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Posted by ਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
29-09-2019 09:20 PM
Punjab
09-29-2019 10:14 PM
ਬਰਸੀਮ ,ਜਵੀਂ,ਰਾਈ ਘਾਹ
Posted by सयाजी आनंदा कुलकर्णी
Maharashtra
29-09-2019 09:20 PM
Maharashtra
02-14-2020 12:05 PM
सयाजी आनंदा कुलकर्णी जी, आप आम के पौधे लेने के लिए Rajindra 9822534678 Plants Paradise Nursery से सम्पर्क कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Jaswinder Singh
Punjab
29-09-2019 09:12 PM
Punjab
09-29-2019 09:30 PM
jaswinder ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Sanjay Kumar
Uttar Pradesh
29-09-2019 09:12 PM
Punjab
09-30-2019 11:40 AM
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्.... (Read More)
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें इससे अपने एरिया के नाबार्ड डिपार्टमैंट के सी जी एम को भी लोन के लिए मिलें
Posted by Deepu Gurjar
Rajasthan
29-09-2019 09:11 PM
Punjab
09-29-2019 09:32 PM
दीपू जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Banshidhar Sethi
Madhya Pradesh
29-09-2019 09:09 PM
Punjab
10-13-2019 12:30 PM
Banshidhar Sethi ji pishle kuj same se punjab me black wheat ki kheti ki ja rahi hai jo ke kafi safal vi rahi hai organic me is ka jhaar (yield) 15-18/q or chemical kheti me 22/q ke aas pas raha hai, je kisam bhi dusri kismo ki tarah hi 145 se 155 din me tyar hoti hai, Is ke bare me or jeada jankari or is ke seed lene ke lia aap Malwinder sinbgh Nelowalia 9888399412 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by ਜਸਬੀਰ ਸਿੰਘ ਭੁੱਲਰ
Punjab
29-09-2019 09:05 PM
Punjab
09-29-2019 09:53 PM
ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਫਲੂਕਲੋਰਾਲਿਨ 800 ਮਿ.ਲੀ. ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਪਾ ਕੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਅਤੇ 30-40 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 1 ਦਿਨ ਪਹਿਲਾ 1 ਲੀਟਰ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਤੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
Posted by Jaswinder Singh
Punjab
29-09-2019 09:04 PM
Punjab
09-30-2019 11:05 AM
Jaswinder singh ji kirpa karke apna swal visthar nal pusho ta jo tuhanu sahi jankari diti ja sake, Thankyou.
Posted by Manoj Yadav
Bihar
29-09-2019 08:58 PM
Punjab
09-30-2019 03:13 PM
Manoj ji apke swal ka jwab de diya gya hai aap App mai apne swal ka jwab dekh skte hai.
Posted by Santosh Singh chandel
Uttar Pradesh
29-09-2019 08:56 PM
Maharashtra
10-15-2019 04:56 PM
मिर्च में आर्द्रगलन रोग (डेम्पिंग ऑफ)लक्षण- यह मिर्च में एक प्रमुख रोग है, जो पौधशाला में आता है इस रोग का कारक एक भूमि जनित फफूद (पीथियम एफानीडरमेटस) है इस रोग के कारण पौधे उगने से पूर्व तथा उगने के कुछ दिन बाद मर जाते हैं जब पौधे उगने से पूर्व मर जाते हैं, तो किसानों को यही आभास होता है, कि बीज का जमाव कम था परं.... (Read More)
मिर्च में आर्द्रगलन रोग (डेम्पिंग ऑफ)लक्षण- यह मिर्च में एक प्रमुख रोग है, जो पौधशाला में आता है इस रोग का कारक एक भूमि जनित फफूद (पीथियम एफानीडरमेटस) है इस रोग के कारण पौधे उगने से पूर्व तथा उगने के कुछ दिन बाद मर जाते हैं जब पौधे उगने से पूर्व मर जाते हैं, तो किसानों को यही आभास होता है, कि बीज का जमाव कम था परंतु वे रोग के प्रकोप के विषय में अनभिज्ञ रहते हैं
Posted by Ganesh Ghoghra
Rajasthan
29-09-2019 08:52 PM
Punjab
10-03-2019 01:04 PM
Kripya vistar se btaye ke aap chane ki kheti ke bare me kya jaankari lena chahte hai.
