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Posted by abc
Haryana
06-10-2019 06:16 PM
Punjab
11-22-2019 11:17 AM
Shrimaan ji, 1509 ka rate is samay 2600 se 2700 rupay prati quintal ke hisaab se chal raha hai, dhanywad
Posted by abc
Haryana
06-10-2019 06:14 PM
Punjab
11-21-2019 07:12 PM
shrimaan ji 1509 ka rate is samy 2190 se 2591 rupay prati quintal ke hisaab se chal raha hai, dhanywad
Posted by Satya. Gocher.
Rajasthan
06-10-2019 06:12 PM
Punjab
10-06-2019 06:27 PM
shrimaan g haldi rog ki roktham ke liye koside @500 gm per acre ka spray kr skte ho g.
Posted by Purushottam Kalam
Madhya Pradesh
06-10-2019 06:10 PM
Punjab
10-15-2019 04:24 PM
बकरी पालन ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र सकते है जी नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र का पता आप नोट कर सकते है जीDr.R.C.Sharma Senior Scientist and Head Jawahar Lal Nehru Krishi Vishwa Vidyalaya, Krishi Vigyan Kendra, Harda Behind the ICICI Bank, Indore Road, Harda (M.P.),Pin- 461331 Phone No. (Off) - 07577-226021 Mobile No. 9009801134 इसके इलावा हरयाणा के तारूआना गांव में भी बकरी पालन ट्रेनिंग SR Commercial Goat Farm पर शुरू हो रही है इसके लिए .... (Read More)
बकरी पालन ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र सकते है जी नज़दीकी कृषि विज्ञानं केंद्र का पता आप नोट कर सकते है जीDr.R.C.Sharma Senior Scientist and Head Jawahar Lal Nehru Krishi Vishwa Vidyalaya, Krishi Vigyan Kendra, Harda Behind the ICICI Bank, Indore Road, Harda (M.P.),Pin- 461331 Phone No. (Off) - 07577-226021 Mobile No. 9009801134 इसके इलावा हरयाणा के तारूआना गांव में भी बकरी पालन ट्रेनिंग SR Commercial Goat Farm पर शुरू हो रही है इसके लिए आप रजिस्टर्ड करवाने के लिए 93501 46903 पर कॉल कर सकते है जी
Posted by Nitendra Yadav
Madhya Pradesh
06-10-2019 06:09 PM
Punjab
10-24-2019 02:24 PM
nitendra ji aap agar sabjiyon ki kheti karna chahte hai to yeh acha vichar hai kripya aap btaye ke aapke khet ki mitti kaisi hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by ਰਾਜਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
06-10-2019 05:58 PM
Punjab
11-21-2019 07:15 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਹ ਦੋਨੋ ਹੀ ਕਣਕ ਦੀਆ ਬਹੁਤ ਵਧਿਆ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ, ਤੁਸੀ ਡਾਕਰ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਹਨ ਦੋਨਾਂ ਚੋ ਕਿਸੇ ਦੀ ਵੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਹ ਦੋਨੋ ਹੀ ਕਣਕ ਦੀਆ ਬਹੁਤ ਵਧਿਆ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ, ਤੁਸੀ ਡਾਕਰ ਜਮੀਨ ਵਿਚ ਹਨ ਦੋਨਾਂ ਚੋ ਕਿਸੇ ਦੀ ਵੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਸਮ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
06-10-2019 05:58 PM
Punjab
10-09-2019 12:17 PM
Gurjeet Singh ji hisar mela 11-12 Sep 2019 nu ho chuka hai, Thankyou.
Posted by Arvind Verma
Uttar Pradesh
06-10-2019 05:56 PM
Punjab
10-12-2019 04:05 PM
Verma ji yeh aap per nirbhar krta hai ki aap konsi nasal ke pashu rakhte hai aur woh kitne % nasal ke hai kyuki unke duudh, unki nasal ke hisab se pashu ka rate hota hai yaddi aap dairy farming suru krr rehe hai to aap iss kam ki training jrurr lenn jisse apko iss kam ko krne ki jankari aur isme kithna khrach hoga uski sari jankari mill jayegi..
