Posted by MANOJ KUMAR MAURYA
Uttar Pradesh
04-10-2019 03:36 PM
मनोज जी , यह फंगस की वजह से हो रहा है, कृपया आप इस पर mecozeb @ 4g प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by jajbir sibgh
Punjab
04-10-2019 03:16 PM
ਜੱਜਬੀਰ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਤੁਸੀਂ ਇਹ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਹਾਡੇ ਝੋਨੇ ਵਿੱਚ ਕੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ , ਜੇਕਰ ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਕੋਈ ਸਮੱਸਿਆ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਕੋਈ ਸਪਰੇ ਨਾ ਕਰੋ, ਜੇਕਰ ਸਮੱਸਿਆ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਫੋਟੋ ਭੇਜੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਉਸ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਸਕੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by harjeet Singh
Punjab
04-10-2019 03:06 PM
harjeet ji mushroom training de layi tuc apne najdiki KVK de nal sampark karo.Majitha Rd, Nag, Punjab 143601 ethe tuc apna form bhar ke submit karva ke aao jado v training schedule kiti jayegi tuhanu is bare sampark karke das dita jayega.dhanwad
Posted by Gurjeet singh
Punjab
04-10-2019 02:55 PM
Gurjeet ji ehh semen di photo de hisab nal ehh Karnal walia da semen hai isda puri jankari tuhanu uss ton mill skdi hai jiss ton ehh semen bhrwaya gya hai..

Posted by Mukesh Patel
Madhya Pradesh
04-10-2019 02:37 PM
Shrimaan ji, kripya ap apna sawal visthar se puchein taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Vishnu das
Rajasthan
04-10-2019 02:34 PM
विष्णु जी , इसके ऊपर आप NPK 13.00.45@ 10 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by Sunny Mahey
Punjab
04-10-2019 02:29 PM
Suuny ji ehh liver fluke pashu de liver vich hunde hai, ehna nal pashu patle, badbudar gobar krda hai, pashu kamjor hunda hai, pashu chara ghat khnda hai, duudh ghht jnda hai, pashu da hajma kharab hunda hai, pashu di akh vich giid aundi hai, isde lai tuci Flukarid-ds bolus, Minfluke-DS, Fasnil bolus koi v vart skde ho..

Posted by vikas
Bihar
04-10-2019 02:26 PM
बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है, सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें

Posted by Nanuram Bhil
Madhya Pradesh
04-10-2019 02:16 PM
Nanuram ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by wasim
Uttar Pradesh
04-10-2019 02:14 PM
Wasim ji mini rotavator, power tiller ja fir hor agriculture equipment lai tusi Raja garg 9815940212 nal samparak kar sakde ho,Thankyou.
Posted by Awadhesh kushwaha
Uttar Pradesh
04-10-2019 02:13 PM
अवधेश जी यह सुंडी का प्रकोप है इसकी रोकथाम के लिए आप quinalphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by vikas
Bihar
04-10-2019 02:12 PM
Vikas ji iski bijai 15 september 15 october tak ki ja sakti hai.dhanywad

Posted by santosh
Uttar Pradesh
04-10-2019 02:08 PM
बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5..... (Read More)
बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5.5-6.6 पी एच होनी चाहिए लंबी किस्में Pusa Purple Long: यह जल्दी पकने वाली किस्म है सर्दियों में यह 70-80 दिनों में और गर्मियों में यह 100-110 दिनों में पक जाती है इस किस्म के बूटे दरमियाने कद के और फल लंबे और जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Purple Cluster: यह किस्म आई. सी. ए. आर. नई दिल्ली द्वारा बनाई गई है यह दरमियाने समय की किस्म है इसके फल गहरे जामुनी रंग और गुच्छे में होते हैं यह बैक्टीरिया सूखे के कुछ हद तक प्रतिरोधक है Pusa Kranti: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और पतझड़ के मौसम में उगाने के लिए अनुकूल है यह किसम 130-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हे इसके फल आकर्षित गहरे जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 56-64 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Sadabahar: इसकी औसतन पैदावार 120-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Basarati: इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Samrat: इसके फल रोपाई के 70 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं गोल किस्में Pusa Purple Round: यह किस्म छोटे पत्ते, शाख और फल के छेदक की रोधक किस्म है Pant Rituraj: इस किस्म के फल गोल और आकर्षित जामुनी रंग के होते हैं और इनमें बीज की मात्रा भी कम होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Banaras Giant: यह वाराणसी और उसके नजदीक के क्षेत्रों में प्रसिद्ध किस्म है इसके फल हरे और सफेद रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 400 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Swarna Mani: यह किस्म बैक्टीरियल सूखे के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 24-26 टन प्रति एकड़ होती है Swarna Ajay: इसकी औसतन पैदावार 28-30 टन प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की तीन से चार बार जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 42 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें बैंगन के बीज 3 मीटर लंबे, 1 मीटर चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचे बैडों पर बोये जाते हैं पहले बैडों में बढ़िया रूड़ी की खाद डालें फिर बिजाई से दो दिन पहले कप्तान का घोल डालें ताकि जो नर्सरी बैडों में पौधों को नष्ट होने से बचाया जा सके उसके बाद बीजों को कतारों में 2.5 सैं.मी. के फासले पर और 1.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें हल्की सिंचाई करें पौधों के अंकुरन तक बैडों को काले रंग की पॉलीथीन शीट या पराली से ढक दें तंदरूस्त पौधे जिनके 3-4 पत्ते निकलें हों और कद 12-15 सैं.मी. (30-40 days crop) हो, खेत में पनीरी लगाने के लिए तैयार होते हैं बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 300-400 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा आखिरी जोताई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को रोपाई के बाद 30 वें और 45वें दिन डालें नदीनों को रोकने, अच्छे विकास और उचित हवा के लिए दो - चार गोडाई करें काले रंग की पॉलिथीन शीट से पौधों को ढक दें जिससे नदीनों का विकास कम हो जाता है और ज़मीन का तापमान भी बना रहता हैं नदीनों को रोकने के लिए पौधे लगाने से पहले मिट्टी में फलूकलोरालिन 600-800 मि.ली. प्रति एकड़ या ऑक्साडायाज़ोन 400 ग्राम प्रति एकड़ डालें अच्छे परिणाम के लिए पौधे लगाने से पहले एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ की मिट्टी के तल पर स्प्रे करें

