Posted by shaminder maan
Punjab
18-09-2019 07:40 AM
shaminder ji isde uper daane kaale hon vala rog pai sakda hai isdi roktham de layi tuc tilt@200ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Radhey Verma
Haryana
18-09-2019 07:39 AM
उसे आप पहले दिन Zoctum 2.5gm injection , Megludyne injection 20ml, CRB injection 20ml, Vitum-H injection 5ml, Isoflud injection 5ml लगवायें और फिर अगले दो दिन Intasef tezo 3375 injection , Megludyne injection 20ml, CRB injection 20ml, Vitum-H injection 5ml, लगवायें इसमें से Isoflud injection पहले और तीसरे दिन लगाना है इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by Ajay chandravanshi
Chattisgarh
18-09-2019 07:39 AM
ajay ji yeh stem borer ke karn hota hai iski roktham ke liye cartap hydrochloride@170 gram aur iske ilava aap tilt@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Anil Kumar Kushwaha
Jharkhand
18-09-2019 07:37 AM
अनिल जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by pramod
Rajasthan
18-09-2019 07:34 AM
Pramod ji iski matra 1280 gm ko prati ek bigha ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by jamsingh
Madhya Pradesh
18-09-2019 07:30 AM
Shrimaan ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap custodia @ 300 ml to 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Jaspal Singh Cheema
Punjab
18-09-2019 07:29 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਦੋ ਵਾਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ ਅਤੇ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਵਿੱਚ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by raghvendra Singh kushwaha
Uttar Pradesh
18-09-2019 07:18 AM
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्ष.... (Read More)
यह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं

Posted by RAJVEER SINGH BHULLAR
Punjab
18-09-2019 07:15 AM
Rajveer ji eh designer insect da attack hai isde uper tuhanu koi spray karn di lod nahi hai.dhanwad

Posted by Santosh Kumar
Jharkhand
18-09-2019 07:05 AM
shrimaan ji, yeh sundi ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap quinalphos @ 4ml prati liter pani ke hisab se spray karein, dhanywad
Posted by Bikram jeet singh
Punjab
18-09-2019 07:03 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਹ ਤੇਲੇ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ @ 60 ml ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈਂ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ayush keshari
Uttar Pradesh
18-09-2019 06:57 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Khushdeep Singh
Punjab
18-09-2019 06:53 AM
Shrimaan ji, is vich custodia @ 300 ml nu 150 liter pani vich mila ke prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by bhimsain
Punjab
18-09-2019 06:52 AM
HD3226 kisam kanak di university ki tarf se sifarish nahi hai yeh punjab seed store ki tarf se tyar ki gayi hai. iski austan paidavar 28 quintal prati acre ke hisab se btaya ja raha hai iska beej lene ke liye aap 9478489622,9814130982 Punjab Seed Company, Gidderbaha se l sampark karen.dhanywad
Posted by Rashid Ali khan
Punjab
18-09-2019 06:51 AM
Rashid ji kripya aap audio dubara bheje aapke dwara bheji gayi audio upload nahi hui hai.dhanywad

Posted by ramchandra
Chattisgarh
18-09-2019 06:34 AM
श्रीमान जी, मैदानी क्षेत्रों में पत्तीदार सब्जियों की बुवाई सर्दी के मौसम में सितम्बर से नवम्बर तक अथा गर्मी में फरवरी से मार्च तक करते हैं तथा वर्षा ऋतु में जून अंत से जुलाई तक करते हैं इसका बीज 625 gm प्रति एकड़ के हिसाब से लगता है मौसम तथा फसल की आवश्यकतानुसार नियमित रुप से सिंचाई करें 25-30 टन गोबर की खाद तथा .... (Read More)
श्रीमान जी, मैदानी क्षेत्रों में पत्तीदार सब्जियों की बुवाई सर्दी के मौसम में सितम्बर से नवम्बर तक अथा गर्मी में फरवरी से मार्च तक करते हैं तथा वर्षा ऋतु में जून अंत से जुलाई तक करते हैं इसका बीज 625 gm प्रति एकड़ के हिसाब से लगता है मौसम तथा फसल की आवश्यकतानुसार नियमित रुप से सिंचाई करें 25-30 टन गोबर की खाद तथा 35 कि.ग्रा, नत्रजन, 20 कि.ग्रा. फास्फोरस व 18 कि.ग्रा./acre का प्रयोग करें इसकी पैदावार 160-180 क्विंटल/ acre है धन्यवाद

Posted by anmolshakya
Uttar Pradesh
18-09-2019 06:31 AM
Shrimaan ji, kripya ap iske label ki photo bejein taki apko iske bare mein sahi jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Gurdhian singh
Punjab
18-09-2019 06:30 AM
gurdhian ji eh hare tele di roktham kardi hai jekar harra tela hai tan uss de lyi tuc solomon@120 ml prati acre de lyi spray kr skde ho...

