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Posted by Gursewak Singh Mann
Punjab
10-10-2019 05:22 PM
Maharashtra
10-10-2019 05:40 PM
Soondi di roktham de lyi tuc hari mirch 5 kg , lasan 5 kg, akk de patte 5 kg, sukhchain de patte 5 kg, dhatura 5 kg, arind 5 kg nu 10 leetr gau mootar de vich 4 dina de lyi bhio ke rakho. 4 dina baad ihna pattya nu gau mootar de vich maslo ate 1 din lyi fir iss nu shaawe rakh deo. Iss nu dhakk ke ate shaawe rakhna jruri hunda hai. iss ghol nu kise kpde de nal pun lao ate fir 100 ltr paani de hisaab nal ikk acre de vich iss di spray kro. Iss nal soondi control ho jandi hai.
Posted by nandkishor Kashyap
Uttar Pradesh
10-10-2019 05:20 PM
Punjab
10-10-2019 05:28 PM
नंदकिशोर जी आप इसके ऊपर कीट का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Vinod Kumar Nishad
Uttar Pradesh
10-10-2019 05:20 PM
Maharashtra
10-10-2019 05:30 PM
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी ख.... (Read More)
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव के कारण इसमें गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-alyanpur Red Round: यह उत्तर प्रदेश की प्रसद्धि किस्म है इसकी गांठे भूरे रंग की और गोलाकार आकार की होती हैं इसके पौधे 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 टन प्रति एकड़ होती है Bhima Shakti: यह खरीफ के साथ साथ रबी के मौसम में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म रोपाई के 130 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावारा 170 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Kalyan: इसकी गांठे गहरे गुलाबी रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 135 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa White Round: इसकी गांठे सफेद, गोल और समतल होती हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa white flat: इसकी गांठे सफेद, चपटी और मध्यम से बड़े आकार की होती हैं यह किस्म डीहाइड्रेशन के लिए उपयुक्त है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद
Posted by Husan Cheema
Punjab
10-10-2019 05:16 PM
Maharashtra
10-10-2019 05:19 PM
husan ji isnu tuc 240-720 gram prati paudha pao.dhanwad
Posted by MANEESH SINGH
Uttar Pradesh
10-10-2019 05:08 PM
Maharashtra
10-17-2019 10:58 AM
Maneesh ji aap peeli sarso ki kisme jaise 66-197-3,K-88,T-151 ki bijai kar sakte hai.dhanywad
Posted by Harpal Singh
Punjab
10-10-2019 05:02 PM
Punjab
10-11-2019 03:15 PM
isde lai tuci apne jile de fishery department nal sampark kro ehh fungas infection krke hunda hai..
Posted by banwari meena
Rajasthan
10-10-2019 04:50 PM
Punjab
10-10-2019 05:04 PM
banwari ji girne se fungus ka hamla hone ki sambhavna hai iski roktham ke liye aap tilt @200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by rajendra Sharma
Uttar Pradesh
10-10-2019 04:50 PM
Punjab
10-10-2019 05:06 PM
rajendra ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap konsi fasl ki pattiyan peeli ho rahi hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by makund Sahu
Jharkhand
10-10-2019 04:50 PM
Punjab
10-10-2019 05:07 PM
Makund ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Kavi Shankar Sharma
Rajasthan
10-10-2019 04:47 PM
Punjab
10-17-2019 10:53 AM
कवी जी कपास का रेट 5010 से 5120 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रहा है । धन्यवाद
Posted by ryan
Punjab
10-10-2019 04:34 PM
Maharashtra
10-10-2019 04:57 PM
BL 1 :- ਇਹ ਜਲਦੀ ਉੱਗਣ ਵਾਲੀ ਦਰਮਿਆਨੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਬੂਟਾ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ,ਜੋ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਤੱਕ ਵੀ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾ 380 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ BL 10:- ਇਹ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦੜਵਾੜੇ ਤੱਕ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਤਣੇ ਦੇ ਗਲਣ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਾਰਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ, ਜਿਸ ਦਾ ਝਾੜ 410 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ BL 42.... (Read More)
