Posted by INDRA SINGH
Madhya Pradesh
27-09-2019 06:04 AM
फसलों के लिए मिट्टी का नमूना लेने के लिए ज़मीन की ऊपरी सहत से घास फूस एक आर करके खुरपे से 6 इंच गहरा गड्ढा खोदकर एक ओर एक इंच की मिट्टी की सतह ऊपर से नीचे तक एकसमान करें इस मिट्टी को साफ कपड़े या बर्तन में डालेंं इस तरह 7—8 अन्य स्थानों से मिट्टी लें इस मिट्टी को आपस में अच्छी तरह से मिलाकर उसमें से आधा किलो मिट.... (Read More)
फसलों के लिए मिट्टी का नमूना लेने के लिए ज़मीन की ऊपरी सहत से घास फूस एक आर करके खुरपे से 6 इंच गहरा गड्ढा खोदकर एक ओर एक इंच की मिट्टी की सतह ऊपर से नीचे तक एकसमान करें इस मिट्टी को साफ कपड़े या बर्तन में डालेंं इस तरह 7—8 अन्य स्थानों से मिट्टी लें इस मिट्टी को आपस में अच्छी तरह से मिलाकर उसमें से आधा किलो मिट्टी लें
यदि मिट्टी गीली हो तो छांव में सुखाएं इस नमूने को कपड़े की थैली में डालकर किसान का नाम, पता और खेत नंबर लिखकर एक पर्ची उस पर रख दें इस तरीके से खेत में मिला हुआ नमूना लेना चाहिए यदि किसी खेत के कुछ हिस्से में ज़मीन की किस्म और उपजाऊ शक्ति अलग हो उस हिस्से की मिट्टी का अलग नमूना लें
कल्लर वाली ज़मीन मेंसे मिट्टी का नमूना लेने के लिए ज़मीन में 3 फुट गहरा गड्ढा खोदकर सीधी ओर ऊपर से शुरू करके नीचे 6 इंच तक 1 फुट और 2 फुट की गहराई पर निशानलगाएं हर गहराई से खुरपे की मदद से तकरीबन 1 इंच मोटी सतह उतारकर आधा ग्राम मिट्टी लें इस तरह कुल 4 नमूने लें
हर गहराई से नमूने लेकर विधि 1 तरह संभालें पर्ची पर नमूने की गहराई भी लिखें बाग लगाने के लिए मिट्टी की जांच के लिए नमूना लेने के लिए खेत में 6 फुट गहरा गड्ढा खोदकर सीधी ओर से ऊपर से नीचे की तरफ निशान लाकर निशान 6 इंच से 2 निशान 1 फुट पर लाकर हर फुट पर निशान लगाए खुरपे से 6 इंच के निशान तक 1 इंच मोटी तह एक समान लगाएं जिसका भार लगभग आधा किलोग्राम हो इस तरह 6 नमूने 1—1 फुट दूरी पर लें और अलग अलग थैलियों में डालें जिसकी गिनती 7 हो जायेगी थैली के किसान और खेतों की पूरी जानकारी लिखकर डाली जाये
यदि किसी गहराई पर कोई रोड़ियों की तह हो उसका नमूना अलग लेकर अलग थैली में डालना चाहिए जिसमें एक पर्ची पर तह की गहराई लिखी जाये कल्लर वाली ज़मीन और बागों के लिए मिट्टी का नमूना बरमे की मदद से भी लिया जा सकता है और इसकी जांच आप मिट्टी जांच केंद्र से या अपने ज़िले के KVK से करवा सकते हैं
Posted by INDRA SINGH
Madhya Pradesh
27-09-2019 05:59 AM
आप मटर की किस्मे जैसे ARKIL, Shubra, KMPR-400, KMPR-552, Pusamukta Prakesh की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by INDRA SINGH
Madhya Pradesh
27-09-2019 05:58 AM
नदीनों की रोकथाम के लिए 2 सप्ताह के फासले पर, जब नदीन कम हो 2-3 गोडाई करें तोरिये की फसल में नदीनों की रोकथाम के लिए फसल उगाने से पहले ट्राइफलूरालिन 400 मि.ली. को 200 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ पर छिड़काव करें राया की फसल के लिए बिजाई से 2 दिन पहले या बिजाई के 25-30 दिन बाद आइसोप्रोटिउरॉन 75 डब्लयु पी 300 ग्राम को 200 लीटर पान.... (Read More)
नदीनों की रोकथाम के लिए 2 सप्ताह के फासले पर, जब नदीन कम हो 2-3 गोडाई करें तोरिये की फसल में नदीनों की रोकथाम के लिए फसल उगाने से पहले ट्राइफलूरालिन 400 मि.ली. को 200 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ पर छिड़काव करें राया की फसल के लिए बिजाई से 2 दिन पहले या बिजाई के 25-30 दिन बाद आइसोप्रोटिउरॉन 75 डब्लयु पी 300 ग्राम को 200 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ पर बिजाई के बाद स्प्रे करें
Posted by INDRA SINGH
Madhya Pradesh
27-09-2019 05:57 AM
श्रीमान जी, Pioneer 45S46 : यह अधिक पैदावार वाली दरमियाने समय में पकने वाली किस्म है इसके दाने मोटे और अच्छे तेल की मात्रा वाले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 12.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है धन्यवाद
Posted by Hemraj saini
Rajasthan
27-09-2019 05:39 AM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे चूज़े लेने के लिए आप
Man Singh 9649050050 Shree Karni group से संपर्क कर सकते हैं
Posted by Kulwinder Singh
Punjab
27-09-2019 05:28 AM
nazdik de krishi vigyan kendar naal sampark karo