Posted by gautampatel
Bihar
18-09-2019 06:22 AM
Gautampatel ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by ranjeet singh
Uttar Pradesh
18-09-2019 06:11 AM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo
Posted by ਗੁਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
18-09-2019 05:59 AM
tci Mandi fathiabad,jead, hisar,fuggu toh ja nere de pind vicho lai Ayo 3,4 time chuwai kr k NL kisay jarkar bande nu ley jayo kisay vipari ja bareedar toh na liyo g

Posted by chhina saab
Punjab
18-09-2019 05:49 AM
tuci uss nu Gestaprojen powder 25gm rojana 20 din tak deo, jekar ohh dubara heat vich aundi hai tan tuci dubara AI krwa skde ho ate jekar naa awe tan gaban rehh skdi hai tuci eh powder 20 din tak deo ji..

Posted by Bhanu Singh Verma
Uttar Pradesh
18-09-2019 05:44 AM
श्रीमान जी, सब्जियों में प्रयोग करने के लिए, इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए, बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक करनी चाहिए धन्यवाद
Posted by Rahul ranjan Kumar
Bihar
18-09-2019 05:42 AM
Rahul ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare me poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by ramchandra
Chattisgarh
18-09-2019 05:35 AM
Shrimaan ji, ap sabjiya jaise ke muli, ful gobhi, shimla mirch, mirch, tamatar, matar, piyaj , lehsun ki kehti kar sakte hain, dhanywad
Posted by Nagendrs singh kushwaha
Uttar Pradesh
18-09-2019 05:03 AM
श्रीमान जी, इसमें सुंडी और मछर का हमला हुआ है, कृपया आप जिस पौधे के पत्ते सुंडी ने खाये है, उसमें quinalphos @ 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें और जिस पौधे के पाते मुरझा रहे है, उसमे imidacloprid @ 1 .5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by सुरेश कुमार शर्मा
Chattisgarh
18-09-2019 02:35 AM
यह एक महत्वपूर्ण सब्जी की फसल है जिसको ग्रीन हाउस या शेड नेट हाउस में उगाया जाता है इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निक.... (Read More)
यह एक महत्वपूर्ण सब्जी की फसल है जिसको ग्रीन हाउस या शेड नेट हाउस में उगाया जाता है इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्र .शिमला मिर्च की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें ज़मीन को भुरभुरा बनाने के लिए, 5-6 बार सुहागे से जोताई करें खेत की तैयारी के समय खेत में रूड़ी की खाद डालें और मिट्टी में मिलाएं बीजों को मुख्य तौर पर अक्तूबर के अंत में बोयें और रोपण के लिए मध्य-फरवरी का समय उचित होता है जल्दी पैदावार के लिए, बीजों को मध्य-अक्तूबर में बोयें और रोपण के लिए नवंबर के अंत का समय उचित होता है बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति में 50 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 40 सैं.मी. का फासला रखें बीज को 2-4 सैं.मी. गहरा बोयें .प्लास्टिक शीट की मदद से सुरंगी खेती: शिमला मिर्च की अगेती पैदावार के लिए गर्मियों के शुरू में इस विधि का प्रयोग किया जाता है यह दिसंबर से मध्य-फरवरी महीने के ठंडे मौसम में फसल की सुरक्षा करने में सहायता करती है बिजाई के समय कतार से कतार में 130 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30 सैं.मी. का फासला रखें बिजाई से पहले 45-60 सैं.मी. लम्बे डंडों को मिट्टी में स्थापित करें खेत को प्लास्टिक शीट से (100 गेज मोटाई) डंडों की सहायता से लगाएं फरवरी के महीने में सही तापमान होने पर प्लास्टिक शीट को हटा दें 2. गड्डे खोद कर बीज लगाकर भी इसकी खेती की जाती है बीज की मात्रा:-एक एकड़ खेत के लिए 200-300 बीजों का प्रयोग करें बीज का उपचार मिट्टी से होने वाली बीमारीयों से बचाने के लिए बिजाई से पहले थीरम या कप्तान, सिरेसन आदि 2 ग्राम में प्रति किलो बीजों को भिगोएं शिमला मिर्च की खेती के लिए, सबसे पहले नर्सरी बैडों को तैयार करें नए पौधे लगाने के लिए 300 x 60 x 15 सैं.मी. आकार के सीड बैड तैयार करें बीजों को तैयार किये गए बैडों पर बोयें और बिजाई के बाद नर्सरी बैडों को मिट्टी की पतली परत से ढक दें बीजों के उचित अंकुरण के लिए बिजाई के बाद तैयार बैडों पर हल्की सिंचाई करें जब पौधे के 4-5 पत्ते निकलने शुरू हो जाये तो आरोपण करें मुख्य खेत में आरोपण किया जाता है आरोपण आमतौर पर बरसात के मौसम में किया जाता है आरोपण के लिए मुख्यतः 50-60 दिनों की पौध का प्रयोग किया जाता है आरोपण से पहले नर्सरी बैडों को पानी लगाएं ताकि पौधे को आसानी से उखाड़ा जा सके खेत की तैयारी के समय, 20-25 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं रूड़ी की खाद के साथ, नाइट्रोजन 50 किलो( यूरिया 110 किलो), फासफोरस 25 