राम और बड़े पशुओं को 100 ग्राम रोजाना दे सकते है
Posted by ਸਰਬਜੋਤ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾਂ
Punjab
16-09-2019 07:14 AM
Pashu nu malap rehat karn nu deworming kehnde ne pashu nu har 3 mahine baad malap rehat karn di dawaee diti jandi ae
Posted by mosam khan
Rajasthan
16-09-2019 07:12 AM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटेशियम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए प्लानोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैग्नीशियम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें

Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਟਿਵਾਣਾ
Punjab
16-09-2019 07:09 AM
tuci iss nu miti wali jgah bnn ke rkho ate iss nu Sarakind plus bolus 1-1 goli swere sham ate Bovimin-gl liquid 7ml rojana dena suru kro, iss nal holi holi frak pann lgg jawega..
Posted by Davinder singh
Punjab
16-09-2019 07:09 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਜਵੀ ਲਈ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਦੂਜੇ ਤੋਂ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਦਾ ਸਮਾਂ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਉਚਿੱਤ ਮੰਨਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by prabhjot singh
Punjab
16-09-2019 07:08 AM
bhaa G isnu 1kg kanak da dalia 500g gur ch rinh ke 7 din swer sham khuao Rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu 1kg feed pao
Posted by ਗੁਰਚਰਨ ਸਿੰਘ
Punjab
16-09-2019 06:57 AM
Shrimaan ji, tuc neem di jad vich syonk de hamle di janch karo, je kar hamla mojood hove tan is vich tuc chlorpyriphos @ 4ml prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by Bhupinder Singh Virk
Punjab
16-09-2019 06:47 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਬਰਸੀਮ ਲਈ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਪਹਿਲਾਂ ਹਫਤਾ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by 8v8ramanpreet singh
Punjab
16-09-2019 06:45 AM
Shrimaan ji,glamore tele di roktham lai vartea janda hai isda asar jhone upar 15-18 din tak rehnda hai, dhanwad
Posted by ravityadav
Uttar Pradesh
16-09-2019 06:39 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से बताएं कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by AJAYKUMAR SUTHAR
Rajasthan
16-09-2019 06:32 AM
श्रीमान जी, ज़मीन की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में, अधिक घनत्व में रोपण भी संभव है रोपाई से पहले, जोताई करें और समतल करें राजस्थान में, इसकी बिजाई जुलाई-अगस्त के महीने में की जाती है पौधों में फासला 6 मी.... (Read More)
श्रीमान जी, ज़मीन की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में, अधिक घनत्व में रोपण भी संभव है रोपाई से पहले, जोताई करें और समतल करें राजस्थान में, इसकी बिजाई जुलाई-अगस्त के महीने में की जाती है पौधों में फासला 6 मीटर x 6 मीटर के बीच रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 1 x1x1 होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय, गाय का गला हुआ गोबर 50-60 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालनी चाहिए फसल के 1 वर्ष की हो जाने पर, अच्छी तरह से गला हुए गाय का गोबर 20 किलो और नाइट्रोजन 60 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 2 वर्ष की फसल में, अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 40 किलो और नाइट्रोजन 120 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें 3 वर्ष की फसल में, नाइट्रोजन 180 ग्राम और गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो प्रति वृक्ष में डालें जब फसल 4 वर्ष की या इससे ज्यादा की हो जाए तो, गाय का गला हुआ गोबर 80 किलो या यूरिया 300 ग्राम प्रति वृक्ष में डालें धन्यवाद
Posted by gurpreet singh
Punjab
16-09-2019 06:26 AM
1 quintal feed da formula Anaaj 40kg khal 30kg chokar or rice polish 30kg min mix 2kg namak 1kg

Posted by Harmeet
Punjab
16-09-2019 06:18 AM
tuci goat farming da kam kr skde ho, pehla tuci iss kam di training jrur lao jo tuhanu tuhade nazdiki KVK ton mill jawegi, fir tuci kisi nazdiki goat farmer de farm te jaa kee iss kam nu dekho ate smjho jiss nal tuhanu iss kam vare ptaa lgega ate iss nu krnn vare, sale vare, isde munafe vare jankari mill jawegi fir tuci iss kam nu suru kro ji, suruat tuci thode janwara ton kro..

