
Posted by prabhjot singh
Punjab
21-09-2019 05:16 AM
Jekar tuhadi majh khali hai tan tuci uss nu hun Bovimin-B powder 100gm rojana, Milkout powder 2-2 chamch swere sham deo ate uss nu feed tuci 1.5-2 kg tak ek time paa skde ho, baki uss nu 35-40kg rojana hara chara deo ji..

Posted by Ajay Goswami
Madhya Pradesh
21-09-2019 02:27 AM
यह हर तरह की मिट्टी बालुई रेतली से चिकनी, में उगाई जा सकती है यह 6 से 7.5 पी एच वाली ज़मीनें भी अच्छी पैदावार देती हैं इस फसल को सेम के इलाकों में नहीं उगाया जा सकता तेजाबी मिट्टी में इसकी खेती चूना डालकर करें Aparna: यह किस्म छोटे कद की, बिना पत्तों की और सिंचाई क्षेत्रों में बोने के लिए अनुकूल है यह गर्दन तोड़ की प्रति.... (Read More)
यह हर तरह की मिट्टी बालुई रेतली से चिकनी, में उगाई जा सकती है यह 6 से 7.5 पी एच वाली ज़मीनें भी अच्छी पैदावार देती हैं इस फसल को सेम के इलाकों में नहीं उगाया जा सकता तेजाबी मिट्टी में इसकी खेती चूना डालकर करें Aparna: यह किस्म छोटे कद की, बिना पत्तों की और सिंचाई क्षेत्रों में बोने के लिए अनुकूल है यह गर्दन तोड़ की प्रतिरोधी और सफेद धब्बों को सहनेयोग्य है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Uttara: यह किस्म छोटे कद की, बिना पत्तों वाली, उत्तरी पहाड़ियों और मैदानी इलाकों के सिंचित क्षेत्रों में बोने के लिए अनुकूल है इसके दाने मध्यम आकार के और क्रीम रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Jayanti: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में बोने के लिए अनुकूल है इसकी फलियां लम्बी और बीज बड़े और मोटे होते हैं यह किस्म सफेद धब्बों को सहने योग्य है इसकी औसतन पैदावार 11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Hariyal: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में आम बिजाई के लिए अनुकूल है यह नेमाटोड के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HFP 9426: यह किस्म लंबी, चमकदार, मोटे और गोल आकार के दाने होते हैं यह सफेद धब्बों और कुंगी के प्रतिरोधी किस्म है इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arkel: यह छोटे कद की, जल्दी पकने वाली, और गहरे हरे रंग की फलियों वाली होती है इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bonneville: यह दरमियाने समय की मीठे दानों वाली किस्म हैं इसकी औसतन पैदावार 36 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Multi Freezer: यह किस्म देरी से पकने वाली, फलियां मीठी और नर्म होती हैं यह किस्म ठंड को सहने योग्य होती है इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad P-I: यह छोटे कद की किस्म और दाने झुर्रियों वाले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Early E-6: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खरीफ ऋतु की फसल की कटाई के बाद खेत को तैयार करने के लिए हलों से 1 या 2 बार जोताई करें हल से जोतने के बाद 2 या 3 बार तवियों से जोताई करें जल जमाव से रोकने के लिए खेत को अच्छी तरह समतल कर लेना चाहिए बिजाई से पहले खेत की एक बार सिंचाई करें जो कि फसल के अच्छे अंकुरन में सहायक होती है अच्छी उपज के लिए बिजाई मध्य सितंबर से मध्य नवंबर में पूरी कर लें देरी से बिजाई करने पर उपज में कमी आती है पंक्तियों में फासला 30-40 सैं.मी. और पौधों में फासला 3-5 सैं.मी. रखें बीज को मिट्टी में 2-3 सैं.मी. गहरा बोयें बिजाई के लिए डिबलिंग विधि का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 20-25 किलोग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें और अगेती बिजाई के लिए 25-28 किलो प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से पहले बीजों को कप्तान या थीरम 3 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज या कार्बेनडाज़िम 2.5 ग्राम से प्रति किलोग्राम बीजों को उपचार करें रासायनिक तरीके से उपचार के बाद बीजों की अच्छी पैदावार लेने के लिए उन्हें एक बाद राइज़ोबियम लैगूमीनोसोरम से उपचार करें इसमें 10 प्रतिशत चीनी या गुड़ का घोल होता है इस घोल को बीजों पर लगाएं और फिर बीज को छांव में सुखाएं इससे 8-10 प्रतिशत पैदावार में वृद्धि होती है बिजाई के लिए नाइट्रोजन 12 किलो (26 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई के समय फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा डालें नाइट्रोजन की बाकी की मात्रा बिजाई के एक महीने बाद डालें अच्छे अंकुरन के लिए बिजाई से पहले सिंचाई जरूर देनी चाहिए सिंचाई इस फसल के लिए जरूरी है यदि फसल धान के बाद बोयी जाती है तो सिंचाई की कोई जरूरत नहीं बिजाई के बाद 1 या 2 सिंचाइयों की जरूरत होती है पहला पानी फूल लगने से पहले और फलियां बनने के समय लगाएं ज्यादा पानी ना लगाएं जिस कारण पत्ते पीले और पैदावार कम हो जाती है

