
Posted by krishanlal jakhar
Rajasthan
23-09-2019 03:22 PM
श्रीमान जी, Pioneer 45S42: यह अधिक पैदावार वाली दरमियानी किस्म हैं यह 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह हर तरह की मिट्टी में लगाने के योग्य है इसके दाने मोटे और फलियां ज्यादा भरी हुई होती हैं इसकी औसतन पैदावार 12.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है 45s60 इस नाम की कोई भी किसम नहीं है, आप कृपया किस्म का पूरा नाम बताये ताक.... (Read More)
श्रीमान जी, Pioneer 45S42: यह अधिक पैदावार वाली दरमियानी किस्म हैं यह 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह हर तरह की मिट्टी में लगाने के योग्य है इसके दाने मोटे और फलियां ज्यादा भरी हुई होती हैं इसकी औसतन पैदावार 12.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है 45s60 इस नाम की कोई भी किसम नहीं है, आप कृपया किस्म का पूरा नाम बताये ताकि आपको इसके बारे में बताया जा सके, धन्यवाद

Posted by sandeep
Rajasthan
23-09-2019 03:20 PM
tuci apne jille de KVK vich training da pta kr skde ho jekar uthe isdi Training krwai jndi hai tan tuhanu hor jgah training krn di jrurat nahi hai tuci nazdiki kvk vich sampark kr skde ho Krishi Vigyan Kendra
Gramotthan Vidyapeeth Sangaria,
Distt.- Hanumangarh - 335 063 (Raj.) India
Phone : (01499) 252702

Posted by Ds suthar
Rajasthan
23-09-2019 03:15 PM
ट्राइकोडरमा 2.5 किलो प्रति एकड़ + गला हुआ गोबर 50 किलो मिलाएं और फिर जूट की बोरियों से ढक दें फिर इस घोल को नमी वाली ज़मीन पर बिजाई से पहले खिलार दें इससे मिट्टी में पैदा होने वाली बीमारियों को रोका जा सकता है बीजों को मिट्टी में पैदा होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए फफूंदीनाशक जैसे कि कार्बेनडाज़िम 12 प्रतिशत + .... (Read More)
ट्राइकोडरमा 2.5 किलो प्रति एकड़ + गला हुआ गोबर 50 किलो मिलाएं और फिर जूट की बोरियों से ढक दें फिर इस घोल को नमी वाली ज़मीन पर बिजाई से पहले खिलार दें इससे मिट्टी में पैदा होने वाली बीमारियों को रोका जा सकता है बीजों को मिट्टी में पैदा होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए फफूंदीनाशक जैसे कि कार्बेनडाज़िम 12 प्रतिशत + मैनकोज़ेब 63 प्रतिशत डब्लयू पी (साफ) 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों को बिजाई से पहले उपचार करें दीमक वाली ज़मीन पर बिजाई के लिए बीजों को क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 10 मि.ली. से प्रति किलो बीजों का उपचार करें
Posted by विजय बडाख
Maharashtra
23-09-2019 03:15 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Nirbhay singh
Punjab
23-09-2019 03:14 PM
ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਟਮਾਟਰ, ਕਾਲੀ ਸਰ੍ਹੋਂ ਦੇ ਬੀਜ, ਮੂਲੀ, ਪਾਲਕ, ਪੱਤਾ ਗੋਭੀ, ਧਨੀਆ, ਸੌਂਫ ਦੇ ਬੀਜ, ਸਲਾਦ, ਬਰੌਕਲੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Mohammed moosa
Karnataka
23-09-2019 03:12 PM
श्रीमान जी, यह फंगस के हमले के कारण हो रहा है , इसकी रोकथाम के लिए आप carbendazim @ 400gm या mancozeb @ 400gm प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by SANDEEP SINGH
Punjab
23-09-2019 03:12 PM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਦੀ ਮਾਲਿਸ਼ ਕਰੋ ਜੀ ਤੇ ਪਸ਼ੂਆ ਦਾ ਆਲਾ ਦੁਆਲਾ ਸਾਫ ਰੱਖੋ ਤੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਚੂਨਾ ਕਲੀ ਪਾਉ, ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਤਾਰਾਮੀਰਾ ਦਾ ਤੇਲ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨ ਦਿਉ ਅਤੇ ਤੁਸੀ taktic 2ml/1liter ਸਪਰੇ ਵੀ ਵਰਤੋਂ, ਇਹ ਸਪਰੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਉਪਰ ਅਤੇ ਆਸ ਪਾਸ ਵੀ ਕਰੋ..
Posted by Mohammed moosa
Karnataka
23-09-2019 03:11 PM
श्रीमान जी, यह फंगस के हमले के कारण हो रहा है , इसकी रोकथाम के लिए आप carbendazim @ 400gm या mancozeb @ 400gm प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Mohammed moosa
Karnataka
23-09-2019 03:10 PM
श्रीमान जी, यह फंगस के हमले के कारण हो रहा है , इसकी रोकथाम के लिए आप carbendazim @ 4 gm या mancozeb @ 4 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by Nirbhay singh
Punjab
23-09-2019 03:10 PM
ਉਸ ਨੂੰ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਸ਼ਰੀ ਦੀ ਚਾਂਸਨੀ ਬਣਾ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਨੂੰ 200gm ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਗਰਮ ਕਰੋ ਅਤੇ ਫਿਰ ਬਾਦ ਵਿਚ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਨੀਂਬੂ ਨਿਚੋੜ ਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਧਾਰ ਵੀ ਨਰਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ .
Posted by विजय बडाख
Maharashtra
23-09-2019 03:10 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Nirbhay singh
Punjab
23-09-2019 03:09 PM
Nirbhay ji bathinda kisan mela 26 september nu hai ate ajje tak kanak da koi nawa bijj nahi aya hai ji, jddo v koi nawi kisam awegi tan tuhanu dss ditaa jawega..

