Posted by Prakash
Rajasthan
21-09-2019 09:50 PM
श्रीमान जी, जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की .... (Read More)
श्रीमान जी, जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें धन्यवाद
Posted by R Singh
Haryana
21-09-2019 09:50 PM
Shrimaan ji, grasshopper ka fasal par koi nuksan nahi hota hai, apko iske liye spray karne ki jarurt nahi hai, dhanywad

Posted by Ashok kumar
Haryana
21-09-2019 09:50 PM
आप उसकी आंख में boric acid डालें और Teramycin injection 2-2ml दिन में तीन बार आंख में डालें इसके साथ आप Anabolite liquid 100ml रोजाना और Milkout powder 2-2 चम्मच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Mahender Singh
Haryana
21-09-2019 09:40 PM
श्रीमान जी, मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दें नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें एक एकड़ खेत की पनीरी तार.... (Read More)
श्रीमान जी, मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दें नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें एक एकड़ खेत की पनीरी तारे करने के लिए 4-5 किलो बीजों की जरूरत होती है उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बेनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो-एजेंट ट्राईकोडरमा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है ऐसा करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते हैं धन्यवाद

Posted by Daljit Singh
Punjab
21-09-2019 09:35 PM
UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰ.... (Read More)
UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 1 Zn: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 103 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 151 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 725: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ, ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਮੱਧਰੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੇ ਅਤੇ ਭੂਰੇ ਜੰਗ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ , ਅਤੇ ਗਹਿਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਸਲਾਨਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 677: ਇਹ ਕਿਸਮ 160 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 22.4 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ WH 1105: ਇਸ ਦੀ ਕਾਢ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 97 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਇਹ ਦਾਣਿਆਂ ਦੇ ਖਰਾਬ ਹੋਣ ਅਤੇ ਸਿੱਟਿਆਂ ਦੇ ਭੂਰੇ ਪੈਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.1 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 621: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 100 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈI

Posted by Sharad Barde
Maharashtra
21-09-2019 09:27 PM
Sharad ji iske vare mai jankari ke liye aap yeh video dekh skte hai .
https://www.youtube.com/watch v=8hnG0pFg284

Posted by kirpal singh
Punjab
21-09-2019 09:27 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸ ਵਿਚ ਫੁੱਲ ਲੱਗਣ ਦੇ ਸਮੇਂ ਤੇ NPK 130045 @ 10gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Sumit Patanwar
Chattisgarh
21-09-2019 09:24 PM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke apko kis cheej mein help chahiye tajo apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad

Posted by kirpal singh
Punjab
21-09-2019 09:23 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸ ਵਿਚ ਫੁੱਲ ਲੱਗਣ ਦੇ ਸਮੇਂ ਤੇ NPK 130045 @ 10gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by irshad ahmad
Bihar
21-09-2019 09:22 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं..
Posted by irshad ahmad
Bihar
21-09-2019 09:21 PM
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्.... (Read More)
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें इससे अपने एरिया के नाबार्ड डिपार्टमैंट के सी जी एम को भी लोन के लिए मिलें.
Posted by Sumit Patanwar
Chattisgarh
21-09-2019 09:19 PM
Shriman ji, apko apne subjects hisaab se apni study karein, or agar apko kisi bhi subject mein hamari help ki jarurt hai to ap kripya hame bataye tajo hum apki help kar sake, dhanywad
Posted by Birbal sahu
Chattisgarh
21-09-2019 09:17 PM
Shrimaan ji, isme ap NPK 130045 @ 1kg ko 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, or isme boron 100 gm prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by om kumar
Punjab
21-09-2019 09:17 PM
Posted by Arvind Verma
Uttar Pradesh
21-09-2019 09:14 PM
यदि पशु की सही तरीके से देख भाल न की जाये तो इससे थनेला रोग या मस्टाइटस की बीमारी हो जाती है, सबसे पहले कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल .... (Read More)
यदि पशु की सही तरीके से देख भाल न की जाये तो इससे थनेला रोग या मस्टाइटस की बीमारी हो जाती है, सबसे पहले कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल किया जा सकता है, बाकि का बढ़े स्तर पर अज़माया हुआ तरीका, आप इसका प्रयोग सबसे पहले आप एलोवेरा की एक पत्ती लगभग 250 ग्राम जड़ से काट लें सफेद लाइन के नीचे से काट लें पर ध्यान रखें कि उसकी जैल नीचे ना गिरे इसलिए तुरंत उसे काटकर उलटा कर लें उसके बाद उसे काटकर छोटे छोटे टुकड़े करके मिक्सी में डाल लें उसमें 50 ग्राम घरेलु हल्दी डाल दें और साथ ही 15 ग्राम चूना उसमें डाल लें अब इसे मिक्सी में मिक्स कर लें मिक्स होने के बाद यह ईंट के रंग जैसा लाल हो जायेगा उसके बाद इसमें थोड़ा सा 2-3 चम्मच अलग बर्तन में निकाल लें और बाकी फ्रिज में रख लें जो अलग निकाला हुआ होगा 2-3 चम्मच उसमें थोड़ा सा पानी घोल लें फिर जिस पशु के लेवे पर लगाना है उसे अच्छी तरह धोकर साफ कर लें उसके बाद लेवे के चारों ओर मालिश करें जो रात को मालिश करनी है उसमें थोड़ा सा सरसों का तेल भी मिक्स कर सकते हैं जिससे सारी रात इसका असर रहेगा हर रोज़ नया इसी तरह ही तैयार करना है 5-6 दिन लगातार इस तरह से मालिश करने से थनैला रोग ठीक हो जाये तो यदि धार सख्त हे तो भी इससे ठीक हो जायेगी बाकी यदि तंदरूस्त पशु के भी सप्ताह में दो – तीन दिन इस तरह से मालिश करते रहेंगे तो थनों की समस्या आयेगी ही नहीं..