Posted by gurpreet singh
Punjab
06-10-2019 05:55 PM
Punjab
10-12-2019 04:08 PM
Gurpreet ji tuci majh nu calcimust gold liquid 50ml rojana de skde ho, isda vdia result hai baki tuci usdi khurak ate deworming da puura dian rkho ji..
Posted by shubhsm ror
Uttar Pradesh
06-10-2019 05:54 PM
Punjab
11-21-2019 07:18 PM
shrimaan ji, buprofenzin ik keet nashak hai, yeh hopper ke hamle ki roktham ke liye upyog kiya jata hai, dhanywad
Posted by shubhsm ror
Uttar Pradesh
06-10-2019 05:53 PM

?

Punjab
10-07-2019 03:20 PM
Shubhsm ror ji kirpya aap apna swal visthar se pushe ta jo aap ko sahi jankari di ja sake, Thankyou.
Posted by ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
06-10-2019 05:50 PM
Punjab
10-12-2019 04:09 PM
ਤੁਸੀ Biotrim ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ 20 ਮਿਲੀ ਲਗਵਾਓ ਫਿਰ ਅਗਲੇ ਦਿਨ 10 ਮਿਲੀ ਲਗਵਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ਜੇਕਰ ਫਰਕ ਨਹੀਂ ਪੈਂਦਾ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਫਿਰ ਰਪੀਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਤੁਸੀ Broton liquid 50ml ਰੋਜਾਨਾ 10 ਦਿਨ ਤਕ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ..
Posted by zahid mudassir
Uttar Pradesh
06-10-2019 05:50 PM
Punjab
10-06-2019 06:30 PM
shrimaan g kirpa krke dhan ki photo bhejo ta jo aap ko poori jaankari mil ske g..
Posted by ਹਰਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਢਿੱਲੋਂ
Punjab
06-10-2019 05:49 PM
Punjab
10-06-2019 06:31 PM
Posted by Harpreet batth
Punjab
06-10-2019 05:29 PM
Punjab
10-06-2019 06:33 PM
Posted by Mustak Ahmad
Rajasthan
06-10-2019 05:28 PM
Punjab
11-22-2019 09:41 AM
श्रीमान जी, जब पौधे 1 से 3 वर्ष के हो जाएं तो इसमें 10 से 25 किलोग्राम देसी रूड़ी की खाद, 155 से 200 ग्राम यूरिया, 500 से 1600 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 100 से 400 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए पौधे के 4 से 6 वर्ष का होने पर इसमें 25 से 40 किलोग्राम रूड़ी (देसी खाद), 300 से 600 ग्राम यूरिया, 1500 से 2000 ग्राम सिंगल सुपर फ.... (Read More)
श्रीमान जी, जब पौधे 1 से 3 वर्ष के हो जाएं तो इसमें 10 से 25 किलोग्राम देसी रूड़ी की खाद, 155 से 200 ग्राम यूरिया, 500 से 1600 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 100 से 400 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए पौधे के 4 से 6 वर्ष का होने पर इसमें 25 से 40 किलोग्राम रूड़ी (देसी खाद), 300 से 600 ग्राम यूरिया, 1500 से 2000 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट 600 से 1000 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए 7 से 10 वर्ष की आयु के बूटों में 40 से 50 किलोग्राम रूड़ी (देसी खाद), 750 से 1000 ग्राम यूरिया, 2000 से 2500 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 1100 से 1500 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए 10 वर्ष से अधिक उम्र के पौधों के लिए 50 किलोग्राम रूड़ी (देसी खाद), 1000 ग्राम यूरिया, 2500 ग्राम सिंगल सुपर फासफेट और 1500 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश प्रति पौधे के हिसाब से डालनी चाहिए रूड़ी (देसी खाद) की पूरी और यूरिया, सिंगल सुपर फासफेट और म्यूरेट ऑफ पोटाश की आधी खुराक को मई से जून और दोबारा सितंबर से अक्तूबर महीने में डालनी चाहिए अमरूद के बूटे के सही विकास और अच्छी पैदावार के लिए नदीनों की रोकथाम जरूरी है नदीनों की वृद्धि की जांच के लिए मार्च, जुलाई और सितंबर महीने में ग्रामोक्सोन 6 मि.ली. को प्रति लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें नदीनों के अंकुरन के बाद गलाईफोसेट 1.6 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर (नदीनों को फूल पड़ने और उनकी उंचाई 15 से 20 सैं.मी. तक हो जाने से पहले) प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें पहली सिंचाई पौधे लगाने के तुरंत बाद और दूसरी सिंचाई तीसरे दिन करें इसके बाद मौसम और मिट्टी की किस्म के हिसाब से सिंचाई की जरूरत पड़ती है अच्छे और तंदरूस्त बागों में सिंचाई की ज्यादा जरूरत नहीं होती नए लगाए पौधों को गर्मियों में सप्ताह बाद और सर्दियों के महीने में 2 से 3 बार सिंचाई की जरूरत होती है पौधे को फूल लगने के समय ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती क्योंकि ज्यादा सिंचाई से फूल गिरने का खतरा बढ़ जाता है पौधों की मजबूती और सही वृद्धि के लिए कटाई और छंटाई की जरूरत होती है जितना मजबूत बूटे का तना होगा, उतनी ही पैदावार अधिक अच्छी गुणवत्ता भरपूर होगी बूटे की उपजाई क्षमता बनाए रखने के लिए फलों की पहली तुड़ाई के बाद बूटे की हल्की छंटाई करनी जरूरी है जब कि सूख चुकी और बीमारी आदि से प्रभावित टहनियों की कटाई लगातार करनी चाहिए बूटे की कटाई हमेशा नीचे से ऊपर की तरफ करनी चाहिए अमरूद के बूटे को फूल, टहनियां और तने की स्थिति के अनुसार पड़ते हैं इसलिए साल में एक बार पौधे की हल्की छंटाई करने के समय टहनियों के ऊपर वाले हिस्से को 10 सैं.मी. तक काट देना चाहिए इस तरह कटाई के बाद नईं टहनियां अकुंरन में सहायता मिलती है धन्यवाद
Posted by Akshay
Uttar Pradesh
06-10-2019 05:24 PM

?

Punjab
10-12-2019 04:11 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by SANJIT KUMAR SAHU
Jharkhand
06-10-2019 05:24 PM
Punjab
11-21-2019 07:19 PM
श्रीमान जी, यह सुंडी क हमला हुआ है, आप इसकी रोकथाम के लिए quinalphos @ 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Mangat
Punjab
06-10-2019 05:23 PM
Rajasthan
10-12-2019 04:12 PM
tuci uss nu suun ton 2 mahine pehla 100gm dalda ghee(sardia vich) jaa fir 100ml saro da tel (Garmia vich) de skde ho ate total 5 litre tak de skde ho..
Posted by sanjay
Gujarat
06-10-2019 05:18 PM
Punjab
10-07-2019 03:33 PM
जिन इलाकों में पूरा पानी खारा (5 नंबर) है और जहाँ पर कोई फसल नहीं उगाई जा सकती, पर उस ज़मीन में आप झींगा मछली पालन का काम कर सकते है जी सबसे पहले झींगा पालन का काम शुरू करने के लिए एक एकड़ पर 8 लाख रूपये का खर्चा आ जाता है इस काम के लिए बिजली की सप्लाई हर समय चाहिए क्योंकि इस काम के लिए तालाब ऑक्सीजन के लिए और पानी के बह.... (Read More)
जिन इलाकों में पूरा पानी खारा (5 नंबर) है और जहाँ पर कोई फसल नहीं उगाई जा सकती, पर उस ज़मीन में आप झींगा मछली पालन का काम कर सकते है जी सबसे पहले झींगा पालन का काम शुरू करने के लिए एक एकड़ पर 8 लाख रूपये का खर्चा आ जाता है इस काम के लिए बिजली की सप्लाई हर समय चाहिए क्योंकि इस काम के लिए तालाब ऑक्सीजन के लिए और पानी के बहाव को बदलने के लिए एरिएटर लगाने पड़ते हैं जो कि रात को पूरा समय चलने चाहिए एक एरिएटर कम से कम 33-34 हज़ार का आता है एक एकड़ में 4 एरिएटर लगते है एरिएटर रात के समय चलते रहने चाहिए इसमें 60% खर्च फीड का आता है क्योंकि यह फीड 70 से 75 रूपये प्रति किलो मिलती है इसमें फीड और दवाइयों का खर्च आता है, बाकि इस काम में रोज़ाना फीडिंग होती है झींगा पालन में पानी के पैरामीटर का संतुलन रखना बहुत ज़रूरी है जैसे कि सैलनिटी, पोटाशियम, मैग्नीशियम और पी.एच आदि यदि पानी के पैरामीटर बिगड़ते है तो उन्हें दवाई डालकर सेट्ट करना ज़रूरी है सब्सिडी और मार्केटिंग इस समय 2.5 एकड़ और 4 लाख रूपये की सब्सिडी चल रही है यह आंध्रा प्रदेश से चंडीगढ़ या दिल्ली हवाई जहाज के ज़रिये आता है, इनकी ब्रीडिंग समुन्द्र के किनारे पर होती है यह चार महीनों में तैयार हो जाता है इसकी सबसे छोटी स्थानक मार्किट दिल्ली है इसके खरीददार आंध्रा, महाराष्ट और गुजरात से माल खरीदने के लिए आते है इसका रेट पीस के ज़रिये तह किया जाता है यदि एक किलो में 100 पीस है तो इसका रेट 200 रूपये है, पर ज़्यादातर लोक एक किलो में 40 पीस बेचते है, क्योंकि इनका रेट 400 रूपये है एक किलो में जितने कम पीस होंगें उसका उतना ही ज़्यादा रेट होगा, इसका रेट अब बढ़ता जा रहा है