Posted by Shiv Rathore
Madhya Pradesh
23-09-2019 03:07 PM
Shriman ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap custodia @ 300 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Maehsh Rajput
Rajasthan
23-09-2019 03:04 PM
पौधे की किस्म कौन सी है कृपया वीडियो या फोटो भेजें
Posted by Jeevan Singh
Uttar Pradesh
23-09-2019 03:02 PM
जीवन जी आपके सभी सवालों का जवाब दिया जा चुका है यदि फिर भी आपको कोई समस्या आ रही है तो आप हमारे हैल्पलाइन नंबर 97799—77641 पर संपर्क कर सकते हैं

Posted by amarpal singh
Punjab
23-09-2019 03:01 PM
eh ik wadiya kism hai. Eh tin ton saade tin foot di hundi hai.Eh 140 -150 din di hundi hai.Es da chaad wadh hunda hai.Balli wich daane wadh aaonde han.Es di paidawaar 25 quintal tak hundi hai.Eh picheti kisma wichon ek wadiya kisam hai.Eh october akhir ton lai ke november tak beeji jaandi hai.

Posted by Kanchu Garge
Madhya Pradesh
23-09-2019 02:57 PM
Shrimaan ji, kripya ap apna sawal visthar se puchein ke ap konsi NPK ko tiyar karne ki jankari lena chahte hain, taki apko uske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Shiv Rathore
Madhya Pradesh
23-09-2019 02:50 PM
yeh fungus hai, iski roktham ke liye Custodia@300ml prti acre ke hisaab se istemaal krein.
Posted by Kesar Singh
Punjab
23-09-2019 02:50 PM
kesar singh ਜੀ ਤੁਹਾਡੀ ਇਸ ਮਿਰਚ ਦੇ ਉੱਪਰ Thirps(ਜੂੰ) ਦਾ ਹਮਲਾ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਇਸ ਉੱਪਰ ਤੁਸੀਂ Dow ਦੀ Daligate ਦੀ ਸਪਰੇ 1 ml ਨੂੰ 1 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਏਹੀ ਇਸਦਾ ਪੱਕਾ ਹੱਲ ਹੈ ਜੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sukhmander singh
Punjab
23-09-2019 02:50 PM
karri patta dry powder 200 g daily for 10 days, Cyclomin-7 goli , vitum H injection and agrimin forte mineral mixture

Posted by aman sidhu
Haryana
23-09-2019 02:49 PM
श्रीमान जी, मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दें नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जा.... (Read More)
श्रीमान जी, मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दें नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें एक एकड़ खेत की पनीरी तारे करने के लिए 4-5 किलो बीजों की जरूरत होती है उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बेनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो-एजेंट ट्राईकोडरमा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है ऐसा करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते हैं बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 40 किलो(यूरिया 90 किलो), फासफोरस 20 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) और पोटाश 20 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकि बची हीउ नाइट्रोजन टॉप ड्रेसिंग (मिट्टी में मिलाना) के तौर पर रोपण के चार हफ्ते बाद डालें धन्यवाद
Posted by Baljinder Singh Chahal
Punjab
23-09-2019 02:49 PM
Betadiene solution send acchi tarah saaf kerke uspe himax ointment lagaye

