
Posted by love preet
Rajasthan
06-10-2019 02:45 PM
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के ल.... (Read More)
गेंदे की खेती करना चाहते है से मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है इसे आप अपनी नजदीकी फूल मंडी में बेच कर इसे अपनी आय का साधन बना सकते है इसका बीज आप कृषि यूनिवर्सिटी से ले सकते है या नजदीकी नर्सरी से ले सकते है जा फिर गेंदे और गुलाब के बीज लेने के लिए आप Dr N.K Saxena 9811315738 से सम्पर्क करे धन्यवाद

Posted by sidharath
Himachal Pradesh
06-10-2019 02:38 PM
उसे 250 ग्राम जों-खार, 250 ग्राम कलमीशोरा, 250 ग्राम मीठा सोडा और 250 ग्राम फटकड़ी अच्छी तरह से गर्म करें और इन सभी को रगड़कर पाउडर बनाएं और मिलाकर 50gm रोज़ाना खाली पेट दें, और उसे Pregstay gold पाउडर 25-25 ग्राम सुबह शाम दें, यह आप 20 दिन तक देते रहें, इससे जल्दी ही फर्क पड़ने लगेगा धन्यवाद
Posted by harsh
Uttar Pradesh
06-10-2019 02:37 PM
श्रीमान जी, खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्र.... (Read More)
श्रीमान जी, खादों की सही आवश्यकता जानने के लिए प्रत्येक तीन वर्ष के बाद मिट्टी की जांच जरूरी है बिजाई से पहले आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर 8 टन या वर्मीकंपोस्ट + रालीगोल्ड 8-10 किलो या पी एस बी 5-10 किलो प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन 60-90 किलो (यूरिया 135-200 किलो) और फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दूसरी और चौथी सिंचाई के समय डालें धन्यवाद

Posted by धीरज सिंह
Uttar Pradesh
06-10-2019 02:31 PM
लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्.... (Read More)
लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है

Posted by v p singh
Uttar Pradesh
06-10-2019 02:25 PM
singh ji kripya btaye ke aap konse rog ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by ratan singh
Rajasthan
06-10-2019 02:19 PM
श्रीमान जी, पेंडीमेथालीन इक pre emergence नदीन नाशक है, पैंडीमैथालीन स्टांप (30 ई.सी.) 1320 मि.ली. को 200 लीटर पानी के घोल में मिलाके बीजने के 0-3 दिनों के अंदर अंदर छिड़काव करना चाहिए धन्यवाद
Posted by Arundas viashanav
Madhya Pradesh
06-10-2019 02:17 PM
अरूणदास जी इसके बारे में सारी जानकारी आपको नज़दीकी पंसारी से मिल सकती है वो आपको इसके बारे में सारी जानकारी दे देंगे
Posted by atul trivedi
Uttar Pradesh
06-10-2019 02:16 PM
iski austan paidavar 4.8-6 quintal prati acre hoti hai

Posted by mangesh zankar
Maharashtra
06-10-2019 02:16 PM
मंगेश जी सुंडी का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप quinalphos @4 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Ajmat Ali
Uttar Pradesh
06-10-2019 02:11 PM
WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है
PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है
PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई क.... (Read More)
WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है
PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है
PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है
UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है
PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है
DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं
NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं
MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है
HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है
PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है
PDW-291: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है
PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है
HD-2864: यह सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधी और ताप को सहनेयोग्य किस्म है
HI-8627: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह धारीदार कुंगी और पैर गलन के प्रतिरोधक किस्म है
Ujiar(K-9006): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके दाने अर्द्ध सख्त और सुनहरी होते हैं यह किस्म करनाल बंट के प्रतिरोधक किस्म है
Gangotri(K-9162): यह जल्दी पकने वाली और सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है
Prasad (K-8434): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर और नमक वाली और क्षारीय मिट्टी में बोने के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है यह 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने अर्द्ध सख्त, सुनहरी होते हैं यह किस्म पत्ता झुलस रोग, करनाल बंट और झूठी कांगियारी को सहनेयोग्य किस्म है
Halna (K-7903): यह सिंचित क्षेत्रों में पिछेती और बहुत देर से उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म नमक वाली मिट्टी के साथ साथ क्षारीय मिट्टी में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं यह किस्म सभी प्रकार की कुंगियों के प्रतिरोधक किस्म है यह पत्ता झुलस रोग और करनाल बंट को भी सहनेयोग्य किस्म है
Naina (K-9533): यह सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने सुनहरी रंग के और अर्द्ध सख्त होते हैं यह सभी प्रकार की कुंगियों के प्रतिरोधक किस्म है यह पत्ता झुलस रोग और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है
UP 2338: यह पिछेती बिजाई और समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने मोटे और सख्त होते हैं इसकी औसतन पैदावार 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by दिनेश सिंह राजपूत
Rajasthan
06-10-2019 02:10 PM
बैंगन की पौध :- पहली फसल के लिए अक्तूबर में पनीरी बोयें ताकि जो नवंबर तक पनीरी खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाये नर्सरी में बीजों को 1 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है
उत्तरी राज्यों में, बसंत के समय टमाटर की पनीरी नवंबर के आखिर में बोयी जाती है और जनवरी के दू.... (Read More)
बैंगन की पौध :- पहली फसल के लिए अक्तूबर में पनीरी बोयें ताकि जो नवंबर तक पनीरी खेत में लगाने के लिए तैयार हो जाये नर्सरी में बीजों को 1 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है
उत्तरी राज्यों में, बसंत के समय टमाटर की पनीरी नवंबर के आखिर में बोयी जाती है और जनवरी के दूसरे पखवाड़े में खेत में लगाई जाती है पतझड़ के समय पनीरी की बिजाई जुलाई-अगस्त में की जाती है और अगस्त-सितंबर में यह खेत में लगा दी जाती है पहाड़ी इलाकों में इसकी बिजाई मार्च-अप्रैल में की जाती है और अप्रैल-मई में यह खेत में लगा दी जाती है बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें नर्सरी में बीजों को 1.5 सैं.मी. चौड़े और 20 सैं.मी. ऊंचे बैडों पर बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें
पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सोका दिखे तो पौधों को बिजाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें
बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें
फसल को शुरूआती विकास के समय मुरझाने के लिए नए पौधों को स्ट्रैपटोसाइकलिन घोल 1 ग्राम 40 लीटर पानी में मिलाकर बिजाई से पहले 30 मिनट के लिए भिगोयें