Posted by Taranjeet Singh
Punjab
06-10-2019 05:14 PM
Punjab
11-22-2019 10:05 AM
Shrimaan ji,yeh zinc ki kami ki vajah se hua hai, iski roktham ke liye ap , zinc sulphate @ 3 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by yashpal kandhol
Haryana
06-10-2019 05:02 PM
Punjab
11-22-2019 10:30 AM
Shrimaan ji, yeh sundi ke hamle ki vajah se ho rah hai, ap iski roktham ke liye cartap hydrochloride@ 170 gm prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Ajmer singh
Punjab
06-10-2019 04:59 PM
Punjab
10-07-2019 04:01 PM
Ajmer singh ji iss sall (2019-20) Narme da ghat to ghat smarthan mul 5255 hai, Thankyou.
Posted by hr me panchu
Rajasthan
06-10-2019 04:53 PM
Punjab
11-22-2019 10:38 AM
श्रीमान जी, यह फंगस के हमले की वजह से हुआ है, आप इसकी रोकथाम के लिए carbendazim @ 4 gm या mencozeb @ 4 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे के, धन्यवाद
Posted by navjot
Punjab
06-10-2019 04:43 PM
Punjab
10-12-2019 04:57 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..
Posted by jasman
Haryana
06-10-2019 04:36 PM
Punjab
10-06-2019 06:37 PM
श्रीमान जी आप HD-3086, WH-1124 या HD-2851 किस्म की बिजाई कर सकते हैं
Posted by satypal rajput
Madhya Pradesh
06-10-2019 04:23 PM
Punjab
11-21-2019 07:23 PM
shrimaan ji, kripya ap iski ik photo bejein tajo apko dekh kar iska hal bataya ja sake, dhanywad
Posted by Harmail singh1
Punjab
06-10-2019 04:20 PM
Punjab
10-12-2019 04:58 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by narender kumar
Haryana
06-10-2019 04:16 PM
Posted by Gourav singh
Punjab
06-10-2019 04:14 PM
Punjab
11-22-2019 10:55 AM
Gourav ji kirpya ap bataye ke apne file horticulture office mein kab or kis jagah pe apply kari thi taki apko iski puri jankari di ja sake, dhnaywad
Posted by Akhilesh Yadav
Uttar Pradesh
06-10-2019 04:11 PM
Punjab
10-24-2019 02:24 PM
यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जमाव और खारी या नमक वाली ज़मीन इस फसल की खेती के लिए उचित नह.... (Read More)
यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जमाव और खारी या नमक वाली ज़मीन इस फसल की खेती के लिए उचित नहीं होती Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है यह पिछेती और अगेती झुलस रोग और पत्ता मरोड़ रोग की रोधक है Kufri Badshah: इसके पौधे लंबे और 4-5 तने प्रति पौधा होते हैं इसके आलू बड़े से दरमियाने, गोलाकार और हल्के सफेद रंग के होते हैं इसके आलू स्वाद होते हैं यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है यह किस्म कोहरे को सहनेयोग्य है और पिछेती, अगेती झुलस रोग की प्रतिरोधक है Kufri Sutlaj: इस किस्म के पौधे घने और मोटे तने वाले होते हैं पत्ते हल्के हरे रंग के होते हैं आलू बड़े आकार के, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 90-100 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म खाने के लिए अच्छी और स्वादिष्ट होती है इन आलुओं को पकाना आसान होता है यह नए उत्पाद बनाने के लिए उचित किस्म नहीं है Kufri Anand: यह मध्यम समय की किस्म है, जो कि पिछेते झुलस रोग और कोहरे के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 140-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kufri Pukhraj: इसके पौधे लंबे और तने संख्या में कम और दरमियाने मोटे होते हैं आलू सफेद, बड़े, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 70-90 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 130 क्विंटल प्रति एकड़ है यह अगेती झुलस रोग की रोधक किस्म है और नए उत्पाद बनाने के लिए उचित नहीं है Kufri Chipsona 2: इस किस्म के पौधे दरमियाने कद के और कम तनों वाले होते हैं इसके पत्ते गहरे हरे और फूल सफेद रंग के होते हैं आलू