Experts Q&A Search

Posted by meghnath sahu
Chattisgarh
17-09-2019 12:40 PM
Punjab
12-18-2019 10:06 AM
श्रीमान जी, हाइड्रोपोनिक में सूक्ष्म तत्वों (एन, पी, के, एस, सीए) को पर्याप्त मात्रा में देना आवश्यक है, जबकि पौधों को बहुत कम मात्रा में सूक्ष्म तत्वों की आवश्यकता होती है (लोहा, जिंक, मेगनीज, मैग्नीशियम, कॉपर, कोबाल्ट). विशेष रूप से तैयार किए गये उर्वरक का उपयोग करना आवश्यक है प्रणाली में वर्षा और अडचनों/रुका.... (Read More)
श्रीमान जी, हाइड्रोपोनिक में सूक्ष्म तत्वों (एन, पी, के, एस, सीए) को पर्याप्त मात्रा में देना आवश्यक है, जबकि पौधों को बहुत कम मात्रा में सूक्ष्म तत्वों की आवश्यकता होती है (लोहा, जिंक, मेगनीज, मैग्नीशियम, कॉपर, कोबाल्ट). विशेष रूप से तैयार किए गये उर्वरक का उपयोग करना आवश्यक है प्रणाली में वर्षा और अडचनों/रुकावटों को रोकने के लिए अन्य उर्वरकों की तुलना में हीड्रोपोनिक्स के लिए उपयोग किए गए उर्वरक अधिक शुद्ध (और महंगे) हैं धन्यवाद
Posted by gurjant
Punjab
17-09-2019 12:40 PM
Punjab
09-17-2019 12:54 PM
gurjant ji jekar tidaa hai ta tuhanu isde layi koi spray karn di lod nahi hai eh koi commercial level te nuksaan nahi karda.dhanwad
Posted by nirmal Kumar
Haryana
17-09-2019 12:38 PM
Punjab
09-17-2019 12:47 PM
nirmal ji kripya aap iski photo bheje taki aapko btaya ja sake ke yeh tatv ki kami ke karn hai ya isme koi bimari hai.dhanywad
Posted by aman
Haryana
17-09-2019 12:34 PM
Rajasthan
09-17-2019 12:40 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by jagpal sidhu028@gmail.com
Punjab
17-09-2019 12:31 PM
Punjab
09-17-2019 12:45 PM
ਜਗਪਾਲ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦਾ ਰੇਟ 1815 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by Jwala banjare
Chattisgarh
17-09-2019 12:30 PM
Punjab
09-17-2019 12:42 PM
Jwala ji aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Babulal Mehra
Rajasthan
17-09-2019 12:29 PM
Punjab
09-17-2019 12:41 PM
बाबूलाल जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by kuldeep singh
Punjab
17-09-2019 12:28 PM
Punjab
09-17-2019 12:40 PM
kuldeep ji jhone vich fok sundi de karke iandi hai kripa karke tuc lgatar sarvekhan karo jekar maujood hai ta tuc Cartap hydrochloride @ 170 gm or Chlorpyriphos @ 1 Ltr prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Jugraj Gill
Punjab
17-09-2019 12:25 PM
Punjab
09-17-2019 02:12 PM
ਤੁਸੀ ਝੋਟੀ ਨੂੰ Vitum-H injection 5ml, 1-1 ਦਿਨ ਦੇ ਫਰਕ ਨਾਲ ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਇਸਦੇ 6 ਟੀਕੇ ਲਗਾ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਇਕ ਇਕ ਪੂੜੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਲੇਵਾ ਅਤੇ ਦੁੱਧ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by meghnath sahu
Chattisgarh
17-09-2019 12:23 PM
Punjab
09-17-2019 12:27 PM
मेघनाथ जी यह थ्रिप्स है इसकी रोकथाम के लिए आप तेले की रोकथाम के लिए आप यह देसी तरीका प्रयोग कर सकते हैं जिससे तेले की दवाई पर आने वाला खर्चा बचेगा 5 किलो नीम के पत्ते, 5 किलो नीम के फल लें फिर इन्हें अच्छी तरह कूट लें फिर इन्हें 100 लीटर पानी में डाल लें किसी भी देसी गाय का गऊ मूत्र और 1 किलो गोबर डाल लें फिर इन सबको.... (Read More)
मेघनाथ जी यह थ्रिप्स है इसकी रोकथाम के लिए आप तेले की रोकथाम के लिए आप यह देसी तरीका प्रयोग कर सकते हैं जिससे तेले की दवाई पर आने वाला खर्चा बचेगा 5 किलो नीम के पत्ते, 5 किलो नीम के फल लें फिर इन्हें अच्छी तरह कूट लें फिर इन्हें 100 लीटर पानी में डाल लें किसी भी देसी गाय का गऊ मूत्र और 1 किलो गोबर डाल लें फिर इन सबको लकड़ी के डंडे से अच्छी तरह घोल लें और 24 घंटे रख लें फिर इसे छानकर इसकी फसल पर स्प्रे कर सकते हैं
Posted by Manpreet Singh Dhaliwal
Punjab
17-09-2019 12:16 PM
Punjab
09-17-2019 12:21 PM
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਜੀਰੀ ਦੇ ਉਪਰ ਕੋਈ ਸਪਰੇ ਮਿਲਾ ਕੇ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
17-09-2019 12:16 PM
Punjab
09-17-2019 02:13 PM
Harsh ji tuci pashu nu suun ton 1 mahina pehla feed deni suru kr skde ho ate 1-1.5kg feed 1 time di de skde ho, iss nal pashu nu energy mildi hai ate ehh jldi hajam hoon wali khurak hai..
