Posted by harry
Punjab
09-10-2019 11:32 AM
ਹੈਰੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 15 -20 ਦਿਨ ਤਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by sukumar
West Bengal
09-10-2019 11:26 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको इसके बारे में सही जानकारी दी जा सके

Posted by vikram singh
Punjab
09-10-2019 11:23 AM
Vikram ji kirpa krke ehh dso tuci SAG de buffalo bull ja cow de bull ate kehri nasal vare jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti ja ske.

Posted by रॉयल विवेक आजमगढ़ UP50
Uttar Pradesh
09-10-2019 11:14 AM
vivek ji agar pani sukh gya hai to abhi aapko sulphur daalne ki jrurat nahi hai. aap isme agar koi bimari ke lakshan dikhai de to aap fungicide ki spray kar sakte hai.dhanywad

Posted by sachin
Uttar Pradesh
09-10-2019 11:12 AM
गर्भकाल 10 महीने+_10 दिन होता है
10-12 महीने मिल्क देगी
Posted by karansingh
Madhya Pradesh
09-10-2019 11:07 AM
जहाँ तापक्रम अधिक रहता हो, वर्षा अधिक होती हो और वायुमण्डल मे आद्रता की मात्रा अधिक रहती हो, वे क्षेत्र नेपियर घास की खेती के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं लगभग 200 सेमी० वार्षिक वाले क्षेत्र इसकी खेती के लिए उत्तम हैं अधिक ठण्डी जलवायु मे फसल की अच्छी वृद्धि होती हैं पाले का इस पर बहुत हानिकारक प्रभाव पड़ता ह.... (Read More)
जहाँ तापक्रम अधिक रहता हो, वर्षा अधिक होती हो और वायुमण्डल मे आद्रता की मात्रा अधिक रहती हो, वे क्षेत्र नेपियर घास की खेती के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं लगभग 200 सेमी० वार्षिक वाले क्षेत्र इसकी खेती के लिए उत्तम हैं अधिक ठण्डी जलवायु मे फसल की अच्छी वृद्धि होती हैं पाले का इस पर बहुत हानिकारक प्रभाव पड़ता हैं इसे विभिन्न प्रकार की भूमि मे उगा सकते हैं परन्तु फसल की उपज भारी भूमियों की अपेक्षा हल्की भूमि मे अधिक होती हैं उत्तम उपज के लिए दोमट अथवा बलुअर दोमट मृदा उपयुक्त हैं खेत की तैयार के लिए पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से की जाती हैं इसके बाद 2-5 जुताइयाँ देशी हल से करते हैं मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए प्रत्येक जुताई के बाद पाटे का प्रयोग किया जाता हैं भारत मे नेपियर घास की फसल रबी की फसल की कटाई के पश्चात खरीफ ऋतु मे तथा बसन्त ऋतु (फरवरी - मार्च) में बोई जाती हैं अत: इन्ही के आधार पर खेती की तैयारी की जाती हैं जिन स्थानों पर सिचाई की सुविधाएं उपलब्ध नही होती हैं वहाँ पर नेपियर घास की बुवाई वर्षा ऋतु में जुलाई से अगस्त तक की जाती हैं
बसन्त ऋतु की बुवाई:-नेपियर घास की बुवाई का यह सबसे उत्तम समय (फरवरी से मार्च) होता हैं परन्तु इस समय फसल की बुवाई उन स्थानों पर की जाती हैं जहाँ सिचाई की सुविधायें उपलब्ध हों

Posted by Pitambar Goswami
Uttar Pradesh
09-10-2019 11:01 AM
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्.... (Read More)
यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें इससे अपने एरिया के नाबार्ड डिपार्टमैंट के सी जी एम को भी लोन के लिए मिलें

Posted by Laddi
Punjab
09-10-2019 11:00 AM
laddi ji kirpa krke ehh dso tuci majh vare ki jankari lani hai tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee.

Posted by नरेन्द्र स्वामी
Rajasthan
09-10-2019 10:40 AM
isko nazdiki doctor se janch krwayen iski janch krke acha ilag ho skta hai.

Posted by ਲਾਡੀ
Punjab
09-10-2019 10:40 AM
ਲਾਡੀ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਜ਼ਿਆਦਾ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨ ਨਾਲ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by kuldeep singh rathore
Madhya Pradesh
09-10-2019 10:36 AM
मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं
सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश क.... (Read More)
मिट्टी की जांच के आधार पर खादें डालें मिट्टी की जांच के अनुसार ही हम मिट्टी में आवश्यक खादों की मात्रा दे सकते हैं
सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 130 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें
बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 24 किलो (यूरिया 52 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 8 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोज, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें
सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 12 किलो (एस एस पी 75 किलो), पोटाश 16 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 27 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो तिहाई मात्रा बिजाई के 35-40 दिनों के बाद डालें
यह पाया गया है कि जिंक सल्फेट 10 किलो प्रति एकड़ में डालने से उपज में वृद्धि होती है जिंक की कमी को पूरा करने के लिए जिंक सल्फेट 0.5 प्रतिशत की फोलियर स्प्रे करें 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन स्प्रे करें