सफेद, दरमियाने आकार के, गोलाकार, अंडाकार और नर्म होते हैं इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह पिछेती झुलस रोग की रोधक किस्म है यह किस्म चिपस और फरैंच फ्राइज़ बनाने के लिए उचित है Kufri Chipsona 1: यह किस्म 90-100 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है Kufri Chandramukhi: इस किस्म के आलू बड़े अंडाकार आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 10 टन प्रति एकड़ होती है यह किस्म 80-90 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है Kufri Jyoti: यह प्रोसेसिंग के लिए उपयुक्त किस्म है इसकी औसतन पैदावार 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kufri Ashoka: यह किस्म CPIU, शिमला द्वारा विकसित की गई है और बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बंगाल में खेती के लिए उपयुक्त किस्म है यह लंबे कद की और मोटे तने वाली किस्म है यह किस्म 70-80 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसके आलू बड़े, गोलाकार, सफेद और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह पिछेती झुलस रोग को सहने योग्य किस्म है Kufri Lalima: इस किस्म के आलू गोल, लाल और सफेद गुद्दे वाले होते हैं आलू बड़े से मध्यम आकार के होते हैं यह किस्म 100-110 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 टन प्रति एकड़ होती है खेत को एक बार 30 सैं.मी. गहरा जोतकर अच्छे ढंग से बैड बनाएं जोताई के बाद 2-3 बार तवियां फेरें और फिर 2-3 बार सुहागा फेरें बिजाई से पहले खेत में नमी की मात्रा बनाकर रखें बिजाई के लिए दो ढंग मुख्य तौर पर प्रयोग किए जाते हैं 1. मेंड़ और खालियों वाला ढंग 2. समतल बैडों वाला ढंग अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज बोने के बाद बीजों को 8-10 सैं.मी. तक मिट्टी की परत से ढक दें रोपाई के लिए बड़ी आकार की गांठों का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 13-15 क्विंटल बीज प्रयोग किए जाते हैं यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें बिजाई के समय नाइट्रोजन का 3/4 हिस्सा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बचा हुआ नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा बिजाई से 35-40 दिन बाद जड़ों में मिट्टी लगाने के समय डालें बिजाई से पहले सिंचाई करें बिजाई के बाद 10-12 दिनों के अंदर अंदर पहली सिंचाई करें दूसरी सिंचाई पहली सिंचाई के 7 दिनों के बाद करें बाकी की सिंचाइयां जलवायु की परिस्थितियों और जरूरत के अनुसार करें गांठे बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है इस अवस्था में पानी की कमी ना होने दें ज्यादा सिंचाई ना करें इससे गलने की बीमारी का खतरा बढ़ता है पुटाई से 10-12 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें डंठलों की कटाई : आलुओं को विषाणु से बचाने के लिए यह क्रिया बहुत जरूरी है और इससे आलुओं का आकार और गिणती भी बढ़ जाती है इस क्रिया में सही समय पर पौधे को ज़मीन के नज़दीक से काट दिया जाता है इसका समय अलग अलग स्थानों पर अलग है और चेपे की जनसंख्या पर निर्भर करता है उत्तरी भारत में यह क्रिया दिसंबर महीने में की जाती है
Posted by kk
Punjab
06-10-2019 03:51 PM
Punjab
11-22-2019 09:46 AM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਿਰਪਾ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਥਾਰ ਨਾਲ ਪੁਛੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਸਾਉਣੀ ਦੀਆਂ ਫ਼ਸਲਾਂ ਬਾਰੇ ਕਿ ਜਾਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚੋਂਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by kuldeep singh
Punjab
06-10-2019 03:44 PM
Punjab
11-21-2019 07:33 PM
Shrimaan ji, hare chare di growth lai tuc hoshi @ 400 ml prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by Hany
Madhya Pradesh
06-10-2019 03:33 PM
Punjab
10-12-2019 04:59 PM
Hany ji kripya aap dubara saff photo upload kren tan jo photo dekhkr apko sahi jankari di jaa skee..