Posted by Jwala banjare
Chattisgarh
17-09-2019 12:15 PM
Punjab
09-17-2019 12:20 PM
jwala ji kripya aap btaye ke dhan kitne din ki hai aur kisam konsi hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by ਸੁਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
17-09-2019 12:15 PM
Punjab
09-17-2019 12:17 PM
ਸੁਰਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਕਿਹੜੀ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by shamsher singh
Punjab
17-09-2019 12:12 PM
Punjab
09-17-2019 02:15 PM
tuci cow nu Bendikind plus bolus pett de kiria lai deo ate bovimin-b powder 100gm rojana ate Totavit bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal cow heat vich aa jawegi..
Posted by ankit sharma
Uttar Pradesh
17-09-2019 12:12 PM
Punjab
09-17-2019 12:16 PM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
Posted by dashrath Singh
Rajasthan
17-09-2019 12:09 PM
Punjab
09-17-2019 02:22 PM
आप अपनी गाय को पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS गोली दें उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें इसके साथ उसे अच्छी कंपनी की फीड डालें इसके साथ आप Enerdyna liquid 100ml रोजाना, calcimust gold liquid 50ml रोजाना और Gouge पाउडर 1—1 पाउच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा..
Posted by Chandra Shekhar
Uttar Pradesh
17-09-2019 12:07 PM
Posted by gurjant
Punjab
17-09-2019 12:04 PM
Punjab
09-17-2019 12:12 PM
Jekar kaale tele di aje shuruaat hai tan iss di roktham de lyi tuc chess@120gm ja glamore@50gm ja dentop@35gm nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray kr skde ho..ihna spreha di varto tela pain ton pehla kro..iss ton ilaava jekar tela jyaada fail gya hai tan uss di rokthaam de lyi 1 ltr DDVP nu 12 kg sukki ret de nal mila k khet de vich shitta de deo..iss ton bina tuc koram 300ml ja acetamiprid 20EC @60-80gm ja acephate@500gm nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray krdeo..iss ton ilaava tuc jhone de vich actara @80gm ja buprofezin@200ml nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray kr deo. jekar harra tela hai tan uss de lyi tuc solomon@120 ml prati acre de lyi spray kr skde ho...
Posted by लाल बहादुर शाक्य
Uttar Pradesh
17-09-2019 12:04 PM
Punjab
12-18-2019 02:23 PM
श्रीमान जी, लहसुन का बीज लेने के लिए आप Rahul Mehta 8894301850 से सम्पर्क करें , धन्यवाद
Posted by ishwar kumar
Haryana
17-09-2019 12:04 PM
Punjab
09-17-2019 12:14 PM
Ishwar ji kisano ke sath jankari sanjhi karne ke liye aapka bhut bhut dhanywad
Posted by Amandeep
Punjab
17-09-2019 12:01 PM
Punjab
03-16-2020 09:45 PM
ਅਮਨਦੀਪ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਹ ਦੱਸੋ ਤੁਸੀ ਕਿਸ ਕੰਮ ਲਈ ਲੋਨ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸ ਵਾਰੇ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ
Posted by dashrath Singh
Rajasthan
17-09-2019 12:00 PM
Punjab
09-17-2019 02:22 PM
आप अपनी गाय को पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS गोली दें उसे आप रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें इसके साथ उसे अच्छी कंपनी की फीड डालें इसके साथ आप Enerdyna liquid 100ml रोजाना, calcimust gold liquid 50ml रोजाना और Gouge पाउडर 1—1 पाउच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा..
