Posted by Shery
Punjab
07-10-2019 12:28 AM
ਐਪ ਵਿੱਚ ਨਜ਼ਰ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਨਵੇ ਰੇਟ ਕੇਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਨਵੇ ਰੇਟ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਪਰ ਲੋਕਲ ਮੰਡੀਆਂ ਦੇ ਰੇਟ ਉਸ ਠੇਕੇਦਾਰ ਜਾਂ ਹੋਰ ਕਾਰਨਾ ਕਰਕੇ ਘੱਟ -ਵੱਧ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ ਜੀ, ਐਪ ਵਿੱਚ ਪੁਰਾਣ ਰੇਟ ਨਹੀ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੇ ਸਿਰਫ ਨਵੇਂ ਰੇਟ ਹੀ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੇ ਹਨ , ਸੋ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਰਹੇਗੀ ਕਿ ਲੋਕਲ ਛੋਟੀਆਂ ਮੰਡੀਆ ਦੇ ਰੇਟ ਵੀ ਕਿਸੇ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਐੋਪ ਤੇ ਉਪਲੱਬਧ ਕਰਵਾਏ ਜਾਣ .... (Read More)
ਐਪ ਵਿੱਚ ਨਜ਼ਰ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਨਵੇ ਰੇਟ ਕੇਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਜਾਰੀ ਕੀਤੇ ਨਵੇ ਰੇਟ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਪਰ ਲੋਕਲ ਮੰਡੀਆਂ ਦੇ ਰੇਟ ਉਸ ਠੇਕੇਦਾਰ ਜਾਂ ਹੋਰ ਕਾਰਨਾ ਕਰਕੇ ਘੱਟ -ਵੱਧ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ ਜੀ, ਐਪ ਵਿੱਚ ਪੁਰਾਣ ਰੇਟ ਨਹੀ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੇ ਸਿਰਫ ਨਵੇਂ ਰੇਟ ਹੀ ਨਜ਼ਰ ਆਉਦੇ ਹਨ , ਸੋ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਰਹੇਗੀ ਕਿ ਲੋਕਲ ਛੋਟੀਆਂ ਮੰਡੀਆ ਦੇ ਰੇਟ ਵੀ ਕਿਸੇ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਐੋਪ ਤੇ ਉਪਲੱਬਧ ਕਰਵਾਏ ਜਾਣ ਸੁਝਾਅ ਦੇਣ ਲਈ ਤੁਹਾਡਾ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ ਜੀ
Posted by Dinesh Kumar
Uttar Pradesh
06-10-2019 11:24 PM
दिनेश जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by manpreet singh
Punjab
06-10-2019 11:16 PM
Posted by Nathooram
Rajasthan
06-10-2019 10:12 PM
नाइट्रोजन 5 किलो (12 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (100 किलो सिंगल सुपर फासफेट) की मात्रा बिजाई के समय प्रति एकड़ में डालनी चाहिए खेत को नदीन मुक्त रखें, एक या दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई के चार सप्ताह बाद करें और दूसरी गोडाई पहली गोडाई के दो सप्ताह बाद करें रासायनिक तरीके से नदीनों को ख्त्म करने के लिए फलूक्लोरा.... (Read More)
नाइट्रोजन 5 किलो (12 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (100 किलो सिंगल सुपर फासफेट) की मात्रा बिजाई के समय प्रति एकड़ में डालनी चाहिए खेत को नदीन मुक्त रखें, एक या दो गोडाई करें पहली गोडाई बिजाई के चार सप्ताह बाद करें और दूसरी गोडाई पहली गोडाई के दो सप्ताह बाद करें रासायनिक तरीके से नदीनों को ख्त्म करने के लिए फलूक्लोरालिन 600 मि.ली. प्रति एकड़ और ट्राइफलूरालिन 800 मि.ली बिजाई के समय या पहले प्रति एकड़ में डालें बिजाई के बाद दो दिनों में पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 100 से 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें मूंग को मुख्यत: खरीफ की फसल के तौर पर उगाया जाता है यदि जरूरत पड़े तो जलवायु के हालातों के आधार पर सिंचाई करें
गर्मियों के मौसम की फसल के लिए मिट्टी की किस्म और जलवायु के अनुसार तीन से पांच सिंचाई करें अच्छी उपज के लिए बिजाई के 55 दिनों के बाद सिंचाई बंद कर दें

