Posted by Shivam Rajput
Uttar Pradesh
29-09-2019 01:56 PM
sahi jaankari ke liye kripya btaye ki kyaa aapne koi spray kii hai
Posted by Manish Pal
Uttar Pradesh
29-09-2019 01:46 PM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्स.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्टूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
29-09-2019 01:44 PM
nazdik de pashuan de hospital naal sampark karo 2
Posted by minder lal
Uttarakhand
29-09-2019 01:43 PM
aap iske uper folicur@200ml ja pulsor@200ml ja custodia@300ml ko prati acre ke hisab se spray karen. dhanyawad

Posted by Pooran Lal Ahirwar
Madhya Pradesh
29-09-2019 01:41 PM
Poori jaankari ke liye kripya fasal kii photo bheje.

Posted by kuldeep
Uttar Pradesh
29-09-2019 01:39 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Suresh Bishnoi
Rajasthan
29-09-2019 01:07 PM
दीमक के इलाज का तरीका:
आवश्यक सामग्री
• 8-10 मक्की के भुट्टे या शीशम की लकड़ी
• मिट्टी का घड़ा • सूती कपड़ा प्रयोग विधि
•एक मिट्टी का घड़ा लें, उस पर चारों ओर छेद करें
•उसके बाद घड़े में गिल्लियों या शीशम की लकड़ी को रखकर, घड़े के मुंह पर सूती कपडा बांधे
•फिर इसे खेत में इस प्रकार गाढ़ें, कि घड़े का मुंह जमीन से 1 .... (Read More)
दीमक के इलाज का तरीका:
आवश्यक सामग्री
• 8-10 मक्की के भुट्टे या शीशम की लकड़ी
• मिट्टी का घड़ा • सूती कपड़ा प्रयोग विधि
•एक मिट्टी का घड़ा लें, उस पर चारों ओर छेद करें
•उसके बाद घड़े में गिल्लियों या शीशम की लकड़ी को रखकर, घड़े के मुंह पर सूती कपडा बांधे
•फिर इसे खेत में इस प्रकार गाढ़ें, कि घड़े का मुंह जमीन से 1 इंच ऊपर निकला हो
•कुछ दिनों के बाद घड़े में बहुत सी दीमक आ जाती है, इसे खेत से दूर ले जाकर नष्ट कर दें इस तरह देसी तरीके से दीमक को नियंत्रित किया जा सकता है

Posted by susheel
Uttar Pradesh
29-09-2019 01:03 PM
aap iske upr imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen. dhanywad
Posted by Anuj Kumar tripathi
Uttar Pradesh
29-09-2019 01:01 PM
Shiman ji, ap bijai se pehle gypsum @ 1 quintal dalein, or kisme jaise ke WH 896, PBW 373, PBW 343,HD 2643, UP 2425, PBW 443, DBW 14, NW 2036, MACS 6145, HD 2824, PBW 524, PBW 502, PBW 291, 524, HD 2864, HI 8627, K9001, K-9162, k-8434, halna, naina, UP 2338 ki biaji kar sakte hain, dhanywad
Posted by sat ish pratap singh
Uttar Pradesh
29-09-2019 12:59 PM
आप इसके लिए NPK 191919 एक किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद..
Posted by Anuj Kumar tripathi
Uttar Pradesh
29-09-2019 12:58 PM
Shiman ji, ap bijai se pehle gypsum @ 1 quintal dalein, or kisme jaise ke WH 896, PBW 373, PBW 343,HD 2643, UP 2425, PBW 443, DBW 14, NW 2036, MACS 6145, HD 2824, PBW 524, PBW 502, PBW 291, 524, HD 2864, HI 8627, K9001, K-9162, k-8434, halna, naina, UP 2338 ki biaji kar sakte hain, dhanywad

Posted by vikas patidar
Rajasthan
29-09-2019 12:57 PM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo bhusa 2-3 kg tak pao

