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Posted by nadeem
Bihar
07-10-2019 09:18 AM
Maharashtra
10-07-2019 09:22 AM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं
Posted by Rohit kumar
Uttar Pradesh
07-10-2019 09:17 AM
Maharashtra
10-07-2019 09:32 AM
Rohit ji kripy aaap iski jadon ke pas ki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by deepak
Rajasthan
07-10-2019 09:16 AM
Maharashtra
10-07-2019 09:51 AM
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है रबी की मौसम की कटाई के बाद या अप्रैल महीने मे.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है रबी की मौसम की कटाई के बाद या अप्रैल महीने में गहरी जोताई करें इसकी मदद से कीटों के अंडे नष्ट हो जाएंगे जोताई के बाद तीन-चार बार सुहागा फेरें और मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा हो सके सोयाबीन के लिए जून के तीसरे सप्ताह से मध्य जुलाई का महीना खेती के लिए अनुकूल होता है बीजों को तभी बोयें, जब मिट्टी में आवश्यक मात्रा में नमी हो (2-3 दिनों में कम से कम 50-60 मि.मी. वर्षा हुई हो) बिजाई के लिए कतार से कतार का 10-12 इंच और पौधे से पौधे का फासला 4-7 सैं.मी. रखें नमी की उचित मात्रा में बीजों को 3-4 सैं.मी. की गहराई में बोयें ज्यादा गहराई में ना बोयें, क्योंकि यह अंकुरण को प्रभावित करता है बीजों को सीड ड्रिल की सहायता से बोयें
Posted by Rohit kumar
Uttar Pradesh
07-10-2019 09:15 AM

?

Punjab
10-07-2019 09:42 AM
Rohit ji kripya aap iski jadon ke pas ki photo bheje kyuki is paduhe ki adhi paatiyan sookhi hui hai jis se iske bare men jankari dena thoda mushkil hai kripya aap iski jadon ke pass photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by deepak
Rajasthan
07-10-2019 09:15 AM
Maharashtra
10-07-2019 09:55 AM
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है रबी की मौसम की कटाई के बाद या अप्रैल महीने में .... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ दोमट मिट्टी में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 सोयाबीन की अच्छी उपज के लिए अनूकूल होती है जल जमाव, खारी और क्षारीय मिट्टी सोयाबीन की खेती के लिए अनुकूल नहीं होती कम तापमान भी इस फसल को गंभीर रूप से प्रभावित करता है रबी की मौसम की कटाई के बाद या अप्रैल महीने में गहरी जोताई करें इसकी मदद से कीटों के अंडे नष्ट हो जाएंगे जोताई के बाद तीन-चार बार सुहागा फेरें और मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी ना खड़ा हो सके सोयाबीन के लिए जून के तीसरे सप्ताह से मध्य जुलाई का महीना खेती के लिए अनुकूल होता है बीजों को तभी बोयें, जब मिट्टी में आवश्यक मात्रा में नमी हो (2-3 दिनों में कम से कम 50-60 मि.मी. वर्षा हुई हो) बिजाई के लिए कतार से कतार का 10-12 इंच और पौधे से पौधे का फासला 4-7 सैं.मी. रखें नमी की उचित मात्रा में बीजों को 3-4 सैं.मी. की गहराई में बोयें ज्यादा गहराई में ना बोयें, क्योंकि यह अंकुरण को प्रभावित करता है बीजों को सीड ड्रिल की सहायता से बोयें
Posted by vikash rajput
Uttar Pradesh
07-10-2019 09:12 AM
Punjab
03-13-2020 08:30 PM
usko aap mitti wali jgah per bannd kr rakhen aur usko Sarakind plus bolus 1-1 goli subah sham deni suru kren.
