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Posted by harpeet
Punjab
01-10-2019 03:35 PM
Punjab
10-01-2019 03:41 PM
Harpreet ji tuc isdi varto kar sakde ho isdi matra 80 gram nu prati acre de hisab nal spray karo. par jekar hamla jyada hai ta tuc chess@120 gram di varto kar sakde ho.dhanwad
Posted by talesh
Chattisgarh
01-10-2019 03:30 PM
Maharashtra
10-01-2019 03:38 PM
अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
01-10-2019 03:28 PM
Punjab
10-01-2019 06:31 PM
Gurjeet Singh ji jekar tusi fasal beej sanabdi gll krni hai ta tusi ICAR-Indian Institute of Wheat and Barley Research(IIWBR) Karnal-132001, Haryana, India Tel: +91-184-2267490 nal samparak kar sakde ho, jekar tusi pashua sabandi jankari te gll karni hai te tusi Ph: +91-National Dairy Research Institute 0184-2259691(For Enquiry) te samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Naseem Ansari
Uttar Pradesh
01-10-2019 03:27 PM
Punjab
10-01-2019 05:29 PM
Naseem ji yeh fungus ke karn hai iske liye aap mancozeb@400 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Paramveer singh
Haryana
01-10-2019 03:20 PM
Punjab
10-01-2019 03:26 PM
Parmvir ji gibberellic acid ne paudhe da kaddh vdhauna hai tuc isdi spray na karo. isto ilava tuc NPK 130045 @1 kilo nu 150 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Prashant Sharma
Uttar Pradesh
01-10-2019 03:18 PM
Punjab
10-02-2019 12:29 PM
Prashant Sharma ji UP me allu ka bhaav 450 - 775/q tak chal reha hai, Thankyou.
Posted by Naseem Ansari
Uttar Pradesh
01-10-2019 03:18 PM
Punjab
10-01-2019 03:21 PM
Naseem ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by SUKHWINDER SINGH
Punjab
01-10-2019 03:16 PM
Punjab
10-01-2019 05:46 PM
ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਡਰਨ ਵਾਲੀ ਗੱਲ ਨਹੀਂ ਹੈ ਗੰਨਾ ਹੁਣ ਵੱਧ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਕੋਈ ਵੀ ਸਪਰੇ ਕਰਨ ਦੀ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by mk manoj Kumar choudhary
Rajasthan
01-10-2019 03:11 PM
Punjab
10-02-2019 05:19 PM
मनोज जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Narendra sahu
Uttar Pradesh
01-10-2019 03:08 PM
Punjab
10-01-2019 05:47 PM
नरेंद्र जी आप गेंहू की किस्म जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयु.... (Read More)
नरेंद्र जी आप गेंहू की किस्म जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है PDW-291: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है HD-2864: यह सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधी और ताप को सहनेयोग्य किस्म है HI-8627: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह धारीदार कुंगी और पैर गलन के प्रतिरोधक किस्म है Ujiar(K-9006): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके दाने अर्द्ध सख्त और सुनहरी होते हैं यह किस्म करनाल बंट के प्रतिरोधक किस्म है
Posted by lakhveer singh
Punjab
01-10-2019 02:59 PM
Punjab
10-01-2019 03:48 PM
Lakhveer singh ji jekar tuhanu aap sbandi kise vi tarah di koi dikat aah rahi hai, ta tusi app da screen short le ke sade whatsapp no. 99779977641 te samparak karo ji, Thankyou.
Posted by pawan nagpal
Punjab
01-10-2019 02:57 PM
Maharashtra
10-02-2019 05:14 PM
Du Pont pexalon ik keetnashak hai jo fasl vich tele di roktham de layi istemal kita janda hai.isdi matra ik acre de lay 80-100 ml hundi hai. isda result vadia hai.
