
Posted by Surjeet
Rajasthan
05-10-2019 10:15 AM
सुरजीत सिंह जी ,सरसों के लिए तापमान 22 - 25 *C तक का हों चाहिए तिलहनी फसलों के लिए हल्की से भारी ज़मीनें अच्छी होती हैं राया हर तरह की ज़मीन में उगाया जा सकता है पर तोरिये के लिए भारी ज़मीनें चाहिए तारामीरा के लिए आमतौर पर रेतली से मैरा रेतली ज़मीनें अच्छी होती हैं इसकी किस्मे जैसे के Pusa अग्रणी, Pusa Mustard 21 ,Pusa Mustard 24 ,NPJ 112 ,Pusa Mustard .... (Read More)
सुरजीत सिंह जी ,सरसों के लिए तापमान 22 - 25 *C तक का हों चाहिए तिलहनी फसलों के लिए हल्की से भारी ज़मीनें अच्छी होती हैं राया हर तरह की ज़मीन में उगाया जा सकता है पर तोरिये के लिए भारी ज़मीनें चाहिए तारामीरा के लिए आमतौर पर रेतली से मैरा रेतली ज़मीनें अच्छी होती हैं इसकी किस्मे जैसे के Pusa अग्रणी, Pusa Mustard 21 ,Pusa Mustard 24 ,NPJ 112 ,Pusa Mustard 26 की बिजाई आप कर सकते है, सीड बैड पर बोयी फसल अच्छी अंकुरित होती है ज़मीन को देसी हल से दो या तीन बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें बीजों के एकसार अंकुरित होने के लिए बैड नर्म, गीले और समतल होने चाहिए सरसों की बिजाई का सही समय सितंबर से अक्तूबर है तोरिया फसल की लिए बिजाई सितंबर के पहले पखवाड़े से मध्य अक्तूबर तक कर लेनी चाहिए अफ्रीकी सरसों और तारामीरा की फसल अक्तूबर के आखिर तक बोयी जा सकती है राया फसल की बिजाई मध्य अक्तूबर से नवंबर के आखिर तक की जाती है जब तारामीरा को मुख्य फसल के बीच उगाया जाता है तो इसकी बिजाई मुख्य फसल पर निर्भर करती है तारामीरा-सरसों की बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 से 15 सैं.मी. रखें गोभी सरसों की बिजाई के लिए पंक्तियों का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 10 सैं.मी. रखें बीज 4-5 सैं.मी. गहरे बीजने चाहिए जब तारामीरा या सरसों अलग अलग उगाए जाते हैं तो बीज की मात्रा 1.5 किलोग्राम प्रति एकड़ की जरूरत होती है बिजाई के 3 सप्ताह बाद कमज़ोर पौधों को नष्ट कर दें और सेहतमंद पौधों को खेत में रहने दें बीज को मिट्टी के अंदरूनी कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए बीजों को 3 ग्राम थीरम से प्रति किलो बीज के हिसाब से उपचार करें फसल की बिजाई सिंचाई के बाद करें अच्छी फसल लेने के लिए बिजाई के बाद तीन हफ्तों के फासले पर तीन सिंचाइयों की जरूरत होती है ज़मीन में नमी को बचाने के लिए जैविक खादों का अधिक प्रयोग करें खेत की तैयारी के समय 7-12 टन रूड़ी की खाद का प्रयोग करें खादों के सही प्रयोग के लिए मिट्टी की जांच करवायें अगर आप तोरिये की बिजाई करना चाहते है तो उसके लिए Urea की मात्रा 50 kg प्रति एकर डालें और SSP की मात्रा 55 kg प्रति एकर डालें और अगर आप गोभी सरसों यां राया बीजना चाहते है तोह urea की मात्रा 90 kg प्रति एकर डालें SSP की मात्रा 70 kg प्रति एकर डालें और murait of potash की मात्रा 10 kg प्रति एकर डालें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 सप्ताह के फासले पर, जब नदीन कम हो 2-3 गोडाई करें तोरिये की फसल में नदीनों की रोकथाम के लिए फसल उगाने से पहले ट्राइफलूरालिन 400 मि.ली. को 200 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ पर छिड़काव करें राया की फसल के लिए बिजाई से 2 दिन पहले या बिजाई के 25-30 दिन बाद आइसोप्रोटिउरॉन 75 डब्लयु पी 300 ग्राम को 200 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ पर बिजाई के बाद स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by anoop Singh
Uttar Pradesh
05-10-2019 10:13 AM
यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें
फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50.... (Read More)
यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें
फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें
बिजाई के समय नाइट्रोजन का 3/4 हिस्सा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बचा हुआ नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा बिजाई से 35-40 दिन बाद जड़ों में मिट्टी लगाने के समय डालें
जड़ों के साथ मिट्टी लगाना : मिट्टी में सही हवा, पानी और तापमान बनाए रखने के लिए यह काम बहुत जरूरी है ताकि फसल का विकास अच्छा हो सके आलुओं के अच्छे विकास के लिए पौधे की जड़ों के साथ मिट्टी लगाएं मिट्टी को अच्छी तरह से पौधे के आधार पर डाला जाता है जिससे गांठे अच्छे से बनने में मदद मिलती है यह काम पौधों के 15-20 सैं.मी. कद होने पर करें यदि जरूरत पड़े तो पहली बार मिट्टी लगाने के दो सप्ताह बाद दूसरी बार फिर मिट्टी लगाएं यह काम कही से हाथों के द्वारा या बड़े क्षेत्रों में मोल्ड बोर्ड या रिज़र की सहायता से किया जा सकता है