Posted by रणवीर
Rajasthan
06-10-2019 10:08 PM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाश्यिम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए पलैनोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैगनीश्यिम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें

Posted by रणवीर
Rajasthan
06-10-2019 10:05 PM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए पोटाश्यिम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बार वर्गाकार लार्वा गिरता है और इससे फूल झड़ने शुरू हो जाते हैं, इसकी रोकथाम के लिए पलैनोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और ज्यादा सूक्ष्म तत्व 120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण पौष्टिक तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस तरह करने के लिए 1 किलो मैगनीश्यिम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by mahendra Singh songara
Madhya Pradesh
06-10-2019 09:52 PM
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने त.... (Read More)
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें लहसुन की गांठों को 3-5 सैं.मी. गहरा और उसका उगने वाला हिस्सा ऊपर की तरफ रखें इसकी बिजाई के लिए केरा ढंग का प्रयोग करें बिजाई हाथों से या मशीन से की जा सकती है लहसुन की गांठों को मिट्टी से ढककर हल्की सिंचाई करें बीज की मात्रा 225-250 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें शुरू में लहसुन का पौधा धीरे धीरे बढ़ता है इसलिए नदीन नाशकों का प्रयोग गोडाई से बढ़िया रहता है नदीनों को रोकने के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी प्रति एकड़ में डालकर बिजाई से 72 घंटो में स्प्रे करें इसके बिना नदीन नाशक ऑक्सीफ्लोरफेन 425 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे बिजाई के 7 दिन बाद करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 गोडाई की जरूरत है पहली गोडाई बिजाई से 1 महीने बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 2 महीने बाद करें वातावरण और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और आवश्यकता के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें कटाई करने और सूखाने के बाद गांठों को आकार के अनुसार छांटे
प्याज की बुवाई :- मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद

Posted by rakesh yadav
Madhya Pradesh
06-10-2019 09:45 PM
Rakesh yadav ji Pm kisan samman nidhi yojna ke bare me puri jankari ke lia aap 011-23381092 (Direct HelpLine), Email (pmkisan-ict@gov.in) par samparak kar, Thankyou.
Posted by देवेंद्र सिंह
Uttar Pradesh
06-10-2019 09:36 PM
kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake, dhanyawad
Posted by Rajat kumar
Punjab
06-10-2019 09:21 PM
ਖੇਤ ਨੂੰ ਚੰਗੀ ਤਰਾਂ ਵਾਹ ਕੇ,ਪੱਧਰ ਕੇ ਵੱਟਾਂ ਬਣਾ ਕੇ । ਪਹਿਲਾਂ ਵੱਟਾਂ ਚ ਪਾਣੀ ਛੱਡਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਫਿਰ15 ਦਿਨਾਂ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਵੱਟਾਂ ਦੇ ਸਾਇਡਾਂ ਤੇ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
06-10-2019 09:05 PM
ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ .... (Read More)
ਤੁਸੀ ਕਲਮੀਸ਼ੋਰਾ 500ਗ੍ਰਾਮ, ਜੋ ਖਾਰ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਮਿਠਾਸੋਡਾ 250ਗ੍ਰਾਮ, ਨਸ਼ਾਦਰ 150ਗ੍ਰਾਮ, ਖੰਡ 2 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਮਿਠਾ ਤੇਲ 2 ਕਿਲੋ ਲਉ ਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਖੰਡ ਦੀ ਚਾਸਣੀ ਬਣਾਉਣ ਤੇ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਮਿੱਠਾ ਤੇਲ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲੋ ਫਿਰ ਉਸ ਵਿਚ ਬਾਕੀ ਸਾਰਾ ਸਾਮਾਨ ਪਾਉ ਤੇ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ ਪੰਜ ਹਿੱਸੇ ਕਰ ਲਉ ਤੇ ਇਕ ਹਿੱਸਾ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਵੇਲੇ ਦਿਉ ਤੇ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਤ੍ਰੇਲ ਵਿਚ ਨਾ ਬੰਨ੍ਹੋ ਤੇ ਨਾ ਹੀ 6 ਦਿਨ ਨਵਾਹੋ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 6 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਬਾਦ Vtium-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ

Posted by Kahlon
Punjab
06-10-2019 09:03 PM
tuci uss nu hun sirf anabolite liquid 100ml rojana deo kyuki lewe bnaun lai sunn ton 2 mahine pehla vitum-H liquid 10ml rojana dena suru kr dena chahida hai, tuci hun isdi khurak ate isdi dekhbhal da dian rkho ji..

Posted by Azadkumar Mohan
Uttar Pradesh
06-10-2019 09:03 PM
अज़दकुमार जी आप अपनी location के हिसाब से जो seasonal सब्जियां है वो ख़रीदे ताकि लोग उन्हें खरीद सके इसके इलावा आप मशरुम भी खरीद सकते है क्युकी लोग उन्हें खाना भी पसंद करते है धन्यवाद

Posted by krishan kumar
Rajasthan
06-10-2019 08:56 PM
कृष्णा कुमार जी कपास का भाव 5255 -5550 तक है धन्यवाद

Posted by devendra tyagi
Rajasthan
06-10-2019 08:48 PM
Devendra ji mausam vibhag ke anusar aj barish hone ki sambhavna hai.dhanywad

Posted by SANJAY
Haryana
06-10-2019 08:48 PM
Sanjay ji kripya aap swal vistar se pooche ke aap konsi mandi ke bhav ke bare mn jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Shivam singh
Uttar Pradesh
06-10-2019 08:44 PM
uski achi growth ke liye usko jyada protin wali chijje den, isse jldi growth ho jayegi.

Posted by Pratap singh
Rajasthan
06-10-2019 08:41 PM
सर काली तुलसी की खेती कैसे होती है, यह एक बीघा में कितने की होती है, कब बोई जाती है, जवाब दीजिए सर ?
तुलसी - (ऑसीमम सैक्टम) एक शाकीय तथा औषधीय पौधा है इनमें ऑसीमम सैक्टम को प्रधान या पवित्र तुलसी माना गया जाता है, इसकी भी दो प्रधान प्रजातियाँ हैं- श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग लिए होती हैं इसके अतिरिक्त ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में भ.... (Read More)
तुलसी - (ऑसीमम सैक्टम) एक शाकीय तथा औषधीय पौधा है इनमें ऑसीमम सैक्टम को प्रधान या पवित्र तुलसी माना गया जाता है, इसकी भी दो प्रधान प्रजातियाँ हैं- श्री तुलसी जिसकी पत्तियाँ हरी होती हैं तथा कृष्णा तुलसी जिसकी पत्तियाँ निलाभ-कुछ बैंगनी रंग लिए होती हैं इसके अतिरिक्त ऐलोपैथी, होमियोपैथी और यूनानी दवाओं में भी तुलसी का किसी न किसी रूप में प्रयोग किया जाता है तुलसी ऐसी औषधि है जो ज्यादातर बीमारियों में काम आती है इसका उपयोग सर्दी-जुकाम, खॉसी, दंत रोग और श्वास सम्बंधी रोग के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है तुलसी की पत्तियों में एक चमकीला पीला वाष्पशील तेल पाया जाता है जो कीड़े और बैक्टीरिया के खिलाफ उपयोगी होता है काली तुलसी की खेती (Black Tulsi farming in hindi) हेतु यह सूरज की रोशनी में बहुत अधिक पनपता है तुलसी स्वाभाविक रूप से समुद्र तल से 2000 मीटर की ऊचाँई तक पाई जाती है यह प्रारंभिक स्थिति में अच्छी तरह नहीं बढ़ती है और इसे धूप की आवश्यकता होती है इसे अच्छी तरह से सूखी मिट्टी की आवश्यकता होती है पौधे को विशेष रूप से घर के अंदर गर्म मिट्टी में रखने पर तेजी से बढ़ता है यह पौधा नम मिट्टी में स्वाभाविक रूप से बढ़ता है इसकी बुबाई वर्षा आधारित क्षेत्रों में बारिश के मौसम में और सिंचित क्षेत्रों अक्टूबर – नवंबर माह में की जाती है सिंचित क्षेत्रों में 6 से 10 से.मी. लंबे अंकुरित पौधो को जुलाई या अक्टूबर – नवंबर माह में खेतों में लगाया जाता है अंकुरित पौधो को कतार में 40 से.मी. की दूरी पर लगाया जाता है रोपण के तुंरत बाद खेत की सिंचाई की जाती है गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग किया जाता है बीज नर्सरी में बोये जाते है एक हेक्टेयर भूमि के लिए लगभग 20-30 कि.ग्रा. बीजों की आवश्यकता होती है बुवाई के बाद FYM और मिट्टी के मिश्रण की पतली परत को बीजों के ऊपर फैलाया जाता है स्पिंक्लर द्दारा सिंचाई की जाती है बीज अंकुरण के लिए 8-12 दिन का समय लेते है और लगभग 6 सप्ताह के बाद पौधे रोपण के लिए तैयार हो जाते है काली तुलसी हेतु रोपण के बाद विशेष रूप से मानसून के अंत के बाद खेत की सिंचाई की जाती है दूसरी सिंचाई के बाद पौधे अच्छी तरह जम जाते है अंतराल को भरने और कमजोर पौधो को अलग करने का यह सही समय होता है ताकि खेत में एक समान पौधे रहें गार्मियो में 3-4 बार सिंचाई की आवश्यकता होती है जबकि शेष अवधि के दौरान आवश्यकता के अनुसार सिंचाई की जाती है लगभग 20-25 बार सिंचाई देना पर्याप्त होता है