Posted by Aditya Kumar
Bihar
27-09-2019 03:18 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Gurmel Singh
Himachal Pradesh
27-09-2019 01:46 AM
आप फलदार पौधे जैसे आम, लीची, अमरूद, खट्टे, अंजीर, बेर, पपीता, अंगूर , जैक फ्रूट, केला, पीच, प्लम और नाशपाती, स्ट्राबेरी की खेती कर सकते है इसके इलावा आप फैसले जैसे गेहूं, मक्का, धान, ग्राम, गन्ना, सरसों, आलू की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by Goutam kumar paswan
Jharkhand
27-09-2019 01:27 AM
goutam ji commerical level par gulab ke beej nahi ugaye jate iski cutting se kheti ki jati hai.dhanywad

Posted by KUSHAL
Bihar
27-09-2019 12:21 AM
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है, जिसका invention Dr.YORRAM AVNIMELECH जो कि ISRAEL के है जहाँ पानी की कमी हैै उस परस्तिथि में मछली पालन कैसे किया जाये, उस तकनीक का invention किया पर फ़िलहाल भारत के कई राज्यों में किसान इस तकनीक का इस्तेमाल करके मछली पालन कर रहे हैं इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होत.... (Read More)
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है, जिसका invention Dr.YORRAM AVNIMELECH जो कि ISRAEL के है जहाँ पानी की कमी हैै उस परस्तिथि में मछली पालन कैसे किया जाये, उस तकनीक का invention किया पर फ़िलहाल भारत के कई राज्यों में किसान इस तकनीक का इस्तेमाल करके मछली पालन कर रहे हैं इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है मतलब की 10,000 लीटर इसमें हम अपना मछली पालन शुरू करके 1100-1300 किलो fish बना सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाली मछलियां हैं वह हम इसमें डालते हैं और यह मछलियां 6 से 7 महीने तक बिकने योग्य हो जाती है, shrimp farming मतलब की झींगा इसका culture period -90 दिन का होता है BFT टैंक में आपको C:N ratio की सहायता से आपको बढ़िया बैक्टीरिया maintain करना होता है, और drainage की सहायता से sludge removal किया जाता है अगर आपका मैनेजमेंट एकदम सटीक रहा तो 0 % प्रतिशत पानी अदला-बदली किये बिना culture पूरा किया जा सकता है आपको उचित blower की सहायता से DO (dissolved oxygen ) maintain करने की ज़रूरत पड़ती है C:N ratio मतलब की कार्बन: नाइट्रोजन ratio अनुपात बनाएं रखना पड़ता है कार्बन जिससे की बैक्टीरिया (हेट्रोट्रॉपिक बैक्टीरिया) ठीक से काम करके नाइट्रोजन को कम कर सके क्योंकि नाइट्रोजन का एक हिस्सा जो कि non ionised Ammonia [NH3] जो मछली के लिए जानलेवा होता हैैै अधिक जानकारी के लिए 9096843382 पर फ़ोन कीजिये.