Posted by rajkumar
Madhya Pradesh
16-09-2019 05:14 AM
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी .... (Read More)
पुदीना मैंथा के नाम से जानी जाने वाली एक क्रियाशील जड़ी बूटी है पुदीने को मिट्टी की कई किस्मों जैसे दरमियाने से गहरी उपजाऊ मिट्टी, जिसमें पानी को सोखने की क्षमता ज्यादा हो, में उगाया जाता है इसको जल-जमाव वाली मिट्टी में भी उगाया जा सकता है उच्च नमी वाली मिट्टी में यह अच्छे परिणाम देती है इस फसल के लिए मिट्टी का pH 6-7.5 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:- MAS-1: यह छोटे कद की किस्म है जिसकी ऊंचाई 30-45 सैं.मी. होती है यह बीमारीयों की रोधक और जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Hybrid-77: इसकी ऊंचाई 50-60 सैं.मी. होती है यह किस्म पत्तों के धब्बा रोग और कुंगी के रोधक होती है, और यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80-85% होती है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 50-60 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह रेतली दोमट मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है औरऐसी शुष्क मौसम में की आवश्यकता होती है Shivalik: यह चीन की खेती से चुनी गई किस्म है यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और उत्तरांचल में अच्छी वृद्धि करती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 65-70% होती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है यह किस्म फंगस रोगों से जल्दी प्रभावित होती है EC-41911: यह किस्म रूसी जर्मप्लाज्म से ली गई है यह किस्म पानी की रोधक और आकार में सीधी होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 70%पायी जाती है इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 72 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है इस किस्म से तैयार तेल का प्रयोग विभिन्न व्यंजनों में स्वाद के लिए किया जाता है Gomti: यह किस्म रंग में हल्के लाल रंग की होती है इसकी पैदावार बाकी किस्मों की पैदावार से कम होती है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है Himalaya: इसके पत्तों का आकार बाकी किस्मों से बड़ा होता है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों पर धब्बे रोग की रोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 78-80% होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ जड़ी-बूटियां के तौर पर और 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ तेल के तौर पर होती है Kosi: यह किस्म 90 दिनों में पक जाती है यह किस्म कुंगी, झुलस, सफेद धब्बे और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधक है इसमें मैन्थोल की मात्रा 75-80 प्रतिशत होती है और तेल की पैदावार 80-100 किलोग्राम प्रति एकड़ होती है Saksham: यह किस्म सी वी हिमालय की तरफ से टिशू कल्चर द्वारा तैयार की गई है इसमें मैन्थोल की मात्रा 80% होती है और तेल की पैदावार 90-100 किलोग्राम प्राप्त होती है पुदीने की बिजाई के लिए सुविधाजनक आकार के बैड तैयार करें खेत की तैयारी के समय खेत की अच्छी तरह जोताई करें जैविक खाद जैसे रूड़ी की खाद 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें रूड़ी की खाद के बाद हरी खाद डालें इसकी बिजाई के लिए दिसंबर-जनवरी का समय अनुकूल होता है पौधे के भागों की बिजाई 40 सैं.मी. के फासले पर और पंक्तियों के बीच का फासला 60 सैं.मी होना चाहिए बीज को 2-3 सैं.मी. की गहराई में बोयें पौधे के जड़ वाले भाग को मुख्य खेत में बोया जाता है खेत की तैयारी के समय रूड़ी की खाद 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और अच्छी तरह मिलायें नाइट्रोजन 58 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 32-40 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 80-100 किलो), पोटाशियम 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 33 किलो) प्रति एकड़ में डालें गर्मियों में मॉनसून से पहले जलवायु और मिट्टी के आधार पर 6-9 सिंचाइयां जरूर की जानी चाहिए मॉनसून के बाद 3 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई सितंबर महीने में, दूसरी अक्तूबर में और तीसरी नवंबर महीने में की जानी चाहिए सर्दियों में ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन यदि सर्दियों में बारिश ना पड़े तो एक सिंचाई जरूर देनी चाहिए पौधे 100-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं जब निचले पत्ते पीले रंग के होने शुरू हो जायें, तब कटाई करें कटाई दराती से और बूटियों को मिट्टी की सतह के 2-3 सैं.मी. ऊपर से निकालें अगली कटाई पहली कटाई के बाद 80 दिनों के अंतराल पर करें ताजी पत्तियों को उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है, धन्यवाद

