Posted by jaspreet singh
Punjab
30-09-2019 02:27 PM
jaspreet ji yeh fungus ho gayi hai isde layi tuc custodia@300ml ko 150 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by akash singh
Punjab
30-09-2019 02:20 PM
ਅਮਰੀਕ ਜੀ Ethion ਇਕ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਹੈ ਇਹ ਮੱਛਰ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਵਰਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਮਾਤਰਾ 800 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by BALWANT
Punjab
30-09-2019 02:19 PM
Hanji tuci bersem nu suka ke uss nu store krke pashu nu de skde ho.

Posted by Rajeev Kumar
Uttar Pradesh
30-09-2019 02:17 PM
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों हल्की से उच्च पोषक तत्वों वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है जैसे कि गहरी गाद चिकनी, दोमट और उच्च दोमट मिट्टी केले की खेती के लिए उपयुक्त होती है केले की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 होनी चाहिए केला उगाने के लिए, अच्छे निकास वाली, पर्याप्त उपजाऊ और नमी की क्षमता वाली मिट्टी का .... (Read More)
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों हल्की से उच्च पोषक तत्वों वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है जैसे कि गहरी गाद चिकनी, दोमट और उच्च दोमट मिट्टी केले की खेती के लिए उपयुक्त होती है केले की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 होनी चाहिए केला उगाने के लिए, अच्छे निकास वाली, पर्याप्त उपजाऊ और नमी की क्षमता वाली मिट्टी का चयन करें उच्च नाइट्रोजन युक्त मिट्टी,पर्याप्त फासफोरस और उच्च स्तर की पोटाश वाली मिट्टी में केले की खेती अच्छी होती है जल जमाव, कम हवादार और कम पौष्टिक तत्वों वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें रेतली, नमक वाली, कैल्शियम युक्त और अत्याधिक चिकनी मिट्टी में भी इसकी खेती ना करें गर्मियों में, कम से कम 3 से 4 बार जोताई करें आखिरी जोताई के समय, 10 टन अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ज़मीन को समतल करने के लिए ब्लेड हैरो या लेज़र लेवलर का प्रयोग करें वे क्षेत्र जहां निमाटोड की समस्या होती है वहां पर रोपाई से पहले निमाटीसाइड और धूमन, गड्ढों में डालें Grand Naine, Red Banana, Safed Velachi, Basarai, Rasthali, Dwarf Cavendish, Robusta, Poovan, Nendran, Ardhapuri, Nyali .केले की रोपाई के लिए मई-जून या सितंबर-अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है टिशू कल्चर से तैयार पौधों को पूरे साल में लगाया जा सकता है, जब तक कि तापमान के बहुत कम या बहुत अधिक होने पर पौधों की रोपाई नहीं की जा सकती केले की जड़ों को 45x 45x45 सैं.मी. या 60x60x60 सैं.मी. आकार के गड्ढों में रोपित करें गड्ढों को धूप में खुला छोड़ें, इससे हानिकारक कीट मर जायेंगे गड्ढों को 10 किलो रूड़ी की खाद या गला हुआ गोबर, नीम केक 250 ग्राम और कार्बोफ्युरॉन 20 ग्राम से भरें जड़ों को गड्ढें के मध्य में रोपित करे और मिट्टी के आसपास अच्छी तरह से दबायें गहरी रोपाई ना करें बिजाई के लिए, रोपाई ढंग या सीधी बिजाई ढंग का प्रयोग किया जाता है यदि फासला 1.8x1.5 मीटर लिया जाये तो प्रति एकड़ में 1452 पौधे लगाएं यदि फासला 2 मीटर x 2.5 मीटर लिया जाये, तो एक एकड़ में 800 पौधे लगाने की सिफारिश की जाती है रोपाई के लिए, सेहतमंद और संक्रमण रहित जड़ों या राइज़ोम का प्रयोग करें रोपाई से पहले, जड़ों को धोयें और क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 2.5 मि.ली. प्रति लीटर पानी में डुबोयें फसल को राइज़ोम की भुंडी से बचाने के लिए रोपाई से पहले कार्बोफ्युरॉन 3 प्रतिशत सी जी 33 ग्राम में प्रति जड़ों को डुबोयें और उसके बाद 72 घंटों के लिए छांव में सुखाएं गांठों को निमाटोड के हमले से बचाने के लिए कार्बोफ्युरॉन 3 प्रतिशत सी जी 50 ग्राम से प्रति जड़ का उपचार करें फुज़ारियम सूखे की रोकथाम के लिए, जड़ों को कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में 15-20 मिनट के लिए डुबोयें पौधा लेने के लिए आप A.k Mani 9431232333 Hecure Agro Plants Prt Lmt जी से संपर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by Avinash Bharati
Bihar
30-09-2019 02:15 PM
Avinash ji please send the full image so that we can provide you proper information.
Posted by lakhwinder Singh
Punjab
30-09-2019 02:11 PM
lakhwinder Singh ji desi chuche len lai tusi GADVASU, Ludhiana,Punjab (7889239583) nal samparak kar sakde ho, Bathinda vich desi chicks len lai tusi Hardeep Singh 9781589637 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by ravinder
Rajasthan
30-09-2019 02:10 PM
Ravinder ji usko aap pett ke kirro ke liye Flukarid-Ds bolus den aur usko Mineral mixture rojana 100gm aur Ovumin advance tablet ja minotas tablet koi v rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen, isse jldi heat mai aa jayegi..
Posted by Anand Sahu
Madhya Pradesh
30-09-2019 02:07 PM
कवक एक प्रकार के जीव हैं जो अपना भोजन सड़े गले म्रृत कार्बनिक पदार्थों से प्राप्त करते हैं
कवक बोहत प्रकार के होते है:
चैत्रीदियमिकता : या जायदा तर पानी में पाई जाती है और या बोहत ही छोटे होते है िनो हम माइक्रोस्कोप की मदद से ही दख पते है.
जयगोमिकता : यह जमीन पर रहने वाले जीव होते है यह जायदा तर गले साढ़े पदार्थ .... (Read More)
कवक एक प्रकार के जीव हैं जो अपना भोजन सड़े गले म्रृत कार्बनिक पदार्थों से प्राप्त करते हैं
कवक बोहत प्रकार के होते है:
चैत्रीदियमिकता : या जायदा तर पानी में पाई जाती है और या बोहत ही छोटे होते है िनो हम माइक्रोस्कोप की मदद से ही दख पते है.
जयगोमिकता : यह जमीन पर रहने वाले जीव होते है यह जायदा तर गले साढ़े पदार्थ ही खाते है यह इंसानो की खाने की चीज़ो को भी खराब कर देते है.
ग्लोमेरॉयकटा :मिटटी में पाई जाने वाली ५०% कवक ग्लोमेरॉयकटा ही है यह जायदा तर पोधो की जड़ो के साथ सम्बन्ध बना कर रहते है
ास्कीकोटा : यह इक नुकसान करने वाली प्रजाति है या इंसानो में भी बोहत साडी बिमारीअ पैदा करती है जैसे की पैरो का गलना
बसिडियमिकता : या इक फायदेमन्द कवक है . मशरुम भी इसी प्रकार में आती है.

