Experts Q&A Search

Posted by Gopi jatt
Punjab
27-09-2019 04:38 PM
Punjab
12-17-2019 12:24 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਸ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਨਾਲ ਭੇਜੇ link ਨੂੰ click ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ https://youtu.be/S58yXVp5pWI
Posted by Rajvinder singh
Punjab
27-09-2019 04:38 PM
Punjab
09-27-2019 05:27 PM
rajwinder ji kirpa karke apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by सुनिल निगवाल
Madhya Pradesh
27-09-2019 04:26 PM
Punjab
09-27-2019 05:14 PM
nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein training lao te loan milega
Posted by Sunny Mahey
Punjab
27-09-2019 04:04 PM
Punjab
09-27-2019 05:35 PM
ਸਨੀ ਜੀ Metabolite powder ਨੂੰ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਸੂਣ ਤੋਂ 20 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਇਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਵਧਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਜੇਰ ਪੈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਵਿਟਾਮਿਨ, ਮਿਨਰਲ ਮਿਲਦੇ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਪਸ਼ੂ ਸਮੇ ਤੇ ਗੱਭਣ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਸਰੀਰ ਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ 50-80 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ.
Posted by Manoj Bhooria
Madhya Pradesh
27-09-2019 03:56 PM
Maharashtra
09-27-2019 05:31 PM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाशियम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए प्लानोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैग्नीशियम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by Pankaj Malik
Haryana
27-09-2019 03:55 PM
Punjab
09-27-2019 05:19 PM
tebuconazole ... amistar custodia propiconazole ....enme se koi b dwai kr skte ho app
Posted by Ravindra Choudhary
Madhya Pradesh
27-09-2019 03:54 PM
Punjab
09-27-2019 05:15 PM
nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein or training lein phir loan milega
Posted by Rajendra chaurasiya
Uttar Pradesh
27-09-2019 03:54 PM
Maharashtra
09-27-2019 05:32 PM
रजिंद्रा जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Sunny Mahey
Punjab
27-09-2019 03:49 PM
Punjab
09-27-2019 05:43 PM
ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਥਨਾ ਨੂੰ ਚੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਦ Betadine ਘੋਲ ਵਿਚ ਡੋਬੋ ਇਸ ਨਾਲ ਵੀ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਘੱਟ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਚੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਦ 30 ਮਿੰਟ ਤਕ ਬੈਠਣ ਨਹੀਂ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਓਹਨਾ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ..
Posted by राहुल तिवारी
Uttar Pradesh
27-09-2019 03:38 PM
Punjab
09-27-2019 05:12 PM
अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है
Posted by harshit
Uttar Pradesh
27-09-2019 03:38 PM
Punjab
09-27-2019 05:43 PM
हर्षित जी कानपूर में किसान मेला Chandra Shekhar Azad University of Agriculture and Technology में 3 -6 अक्तूबर को हो रहा है
Posted by GURPREET SINGH
Punjab
27-09-2019 03:31 PM
Haryana
09-27-2019 05:54 PM
GURPREET SINGH ji bioflock fish farming ke bare me sab chize sms me nai btayi ja sakti ji. yeh aap par depend karta hai ke aap kis level par karte hao. aap hmara farm dekh sakte hai haryana me . khud farm dekhe or puri jankari lekar hi farm shuru kare ji. 98170 84445 yeh number par muje call kar sakte ho ji.
Posted by chandraket Kumar Singh
Bihar
27-09-2019 03:29 PM
Punjab
09-27-2019 04:41 PM
chandraket Kumar Singh agar aapke paas chara nai hai aap packing kiya geya silage kharide . uske sath feed or bhuusa khilaye. packing wala silage online bhi mil jata hai ji.