Posted by vikas patidar
Rajasthan
29-09-2019 12:53 PM
bhai sahib crossbred gau mein jeh subhavik hota hi ae
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
29-09-2019 12:43 PM
ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਿਹਤਮੰਦ ਆਲੂ ਹੀ ਚੁਣੋ ਬੀਜ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਵਾਲੇ ਆਲੂ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਭਾਰ 25-125 ਗ੍ਰਾਮ ਹੋਵੇ, ਵਰਤੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਕੋਲਡ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਕੱਢ ਕੇ 1-2 ਹਫਤਿਆਂ ਲਈ ਛਾਂ ਵਾਲੀ ਥਾਂ ਤੇ ਰੱਖੋ ਤਾਂ ਕਿ ਉਹ ਪੁੰਗਰ ਜਾਣ ਆਲੂਆਂ ਦੇ ਸਹੀ ਪੁੰਗਰਨ ਲਈ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਜਿਬਰੈਲਿਕ ਐਸਿਡ 1 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਇੱਕ ਘੰਟੇ ਲਈ ਸੋਧੋ ਫਿਰ ਛਾਂਵ.... (Read More)
ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਸਿਹਤਮੰਦ ਆਲੂ ਹੀ ਚੁਣੋ ਬੀਜ ਦੇ ਤੌਰ ਤੇ ਦਰਮਿਆਨੇ ਆਕਾਰ ਵਾਲੇ ਆਲੂ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਭਾਰ 25-125 ਗ੍ਰਾਮ ਹੋਵੇ, ਵਰਤੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਕੋਲਡ ਸਟੋਰ ਤੋਂ ਕੱਢ ਕੇ 1-2 ਹਫਤਿਆਂ ਲਈ ਛਾਂ ਵਾਲੀ ਥਾਂ ਤੇ ਰੱਖੋ ਤਾਂ ਕਿ ਉਹ ਪੁੰਗਰ ਜਾਣ ਆਲੂਆਂ ਦੇ ਸਹੀ ਪੁੰਗਰਨ ਲਈ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਜਿਬਰੈਲਿਕ ਐਸਿਡ 1 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਇੱਕ ਘੰਟੇ ਲਈ ਸੋਧੋ ਫਿਰ ਛਾਂਵੇ ਸੁਕਾਓ ਅਤੇ 10 ਦਿਨਾਂ ਲਈ ਹਵਾਦਾਰ ਕਮਰੇ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਫਿਰ ਕੱਟ ਕੇ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਮੈਨਕੋਜ਼ੇਬ 0.5% ਘੋਲ (5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ) ਵਿੱਚ 10 ਮਿੰਟਾਂ ਲਈ ਡੋਬੋ ਇਸ ਨਾਲ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਗਲਣ ਤੋਂ ਬਚਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਗਲਣ ਅਤੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਚ ਕਾਲਾਪਨ ਰੋਗ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਸਾਬਤੇ ਅਤੇ ਕੱਟੇ ਹੋਏ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ 6% ਮਰਕਰੀ ਦੇ ਘੋਲ (ਟੈਫਾਸਨ) 0.25% (2.5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ) ਵਿੱਚ ਪਾਓ

Posted by Gurpïńďëŕ Brar
Punjab
29-09-2019 12:41 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai 1kg wadhya feed pao 2-3 calcium dian bottle khoon wali naarh wich doctor ton luao isnu 7 din 1kg kanak da dalia 500g gur ch rinh ke swer te aina hi shaam nu khuao

Posted by sajjan singh
Haryana
29-09-2019 12:36 PM
Shrimaan ji, agar apki jamee mein khaar hai to ap isme gypsum @ 1 quintal parti acre mein dal kar kisi bhi fasal jki bijai kar sakt e hain, dhanywad
Posted by chaman pal
Uttar Pradesh
29-09-2019 12:34 PM
is me sundi ka hamla check kre, agar hamla dikhe to fame @20ml ya coragen @60ml prti acre ka istemal kre.
Posted by Deepak Thakur
Uttar Pradesh
29-09-2019 12:32 PM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai gau nu 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo swer shaam taaran v dekho jab taaran dekho is ka garbdan karwao
Posted by vishal kumar
Uttar Pradesh
29-09-2019 12:29 PM
Kele ke beej nahi suckers lagaye jate hain unko lagane ka sahi same february se march tak ka hota hai