Posted by Vinod Kumar
Haryana
01-10-2019 02:52 PM
Punjab
10-01-2019 03:52 PM
विनोद कुमार जी आप किस्मे जैसे Sonalika: यह एक जल्दी पकने वाली छोटे कद वाली गेहूं की किस्म है जो कि बहुत सारे हालातों के अनुकूल है इसके दाने सुनहरी होते हैं इसकी बुवाई पिछेती की जा सकती है और यह कुंगी रोग की प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 16.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है C 306: यह किस्म कम सिंचाई वाले क्षेत्रों और कम उपज.... (Read More)
विनोद कुमार जी आप किस्मे जैसे Sonalika: यह एक जल्दी पकने वाली छोटे कद वाली गेहूं की किस्म है जो कि बहुत सारे हालातों के अनुकूल है इसके दाने सुनहरी होते हैं इसकी बुवाई पिछेती की जा सकती है और यह कुंगी रोग की प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 16.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है C 306: यह किस्म कम सिंचाई वाले क्षेत्रों और कम उपजाऊ वाली मिट्टी में उगाने के लिए अनुकूल है इसके दाने मध्यम आकार के, चमकदार, ठोस और सुनहरी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है C 306: यह किस्म कम सिंचाई वाले क्षेत्रों और कम उपजाऊ वाली मिट्टी में उगाने के लिए अनुकूल है इसके दाने मध्यम आकार के, चमकदार, ठोस और सुनहरी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
01-10-2019 02:47 PM
Punjab
10-01-2019 03:29 PM
Kehsav ji cole crops jaise broccoli, cauliflower, cabbage hai kripya aap btaye ke inme se konsi crop ki kisam ke bare men jankari lena chahte hai taki apko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by sarbjeet singh
Punjab
01-10-2019 02:43 PM
Punjab
10-02-2019 12:00 PM
ਇਹ ਫੰਗਸ ਹੈ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਐਮ-45 ਜਾਂ ਜ਼ਿਨੇਬ 2.0-2.5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by SHUBH RAM GURJAR
Rajasthan
01-10-2019 02:42 PM
Punjab
10-01-2019 03:16 PM
शुभ जी यह तत्व की कमी के कारण होता है इसके लिए आप zinc sulphate @3 gram को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
01-10-2019 02:41 PM
Punjab
10-15-2019 01:03 PM
Keshav kumar ji agar aane agriculture sector me jana hai to aap nazdiki krishi university me Bsc me admission se le ji. Bsc ka aage accha scope hai ji.
Posted by gurmanjot singh
Punjab
01-10-2019 02:40 PM
Punjab
10-02-2019 05:21 PM
Posted by anil singh jhajhria
Rajasthan
01-10-2019 02:33 PM
Maharashtra
10-02-2019 12:05 PM
अनिल जी आप मेथी की किस्मे ML 150: इसके पौधे के पत्ते गहरे हरे और अधिक मात्रा में फलियां होती हैं इसके बीज चमकदार, पीले और मोटे होते हैं इसे चारे के तौर पर भी प्रयोग किया जाता है इसकी औसतन पैदावार 6.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है PRM 45 (Pratap raj methi): यह किस्म महाराणा प्रताप यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टैक्नोलोजी द्वारा विक.... (Read More)
अनिल जी आप मेथी की किस्मे ML 150: इसके पौधे के पत्ते गहरे हरे और अधिक मात्रा में फलियां होती हैं इसके बीज चमकदार, पीले और मोटे होते हैं इसे चारे के तौर पर भी प्रयोग किया जाता है इसकी औसतन पैदावार 6.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है PRM 45 (Pratap raj methi): यह किस्म महाराणा प्रताप यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टैक्नोलोजी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म रेतली दोमट से भारी मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है यह गर्दन तोड़ रोग के प्रतिरोधक किस्म है वानस्पतिक उद्देश्य के लिए नवंबर से फरवरी का समय बिजाई के लिए अनुकूल होता है जब कि बीज उद्देश्य के लिए मई जून बिजाई के लिए उत्तम समय होता है बीजों को पूरी धूप में बोयें दो कतारों में 6-12 इंच और दो पौधों में 2-3 इंच का फासला रखें बैड पर 1-1.5 सैं.मी. की गहराई पर बीज बोयें इसकी बिजाई बुरकाव विधि द्वारा या कतारों में की जाती है
Posted by Gopal Singh
Rajasthan
01-10-2019 02:26 PM
Punjab
10-01-2019 02:28 PM
असिंचित क्षेत्रों में बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक पूरी कर लें जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें
Posted by bhinder chahal
Punjab
01-10-2019 02:21 PM
Punjab
10-01-2019 06:44 PM
deputy director dairy development MANSA naal sampark karo g training lao te shuroo kar lao
Posted by ਜੱਗਾ ਸਿੰਘ ਮੈਹਤੋ
Punjab
01-10-2019 02:21 PM
Punjab
10-01-2019 02:24 PM