Posted by Rudra
Jharkhand
27-09-2019 12:07 AM
Rudra ji mushroom ki training ke lia aap Mr. jai 8882876224 se samparak kar sakte hai, in se aap ko training ke sath - sath seed bhi mil jaege, Thankyou.8882876224

Posted by Rudra
Jharkhand
26-09-2019 11:55 PM
bhai sahib nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein or training lein
Posted by Dr.shrimal Rajput
Madhya Pradesh
26-09-2019 11:46 PM
बारानी हालातों में 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक बिजाई पूरी करें सिंचित क्षेत्रों में देसी और काबुली किस्मों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सही समय पर बिजाई करना जरूरी है अगेती बिजाई से अनावश्यक वनस्पतिक वृद्धि होती है, जबकि पिछेती बिजाई से फसल सूखे से प्रभावित होती है फसल घटिया वनस्पति वृद्.... (Read More)
बारानी हालातों में 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक बिजाई पूरी करें सिंचित क्षेत्रों में देसी और काबुली किस्मों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सही समय पर बिजाई करना जरूरी है अगेती बिजाई से अनावश्यक वनस्पतिक वृद्धि होती है, जबकि पिछेती बिजाई से फसल सूखे से प्रभावित होती है फसल घटिया वनस्पति वृद्धि करती है और जड़ों का विकास कम होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. रखें सिंचित क्षेत्रों के लिए बीज की गहराई 5-7 सैं.मी. का प्रयोग करें और बारानी क्षेत्रों के लिए बीज की गहराई 7-10 सैं.मी. का प्रयोग करें

Posted by raghvendrs singh
Madhya Pradesh
26-09-2019 11:45 PM
raghvendr ji yeh vatavarn par nirbhar karta hai agar jyada nami hoti hai to yeh fasl par hamla karte hai.dhanywad

Posted by raghvendrs singh
Madhya Pradesh
26-09-2019 11:40 PM
raghvendrs ji dhan me tana kaala fungus ke karn hota hai iske liye aap amistar top@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by RAUNAK SINGH JUNEJA
Madhya Pradesh
26-09-2019 11:33 PM
Raunak ji hybrid variety men fal ki quality achi hoti hai aur isme fal apne smay par hi aata hai.dhanywad