Posted by vikash rajput
Uttar Pradesh
07-10-2019 09:10 AM
Punjab
03-13-2020 08:29 PM
उसे आप कच्ची जगह ही बांध कर रखें क्योंकि कई पशुओं को फर्श वाली जगह बांधने पर उनके पैरो में सूजन आ जाती है
Posted by rajkumar mourya
Uttar Pradesh
07-10-2019 09:08 AM
Punjab
11-22-2019 02:41 PM
श्रीमान जी, इसकी रोकथाम के लिए imidacloprid @ 1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
07-10-2019 09:03 AM
Punjab
10-10-2019 04:32 PM
malkeet ji eh fungus de karn hundi hai isde layi tuc planofix@4ml nu 15 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by bhuralal Devda
Madhya Pradesh
07-10-2019 08:59 AM
Punjab
11-22-2019 02:37 PM
श्रीमान जी, कृपया आप सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसकी पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by bhuralal Devda
Madhya Pradesh
07-10-2019 08:54 AM
Posted by Amrit singh
Punjab
07-10-2019 08:52 AM
Punjab
10-08-2019 05:44 PM
ਬੈਂਗਣ ਦੇ ਬੀਜ 3 ਮੀ.ਲੰਬੇ, 1 ਮੀ.ਚੌੜੇ ਅਤੇ 15 ਸੈ.ਮੀ. ਉੱਚੇ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਬੀਜੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾਂ ਬੈੱਡਾਂ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਫਿਰ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਦੋ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਕਪਤਾਨ ਦਾ ਘੋਲ ਪਾਓ ਤਾਂ ਜੋ ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡਾਂ ਵਿਚਲੇ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਟ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਚਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ ਫਿਰ 5 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਕੇ ਬੈੱਡਾਂ ਨੂੰ ਗਲ਼ੀ ਹੋਈ ਖਾਦ ਜਾਂ ਸੁੱਕੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂ.... (Read More)
ਬੈਂਗਣ ਦੇ ਬੀਜ 3 ਮੀ.ਲੰਬੇ, 1 ਮੀ.ਚੌੜੇ ਅਤੇ 15 ਸੈ.ਮੀ. ਉੱਚੇ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਬੀਜੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪਹਿਲਾਂ ਬੈੱਡਾਂ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਫਿਰ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਦੋ ਦਿਨ ਪਹਿਲਾਂ ਕਪਤਾਨ ਦਾ ਘੋਲ ਪਾਓ ਤਾਂ ਜੋ ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡਾਂ ਵਿਚਲੇ ਪੌਦਿਆਂ ਨੂੰ ਨਸ਼ਟ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਚਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ ਫਿਰ 5 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਕੇ ਬੈੱਡਾਂ ਨੂੰ ਗਲ਼ੀ ਹੋਈ ਖਾਦ ਜਾਂ ਸੁੱਕੇ ਪੱਤਿਆਂ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਪੌਦਿਆਂ ਦੇ ਪੁੰਗਰਣ ਤੱਕ ਬੈੱਡਾਂ ਨੂੰ ਕਾਲੇ ਰੰਗ ਦੀ ਪੋਲੀਥੀਨ ਸ਼ੀਟ ਜਾਂ ਪਰਾਲੀ ਨਾਲ ਢੱਕ ਦਿਓ ਤੰਦਰੁਸਤ ਪੌਦੇ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੇ 3-4 ਪੱਤੇ ਨਿਕਲੇ ਹੋਣ ਅਤੇ ਕੱਦ 12-15 ਸੈ.ਮੀ. ਹੋਵੇ, ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਨੀਰੀ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਨੀਰੀ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਹੀ ਲਗਾਓ ਅਤੇ ਪਨੀਰੀ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹਲਕੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਰੋਪਣ ਕਰਨ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਖੇਤ ਨੂੰ ਵਧੀਆ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ 4-5 ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਅਤੇ ਪੱਧਰਾ ਕਰੋ ਫਿਰ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਮੁਤਾਬਿਕ ਆਕਾਰ ਦੇ ਬੈੱਡ ਬਣਾਓ ਇੱਕ ਏਕੜ ਖੇਤ ਦੀ ਪਨੀਰੀ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਲਈ 300-400 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਤੰਦਰੁਸਤ ਅਤੇ ਵਧੀਆ ਬੀਜ ਹੀ ਵਰਤੋ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਥੀਰਮ 3 ਗ੍ਰਾਮ ਜਾਂ ਕਾਰਬੈਂਡਾਜ਼ਿਮ 3 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਨਾਲ ਸੋਧੋ ਰਸਾਇਣਿਕ ਸੋਧ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਟ੍ਰਾਈਕੋਡਰਮਾ ਵਿਰਾਈਡ 4 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਕਿਲੋ ਬੀਜ ਨਾਲ ਸੋਧੋ ਅਤੇ ਫਿਰ ਛਾਂਵੇਂ ਸੁਕਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਰੰਤ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ ਅਖੀਰ ਵਾਰ ਖੇਤ ਨੂੰ ਵਾਹੁਣ ਵੇਲੇ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ 10 ਟਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਉ ਨਾਇਟ੍ਰੋਜਨ 25 ਕਿਲੋ (55 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ), ਫਾਸਫੋਰਸ 25 ਕਿਲੋ (155 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ) ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 12 ਕਿਲੋ (20 ਕਿਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆੱਫ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ) ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਵਰਤੋ ਫਾਸਫੋਰਸ, ਪੋਟਾਸ਼ ਅਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਦੋ ਤੁੜਾਈਆਂ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 25 ਕਿਲੋ ਨਾਇਟ੍ਰੋਜਨ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਪਾਣੀ ਚ ਘੁਲਣਯੋਗ ਖਾਦਾਂ: ਫਸਲ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਵਿਕਾਸ ਸਮੇਂ ਹਿਊਮਿਕ ਤੇਜ਼ਾਬ 1 ਲੀਟਰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਜਾਂ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ 5 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਇਹ ਫਸਲ ਦੇ ਝਾੜ ਅਤੇ ਵਾਧੇ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਮਦਦ ਕਰਦਾ ਹੈ ਪਨੀਰੀ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 10-15 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 19:19:19 ਦੇ ਨਾਲ 2.5 – 3 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਸੂਖਮ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਵਿਕਾਸ ਸਮੇਂ ਕਈ ਵਾਰ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਕਾਰਨ ਪੌਦੇ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚੋਂ ਸੂਖਮ ਤੱਤ ਨਹੀਂ ਲੈ ਪਾਉਂਦੇ ਹਨ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਪੌਦਾ ਪੀਲਾ ਪੈ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਕਮਜ਼ੋਰ ਦਿਖਦਾ ਹੈ ਅਜਿਹੀ ਸਥਿਤੀ ਵਿੱਚ 19:19:19 ਜਾਂ 12:61:0 ਦੀ 5-7 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਲੋੜ ਮੁਤਾਬਿਕ 10-15 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਦੋਬਾਰਾ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਪਨੀਰੀ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ 40-45 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ 20% ਬੋਰੋਨ 1 ਗ੍ਰਾਮ ਵਿੱਚ ਸੂਖਮ ਤੱਤ 2.5-3 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਫਸਲ ਵਿੱਚ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਪੂਰਤੀ ਅਤੇ ਝਾੜ 10-15% ਵਧਾਉਣ ਲਈ 13:00:45 ਦੀਆਂ 10 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀਆਂ ਦੋ ਸਪਰੇਆਂ ਕਰੋ ਪਹਿਲੀ ਸਪਰੇਅ 50 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਸਪਰੇਅ ਪਹਿਲੀ ਸਪਰੇਅ ਤੋਂ 10 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਜਦੋਂ ਫੁੱਲ ਜਾਂ ਫ਼ਲ ਨਿਕਲਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ਹੋਵੇ ਤਾਂ 0:52:34 ਜਾਂ 13:0:45 ਦੀ 5-7 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਵੱਧ ਤਾਪਮਾਨ ਹੋਣ ਕਰ ਕੇ ਫੁੱਲ ਡਿੱਗਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਪਲੈਨੋਫਿਕਸ(ਐਨ ਏ ਏ) 5 ਮਿ.