Posted by Anup kumar
Uttar Pradesh
29-09-2019 12:26 PM
श्रीमान जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by sidhu
Punjab
29-09-2019 12:25 PM
श्रीमान जी, साधारण विधि से कम्पोस्ट बनाने में 20 से 25 दिन का समय लगता है 100 सेंमी लम्बी, 50 सेंमी चौडी तथा 15 सेंमी ऊची 15 पेटियों के लिए इस विधि से कम्पोस्ट बनाने के लिए सामग्री:
1. धान या गेहूं का 10-12 सेंमी लम्बाई में कटा हुआ भूसा - 250 किलोग्राम
2. धान या गेहूं की भूसी - 20-25 किलोग्राम
3. अमोनियम सल्फेट या कैल्शियम अम.... (Read More)
श्रीमान जी, साधारण विधि से कम्पोस्ट बनाने में 20 से 25 दिन का समय लगता है 100 सेंमी लम्बी, 50 सेंमी चौडी तथा 15 सेंमी ऊची 15 पेटियों के लिए इस विधि से कम्पोस्ट बनाने के लिए सामग्री:
1. धान या गेहूं का 10-12 सेंमी लम्बाई में कटा हुआ भूसा - 250 किलोग्राम
2. धान या गेहूं की भूसी - 20-25 किलोग्राम
3. अमोनियम सल्फेट या कैल्शियम अमोनियम नाईट्रेट - 4 किलोग्राम
4. यूरिया - 3 किलोग्राम
5. जिप्सम - 20 किलोग्राम
6. मैलाथियॉन - 10 किलोग्राम
जिस स्थान पर कम्पोस्ट तैयार करनी हो वहां पर गेहूं के भूसे की 8 से 10 इंच मोटी तह बिछाकर उसे पानी से अच्छी तरह से भिगो दें पानी में भीगोने के लगभग 16 से 18 घंटे बाद उसमें जिप्सम तथा कीटनाशक को छोडकर बाकी सभी सामग्री अच्छी तरह से मिला दें फिर उस सारी सामग्री का एक मीटर चौडा, एक मीटर ऊचा तथा समायोजित लम्बाई का ढेर बना दें इस ढेर को प्रत्येक 3-4 दिन के अंतराल पर हवा लगाने के लिए फर्श पर खोलकर बिछा दें तथा आधा घंटे बाद दोबारा उसी आकार का ढेर बना दें अगर भूसा सूखा लगे तो उस पर हल्का पानी छिडककर गीला कर लें तीसरी पलटाई के दौरान कुल जिप्सम की आधी मात्रा मिला दें शेष बचे जिप्सम को चौथी पलटाई के दौरान भूसे में मिला दें पॉचवी पलटाई के दौरान 10 मिलि लिटर मैलाथियान को 5 लीटर पानी में घोलकर भूसे पर छिडकाव करें तथा अच्छी तरह से मिलाकर फिर से ढेर बना दें अगले 3 से 4 दिनों में कम्पोस्ट खाद पेटियों में भरने योग्य हो जायेगा मशरूम का उत्पादन अच्छी कम्पोस्ट खाद पर निर्भर करता है अत: कम्पोस्ट बनाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए धन्यवाद

Posted by Dhirendra singh
Uttar Pradesh
29-09-2019 12:21 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप गुलाब की खेती के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है क्या आप गुलाब की खेती नए सिरे से शुरू करना चाहते है या पहले से कर रहें है कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by sawarnjit singh
Haryana
29-09-2019 12:20 PM
खेत की तैयारी के समय 7-12 टन रूड़ी की खाद का प्रयोग करें खादों के सही प्रयोग के लिए मिट्टी की जांच करवायें तोरिये की फसल में सिंचित हालातों में 25 किलो नाइट्रोजन (55 किलो यूरिया) और 50 किलो सिंगल सुपर फासफेट का प्रयोग करें पोटाश्यिम का प्रयोग केवल मिट्टी में इसकी कमी होने पर ही करें राया और गोभी सरसों में 40 किलो नाइ.... (Read More)
खेत की तैयारी के समय 7-12 टन रूड़ी की खाद का प्रयोग करें खादों के सही प्रयोग के लिए मिट्टी की जांच करवायें तोरिये की फसल में सिंचित हालातों में 25 किलो नाइट्रोजन (55 किलो यूरिया) और 50 किलो सिंगल सुपर फासफेट का प्रयोग करें पोटाश्यिम का प्रयोग केवल मिट्टी में इसकी कमी होने पर ही करें राया और गोभी सरसों में 40 किलो नाइट्रोजन (90 किलो यूरिया), 12 किलो फासफोरस (75 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और 6 किलो पोटाश्यिम (10 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) प्रति एकड़ डालें कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सारी खाद बिजाई से पहले डालें सिंचित हालातों में तोरिये के लिए खाद की सारी मात्रा बिजाई से पहले डालें, गोभी सरसों, राया के लिए खाद की आधी मात्रा बिजाई से पहले और आधी मात्रा पहला पानी लगाते समय डालें बारानी हालातों में खाद की सारी मात्रा बिजाई से पहले डालें
Posted by Harpinder Sandhu
Punjab
29-09-2019 12:15 PM
Harpinder ji dog di pregnancy rokan lai ohna da cross honn ton 10-12 din de andar andar uss nu stilbestrol injection 1ml, Dexona injection 1ml lgatar 3 din lgwao, jekar pregnancy jyada dina di hai tan tuci ehna di varto na kro, iss nal badd vich smasia hundi hai..