Posted by gurpreet
Punjab
06-10-2019 08:39 PM
Gurpreet ji tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate uss nu Minfa gold powder 100gm rojana ate Totavit tablet rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi..

Posted by Gurveer Singh
Punjab
06-10-2019 08:37 PM
गुरवीर जी कृपया अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि हम आपको उचित जानकारी प्रदान की जाये, धन्यवाद

Posted by devendra tyagi
Rajasthan
06-10-2019 08:33 PM
aap use pet ke kide ke lie flukaird DS goli den or uski aankhon me boric acid daalne yh aapko medical store se mil jaawega isse frk padd jaega.

Posted by Nikhil Choudhary
Madhya Pradesh
06-10-2019 08:29 PM
Nikhil ji maize ka rate lagbhag 1760 rupyae prati quintal ke hisab se chal raha hai.dhanywad

Posted by Jaswant Singh
Punjab
06-10-2019 08:12 PM
Jaswant ji uss nu babesias di smasia ho gyi c jiss nal sarir vich khuun di kami ho jndi hai ate pashu di death ho jndi hai..
Posted by daud
Madhya Pradesh
06-10-2019 08:07 PM
उन्हें आप अच्छी खुराक देनी शुरू करें और खुराक के साथ साथ आप पेट के कीड़ों के लिए के Nilzan liquid 1ml/3kg शरीर के भार के हिसाब से दें और इसे Broton liquid 10ml रोजाना दे सकते है इससे हाज़मा सही रहेगा और जल्दी ग्रोथ हो जाएगी

Posted by Harjot singh
Punjab
06-10-2019 08:04 PM
Harjot ji yeh kisam par nirbhar karta hai vaise yeh 45-70 din men tyar ho jati hai.dhanywad

Posted by gurpreet singh
Punjab
06-10-2019 07:59 PM
gurpreet ji makki da rate 1760 rupaye prati quintal chal reha hai.dhanwad

Posted by AMITKUMAR
Bihar
06-10-2019 07:51 PM
Amit ji please ask your in detail so that we can provide you proper information.thank you

Posted by nishan singh
Punjab
06-10-2019 07:51 PM
tuci uss nu vdia khurak deo ate vdia company di feed deni suru kro ate her 3 mahine badd ussnu pett de kiria lai goli jrur deo, baki tuci uss nu vitum-h liquid 10ml rojana deo ate enerboost powder 100gm rojana deo jddo uss nu suun vich 1 mahina rehh jawe fir tuci uss nu Vitum-H liquid de nal nal Metabolite powder di rojana 1 pudi deo, ehna nal lewa ate dudh vdia ho jawega.

