Posted by Ankit Dhakad
Madhya Pradesh
01-10-2019 01:23 AM
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीन.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें
Posted by Ankit Dhakad
Madhya Pradesh
01-10-2019 01:20 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by Raja sahu
Chattisgarh
01-10-2019 12:57 AM
राजा जी कृपया बताये के आप कीट की रोकतं कोनसी फसल में करना चाहते है ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Rasika Prashant Shelar.
Maharashtra
01-10-2019 12:39 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Sandeep Kumar
Rajasthan
01-10-2019 12:16 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by Dr.shrimal Rajput
Madhya Pradesh
30-09-2019 11:55 PM
Aap gehu ki kisam jaise JW 1201, MP 3269, JW 328 ki bijai kar sakte hai.

Posted by navjot singh
Punjab
30-09-2019 11:48 PM
navjot ji safede vich tuc haldi di bijai kar sakde ho.dhanwad

Posted by Arpita Jain
Rajasthan
30-09-2019 11:37 PM
arpita ji in dono ki kheti rajasthan me nahi ho sakti.dhanywad
Posted by सुजाराम
Rajasthan
30-09-2019 10:11 PM
सुजाराम जी आप मटर की किस्मे जैसे T 163 (1978): यह दानों के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 150 दिनों में परिपक्व हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 6-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है RPG 3 (1982): यह दानों के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 125 दिनों में परिपक्व हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म T 163 किस्म से 20.... (Read More)
सुजाराम जी आप मटर की किस्मे जैसे T 163 (1978): यह दानों के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 150 दिनों में परिपक्व हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 6-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है RPG 3 (1982): यह दानों के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 125 दिनों में परिपक्व हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म T 163 किस्म से 20-22 प्रतिशत अधिक उपज देती है यह व्यापक लैग्यूम किस्म है यह किस्म जड़ गलन और फली छेदक के प्रतिरोधक किस्म है
Rachna (1987): यह किस्म 135-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 12-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
DMR (1996): इस किस्म के पौधे का कद 105-110 सैं.मी. होता है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by Shivam singh
Uttar Pradesh
30-09-2019 10:00 PM
Shivam ji kriypa aap apna swal vistar se pushen kya aap machli ki growth ke bare mein push rehen hai ja koi aur jankari lena chahte hai, kripya aap vistar se btaye tan jo apko sahi jankari di ja ske..
Posted by siyalu
Chattisgarh
30-09-2019 10:00 PM
सियालु जी आप टमाटर की किस्मे जैसे Pusa Rubi: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और सर्दियों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 133 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Early Dwarf: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम छोटे और तना पीला होता है यह किस्म रोपाई के बाद 75-80 दिनों में .... (Read More)
सियालु जी आप टमाटर की किस्मे जैसे Pusa Rubi: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और सर्दियों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 133 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Early Dwarf: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम छोटे और तना पीला होता है यह किस्म रोपाई के बाद 75-80 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Chhuhara: इसके फल बीज रहित, नाशपाति के आकार के, लाल और बाहरी मोटी परत के होते हैं इसकी गुणवत्ता कटाई के बाद 7 दिनों तक मंडी लायक होती है इसलिए इस किस्म को लंबी दूरी वाले स्थानों और नए उत्पाद बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है Pusa 120: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल मध्यम छोटे, नर्म, आकर्षित और तना पीले रंग का होता है यह किस्म निमाटोड के प्रतिरोधी किस्म है
Roma Selection 120: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म जड़ गलन के प्रतिरोधी किस्म है Rashmi: यह व्यापक रूप से अपनाई गई हाइब्रिड है इसके फल मध्यम, गोल और आकर्षित होते हैं यह किस्म सूखा बीमारी के प्रतिरोधी किस्म है