Posted by Sukhmander singh
Punjab
30-09-2019 02:05 PM
sukhmander jikirpa karke swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by gulzar
Punjab
30-09-2019 02:03 PM
BhaaG deputy director animal husbandry Bathinda or krishi vigyan kendar Bathinda naal sampark karo Training lao or GADVASU VETERINARY UNIVERSITY LUDHIANA NAAL SAMPARK KARO G No 0161 2553364 2414026

Posted by Vishal Gupta
Uttar Pradesh
30-09-2019 01:57 PM
vishal ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Girand Singh
Uttar Pradesh
30-09-2019 01:55 PM
Girand ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by irfan mansuri
Rajasthan
30-09-2019 01:49 PM
जी हां आप इस नस्ल के जानवरों को रख सकते है ये जल्दी ग्रोथ करते है और ये मीट के लिए अच्छी नस्ल है
Posted by AkBAR Khan
Rajasthan
30-09-2019 01:45 PM
Akbar ji aap iski kisam alag alag beej sakte hai iske ilava aap jameen badl kar doosre khet men iski bijai kar sakte hai.dhanywad

Posted by shyam veer Chauhan
Uttar Pradesh
30-09-2019 01:43 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीन.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें
Posted by Jittu Thakur
Madhya Pradesh
30-09-2019 01:37 PM
सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 ब.... (Read More)
सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है,इस तरह आप सुअर पालन का काम शुरू कर सकते है, सुअर पालन के लिए आप large white yorkshire नस्ल रख सकते हैं, इसकी ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके में प्राप्त कर सकते है आप वहां जाकर टे्रनिंग का फार्म आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे

Posted by nizam
Uttar Pradesh
30-09-2019 01:32 PM
Agar barish tez hoti hai to iske jhadne ki sambhavna jyada hai.