Posted by mantri
Rajasthan
06-10-2019 02:07 PM
श्रीमान जी, यह फंगस के हमले की वजह से हुआ है, आप इसकी रोकथाम के लिए carbendazim @ 4 gm या mencozeb @ 4 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे के, धन्यवाद

Posted by Nirvair Singh
Punjab
06-10-2019 02:05 PM
tuci iss nu Xnil injection 1gm, CRB injection 20ml, Vitum-H injection 5ml lgwao ate ehh 3 din lgwao, iss nal frak paa jawega.

Posted by srashti
Uttar Pradesh
06-10-2019 01:55 PM
Sir, please ask your question in detail so that we can provide you full information regarding your question, thank you

Posted by jagjit aulakh
Punjab
06-10-2019 01:49 PM
ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਥਨਾ ਨੂੰ ਚੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਦ Betadine ਘੋਲ ਵਿਚ ਡੋਬੋ ਇਸ ਨਾਲ ਵੀ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਘੱਟ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਚੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਦ 30 ਮਿੰਟ ਤਕ ਬੈਠਣ ਨਹੀਂ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਓਹਨਾ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ..

Posted by jagjit aulakh
Punjab
06-10-2019 01:48 PM
ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਥਨਾ ਨੂੰ ਚੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਦ Betadine ਘੋਲ ਵਿਚ ਡੋਬੋ ਇਸ ਨਾਲ ਵੀ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਘੱਟ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਚੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਦ 30 ਮਿੰਟ ਤਕ ਬੈਠਣ ਨਹੀਂ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਓਹਨਾ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ..
Posted by आशुतोष पांडेय
Uttar Pradesh
06-10-2019 01:40 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीन.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें

Posted by jagjit aulakh
Punjab
06-10-2019 01:38 PM
ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਦੇ ਥਨਾ ਨੂੰ ਚੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਦ Betadine ਘੋਲ ਵਿਚ ਡੋਬੋ ਇਸ ਨਾਲ ਵੀ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਘੱਟ ਆਉਂਦੀਆਂ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਚੁਆਈ ਤੋਂ ਬਾਦ 30 ਮਿੰਟ ਤਕ ਬੈਠਣ ਨਹੀਂ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਓਹਨਾ ਦੇ ਆਸ ਪਾਸ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਦਾ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ..

Posted by sukha ram
Rajasthan
06-10-2019 01:37 PM
बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें नाइट्रोजन 30 किलो (65 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें .... (Read More)
बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें नाइट्रोजन 30 किलो (65 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें

Posted by satname singh
Punjab
06-10-2019 01:33 PM
बीटल नस्ल की बकरी लेने के लिए आप 93175 17763 संदीप जी से संपर्क करे जी

Posted by mangesh zankar
Maharashtra
06-10-2019 01:31 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by boduram
Rajasthan
06-10-2019 01:28 PM
Boduram ji ashi kisam ka seed lene ke liye aap Karan Gupta 9252333335 Sangam Seeds Factory se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by mangesh zankar
Maharashtra
06-10-2019 01:27 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
06-10-2019 01:20 PM
ehh cross breed cow hai, iss vich mix breed de jyada gunn hai ..