ਲੀ. ਪ੍ਰਤੀ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਫੁੱਲ ਨਿਕਲਣ ਸਮੇਂ ਕਰੋ 20-25 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਦੋਬਾਰਾ ਕਰੋ ਨੁਕਸਾਨੇ ਫ਼ਲ ਹਰ ਹਫਤੇ ਤੋੜ ਕੇ ਨਸ਼ਟ ਕਰ ਦਿਓ ਨਰਸਰੀ ਲਾਉਣ ਤੋਂ 1 ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਟ੍ਰਾਈਜ਼ੋਫੋਸ 20 ਮਿ.ਲੀ. ਪ੍ਰਤੀ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਅਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਨਿੰਮ ਐਕਸਟ੍ਰੈਕਟ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ 10-15 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਇਹ ਸਪਰੇਅ ਦੋਬਾਰਾ ਕਰੋ ਫੁੱਲ ਨਿਕਲਣ ਸਮੇਂ ਕੋਰਾਜੈੱਨ 18.5% ਐੱਸ.ਸੀ. 5 ਮਿ.ਲੀ. + ਟੀਪੋਲ 5 ਮਿ.ਲੀ. ਦਾ ਘੋਲ 12 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ 20 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਕਫੇ ਤੇ ਦੋ ਵਾਰ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਹਮਲੇ ਵਿੱਚ 5% ਨਿੰਮ ਐਕਸਟ੍ਰੈਕਟ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹਮਲਾ ਦਿਖਣ ਤੇ 25% ਸਾਈਪਰਮੈਥਰੀਨ 2.4 ਮਿ.ਲੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਕੀੜਿਆਂ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਵੱਧ ਜਾਣ ਤੇ ਸਪਾਈਨੋਸੈੱਡ 1 ਮਿ.ਲੀ. ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਫਲ ਪੱਕਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਟ੍ਰਾਈਜ਼ੋਫੋਸ ਜਾਂ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਨਾ ਕਰੋ
Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
07-10-2019 08:48 AM
Punjab
10-10-2019 03:42 PM
ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ planofix @4ml ਨੂੰ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by mohammd taukir
Bihar
07-10-2019 08:45 AM
Punjab
11-22-2019 01:54 PM
Shrimaan ji, yeh variety ke hisaab se pta chalta hai, ke yeh pak gea hai yan nahi, kai kisme lal ho kar pakti hai, or kai pili rang ki hi pak jati hai, to kripya ap kism ka nam bataye taki apko iski puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by deepak patidar
Madhya Pradesh
07-10-2019 08:40 AM
Rajasthan
03-13-2020 08:28 PM
Deepak ji yeh cross nasal ki vashdi hai.
Posted by सुभाष चन्द्र
Rajasthan
07-10-2019 08:31 AM
Punjab
11-22-2019 01:59 PM
श्रीमान जी, असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भ.... (Read More)
श्रीमान जी, असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है , धन्यवाद
Posted by आदित्य पाठक
Uttar Pradesh
07-10-2019 08:26 AM
Punjab
03-16-2020 08:09 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप इस नस्ल के बारे में क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके।
Posted by आदित्य पाठक
Uttar Pradesh
07-10-2019 08:26 AM
Punjab
03-16-2020 08:09 PM
kripya aap apna swal vistaar se puche aap kya jankari lena chahte hain taki apko sahi jankari di ja ske.