Posted by AMITKUMAR
Bihar
06-10-2019 07:49 PM
Amit ji please ask your question in detail so that we can provide you proper information.thank you
Posted by rahul patel
Rajasthan
06-10-2019 07:44 PM
African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं
French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, स.... (Read More)
African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं
French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं
Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं
Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by SHUBHAM RANA
Madhya Pradesh
06-10-2019 07:41 PM
उसे आप Lactomood होमियोपेथिक दवा की 10—10 बूंदें दिन में तीन बार दें और Leptaden गोलियां जो Alarsin कंपनी का प्रोडक्ट है इसकी 10—10 गोलियां सुबह शाम दें और Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा.

Posted by rajan tiwari
Uttar Pradesh
06-10-2019 07:36 PM
गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है
जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और .... (Read More)
गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है
जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है
Posted by GURPREET SINGH SIDHU
Punjab
06-10-2019 07:18 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਸਦੀ ਸਿਰਫ ਸਪਰੇ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਨੂੰ ਜੜਾਂ ਵਿਚ ਨਹੀਂ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by abhishek
Uttar Pradesh
06-10-2019 07:17 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Pratik Patidar
Madhya Pradesh
06-10-2019 07:15 PM
Pratik ji iski umar kitni hai kripya btaye taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by GURPREET SINGH SIDHU
Punjab
06-10-2019 07:08 PM
Gurpreet ji amle da ik boota fal de dinda hai ji. dhanwad