Posted by kamal
Punjab
29-09-2019 12:11 PM
tuci uss nu Homeopathic dwai Masticin 10-10 drops din vich 3 var deo ate Fibrocin homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deo, ehh tuci lambe time tak treatment kro, ehh Dr. jhon de product hai..

Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
29-09-2019 12:09 PM
kuldeep ji tuci uss nu nazdiki doctor ton check krwao usde khura di janch krke usda sahi ilagg howega.
Posted by gagan
Punjab
29-09-2019 12:09 PM
Gagan ji kirpa krke apne swal de nal photo v upload kro ji tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee..

Posted by Sharukh khan
Rajasthan
29-09-2019 12:08 PM
nazdik ke pashu palan adhikari se sampark karein
Posted by sohan lal
Himachal Pradesh
29-09-2019 12:07 PM
Isme keet hamla check kre, agar hamla dikhe to quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen. dhanywad

Posted by kumbha ram meghwal
Rajasthan
29-09-2019 12:05 PM
इसके ऊपर NPK 130045 @10 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें ..

Posted by santoshmeena
Madhya Pradesh
29-09-2019 12:03 PM
यह फंगस के कारण होता है, इसके लिए आप tilt @200 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद.

Posted by Narendrasingh Singh
Uttar Pradesh
29-09-2019 12:02 PM
Narendra ji HF nasal ki cow sbse jyada dhudh deti hai, apko HF 20-22 liter wali cow 35-40000 tak mill skti hai baki uske dhudh per hai ki woh kithna dudh deti hai uss hisab se rate fix hoga aur yeh khridne wale aur bechne wale per nirbhar hota hai ki voh kitna rate rkhte han....
Posted by gagan
Punjab
29-09-2019 11:59 AM
Gagan ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee..

Posted by rajwinder singh
Punjab
29-09-2019 11:54 AM
ਰਾਜਵਿੰਦਰ ਜੀ ਜੇਕਰ ਮੀਹ ਜ਼ਿਆਦਾ ਸੀ ਤਾ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸਦੀ ਸਪਰੇ ਦੁਬਾਰਾ ਕਰਨੀ ਪਾਏਗੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by amitpatel
Uttar Pradesh
29-09-2019 11:54 AM
Amitpatel ji aap iske bhukar ki janch krwayen, yadi isko bhukar nahi hai too isko aap pett ke kirro ke liye Flukarid-Ds bolus den aur Anabolite liquid 100ml rojana aur Broton liquid 50-50ml subah sham dena suru kren isse frak padd jayega..
Posted by Dhananjay Singh
Bihar
29-09-2019 11:40 AM
Aane wale dino me badal chhaye rhenge or 05 october se barish ki sambhavna bhi hai.

Posted by Rinku
Uttar Pradesh
29-09-2019 11:38 AM
poori jaankari ke liye kripya fasal kii photo bheje.

Posted by harpreet
Punjab
29-09-2019 11:38 AM
Guru Angad Dev Veterinary University, Ludhiana does not provide any special training regarding AI. You can get a 4 week training form Punjab Dairy Development Board (PDDB). To know about next training schedule in your area, you can call at PDDB head office at 0172-5027285 . Thank you.

Posted by Shailndra Dixit
Uttar Pradesh
29-09-2019 11:35 AM
is time sbziyon ki kheti krna fayedemand rhega.
Posted by Rajveer Singh
Punjab
29-09-2019 11:33 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Metra liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਸਫਾਈ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ..

Posted by ਗੁਰਪੰਥ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾਂ
Punjab
29-09-2019 11:29 AM
Gurpanth singh ji HD3226 da seed len lai tusi Punjab Seed Company, Gidderbaha 9814130982 nal samparak kar sakde ho ja fir is da seed mela jo ke ICAR-Indian Institute of Wheat and Barley Research(IIWBR) Karnal-132001, Haryana, India, Tel: +91-184-2267490 vikhe 5 Oct nu hon ja reha hai te pohach ke vi seed le sakde ho, Thankyou.