Posted by wasim
Uttar Pradesh
04-10-2019 02:07 PM

Posted by Ranjot singh
Punjab
04-10-2019 02:03 PM
ਰੰਜੋਤ ਜੀ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ fame @20 ml ਜਾ coragen @60 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Nanuram Bhil
Madhya Pradesh
04-10-2019 02:01 PM
Nanuram ji aap iske uper mancozeb@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by zubair ahmed
Uttar Pradesh
04-10-2019 01:51 PM
zubair ahmed ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by zubair ahmed
Uttar Pradesh
04-10-2019 01:49 PM
इसके सख्त होने की वजह से इसे मिट्टी की हर किस्म में उगाया जा सकता है इसे हल्की तेजाबी और नमकीन और चूने वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है अगर इसकी खेती बढ़िया जल निकास वाली और उपजाऊ-दोमट मिट्टी में की जाती है तो यह अच्छी पैदावार देती है यह खारी मिट्टी को भी सहयोग्य है इस फसल की खेती के लिए मिट्टी की pH 6.5-9.5 होना चाह.... (Read More)
इसके सख्त होने की वजह से इसे मिट्टी की हर किस्म में उगाया जा सकता है इसे हल्की तेजाबी और नमकीन और चूने वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है अगर इसकी खेती बढ़िया जल निकास वाली और उपजाऊ-दोमट मिट्टी में की जाती है तो यह अच्छी पैदावार देती है यह खारी मिट्टी को भी सहयोग्य है इस फसल की खेती के लिए मिट्टी की pH 6.5-9.5 होना चाहिए भारी ज़मीनों में इसकी खेती करने से परहेज करें आंवला की खेती के लिए अच्छी तरह से जोताई और जैविक मिट्टी की आवश्यकता होती है मिट्टी को अच्छी तरह से भुरभुरा बनाने के लिए बिजाई से पहले ज़मीन की जोताई करें जैविक खाद जैसे कि रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलायें फिर 15×15 सैं.मी. आकार के 2.5 सैं.मी. नर्सरी बैड तैयार करें आंवला को खेत में अगस्त या जनवरी-फरवरी महीने में बोयें उदयपुर में इसकी खेती जनवरी से फरवरी महीने में की जाती है आंवला की कलियों को 7-8 मीटर के फासले पर खोदे गए गड्ढों में बोयें रोपाई के लिए वर्गाकार विधि का प्रयोग करें 1मीटरx 1मीटरx 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें और उन्हें 15-20 दिनों में लिए धूप में खुला छोड़ें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद से भरें कलियों वाले नए पौधों की मुख्य खेत में रोपाई करें

Posted by Dharminder Dharm
Punjab
04-10-2019 01:27 PM
Dharminder ji tuci isdi varto kr skde ho iss nal pashu da lewa vdia tyar hunda hai jiss nal pashu de dudh vich v fyada hunda hai.
Posted by डिलेश्वर चंद्राकर
Chattisgarh
04-10-2019 01:26 PM
डिलेश्वर जी इसके पत्ते जो ऊपर से लाल हो रहे है वो लोहे की कमी के कारण होता है इसके लिए आप ferrous sulphate @1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें दूसरा आप इसमें सुंडी का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप fame @20 ml या coragen @60ml को प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Dharminder Dharm
Punjab
04-10-2019 01:20 PM
tuci isdi varto kr skde ho, iss nal pashu da lewa vdia hunda hai tuci iss nu suun ton 2 mahine pehla dena suru kr skde ho, ehh tuci 10-10ml swere sham de skde ho..