Posted by AmarSingh Bishnoi
Haryana
06-10-2019 07:01 PM
बिश्नोई जी आप चने की किस्मे जैसे C 235: यह किस्म तकरीबन 145-150 दिनों में पक जाती है यह किस्म तना गलन और झुलस रोग को सहनेयोग्य है इसके दाने दरमियाने आकार के और पीले-भूरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 8.4-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
H 208: इस मध्यम ऊंचाई वाली किस्म की औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Gora hisari: यह .... (Read More)
बिश्नोई जी आप चने की किस्मे जैसे C 235: यह किस्म तकरीबन 145-150 दिनों में पक जाती है यह किस्म तना गलन और झुलस रोग को सहनेयोग्य है इसके दाने दरमियाने आकार के और पीले-भूरे रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 8.4-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
H 208: इस मध्यम ऊंचाई वाली किस्म की औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Gora hisari: यह अगेती प्रकार की किस्म सिंचित इलाकों में बोने के लिए अनुकूल है इस किस्म फली छेदक का हमला कम होता है इसकी औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Haryana Chana no 1: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए अनुकूल है यह सूखा और फली छेदक की प्रतिरोधक किस्म है इसके दाने पीले रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Haryana Chana no 3: यह लंबे प्रकार की किस्म जड़ गलन और पत्तों के धब्बे रोग की प्रतिरोधी है इसके दाने बड़े और आकर्षित पीले रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Haryana Chana no 5: इस किस्म के पौधे लंबे और कम फैलने वाले होते हैं इसके दाने मध्यम और पीले रंग के होते हैं यह जड़ गलन और सूखा रोग की प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 8.5-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Haryana Kabuli no 1: इसके दाने मध्यम और हल्के गुलाबी सफेद रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Haryana Kabuli no 2: इसके दाने बड़े और सफेद रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 7-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
G 24: यह दरमियानी फैलने वाली किस्म है और बारानी क्षेत्रों के लिए अनुकूल है यह किस्म तकरीबन 140-145 दिनों में पक जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
PBG 7: पूरे पंजाब में इसकी बिजाई की सिफारिश की जाती है यह किस्म फली के ऊपर धब्बा रोग, सूखा और जड़ गलन रोग की प्रतिरोधक है इसके दाने दरमियाने आकार के होते हैं और इसकी औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म तकरीबन 159 दिनों में पक जाती है
CSJ 515: यह किस्म सिंचित इलाकों के लिए अनुकूल है इसके दाने छोटे और भूरे रंग के होते हैं और भार 17 ग्राम प्रति 100 बीज होता है यह जड़ गलन रोग की प्रतिरोधक है और फली के ऊपर धब्बों के रोग को सहनेयोग्य है यह किस्म तकरीबन 135 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
BG 1053: यह काबुली चने की किस्म है इस किस्म के फूल जल्दी निकल आते हैं और यह 155 दिनों में पक जाती है इसके दाने सफेद रंग के और मोटे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इनकी खेती पूरे प्रांत के सिंचित इलाकों में की जाती है
L 550: यह काबुली चने की किस्म है यह दरमियानी फैलने वाली और जल्दी फूल देने वाली किस्म है यह 160 दिनों में पक जाती है इसके दाने सफेद रंग के और औसतन पैदावार 6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by GURPREET SINGH SIDHU
Punjab
06-10-2019 06:59 PM
ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਆਂਵਲੇ ਦਾ ਇਕ ਬੂਟਾ ਫ਼ਲ ਦੇ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Balwinder sigh
Punjab
06-10-2019 06:49 PM
shirmaan ji, isme ap tilt @ 200 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by ajit
Uttar Pradesh
06-10-2019 06:48 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by abdulgaffar
Maharashtra
06-10-2019 06:42 PM
आप कलमी शोरा 500 ग्राम, जों खार 250 ग्राम, मिठा सोड़ा 250 ग्राम , नुशादर 150 ग्राम, मिठा तेल 2 लीटर , खंड 2 किलो इन सभी चीजों में से पहले खंड की चाशनी बनाकर बीच मिठा तेल डालें और बाकि सामान भी डाल दें इस दवाई का 3 हिस्सो में बराबर बांट दें और इस दवाई को तीन दिन लगातार देनी है पर एक बात का ध्यान रखें कि एक हफ्ते तक शरीर पर तरेल औ.... (Read More)
आप कलमी शोरा 500 ग्राम, जों खार 250 ग्राम, मिठा सोड़ा 250 ग्राम , नुशादर 150 ग्राम, मिठा तेल 2 लीटर , खंड 2 किलो इन सभी चीजों में से पहले खंड की चाशनी बनाकर बीच मिठा तेल डालें और बाकि सामान भी डाल दें इस दवाई का 3 हिस्सो में बराबर बांट दें और इस दवाई को तीन दिन लगातार देनी है पर एक बात का ध्यान रखें कि एक हफ्ते तक शरीर पर तरेल और पानी नहीं पड़ना चाहिए उसे खुशक रखना है बाकि आप उसे Vitum-H injection 5ml दो दो दिनों के फर्क से 5 इंजेक्शन लगवायें
Posted by ਰੋਹਿਤ
Punjab
06-10-2019 06:37 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ Zoctum injection 2.5gm, Isoflud injection 5ml, CRB injection 20ml, Megludyne injection 20ml, vitum-H 5ml injection ਲਗਵਾਓ ਫਿਰ ਅਗਲੇ 2 ਦਿਨ ਤੁਸੀ Intacef Tezo injection 4.5gm, Megludyne injection 20ml, CRB injection 20ml, Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by ਰੋਹਿਤ
Punjab
06-10-2019 06:34 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ Zoctum injection 2.5gm, Isoflud injection 5ml, CRB injection 20ml, Megludyne injection 20ml, vitum-H 5ml injection ਲਗਵਾਓ ਫਿਰ ਅਗਲੇ 2 ਦਿਨ ਤੁਸੀ Intacef Tezo injection 4.5gm, Megludyne injection 20ml, CRB injection 20ml, Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by Lakhvinder singh
Punjab
06-10-2019 06:33 PM
Hello, Lakhvinder singh ji kirpa parke tusi apna awahl visthar nal pushio ta jo tuhanu sahi jankari diti ja sake, Thankyou.
Posted by faruk alam
Uttar Pradesh
06-10-2019 06:29 PM
Ganesh festival, navdurga aur Diwali Mai aise hi hotha hai.Nov me thik ho jayega ji.
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