Posted by दीपक मीणा
Madhya Pradesh
29-09-2019 11:23 AM
दीपक जी धान में दाने काले फंगस के कारण पड़ते है इसके लिए आप tilt @200ml को प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें इसके इलावा आप महू की रोकथाम के लिए glamore@50gm या dentop@35gm को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by rakeshkumar
Bihar
29-09-2019 11:21 AM
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पा.... (Read More)
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके नए पौधों की रोपाई के लिए 45x45x45 सैं.मी. के फासले पर गड्ढे खोदे प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद के साथ कीटनाशी डालें बीजों को नर्सरी बैड में बोया जाता है रोपाई के लिए 12-15 महीने के नए पौधों का प्रयोग करें टिशू प्रजनन ग्राफ्टिंग, जड़, तने काट कर और micro छोटे प्रजनन द्वारा किया जाता है रोपाई के लिए पूर्व अंकुरन पौधों का प्रयोग किया जाता है मॉनसून का मौसम सागवान की रोपाई के लिए सबसे अच्छा मौसम होता है रोपाई के लिए 2x2 या 2.5x2.5 या 3x3 मीटर के फासले रखा जाता है जब अंतर-फसली अपनाई हो, तो 4x4 मीटर या 5.x5 मीटर फासला रखें सागवान की रोपाई के लिए पूर्व अंकुरित पौधों का प्रयोग करें 45x45x45 सैं.मी. के गड्ढे बनाएं प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद और मिट्टी डालें बिजाई पंक्ति में, छींटे द्वारा या पनीरी लगाकर की जा सकती है एक एकड़ में रोपाई के लिए लगभग 1500-1800 clones का प्रयोग करें हर साल अगस्त और सितंबर महीने में 50 ग्राम प्रति पौधे में पहले तीन वर्ष डालें पहले तीन वर्षों में खेत को नदीन मुक्त करना आवश्यक है नियमित समय पर गोड़ाई करें पहले वर्ष में 3 और दूसरे वर्ष में 2 गोड़ाई करें रोपाई के तीसरे वर्ष में एक बार गोड़ाई करें मॉनसून के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती सिंचाई गर्म या गर्मियों के महीने में और आवश्यकता अनुसार करें आवश्यकता अनुसार सिंचाई करने के साथ काफी हद तक पैदावार में सुधार आता है अतिरिक्त सिंचाई से पानी के धब्बे और फंगस ज्यादा हो जाती है
Posted by suresh kumar
Chattisgarh
29-09-2019 11:19 AM
परवल कद्दू कुल की एक पौष्टिक सब्जी है परवल की खेती के लिए गर्म एवं अधिक आर्द्रता वाली जलवायु उपयुक्त होती है ऐसे क्षेत्र जहां औसत वार्षिक वर्षा 100 से 120 सेंमी. हो तथा तापक्रम 5 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं जाता हो, वह क्षेत्र परवल की खेती के लिए सर्वोत्तम होता है लेकिन जहां सिंचाई की सुविधा न हो, वहाँ भी परवल की खे.... (Read More)
परवल कद्दू कुल की एक पौष्टिक सब्जी है परवल की खेती के लिए गर्म एवं अधिक आर्द्रता वाली जलवायु उपयुक्त होती है ऐसे क्षेत्र जहां औसत वार्षिक वर्षा 100 से 120 सेंमी. हो तथा तापक्रम 5 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं जाता हो, वह क्षेत्र परवल की खेती के लिए सर्वोत्तम होता है लेकिन जहां सिंचाई की सुविधा न हो, वहाँ भी परवल की खेती सफलतापूर्वक होती है बिहार की गंगा, सोन एवं गंडक दियारा क्षेत्रों में परवल की असिंचित फसल ही उगाई जाती है, फिर भी उपज अधिक प्राप्त होती है परवल भारी मिट्टी को छोड़कर सभी प्रकार की मिट्टियों में उगाया जा सकता है, परन्तु परवल की अच्छी पैदावार के लिए जल निकासयुक्त दोमट, बलुई दोमट मिट्टी जिसमें पर्याप्त मात्रा में जीवांश हो, अधिक उपयुक्त