Posted by पुष्पेन्द्र कुमार
Uttar Pradesh
21-09-2019 02:12 AM
खेत में खड़ी आलू की फसल में चेचक रोग लगने पर उसे नहीं रोका जा सकता है लेकिन किसान थोड़ी समझदारी के साथ इस बीमारी से अपनी फसल को बचा सकता है इसके लिए किसान साइकोडरमा दवा से बीज का शोधन करे वहीं इसके पाउडर को गोबर में मिलाकर खेत में डाले जिस खेत में चेचक का रोग लग गया है उस खेत में तीन से चार साल तक आलू की फसल को नह.... (Read More)
खेत में खड़ी आलू की फसल में चेचक रोग लगने पर उसे नहीं रोका जा सकता है लेकिन किसान थोड़ी समझदारी के साथ इस बीमारी से अपनी फसल को बचा सकता है इसके लिए किसान साइकोडरमा दवा से बीज का शोधन करे वहीं इसके पाउडर को गोबर में मिलाकर खेत में डाले जिस खेत में चेचक का रोग लग गया है उस खेत में तीन से चार साल तक आलू की फसल को नहीं करना चाहिए

Posted by Himanshu Tiwari
Uttarakhand
21-09-2019 12:09 AM
ऐसी जगह जहा मछली पालन किया जा सकता है वहां मोती पालन किया जा सकता है .कृपया Whatsapp kre 9770085381
Posted by Vishnusinh Chauhan
Gujarat
20-09-2019 11:52 PM
धन्यवाद अपनी खेती एवं मेरे किसान भाई आप और आपका परिवार हमेसा स्वस्थ एवं समृद्ध रहे #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (सूक्ष्म ,लघु ,माध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार.... (Read More)
धन्यवाद अपनी खेती एवं मेरे किसान भाई आप और आपका परिवार हमेसा स्वस्थ एवं समृद्ध रहे #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (सूक्ष्म ,लघु ,माध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. मोती पालन से कमाए 4-5 लाख सालाना Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) मोती पालन और इंटीग्रेटेड फार्मिंग प्रशिक्षण शुल्क में भारत सरकार की और सब्सिड़ी भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) आयोजित किया जा रहा है दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म इसके अलावा बमोरिया फार्म और भारत सरकार की योजनाओ के साथ प्रतिमाह 2-3 लाख रूपये कैसे कमाए स्वस्थ एवं समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत ग्राम स्वराज महिला स्वस्थ एवं हाईजीन मधुमेह मुक्त भारत आदि योजनाओ को जानकारी भी दी जायगी जिससे आप और आपका परिवार स्वस्थ तो रहेगा ही साथ ही आप हमारे साथ काम करके लाखो रूपये भी कमा सकते है प्रशिक्षिण में सम्मलित - # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) एक हाफ राउंड मोती स्टेविआ का पौधा अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9407461361 प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर जिला होशंगाबाद ट्रेनिंग सेण्टर मकान नंबर 22 श्रीरंग कॉलोनी बुधवारा रोड होशंगाबाद 461001 जमा रसीद या स्क्रीन शॉट की की फोटो 9770085381 पर whatapp करे