BL 1 :- ਇਹ ਜਲਦੀ ਉੱਗਣ ਵਾਲੀ ਦਰਮਿਆਨੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਬੂਟਾ ਵਧੀਆ ਪੈਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ,ਜੋ ਮਈ ਦੇ ਅਖੀਰਲੇ ਹਫਤੇ ਤੱਕ ਵੀ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾ 380 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ BL 10:- ਇਹ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦੜਵਾੜੇ ਤੱਕ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਤਣੇ ਦੇ ਗਲਣ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਾਰਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ, ਜਿਸ ਦਾ ਝਾੜ 410 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ BL 42 :- ਇਹ ਜਲਦੀ ਉੱਗਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ, ਜਿਸ ਦਾ ਜੰਮ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਤਣੇ ਦੇ ਗਲਣ ਵਾਲੇ ਰੋਗ ਨੂੰ ਸਹਾਰਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਜੂਨ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਤੱਕ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਝਾੜ 440 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ BL 43: ਇਹ ਅਗੇਤੀ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਹਰੇ ਚਾਰੇ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 390 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by ryan
Punjab
10-10-2019 04:32 PM
Punjab
10-10-2019 04:46 PM
ਰਯਾਨ ਜੀ ਤੇਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ glamore @50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਤੇ ਸੁੰਡੀ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ cartap hydrochloride @170 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by anurag singh
Uttar Pradesh
10-10-2019 04:31 PM
Maharashtra
10-10-2019 04:33 PM
anurag ji aap iske liye aap NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad
Posted by Satish Kumar
Bihar
10-10-2019 04:27 PM
Punjab
10-17-2019 11:21 AM
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का .... (Read More)
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना पड़ेगा किसानों को इसका लाभ पाने के लिए सबसे पहले कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, प्रशासन उसका वेरीफिकेशन करेगा रेवेन्यू रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर देना होगा कोई कन्फ्यूजन है तो अपने लेखपाल से संपर्क कर सकते हैं लेखपाल ही यह वेरीफाई करता है कि आप किसान हैं अगर लेखपाल और कृषि अधिकारी किसी असली किसान को इसका लाभ देने में आनाकानी कर रहे हैं तो सोमवार से शुक्रवार तक पीएम-किसान हेल्प डेस्क (PM-KISAN Help Desk) के ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011-23381092 (Direct HelpLine) पर फोन करें आॉनलाइन आवेदन करते समय किसान को अपना आधार कार्ड नंबर, मतदाता पहचान पत्र और बैंक से संबंधित यानी कि बैंक खाता संख्या पास होना जरूरी है इसके अलावा अगर किसान एससी/एसटी वर्ग से है तो उसके लिए उसे सर्टिफिकेट देना होगा इसके बाद आपको अपनी जानकारी देने होगी जैसे कि पिता का नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, खेती की जानकारी जैसे- खेत का आकार, कितनी जमीन है आदि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का ऑफलाइन आवेदन करने के लिए किसानों को ग्राम पंचायत या फिर पास के सीएससी सेंटर जाना होगा वहां पर जाने के बाग आपको फार्म दिए जाएंगे, जिन्हें आपको भरना होगा कैसे पता चलेगा कि आपका नाम रजिस्टर हो चुका हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फार्म भरने के बाद जो भी लाभकारी किसान हैं, उनके नामों की लिस्ट पंचायत पर लगाई जाएगी इसके अलावा जिन किसानों को उसका लाभ मिलना है उनके मोबाइल पर भी एसएसएस भेजा जाएगा
Posted by surender chahar
Haryana
10-10-2019 04:16 PM
Maharashtra
10-10-2019 04:43 PM
सुरेंद्र जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप tilt @200ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by akash singh