Posted by manjinder Gill
Punjab
29-09-2019 08:52 PM
Punjab
09-30-2019 03:16 PM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਅਤੇ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Enerboost powder 100gm ਰੋਜਾਨਾ, Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ..
Posted by Ganesh Ghoghra
Rajasthan
29-09-2019 08:46 PM
Punjab
10-15-2019 05:01 PM
Chickpea ko takreeban 21-24*C din ka tapman chahiye or raat katapman karib15-20* C ka hona chahiye , yeh ek thande ilake ki fasl hai.dhanywad
Posted by अभिषेक खेमनर
Madhya Pradesh
29-09-2019 08:42 PM
Punjab
12-04-2019 01:06 PM
इसे ज्यादा और कम गहरी वाली मिट्टी के इलावा रेतली और चिकनी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है इसकी खेती बंजर और बारानी इलाकों में की जा सकती है इसकी खेती लवण वाली, खारी और दलदली मिट्टी में भी की जा सकती है इसकी अच्छी पैदावार के लिए पानी को सोखने में सक्षम रेतली मिट्टी, जिस में पानी के निकास का अनुकूल प्रबंध हो , ठीक .... (Read More)
इसे ज्यादा और कम गहरी वाली मिट्टी के इलावा रेतली और चिकनी मिट्टी में भी उगाया जा सकता है इसकी खेती बंजर और बारानी इलाकों में की जा सकती है इसकी खेती लवण वाली, खारी और दलदली मिट्टी में भी की जा सकती है इसकी अच्छी पैदावार के लिए पानी को सोखने में सक्षम रेतली मिट्टी, जिस में पानी के निकास का अनुकूल प्रबंध हो , ठीक रहती है Gola: उच्च उपज और जल्दी पकने वाली यह किस्म सूखे क्षेत्रों के लिए अनुकूल है इसके फल गोल, हरे पीले रंग के होते हैं इसके फल जनवरी के पहले सप्ताह में पक जाते हैं यह आमतौर पर कलमों और टहनियों के द्वारा लगाया जाता है कत्था बेर आमतौर पर जड़ों के लिए प्रयोग किया जाता है बेर के बीजों को 17-18 प्रतिशत नमक के घोल में 24 घंटों के लिए भिगो कर रखें फिर अप्रैल के महीने नर्सरी में बिजाई करें पंक्ति से पंक्ति का फासला 15 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 30 सैं.मी होना चाहिए 3 से 4 सप्ताह बाद बीज अंकुरन होना शुरू हो जाता है और पौधा अगस्त महीने में कलम लगाने के लिए तैयार हो जाता है टी के आकार में काटकर जून-सितंबर महीने में इसे लगाना चाहिए इसका खेत में रोपण फरवरी-मार्च या अगस्त-सितंबर महीने में किया जाता है खेत में रोपण करने से पहले पौधों के पत्ते काट लें पौधे लगाने के लिए 7.5x7.5 मीटर का फासला रखें पौधे लगाने से पहले 60x60x60 सैं.मी. के गड्ढे खोदें और 15 दिनों के लिए धूप में खुले छोड़ दें इसके बाद इन गड्ढों को मिट्टी और गोबर से भर दें इसके बाद पौधों को इन गड्ढों में लगा दें हर साल पूरी तरह पौधे की कटाई और छंटाई जरूरी होती है यह नर्सरी के समय शुरू होती है ध्यान रखें कि नर्सरी में एक तने वाला पौधा हो खेत में रोपण के समय पौधे का ऊपर वाला सिरा साफ हो और 30-45 सैं.मी. लंबी 4-5 मजबूत टहनियां हों पौधे की टहनियों की कटाई करें ताकि टहनियां धरती पर ना फैल सकें पौधे की सूखी, टूटी हुई और बीमारी वाली टहनियों को काट दें मई के दूसरे पखवाड़े में पौधे की छंटाई करें जब पौधा ना बढ़ रहा हो एक वर्ष की फसल के लिए 10 किलोग्राम गाय का गला हुआ गोबर यूरिया 220 ग्राम के साथ प्रति वृक्ष में डालें दो वर्ष की फसल के लिए 20 किलोग्राम गाय का गला हुआ गोबर यूरिया 440 ग्राम के साथ प्रति वृक्ष में डालें तीन वर्ष की फसल के लिए 20 किलोग्राम गाय का गला हुआ गोबर यूरिया 1100 ग्राम के साथ प्रति वृक्ष में डालें चार वर्ष की फसल के लिए 25 किलोग्राम गाय का गला हुआ गोबर यूरिया 1200 ग्राम के साथ प्रति वृक्ष में डालें पांच वर्ष की फसल के लिए 30 किलोग्राम गाय का गला हुआ गोबर यूरिया 1200 ग्राम के साथ प्रति वृक्ष में डालें
Posted by mohit kurmi
Uttar Pradesh
29-09-2019 08:42 PM
Punjab
10-15-2019 04:58 PM
जीरो बजट प्राकृतिक खेती देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र पर आधारित है एक देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र से एक किसान तीस एकड़ जमीन पर जीरो बजट खेती कर सकता है देसी प्रजाति के गौवंश के गोबर एवं मूत्र से जीवामृत, घनजीवामृत तथा जामन बीजामृत बनाया जाता है इनका खेत में उपयोग करने से मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के .... (Read More)