Posted by Manpreet singh
Punjab
16-09-2019 04:53 AM
ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਮਸਾਲਾ ਤਿਆਰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਹਾਜਮਾ ਵੀ ਠੀਕ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਵੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , 10 ਕਿਲੋ ਕੋੜਤੁੱਮੇ, 1 ਕਿਲੋ ਸਰਫਲਾ (ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਏਗਾ), 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ (ਪਾਕਿਸਤਾਨੀ, ਕਾਲਾ ਆਦਿ ਕੁੱਲ 4 ਨਮਕ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਇਕੱਲੇ-ਇਕੱਲੇ ਪਾਓ), ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਅਜਵੈਣ (4 ਕਿਸਮ ਦੀ ਅਜਵੈਣ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਏਗੀ), 200 ਗ੍ਰਾਮ ਕਾਲੀ ਜੀਰੀ, 200 ਗ੍ਰਾਮ ਕੜੂ, 200 ਗ੍.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਲਈ ਮਸਾਲਾ ਤਿਆਰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਹਾਜਮਾ ਵੀ ਠੀਕ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਵੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ , 10 ਕਿਲੋ ਕੋੜਤੁੱਮੇ, 1 ਕਿਲੋ ਸਰਫਲਾ (ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਏਗਾ), 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ (ਪਾਕਿਸਤਾਨੀ, ਕਾਲਾ ਆਦਿ ਕੁੱਲ 4 ਨਮਕ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਇਕੱਲੇ-ਇਕੱਲੇ ਪਾਓ), ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਅਜਵੈਣ (4 ਕਿਸਮ ਦੀ ਅਜਵੈਣ ਦੁਕਾਨ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਏਗੀ), 200 ਗ੍ਰਾਮ ਕਾਲੀ ਜੀਰੀ, 200 ਗ੍ਰਾਮ ਕੜੂ, 200 ਗ੍ਰਾਮ ਕਾਲੀ ਮਿਰਚ,1 ਕਿਲੋ ਮੇਥੇ ਲਓ ਇਹ ਸਭ ਕੁੱਝ ਮਿਲਾ ਕੇ ਇੱਕ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਘੜੇ ਚ ਪਾ ਕੇ 10 ਦਿਨ ਲਈ ਛੱਡ ਦਿਓ ਅਤੇ ਥੋੜੇ ਸਮੇਂ ਬਾਅਦ ਘੜੇ ਨੂੰ ਹਿਲਾਉਂਦੇ ਰਹੋ ਜਦ ਇਹ ਸਭ ਸੁੱਕ ਗਿਆ ਤਾਂ ਇਸਨੂੰ ਬਾਹਰ ਕੱਢ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਲਓ ਅਤੇ ਰੋਜ਼ਾਨਾ 25 ਗ੍ਰਾਮ ਦਿੰਦੇ ਰਹੋ

Posted by subhankar ghosh
West Bengal
16-09-2019 02:12 AM
Shrimaan ji, samy samy par kisano ki mang de mutabik training chalti rehti hai training lene ke liye ap apne jile de Krishi Vigyan Kendra (KVK) ,Gayeshpur, West Bengal 741234 Phone: 033 2589 1271 3 ke sath samparak kar ke apna training farm bhar de aur fir jab bhii training ki date rakhi jae gi apko call kar ke bta diya jae ga,Thankyou.

Posted by Anil Singh
Bihar
16-09-2019 01:50 AM
श्रीमान जी, मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की अच्छे से जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें अगेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी., दरमियानी किस्मों और पिछेती किस्मों के लिए 45-60x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई के लिए, रोपण विध.... (Read More)
श्रीमान जी, मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की अच्छे से जोताई करें आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें अगेती किस्मों के लिए 45x30 सैं.मी., दरमियानी किस्मों और पिछेती किस्मों के लिए 45-60x45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 1-2 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई के लिए, रोपण विधि का प्रयोग किया जाता है धन्यवाद
Posted by ved prakash tirkey
Chattisgarh
16-09-2019 12:41 AM
तिर्की जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Arvind patel
Madhya Pradesh
15-09-2019 11:50 PM
Pusa 120, Pusa Rubi, Pusa Hybrid 4, Arka, Ananya, Arka Vikas किस्में सर्दियों में मध्य प्रदेश में लगाने के लिए उपयुक्त हैं