Posted by Satish Agrawal
Chattisgarh
30-09-2019 01:22 PM
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है, जिसका invention Dr.YORRAM AVNIMELECH जो कि ISRAEL के है जहाँ पानी की कमी हैै उस परस्तिथि में मछली पालन कैसे किया जाये, उस तकनीक का invention किया पर फ़िलहाल भारत के कई राज्यों में किसान इस तकनीक का इस्तेमाल करके मछली पालन कर रहे हैं इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होत.... (Read More)
Biofloc मछली पालन की नई तकनीक है, जिसका invention Dr.YORRAM AVNIMELECH जो कि ISRAEL के है जहाँ पानी की कमी हैै उस परस्तिथि में मछली पालन कैसे किया जाये, उस तकनीक का invention किया पर फ़िलहाल भारत के कई राज्यों में किसान इस तकनीक का इस्तेमाल करके मछली पालन कर रहे हैं इसमें हम थोड़ी जगह में जहाँ सिर्फ 4 मीटर का टैंक लगता है और 1 मीटर इसकी लम्बाई होती है मतलब की 10,000 लीटर इसमें हम अपना मछली पालन शुरू करके 1100-1300 किलो fish बना सकते हैं इसमें ज़्यादा पानी की ज़रूरत नहीं पड़ती और ना ही ज़्यादा जगह की ज़रूरत होती है, इसमें 650 -700 रूपये बिकने वाली मछलियां हैं वह हम इसमें डालते हैं और यह मछलियां 6 से 7 महीने तक बिकने योग्य हो जाती है, shrimp farming मतलब की झींगा इसका culture period -90 दिन का होता है BFT टैंक में आपको C:N ratio की सहायता से आपको बढ़िया बैक्टीरिया maintain करना होता है, और drainage की सहायता से sludge removal किया जाता है अगर आपका मैनेजमेंट एकदम सटीक रहा तो 0 % प्रतिशत पानी अदला-बदली किये बिना culture पूरा किया जा सकता है आपको उचित blower की सहायता से DO (dissolved oxygen ) maintain करने की ज़रूरत पड़ती है C:N ratio मतलब की कार्बन: नाइट्रोजन ratio अनुपात बनाएं रखना पड़ता है कार्बन जिससे की बैक्टीरिया (हेट्रोट्रॉपिक बैक्टीरिया) ठीक से काम करके नाइट्रोजन को कम कर सके क्योंकि नाइट्रोजन का एक हिस्सा जो कि non ionised Ammonia [NH3] जो मछली के लिए जानलेवा होता हैैै अधिक जानकारी के लिए 9096843382 पर फ़ोन कीजिये.
Posted by Lachhma singh Bhullar PWD
Punjab
30-09-2019 01:22 PM
Keep ji tuc makki di kisam jive J1006 di bijai kar sakde ho.dhanwad

Posted by Manajit Mochahari
Assam
30-09-2019 01:19 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by prabhjot singh
Punjab
30-09-2019 01:14 PM
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿ.... (Read More)
ਪਸ਼ੂਆਂ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerboost ਪਾਊਡਰ 50-50 ਗ੍ਰਾਮ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਜੀ ਇਸ ਨਾਲ ਕਮਜ਼ੋਰੀ ਦੂਰ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ.

Posted by balkar singh
Punjab
30-09-2019 01:11 PM
tuci uss nu FMC powder 50gm rojana, Leptaden tablet 10-10 golia swere sham deo ate Anabolite liquid 100ml rojana deo, iss nal frak paa jawega..