Posted by mohandeep singh sekhon
Punjab
26-09-2019 11:29 PM
ਇਸ ਨੂੰ ਹਰ ਤਰਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਚੰਗੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀਆ ਅਤੇ ਰੇਤਲੇ ਤਲ ਵਾਲੀਆ ਜਮੀਨਾਂ ਵਿੱਚ ਜਿਆਦਾ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਕਲਰਾਫੀ ਜਾਂ ਸੇਮ ਵਾਲੀ ਜਮੀਨ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ ਢੁੱਕਵੀ ਨਹੀ ਹੈ ਜਮੀਨ ਨੁੰ ਭੁਰਭੁਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਦੋ ਜਾਂ ਤਿੰਨ ਵਹਾਈਆ ਜਰੂਰੀ ਹਨ ਹਰ ਵਹਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੁਹਾਗਾ ਮਾਰ ਦਿੳ ਸਾਉਣੀ ਰੁੱਤ ਲਈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਢੁੱਕਵਾ ਸਮਾਂ ਜੁਲ.... (Read More)
ਇਸ ਨੂੰ ਹਰ ਤਰਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਪਰ ਇਹ ਚੰਗੇ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀਆ ਅਤੇ ਰੇਤਲੇ ਤਲ ਵਾਲੀਆ ਜਮੀਨਾਂ ਵਿੱਚ ਜਿਆਦਾ ਪੈਦਾਵਾਰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਕਲਰਾਫੀ ਜਾਂ ਸੇਮ ਵਾਲੀ ਜਮੀਨ ਮੂੰਗੀ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ ਢੁੱਕਵੀ ਨਹੀ ਹੈ ਜਮੀਨ ਨੁੰ ਭੁਰਭੁਰਾ ਕਰਨ ਲਈ ਦੋ ਜਾਂ ਤਿੰਨ ਵਹਾਈਆ ਜਰੂਰੀ ਹਨ ਹਰ ਵਹਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਸੁਹਾਗਾ ਮਾਰ ਦਿੳ ਸਾਉਣੀ ਰੁੱਤ ਲਈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਢੁੱਕਵਾ ਸਮਾਂ ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਪੰਦਰਵਾੜਾ ਹੈ ਗਰਮੀ ਰੁੱਤ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਮਾਰਚ ਤੋ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੱਕ ਦਾ ਹੈ ਸਾਉਣੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਕਤਾਰ ਤੋਂ ਕਤਾਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 30 ਸੈ:ਮੀ:ਅਤੇ ਪੌਦੇ ਤੋਂ ਪੌਦੇ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 10 ਸੈ:ਮੀ: ਰੱਖੋ ਹਾੜੀ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਕਤਾਰ ਤੋਂ ਕਤਾਰ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 22.5 ਸੈ:ਮੀ:ਅਤੇ ਪੌਦੇ ਤੋਂ ਪੌਦੇ ਦਾ ਫਾਸਲਾ 7 ਸੈ:ਮੀ: ਰੱਖੋ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਬੀਜਾਂ ਨੁੰ 4-6 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਡੂੰਘਾ ਬੀਜੋ ਬਿਜਾਈ ਲਈ, ਬਿਜਾਈ ਵਾਲੀ ਮਸ਼ੀਨ, ਪੋਰਾ ਜਾਂ ਕੇਰਾ ਢੰਗ ਦੀ ਵਰਤੋ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਾਉਣੀ ਰੁੱਤ ਲਈ 8-9 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਗਰਮੀ ਰੁੱਤ ਲਈ 12-15 ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਬੀਜੋ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 5 ਕਿਲੋ (12 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ), ਫਾਸਫੋਰਸ 16 ਕਿਲੋ (100 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ) ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਵਰਤਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਨਦੀਨਾ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਦੋ ਗੋਡੀਆ ਦੀ ਸ਼ਿਫਾਰਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 4 ਹਫਤੇ ਬਾਅਦ ਤੇ ਦੂਸਰੀ ਗੋਡੀ, ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਤੋ 2 ਹਫਤਿਆ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਰਸਾਇਣਿਕ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਨਦੀਨਾ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਨ ਲਈ ਫਲੂਕਲੋਰਾਲਿਨ 600 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਟਰਾਈਫਲੂਰਾਲਿਨ 800 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਦਰ ਨਾਲ ਫਸਲ ਬੀਜਣ ਤੋ 2 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰ-ਅੰਦਰ ਕਰੋ ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲੀਨ 1 ਲਿਟਰ ਨੂੰ 100 ਤੋ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰੋ
Posted by Rajeev kashyap
Uttarakhand
26-09-2019 10:56 PM
bakri ki beetal goat breed milk or meat dono le liye hi rakh sakte ho ji.

Posted by kuldeep Singh Aulakh
Punjab
26-09-2019 10:54 PM
tuci uss nu pett de kiria lai Nilzan liquid 1ml/3kg sarir de weight de hisab nal deo ate uss nu Broton liquid 20ml rojana dena suru kren, isse achi growth hogi aur bhukhh lggne lagegi ..