Posted by tatwik
Uttar Pradesh
30-09-2019 09:54 PM
Tatwik ji Horticulture ka scope boht hi vyapak hai. Horticulture se hume kisi bhi private yan public sector me kam karne ka moka mil sakta hai.Utpadan tatha Bikri: Business operate kar sakte hai tatha food processing bhi kar sakte hai.Public gardens: logon ke interest ke hisaab se garden bna sakte hai.Marketing: kisi bhi processed fruits and vegetables bhi bikri kar sakte hai.Research and Development: yield tatha qualtity ko bhadane ke liye nai us par kam kar sakte hai.Teaching:kisi bhi school yan college mein pada kar logo ko nai techiques k bare mein bi bta sakte hai.Agriculture engineeering: mitti tatha pani ka sarankshan kar sakte hai.Landscape design, construction and mangement : Nae nae tareeko se nae landscape ke design bna kar logo k liye us cheeej ko akarshan ka karan bna sakte ha.... (Read More)
Tatwik ji Horticulture ka scope boht hi vyapak hai. Horticulture se hume kisi bhi private yan public sector me kam karne ka moka mil sakta hai.Utpadan tatha Bikri: Business operate kar sakte hai tatha food processing bhi kar sakte hai.Public gardens: logon ke interest ke hisaab se garden bna sakte hai.Marketing: kisi bhi processed fruits and vegetables bhi bikri kar sakte hai.Research and Development: yield tatha qualtity ko bhadane ke liye nai us par kam kar sakte hai.Teaching:kisi bhi school yan college mein pada kar logo ko nai techiques k bare mein bi bta sakte hai.Agriculture engineeering: mitti tatha pani ka sarankshan kar sakte hai.Landscape design, construction and mangement : Nae nae tareeko se nae landscape ke design bna kar logo k liye us cheeej ko akarshan ka karan bna sakte hai.
Pest management: ik agriculture specialtist ban sakte hai.
Posted by lucky Aashik yaduvanshi
Uttar Pradesh
30-09-2019 09:44 PM
lucky ji dhan men bali niklne ke bad aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by sachin
Uttar Pradesh
30-09-2019 09:34 PM
Sachin ji aap kripya aap sundi ki photo bheje taki aapko iske bare mein poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by प्रहलाद कुशवाह
Madhya Pradesh
30-09-2019 09:32 PM
kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by mansoor ali
Uttar Pradesh
30-09-2019 09:25 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्च.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकत हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा

Posted by harish
Haryana
30-09-2019 09:22 PM
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के ल.... (Read More)
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है जा फिर गेंदे और गुलाब के बीज लेने के लिए आप Dr N.K Saxena 9811315738 से सम्पर्क करे धन्यवाद

Posted by isahu
Chattisgarh
30-09-2019 09:13 PM
आप धान की किस्मे जैसे Dantesshwari, Purva, Samleshwari की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by gurmanjot singh
Punjab
30-09-2019 09:13 PM
BhaaG rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai gau nu 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo 1quintal feed da formula Anaaj 40kg khal 30kg chokar or rice polish 30kg min mix 2kg namak 1kg mithha soda1kg rla lao

Posted by jasveer
Rajasthan
30-09-2019 09:12 PM
Jasveer ji kirpya aap apna swal visthar se pushe ke aap HF Cow ke bare me kya jankari lena chahte hai ta jo aap ko puri jankari di ja sake, Thankyou.

Posted by anil kumar
Haryana
30-09-2019 08:53 PM
आने वाले दिनों में हलके बादल बने रहेंगे और कहीं कहीं बारिश की संभावना भी है

Posted by ਰਾਜਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
30-09-2019 08:43 PM
UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰ.... (Read More)
UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 1 Zn: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 103 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 151 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 725: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ, ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਮੱਧਰੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੇ ਅਤੇ ਭੂਰੇ ਜੰਗ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ , ਅਤੇ ਗਹਿਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਸਲਾਨਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 677: ਇਹ ਕਿਸਮ 160 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 22.4 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ WH 1105: ਇਸ ਦੀ ਕਾਢ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 97 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਇਹ ਦਾਣਿਆਂ ਦੇ ਖਰਾਬ ਹੋਣ ਅਤੇ ਸਿੱਟਿਆਂ ਦੇ ਭੂਰੇ ਪੈਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.1 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 621: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 100 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈI

Posted by Jasveer Singh Rupana
Punjab
30-09-2019 08:43 PM
flower di paidawar isdi kism te nirbhar krdi hai, so isdi kism bare jankari deyo.