Posted by Rajesh Kumar
Bihar
27-09-2019 03:23 PM
Punjab
09-27-2019 05:40 PM
Rajesh ji kripya aap iski najdiki photo bheje video men ped bahut door hai kripya aap iski najdiki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by mangilal rathod
Madhya Pradesh
27-09-2019 03:18 PM
Maharashtra
09-27-2019 05:48 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हर.... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bonneville: यह मध्यम समय की किस्म है इसके फलियां मीठे दानों वाली होती हैं इसकी औसतन पैदावार 36 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Multi Freezer: यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी फलियां मीठी और नर्म होती हैं यह ठंड को सहनेयोग्य किस्म हैं इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad P-I: यह छोटे कद की किस्म है इसके दाने झुर्रीदार होते हैं इसकी औतसन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Early E-6: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खरीफ ऋतु की फसल की कटाई के बाद, सीड बैड तैयार करने के लिए हल से 1 या 2 बार जोताई करें हल से जोतने के बाद 2 या 3 बार तवियों से जोताई करें जल जमाव से रोकने के लिए खेत को अच्छी तरह समतल कर लेना चाहिए बिजाई से पहले, खेत की एक बार सिंचाई करें जो कि फसल के अच्छे अंकुरन में सहायक होती है फसल को मिट्टी से पैदा होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए ट्राइकोडरमा विराइड 10 किलो को अच्छी तरह से गले हुए गाय के गोबर 25-30 किलो को आखिरी जोताई के समय प्रति एकड़ में डालें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है कतारों में 30-40 सैं.मी. और पौधें में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें लंबी किस्मों के लिए 32-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और छोटे कद की किस्मों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई के समय नाइट्रोजन 13 किलो (30 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (150 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें फासफोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को बिजाई के एक महीने बाद डालें छोटे कद की किस्मों के लिए नाइट्रोजन की 8 किलो मात्रा बिजाई के समय डालें एक या दो गोडाई करना यह किस्म पर निर्भर करता है पहली गोडाई, फसल की बिजाई के 3-4 सप्ताह बाद या जब फसल 2 या 3 पत्ते निकाल लेती है और दूसरी गोडाई, फूल निकलने से पहले करें मटरों की खेती के लिए नदीन नाशकों का प्रयोग बहुत प्रभावशाली होता है फ्लूक्लोरालिन 45 ई सी 800 मि.ली. को 100-150 लीटर पानी में मिलाकर बीज बोने से पहले खेत में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ या बसालिन 1 लीटर प्रति एकड़ का प्रयोग फसल बीजने से 48 घंटों के अंदर करें
Posted by Sukhchain Singh
Punjab
27-09-2019 03:08 PM
Punjab
10-14-2019 06:18 PM
ਇਹ ਮਿਰਚ ਦੀ ਬਹੁਤ ਚੰਗੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ ਫਰਵਰੀ ਤੋਂ ਜੂਨ ਤਕ ਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਦੂਸਰਾ ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਪਹਿਲੀ ਤੁੜਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 45-50 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਰੰਗ ਫਿੱਕਾ ਹਾਰਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਲੰਬਾਈ 12 - 14 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਤਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਦੀ ਚੌੜਾਈ ਤਕਰੀਬਨ 1-1.2 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਤਕ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Sewak .lSingh
Punjab
27-09-2019 02:56 PM
Punjab
09-27-2019 05:15 PM
ਸੇਵਕ ਜੀ ਜੇਕਰ ਫ਼ਸਲ ਵਿਚ ਬਿਮਾਰੀ ਲੱਗਦੀ ਹੈ ਤਾ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਕਿ ਫ਼ਸਲ ਉਸ ਖੇਤ ਵਿਚ ਦੁਬਾਰਾ ਨਾ ਬੀਜੀ ਜਾਏ ਕਿਉਕਿ ਬਿਮਾਰੀ ਦੇ ਕਣ ਮਿੱਟੀ ਵਿਚ ਰਹਿ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਓਹੀ ਬਿਮਾਰੀ ਅਗਲੇ ਸਾਲ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਕੇਵਲਸਿੰਘ
Punjab
27-09-2019 02:51 PM
Maharashtra
09-27-2019 02:56 PM
ਕੇਵਲ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਕਿਹੜੇ ਘਾਹ ਦੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਹੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਕੇਵਲਸਿੰਘ
Punjab
27-09-2019 02:45 PM
Punjab
09-27-2019 02:55 PM
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ .... (Read More)
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Posted by Anand giri Goswami
Madhya Pradesh
27-09-2019 02:38 PM
Punjab
09-27-2019 05:21 PM
kaane fall aur pattia kaat kr ..corazen. sprey kro ache se
Posted by dinesh saini
Rajasthan
27-09-2019 02:35 PM
Maharashtra
09-27-2019 05:49 PM
इलायची के रोपण करते समय भूमि में जल संरक्षण करना बहुत आवश्यक है कम बारिश वाले भाग में और ढलान वाली भूमि में जल संरक्षण करना जरूरी है इसकी फसल में नीम की खली एक किलोग्राम मुर्गी की खाद , FARMYARD खाद , कम्पोस्ट खाद या वर्मी कम्पोस्ट खाद की २ किलोग्राम की मात्रा को जैविक खाद के रूप में प्रयोग करना चाहिए इस खाद का प्रय.... (Read More)
इलायची के रोपण करते समय भूमि में जल संरक्षण करना बहुत आवश्यक है कम बारिश वाले भाग में और ढलान वाली भूमि में जल संरक्षण करना जरूरी है इसकी फसल में नीम की खली एक किलोग्राम मुर्गी की खाद , FARMYARD खाद , कम्पोस्ट खाद या वर्मी कम्पोस्ट खाद की २ किलोग्राम की मात्रा को जैविक खाद के रूप में प्रयोग करना चाहिए इस खाद का प्रयोग एक साल में एक बार किया जा सकता है यदि इस खाद को हम मई या जून के महीने में प्रयोग करते है तो बहुत फायदेमंद होता है इलायची की फसल में लगने वाले रोग की रोकथाम करने के लिए :-इलायची की फसल में मुख्य रूप से फंगल रोग और पेड़ों की झुरमुट सड़ांध है इस रोग से इलायची का पौधा बिलकुल बेकार हो जाता है जिससे हमे उन्नत किस्म की उपज नही मिलती इसकी रोकथाम करने के लिए हमे बीजों को ट्राईकोडरमा कीटनाशक दवा से उपचरित करके बोना चाहिए इसके आलावा इलायची की बुआई उचित समय पर करनी चाहिए इलायची का जो पौधा वायरस के प्रभाव में आ जाता है उसके वायरस को और ना बढ़ने दें रोगग्रस्त पौधे को उखाड़कर जलाकर नष्ट कर दें इलायची की खेती करने के लिए 10 डिग्री से 30 डिग्री का तापमान सबसे उत्तम माना जाता है तापमान के साथ – साथ इलायची की अधिक उपज लेने के लिए नमी युक्त स्थान और छायादार स्थान का होना बहुत जरूरी है
Posted by gulvir singh
Punjab
27-09-2019 02:34 PM
Punjab
09-27-2019 05:16 PM
ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਤੋਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦਾ ਪਹਿਲਾ ਹਫਤਾ ਮੰਨਿਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by devendrapratap
Uttar Pradesh
27-09-2019 02:30 PM
Punjab
10-14-2019 07:17 PM
Devendrapratap ji azola seed lene ke lia aap Ram 8684979752 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Virendra Singh
Uttar Pradesh
27-09-2019 02:28 PM
Punjab
09-27-2019 05:50 PM
आप आलू की किस्मे जैसे Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा ज.... (Read More)
आप आलू की किस्मे जैसे Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है यह पिछेती और अगेती झुलस रोग और पत्ता मरोड़ रोग की रोधक है
Posted by ruplal mahto
Jharkhand
27-09-2019 02:27 PM
Punjab
09-27-2019 05:52 PM
रूपलाल जी अभी आप सब्जियां जैसे गाजर, शलगम, फूलगोभी, आलू, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, कोहीराबी, धनिया, सौंफ के बीज, सलाद, ब्रोकोली की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by santosh singh chauhan
Gujarat
27-09-2019 02:27 PM
Punjab
09-27-2019 05:54 PM
Santosh ji iske uper keet ka hamla hai iski roktham ke liye aap imidacloprid @1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by SHAYAM SINGH SISODIYA
Madhya Pradesh
27-09-2019 02:26 PM
Punjab
10-16-2019 12:04 AM
MP 3269 : yea kam pani mein 18q/acre ki paidavar deti hai . JW 3288: yeh 2 pani ke sath 18.8q/acre paidavaar deti hai.