Posted by BANNA lal keer
Rajasthan
05-10-2019 10:05 AM
बन्ना जी ,मिर्च के लिए तपमान 15 -25 * C का होना चाहिए मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिस में नमी हो, इसके लिए अनुकूल होती है इसके लिए किस्मे जैसे के Pusa Jwala , Pant C-1 , Pusa Sadabahar , NP-46A ,G -5 , G -3 अप्प लगा सकते है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार ज.... (Read More)
बन्ना जी ,मिर्च के लिए तपमान 15 -25 * C का होना चाहिए मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिस में नमी हो, इसके लिए अनुकूल होती है इसके लिए किस्मे जैसे के Pusa Jwala , Pant C-1 , Pusa Sadabahar , NP-46A ,G -5 , G -3 अप्प लगा सकते है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारियों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है खरीफ की फसल के लिए बीजों को मई-जून महीने में नर्सरी में बोयें गर्मियों के मौसम में नर्सरी फरवरी-मार्च महीने में तैयार करें खरीफ की फसल के लिए कतार से कतार में 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें, जबकि गर्मियों के मौसम की फसल के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30-45 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें मिर्च की बिजाई पनीरी लगाकर की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 400-600 ग्राम बीजों का प्रयोग करें नाइट्रोजन 30 किलो (65 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं धन्यवाद
Posted by Kuljeet Bazigar
Rajasthan
05-10-2019 09:59 AM
Shrimaan ji, dheemak ki roktham ke liye ap chlorpyriphos @ 4ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by satish
Punjab
05-10-2019 09:58 AM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਵਧਿਆ ਖੁਰਾਕ ਅਤੇ ਫੀਡ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ 1kg ਸਰੋੰ ਦੀ ਖੱਲ, 1kg ਵੜੇਵਿਆ ਦੀ ਖੱਲ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਉ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anabolite liquid 100ml, Fatplus ਪਾਊਡਰ 50gm ਜਾਂ Fatmax ਪਾਊਡਰ 50gm ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ..
Posted by sushil kumar
Uttar Pradesh
05-10-2019 09:52 AM
Shrimaan ji, gehun ki bijai ka sahi samay 15 october se november tak ka hota hai, dhanywad
Posted by Kuldeep Kumar
Uttar Pradesh
05-10-2019 09:41 AM
shrimaan g gehu ki varieties HD-3086,HD-2967,WH-1105,Unnat PBW-343,PBW ZN-1 variety ki beejayi kr skte ho g.
Posted by Kuldeep Kumar
Uttar Pradesh
05-10-2019 09:39 AM
Kuldeep ji bakro ko nazdiki market mai sale krna pdega aur iska rate jo market mai hotta hai ussi hisab se sale kiya jatte hai aap apne nazdiki market mai iska rate pta krr skte hai ..