Posted by sandeep kumar
Punjab
26-09-2019 10:52 PM
Sandeep kumar ji kirpya aap apna swal visthar se pushe ta jo aap ko puri jankari di ja sake, Thankyou.
Posted by narpat singh
Rajasthan
26-09-2019 10:21 PM
narpat singh ji aapko kuch jankari deni padegi ji kyuki koe na koe galti aapse hi hue aapke farm par. isliye aap yeh btaye ke feed konsi de rahe te , kitne dino bad bacche mare the , birth weight kitna tha baccho ka , aisi puri case history hame btaye fir hi kuch idea lgaya ja sakta hai ji.

Posted by Maninder Singh
Punjab
26-09-2019 10:19 PM
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਇਹ ਜਾਨਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਮੁਰਗੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਧੰਦਾ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਮੀਟ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੇਇਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੀਟ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਜੇਕ.... (Read More)
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਇਹ ਜਾਨਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਮੁਰਗੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਧੰਦਾ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਮੀਟ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੇਇਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੀਟ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ 10 ਹਜਾਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 4 ਤੋਂ 5 ਲੱਖ ਦਾ ਇੰਤਜਾਮ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ , ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਡਿਆਂ ਲਈ 500 ਮੁਰਗੀਆਂ ਨਾਲ ਲੇਇਰ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇੱਕ ਮੁਰਗੀ ਦੇ ਇੱਕ ਬੱਚੇ ਤੇ ਤੇ ਜਨਮ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅੰਡੇ ਦੇਣ ਤੱਕ 250-300 ਤੱਕ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਵੇਗਾ ਤੇ ਇਸ ਲਈ 1250 ਸਕੇਅਰ ਫੁੱਟ ਦੇ ਸ਼ੈੱਡ ਜਗਾਂ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਨਾਬਾਰਡ ਤੋਂ ਲੋਨ ਲੈਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 25 ਤੋਂ 35 % ਤੱਕ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਵਿੱਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੋਂ ਜਾਂ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦਿਨ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰ ਆਊ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਵੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਆਵੇਗੀ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਵੱਲੋਂ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਦਾ ਹੈ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਕੰਮ ਹੈ ਜੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬ੍ਰਾਇਲਰ ਰੱਖਦੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਪੰਜ ਤੋਂ ਛੇ ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਮੰਡੀਕਰਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਕਰੀਬਨ ਪੰਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਅੰੰਡਿਆ ਦੀ ਉਪਜ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵਾਲਾ ਕੰਮ ਹੈ ਜੀ ਜਿਆਦਾ ਮਿਹਨਤ ਵੀ ਨਹੀ ਲੱਗਦੀ ਇਹ ਨਾਜੁਕ ਕਿਸਮ ਦੇ ਜਾਨਵਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਕੁੱਝ ਕੁ ਖਤਰਨਾਕ ਬਿਮਾਰੀਆ ਵੀ ਹਨ ਜਿੰਨਾਂ ਤੋੰ ਬਚਣ ਲਈ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੂੰਦੀ ਹੈ..

Posted by gurpreet singh
Punjab
26-09-2019 09:43 PM
ਤੁਸੀ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜ, Gouge ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜ ਦਿਓ, ਅਤੇ Calcimust gold liquid 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਇਸਦਾ ਵੀ ਦੁੱਧ ਵਧਾਉਣ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਰਿਜਲਟ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਖੁਰਾਕ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ.

Posted by Atul verma
Chattisgarh
26-09-2019 09:42 PM
bhai sahib nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein or training lein