Posted by boduram
Rajasthan
06-10-2019 01:19 PM
Boduram ji ashi kisam ka seed lene ke liye aap Karan Gupta 9252333335 Sangam Seeds Factory se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by gaurav chaudhary
Uttar Pradesh
06-10-2019 01:14 PM
श्रीमान जी, आप सरसों की किस्मे जैस के सिंचित क्षेत्रों के लिए: Narendra Ageti Rai 4, Varuna (T 59), Vasanti, Rohini, Maya, Urvashi, Narendra Swarna Rai 8, Narendra Rai, असिंचित क्षेत्रों के लिए : Vaibhav, Varuna (T 59), पिछेती बिजाई के लिए: Aashirwad, Varadan, लवणी मिट्टी के लिए: Narendra Rai, CS 52, CS 54 की बिजाई करें, धन्यवाद

Posted by mayur sad
Rajasthan
06-10-2019 01:12 PM
Mayur sad ji kirpya aap apna swal visthar se pushe ta jo aap sahi jankari di ja sake, Thankyou.
Posted by balbir singh
Delhi
06-10-2019 01:09 PM
Dairy training lene ke liye apne nazdiki krishi vigyan kendra se sampark kr skte hai waha se aap training lee skte hai, iske liye aap Krishi Vigyan Kendra, Delhi, Address: Samashpur Khalsa, Ujwa, Delhi, 110073, Phone: 011 6563 8199 se sampark kr skte hai.

Posted by Gurpreet
Punjab
06-10-2019 12:57 PM
gurpreet ji kirpa karke daso ke tuc isde vich ik do spreha nu mila ke spray kiti hai ja nahi ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by Pavan Tibile
Maharashtra
06-10-2019 12:34 PM
Pavan ji, kripya ap apna sawal visthar se puchein taki apko iksi puri jankari di ja sake, dhanywad

Posted by abhay singh
Bihar
06-10-2019 12:33 PM
सब्जियों में प्रयोग करने के लिए इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक करनी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई के लिए प.... (Read More)
सब्जियों में प्रयोग करने के लिए इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक करनी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें

Posted by Arshdeep Singh
Punjab
06-10-2019 12:29 PM
shrimaan ji, eh fungus de hamle de kar ke hoea hai, isdi roktham lai tuc carbendazim @ 4gm prati liter pani ke hisaab se spray karo, dhanwad
Posted by parmjit singh daleo
Punjab
06-10-2019 12:21 PM
Paramjit ji, mausam vibhag ke anusaar ane vale kuch dino tak mausam saaf rahe ga, dhanywad

Posted by देव प्रकाश भार्गव
Rajasthan
06-10-2019 12:17 PM
श्रीमान जी, आप सब्जिया जैसे के गाजर, मूली, शिमला मर्च, मिर्च, टमाटर, गोभी, पियाज, आलू, बैंगन, लहसुन की खेती कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by चौधरी Ravi Verma
Uttar Pradesh
06-10-2019 12:16 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे, चूज़े लेने के लिए आप Sumit Kumar 8006000291 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm से संपर्क कर सकते है
Posted by ਨਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
06-10-2019 12:16 PM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke ap kis fasal ki baat kar rahe hain, tajo apko iski puri jankari di ja ske, dhanywad
Posted by ajit
Uttar Pradesh
06-10-2019 12:13 PM
श्रीमान जी, यह तापमान के बदलाव की वजह से हुआ है, इसके लिए आप folicur @ 200 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by husan
Punjab
06-10-2019 12:13 PM
tuci uss nu Impacdon powder 200gm nu 4 litre vich pani vich ubal ke garam kro ate uss pani vich Kodtume dia jdda v pao ate ubalo, fir jddo pani 1 litre tak rehh jawe tan uss vich Vitakind liv liquid 1 litre mix kro ate thnda krke jhoti nu deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by Thakur Sansar singh
Punjab
06-10-2019 12:08 PM
Shrimaan ji, kank di bijai da sahi sama october to november tak da hunda hai , dhanwad
Posted by Manpreet singh
Punjab
06-10-2019 12:03 PM
ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਵਿਚ Utrawin-oz ਦਵਾਈ 30 ਮਿਲੀ ਅਤੇ ਉਸ ਵਿਚ Metro IV drip 50ml ਮਿਕਸ ਕਰੋ ਅਤੇ ਇਸ ਤ੍ਰਾਹ ਕਰਕੇ 3 ਦਿਨ ਭਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਫਿਰ ਅਗਲੀ ਵਾਰ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆਉਣ ਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਂ ਕੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ਅਤੇ 20 ਦਿਨ ਤੱਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by amanpreet
Chandigarh
06-10-2019 12:01 PM
Amanpreet ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci animals vare ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee..
Posted by Gurdhyan Singh
Haryana
06-10-2019 11:50 AM
sir ji Kanak Da beej hd2967 and hd3086 nu mix krke beej sakde ne Dakar jameen hai ji please dso ji ?

Posted by Parkash Singh
Punjab
06-10-2019 11:49 AM
ਗਮਲੇ ਵਿੱਚ ਛੋਟੀਆ ਜੜਾਂ ਵਾਲੀਆ ਸਬਜ਼ੀਆ ਲਗਾਈਆ ਜਾ ਸਕਦੀਆ ਹਨ ਜਿਵੇ ਪਾਲਕ, ਧਨੀਆ ਅਤੇ ਮਿਰਚ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ

Posted by Amitesh kumar
Bihar
06-10-2019 11:48 AM
Amitesh ji iss photo ke hisab se yeh desi chicks hai.
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