Posted by Dharminder Dharm
Punjab
05-10-2019 09:36 AM
tuci uss nu kujj v na deo ate suun ton badd calcimust gel liquid 300ml nu 3 din deo, fir badd vich ehna chija di varto kr skde ho.
Posted by Kuldeep Kumar
Uttar Pradesh
05-10-2019 09:33 AM
Kuldeep ji bakro ko nazdiki market mai sale krna pdega aur iska rate jo market mai hotta hai ussi hisab se sale kiya jatte hai aap apne nazdiki market mai iska rate pta krr skte hai.

Posted by mangu singh
Rajasthan
05-10-2019 09:29 AM
श्रीमान जी, बारानी हालातों में 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक बिजाई पूरी करें सिंचित क्षेत्रों में देसी और काबुली किस्मों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सही समय पर बिजाई करना जरूरी है अगेती बिजाई से अनावश्यक वनस्पतिक वृद्धि होती है, जबकि पिछेती बिजाई से फसल सूखे से प्रभावित होती है फसल घटिया वन.... (Read More)
श्रीमान जी, बारानी हालातों में 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक बिजाई पूरी करें सिंचित क्षेत्रों में देसी और काबुली किस्मों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सही समय पर बिजाई करना जरूरी है अगेती बिजाई से अनावश्यक वनस्पतिक वृद्धि होती है, जबकि पिछेती बिजाई से फसल सूखे से प्रभावित होती है फसल घटिया वनस्पति वृद्धि करती है और जड़ों का विकास कम होता है धन्यवाद

Posted by Dharminder Dharm
Punjab
05-10-2019 09:21 AM
tuci dona vicho kisi di v varto kr skde ho, ehna nal pashu da lewa vdia hunda hai tuci 10-10ml swere sham de skde ho.

Posted by Ashish Rana
Punjab
05-10-2019 09:16 AM
Posted by Kuldeep Kumar
Uttar Pradesh
05-10-2019 09:12 AM
कुलदीप जी आपके द्वारा भेजी गई फोटो अपलोड नहीं हुई है वैसे भैंस का रेट उसके दूध के हिसाब से 70000 से 95000 तक भी हो सकता है।

Posted by Anuj Sharma
Rajasthan
05-10-2019 09:11 AM
Shrimaan ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap copper oxychloride @ 3gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by Anuj Sharma
Rajasthan
05-10-2019 09:10 AM
Shrimaan ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iski roktham ke liye ap copper oxychloride @ 3gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by lakhveer singh
Punjab
05-10-2019 09:04 AM
Lakhveer singh ji Lahsun ke beej lene ke lia aap Khushdeep bains 9877411157 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by kuldeep singh
Punjab
05-10-2019 09:04 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Metra liquid 100ml ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਅੰਦਰ ਤੋਂ ਸਫਾਈ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ..
Posted by Jeetu shakya
Uttar Pradesh
05-10-2019 08:59 AM
Shrimaan ji, sundi ki roktham ke liye ap quinalphos @ 4 ml prati liter pani ke hisaab se spray kein, dhanywad
Posted by sanjeev Kumar
Punjab
05-10-2019 08:57 AM
UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰ.... (Read More)
UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 1 Zn: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 103 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 151 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 725: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ, ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਮੱਧਰੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੇ ਅਤੇ ਭੂਰੇ ਜੰਗ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ , ਅਤੇ ਗਹਿਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਸਲਾਨਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 677: ਇਹ ਕਿਸਮ 160 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 22.4 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ WH 1105: ਇਸ ਦੀ ਕਾਢ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 97 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਇਹ ਦਾਣਿਆਂ ਦੇ ਖਰਾਬ ਹੋਣ ਅਤੇ ਸਿੱਟਿਆਂ ਦੇ ਭੂਰੇ ਪੈਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.1 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 621: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 100 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈI
Posted by ROCKY KASHYAP
Uttar Pradesh
05-10-2019 08:51 AM
Posted by Ajay mishra
Uttar Pradesh
05-10-2019 08:51 AM
अजय जी सुंडी की रोकथाम के लिए आप quinalphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by azhar siddique
Uttar Pradesh
05-10-2019 08:36 AM
Shrimaan ji iski roktham ke liye ap fenvalrate 2 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhnywad

Posted by Rishu Dubey
Uttar Pradesh
05-10-2019 08:34 AM
गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए किस्मों के लिए आप देसी गुलाब और इंग्लिश गुलाब किस्मे .... (Read More)
गुलाब की खेती के लिए जैविक तत्वों से भरपूर और अच्छे जल निकास वाली रेतली दोमट मिट्टी अनुकूल होती है बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 6 से 7.5 होना चाहिए यह जल जमाव को सहनयोग्य नहीं है, इसलिए उचित जल निकास का प्रबंध होना चाहिए और अनावश्यक पानी को निकाल देना चाहिए किस्मों के लिए आप देसी गुलाब और इंग्लिश गुलाब किस्मे लगा सकते हैं. मिट्टी को नरम करने के लिए जोताई और गोड़ाई करें बिजाई से 4-6 सप्ताह पहले खेती के लिए बैड तैयार करें बैड बनाने कि लिए 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फासफेट डालें बैडों को एक समान बनाने के लिए उनको समतल करें और बैडों के ऊपर बोयें होये गुलाब गड्डों में बोयें हुए गुलाबों से ज्यादा मुनाफे वाले होते है उत्तरी भारत में बिजाई का सही समय मध्य अक्तूबर है रोपाई के बाद पौधे को छांव में रखें और अगर बहुत ज्यादा धुप हो, तो पौधे पर पानी का छिड़काव करें दोपहर के अंत वाले समय बोया गया गुलाब बढ़िया उगता हैबैड पर 30 सैं.मी. व्यास और 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोद कर 75 सैं.मी. के फासले पर पौधों की बिजाई करें दो पौधों के बीच में फासला गुलाब की किस्म पर निर्भर करता है बीजों को 2-3 सैं.मी. गहराई में बोयें इसकी बिजाई सीधी या पनीरी लगा कर की जाती है गुलाब की फसल का का प्रजनन काटी गई जड़ों और बडिंग द्वारा किया जाता है उत्तरी भारत में दिसंबर-फरवरी महीने का समय टी-बडिंग के लिए उचित होता है पौधे की कांट-छांट दूसरे और उसके बाद के वर्षों में की जाती है उत्तरी भारत में गुलाब की झाड़ियों की कांट-छांट अक्तूबर के दूसरे या तीसरे हफ्ते में की जाती है जो शाखाएं झाड़ियों को घना बनाएं, उन्हें निकाल दें लटके हुए गुलाबों को छंटाई की जरूरत नहीं होती छंटाई के बाद, अच्छे से गले हुए 7-8 किलो गाय के गोबर को प्रति पौधे को डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ग्रीन हाउस में, गुलाबों को पंक्तियों में बोया जाता है और पौधों का घनत्व 7-14 पौधे प्रति वर्ग मीटर होनी चाहिए बैड की तैयारी के समय 2 टन रूड़ी की खाद और 2 किलो सुपर फास्फेट को मिट्टी में डालें तीन महीने के फासले पर 10 किलो रूड़ी की खाद और 8 किलो नाइट्रोजन, 8 किलो फासफोरस और 16 किलो पोटाश प्रति पौधे में डालें छंटाई के बाद ही सारी खादों को डालें ज्यादा पैदावार लेने के लिए छंटाई से एक महीने बाद, जी ए 3@ 200 पी पी एम(2 ग्राम प्रति लीटर) की स्प्रे करें पौधे की तनाव सहन शक्ति को बढ़ाने के लिए घुलनशील जड़ उत्तेजक(रैली गोल्ड/रिजोम) 100 ग्राम+ टिपोल 60 मि.ली. को 100 लीटर पानी में डालकर प्रति एकड़ में शाम के समय सिंचाई करें पौधों को खेत में लगाएं ताकि बढ़िया ढंग से विकास कर सके सिंचाई मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार करें आधुनिक सिंचाई तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई गुलाब की खेती के लिए लाभदायक होती है फव्वारा सिंचाई से परहेज करें क्योंकि इससे पत्तों को लगने वाली बीमारियां बढ़ती हैं

Posted by sukhi
Himachal Pradesh
05-10-2019 08:28 AM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..
Posted by Gurpreet Singh
Uttar Pradesh
05-10-2019 08:24 AM
Shriman ji, iski roktham ke liye ap tilt @ 200 ml prati acre ke hisaab se spray kein, dhanywad

Posted by sukhi
Himachal Pradesh
05-10-2019 08:22 AM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..