Posted by Deepak Kumar Agrawal
Chattisgarh
26-09-2019 09:41 PM
दीपक जी आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by harish
Madhya Pradesh
26-09-2019 09:33 PM
हरीश जी कृपया आप इस पौधे की पूरी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by vikas kumar
Uttar Pradesh
26-09-2019 09:28 PM
प्राकृतिक खेती देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र पर आधारित है एक देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र से एक किसान तीस एकड़ जमीन पर जीरो बजट खेती कर सकता है देसी प्रजाति के गौवंश के गोबर एवं मूत्र से जीवामृत, घनजीवामृत तथा जामन बीजामृत बनाया जाता है इनका खेत में उपयोग करने से मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के साथ-साथ ज.... (Read More)
प्राकृतिक खेती देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र पर आधारित है एक देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र से एक किसान तीस एकड़ जमीन पर जीरो बजट खेती कर सकता है देसी प्रजाति के गौवंश के गोबर एवं मूत्र से जीवामृत, घनजीवामृत तथा जामन बीजामृत बनाया जाता है इनका खेत में उपयोग करने से मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के साथ-साथ जैविक गतिविधियों का विस्तार होता है जीवामृत का महीने में एक अथवा दो बार खेत में छिड़काव किया जा सकता है जबकि बीजामृत का इस्तेमाल बीजों को उपचारित करने में किया जाता है इस विधि से खेती करने वाले किसान को बाजार से किसी प्रकार की खाद और कीटनाशक रसायन खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है फसलों की सिंचाई के लिये पानी एवं बिजली भी मौजूदा खेती-बाड़ी की तुलना में दस प्रतिशत ही खर्च होती है इसके इलावा आप यह वीडियो भी देख सकते है https://www.youtube.com/watch v=J7iv97BOLu4
Posted by sukh kang
Punjab
26-09-2019 09:25 PM
Os nu peat de kirre lai Bolus Flukired DS bolus deo esde nall Powder Tonakind Gold powder 2-2 chamach rojana deo ate Broton liquid 50ml rojana deo ,iss nal frak paa jawega..
Posted by Karan Deep
Punjab
26-09-2019 09:16 PM
Deep ji isde lai jankari lai tuci ehh video dekh skde ho.
https://www.youtube.com/watch v=2bHO9cR83q0

Posted by joginder singh
Punjab
26-09-2019 09:07 PM
Joginder singh ji papite de bute len lai tusi Sarwan Singh Maan 9340126148, 9478000850 Anmaanat Biotech Amritsar nal samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Magaram Saran
Rajasthan
26-09-2019 09:04 PM
मूंग में लट की रोकथाम के लिए आप quinalphos @800ml को प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by joginder singh
Punjab
26-09-2019 09:04 PM
, ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛ.... (Read More)
, ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerboost ਪਾਊਡਰ 50-50 ਗ੍ਰਾਮ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਜੀ ਇਸ ਨਾਲ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ

Posted by Prabhjot Randhawa
Punjab
26-09-2019 09:01 PM
Prabhjot ji tuci majh 12-14 litre dhudh den wali ate cow 20-25 litre tak dhudh den wali rakh skde ho..
Posted by SANDEEP
Punjab
26-09-2019 08:58 PM
Sandeep ji tractor kheti di varto layi tyar kita janda hai is layi os uper music system layi space nahi hundi kyuki tractor da khus hi bahut shor hunda hai .
Posted by ashish soni
Madhya Pradesh
26-09-2019 08:54 PM
मौसम विभाग के अनुसार कल आपके इलाके में बारिश होने की सम्भावना है धन्यवाद
Posted by ashish soni
Madhya Pradesh
26-09-2019 08:48 PM
आशीष जी यह किसान के मित्र कीट है इनका कोई नुक्सान नहीं है धन्यवाद

Posted by Jaswinder singh
Punjab
26-09-2019 08:40 PM
Jaswinder singh ji hisar kisan mela 11,12 - sep-2019 nu si hun 5 oct 2019 nu karnal kanak mela hon ja reha hai, Thankyou.