होती है यही कारण है कि परवल की खेती उत्तरप्रदेश, बिहार एवं पश्चिम बंगाल की नदियों के किनारों के दियारा क्षेत्रों में सफलतापूर्वक की जाती है परवल को हमेशा ऊँचे स्थान पर लगाना चाहिए, जहां पानी का जमाव नहीं होता हो उत्तरप्रदेश, बिहार तथा बंगाल में परवल की खेती पान के बरेजों में अंतरावर्ती फसल के रूप में करने की प्रथा अत्यंत पुरानी है, जहां के परवल के फल उच्च कोटि के गुणवत्ता वाले होते हैं मई-जून के महीनों में मिट्टी पलटने वाले हल से खेत को एकबार जुताई कर खुला छोड़ देना चाहिए ताकि हानिकारक कीड़े-मकोड़े मर जायें तथा खरपतवार सुख जायें लत्तर की रोपाई के लगभग एक महीना पहले मिट्टी में गोबर की सड़ी खाद अथवा कम्पोस्ट 200-250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से अच्छी तरह मिला देना चाहिए लत्तर रोपाई के समय खेत को 3-4 बार देशी हल से जुताई करके पाटा चलाकर मिट्टी को भुरभुरा तथा समतल बना लेना आवश्यक है डंडाली, राजेन्द्र परवल-1, राजेन्द्र परवल-2, स्वर्ण रेखा, स्वर्ण अलौकिक, निमियां, सफेदा, सोनपुरा, संतोखबा, तिरकोलबा, गुथलिया की बिजाई कर सकते है परवल उगाने की निम्नलिखित विधियां हैं:-1. बीज द्वारा 2. जड़ों की कलम द्वारा. लत्ताओं की लच्छी द्वारा रोपाई का समय भिन्न-भिन्न स्थानों पर अलग-अलग होता है मैदानी भागों में परवल की रोपनी का उचित समय मध्य जुलाई से अक्टूबर तक और दियारा क्षेत्रों में सितम्बर से अक्टूबर तक होता है परवल में अलग-अलग पौधों पर नर और मादा फूल उत्पन्न होते हैं नर पुष्पों से फल नहीं बनते हैं बल्कि वे मादा पुष्पों में परागण का कार्य करते हैं जिसमें मादा पुष्पों से फल बनना सम्भव होता है नर पुष्प बड़े और सफेद होते हैं, जबकि मादा पुष्प थोड़ा छोटा और सफेद होता है, उसके नीचे गर्भाश्य जुड़ा रहता है जो कुछ दिनों में परागण के बाद बढ़कर फल बन जाता है इसका विस्तार लताओं या बेलों द्वारा किया जाता है परवल लगाने के समय नर और मादा पौधों का अनुपात 1:19 होना अनिवार्य है उपरोक्त अनुपात नहीं रहने पर उत्पादन में काफी कमी हो जाती है खेत में कतार से कतार की दूरी 2.5 मीटर तथा पौधे से पौधे की दूरी 1.5 मीटर रखना चाहिए साथ ही थल्ले, भूमि की सतह से 6-8 सेंमी. ऊँचाई पर बनाने चाहिए एक वर्ष पुरानी लताओं से 120-150 सेंमी. लम्बे टुकड़े काटकर इस प्रकार मोड़ना चाहिए कि लच्छी की लम्बाई 30 सेंमी. हो जाये तथा 10 सेंमी. गहरे थालों में इस प्रकार लगाया जाय कि दोनों सिरे ऊपर खुले रहें रोपनी के बाद और फल लगने के समय तक 4-5 बार निकाई-गुड़ाई करनी चाहिए ताकि लताओं की शाकीय वृद्धि तेजी से हो लताओं के बढ़ जाने पर इसकी अनावश्यक वृद्धि को रोकने के लिए बार-बार लताओं को हाथ से उलटते-पलटते रहना चाहिए ऐसा करने से गांठों से जड़ें निकलकर जमीन में प्रवेश नहीं कर पाती है और फलन अधिक होता है मार्च माह के मध्य से पौधों पर फल लगना शुरू हो जाता है प्रारम्भ में फल लगने के 10-12 दिनों के बाद फल तोड़ने लायक हो जाते हैं इस प्रकार मार्च एवं अप्रैल माह में फलों की तोडनी प्रति सप्ताह एक बार तथा मई में प्रति सप्ताह दो बार अवश्य करनी चाहिए फलों की तोड़ाई मुलायम एवं हरी अवस्था में सूर्योदय से पहले करनी चाहिए इससे फल अधिक समय तक ताजे बने रहते हैं

Posted by Sukhveer. Singh jaura
Punjab
29-09-2019 11:14 AM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..
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