Posted by jagdish pataskar
Chattisgarh
20-09-2019 11:43 PM
Shrimaan ji, yeh macchar ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by ganesh kushwahaji official
Madhya Pradesh
20-09-2019 11:39 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
20-09-2019 11:34 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te har 3 kg dudh lai 1kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo Ikale warheme naal gall ni bann ni
Posted by Abhimanyu Kumar
Bihar
20-09-2019 11:14 PM
मक्की को जनवरी के अंत से लेकर सितंबर के अंत तक बोया जा सकता है अक्तूबर महीने में बरसीम की बिजाई कर सकते है इसके इलावा आप साईलेज बनाकर भी पूरे वर्ष चारे का प्रबंध कर सकते है साइलेज बनाने से हरा चारा काफी समय तक अपनी गुणवत्ता को बनाए रखता है यह दुधारू पशुओं को आसानी से पचता है और साथ ही यह उनकी उत्पादन क्षमता को .... (Read More)
मक्की को जनवरी के अंत से लेकर सितंबर के अंत तक बोया जा सकता है अक्तूबर महीने में बरसीम की बिजाई कर सकते है इसके इलावा आप साईलेज बनाकर भी पूरे वर्ष चारे का प्रबंध कर सकते है साइलेज बनाने से हरा चारा काफी समय तक अपनी गुणवत्ता को बनाए रखता है यह दुधारू पशुओं को आसानी से पचता है और साथ ही यह उनकी उत्पादन क्षमता को भी बनाए रखता है हरे चारे वाली फसलें जैसे मक्का, ज्वार, बाजरा, मीठी सुडान घास तथा जई आदि से अच्छा साइलेज बनाया जा सकता है जबकि बरसीम, रिजका, लोबिया आदि दलहनी फसलों से अच्छा साइलेज नहीं बन पाता क्योंकि इनमें जल की मात्रा ज्यादा होती है परन्तु कुछ उपाय के बाद इनका भी साइलेज बनाया जा सकता है साइलेज बनाने लिए मक्का, ज्वार व जई को प्रारम्भिक या बीच की अवस्था में काट कर छेाटे-छोटे टुकड़े बना लेने चाहिए इससे हरे चारों के सूखने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और चारे में नमी केवल उतनी रह जाएगी जितने में भंडारण के दौरान फफूंदी का प्रकोप न हो अत: चारे को गड्डे में डालते समय इसमें 65 से 70 प्रतिशत नमी रहे आमतौर पर साइलेज बनाने के समय चारे में शुष्क पदार्थ 30 से 40 प्रतिशत तक रहना चाहिए साइलेज बनाने वाले घुलनशील में खमीर बनाने की क्रिया होते समय अम्ल (पी. एच. 4.2) काफी मात्रा में रहे और वह चारे को खराब होने से बचाए मक्का आदि से साइलेज बनाते समय यदि 500 ग्राम यूरिया प्रति क्विंटल चारे में मिलाया जाए तो साइलेज में प्रोटीन मात्रा बढ़ सकती है
Posted by ratnesh kumar dixit
Uttar Pradesh
20-09-2019 11:06 PM
ट्राईकोडर्मा एक मित्र फफूदीं है जो विभिन्न प्रकार की दालें, तिलहनी फसलों , कपास , सब्जियों तरबूज , फूल के कार्म आदि की फसलों में पाये जाने वाले भूमि उत्पादित रोग - उकठा ,जड़गलन कालर राट, आद्रपतन, कार्म सड़न को नियंत्रण करने में एक महत्वपूर्ण योगदान करती है
ये रोग मिट्टी में पाये जाने वाले फफूंद जैसे- फ्यूजेर.... (Read More)
ट्राईकोडर्मा एक मित्र फफूदीं है जो विभिन्न प्रकार की दालें, तिलहनी फसलों , कपास , सब्जियों तरबूज , फूल के कार्म आदि की फसलों में पाये जाने वाले भूमि उत्पादित रोग - उकठा ,जड़गलन कालर राट, आद्रपतन, कार्म सड़न को नियंत्रण करने में एक महत्वपूर्ण योगदान करती है
ये रोग मिट्टी में पाये जाने वाले फफूंद जैसे- फ्यूजेरियम पिथियम, राजोक्टीनिया स्केलेरोटिया, फाइटोफ्थोरा, मैक्रोफोमिना, अर्मीलौरिया आदि की कुछ प्रजातियों से होते हैं, जो बीजों के अंकुरण को प्रभावित करती है एवं अंकुरण के बाद आद्रपतन या पौधों के अन्य विकास स्तर पर भी रोग उत्पन्न करती है