Posted by iftekar husain
Uttar Pradesh
09-10-2019 10:23 AM
husain ji aap iske uper mancozeb@400 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanwyad

Posted by Pradeep singh
Uttar Pradesh
09-10-2019 10:22 AM
प्रदीप जी इस रोग की रोकथाम के लिए आप tilt @200 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Kumar Rajeev
Uttar Pradesh
09-10-2019 10:19 AM
kumar ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by mangu singh
Rajasthan
09-10-2019 10:16 AM
बारानी हालातों में 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक बिजाई पूरी करें सिंचित क्षेत्रों में देसी और काबुली किस्मों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सही समय पर बिजाई करना जरूरी है अगेती बिजाई से अनावश्यक वनस्पतिक वृद्धि होती है, जबकि पिछेती बिजाई से फसल सूखे से प्रभावित होती है फसल घटिया वनस्पति वृद्.... (Read More)
बारानी हालातों में 10 अक्तूबर से 25 अक्तूबर तक बिजाई पूरी करें सिंचित क्षेत्रों में देसी और काबुली किस्मों के लिए 25 अक्तूबर से 10 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सही समय पर बिजाई करना जरूरी है अगेती बिजाई से अनावश्यक वनस्पतिक वृद्धि होती है, जबकि पिछेती बिजाई से फसल सूखे से प्रभावित होती है फसल घटिया वनस्पति वृद्धि करती है और जड़ों का विकास कम होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. रखें सिंचित क्षेत्रों के लिए बीज की गहराई 5-7 सैं.मी. का प्रयोग करें और बारानी क्षेत्रों के लिए बीज की गहराई 7-10 सैं.मी. का प्रयोग करें
Posted by pardeep Singh
Punjab
09-10-2019 10:15 AM
kanak vich DAP 55 kilo prati acre de hisab nal varti jandi hai.dhanwad

Posted by butta singh
Punjab
09-10-2019 10:13 AM
ਵਧੇਰੇ ਗੁਣਵੱਤਾ ਦੇ ਚਾਰੇ ਲਈ ਇਸ ਨੂੰ ਸਰ੍ਹੋਂ ਦੇ 750 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਨਾਲ ਰਲਾ ਕੇ ਛਿੱਟਾ ਦਿਓ ਤੁਸੀ ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਸਾਰੇ ਤੱਤ ਹੀ ਫ਼ਸਲ ਨੂੰ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਸਰੋਂ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਤੋਰੀਏ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ PBT 37 ,TL 15 ,RLM 619 ,PBR 91 ,GSL1 , PGSH51 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by M Tazuddin
Uttar Pradesh
09-10-2019 10:10 AM
Tazuddin ji iske rate ki jankari aapko local market se hi milegi.dhanywad

Posted by M Tazuddin
Uttar Pradesh
09-10-2019 10:09 AM
Tazuddin ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by ਬਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
09-10-2019 10:09 AM
ਬਲਵੀਰ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਸਦੀ ਉਮਰ ਦੱਸੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by mayank marskole
Madhya Pradesh
09-10-2019 10:00 AM
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और स.... (Read More)
सबसे पहले यदि हम मछली पालन की बात करें तो इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्तूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.

Posted by Teerath Ram
Uttar Pradesh
09-10-2019 09:51 AM
Teerath ji kripya aap paudhe ke aas paas itna pani jma na hone de is se fungus failti hai jiski roktham ke liye aap carbendazim@400 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by vikram singh
Punjab
09-10-2019 09:44 AM
ehh SAG walia da HF nasal da semen hai , Bull No./Name: HF-10205 Average Parent`s Yield (Kg): –
Date Of Birth: 20.07.14 Dam no. or Name: 17052/DHF
Dam s Best Lact.Yield (Kg): 12693 Fat %: 3.3
Sire no./ Name: Discover Sire s Dam s Best Lact. yield (Kg): 11929
Posted by AJAYSINH CHOUHAN
Gujarat
09-10-2019 09:39 AM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के सम.... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए ज्यादा सूक्ष्म तत्व खाद 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद 13:0:45 के अनुसार 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें
Posted by Narotam Singh
Punjab
09-10-2019 09:37 AM
ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਸਮੇਂ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ,ਫਾਸਫੋਰਸ 10:30 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ (ਯੂਰੀਆਂ 22 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰਫਾਸਫੇਟ 185 ਕਿਲੋਗ੍ਰਾਮ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਉ .

Posted by mohanjit singh
Punjab
09-10-2019 09:27 AM
ਮੋਹਨ ਜੀ ਇਹ ਲੋਹੇ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ferrous sulphate @1 ਕਿਲੋ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Dinesh Kumar
Uttar Pradesh
09-10-2019 09:21 AM
दिनेश जी इसे हल्दी रोग भी कहते है इसकी रोकथाम के लिए आप tilt @200ml को प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Dilip yadav
Uttar Pradesh
09-10-2019 09:17 AM
dilip ji kripy aaap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by indar singh guatam
Madhya Pradesh
09-10-2019 09:13 AM
indar ji kripya swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by ashish
Rajasthan
09-10-2019 09:08 AM
आप सरसो की किस्मे जैसे Aashirwad (RK 01-03): यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Swarn Jyoti (RH 9801): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है .... (Read More)
आप सरसो की किस्मे जैसे Aashirwad (RK 01-03): यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Swarn Jyoti (RH 9801): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है यह किस्म 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
RGN 73: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 160-170 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 40-41 प्रतिशत होती है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Lakshmi (RH 8812): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 160-180 सैं.मी. होता है यह किस्म 140-145 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और काले रंग के होते हैं इसमें तेल की मात्रा 40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
VSL 5: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 165-170 सैं.मी. होता है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने मध्यम और काले रंग के होते हैं इसमें तेल की मात्रा 39-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8-8.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Aravali (RN 393): पौधे का कद 155-165 सैं.मी. होता है यह किस्म 135-138 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 42 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Vansudhara (RH 9304): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके पौधे का कद 180-190 सैं.मी. होता है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Maya (RK 9902): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके पौधे का कद 165-170 सैं.मी. होता है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 39-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Jaykisan: इसके पौधे का कद 160-180 सैं.मी. होता है यह 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 38-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 7.2-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Bold: पौधा मध्यम कद का होता है इसमें तेल की मात्रा 37-38 प्रतिशत होती है यह किस्म 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
T 59(Varuna): इसका पौधा मध्यम कद का होता है यह किस्म 125-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने मोटे और काले रंग के होते हैं सिंचित हालातों में यह 6-7 क्विंटल औसतन पैदावार देती है और असिंचित क्षेत्रों में 4-6 क्विंटल औसतन पैदावार देती है
RH 30: यह सिंचित और असिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 196 सैं.मी. होता है यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8-7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by Sukhpreet Singh
Punjab
09-10-2019 09:07 AM
sukhpreet ji shriram di es nam di koi kisam nahi aundi hai kirpa karke kisam da poora nam daso ja isdi company da poora nam daso ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake,dhanwad
Posted by varinder singh
Punjab
09-10-2019 09:07 AM
varinder ji kirpa karke isdi photo bhejo ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad

Posted by MANAV
Maharashtra
09-10-2019 09:02 AM
मानव जी रस चूसने वाले कीट के हमले की जाँच करें यदि मौजूद है तो इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid 1.5ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें। धन्यवाद
Posted by Pankaj Negi
West Bengal
09-10-2019 08:54 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by Amrit singh
Punjab
09-10-2019 08:51 AM
ਤੁਸੀ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੀ ਫੀਡ ਘਰ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ 25 ਕਿਲੋ ਮੱਕੀ, 20 ਕਿਲੋ ਕਣਕ, 5-6 ਕਿਲੋ ਸੋਇਆਬੀਨ ਖੱਲ ਅਤੇ 50gm ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਤੁਸੀ ਸਵੇਰੇ-ਸ਼ਾਮ ਮੁਰਗੀਆਂ ਨੂੰ ਦਿਓ, ਇਹ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਦੇ ਖਾਣ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ .

Posted by Triguna Rakesh
Bihar
09-10-2019 08:47 AM
Triguna ji aap mitti ki janch Krishi Vigyan Kendra, Agwanpur, Barh, Patna - 803 213 (Bihar) India se karva sakte hai. iske liye aap 9431266300 par sampark kar sakte hai. dhanywad
Posted by Amrit singh
Punjab
09-10-2019 08:45 AM
ਅੰਮ੍ਰਿਤ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ planofix @4ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ 15 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Nirvair Singh
Punjab
09-10-2019 08:44 AM
Nirvair ji goat da heat period 19-21 tak hunda hai..

Posted by chamkaur singh
Punjab
09-10-2019 08:42 AM
Chamkaur ji tuci iss nu Bovimin-Gl liquid 7ml rojana dena suru kro ehh lambe sme tak deo iss nal frak paa jawega.

Posted by jeevan
Madhya Pradesh
09-10-2019 08:42 AM
jeevan ji kripya btaeye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Gurvinder Singh
Uttarakhand
09-10-2019 08:38 AM
यदि आपने पशुओं के लिए घर में फीड तैयार कर देनी है तो संतुलित खुराक 100 किलो खुराक तैयार करनी है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (.... (Read More)
यदि आपने पशुओं के लिए घर में फीड तैयार कर देनी है तो संतुलित खुराक 100 किलो खुराक तैयार करनी है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किलो , 1 किलो हल्दी इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है.आप उन्हें 35—40 किलो हरा चारा दें

Posted by aKash chaudhary
Uttar Pradesh
09-10-2019 08:37 AM
akash ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by mohanjit singh
Punjab
09-10-2019 08:26 AM
Mohan ji urea ikali nitrogen di poorti kardi hai phosphorus ate potash di poorti layi tuhanu DAP ate MOP di varto karni payegi.dhanwad
Posted by avinash verma
Chattisgarh
09-10-2019 08:25 AM
avinash ji agar isme dhabbe ban na shuru ho rahe hai to iske liye aap folicur@200ml ya pulsor@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.
Posted by jaspreet singh
Punjab
09-10-2019 08:17 AM
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