ਜੱਗਾ ਜੀ ਹਰ ਫਲਦਾਰ ਬੂਟੇ ਨੂੰ ਉਗਾਉਣ ਦਾ ਅਲੱਗ ਸਮਾਂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੇ ਫਲਦਾਰ ਬੂਟੇ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Ravinder Handa
Punjab
01-10-2019 02:20 PM
Punjab
10-01-2019 02:27 PM
ਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਦੀ marketing ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਜਾ ਇਸਨੂੰ ਵੇਚਣ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ Nirmal singh 9878811157 9876306548 ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by KS
Punjab
01-10-2019 02:16 PM
Punjab
10-02-2019 09:53 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ Zoctum injection 2.5gm, Isoflud injection 5ml, bayrocin injection 30ml, Megludyne injection 20ml ਲਗਵਾਓ ਫਿਰ ਅਗਲੇ 2 ਦਿਨ ਤੁਸੀ Intacef Tezo injection 4.5gm, Megludyne injection 20ml ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Digamax forte tabet 2-2 ਗੋਲੀਆਂ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Mammidium powder 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਹ ਸਾਰਾ ਇਲਾਜ 3 ਦਿਨ ਕਰੋ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by Gurjeet singh
Punjab
01-10-2019 02:05 PM
Punjab
10-02-2019 05:23 PM
Gurjeet ji ehna golia nal pashu da dhudh vdhh jnda hai tuci pashu da dhudh vdaun lai ehna golia di varto kr skde ho..
Posted by Naseem Ansari
Uttar Pradesh
01-10-2019 02:04 PM
Maharashtra
10-01-2019 02:08 PM
naseem ji yeh keet ka hamla hai iske liye aap quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by amritpal singh
Punjab
01-10-2019 02:04 PM
Punjab
10-01-2019 02:10 PM
Amritpal ji broccoli di paniri 25 dina di mukh khet vich la sakde ho.dhanwad
Posted by gurpreet singh
Punjab
01-10-2019 02:01 PM
Punjab
10-01-2019 02:18 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਹ ਇਕ ਹਲਦੀ ਰੋਗ ਲੱਗ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ tilt @200 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਦੂਜਾ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਫੋਕ ਪੈ ਰਹੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਸੁੰਡੀ ਚੈੱਕ ਕਰੋ ਜੇਕਰ ਮੌਜੂਦ ਹੈ ਤਾ ਤੁਸੀ cartap hydrochloride @170 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by rajesh mishra
Uttar Pradesh
01-10-2019 01:56 PM
Maharashtra
10-01-2019 01:58 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे .... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bonneville: यह मध्यम समय की किस्म है इसके फलियां मीठे दानों वाली होती हैं इसकी औसतन पैदावार 36 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Multi Freezer: यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी फलियां मीठी और नर्म होती हैं यह ठंड को सहनेयोग्य किस्म हैं इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad P-I: यह छोटे कद की किस्म है इसके दाने झुर्रीदार होते हैं इसकी औतसन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Early E-6: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खरीफ ऋतु की फसल की कटाई के बाद, सीड बैड तैयार करने के लिए हल से 1 या 2 बार जोताई करें हल से जोतने के बाद 2 या 3 बार तवियों से जोताई करें जल जमाव से रोकने के लिए खेत को अच्छी तरह समतल कर लेना चाहिए बिजाई से पहले, खेत की एक बार सिंचाई करें जो कि फसल के अच्छे अंकुरन में सहायक होती है फसल को मिट्टी से पैदा होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए ट्राइकोडरमा विराइड 10 किलो को अच्छी तरह से गले हुए गाय के गोबर 25-30 किलो को आखिरी जोताई के समय प्रति एकड़ में डालें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है कतारों में 30-40 सैं.मी. और पौधें में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें लंबी किस्मों के लिए 32-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और छोटे कद की किस्मों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई के समय नाइट्रोजन 13 किलो (30 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (150 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें फासफोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को बिजाई के एक महीने बाद डालें छोटे कद की किस्मों के लिए नाइट्रोजन की 8 किलो मात्रा बिजाई के समय डालें एक या दो गोडाई करना यह किस्म पर निर्भर करता है पहली गोडाई, फसल की बिजाई के 3-4 सप्ताह बाद या जब फसल 2 या 3 पत्ते निकाल लेती है और दूसरी गोडाई, फूल निकलने से पहले करें मटरों की खेती के लिए नदीन नाशकों का प्रयोग बहुत प्रभावशाली होता है फ्लूक्लोरालिन 45 ई सी 800 मि.ली. को 100-150 लीटर पानी में मिलाकर बीज बोने से पहले खेत में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ या बसालिन 1 लीटर प्रति एकड़ का प्रयोग फसल बीजने से 48 घंटों के अंदर करें