Posted by sukhwinder
Punjab
23-09-2019 02:45 PM
markfed feed tohade pind di cooperative society to mil javegi ji.
Posted by ਪਰਨੀਤ
Punjab
23-09-2019 02:36 PM
ਨਹੀਂ ਜੀ ਬੀਜ ਹਮੇਸ਼ਾ ਨਵਾਂ ਹੀ ਬੀਜੋ ਬੀਜ ਦੇਖਲੋ ਬੀਜ ਕੇ ਜੇ ਹਰਾ ਹੋ ਗਿਆ ਤਾਂ ਕਾਮਯਾਬ ਹੋਜੂਗਾ ਜੀ
Posted by Sukhchain Singh
Punjab
23-09-2019 02:28 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਬਿਲਕੁੱਲ ਦੁਬਾਰਾ ਵਰਤੋ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਪਰ ਇੱਕ ਵਾਰ ਐਕਸਪਾਇਰ ਮਿਤੀ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਉਹ ਤਾ ਜਿਆਦਾ ਨਹੀ ਲੰਘ ਚੁੱਕੀ ਜੀ

Posted by binder singh
Punjab
23-09-2019 02:23 PM
binder ji aap tele ki roktham ke liye glamore@50 gram ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Dinesh kumar
Rajasthan
23-09-2019 02:21 PM

Posted by kuldeep jaat
Madhya Pradesh
23-09-2019 02:20 PM
कुलदीप जी, 1) भूमि का उत्तम उपयोग : जो भूमि जिस फसल के लिए अधिक उपयुक्त हो उस पर वही फसल उगाना अधिक लाभदायक रहेगा उदाहरणार्थ नम व दलहनी भूमि पर धान और जूट की फसलें सफलतापूर्वक ली जा सकती हैं 2) फार्म पर मुख्य उद्यम ( Main Enterprise ) का कल उत्पादन इतना होता है कि उसकी थोक बिक्री तथा उसकी पैदावार के लिये आवश्यक सामग्री की .... (Read More)
कुलदीप जी, 1) भूमि का उत्तम उपयोग : जो भूमि जिस फसल के लिए अधिक उपयुक्त हो उस पर वही फसल उगाना अधिक लाभदायक रहेगा उदाहरणार्थ नम व दलहनी भूमि पर धान और जूट की फसलें सफलतापूर्वक ली जा सकती हैं 2) फार्म पर मुख्य उद्यम ( Main Enterprise ) का कल उत्पादन इतना होता है कि उसकी थोक बिक्री तथा उसकी पैदावार के लिये आवश्यक सामग्री की खरीद सरल और लाभदायक रहती हैं 3) उत्तम प्रबन्ध ( Better Management ) - फार्म पर उद्यमों ( Enterprises ) की संख्या कम होने के कारण उनकी देखभाल व प्रबन्ध भली - भाँति किया जा सकता है ऐसी दशा में उद्यमों ( Enterprises ) की अपेक्षा नहीं की जा सकती तथा अपव्यय व क्षति के साधनों और कारणों को सफलतापूर्वक ज्ञात किया जा सकता है 4) क्षमता और कार्यकुशलता में वृद्धि ( Increase in Efficiency and Skill ) - ऐसे पर मनष्य को प्रतिदिन एक ही प्रकार का कार्य करना पड़ता है , जिससे वह उसमें दक्ष हो जाता तथा उसकी कार्यकुशलता बढ़ जाती है और फार्म - व्यय कम हो जाता है धन्यवाद
Posted by Er. Harjinder Singh
Punjab
23-09-2019 02:08 PM
Shrimaan ji, 1509 da rate is samay 2315 - 2495 rupay prati quintal de hisaab nal chal reha hai, dhanwad
Posted by chander vesh
Haryana
23-09-2019 02:06 PM
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने त.... (Read More)
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें लहसुन की गांठों को 3-5 सैं.मी. गहरा और उसका उगने वाला हिस्सा ऊपर की तरफ रखें इसकी बिजाई के लिए केरा ढंग का प्रयोग करें बिजाई हाथों से या मशीन से की जा सकती है लहसुन की गांठों को मिट्टी से ढककर हल्की सिंचाई करें बीज की मात्रा 225-250 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें शुरू में लहसुन का पौधा धीरे धीरे बढ़ता है इसलिए नदीन नाशकों का प्रयोग गोडाई से बढ़िया रहता है नदीनों को रोकने के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी प्रति एकड़ में डालकर बिजाई से 72 घंटो में स्प्रे करें इसके बिना नदीन नाशक ऑक्सीफ्लोरफेन 425 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे बिजाई के 7 दिन बाद करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 गोडाई की जरूरत है पहली गोडाई बिजाई से 1 महीने बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 2 महीने बाद करें वातावरण और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और आवश्यकता के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें कटाई करने और सूखाने के बाद गांठों को आकार के अनुसार छांटे
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
23-09-2019 02:00 PM
Dalvir ji tuc hun rai ghah di bijai kar sakde ho ate october vich javi di bijai kar sakde ho.dhanwad