Posted by Vicky
Chandigarh
17-09-2019 11:59 AM
Punjab
09-19-2019 07:03 PM
you can contact to harbhajan singh 9815311687.he is from mansa.
Posted by Abhishek
Madhya Pradesh
17-09-2019 11:58 AM
Rajasthan
09-17-2019 03:23 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीन.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें.
Posted by ਸੁਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
17-09-2019 11:55 AM
Punjab
09-17-2019 12:13 PM
ਸੁਰਿੰਦਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਕਿਹੜੀ ਕਿਹੜੀ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਹੈ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sudhman kumar
Punjab
17-09-2019 11:54 AM
Punjab
09-17-2019 12:09 PM
Kagzi: यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की सामान्य किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनत्व वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतली त्वचा वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत तेज़ाबी होता है रोपाई से पहले, जोताई करें और समतल करें पंजाब में बसंत के मौसम (फरवरी से मार्च) और मॉनसून के मौसम (15 अगस्त .... (Read More)
Kagzi: यह बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली नींबू की सामान्य किस्म है इसके वृक्ष ज्यादा घनत्व वाले, छोटे पत्ते और फैलने वाले होते हैं फल छोटे गोल और पतली त्वचा वाले होते हैं इसका रस स्वाद में बहुत तेज़ाबी होता है रोपाई से पहले, जोताई करें और समतल करें पंजाब में बसंत के मौसम (फरवरी से मार्च) और मॉनसून के मौसम (15 अगस्त से अक्तूबर के अंत) में रोपाई की जाती है
Posted by Gurdarshan singh
Punjab
17-09-2019 11:54 AM
Punjab
09-17-2019 12:36 PM
Gurdarshan singh ji saste ate pure desi chuje len lai tusi Guru Angad Dev Veterinary And Animal Sciences University nal samparak kar sakde ho, Chuje book karvon lai tusi 7889239583 te samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by लाल बहादुर शाक्य
Uttar Pradesh
17-09-2019 11:54 AM
Punjab
12-18-2019 02:22 PM
श्रीमान जी, लहसुन का बीज लेने के लिए आप Rahul Mehta 8894301850 से सम्पर्क करें , धन्यवाद
Posted by jagpal sidhu028@gmail.com
Punjab
17-09-2019 11:54 AM
Punjab
09-17-2019 11:58 AM
ਲੁਧਿਅਾਣਾ ਮੇਲਾ 21-22 ਸਤੰਬਰ ਨੂੰ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਜੀ
Posted by dashrath Singh
Rajasthan
17-09-2019 11:52 AM
Maharashtra
09-17-2019 11:57 AM
दशरथ जी इसके पत्ते कीट के हमले के कारण सिकुड़ रहे है इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
17-09-2019 11:52 AM
Maharashtra
09-17-2019 12:00 PM
ਨਿਰਪਾਲ ਜੀ hexaconazole ਅਤੇ validamycin ਦੋਨਾਂ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 300ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ੧੫੦ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ
Posted by dashrath Singh
Rajasthan
17-09-2019 11:51 AM
Punjab
09-17-2019 11:56 AM
दशरथ जी इसके पत्ते कीट के हमले के कारण सिकुड़ रहे है इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Sawan
Haryana
17-09-2019 11:47 AM
Punjab
09-17-2019 11:55 AM
sawan ji aap iske 130045 ko mila kar spray na karen inki alag se spray karen. iski matra 250ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by harry
Punjab
17-09-2019 11:46 AM
Punjab
12-18-2019 10:14 AM
ਬਰਸੀਮ ਦਾ ਬੀਜ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜਦੀਕੀ KRISHI VIGYAN KENDRA PATIALA Village. Rauni, Nabha 094642 10460 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Santosh Kumar
Jharkhand
17-09-2019 11:43 AM
Punjab
09-17-2019 11:46 AM
Santosh ji kripya aap btaye ke isme konsa keet lga hai taki uske hisab se apko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by kuldeep kaurav
Madhya Pradesh
17-09-2019 11:38 AM
Punjab
09-17-2019 11:40 AM
कुलदीप जी किसानो से जानकारी सांझी करने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद
Posted by sarbjeet singh
Punjab
17-09-2019 11:37 AM
Punjab
09-17-2019 10:04 PM
tuci usde singg te Loraxin spray maro ate usde singg de hole vich DCR injection paao ate uss injection vich Negacent powder mix krke hole vich paoo, iss trah rojana 3-4 din paoo ate spray krde rho, iss nal frak paa jawega..