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 175 किलो) और पोटाशियम 12 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें पोटाशियम, फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन 1/3 हिस्सा रोपण से पहले कतारों में खाद के रूप में मिलाएंऔर बाकी बची हुई नाइट्रोजन को दो बराबर हिस्सों में डालें पहली खुराक रोपण के एक महीने बाद और दूसरी रोपण के दो महीने के बाद डालें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए, उचित समय के अंतराल पर गोड़ाई करें नए पौधों के रोपण के 2-3 हफ्ते बाद मेंड़ पर मिट्टी चढ़ाएं यह खेत को नदीन मुक्त करने में मदद करती है रोपण के 30 दिनों के बाद पहली गोड़ाई और 60 दिनों के बाद दूसरी गोड़ाई करें बिजाई के बाद तुरंत हल्की सिंचाई करें अगली सिंचाई रोपण के तुरंत बाद करें और फिर आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करें शुष्क और अर्ध शुष्क क्षेत्रों में सिंचाई उचित अंतराल पर आवश्यक होती है अपरिपक्व हरे फल कटाई के लिए तैयार होते है अपरिपक्व फल नर्म और कुरकुरे कटाई के लिए बढ़िया होते है शिमला मिर्च की औसतन पैदावार मुख्य तौर 40-50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by Brajesh patel
Madhya Pradesh
18-09-2019 12:34 AM
श्रीमान जी, मध्य प्रदेश में बोहत सी सरकारी योजनाए चल रही है जैसे के मशीनरी , पोल्ट्री, डेरी लोन आदि, कृपया आप बताये के आप कोनसी योजना के बारे में जानना चाहते हैं , ताको आपको इसके वबारे में उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by MANAN HUSSAIN
Bihar
18-09-2019 12:26 AM
MANAN ji kripya aap btaye ke aapne pehle isme kitni matra men daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by sandip yuvraj malche
Maharashtra
18-09-2019 12:18 AM
Posted by sat ish pratap singh
Uttar Pradesh
18-09-2019 12:13 AM
Shrimaan ji, jk 124 peas ki ek boht achi kisam hai, jika podhe ki lambhai 75 cm hoti hai, matr 100 mm lambe or hae hote hai, iska 25-0 kilo beej prati acre ek hisaab se lagta hai, dhanywad v
Posted by Uma Shankar Verma
Uttar Pradesh
18-09-2019 12:09 AM
Posted by sumit
Bihar
18-09-2019 12:09 AM
#बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (सूक्ष्म ,लघु ,माध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत )
(अमित बमोरिया ) #
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केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड
@@@
भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्.... (Read More)
#बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (सूक्ष्म ,लघु ,माध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत )
(अमित बमोरिया ) #
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केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड
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भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित..
@@@@
प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार
मोती पालन से कमाए 4-5 लाख सालाना
Good news for all farmers, Businessman
बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत )
मोती पालन और इंटीग्रेटेड फार्मिंग प्रशिक्षण में भारत सरकार की और सब्सिड़ी
भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming )
आयोजित किया जा रहा है
दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय
निम्नलिखित है .
1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में )
2-मछली पालन
3- बतख पालन
4- कड़कनाथ मुर्गा पालन
5-जापानी बटेर पालन
6-मोती भस्म
7-सीप भस्म
8-शंक भस्म
इसके अलावा बमोरिया फार्म और भारत सरकार की योजनाओ के साथ प्रतिमाह 2-3 लाख रूपये कैसे कमाए स्वस्थ एवं समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत
ग्राम स्वराज
महिला स्वस्थ एवं हाईजीन
मधुमेह मुक्त भारत
आदि योजनाओ को जानकारी भी दी जायगी
जिससे आप और आपका परिवार स्वस्थ तो रहेगा ही साथ ही आप हमारे साथ काम करके लाखो रूपये भी कमा सकते है
प्रशिक्षण में निम्नलिखित सम्मलित होगा
# सम्बंधित किताबे
# सैंपल मटेरियल
#सर्टिफिकेट
#शुभकामना पत्र
# जीवन भर सहयोग ( life time support )
एक हाफ राउंड मोती
स्टेविआ का पौधा
प्रमुख कार्य
मोती सम्बर्धन (मोती पालन )
मछली पालन
बतख पालन
जापानी बटेर पालन
कड़कनाथ मुर्गा
सुगर फ्री स्टेविआ की खेती
विशेष उद्यानिकी
बमोरिया फार्म
सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई
से 5 किलोमीटर पहले
कामतीरंगपुर
सोहागपुर
जिला होशंगाबाद
ट्रेनिंग सेण्टर
मकान नंबर 22
श्रीरंग कॉलोनी
बुधवारा रोड
होशंगाबाद 461001
जमा रसीद या स्क्रीन शॉट की की फोटो 9770085381 पर whatapp करे
https://youtu.be/FYWYJSD7zhQ