Posted by balkar singh
Punjab
30-09-2019 01:09 PM
tuci uss nu FMC powder 50gm rojana, Leptaden tablet 10-10 golia swere sham deo ate Anabolite liquid 100ml rojana deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by Rajwinder Singh
Punjab
30-09-2019 01:06 PM
Rajwinder ji feed her company di vdia hundi hai per ohh tuhade pashu de khan ate hajam krn te nirbhar krda hai jo feed tuhada pashu vdia trike nal khanda hai tuci ohii feed di varto kro ji.
Posted by ramandeep
Punjab
30-09-2019 12:57 PM
ਰਮਨਦੀਪ ਜੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੀਆਂ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੀ ਐੱਡ ਸਾਡੀ ਦੂਸਰੀ ਐਪ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਖਰੀਦੋ/ਵੇਚੋ ਤੇ ਅੱਪਲੋਡ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਉਥੇ ਤੁਹਾਨੂੰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਖਰੀਦਣ ਵਾਰੇ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਕਿਸਾਨ ਮਿਲ ਜਾਣਗੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ramandeep
Punjab
30-09-2019 12:56 PM
ਰਮਨਦੀਪ ਜੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝੀ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਹਾਡਾ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਦੀਆਂ ads ਸਾਡੀ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ Buy /sell ਐੱਪ ਤੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਹੜਾ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਇਸਨੂੰ ਖਰੀਦਣ ਲਈ ਚਾਹਵਾਨ ਹੋਏਗਾ ਉਹ ਸਿੱਧਾ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਲਾਏਗਾ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ak
Uttar Pradesh
30-09-2019 12:56 PM
पशु की खुरली की चौड़ाई 3 फ़ीट , उचाई 1 .5 फ़ीट और इसकी गहराई 9 इंच होनी चाहिए , इसके लिए एक बात का और ध्यान रखें के खुरली के किनारे गोल होने चाहिए
Posted by ramandeep
Punjab
30-09-2019 12:55 PM
ਰਮਨਦੀਪ ਜੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝੀ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਹਾਡਾ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਤੁਸੀ ਇਸ ਤਰਾਂ ਦੀਆਂ ads ਸਾਡੀ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ Buy /sell ਐੱਪ ਤੇ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਿਹੜਾ ਵੀ ਕਿਸਾਨ ਇਸਨੂੰ ਖਰੀਦਣ ਲਈ ਚਾਹਵਾਨ ਹੋਏਗਾ ਉਹ ਸਿੱਧਾ ਤੁਹਾਡੇ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਲਾਏਗਾ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Pushpendra noniya
Chattisgarh
30-09-2019 12:54 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीन.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें
Posted by Amandeep Singh
Punjab
30-09-2019 12:52 PM

Posted by kamleshvar singh
Madhya Pradesh
30-09-2019 12:48 PM
kamleshvar ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap konsi fasl ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Mriytunjay kumar
Bihar
30-09-2019 12:46 PM
Masur ki kheti har tarah ki mitti me kii jaa skti hai, bs zameen sem wali nhi honi chahiye.

Posted by jitendra
Bihar
30-09-2019 12:41 PM
jitendra g sarson ki fasal app 10oct - 30 oct tak bijie kree