Posted by sudhanshu verma
Uttar Pradesh
23-09-2019 01:50 PM
Shrimaan ji, iski jad mein dheemak ka hamla janch karein, agar hamla ho to ap ismr chlorpyriphos @ 4ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, isme ap macchar ka hamla bhi jaanch karein, uske liye imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spary karein, or fungus ki roktham ke liye isme M-45 @ 4gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhnaywad

Posted by gujjar
Uttar Pradesh
23-09-2019 01:48 PM
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली.... (Read More)
चूहों से बचाव के लिए आप नीचे लिखे तरीके प्रयोग कर सकते हैं, पिंजरो का प्रयोग करना - चूहो को पडने के अलग अलग पिजंरो का प्रयोग किया जाता है इन पिजंरो का प्रयोग करने से पहले पिजंरे को अच्छी तरह धोकर प्रयोग करे ताकि किसी भी प्रकार की गंध ना आये साफ पिंजरो को खेत में चूहो के आने जाने वाले रास्ते और नुक्सान करने वाली जगह पर रखे बडी संखिया में चूहो को पकडने के लिए पिंजरे में 10-15 ग्राम अनाज को तेल लगाकर दो से तीन दिनो तक मुंह खोलकर रखे चुहो को मगर लगाने के बाद पिंजरे के अंदर कागज के टूकडो पर 10-15 ग्राम दाने और नालीदार दाखले पर चुटकी भर दाने रखकर मुंह को बंद कर दे ऐसा करके तीन दिन तक चूहे और पकडे हुए चूहो को पानी में डूबो कर मारे पिंजरो का दौबारा प्रयोग करने के लिए कम से कम 20 दिनो का फासला रखें कीडेमार जहरो के प्रयोग से रोकथाम - चूहो की कीडेमार और जहर के प्रयोग से रोकथाम करने के लिए जहरीला चोगा प्रयोग करने में ध्यान और सही तरीका प्रयोग करने की जरूरत है चुहो को इस जहरीले चोगे को खाना प्रयोग किये दानो का मियारपन , स्वाद, और तेल की गंध पर निर्भर करता है जहरीला चोगा बनाना जिंक फॉसफाइड का प्रयोग - एक किलो बाजरा गेहूं ज्वार का दलिया या इनका मिश्रण लेकर इसमे 20 ग्राम तेल हो सके तो मुंगफली का तेल और 25 ग्राम जिंकफॉसफाइड डाल कर अच्छी तरह मिलाये इस प्रकार तैया किये जहरीले चोगे को कागज की पुडीया बनाकर खेत में गेज वाली जगह पर रखे बरोमोडाइओलोन का प्रयोग - 20 ग्राम बरोमोडाइओलोन 0 005 फीसदी पाऊडर, 20 ग्राम बूरा खंड, और 20 ग्राम तेल को एक किलो किसी भी अनाज के दलिये में मिलाये और पूरे खेत में 40 जगह पर रख दें रैकुमिन का प्रयोग- 50 ग्राम रैकुमिन 0 0375 फीसदी पाऊडर , 20 ग्राम मुंगफली या सूरजमुखी का तेल और 20 ग्राम बूरा खंड को किसी भी अनाज के दलीये में मिलाये यह भी चूहो को मारने में बहुत फायदेमंद है

Posted by aman sidhu
Haryana
23-09-2019 01:46 PM
Aman g app sarson ki GSC-7, PAC-401, Pusa -31. koi bhi kisam lga skte ho