Posted by सयाजी आनंदा कुलकर्णी
Maharashtra
30-09-2019 08:41 PM
सयाजी आनंदा आप आम के पौधे लेने के लिए Rajindra 9822534678 Plants Paradise Nursery जी से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by sachin
Uttar Pradesh
30-09-2019 08:40 PM
poori jaankari ke liye kripya keet ki photo bheje.

Posted by Mandeep singh
Punjab
30-09-2019 08:39 PM
ਜੇਕਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਤਾਂ ਹੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਗੀਆਂ ਪਰ ਜੇਕਰ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਪਰ ਉਹ ਫਿਰ ਵੀ ਅੰਡੇ ਨਹੀ ਦੇ ਰਹੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਮੁਰਗੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਣਗੀਆਂ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ostovet ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 15ml ਪ੍ਰਤ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਤਾਂ ਹੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਗੀਆਂ ਪਰ ਜੇਕਰ ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਉਮਰ 6 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਹੋ ਚੁੱਕੀ ਹੈ ਪਰ ਉਹ ਫਿਰ ਵੀ ਅੰਡੇ ਨਹੀ ਦੇ ਰਹੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਮੁਰਗੀ ਅੰਡੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਣਗੀਆਂ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ostovet ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 15ml ਪ੍ਰਤੀ 100 ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ ,
Posted by Randhir Singh
Haryana
30-09-2019 08:38 PM
Randhir Singh ji Iffco DAP ka rate 1250/bag (50kg) hai, Thankyou.

Posted by sahim
Bihar
30-09-2019 08:38 PM
Sahim ji kirpya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahthe hai tan jo apko sahi jankari di ja skee..

Posted by Naresh Kumar Goswami
Rajasthan
30-09-2019 08:37 PM
असिंचित क्षेत्रों में सरसों बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें

Posted by Bhinder singh
Punjab
30-09-2019 08:37 PM
ਤੁਸੀਂ ਕੱਟੜੂਆਂ-ਵੱਛੜੂਆਂ ਨੂੰ ਜਨਮ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਘਰ ਵਿੱਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਫੀਡ ਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਚੀਜਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ:-
ਖੁਰਾਕੀ ਅੰਸ਼
ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ
ਮੱਕੀ/ਕਣਕ 33
ਸੋਇਆਬੀਨ 15
ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ 10
ਚੌਲਾਂ ਦੀ ਪਾਲਿਸ਼ 11
ਚੋਕਰ 05
ਤੇਲ ਰਹਿਤ ਚੌਲਾਂ ਦੀ ਪਾਲਿਸ਼ 17
ਸੀਰਾ 05
ਧਾਤਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਣ 02
ਲੂ.... (Read More)
ਤੁਸੀਂ ਕੱਟੜੂਆਂ-ਵੱਛੜੂਆਂ ਨੂੰ ਜਨਮ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤਿੰਨ ਮਹੀਨੇ ਦੇ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਘਰ ਵਿੱਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸ ਫੀਡ ਨੂੰ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਤੁਸੀਂ ਹੇਠ ਲਿਖੀਆਂ ਚੀਜਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ:-
ਖੁਰਾਕੀ ਅੰਸ਼
ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ
ਮੱਕੀ/ਕਣਕ 33
ਸੋਇਆਬੀਨ 15
ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ 10
ਚੌਲਾਂ ਦੀ ਪਾਲਿਸ਼ 11
ਚੋਕਰ 05
ਤੇਲ ਰਹਿਤ ਚੌਲਾਂ ਦੀ ਪਾਲਿਸ਼ 17
ਸੀਰਾ 05
ਧਾਤਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਣ 02
ਲੂਣ 02
ਵਿਟਾਮਿਨ ਏ, ਡੀ 05 ਗ੍ਰਾਮ