Posted by mahiman
Uttarakhand
17-09-2019 01:32 AM
Punjab
09-17-2019 09:59 PM
इसे लिए आप अज्वैण 2 चम्मच , चीनी 50 ग्राम और आटे का बूरा लें इन सभी को आप गोबर के उपले को आग लगाकर उसके ऊपर डालें और इसकी धूणी गाय को दें इन सभी को आग लगाकर गाय को किसी कमरे में बांध कर वहां किसी बाल्टी या किसी ओर बर्तन में रखें जिससे अच्छी तरह उसे धुआ मिले इस तरह 5—7 दिन तक देते रहें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by त्रिवेणी शंकर तिवारी
Madhya Pradesh
17-09-2019 01:21 AM
Punjab
09-17-2019 11:43 AM
Dhan ki yield ke liye aap NPK 00.52.34 @500 gm and boron @100 gm per acre ka spray kr skte ho g..
Posted by Chandra Shekhar
Uttar Pradesh
17-09-2019 01:08 AM
Posted by Chandra Shekhar
Uttar Pradesh
17-09-2019 01:01 AM
Punjab
09-17-2019 11:45 AM
गाजर की जड़ों के अच्छे विकास के लिए गहरी, नर्म और चिकनी मिट्टी की जरूरत होती है बहुत ज्यादा भारी और ज्यादा नर्म मिट्टी गाजरों की फसल के लिए अच्छी नहीं मानी जाती अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की पी एच 5.5 से 7 होनी चाहिए (अच्छी पैदावार के लिए 6.5 पी एच लाभदायक होती है) Early Nantes: इस किस्म की जड़ें बेलनाकार और छोटी नोक वाली ह.... (Read More)
गाजर की जड़ों के अच्छे विकास के लिए गहरी, नर्म और चिकनी मिट्टी की जरूरत होती है बहुत ज्यादा भारी और ज्यादा नर्म मिट्टी गाजरों की फसल के लिए अच्छी नहीं मानी जाती अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की पी एच 5.5 से 7 होनी चाहिए (अच्छी पैदावार के लिए 6.5 पी एच लाभदायक होती है) Early Nantes: इस किस्म की जड़ें बेलनाकार और छोटी नोक वाली होती है इसका गुद्दा संतरी रंग का होता है और यह किस्म 110 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 62.5-80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chantenay: इस किस्म के फल का निचला भाग नुकीला और ऊपर वाला भाग चौड़ा होता है यह किस्म संतरी रंग की होती है यह 110-130 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 84-94 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Yamdagni: इसकी जड़ें लम्बी और कम तीखी, नोक दरमियानी, संतरी रंग का गुद्दा होता है, और यह किस्म 80-120 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 80-105 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यूरोपियन किस्में:- European Carrot: इस किस्म की जड़ें आकर्षक बेलनाकार, दरमियानी लम्बी (18-20 सैं.मी.), नर्म और संतरी रंग की, सामन्य नोक वाली होती हैं यह किस्म केराटिन का उच्च स्त्रोत है यह किस्म 100-110 दिनों में तैयार हो जाती हैं इसकी औसतन पैदावार 94-115 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खेत को अच्छी तरह जोत कर नदीनों से मुक्त कर लेना चाहिए और कंकड़ों को अच्छी तरह तोड़कर समतल कर लें खेत की जोताई समय 10 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें ताजे गोबर और कम गली खाद को डालने से परहेज़ करें क्योंकि इससे जड़ें नर्म हो जाती हैं मैदानी क्षेत्रों में, अगस्त से शुरूआती अक्तूबर का समय बिजाई के लिए उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, मार्च-जुलाई में बिजाई पूरी कर लें कतार से कतार में 30 से 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 8-10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें विरलन के बाद पौधे से पौधे में 4-5 सैं.मी. का फासला रखें बीज की गहराई अच्छी वृद्धि के लिए बीज को 1.