Posted by Jagdeep Singh Randhawa
Punjab
07-10-2019 08:26 AM
Punjab
11-22-2019 01:56 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਲਈ J 1006 ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by आदित्य पाठक
Uttar Pradesh
07-10-2019 08:22 AM
Punjab
10-11-2019 07:12 PM
Iske vare mai jankari ke liye aap yeh video dekh skte hai https://www.youtube.com/watch v=sJyacNbpBwg
Posted by Gurmukh singh
Punjab
07-10-2019 08:22 AM
Punjab
10-08-2019 05:50 PM
ਵਧੇਰੇ ਝਾੜ ਲਈ ਫਸਲ ਨੂੰ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਬੀਜ਼ੋ ਪਛੇਤੀ ਫਸਲ ਬੀਜ਼ਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਗੇਤੇ ਮੰਡੀਕਰਨ ਲਈ ਮਟਰਾਂ ਨੂੰ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਦੂਜੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਵਿੱਚ ਉਗਾਓ
Posted by Laleet Patel
Chattisgarh
07-10-2019 08:21 AM
Punjab
11-22-2019 01:21 PM
श्रीमान जी, आप माहू की रोकथाम के लिए buprofenzin @ 250 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, या glamour @ 50gm प्रति एकड़ की भी स्प्रे कर सकते है, धन्यवाद
Posted by Narendra Pratap
Uttar Pradesh
07-10-2019 08:19 AM
Rajasthan
10-07-2019 02:56 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Gurdeep Singh
Punjab
07-10-2019 08:17 AM
Punjab
10-22-2019 04:44 PM
Jekar kaale tele di aje shuruaat hai tan iss di roktham de lyi tuc chess@120gm ja glamore@50gm ja dentop@35gm nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray kr skde ho..ihna spreha di varto tela pain ton pehla kro..iss ton ilaava jekar tela jyaada fail gya hai tan uss di rokthaam de lyi 1 ltr DDVP nu 12 kg sukki ret de nal mila k khet de vich shitta de deo..iss ton bina tuc koram 300ml ja acetamiprid 20EC @60-80gm ja acephate@500gm nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray krdeo..iss ton ilaava tuc jhone de vich actara @80gm ja buprofezin@200ml nu 150 ltr paani de nal mila k prati acre te spray kr deo. jekar harra tela hai tan uss de lyi tuc solomon@120 ml prati acre de lyi spray kr skde ho...
Posted by harry
Punjab
07-10-2019 07:58 AM
Punjab
11-22-2019 01:18 PM
Shrimaan ji, 1121 da rate is samay 2800 rupay prati quintal hathi vaddi fasal dahai ate 2675 rupay prati quintal machine nal vaddi fasal da hai, dhanwad
Posted by Jagga Burjia
Punjab
07-10-2019 07:58 AM
Punjab
11-22-2019 01:18 PM
Shrimaan ji, 1121 da rate is samay 2800 rupay prati quintal hathi vaddi fasal dahai ate 2675 rupay prati quintal machine nal vaddi fasal da hai, dhanwad
Posted by rishant
Uttar Pradesh
07-10-2019 07:49 AM
Punjab
10-11-2019 07:13 PM
Posted by Ankit Shukla
Uttar Pradesh
07-10-2019 07:47 AM
Punjab
11-22-2019 01:17 PM
श्रीमान जी, कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछें, ताकि अपना इसकी सही जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by ਅਮਨਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
07-10-2019 07:31 AM
Punjab
11-22-2019 01:14 PM
Shrimaan ji, HD 2967 di bijai da sahi sama october de chothe hafte to le ke november de chothe hafte tak da hunda hai, dhanwad
Posted by kala Lohan
Haryana
07-10-2019 07:29 AM
Punjab
10-07-2019 05:05 PM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by kala Lohan
Haryana
07-10-2019 07:27 AM
Punjab
10-07-2019 05:04 PM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं
Posted by Harpal singh
Punjab
07-10-2019 07:13 AM
Maharashtra
10-22-2019 05:06 PM
ਹਰਪਾਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਬੀਜ ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਨਾਲ ਸੋਧ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਤੁਸੀ ਬੀਜ ਦੀ ਸੋਧ ਟ੍ਰਾਈਕੋਡਰਮਾ,ਗਊ ਦੇ ਪਿਸ਼ਾਬ ਨਾਲ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਨੂੰ ਇੱਕ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਗਿੱਲਾ ਕਰ ਕੇ ਇੱਕ ਕਿਲੋ ਜੀਵਾਣੂ ਖਾਦ ਦੇ ਮਿਸ਼ਰਨ (ਟ੍ਰਾਈਕੋਡਰਮਾ) ਨਾਲ ਚੰਗੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਰਲਾ ਦਿਉ ਇਸਤੋਂ ਬਾਦ ਬੀਜ ਨੂੰ ਅੱਧੇ ਘੰਟੇ ਲਈ ਛਾਂ ਵਿੱਚ ਸੁਕਾ ਕੇ ਬੀਜ ਲਉ
Posted by Harvinder Singh
Haryana
07-10-2019 06:59 AM
Punjab
10-11-2019 07:17 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.