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
23-09-2019 01:46 PM
tuci uss nu Pregstay gold powder 30 gm rojana deo ate 20 dina tak dinde rho, jekar ohh gaban hoi tan rukk jawegi jekar naa hoi tan heat vich aa jawegi..
Posted by shree ram bhil
Rajasthan
23-09-2019 01:45 PM
Shree ram bhil ji vermi compost bechne ke lia aap Apni kheti Buy/Sell App te apni Ads jrur upload kare vaha pe kisan khud aap se apke phone par samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by ਜੱਗਸੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
23-09-2019 01:33 PM
ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਗਏ ਹਰੇਕ ਸਵਾਲ ਦਾ ਜਵਾਬ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮਾਹਿਰ ਪਾਸੋਂ ਉਸੇ ਦਿਨ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਜੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ ਸਵਾਲ ਹੋਰ ਨੰਬਰ ਤੋਂ ਪੁੱਛਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਉਸ ਨੰਬਰ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਓ ਜਾਂ ਜੇਕਰ ਜਵਾਬ ਚੈੱਕ ਕਰਨ ਚ ਕੋਈ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਸਾਡੇ ਹੈੱਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ - 9 77 99 77 641 ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ
Posted by sunil
Uttar Pradesh
23-09-2019 01:32 PM
sunil ji kripya btaye ke aapbe gulab ki konsi kisam ki bijai ki hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake. iske ilava aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by surander Saini
Uttar Pradesh
23-09-2019 01:30 PM
आप आलू जैसे Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है .... (Read More)
आप आलू जैसे Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है यह पिछेती और अगेती झुलस रोग और पत्ता मरोड़ रोग की रोधक है
Kufri Badshah: इसके पौधे लंबे और 4-5 तने प्रति पौधा होते हैं इसके आलू बड़े से दरमियाने, गोलाकार और हल्के सफेद रंग के होते हैं इसके आलू स्वाद होते हैं यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है यह किस्म कोहरे को सहनेयोग्य है और पिछेती, अगेती झुलस रोग की प्रतिरोधक है
Kufri Sutlaj: इस किस्म के पौधे घने और मोटे तने वाले होते हैं पत्ते हल्के हरे रंग के होते हैं आलू बड़े आकार के, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 90-100 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म खाने के लिए अच्छी और स्वादिष्ट होती है इन आलुओं को पकाना आसान होता है यह नए उत्पाद बनाने के लिए उचित किस्म नहीं है
Kufri Anand: यह मध्यम समय की किस्म है, जो कि पिछेते झुलस रोग और कोहरे के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 140-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kufri Pukhraj: इसके पौधे लंबे और तने संख्या में कम और दरमियाने मोटे होते हैं आलू सफेद, बड़े, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 70-90 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 130 क्विंटल प्रति एकड़ है यह अगेती झुलस रोग की रोधक किस्म है और नए उत्पाद बनाने के लिए उचित नहीं है
Kufri Chipsona 2: इस किस्म के पौधे दरमियाने कद के और कम तनों वाले होते हैं इसके पत्ते गहरे हरे और फूल सफेद रंग के होते हैं आलू सफेद, दरमियाने आकार के, गोलाकार, अंडाकार और नर्म होते हैं इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह पिछेती झुलस रोग की रोधक किस्म है यह किस्म चिपस और फरैंच फ्राइज़ बनाने के लिए उचित है
Posted by Neeraj Rathi
Uttar Pradesh
23-09-2019 01:29 PM
नीरज जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by krishanlal jakhar
Rajasthan
23-09-2019 01:28 PM
krishanlal g app IARI New Delhi ki Pusa bolt yan fir Pusa -31 lga skte ho g
Posted by Gurvinder Singh
Uttarakhand
23-09-2019 01:23 PM
Curry patta dry powder 200 g daily and mineral mixture

Posted by Bhagirath Kaushik
Haryana
23-09-2019 01:23 PM
Shrimaan ji, hopper or macchar ke hamle ki roktham ke liye ap buprofezin @ 250ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhnaywad

Posted by Harmanjot singh
Punjab
23-09-2019 01:20 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਕਿਉਕਿ ਥਣ ਬੰਦ ਹੋਣ ਦੇ ਕਈ ਕਾਰਨ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹੈ, ਉਸ ਵਿਚ ਨਾੜ, ਗੰਢ, ਜਾ ਮਾਸ ਵਧਿਆ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜਿਸਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਸਹੀ ਪਤਾ ਲਗੇਗਾ ਅਤੇ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਹੋਵੇਗਾ

Posted by 1095
Punjab
23-09-2019 01:09 PM
eh har fal de boote ate usdi kisam te nirbhar karda hai ke usnu fal kado lagega ate khaadan vi fal de bote de hisab nal payian jandiyan han kirpa karke daso ke tuc kehde boote bare jankari laina chahunde ho ta jo tuhanu is bare poori janakri diti ja sake.dhanwad

Posted by 1095
Punjab
23-09-2019 01:05 PM
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