जीरो बजट प्राकृतिक खेती देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र पर आधारित है एक देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र से एक किसान तीस एकड़ जमीन पर जीरो बजट खेती कर सकता है देसी प्रजाति के गौवंश के गोबर एवं मूत्र से जीवामृत, घनजीवामृत तथा जामन बीजामृत बनाया जाता है इनका खेत में उपयोग करने से मिट्टी में पोषक तत्वों की वृद्धि के साथ-साथ जैविक गतिविधियों का विस्तार होता है जीवामृत का महीने में एक अथवा दो बार खेत में छिड़काव किया जा सकता है जबकि बीजामृत का इस्तेमाल बीजों को उपचारित करने में किया जाता है इस विधि से खेती करने वाले किसान को बाजार से किसी प्रकार की खाद और कीटनाशक रसायन खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है फसलों की सिंचाई के लिये पानी एवं बिजली भी मौजूदा खेती-बाड़ी की तुलना में दस प्रतिशत ही खर्च होती है
Posted by दिनेश
Madhya Pradesh
29-09-2019 08:31 PM
Punjab
09-29-2019 08:40 PM
दिनेश जी इसके कई कारण हो सकते है तत्व की कमी या बीमारी इसके इलावा किसी स्प्रे के छिड़काव से भी पीले होना शुरू हो जाते है कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Harpinder Sandhu
Punjab
29-09-2019 08:29 PM
Punjab
09-30-2019 10:03 PM
Harpinder ji dog di pregnancy rokan lai ohna da cross honn ton 10-12 din de andar andar uss nu stilbestrol injection 1ml, Dexona injection 1ml lgatar 3 din lgwao, jekar pregnancy jyada dina di hai tan tuci ehna di varto na kro, iss nal badd vich smasia hundi hai..
Posted by RAHUL KUMAR
Uttar Pradesh
29-09-2019 08:28 PM
Punjab
09-30-2019 11:12 AM
RAHUL KUMAR ji pure murrah buffalo lene ke lia aap Ajay Chopra 7009645902 Chopra Dairy Farm se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by दिनेश
Madhya Pradesh
29-09-2019 08:26 PM
Punjab
09-29-2019 08:40 PM
दिनेश जी इसके कई कारण हो सकते है तत्व की कमी या बीमारी इसके इलावा किसी स्प्रे के छिड़काव से भी पीले होना शुरू हो जाते है कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by RAHUL KUMAR
Uttar Pradesh
29-09-2019 08:24 PM
Punjab
09-29-2019 08:28 PM
राहुल जी वायरस कीट के कारण होता है इसकी रोकथाम के लिए imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Sarabjit Singh
Punjab
29-09-2019 08:21 PM
Punjab
09-29-2019 08:43 PM
ਨਰਸਰੀ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਨਰਸਰੀ ਨੂੰ 50% ਛਾਂ ਵਾਲੇ ਜਾਲ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪਾਸਿਆਂ ਤੇ ਕੀਟ-ਪਤੰਗੇ ਰੋਕਣ ਵਾਲਾ 40/50 ਮੈੱਸ਼ ਨਾਈਲੋਨ ਦਾ ਜਾਲ ਲਗਾਓ ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਪੌਦੇ 30-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ (ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ) ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਹਾਈਬ੍ਰਿਡ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 40-50 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀਅੱਧਾ ਏਕੜ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 100.... (Read More)
ਨਰਸਰੀ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਨਰਸਰੀ ਨੂੰ 50% ਛਾਂ ਵਾਲੇ ਜਾਲ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪਾਸਿਆਂ ਤੇ ਕੀਟ-ਪਤੰਗੇ ਰੋਕਣ ਵਾਲਾ 40/50 ਮੈੱਸ਼ ਨਾਈਲੋਨ ਦਾ ਜਾਲ ਲਗਾਓ ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਪੌਦੇ 30-40 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ (ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਫਰਵਰੀ-ਮਾਰਚ) ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਹਾਈਬ੍ਰਿਡ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ 40-50 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀਅੱਧਾ ਏਕੜ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਅੱਧਾ ਏਕੜ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ
Posted by mithilesh
Uttar Pradesh
29-09-2019 08:19 PM
Punjab
10-03-2019 05:08 PM
सही जानकारी के लिए कृपया फसल की फोटो भेजे
Posted by RAHUL KUMAR
Uttar Pradesh
29-09-2019 08:17 PM
Punjab
10-02-2019 06:06 PM
राहुल जी फोटो में फसल बीमारी रहित लग रही है कृपया आप इसके ऊपर कीट और बीमारी के लिए लगातार सर्वेक्षण करते रहे ताकि नुकसान से बचा जा सके धन्यवाद
Posted by RAHUL KUMAR
Uttar Pradesh
29-09-2019 08:07 PM
Punjab
09-29-2019 08:09 PM
श्रीमान जी ​मिर्च में एक्टारा 100 ग्राम प्रति एकड़ और एम45 500 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by Kamal pandhu
Punjab
29-09-2019 08:06 PM
Punjab
09-29-2019 08:12 PM
Posted by Dinesh kumar
Punjab
29-09-2019 08:02 PM
Punjab
09-30-2019 03:36 PM
उसे आप Pregstay gold powder 2—2 चम्मच रोजाना दें ये आप 20 दिनों तक दें बाकि उसे 3 महीने की गाभिन होने पर डॉक्टर से जरूर जांच करवायें
Posted by varinder singh
Punjab
29-09-2019 08:00 PM
Punjab
10-03-2019 05:07 PM
white grub ਨੂੰ ਜਿਆਣ ਨਾਲ ਕੰਟਰੋਲ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਇਹ ਕੁਦਰਤੀ ਫਾਰਮੂਲਾ ਜਰੂਰ ਅਪਣਾ ਕੇ ਦੇਖੋ 5 ਲੀਟਰ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਲੋੜੀਦੀਆਂ ਚੀਜਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹਨ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਨਿੰਮ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਅਰਕ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਧਤੂਰੇ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਅਰਕ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਅੱਕ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਅਰਕ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਕਰੰਜ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਅਰਕ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਤੁੰਮਿਆਂ ਦਾ ਅਰਕ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਲਸਣ ਦਾ ਅਰਕ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਤੰਬਾਕੂ ਦ.... (Read More)
white grub ਨੂੰ ਜਿਆਣ ਨਾਲ ਕੰਟਰੋਲ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇੱਕ ਵਾਰ ਇਹ ਕੁਦਰਤੀ ਫਾਰਮੂਲਾ ਜਰੂਰ ਅਪਣਾ ਕੇ ਦੇਖੋ 5 ਲੀਟਰ ਘੋਲ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ ਲੋੜੀਦੀਆਂ ਚੀਜਾਂ ਜਰੂਰੀ ਹਨ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਨਿੰਮ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਅਰਕ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਧਤੂਰੇ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਅਰਕ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਅੱਕ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਅਰਕ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਕਰੰਜ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਅਰਕ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਤੁੰਮਿਆਂ ਦਾ ਅਰਕ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਲਸਣ ਦਾ ਅਰਕ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਤੰਬਾਕੂ ਦੇ ਪੱਤਿਆਂ ਦਾ ਅਰਕ 4 ਲੀਟਰ ਗਊ ਮੂਤਰ/ਮੱਝ ਦਾ ਮੂਤਰ ( ਜੇਕਰ ਦੇਸੀ ਗਾਂ ਦਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਵਧੀਆ ਹੈ ) ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜਾਂ ਨੂੰ ਮਿਲਾ ਕੇ 12-12 ਘੰਟੇ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਤੇ ਧੀਮੀ ਅੱਗ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠੰਡਾ ਕਰ ਦਿਓ 3 ਵਾਰ 12-12 ਘੰਟੇ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਤੇ ਗਰਮ ਕਰਕੇ ਤੇ ਠੰਡਾ ਕਰਕੇ ਇਹ ਵਰਤਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ਤਾ ਇਹ ਵੀ ਹੈ ਕਿ ਕਿ ਇਸਨੂੰ ਜਿੰਨਾਂ ਟਾਈਮ ਚਾਹੋ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਖਰਾਬ ਨਹੀ ਹੁੰਦਾ
Posted by sandeep singh
Punjab
29-09-2019 07:55 PM
Punjab
10-03-2019 05:05 PM
ehna sprays nal fakr pe javega, je lod pve ta eh spray repeat kr deyo ya tilt@200ml prati acre de hisab nal spray kro.