Posted by mahendra
Uttar Pradesh
18-09-2019 12:05 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Rupinder Singh
Punjab
17-09-2019 11:41 PM
Rupinder Singh ji kheti barri lai loan vaste bohat saria scheme chal rahia han jive ke kheti sanda lai loan, kisan credit Card, Dairy loan, Poultry Loan, Shed loan, so kirpa karke eh daso ke tusi kis loan bare jankari lena chode ho ta jo tuhanu puri jankari diti ja sake, Thankyou.
Posted by AKHILESH KUMAR
Bihar
17-09-2019 11:11 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by Naresh Kumar
Punjab
17-09-2019 11:06 PM
harvesting se pehle irrigation kre. weight me growth milegi.
13:0:45 + biozyme ka spray kre

Posted by Girraj meena
Madhya Pradesh
17-09-2019 11:03 PM
Sheath blight ki roktham ke liye aap folicur@200ml ja pulsor@200ml ja custodia@300ml ja nativo@80gm ja amistar top@200ml ja indofil di avtar@400gm ja hexaconazole@300ml ko prati aikad ke hisab se spray karen. tele ki roktham ke liye aap imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Rakesh Kumar
Bihar
17-09-2019 10:55 PM
सफ़ेद मूसली की खेती के लिए 15-35°C तापमान की जरुरत होती है इसकी खेती कई तरह की मिट्टी जैसे कि दोमट से रेतली और बढ़िया निकास वाली में की जा सकती है यह पहाड़ी ढलानों वाली या गीली मिट्टी को भी सहर सकती है यह जैविक तत्वों से भरपूर लाल मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है जल-जमाव वाली स्थिति में इसकी खेती ना करें इस लिए मिट्ट.... (Read More)
सफ़ेद मूसली की खेती के लिए 15-35°C तापमान की जरुरत होती है इसकी खेती कई तरह की मिट्टी जैसे कि दोमट से रेतली और बढ़िया निकास वाली में की जा सकती है यह पहाड़ी ढलानों वाली या गीली मिट्टी को भी सहर सकती है यह जैविक तत्वों से भरपूर लाल मिट्टी में बढ़िया पैदावार देती है जल-जमाव वाली स्थिति में इसकी खेती ना करें इस लिए मिट्टी का pH 6.5-8.5 होना चाहिए आप इसकी किस्मे जैसे RC-2, RC-16, RC-36, RC-20, RC-23, RC-37 and CT-1,MDB-13 and MDB-14 की बिजाई कर सकते है सफेद मूसली के लिए अच्छी तरह से तैयार बैडों की जरूरत होती है बिजाई से पहले ज़मीन की तैयारी के लिए एक बार 2-3 गहरी जोताई करें ज़मीन की तैयारी आम-तौर पर अप्रैल-मई के महीने में की जाती है सफेद मूसली की बिजाई के लिए उचित समय जून से अगस्त तक का होता है पौधे के विकास के अनुसार पौधों के बीच 10x12 इंच का फासला रखें इसकी बिजाई नए पौधे मुख्य खेत में रोपाई करके की जाती है इसकी बिजाइसके प्रजनन के लिए आम-तौर पर गांठों या बीजों का प्रयोग करें इसके उचित विकास के लिए 450 किलो बीजों का प्रयोग करें ई नए पौधे मुख्य खेत में रोपाई करके