Posted by Surjit Rattu
Punjab
20-09-2019 10:57 PM
ehh dono muurah nasal de vdia semen hai tuci ehna vicho koi v bhrwa skde ho.
Posted by Sachin Shevale
Maharashtra
20-09-2019 10:48 PM
धन्यवाद अपनी खेती एवं मेरे किसान भाई आप और आपका परिवार हमेसा स्वस्थ एवं समृद्ध रहे #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (सूक्ष्म ,लघु ,माध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार.... (Read More)
धन्यवाद अपनी खेती एवं मेरे किसान भाई आप और आपका परिवार हमेसा स्वस्थ एवं समृद्ध रहे #बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म (सूक्ष्म ,लघु ,माध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) (अमित बमोरिया ) # @@@ केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड @@@ भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. @@@@ प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. मोती पालन से कमाए 4-5 लाख सालाना Good news for all farmers, Businessman बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) मोती पालन और इंटीग्रेटेड फार्मिंग प्रशिक्षण शुल्क में भारत सरकार की और सब्सिड़ी भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming ) आयोजित किया जा रहा है दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय निम्नलिखित है . 1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में ) 2-मछली पालन 3- बतख पालन 4- कड़कनाथ मुर्गा पालन 5-जापानी बटेर पालन 6-मोती भस्म 7-सीप भस्म 8-शंक भस्म इसके अलावा बमोरिया फार्म और भारत सरकार की योजनाओ के साथ प्रतिमाह 2-3 लाख रूपये कैसे कमाए स्वस्थ एवं समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत ग्राम स्वराज महिला स्वस्थ एवं हाईजीन मधुमेह मुक्त भारत आदि योजनाओ को जानकारी भी दी जायगी जिससे आप और आपका परिवार स्वस्थ तो रहेगा ही साथ ही आप हमारे साथ काम करके लाखो रूपये भी कमा सकते है प्रशिक्षिण में सम्मलित - # सम्बंधित किताबे # सैंपल मटेरियल #सर्टिफिकेट #शुभकामना पत्र # जीवन भर सहयोग ( life time support ) एक हाफ राउंड मोती स्टेविआ का पौधा अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे , अमित बमोरिया 9770085381 9407461361 प्रमुख कार्य मोती सम्बर्धन (मोती पालन ) मछली पालन बतख पालन जापानी बटेर पालन कड़कनाथ मुर्गा सुगर फ्री स्टेविआ की खेती विशेष उद्यानिकी बमोरिया फार्म सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई से 5 किलोमीटर पहले कामतीरंगपुर सोहागपुर जिला होशंगाबाद ट्रेनिंग सेण्टर मकान नंबर 22 श्रीरंग कॉलोनी बुधवारा रोड होशंगाबाद 461001 जमा रसीद या स्क्रीन शॉट की की फोटो 9770085381 पर whatapp करे

Posted by Sunil Kumar
Punjab
20-09-2019 10:40 PM
Sunil kumar ji kapah da rate 4600 - 5300 tak chal reha hai, Thnakyou.