Posted by विवेक उनियाल
Uttarakhand
29-09-2019 07:48 PM
Rajasthan
09-29-2019 07:54 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Bhullar saab
Punjab
29-09-2019 07:45 PM
Punjab
09-29-2019 08:07 PM
shrimaan g dhan di variety PR 126,121,122,124,118,127 and CR 21 and Pusa 44 varieties han..
Posted by Bhullar saab
Punjab
29-09-2019 07:43 PM
Punjab
10-03-2019 01:07 PM
pusa 44, cr 212, sava 200, ja pr 122, 127 da result wdia hai.
Posted by Bhullar saab
Punjab
29-09-2019 07:33 PM
Punjab
09-29-2019 08:08 PM
UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰ.... (Read More)
UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 1 Zn: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 103 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 151 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 725: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ, ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਮੱਧਰੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੇ ਅਤੇ ਭੂਰੇ ਜੰਗ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ , ਅਤੇ ਗਹਿਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਸਲਾਨਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 677: ਇਹ ਕਿਸਮ 160 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 22.4 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ WH 1105: ਇਸ ਦੀ ਕਾਢ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 97 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਇਹ ਦਾਣਿਆਂ ਦੇ ਖਰਾਬ ਹੋਣ ਅਤੇ ਸਿੱਟਿਆਂ ਦੇ ਭੂਰੇ ਪੈਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.1 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 621: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 100 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈI
Posted by bhagwansingh
Rajasthan
29-09-2019 07:25 PM
Punjab
10-02-2019 09:52 AM
aap apne zila adhikaari se mile khetibadi vibhag me
Posted by Karn Brar
Punjab
29-09-2019 07:21 PM
Punjab
09-30-2019 03:37 PM
आप Masticin दवा देने से 30 मिनट के बाद vitatone-H liquid दे सकते है इसका कोई नुक्सान नहीं है आप इसका प्रयोग कर सकते है
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
29-09-2019 07:20 PM
Punjab
09-30-2019 03:41 PM
ABS da pura name American Breeders Service hai jitho changi nasal ate vdia record wale pashu da semen milda hai jiss semen di varto nal ek vdia nasal tyar kiti ja skdi hai..
Posted by Rajesh nigam
Uttar Pradesh
29-09-2019 07:19 PM
Rajasthan
09-30-2019 03:45 PM
तारामीरा एक सरसों की किस्म है जो पशुओं को 50—100 ग्राम रोजाना दें ये आपको पंसारी या करियाना की दुकान से ले सकते है और फिर इसे पिसाकर दें सकते है
Posted by Vishal sagar
Uttar Pradesh
29-09-2019 07:15 PM
Punjab
10-03-2019 05:03 PM
yeh fungus ke karn hota hai iske liye aap tilt@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen. dhanywad
Posted by arun Patidar
Madhya Pradesh
29-09-2019 07:00 PM
Punjab
10-22-2019 04:05 PM
Arun ji pashupalan ke liye kharch pashu ki nasal, pashu ka dudh ate uski achi growth per nirbhar krta hai, kyuki pashu ka rate uske duudh ate achi nasal per nirbhar krta hai, yaddi aap achi murrah nasal ki bhains khridte hai too woh dudh ke hisab se 60000-1 lakh tak v mill skti hai .