Posted by gurwinder singh
Punjab
30-09-2019 12:33 PM
ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਹ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਪਹਿਲੀ ਸਪਰੇਅ ਕਿੰਨੇ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਕੀਤੀ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇਸਦਾ ਅਸਰ ਆਮ-ਤੌਰ ਤੇ 15-18 ਦਿਨ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ
Posted by अंकुर गोयत
Uttar Pradesh
30-09-2019 12:29 PM
अंकुर जी आप उनके पैरों को लाल दवाई के घोल से साफ करें और उन्हें Injection Monocef 1gm, Milonex plus 3ml लगवायें ये आप 3 दिन लगवायें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Rajesh kumar
Uttar Pradesh
30-09-2019 12:27 PM
प्रसिद्ध किस्में और पैदावार
Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है
Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है
CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे .... (Read More)
प्रसिद्ध किस्में और पैदावार
Pusa Dwarf: इसके फल मध्यम आकार के और अंडाकार होते हैं यह सूखे को सहनेयोग्य किस्म है यह उच्च घनत्व में रोपाई के लिए लाभदायक है
Pusa Giant: इस किस्म के पौधे तेज हवा को सहनेयोग्य है यह बड़े फलों का उत्पादन करती है यह पैकिंग के लिए उपयुक्त किस्म है
CO 3: इसके फल बड़े आकार के और अंडाकार होते हैं इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है
CO 1: यह छोटे कद की किस्म है जिसके फल मध्यम आकार के होते हैं फल गोलाकार, नर्म हरा-पीला छिल्का और संतरी पीले रंग का गुद्दा होता है फल रसदार होता है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है
Coorg Honey Dew: इसे सीधे तौर पर खाने के लिए और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल आयताकार और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है
CO 2: यह मध्यम आकार की अंडाकार, हरे पीले रंग की किस्म है इसका गुद्दा नर्म और लाल रंग का होता है इसमें रस की मात्रा काफी होती है और इसे ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है
Pusa Majesty: इसके फल मध्यम आकार के, गोल होते हैं इन्हें रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है यह किस्म 146 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म जड़ गलन निमाटोड के प्रतिरोधक किस्म है
Pusa Delicious: यह मध्यम लंबी किस्म है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं, गुद्दा गहरे संतरी रंग का होता है इस किस्म को कतारों में लगाने के लिए प्रयोग किया जाता है
CO 5: यह किस्म दो वर्षों में 75-80 फल प्रति वृक्ष देती है
IIHR39 and IIHR54: यह किस्म IIHR, बैंगलोर द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम आकार के होते हैं इसमें टी एस एस की मात्रा उच्च होती है
Taiwan 785: यह छोटे कद की किस्म है इसके फल आयताकारा और गुद्दा मोटा संतरी रंग का होता है फलों को रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है फलों को कतारों में प्रयोग किया जाता है और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है
Taiwan 786: इसके फलों को कतारों में और प्रक्रिया के लिए प्रयोग किया जाता है इसके फल स्वाद और कम बीज वाले होते हैं फलों को रखने की गुणवत्ता बहुत अच्छी होती है
Washington: यह कतारों में प्रयोग किए जाने वाली किस्म है इसके फल गोल, मध्यम आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल का छिल्का गहरे पीले रंग का होता है नर और मादा पौधे अलग होते हैं
Solo: इसके फल छोट, गहरे गुलाबी रंग का गुद्दा होता है, जो कि स्वाद में मीठा होता है यह किस्म कतारों में प्रयोग की जाती है
Ranchi: फल आयताकार होते हैं और गुद्दा गहरे पीले रंग का होता है
Honey Dew: इस किस्म के फल बड़े आकार के और कम बीज वाले होते हैं फल स्वाद होते हैं और नर पौधे मादा पौधे से छोटे होते हैं इसका पौधा मध्यम कद का होता है

Posted by nilesh
Madhya Pradesh
30-09-2019 12:25 PM
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरु.... (Read More)
मशरुम की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन मशरुम , डीगरी, शटाकी मशरुम , पराली मशरुम , और मिलकी मशरुम. इनमे से कुछ मशरुम सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर मशरुम को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन मशरुम का समय सितंबर से मार्च तक होता है, इससे हम 2 फसले ले सकते है, शटाकी मशरुम का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं, इससे हम 1 फसल ही ले सकते है, पराली मशरुम का समय अप्रैल से अगस्त तक है, इससे हम 4 फसले ले सकते है, मिलकी मशरुम का समय अप्रैल से सितंबर तक है, आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली मशरुम लगा सकते है, पराली मशरुम के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है, पराली के पूले: धान की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे के साथ बांध कर तैयार किये जाते है. पूले के सिरे काट कर बराबर कर लिए जाते हैं. पूलो की क्यिारी लगाना : पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए भिगो दें, गिले पूलो को ढलान पर रख कर अधिक पानी को निकलने दे, कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये, इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये, जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले. इसके ऊपर की सतह उलट होती है. इस प्रकार 5-5 पूलो की 4 सेट में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार की जाती है. सबसे ऊपर 2 पूलो को खोलकर रख दिए जाते हैं. मशरुम का फुटाव करना : बिजाई से 7-9 दिनो के बाद का फुटाव होने लगता है. पानी और हवा का संचार : बिजाई के 2 दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका किया जाता है. मशरुम के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है. मशरुम की तुड़ाई : मशरुम का फुटाव के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है. मिलकी मशरुम : मिलकी मशरुम के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे (12×16), सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि चाहिए. तूडी की तैयारी : सूखी तुड़ी को पक्के फर्श पर खिलार कर 16-20 घंटे पा नी से गिला करे, गीली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे. इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें, तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर खिलार कर ठंडा करे. यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है. बिजाई : ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें. एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज डाला जाता है. लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे. केसिंग : बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 के सेट बना दें, केसिंग में रूडी और रेतली मिट्टी (4:1) होती है. 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित की जाती है. मशरुम का फुटाव: केसिंग मिट्टी डालने के लगभग 2 हफतो में मशरुम के छोटे-छोटे कण निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है. मशरुम की तुड़ाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है