Posted by रोहित चौधरी
Madhya Pradesh
04-10-2019 01:20 PM
रोहित जी,इसके लिए आप NPK 19.19.19 @ 10 g प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by रोहित चौधरी
Madhya Pradesh
04-10-2019 01:17 PM
रोहित जी, यह Iron तत्व की काम की वजा से हो रहा है, कृपया आप इसमें ferrous sulphate @ 1kg प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by Harpreet Singh
Punjab
04-10-2019 01:13 PM
BhaaG deputy director animal husbandry or Krishi vigyan kendar HOSHIARPUR or GADVASU VETERINARY UNIVERSITY LUDHIANA NAAL SAMPARK KARO G UNIVERSITY No 0161 2553364 2414026

Posted by Ramlal Beniwal Beniwal
Rajasthan
04-10-2019 01:09 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by Prem kumar sahu
Chattisgarh
04-10-2019 12:50 PM
सबसे पहले आप पानी के पीएच की जांच करवायें फिर आप पुंग की जांच करें ऐसा पानी की गुणवत्ता खराब होने से होता है

Posted by tinku
Uttar Pradesh
04-10-2019 12:43 PM
बुंदेलखंड और आगरा क्षेत्रों के लिए, बिजाई के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह उचित समय होता है जबकि बाकी के क्षेत्रों के लिए 15 अक्तूबर तक बिजाई पूरी कर लें असिंचित क्षेत्रों के लिए बिजाई का उपयुक्त समय सितंबर के दूसरे पखवाड़ा होता है तारामीरा-सरसों की बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे .... (Read More)
बुंदेलखंड और आगरा क्षेत्रों के लिए, बिजाई के लिए सितंबर का आखिरी सप्ताह उचित समय होता है जबकि बाकी के क्षेत्रों के लिए 15 अक्तूबर तक बिजाई पूरी कर लें असिंचित क्षेत्रों के लिए बिजाई का उपयुक्त समय सितंबर के दूसरे पखवाड़ा होता है तारामीरा-सरसों की बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 से 15 सैं.मी. रखें गोभी सरसों की बिजाई के लिए पंक्तियों का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 सैं.मी. रखें बीजों को 4-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए सीड ड्रिल विधि का प्रयोग करें

Posted by Hemant Kumar
Chattisgarh
04-10-2019 12:39 PM
इसे सभी प्रकार की मिट्टी जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं, में उगाया जा सकता है लेकिन अच्छे जल निकास वाली दोमट या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है इसके अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 8 होनी चाहिए धनिये की खेती के लिए खारी और लवण वाली मिट्टी ठीक नहीं होती Rajendra swathi: यह मध्यम क.... (Read More)
इसे सभी प्रकार की मिट्टी जिसमें जैविक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं, में उगाया जा सकता है लेकिन अच्छे जल निकास वाली दोमट या रेतली दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है इसके अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 8 होनी चाहिए धनिये की खेती के लिए खारी और लवण वाली मिट्टी ठीक नहीं होती Rajendra swathi: यह मध्यम किस्म की गोल और सुगंधित दानों वाली किस्म है यह चेपे को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 520 किलो प्रति एकड़ होती है Sadhana: यह किस्म 95-110 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह दोहरे उद्देश्य वाली किस्म है और सफेद मक्खी को सहनेयोग्य है इसकी औसतन पैदावार 410 किलो प्रति एकड़ होती है Swathi: यह जल्दी पकने वाली किस्म है यह बारानी और पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह 82-85 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 360 किलो प्रति एकड़ होती है Sindhu: यह किस्म बारानी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त किस्म है यह सूखे और पत्तों पर सफेद धब्बों को सहनेयोग्य किस्म है यह किस्म 100-110 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 400 किलो प्रति एकड़ होती है सब से पहले ज़मीन की दो तीन बार हल से अच्छी तरह जोताई करें इसके बाद सुहागे की मदद से ज़मीन को समतल कर देना चाहिए आखिरी जोताई से पहले ज़मीन में 40 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से रूड़ी की खाद मिलानी चाहिए सब्जियों में प्रयोग करने के लिए, इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए, बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक करनी चाहिएकतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता हैंबिजाई के लिए 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ डाला जाता है फसल की अच्छी वृद्धि के लिए, नाइट्रोजन 25 किलो (यूरिया 55 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को फूल निकलने के समय डालें अंकुरण के 15-20 दिनों के बाद तेज वृद्धि के लिए ट्राइकोंटानोल हारमोन 20 मि.ली. को 10 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें NPK (19:19:19) @75 ग्राम को प्रति 15 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 20 दिन बाद करें यह फसल की अच्छी और तेज वृद्धि करने में सहायक है उच्च उपज के लिए ब्रासीनोलाइड 50 मि.ली. को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई के 40-50 दिन बाद प्रति एकड़ में स्प्रे करें 10 दिनों के बाद इसकी दूसरी स्प्रे करें मोनो अमोनियल फासफेट 12:61:00 45 ग्राम केा प्रति 15 लीटर पानी में मिलाकर पत्तों और शाखाओं के बढ़ने की अवस्था में एक स्प्रे करें यह अच्छी उपज में मदद करती है और पैदावार को बढ़ाती है