Posted by lakhbeer singh
Punjab
20-09-2019 10:37 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸ ਵਿਚ ਤੁਸੀ NPK 130045 @1 kg ਨੂੰ 150 ਲਿਟਰ ਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਕੇਵਲਸਿੰਘ
Punjab
20-09-2019 10:29 PM
ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ, ਕਾਲੀ ਸਰ੍ਹੋਂ ਦੇ ਬੀਜ, ਮੂਲੀ, ਪਾਲਕ, ਪੱਤਾ ਗੋਭੀ, ਧਨੀਆ, ਸੌਂਫ ਦੇ ਬੀਜ, ਸਲਾਦ, ਬਰੌਕਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Jitendra Singh Jitendra Singh
Uttar Pradesh
20-09-2019 10:25 PM
श्रीमान जी, इसकी रोकथाम के लिए आप quinalphos @400ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by RAMANDEEP SINGH
Punjab
20-09-2019 10:17 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਪੱਤਾ ਮਰੋੜ ਲਈ ਤੁਸੀ fame @ 20 ml ਜਾ coragen @ 60 ml ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by jaspreet singh
Punjab
20-09-2019 10:14 PM
shrimaan ji, iska beej lene ke liye ap brar seed store 9814097127, 8068211817 ke sath samparak karein, dhanywad

Posted by satish
Punjab
20-09-2019 10:05 PM
BhaaG ikali khall naal gall ni bann ni tuci isnu rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai 1kg feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
20-09-2019 10:04 PM
BhaaG tuci rajwa hara chaara te 2kg feed rojana dyo sunh har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by subhash
Punjab
20-09-2019 09:59 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ cartap hydrochloride @ 170 gm ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Naresh
Haryana
20-09-2019 09:42 PM
yaddi apne 2 dwaio ko ek sath milkar spray ki hai too kai varr usse v patte aase jalne suru ho jate hai, jab inka assar kam honge lgage tab yeh thik hone lggege..

Posted by vikas
Haryana
20-09-2019 09:42 PM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं

Posted by Imran Khan Hasan Imran
Uttar Pradesh
20-09-2019 09:32 PM
bhai sahib 1quintal feed da formula Anaaj 40kg khal 30kg chokar or rice polish 30kg min mix 2kg namak 1kg

Posted by gaurav rana
Haryana
20-09-2019 09:30 PM
Unko aap pregstay gold powder 25gm rojana dena suru kren aur isse 20 din tak dete rehen, isse pashu ke gabhin rehne ki ass vaddh jatti hai ..

Posted by Nirdev singh
Punjab
20-09-2019 09:30 PM
rajwa hara chaara te 2kg feed rojana dyo har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by आशिष कुमार
Bihar
20-09-2019 09:28 PM
nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein or training lein
Posted by आशीष
Uttar Pradesh
20-09-2019 09:12 PM
श्रीमान जी, कृपया आप अपना स्वाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकरी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by gaurav rana
Haryana
20-09-2019 09:02 PM
Shrimaan ji, university kisi bhi 2 chemicals ko mix kar ke spray karne ki sifarish nahi karti hai, ap alag alag hi spray akrein, dhanywad

Posted by Raushan Kumar Raushan Kumar
Bihar
20-09-2019 09:01 PM
October mein bhi kar sakte hai par kore se bacahane ke liye plastic sheet se cover karna padega
Posted by Sanjeev Yadav
Uttar Pradesh
20-09-2019 09:00 PM
austan 1800-2000 kg dudh ek sue wich dindi ae
Posted by ajaib Singh
Punjab
20-09-2019 08:58 PM
iss waste tuci deputy director animal husbandry mansa naal sampark karo g

Posted by Janak Juglan@ gaimal com
Punjab
20-09-2019 08:55 PM
BhaaG iss da ki labh hou tuci iss nu rajwa wadhya hara chaara te 2kg feed rojana dyo

Posted by Raja Sidhu
Punjab
20-09-2019 08:54 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te 2kg feed rojana dyo har 3 mahine baad malap rehat karo jad iss da bhaar 275-300 kg de aas paas howe isnu aas karwa lao
Posted by ਸੁਖਦੇਵ ਸਿੰਘ
Punjab
20-09-2019 08:52 PM
ਤੁਸੀ ਉਸਦੇ ਕੰਨ ਵਿਚ Hitek injection 2ml ਪਾਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ Hitek 1ml ਚਮੜੀ ਵਿਚ ਲਗਵਾਓ ਫਿਰ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਦ ਕੰਨ ਸਾਫ ਕਰਕੇ Teramycin injection 2-2ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਪਾਉਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ..
Posted by Anuj kumar
Uttar Pradesh
20-09-2019 08:46 PM
ap gehun ki kisme jaise me WH 896, PBW 373, PBW 343,HD 2643, UP 2425, PBW 443, DBW 14, NW 2036, MACS 6145, HD 2824, PBW 524, PBW 502, PBW 291, 524, HD 2864, HI 8627, K9001, K-9162, k-8434, halna, naina, UP 2338 ki biaji kar sakte hain, isna ik bighe mein lagbhag 25 kilo beej dalta hai, dhanywad
Posted by ajaib Singh
Punjab
20-09-2019 08:37 PM
75 rs sakri seman da hospital vich private 150 lede ne