Posted by ਰਾਜਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
26-09-2019 08:39 PM
rajveer ji isde uper tuc glamore@50 gram nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Chandra Bhan singh
Uttar Pradesh
26-09-2019 08:35 PM
सिट्रस को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसके लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी सिट्रस की खेती के लिए बहुत अच्छी होती है खेत की तैयारी क.... (Read More)
सिट्रस को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसके लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी सिट्रस की खेती के लिए बहुत अच्छी होती है खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है रोपाई से पहले, जोताई करें और समतल करें पंजाब में बसंत के मौसम (फरवरी से मार्च) और मॉनसून के मौसम (15 अगस्त से अक्तूबर के अंत) में रोपाई की जाती है लोबिया, सब्जियों, फ्रैंच बीन्स के साथ अंतर फसली शुरूआती दो से तीन वर्ष में किया जा सकता है पौधों के बीच 4.5x4.5 फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलम लगाकर या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है
पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर के नज़दीक से 50-60 सैं.मी. में शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस-पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए नदीनों को हाथ से गोडाई करके या रासायनों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है ग्लाइफोसेट 1.6 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें ग्लाइफोसेट की स्प्रे सिर्फ नदीनों पर ही करें, मुख्य फसल पर ना करें

Posted by Chandra Bhan singh
Uttar Pradesh
26-09-2019 08:30 PM
Chandra Bhan singh ji adhrak ka seed lene ke lia aap Nishan Singh Kachoora 9927994011 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Satwinder Kumar
Punjab
26-09-2019 08:29 PM
Satwinder ji iss nu tuci Pregstay gold powder 50gm rojana dena suru kro ate 20 din tak dinde rho, jekar ehh gaban hoi tan rukk jawegi jekar gaban naa hoi tan dubara heat vich aa jawegi.

Posted by bharat
Madhya Pradesh
26-09-2019 08:28 PM
आप उसे अच्छी फीड के साथ एक किलो सरसों की खल, 1 किलो बड़ेवो की खल सुबह शाम दें , 20 ग्राम मीठा सोडा रोजाना एक बार दें इसके साथ Fatplus पाउडर 50 ग्राम या Fatmax पाउडर 50 ग्राम दें, इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by Chandra Bhan singh
Uttar Pradesh
26-09-2019 08:24 PM
सिट्रस को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसके लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी सिट्रस की खेती के लिए बहुत अच्छी होती है खेत की तैयारी क.... (Read More)
सिट्रस को हर तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है हल्की मिट्टी जो अच्छे निकास वाली हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है इसके लिए मिट्टी का pH 5.5-7.5 होना चाहिए इन्हें हल्की क्षारीय और तेज़ाबी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है हल्की दोमट अच्छे जल निकास वाली मिट्टी सिट्रस की खेती के लिए बहुत अच्छी होती है खेत की तैयारी के लिए, खेत की अच्छी तरह से जोताई, क्रॉस जोताई और अच्छे से समतल करना चाहिए पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानों की बजाय मेंड़ पर रोपण किया जाता है ऐसे क्षेत्रों में उच्च घनत्व रोपण भी संभव है रोपाई से पहले, जोताई करें और समतल करें पंजाब में बसंत के मौसम (फरवरी से मार्च) और मॉनसून के मौसम (15 अगस्त से अक्तूबर के अंत) में रोपाई की जाती है लोबिया, सब्जियों, फ्रैंच बीन्स के साथ अंतर फसली शुरूआती दो से तीन वर्ष में किया जा सकता है पौधों के बीच 4.5x4.5 फासला रखना चाहिए नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए गड्ढों में रोपाई के समय गली हुई रूड़ी की खाद 10 किलो और सिंगल सुपर फासफेट 500 ग्राम डालें नए पौधों की रोपाई के लिए गड्ढों का आकार 60x60x60 सैं.मी. होना चाहिए पौधों का प्रजनन कलम लगाकर या एयर लेयरिंग द्वारा किया जाता है
पौधे के तने की अच्छी वृद्धि के लिए, ज़मीनी स्तर के नज़दीक से 50-60 सैं.मी. में शाखाओं को निकाल देना चाहिए पौधे का केंद्र खुला होना चाहिए विकास की शुरूआती अवस्था में आस-पास की टहनियों को निकाल देना चाहिए नदीनों को हाथ से गोडाई करके या रासायनों द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है ग्लाइफोसेट 1.6 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें ग्लाइफोसेट की स्प्रे सिर्फ नदीनों पर ही करें, मुख्य फसल पर ना करें
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