Posted by rahul bhati
Madhya Pradesh
29-09-2019 06:58 PM
Punjab
10-01-2019 04:48 PM
Posted by arun Patidar
Madhya Pradesh
29-09-2019 06:55 PM
Punjab
09-29-2019 07:07 PM
nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein
Posted by Arundas viashanav
Madhya Pradesh
29-09-2019 06:48 PM
Punjab
10-02-2019 06:07 PM
आप मटर की किस्मे जैसे Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bonneville: यह मध्यम समय की किस्म है इसके फलियां मीठे दानों वाली होती हैं इसकी औसतन पैदावार 36 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Multi Freezer: यह देरी से पकने वाली किस्म ह.... (Read More)
आप मटर की किस्मे जैसे Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bonneville: यह मध्यम समय की किस्म है इसके फलियां मीठे दानों वाली होती हैं इसकी औसतन पैदावार 36 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Multi Freezer: यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी फलियां मीठी और नर्म होती हैं यह ठंड को सहनेयोग्य किस्म हैं इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad P-I: यह छोटे कद की किस्म है इसके दाने झुर्रीदार होते हैं इसकी औतसन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Early E-6: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by teekam singj
Uttar Pradesh
29-09-2019 06:43 PM
Maharashtra
10-15-2019 05:05 PM
जैविक खेती देशी खेती का आधुनिक तरीका है जहां प्रकृति एवं पर्यावरण को संतुलित रखते हुए खेती की जाती है इसमें रसायनिक खाद कीटनाशकों का उपयोग नहीं कर खेत में गोबर की खाद, कम्पोस्ट, जीवाणु खाद, फसल अवशेष, फसल चक और प्रकृति में उपलब्ध खनिज जैसे रॉक फास्फेट, जिप्सम आदि द्वारा पौधों को पोषक तत्व दिए जाते हैं फसल क.... (Read More)
जैविक खेती देशी खेती का आधुनिक तरीका है जहां प्रकृति एवं पर्यावरण को संतुलित रखते हुए खेती की जाती है इसमें रसायनिक खाद कीटनाशकों का उपयोग नहीं कर खेत में गोबर की खाद, कम्पोस्ट, जीवाणु खाद, फसल अवशेष, फसल चक और प्रकृति में उपलब्ध खनिज जैसे रॉक फास्फेट, जिप्सम आदि द्वारा पौधों को पोषक तत्व दिए जाते हैं फसल को प्रकृति में उपलब्ध मित्र कीटों, जीवाणुओं और जैविक कीटनाशकों द्वारा हानिकारक कीटों तथा बीमारियों से बचाया जाता है
Posted by Parveen
Punjab
29-09-2019 06:38 PM
Punjab
09-29-2019 08:19 PM
आप ​अब बरसीम की बिजाई कर सकते है बरसीम का बीज 1—1.5 किलो प्रति कनाल के हिसाब से डालें
Posted by Adv Sukhjinder Singh
Punjab
29-09-2019 06:38 PM
Punjab
10-03-2019 05:02 PM
Nahi sir Actara stem borer lyi sifarish nhi kiti jandi hai. Eh tele ya hor ras choosan wale keeta lyi varti jandi hai.
Posted by समशेर
Haryana
29-09-2019 06:36 PM
Punjab
10-02-2019 06:02 PM
समशेर जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @10 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें यह तत्व की कमी के कारण होता है धन्यवाद
Posted by jagdev singh
Punjab
29-09-2019 06:35 PM
Punjab
09-29-2019 08:20 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ NPK 00.52.34 ਦੀ ਸਪਰੇਅ 5-10% ਨਿਸਾਰੇ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋ ਇਸ ਦੀ ਮਾਤਰਾ @500 ਗਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by arshdeep singh
Punjab
29-09-2019 06:35 PM
Punjab
09-29-2019 08:21 PM
श्रीमान जी धान में तेले का हमला होने के कारण गिरने की समस्या आ जाती है आप तेले की जांच करके बूपरोफैनजिन 300 मि.ली. प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है
Posted by jitendra tirole
Madhya Pradesh
29-09-2019 06:33 PM
Punjab
10-03-2019 05:01 PM
iske uper macchar ka hamla check karen, agar maujood hai to aap iske upr imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen. dhanywad