Posted by suraj
Madhya Pradesh
20-09-2019 08:29 PM
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अप.... (Read More)
डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा

Posted by tulsiram hatta bhidari
Madhya Pradesh
20-09-2019 08:27 PM
इसके लिए लोन लेने के लिए आपके पास इसकी ट्रेनिंग होनी जरूरी है मुर्गी पालन शुरू करने से पहले कुछ बेसिक बातों का ध्यान ज़रूर रखें जैसे आप ट्रेनिंग लेकर जरूर शुरू करें जिससे आपको फीड वगैरह का पता चलेगा और क्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक बार बीमारी फार्म पर आ गई तो बहुत कम समय में .... (Read More)
इसके लिए लोन लेने के लिए आपके पास इसकी ट्रेनिंग होनी जरूरी है मुर्गी पालन शुरू करने से पहले कुछ बेसिक बातों का ध्यान ज़रूर रखें जैसे आप ट्रेनिंग लेकर जरूर शुरू करें जिससे आपको फीड वगैरह का पता चलेगा और क्योंकि पोल्ट्री में बायोसिक्योरिटी रखनी बहुत जरूरी है यदि एक बार बीमारी फार्म पर आ गई तो बहुत कम समय में पूरे फार्म तक पहुंचती है इसलिए सभी बातें ध्यान में रखकर ही यह काम शुरू करें और यह भी सलाह है कि इस काम को बड़े स्तर पर एकदम से ना शुरू करें एक बार थोड़ी मुर्गियों से शुरू करें बाकी आपको बता दें कि व्यापारिक स्तर पर 5 एकड़ में आप 50000 मुर्गियां रख सकते हैं और इससे आपको कुल 5—7 लाख रूपये तक का खर्चा आ जाएगा यदि नस्ल की बात की जाए तो लेयर में अंडों के लिए BV 300 नस्ल सबसे बढ़िया रहेगी यह नस्ल 18 सप्ताह की उम्र में अंडे देना शुरू कर देती है और 19 सप्ताह से 80वें सप्ताह तक लगभग 370 अंडे देती है प्रति मुर्गी के लिए 1.5—2.0 फुट जगह की जरूरत पड़ती है पहले दिन से लेकर अंडे देने तक एक मुर्गी पर लगभग 250—300 रूपए खर्चा आ जाता है और ब्रॉयलर नस्लों में से वैनकोब 400 नस्ल बड़े स्तर पर सबसे बढ़िया मानी जाती है यह 35 दिनों तक लगभग 3 किलो फीड खाकर तकरीबन 1900—2000 ग्राम की हो जाती है और बाकी ज्यादा गर्मी और ठंड को काफी हद तक सहन करने की क्षमता रखती है बाकी आपके रख रखाव और बीमारियों पर टीकाकरण का खर्चा अलग है यह कुछ प्राथमिक जानकारी थी अंतत आप पहले किसी सफल पोल्ट्री फार्मर से जरूर मिलें आपको अन्य बातों एवं बारीकियों का पता लगेगा लोन लेने के लिए आपके पहले अपने नज़दीकी kvk से ट्रेनिंग लेनी होगी उस ट्रेनिंग के सर्टिफिकेट पर आप लोन के लिए अप्लाई कर सकते हो वहां आपको इसके बारे में पूरी जानकारी प्राप्त हो जाएगी..

Posted by suraj
Madhya Pradesh
20-09-2019 08:27 PM
यदि आप पशुपालन के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डे.... (Read More)
यदि आप पशुपालन के लिए लोन लेना चाहते है तो उसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा..
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