Posted by SHAYAM SINGH SISODIYA
Madhya Pradesh
27-09-2019 02:25 PM
Punjab
12-04-2019 04:20 PM
Shrimaan ji, ane vale agle dino tak mausam saaf hi rahega, dhanywad
Posted by Virendra Singh
Uttar Pradesh
27-09-2019 02:23 PM
Punjab
09-27-2019 03:01 PM
आप आलू की किस्मे जैसे Kufri Alankar: इस फसल को पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों में उगाने के लिए सिफारिश की जाती है यह लंबे कद की और मोटे तने वाली किस्म है यह फसल मैदानी इलाकों में 75 दिनों में और पहाड़ी इलाकों में 140 दिनों में पकती है इसके आलू गोलाकार होते हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kufri Ashoka: यह .... (Read More)
आप आलू की किस्मे जैसे Kufri Alankar: इस फसल को पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों में उगाने के लिए सिफारिश की जाती है यह लंबे कद की और मोटे तने वाली किस्म है यह फसल मैदानी इलाकों में 75 दिनों में और पहाड़ी इलाकों में 140 दिनों में पकती है इसके आलू गोलाकार होते हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kufri Ashoka: यह लंबे कद की और मोटे तने वाली किस्म है यह किस्म 70-80 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसके आलू बड़े, गोलाकार, सफेद और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह पिछेती झुलस रोग को सहने योग्य किस्म है Kufri Badshah: इसके पौधे लंबे और 4-5 तने प्रति पौधा होते हैं इसके आलू गोल, बड़े से दरमियाने, गोलाकार और हल्के सफेद रंग के होते हैं इसके आलू स्वाद होते हैं यह किस्म 90-100 दिनों में पक जाती है यह किस्म कोहरे को सहनेयोग्य है और पिछेती, अगेती झुलस रोग की प्रतिरोधक है Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं यह किस्म 90-100 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 100-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है यह पिछेती और अगेती झुलस रोग और पत्ता मरोड़ रोग की रोधक है Kufri Chamatkar: इस किस्म के पौधे दरमियाने कद के, फैलने वाले और ज्यादा तनों वाले होते हैं यह किस्म मैदानी इलाकों में 110-120 दिनों में और पहाड़ी इलाकों में 150 दिनों में पकती है इस किस्म के आलू गोलाकार और हल्के पीले रंग के होते हैं मैदानी इलाकों में इसकी औसतन पैदावार 100 क्विंटल और पहाड़ी इलाकों में 30 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह पिछेती झुलस रोग, गलन रोग और सूखे की रोधक किस्म है
Posted by Palwinder Singh
Punjab
27-09-2019 02:19 PM
Punjab
09-27-2019 02:59 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਨੂੰ ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Amxirum Fort 4.5gm, ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Megludyne 20ml, ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Isoflud 5ml, ਇੰਜੈਕਸ਼ਨ Avil 10ml ਨੂੰ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਜੀ
Posted by Karan Deep
Punjab
27-09-2019 02:09 PM
Punjab
09-27-2019 03:02 PM
Hanji deep ji tuci isdi varto kr skde ho iss vich Piperazine Citrate hunda hai jo pett de kiria lai use hunda hai.
Posted by baljit Singh
Punjab
27-09-2019 02:07 PM
Punjab
09-27-2019 03:04 PM
Baljit ji feed aap uss hisab se dalen jitni woh asani se khaa skee aur hajam krr skee, vase ek murgi 110-120gm tak dana khaa jatii ha aap murgi aur murgeo ko unke khane ke hisab se feed dalen aur Broton liquid 20ml/100birds ke hisab se den..