Posted by Yogendra Kumar verma
Chattisgarh
05-10-2019 08:20 AM
Shirmaan ji, iski roktham ke liye ap imidacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by sher bahader singh
Punjab
05-10-2019 08:15 AM
ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਤੁਸੀਂ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਪੁੱਛੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਸਕੇ

Posted by shubham gaji
Madhya Pradesh
05-10-2019 07:59 AM
Shrimaan ji kapas ki MSP 2019-20 is samay 5550 rupay prati quintal ke hisaab se chal rahi hai, dhanywad
Posted by sanjeet kushwaha
Uttar Pradesh
05-10-2019 07:53 AM
shrimaan ji, ap iske liye NPK 191919 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by sukhvinder Singh
Punjab
05-10-2019 07:50 AM
shrimaan ji, barseem de beej len lai tuc KVK nal samparak karo , Village. Rauni, Nabha Road, VPO Ranbirpura, Distt Patiala, Pin-147001, Phone:- 0175-2225473, Mobile:- 09417360460 , dhanywad

Posted by sukhvinder Singh
Punjab
05-10-2019 07:43 AM
ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਡਾਕਟਰ ਤੋਂ ਚੈੱਕ ਕਰਵਾਓ ਜੀ ਉਸਦੇ ਪੈਰ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਕੇ ਉਸਦਾ ਸਹੀ ਇਲਾਜ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ

Posted by Ramandeep
Punjab
05-10-2019 07:41 AM
shirmaan ji, eh fungus da hamla hoea hai, iskdi roktham lai tuc tilt @ 200 ml prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by Vijay Kumar
Rajasthan
05-10-2019 07:35 AM
आप इन्हें अच्छी मात्रा में हरा चार और दाना डालें इसके साथ साथ आप Milkout powder 1-1 चम्मच सुबह शाम और Calcimust tablet रोजाना एक गोली दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Thakur sudhakar singh
Uttar Pradesh
05-10-2019 07:34 AM
Shrimaan ji, hydroponics mein sabjiyan jaise ke tamatar, lettuce, khira, basant ritu ke piyaj, shimla mirch, palak, strawberry, dhaniya ki buvai kar sakte hai, dhanywad

Posted by navpreet Singh
Punjab
05-10-2019 07:11 AM
Shrimaan ji, eh fungus de hamle di vaja nal hoea hai, isdi roktham lai tuc mencozeb @400 gm prati acre ke hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by Umesh Kushwaha
Uttar Pradesh
05-10-2019 07:10 AM
Umesh ji, is saal UP ke liye koi nai kisam matar ki nahi sifarish ki gai hai iske ilawa ap kisme jaise ke Rachna, KPM, Shikha, Malviya Matar 2, Malviya Matar 15, JP 885, DDR 23 (Pusa Prabhat), Pant Matar 5, Adarsh, Vikas, Jay, Sapna, Prakash, Hariyal, Palathi Matar, Pant P 42, Aman, Kashi Nandini, Kashi Uday ki bijai kar sakte hain, dhanywad

Posted by shankerlalyadav
Rajasthan
05-10-2019 06:46 AM
श्रीमान जी आप सरसों की किस्म की RH 30: यह सिंचित और असिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 196 सैं.मी. होता है यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8-7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है धन्यवाद

Posted by Sachin Panwar Gurjar
Uttarakhand
05-10-2019 06:28 AM
सचिन जी इसकी ट्रेनिंग के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से संपर्क कर सकते है वहां से आपको ट्रेनिंग मिल सकती है।
Posted by Ak
Uttar Pradesh
05-10-2019 06:11 AM
चीकू का पौधा 4 से 5 साल तक फल देना शुरू कर देता है इसकी ग्रोथ के लिए 5 किलो vermicompost डाले धन्यवाद

Posted by Mukesh
Uttar Pradesh
05-10-2019 06:03 AM
Shirmaan ji, yeh fungus ka hamla hua hai, iske liye ap carbendazim @ 4gm prati iter pani ke hisaab se spray karein, or 2-3 din ke fasle pe imdacloprid @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by Devendra Kumar Mishra
Uttar Pradesh
05-10-2019 05:34 AM
पुष्कर आलू की पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से होती है यह पिछेता झुलस रोग की प्रतिरोधक है धन्यवाद
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