Posted by ਰਣਜਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦਿਉਲ
Punjab
01-10-2019 01:56 PM
Rajasthan
10-02-2019 05:24 PM
ਉਸ ਨੂੰ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਸ਼ਰੀ ਦੀ ਚਾਂਸਨੀ ਬਣਾ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਨੂੰ 200gm ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਗਰਮ ਕਰੋ ਅਤੇ ਫਿਰ ਬਾਦ ਵਿਚ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਨੀਂਬੂ ਨਿਚੋੜ ਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਗਾਂ ਨੂੰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਧਾਰ ਵੀ ਨਰਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by rajesh mishra
Uttar Pradesh
01-10-2019 01:52 PM
Rajasthan
10-02-2019 01:34 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीन.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें. डेयरी फार्मिंग के लिए लोन अलग अलग कामों के लिए मिलता है जैसे शैड के लिए, पशुओं के लिए, डेयरी मशीनरी के लिए सबसे पहले आपने जिसके लिए लोन लेना है उस संबंधी आवेदन नज़दीक के डिप्टी डायरेक्टर को मिलकर दें ,इसके लिए आपके पास डेयरी ट्रेनिंग होनी जरूरी है उसके सर्टीफिकेट के हिसाब से आपको लोन मिलेगा यह ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके से प्राप्त कर सकते है वहां समय समय पर ट्रेनिंग दी जाती है आप वहां जाकर अपना फार्म भर आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो आपको फोन करके बता दिया जाएगा
Posted by navdeep
Punjab
01-10-2019 01:45 PM
Punjab
10-01-2019 01:51 PM
tuci iss nu pett de kiria lai Bandy plus liquid deo ate iss nu Cargill di Calf grower feed deni suru kro , feed ate vdia khurak de nal nal iss nu Cafplan powder 50gm rojana deo, iss nal jldi growth ho jawegi..
Posted by ashok mali
Rajasthan
01-10-2019 01:43 PM
Maharashtra
10-01-2019 01:55 PM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
Posted by ranvir singh
Punjab
01-10-2019 01:39 PM
Punjab
10-01-2019 01:52 PM
tuci uss nu Cargil di Fresher feed deo ate uss nu Enerdyna liquid 100-100ml swere sham ate lactomax bolus 10 golia rojana 20 din tak deo, ehna nal dhudh vadhh jawega ate usda sarir di vdia growth howegi.
Posted by Satyarani
Haryana
01-10-2019 01:38 PM
Punjab
10-02-2019 06:53 PM
Satyarani ji pani test karvane ke liye aap KRISHI VIGYAN KENDRA, DAMLA, YAMUNANAGAR (HARYANA) se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Hariom vishwakaram Vishwakaram
Madhya Pradesh
01-10-2019 01:32 PM
Punjab
10-01-2019 01:59 PM
Hariom ji mausam vibhag ke anusar agle do din tak barish hone ki sambhavna hai.dhanywad
Posted by Rajmal Gurjar
Madhya Pradesh
01-10-2019 01:27 PM
Punjab
10-01-2019 02:00 PM
rajmal ji mausam vibhag ke anusar agle do tak barish hone ki sambhavna hai.dhanywad
Posted by MEENESH BHANDARI
Rajasthan
01-10-2019 01:20 PM
Punjab
10-01-2019 02:01 PM
yeh leaf miner hai iski roktham ke liye aap fenazaquin@2 ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by durga charan munda
Jharkhand
01-10-2019 01:18 PM
Posted by ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
01-10-2019 01:01 PM
Punjab
10-01-2019 01:15 PM
sukhchain ji kaale tele di aje shuruaat hai tan iss di roktham de lyi tuc chess@120gm ja glamore@50gm ja dentop@35gm nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray kr skde ho..ihna spreha di varto tela pain ton pehla kro..iss ton ilaava jekar tela jyaada fail gya hai tan uss di rokthaam de lyi 1 ltr DDVP nu 12 kg sukki ret de nal mila k khet de vich shitta de deo..iss ton bina tuc koram 300ml ja acetamiprid 20EC @60-80gm ja acephate@500gm nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray krdeo..iss ton ilaava tuc jhone de vich actara @80gm ja buprofezin@200ml nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray kr deo. jekar harra tela hai tan uss de lyi tuc solomon@120 ml prati acre de lyi spray kr skde ho.