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के लिए गड्ढा खोदकर विधि का प्रयोग किया जाता है और बुरकाव ढंग का भी प्रयोग किया जाता है एक एकड़ में बिजाई के लिए 4-5 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले बीज को 12-24 घंटे पानी में भिगो दें इससे बीज के अंकुरन में वृद्धि होती है गाजर की फसल को 20-30 टन गली हुई रूड़ी की खाद के साथ नाइट्रोजन 20 किलो (45 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (100 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 18 किलो (30 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा की प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है गाय का गोबर, फासफोरस, पोटाश और नाइट्रोजन की आधी मात्रा खेती की तैयारी के समय डालें बाकी बची आधी मात्रा को बिजाई के बाद 45 से 50 दिनों के बाद डालें नदीन की रोकथाम के लिए, निराई और गोडाई करते रहें और मिट्टी को हवादार बनाएं शुरूआती अवस्था में नदीनों का नियंत्रण आवश्यक है बिजाई के बाद, पैंडीमैथालीन 1 लीटर की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनाशक के समय मिट्टी में पर्याप्त नमी मौजूद होनी चाहिए बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें यह अंकुरन में सहायता करती है उसके बाद मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर बाकी सिंचाइयां गर्मियों में 6-7 दिनों के फासले पर करें और सर्दियों के महीने में 10-12 दिनों के अंतराल पर करें आमतौर पर गाजर को तीन से चार सिंचाइयां की जरूरत होती है ज्यादा सिंचाई से परहेज़ करें क्योंकि इससे जड़ों के गलने का डर रहता है कटाई से दो या तीन हफ्ते पहले सिंचाई रोक दें इससे गाजर की मिठास और स्वाद बढ़ जाता है
Posted by Jitendra thombre
Maharashtra
17-09-2019 12:46 AM
Madhya Pradesh
09-17-2019 12:07 PM
खुसखबरी बमोरिया फार्म को अब भारत सरकार का सपोर्ट मोती पालन और इंटीग्रेटेड फार्मिंग हेतु प्रशिक्षण में शुल्क में सब्सिड़ी पाए .एक एवं दो दिवशीय प्रशिक्षण साथ ही सरकार की योजनाए से कमाए 1-2 लाख रूपये प्रतिमाह MSME WHH Gram Swaraj Mission Debates free india Swachh bharat Abhiyan Zero waste Management मोती पालन के साथ समस्त योजनाओ की जानकारी अधिक जानकारी .... (Read More)
खुसखबरी बमोरिया फार्म को अब भारत सरकार का सपोर्ट मोती पालन और इंटीग्रेटेड फार्मिंग हेतु प्रशिक्षण में शुल्क में सब्सिड़ी पाए .एक एवं दो दिवशीय प्रशिक्षण साथ ही सरकार की योजनाए से कमाए 1-2 लाख रूपये प्रतिमाह MSME WHH Gram Swaraj Mission Debates free india Swachh bharat Abhiyan Zero waste Management मोती पालन के साथ समस्त योजनाओ की जानकारी अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे अमित बमोरिया 9770085381,9407461361 https://youtu.be/nnzNw41gUIc
Posted by Anand Shukla
Uttar Pradesh
17-09-2019 12:30 AM

?

Punjab
09-17-2019 11:41 AM
anand ji kripya aap audio dubara bheje aapke dwara bheji gayi audio upload nahi hui hai.dhanywad
Posted by महादेव भंवरुराम चौधरी
Rajasthan
16-09-2019 11:39 PM
Maharashtra
09-17-2019 12:31 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें
Posted by dharmesh kumar
Uttar Pradesh
16-09-2019 11:28 PM
Punjab
09-17-2019 11:44 AM
Aap g nazdik ke Krishi vigyan kendar or pashu palan adhikari se sampark karein or training lein phir shuroo krain
Posted by aravindha
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16-09-2019 11:26 PM
Punjab
09-17-2019 12:34 PM
aravindha ji please ask your question in detail so that we can provide you proper information.thank you
Posted by gurjot
Punjab
16-09-2019 11:12 PM
Punjab
09-16-2019 11:14 PM
21-22 September
Posted by sunil
Haryana
16-09-2019 10:45 PM
Punjab
12-10-2019 03:17 PM
Shrimaan ji, iski roktham ke liye ap copper oxychloride @ 300 gm + streptocyclin @ 6gm ko 150 liter pani mein mix kar ke prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Niranjan lal
Uttar Pradesh
16-09-2019 10:31 PM
Punjab
12-10-2019 02:31 PM
Sir, right time of sowing of wheat is second fortnight of October till November month , please sow the seeds of wheat in the recommended time period, thank you