Posted by maninder Singh
Punjab
30-09-2019 12:21 PM
ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਕਿੱਤਿਆ ਲਈ ਸਬਸਿਡੀ ਹੈ ਜੀ ਤੇ ਹਰੇਕ ਸਕੀਮ ਲਈ ਅਲੱਗ ਅਲੱਗ ਸ਼ਰਤਾ ਹਨ , ਅਸੀ ਆਪਣੀ ਖੇਤੀ ਦੇ ਸ਼ੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ਪੇਜ਼ ਤੇ ਸਮੇਂ ਸਮੇ ਤੇ ਇਹ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅੱਪਲੋਡ ਕਰਦੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਾਂ , ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਦੱਸੋ ਕਿ ਕਿਸ ਸਕੀਮ ਬਾਰੇ ਜਾ ਕਿਸ ਕੰਮ ਲਈ ਸਬਸਿਡੀ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੈ ਜੀ , ਉਸ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਉਪਲੱਬਧ ਕਰਵਾਉਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰਾਂਗੇ ਜੀ

Posted by Hameed Khan
Punjab
30-09-2019 12:15 PM
tuci iss nu turant apne nazdiki gynecologist doctor ton check krwao oh bachedani de expert hunde hai ohna ton isdi janch krwao jiss nal isda sahi ilagg ho skee..

Posted by mohd nasir
Uttar Pradesh
30-09-2019 12:14 PM
Yeh kudrati process hota hai, aap bs podhe ko sahi matra me nutrient or paani dete rhe.
Posted by Raushan Kumar
Bihar
30-09-2019 12:12 PM
Raushan ji aapke iski jaden check karen agar koi keet lga hai to aap chlorpyriphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Shivkumar gautam
Uttar Pradesh
30-09-2019 12:09 PM
शिवकुमार जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by ਨਿਸ਼ਾਨ ਸਿੰਘ
Haryana
30-09-2019 12:07 PM
निशान जी कृप्या इसकी फोटो भेंजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
30-09-2019 12:01 PM
ਹਾਜੀ ਬਿੱਲਕੁੱਲ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਬੀਮੇ ਕਰਵਾਏ ਜਾ ਸਕਦੇ ਹਨ ਪਰ ਇਸ ਲਈ ਕੁੱਝ ਨਿਯਮ ਤੇ ਸ਼ਰਤਾ ਹੁੰਦੀਆ ਹਨ ਤੁਸੀ ਇਸ 9815881243 ਰੋਹਨ ਜੀ ਨੂੰ ਇਸ ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰੋ ਇਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪੂਰਾ ਗਾਈਡ ਕਰ ਦੇਣਗੇ

Posted by rahul kumar hembrom
Jharkhand
30-09-2019 12:01 PM
Rahul ji mausam vibhag ke anusar aj barish hone ki sambhavna hai.dhanywad

Posted by Abhishek
Uttar Pradesh
30-09-2019 11:57 AM
abhishek ji kripya aap kalia ke label ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,par aap kisi bhi chemical ke sath NPK ka istemal nahi kar sakte dhanywad
Posted by Rahi Murtja
Uttar Pradesh
30-09-2019 11:56 AM
राही जी आप इसकी रोकथाम के लिए quinalphos @400 ml को प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Kuldeep Hehar
Punjab
30-09-2019 11:55 AM
kuldeep ji ehna di alag alag spray karo ehna di ikathi varto na karo.dhanwad
Posted by gursewek singh
Punjab
30-09-2019 11:48 AM
सर भैंस को स्वाथ्य करने के लिए पेट भर हरे चारे के साथ ओर कौन सी खुराक दे सकते हैं विस्तार से बताएं ?
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