Posted by Yash vardhan
Bihar
01-10-2019 12:59 PM
Haryana
10-01-2019 01:57 PM
यश जी इसके बारे में जानकारी के लिए आप इस नंबर पर 9466419455 संपर्क कर सकते है
Posted by RAMBABU SWAMI
Rajasthan
01-10-2019 12:58 PM
Punjab
10-01-2019 02:03 PM
रामबाबू जी इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by सुजाराम
Rajasthan
01-10-2019 12:49 PM
Maharashtra
10-02-2019 05:09 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे .... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bonneville: यह मध्यम समय की किस्म है इसके फलियां मीठे दानों वाली होती हैं इसकी औसतन पैदावार 36 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Multi Freezer: यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी फलियां मीठी और नर्म होती हैं यह ठंड को सहनेयोग्य किस्म हैं इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad P-I: यह छोटे कद की किस्म है इसके दाने झुर्रीदार होते हैं इसकी औतसन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Early E-6: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खरीफ ऋतु की फसल की कटाई के बाद, सीड बैड तैयार करने के लिए हल से 1 या 2 बार जोताई करें हल से जोतने के बाद 2 या 3 बार तवियों से जोताई करें जल जमाव से रोकने के लिए खेत को अच्छी तरह समतल कर लेना चाहिए बिजाई से पहले, खेत की एक बार सिंचाई करें जो कि फसल के अच्छे अंकुरन में सहायक होती है फसल को मिट्टी से पैदा होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए ट्राइकोडरमा विराइड 10 किलो को अच्छी तरह से गले हुए गाय के गोबर 25-30 किलो को आखिरी जोताई के समय प्रति एकड़ में डालें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है कतारों में 30-40 सैं.मी. और पौधें में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें लंबी किस्मों के लिए 32-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और छोटे कद की किस्मों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई के समय नाइट्रोजन 13 किलो (30 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (150 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें फासफोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को बिजाई के एक महीने बाद डालें छोटे कद की किस्मों के लिए नाइट्रोजन की 8 किलो मात्रा बिजाई के समय डालें एक या दो गोडाई करना यह किस्म पर निर्भर करता है पहली गोडाई, फसल की बिजाई के 3-4 सप्ताह बाद या जब फसल 2 या 3 पत्ते निकाल लेती है और दूसरी गोडाई, फूल निकलने से पहले करें मटरों की खेती के लिए नदीन नाशकों का प्रयोग बहुत प्रभावशाली होता है फ्लूक्लोरालिन 45 ई सी 800 मि.ली. को 100-150 लीटर पानी में मिलाकर बीज बोने से पहले खेत में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ या बसालिन 1 लीटर प्रति एकड़ का प्रयोग फसल बीजने से 48 घंटों के अंदर करें
Posted by Ganpat Singh
Rajasthan
01-10-2019 12:41 PM
Punjab
10-01-2019 12:48 PM
Ganpat ji yeh fungus ke karn ho raha hai iske liye aap carbendazim@400 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Biswajit Prasad Parida
Odisha
01-10-2019 12:39 PM
Punjab
10-01-2019 01:58 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by दिनेश सिंह राजपूत
Rajasthan
01-10-2019 12:34 PM
Punjab
10-01-2019 02:00 PM
राजपूत जी आपकी फोटो के हिसाब से ये क्रॉस नस्ल की है