Posted by arvind
Uttar Pradesh
30-09-2019 08:35 PM
Arvind ji isme beej ki matra 25 quintal prati acre ke hisab se beej daala jata hai aur sarso ki matra 2 kilo prati acre ke hisab se daala jata hai.ise 1:2 ratio me lgaya jata hai. ek line ganne ki aur 2 lines sarso ki honi chahiye. ganne ko 90 cm ke fasle par lgaya jata hai aur sarso men 30 cm ka fasla rakhe.dhanywad

Posted by Naresh Kumar Goswami
Rajasthan
30-09-2019 08:31 PM
सरसों के लिए आप TL 15 , TL 17, RH 0749, RH 0406, RH 9801, RH 9304 , 45s42, 45s35, 45s46, T 59 जैसी किस्मों को लगा सकते है जो pioneer की किस्में है जैसे कि 45s42, 45s46 ये सभी अच्छी हैं

Posted by Naresh Kumar Goswami
Rajasthan
30-09-2019 08:30 PM
सरसों के लिए आप TL 15 , TL 17, RH 0749, RH 0406, RH 9801, RH 9304 , 45s42, 45s35, 45s46, T 59 जैसी किस्में लगा सकते हैं जो pioneer की किस्में है जैसे 45s42 aur 45s46 सबसे बढ़िया है।
Posted by jass Dhaliwal
Punjab
30-09-2019 08:29 PM
श्रीमान जी HD 3226 का बीज नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र में पता करें या फिर करनाल यूनिर्वसिटी के मेले से ले सकते है

Posted by karan
Punjab
30-09-2019 08:26 PM
श्रीमान जी HD 3226 का बीज नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र में पता करें या फिर करनाल यूनिर्वसिटी के मेले से ले सकते है

Posted by Prashant Shelke
Madhya Pradesh
30-09-2019 08:17 PM
iske liye vermicompost @4-5 kilo prati acre daalen.

Posted by rampal mali
Rajasthan
30-09-2019 08:16 PM
श्रीमान जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by sanjay
Maharashtra
30-09-2019 08:12 PM
श्रीमान जी कपास में तेला है इसकी रोकथाम के लिए Ulala @80 gm या Osheen @60 gm प्रति एकड़ की स्प्रे करें

Posted by atul Singh
Uttar Pradesh
30-09-2019 08:04 PM
पूरी जानकारी के लिए कृपया यह बताएं कि फसल में क्या समस्या हैं

Posted by shashibhushan Rai
Uttar Pradesh
30-09-2019 08:02 PM
Iske liye aap ko mitti me deemak or jdo me nematode ki proper jaanch krni pdegi.

Posted by Daljit Singh
Punjab
30-09-2019 07:57 PM
श्रीमान जी PBW 725 का 40—50 किलो बीज प्रति एकड़ के हिसाब से डालें
Posted by sanjeev Kumar
Punjab
30-09-2019 07:54 PM
sanjeev ji eh bijai de lagbhag 8-10 din tak nikal aunda hai .
Posted by Dharm Raj
Rajasthan
30-09-2019 07:52 PM
ऐसी ज़मीन में सब्ज़ियों और फूलों की खेती अच्छी रहेगी

Posted by dheersingh
Uttar Pradesh
30-09-2019 07:49 PM
Sarson ke liye app TL 15 , TL 17, RH 0749, RH 0406, RH 9801, RH 9304 , 45s42, 45s35, 45s46, T 59 jaisi kisme lgaa skte ho. jo pioneer ki kismein hai jaise ki 45s42 aur 45s46 woh sbse best hai.
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