Posted by ashwin
Maharashtra
07-10-2019 06:45 AM
Punjab
10-11-2019 09:41 PM
usko aap Urimin injection 20ml, Metphos injection 20ml, Mecovet injection 20ml (IM) lgwayen aur usko trineurosol-h injection 5-5 ml uske pishli tang ke upar puude per lgwayen, yeh injection 3 din lgwayen, iss frak padd jayega..
Posted by Harman Sandhu
Punjab
07-10-2019 06:42 AM
Punjab
11-21-2019 02:43 PM
1718 ਦਾ ਰੇਟ 2570 -2600 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
07-10-2019 06:38 AM
Punjab
10-07-2019 08:33 PM
BhaaG ikala tel na dyo isnu rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu te har 4kg dudh lai gau nu 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by सरोज कुमार
Bihar
07-10-2019 06:33 AM
Posted by Udaybhan Singh Udaybhan Singh
Uttar Pradesh
07-10-2019 06:29 AM
Maharashtra
10-07-2019 10:24 AM
Udaybhan ji aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani me mila kar spray karen.dhanywad
Posted by RaviShankar-Kumar
Bihar
07-10-2019 06:18 AM

?

Punjab
10-11-2019 07:19 PM
रवि जी आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो में आवाज समढ नहीं आ रही है कृप्या आप ओडियो दोबारा साफ आवाज में अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Gurjeet Singh
Punjab
07-10-2019 06:03 AM
Punjab
10-09-2019 08:31 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਲਿਂਕ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਦੇਖੋ ਜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੇ ਸਾਰੇ ਵਿਭਾਗਾਂ ਦੇ ਨੰਬਰ ਲਿਖੇਹੋਏ ਹਨ ਜੀ https://www.hau.ac.in/contact-us
Posted by pawan
Bihar
07-10-2019 04:58 AM
Maharashtra
10-07-2019 10:14 AM
महोगनी का वृक्ष जल भराव वाली भूमि को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार की उपजाऊ भूमि में लगाया जा सकता है. इसके वृक्ष को पथरीली मिट्टी में नही लगाया जा सकता. इसकी खेती के लिए मिट्टी का पी.एच. मान सामान्य होना चाहिए.महोगनी की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु सबसे उपयुक्त होती है. इसके वृक्ष को ज्यादा बारिश की भी जरूरत .... (Read More)
महोगनी का वृक्ष जल भराव वाली भूमि को छोड़कर अन्य किसी भी प्रकार की उपजाऊ भूमि में लगाया जा सकता है. इसके वृक्ष को पथरीली मिट्टी में नही लगाया जा सकता. इसकी खेती के लिए मिट्टी का पी.एच. मान सामान्य होना चाहिए.महोगनी की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु सबसे उपयुक्त होती है. इसके वृक्ष को ज्यादा बारिश की भी जरूरत नही होती. सामान्य मौसम में इसके पेड़ अच्छे से विकास करते हैं. शुरुआत में इसके पौधों को तेज़ गर्मी और सर्दी से बचाने की जरूरत होती है. सर्दियों में पड़ने वाला पाला इसके लिए उपयुक्त नही होता है. इनके अलावा तेज़ हवाओं के चलने से इसके वृक्ष को नुक्सान पहुँचता है. क्योंकि इनकी जड़ें जमीन में ज्यादा गहराई में नही जाती है. इसके पौधे को अंकुरित होने और विकास करने के लिए सामान्य तापमान की जरूरत होती है. इसका पूर्ण विकसित वृक्ष सर्दियों में 15 और गर्मियों में 35 डिग्री तापमान पर भी अच्छे से विकास कर सकता है.