Posted by sumit Raut
Maharashtra
06-10-2019 03:17 PM
Punjab
10-06-2019 03:27 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बा​रीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें, यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा.
Posted by SONU Singh
Punjab
06-10-2019 03:16 PM
Punjab
10-06-2019 06:38 PM
Posted by HARDEEP SINGH
Uttar Pradesh
06-10-2019 03:05 PM
Punjab
10-06-2019 03:29 PM
Hardeep ji tuci usda nazdiki doctor ton bhukar check krwao ji jekar uss nu bhukar nhi hai tan tuci uss nu Broton liquid 50-50ml swere sham deo ate uss nu anabolite liquid 100ml rojana deo, iss nal kamjori door howegi ate uss nu bhukh v lggn lgegi, baki jddo pashu suun de nazdik hunda hai tan khana penna ght krr dinda haa..
Posted by Sheela K
Maharashtra
06-10-2019 03:00 PM
Rajasthan
10-07-2019 02:58 PM
Posted by gurdeep dhaliwal
Punjab
06-10-2019 02:50 PM
Punjab
10-06-2019 03:30 PM
ਜੇਕਰ ਝੋਟੀ ਚੁਆਈ ਵਿਚ ਕਰੜੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਮਿਸ਼ਰੀ ਦੀ ਚਾਂਸਨੀ ਬਣਾ ਕੇ ਫਿਰ ਉਸ ਨੂੰ 200gm ਡਾਲਡਾ ਘਿਓ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਗਰਮ ਕਰੋ ਅਤੇ ਫਿਰ ਬਾਦ ਵਿਚ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਨੀਂਬੂ ਨਿਚੋੜ ਕੇ 5-7 ਦਿਨ ਝੋਟੀ ਨੂੰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਧਾਰ ਵੀ ਨਰਮ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by pramod jaiswal
Chattisgarh
06-10-2019 02:48 PM
Punjab
11-21-2019 07:32 PM
Shrimaan ji, jhulsa rog ke liye ap custodia @ 300 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by shivam dixit
Uttar Pradesh
06-10-2019 02:48 PM
Punjab
11-22-2019 09:53 AM
श्रीमान जी, आप गन्ने के साथ फसलें जैसे के गेहूं, राया, गोभी सरसों, तोरिआ, चने , आलू, बंदगोभी, मटर, मूली, लहसुन की खेती कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Lakhi chand
Bihar
06-10-2019 02:47 PM
Punjab
11-21-2019 07:30 PM
shrimaan ji, sundi ki roktham ke liye ap quinalphos @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Akashdeep Singh
Punjab
06-10-2019 02:47 PM
Punjab
10-06-2019 03:44 PM
ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੱਸੋ ਕਿ ਹੀਟ ਵਿਚ ਨਹੀ ਆਉਦੀ ਕਿ ਟੀਕਾ ਭਰਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਵੀ ਖਾਲੀ ਨਿੱਕਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਬਾਰੇ ਵਿਸ਼ਥਾਰ ਨਾਲ ਦੱਸੋ ਜੀ