Posted by mod..ikram
Uttar Pradesh
15-09-2019 11:35 PM
aapne nazdik ke Krishi vigyan kendar or pashu palan adhikari se sampark karein or training lein
Posted by Kameshwar Ojha
Uttar Pradesh
15-09-2019 11:26 PM
जब पौधे 1 वर्ष पुराने हो जाएं तो इसमें 15 किलोग्राम देसी रूड़ी की खाद, 260 ग्राम यूरिया, 375 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 500 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए पौधे के 2 वर्ष का होने पर इसमें 45 किलोग्राम रूड़ी (देसी खाद), 780 ग्राम यूरिया, 1125 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट 300 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे क.... (Read More)
जब पौधे 1 वर्ष पुराने हो जाएं तो इसमें 15 किलोग्राम देसी रूड़ी की खाद, 260 ग्राम यूरिया, 375 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 500 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए पौधे के 2 वर्ष का होने पर इसमें 45 किलोग्राम रूड़ी (देसी खाद), 780 ग्राम यूरिया, 1125 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट 300 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए 4 वर्ष की आयु के बूटों में 60 किलोग्राम रूड़ी (देसी खाद), 1050 ग्राम यूरिया, 1500 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 400 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए 5 वर्ष से अधिक उम्र के पौधों के लिए 75 किलोग्राम रूड़ी (देसी खाद), 1300 ग्राम यूरिया, 1875 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 500 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए
रूड़ी (देसी खाद) की पूरी और यूरिया, सिंगल सुपर फासफेट और म्यूरेट ऑफ पोटाश की आधी खुराक को मई से जून और दोबारा सितंबर से अक्तूबर महीने में डालनी चाहिए खादों की खुराक डालने के बाद तुरंत सिंचाई करें
Posted by nandkeshwar singh
Bihar
15-09-2019 11:01 PM
Posted by Rajveer
Uttar Pradesh
15-09-2019 10:49 PM
श्रीमान जी, जब धान निस्रना शुरू हो जाए , उस समय में आप NPK 130045 @ 1 kg प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by Amritpal singh
Punjab
15-09-2019 10:23 PM
hello sir kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by shaminder maan
Punjab
15-09-2019 10:01 PM
shaminder ji kirpa karke photo bhejo ta jo photo dekh ke tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by Kahlon
Punjab
15-09-2019 09:56 PM
Kahlon ji kirpa karke daso ke tuc isde uper koi spray kiti hai jekar kiti hai ta kirpa karke daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Amrit Sandhu
Punjab
15-09-2019 09:50 PM
amrit ji jekar tuc potash di varto kiti ahai ta tuhanu isdi spray karn di lod nahi hai potash di spray ta kiti jandi hai taki fok na paye.

Posted by pardeep
Haryana
15-09-2019 09:45 PM
pardep ji kripya btaye aapne konsi kisam ki bijai ki hai ya aapne konsi khaad daali hai taki aapko iske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
15-09-2019 09:42 PM
BhaaG isnu 1kg kanak da dalia 500g gur ch rinh ke swer shaam 7 din khuao Rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu 1kg feed pao

Posted by Shiv Shankar kumar
Bihar
15-09-2019 09:34 PM
shiv ji aap Apni Kheti app par hi photo bhej kar bimari ke bare men jankari le sakte hai. dhanywad

Posted by Vishal Tiwari
Uttar Pradesh
15-09-2019 09:23 PM
vishal ji aap fencing karen iske ilava koi spray sifarish nahi ki jati.dhanywad

Posted by prabhjot singh
Punjab
15-09-2019 09:19 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਤੁਸੀ Mifex 450ml ਬੋਤਲ ਲਗਵਾਓ, ਬੋਤਲ ਵਿਚ Injection Tonofas 20ml, Injection Avil 10ml ਪਾਓ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ IV(slow) ਲਗਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Injection X-nil 1gm, Injection Megludyne 20ml (IM) ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ 3 ਦਿਨ ਲਗਾਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by Gurvinder Singh
Uttarakhand
15-09-2019 09:10 PM
आप इसका प्रयोग कर सकते है इसका अच्छा रिजल्ट है इससे पशुओं के दूध में फायदा होता है और पशु के शरीर की अच्छी ग्रोथ होती है पशु जल्दी नए दूध होता है
Posted by sohan lal
Himachal Pradesh
15-09-2019 09:05 PM
यदि नुकसान ज्यादा हो तो थायोडीकार्ब 75 डब्लयू पी 40 ग्राम को प्रति 15 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें यदि पत्ते खाने वाली सुंडी का हमला हो तो स्पाइनोसैड 2.5% ई सी या 100 ग्राम एमामैक्टिन बेनज़ोएट 5 एस जी को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें

Posted by हनुमान चौधरी
Rajasthan
15-09-2019 09:01 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें

Posted by Nirvair Singh
Punjab
15-09-2019 08:55 PM
BhaaG gau dian pachhlian lattan nu kabu karn lai 5foot lambi rassi da 8 akaar varga lattan wichkaar bna ke gandd bns diti jandi ae baaki kise pind de kise sianhe bande nu puchh lao
Posted by Bhajan singh
Punjab
15-09-2019 08:52 PM
bhajan ji kirpa karke celcron nam di dwai da salt daso ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by Manmohan Singh
Punjab
15-09-2019 08:51 PM
BhaaG rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo Tuci taaran nazdik di laboratory wich culture karwa ke dasi pashuan wali dwaee doctor ton bachedani ch bharwao 1 quintal feed da formula Anaaj 40kg khal 30kg chokar or rice polish 30kg min mix 2kg namak 1kg
Posted by gurcharan
Punjab
15-09-2019 08:46 PM
ਖੇਤੀ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਕਈ ਸਹਾਇਕ ਧੰਦੇ ਅਪਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਡੇਅਰੀ, ਪਸ਼ੂ-ਪਾਲਣ, ਮੁਰਗੀ-ਪਾਲਣ, ਮੱਖੀ-ਪਾਲਣ, ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛੋਟਾ ਡੈਮ ਬਣਾ ਕੇ ਮੱਛੀ-ਪਾਲਣ, ਅਗੇਤੀ ਸਬਜ਼ੀ ਉਗਾਉਣਾ ਆਦਿ ਇਸ ਤਰਾਂ ਕਹਿਣਾ ਬਹੁਤ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੈ ਕਿ ਕਿਹੜਾ ਕਿੱਤਾ ਜਿਆਦਾ ਫਾਇਦਾ ਦੇਵੇਗਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਤੁਹਾਡੀ ਮਿਹਨਤ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸ ਲੈਵਲ ਤੇ ਕਰਦੇ ਹੋੰ ਤੁਸੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਆਪਣੇ .... (Read More)
ਖੇਤੀ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀਂ ਕਈ ਸਹਾਇਕ ਧੰਦੇ ਅਪਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਡੇਅਰੀ, ਪਸ਼ੂ-ਪਾਲਣ, ਮੁਰਗੀ-ਪਾਲਣ, ਮੱਖੀ-ਪਾਲਣ, ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਛੋਟਾ ਡੈਮ ਬਣਾ ਕੇ ਮੱਛੀ-ਪਾਲਣ, ਅਗੇਤੀ ਸਬਜ਼ੀ ਉਗਾਉਣਾ ਆਦਿ ਇਸ ਤਰਾਂ ਕਹਿਣਾ ਬਹੁਤ ਮੁਸ਼ਕਿਲ ਹੈ ਕਿ ਕਿਹੜਾ ਕਿੱਤਾ ਜਿਆਦਾ ਫਾਇਦਾ ਦੇਵੇਗਾ ਕਿਉਕੀ ਇਹ ਤੁਹਾਡੀ ਮਿਹਨਤ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਕਿਸ ਲੈਵਲ ਤੇ ਕਰਦੇ ਹੋੰ ਤੁਸੀ ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਆਪਣੇ ਬਜ਼ਟ, ਤਜ਼ਰਬੇ ਤੇ ਜਗਾਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਹਾਇਕ ਕਿੱਤੇ ਨੁੰ ਚੁਣੋ ਜਿਸ ਬਾਰੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਖੁਦ ਵੀ ਥੋੜੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੋਵੇ ਫਿਰ ਉਸ ਕਿਤੇ ਨੂੰ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਸਫਲ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਖੁਦ ਜਾ ਕੇ ਮਿਲੋ ਫਿਰ ਪੱਕਾ ਮਨ ਬਣਾਕੇ ਉਸ ਕੰਮ ਨੂੰ ਛੋਟੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਤੇ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਵੀ ਦਿੱਕਤ ਆ ਰਹੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪਾ ਦਿਓ ਸਾਡੇ ਵੱਲੋ ਤੁਹਾਡੀ ਪੂਰੀ ਮਦਦ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by AJAYKUMAR SUTHAR
Rajasthan
15-09-2019 08:22 PM
रोपाई से पहले, जोताई करें और समतल करें राजस्थान में, इसकी बिजाई जुलाई-अगस्त के महीने में की जाती है
Posted by गुर्जर ब्रजेश सुआसे
Madhya Pradesh
15-09-2019 08:17 PM
aap iske uper glamore@50 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by ਭੁਪਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
15-09-2019 08:10 PM
BhaaG majh dian taaran nazdik di laboratory wich culture karwa ke dasi pashuan wali dwaee doctor se bachedani ch bharwao

Posted by Shubham Choudhary
Uttar Pradesh
15-09-2019 08:10 PM
Shubham ji you can check the attached PDF for studies of bud union

Posted by Shubham Choudhary
Uttar Pradesh
15-09-2019 08:09 PM
you can check the attached file for the studies of bud union
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