Posted by pramod
Uttar Pradesh
27-09-2019 02:02 PM
Punjab
09-27-2019 03:20 PM
प्रमोद जी बकरी फार्म में शुरूआत करने से 1—1.5 साल के बाद आमदन शुरू होती है और इस काम में मार्किट आपको खुद बनानी पड़ती है और मार्किट में इनका रेट भार के हिसाब से होता है जो आपके नज़दीक मार्किट में रेट होगा उसी हिसाब से आप इन्हें बेच सकते है
Posted by Raman Tiwari
Uttar Pradesh
27-09-2019 02:01 PM
Rajasthan
09-27-2019 03:25 PM
रमन जी यदि आप गायों का व्यवसाय करना चाहते है तो सबसे पहले आप अच्छी नस्ल की गायों को खरीदें जितना दूध अच्छा हो फिर आप उनके दूध को अपने आस पास घरों में बेच सकते है यदि घरों में नहीं बेचा जाता तो आप डेयरी में भी लगा सकते है डेयरी में उसका रेट फैट और एसएनएफ के हिसाब से लगता है इसके इलावा आप दूध बेचने के साथ साथ दूध क.... (Read More)
रमन जी यदि आप गायों का व्यवसाय करना चाहते है तो सबसे पहले आप अच्छी नस्ल की गायों को खरीदें जितना दूध अच्छा हो फिर आप उनके दूध को अपने आस पास घरों में बेच सकते है यदि घरों में नहीं बेचा जाता तो आप डेयरी में भी लगा सकते है डेयरी में उसका रेट फैट और एसएनएफ के हिसाब से लगता है इसके इलावा आप दूध बेचने के साथ साथ दूध के प्रोडक्ट जैसे कि दही, लस्सी, घी, पनीर आदि तैयार करके बेच सकते है इससे भी आप अच्छा मुनाफा कमा सकते है बाकि आप उनके रहने का और खुराक का पूरा ध्यान रखें
Posted by R amchander shringi
Rajasthan
27-09-2019 02:00 PM
Punjab
09-27-2019 02:23 PM
रामचंदर जी कृपया आप बताये के आपने खेत में क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Krishna pal
Uttar Pradesh
27-09-2019 01:54 PM
Punjab
09-27-2019 02:25 PM
Krishna ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by rajan Maddheshiya
Chattisgarh
27-09-2019 01:53 PM
Punjab
09-27-2019 05:59 PM
rajan ji aap iski roktham ke liye chess@120gm ja glamore@50gm ja dentop@35gm ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Krishna pal
Uttar Pradesh
27-09-2019 01:53 PM
Punjab
09-27-2019 02:26 PM
Krishna ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by rahul kumar
Punjab
27-09-2019 01:40 PM
Punjab
09-27-2019 03:31 PM
Rahul ji chicks ko feed unke khane aur assani se hajam krne ke hisab se deni chahiye, jithni woh assani se khate hai uss hisab se dalen, yadi chicks jyada chote hai too woh khurak thodi thodi khani suru krenge aur ek achi growth wali murgi 110-120 gm feed khaa leti hai ..
Posted by gursewak Singh
Punjab
27-09-2019 01:39 PM
Punjab
09-27-2019 02:22 PM
ਜੇਕਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਤਾਂ ਹੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਗੀਆਂ ਪਰ ਜੇਕਰ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਪਰ ਉਹ ਫਿਰ ਵੀ ਅੰਡੇ ਨਹੀ ਦੇ ਰਹੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਮੁਰਗੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਣਗੀਆਂ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ostovet ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 15ml ਪ੍ਰਤ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਤਾਂ ਹੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਗੀਆਂ ਪਰ ਜੇਕਰ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਪਰ ਉਹ ਫਿਰ ਵੀ ਅੰਡੇ ਨਹੀ ਦੇ ਰਹੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਮੁਰਗੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਣਗੀਆਂ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ostovet ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 15ml ਪ੍ਰਤੀ 100 ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ ,
Posted by Pragnesh Raval
Gujarat
27-09-2019 01:37 PM
Punjab
10-16-2019 12:03 AM
pragnesh ji kripya aap btaye ke bajri abhi konsi stage par hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by rajpal
Haryana
27-09-2019 01:29 PM
Punjab
10-08-2019 04:51 PM
rajpal ji aap bijai ke same seed treatment jrur kare iske ilava aap ski bijai ke same mitti men nami ki matra check karen.
Posted by रोहित चौधरी
Madhya Pradesh
27-09-2019 01:16 PM
Punjab
10-16-2019 12:02 AM
ये फंगस के कारन हो रहा है आप इसमे मेंकोजेब @ 4gm /लीटर फिर आप कार्बेन्डाजिम @ 4gm /लीटर क हिसाब से स्प्रे कर सकते है
Posted by Raksha Ram Maurya
Uttar Pradesh
27-09-2019 01:11 PM
Punjab
09-27-2019 06:10 PM
श्रीमान जी बास्मती में फंगस का हमला है इसकी रोकथाम के लिए Custodia @250 ml या Folicur @250 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है