महोगनी की अभी तक भारत में कोई संकर या खास प्रजाति तैयार नही की गई है. अभी तक इसकी 5 विदेशी कलमी किस्मों को ही उगाया जाता है. जिनमें क्यूबन, मैक्सिकन, अफ्रीकन, न्यूज़ीलैंड, और होन्डूरन किस्में शामिल हैं. ये सभी किस्में विदेशी हैं. इन सभी किस्मों के पौधों को उनकी उपज और बीजों की गुणवत्ता के आधार पर तैयार किया गया है. जिनकी लम्बाई 50 फिट से 200 फिट तक पाई जाती है.महोगनी के वृक्ष की खेती के लिए शुरुआत में खेत की गहरी जुताई कर उसे खुला छोड़ दें. उसके बाद खेत की दो से तीन तिरछी जुताई कर दे. जुताई करने के बाद खेत में पाटा चलाकर खेत को समतल बना लें. समतल खेत में जल भराव की समस्या का सामना नही करना पड़ता. खेत के समतल होने के बाद उसमें 5 से 7 फिट की दूरी रखते हुए तीन फिट चौड़ाई और दो फिट गहराई के गड्डे तैयार कर लें. इन गड्डों को तैयार करते वक्त ध्यान रखे कि इन गड्डों को पंक्तियों में तैयार करें. और प्रत्येक पंक्तियों के बीच तीन से चार मीटर की दूरी होनी चाहिए. गड्डों को तैयार कर उनमें जैविक और रासायनिक खादों को मिट्टी में मिलाकर गड्डों में भर दें. उसके बाद गड्डों की गहरी सिंचाई कर उन्हें ढक दें. इन गड्डों को पौध रोपाई से एक महीने पहले तैयार किया जाता है.महोगनी के पौधे किसान भाई किसी भी सरकारी रजिस्टर्ड कंपनी से खरीद सकते हैं. इसके अलावा किसान भाई इसकी पौध नर्सरी में भी तैयार कर सकते हैं. लेकिन इसमें बहुत ज्यादा टाइम और मेहनत लगती है. जिस कारण किसान भाइयों के लिए इसकी पौध खरीदकर लगाना सबसे उचित होता है. नर्सरी से हमेशा दो से तीन साल पुराने और अच्छे से विकास कर रहे पौधे को ही खरीदें. पौध लगाने का तरीका इसके पौधों को खेत में तैयार किये गए गड्डों में लगाया जाता है. इसके पौधों को गड्डों में लगाने से पहले खेत में तैयार किये गए गड्डों के बीचोंबीच एक और छोटा गड्डा तैयार कर लेना चाहिए. इस छोटे गड्डे में इसके पौधे को लगाकर उसे चारों तरफ से मिट्टी से दबा दें. इसके पौधों को खेत में लगाने का सबसे उपयुक्त टाइम जून और जुलाई का महीना होता है. क्योंकि इस दौरान भारत में मानसून का दौर होता है. जिससे पौधों को विकास करने के लिए उपयुक्त वातावरण मिलता है. और इस दौरान बारिश के होने से पौधों को सिंचाई की भी जरूरत नही होती.
Posted by Kuljit singh
Punjab
07-10-2019 02:28 AM
Punjab
10-07-2019 09:59 AM
ਕਣਕ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਤੇ ਕਰਨੀ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਪਿਛੇਤੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਫਸਲ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਤੇ ਬੁਰਾ ਅਸਰ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਕਣਕ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 25 ਅਕ੍ਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
Posted by DEEPAK CHANDRA
Uttar Pradesh
07-10-2019 01:36 AM
Maharashtra
10-07-2019 09:45 AM
Deepak ji kripya btaye ke aapke paas jameen kitni hai aur mitti kaisi hai taki aapko uske bare men poori jankari di ja sake, dhanywad