Posted by jitender malik
Haryana
21-09-2019 09:12 PM
Shrimaan ji , isme sundi ka hamla hua hai, iski rokltham ke liye ap cartap hydrochloride @170 gm prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Sandeep Chauhan
Punjab
21-09-2019 09:03 PM
Shriman ji, isdi vadia quality lai tuc is vich NPK 130045 @ 1kg nu 150 liter pani ch mila ke prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by Prince Singh
Bihar
21-09-2019 08:59 PM
Shrimaan ji, kirpa kar ke is di ik photo bejo tajo tuhnu dekh ke isda hal dasea ja sake, dhnawad
Posted by Gurminder singh
Punjab
21-09-2019 08:56 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Mecvolt 400mg ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਸਿਰਫ ਇਕ ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਨਾ ਹੈ ਅਤੇ Trineurosol h injection ਵੀ 5-5ml ਦੋਨਾਂ ਪੂੜਿਆਂ ਤੇ ਲਾਓਂ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Mecovet plane 20ml ਅਤੇ Metphos injection 20ml ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਸਾਰੇ ਤੁਸੀ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਉਸ ਨੂੰ ਸਹਾਰਾ ਦੇ ਕੇ ਥੋੜੀ ਥੋੜੀ ਦੇਰ ਖੜੀ ਰੱਖਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ..
Posted by Davinder singh
Punjab
21-09-2019 08:42 PM
20,25 din phlea soon toh ik Puri roj deo milk fiver nu thk rakda leve nu set krda a

Posted by prakash
Madhya Pradesh
21-09-2019 08:39 PM
Prakash ji kirpya aap apna swal visthar se pushe ke aap kia jankari lena chahte hai, ta jo aap ko sahi jankari di ja sake, Thankyou.
Posted by Dibyanshu kumar Maurya
Uttar Pradesh
21-09-2019 08:34 PM
Shrimaan ji, isme fungus ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap folicur @ 200 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by vikram gahlley
Punjab
21-09-2019 08:31 PM
Shrimaan ji, rhizobium culture market vich boht sariya companies da available hai, tuc eh kise vi company da khareed sakde ho, dhanwad
Posted by Satyarani
Haryana
21-09-2019 08:27 PM
Satyarani ji pickles vali hari mirch lene ke liye aap Krishan Oberoi 8295748674 Oberoi Fresh Fruit And Veg. se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Jaspreet Singh Banga
Punjab
21-09-2019 08:27 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰ ਕੇ ਕੰਪਨੀ ਦਾ ਨਾਮ ਦੱਸੋ ਤਾਂਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Nadya
Bihar
21-09-2019 08:24 PM
Nadya ji bihar me desi chicks lene ke lia aap Tinku Prasad 9883609252 (Sirvastav Hatchery Farm) se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Lekhraj sahu
Chattisgarh
21-09-2019 08:24 PM
Lekhraj ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke baingan men konse keet ke hamla hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by raghvendra kumar
Uttar Pradesh
21-09-2019 08:17 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by sukh
Punjab
21-09-2019 08:09 PM
tuci nazdiki doctor nu bulla ke uss upar patti krwa skde ho ate usde jakham de hisab nal injection lgwa skde ho, tuci nazdiki vdia doctor ton usdi janch krwao ji..

Posted by manpreet
Punjab
21-09-2019 08:09 PM
Shriman ji, mono ik insecticide hai, isdi spray mnahi kiti jandi , fal tuc tuc NPK 130045 @ 1 kg nu 150 liter pani ch ghol ke prati acre de hisaab nal spray karo , dhanwad
Posted by GURPREET SINGH SIDHU
Punjab
21-09-2019 08:07 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਜੀਰੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by guggu singh
Punjab
21-09-2019 08:06 PM
guggu ji eh sheath blight di roktham de layi varti jandi hai isde rate di jankari tuhanu local market vicho hi milegi isdi matra ik acre vich 250ml di varto kiti jandi hai.dhanwad

Posted by anil
Maharashtra
21-09-2019 08:05 PM
Shrimaan ji,yeh podhe ki lambhai badane mein madad karta hai, dhanywad

Posted by Devendra Patle
Maharashtra
21-09-2019 08:04 PM
Devendra Patle ji ghar par maida bnane ke lia aap aap ko answer me dia gae link par jrur click karo or vidio dekhe https://www.youtube.com/watch v=jd12VG96zMg
Posted by lokesh kumar
Uttar Pradesh
21-09-2019 08:04 PM
Lokesh ji makka ka scientific nam zea mays hai.
Posted by lokesh kumar
Uttar Pradesh
21-09-2019 08:02 PM
Lokesh ji gehu ka scientific nam Triticum aestivum hai.dhanywad

Posted by Hargobind singh
Punjab
21-09-2019 07:53 PM
Hargobind ji please ask your question in detail that what information you want to know about ladyfimger so that we can provide you proper information.thank you

Posted by Navdeep
Punjab
21-09-2019 07:52 PM
Navdeep ji is sall Makki da Smarthan mul (MSP) 1760/Q hai, Thankyou.
Posted by raghvendra kumar
Uttar Pradesh
21-09-2019 07:50 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
21-09-2019 07:50 PM
tuci uss nu Fluxivet injection 10ml krke 3 din lgwao ehh Carrus company da product hai, baki uss nu Sarakind talblet 1-1 goli swere sham ate rojana 20 gm kali mirch deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by raghvendra kumar
Uttar Pradesh
21-09-2019 07:49 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai bhadouriya 8882876224 से संपर्क कर सकते है
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