Posted by Arshdeep Singh
Punjab
04-10-2019 12:37 PM
ਅਰਸ਼ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਨਾਲ ਦਿਤੀ ਫੋਟੋ ਨੂੰ ਦੇਖੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by balwinder singh
Punjab
04-10-2019 12:30 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, DDVP ਕਣਕ, ਝੋਨਾ, ਖੀਰਾ, ਗੰਨਾ, ਮੂੰਗਫਲੀ, ਸੋਇਆਬੀਨ , ਸਰੋਂ, ਸੂਰਜਮੁਖੀ ਵਿਚ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਅਤੇ ਇਹ ਮਾਰਕੀਟ ਚ ਆਮ ਮਿਲ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Maninder Singh
Punjab
04-10-2019 12:20 PM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਅਤੇ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml, Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ..
Posted by Pawan kumar
Haryana
04-10-2019 12:10 PM
आप पशुओं को 100 ग्राम तारामीरा का तेल रोज़ाना 20 दिन दें और आप Taktic स्प्रे का प्रयोग करें, यह 2ml/1liter स्प्रे आप पशुओं के आस पास और पशुओं के ऊपर भी करें बाकि आप साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें..

Posted by KS
Punjab
04-10-2019 12:00 PM
tuci uss nu Milkout powder 2-2 chamch swere sham, Simlage tablet 1-1 swere sham ate Vitol liquid 10-10ml swere sham deo, iss nal frak paa jawega..

Posted by ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
04-10-2019 11:44 AM
gurpreet ji ehh tara saff kr rehi hai jekar ehh hor v heat de lashan dekha rehi hai tan tuci iss nu AI krwa deo ji ate AI krwa ke Gestaprogen powder 25gm rojana 20 din tak deo, iss nal pashu de gaban rehn di ass vdhh jndi hai..

Posted by Meena Suraj
Rajasthan
04-10-2019 11:43 AM
usko aap Sarakind plus bolus 1-1 goli subah sham den aur usko Bovimin-Gl liquid 7ml rojana den, isse frak padd jayega..

Posted by ਬਲਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
04-10-2019 11:42 AM
HD3226 da seed len lai tusi Punjab Seed Company, Gidderbaha 9814130982 nal samparak kar sakde ho ja fir is da seed mela jo ke ICAR-Indian Institute of Wheat and Barley Research(IIWBR) Karnal-132001, Haryana, India, Tel: +91-184-2267490 vikhe 5 Oct nu hon ja reha hai te pohach ke vi seed le sakde ho, Thankyou.

Posted by gagan sidhu
Punjab
04-10-2019 11:42 AM
ਗਗਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਫੋਕ ਪੈਣ ਦਾ ਕਾਰਨ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ cartap hydrochloride @170 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by gagan sidhu
Punjab
04-10-2019 11:40 AM
ਗਗਨ ਜੀ ਝੋਨੇ ਵਿਚ ਫੋਕ ਪੈਣ ਦਾ ਕਾਰਨ ਸੁੰਡੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ cartap hydrochloride @170 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Onkar Singh
Punjab
04-10-2019 11:38 AM
break ek keetnashak hai jisme BPMC (fenobucarb) nam ka salt maujood hai. yeh tele ki roktham ke liye istemal kiya jata hai.iski matra 80-100gm ko 150 litre pani men mila kar prati acre ke hisab se spray karen.
Posted by Rajpal Gurjar
Rajasthan
04-10-2019 11:34 AM
श्रीमान जी ,पत्ते गिराना के लिए आप gromoxone @ 500ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Tauhid Khan
Uttar Pradesh
04-10-2019 11:31 AM
खान जी आपके सवालों के जवाब दिए गए है आप अपने सवालों के जवाब एप में देख सकते हैं
Posted by Dinesh
Madhya Pradesh
04-10-2019 11:29 AM
दिनेश जी आप कृपया बताये कि आपने इसे क्या क्या खाद डाली है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by sudhir Kumar
Uttar Pradesh
04-10-2019 11:28 AM
सुधीर जी, इसकी रोकथाम के लिए आप folicur @ 200 ml प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image