की जाती है सफेद मूसली की बिजाई 1.2 मीटर चौड़े और आवश्यकता अनुसार लम्बे बैडों पर करें नए पौधे तैयार करने वाले बैड अच्छी तरह से तैयार करें इसकी बिजाई छिड़काव के द्वारा की जाती है बिजाई के बाद बैडों को हल्की मिट्टी से ढक दें बढ़िया विकास के लिए मलचिंग भी की जा सकती है बीज 5-6 दिनों में अंकुरण होना शुरू होना कर देते है और पौधे बिजाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई से 24 घंटे पहले बैडों को पानी दें, ताकि नए पौधों को आसानी के साथ उखाड़ा जा सके खेत की तैयारी समय, रूड़ी की खाद 80-100 क्विंटल प्रति एकड़ गोबर डालें और मिट्टी में मिलाये जैविक खादें जैसे कि रूड़ी की खाद 8-10 टन प्रति एकड़ डालर मिट्टी में मिलाये सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो, मिउरेट ऑफ़ पोटाश 50 किलो और हड्डियों का चूरा 100 किलो प्रति एकड़ डालें 3 महीने तक कसी की सहायता के साथ गोड़ाई करें और मेंड़ के साथ मिट्टी लगाएं अंकुरण के बाद 2-3 बार करें अगर पौधे के विकास में कोई कमी दिखाई दें, तो तुरंत आवश्यक स्प्रे करें बढ़िया विकास के लिए 20-22 दिनों के फासले पर सिंचाई करें बारिश की ऋतु में, सिंचाई की जरूरत नहीं होती, पर बारिश ना होने पर सिंचाई सही फासले पर करें सिंचाई जलवायु और मिट्टी पर भी निर्भर करती है इस फसल के पौधे बिजाई से लगभग 90 दिन के बाद फल देना शुरू कर देती है इसकी कटाई सितम्बर-अक्तूबर महीने में की जाती है कटाई पत्ते पीले पड़ने और सूखने पर की जाती है इसका बीज आपको लोकल मार्किट में मिल जायेगा

Posted by Rakesh Kumar
Bihar
17-09-2019 10:50 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Gurwinder Singh
Punjab
17-09-2019 10:47 PM
Gurwinder Singh ji kirpa karke eh daso ke tusi kis pashu bare jankari lena chode ho ta jo tuhanu sahi jankari diti ja sake, Thankyou.

Posted by jaskarn singh
Punjab
17-09-2019 10:40 PM
jaskarn g kirpa kr ke apna swaal vistaar nal pucho tan jo tuhanu iss di jankari ditti ja ske.
Posted by ਜੁਗਰਾਜ ਸਿੰਘ
Punjab
17-09-2019 10:34 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo ikale calcium ni 50 gm mineral mixture rozana dio turant malap rehat karo

Posted by अजय बालियान
Uttar Pradesh
17-09-2019 10:32 PM
श्रीमान जी, कीट के हमले की रोकथाम के लिए आप imidacloprid @1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धनयवाद
Posted by ਜੁਗਰਾਜ ਸਿੰਘ
Punjab
17-09-2019 10:30 PM
deputy director anlmal husbandry Gurdaspur naal sampark karo
Posted by Vijay rana
Uttar Pradesh
17-09-2019 10:21 PM
nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein or training lein
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