Punjab
10-10-2019 04:14 PM
Punjab
10-17-2019 11:29 AM
amrik ji eh 5% tak maujood hundi hai .dhanwad
Posted by Avinash Kabiriya
Madhya Pradesh
10-10-2019 03:53 PM
Punjab
03-16-2020 08:23 PM
यदि आप मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है मक्खी फार्म के पास जी टी रोड, रेलवे लाइन्स तथा टेलीफोन या बिजली की तारों का जाल न हो फूलों से मक्खियों को नैक्टर (फूलों का रस ) तथा पोलन मिलता है, जो की मक्खियों की खुराक होते हैं अधिक शहद इकठा करने के लिए फूलों वाली मुख्य .... (Read More)
यदि आप मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है मक्खी फार्म के पास जी टी रोड, रेलवे लाइन्स तथा टेलीफोन या बिजली की तारों का जाल न हो फूलों से मक्खियों को नैक्टर (फूलों का रस ) तथा पोलन मिलता है, जो की मक्खियों की खुराक होते हैं अधिक शहद इकठा करने के लिए फूलों वाली मुख्य फसलें सरसों, तोरियां, राया, गोभी,सरसों, सफेदा,बरसीम, सूरजमुखी, लीची, अरहर, टाहली, कपास आदि हैं जिन इलाकों में यह फूलके स्रोत के समय समय पर मिलते हैं उन इलाकों में इस व्यवसाय को बहुत कामयाबी के साथ अपनाया जाता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं, बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा. इसकी ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केन्द्र से संपर्क कर सकते है
Posted by Shiv Narayan Sahu
Uttar Pradesh
10-10-2019 03:50 PM
Maharashtra
10-10-2019 05:26 PM
बिजाई से पहले बीजों को कप्तान या थीरम 3 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज या कार्बेनडाज़िम 2.5 ग्राम से प्रति किलोग्राम बीजों का उपचार करें रासायनिक तरीके से उपचार के बाद बीजों की अच्छी पैदावार लेने के लिए उन्हें एक बाद राइज़ोबियम लैगूमीनोसोरम से उपचार करें इसमें 10 प्रतिशत चीनी या गुड़ का घोल होता है इस घोल को बीजों प.... (Read More)
बिजाई से पहले बीजों को कप्तान या थीरम 3 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज या कार्बेनडाज़िम 2.5 ग्राम से प्रति किलोग्राम बीजों का उपचार करें रासायनिक तरीके से उपचार के बाद बीजों की अच्छी पैदावार लेने के लिए उन्हें एक बाद राइज़ोबियम लैगूमीनोसोरम से उपचार करें इसमें 10 प्रतिशत चीनी या गुड़ का घोल होता है इस घोल को बीजों पर लगाएं और फिर बीज को छांव में सुखाएं इससे 8-10 प्रतिशत पैदावार में वृद्धि होती है दीमक की रोकथाम के लिए आप chlorpyriphos @4ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by shivendra Kumar
Uttar Pradesh
10-10-2019 03:43 PM
Punjab
10-17-2019 11:33 AM
Posted by pardeep jarwal
Haryana
10-10-2019 03:42 PM
Maharashtra
10-10-2019 04:39 PM
प्रदीप जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by akash kumar
Uttar Pradesh
10-10-2019 03:42 PM
Punjab
10-14-2019 04:00 PM
मक्खन घास की बुवाई अक्तूबर-दिसंबर के महीनों में की जाती है, अगर इसकी बुवाई अकेले करनी है तो 1.25-1.5 किलोग्राम और अगर किसी फसल के साथ बुवाई करनी है तो 0.50-0.75 किलोग्राम बीज डालें, मक्खन घास की बुवाई कतारों में 30 से. मी. के प्लाट में की जाती है, इसकी बुवाई छींटा देकर, मशीन के साथ या हाथों के साथ कर सकते हैं, अंकुरण के लिए बे.... (Read More)
मक्खन घास की बुवाई अक्तूबर-दिसंबर के महीनों में की जाती है, अगर इसकी बुवाई अकेले करनी है तो 1.25-1.5 किलोग्राम और अगर किसी फसल के साथ बुवाई करनी है तो 0.50-0.75 किलोग्राम बीज डालें, मक्खन घास की बुवाई कतारों में 30 से. मी. के प्लाट में की जाती है, इसकी बुवाई छींटा देकर, मशीन के साथ या हाथों के साथ कर सकते हैं, अंकुरण के लिए बेड पर नमी बनाए रखें, साधारण हालातों में अंकुरण 10 से 14 दिनों में शुरू हो जाता है और 18 दिनों में पूरा हो जाता है, इसकी जड़ें 4 से 6 सप्ताह में विकसित हो जाती हैं, ज़मीन की तैयारी के समय 15-20 टन रूड़ी की खाद डालें, अन्य खाद बुवाई से पहले डालें: नाइट्रोजन 30 किलोग्राम प्रति एकड़, फास्फोरस 20 किलोग्राम प्रति एकड़, हरेक कटाई के बाद 30 किलोग्राम नाइट्रोजन डालें, पहली सिंचाई बुवाई के तुरंत बाद करें, दूसरी सिंचाई बुवाई के 5 से 6 दिन बाद और फिर 10 दिनों के अंतराल पर ज़रूरत के अनुसार सिंचाई करते रहें, पहली सिंचाई के बाद हाथ से गोढ़ाई करें और 20 किलोग्राम नाइट्रोजन डालेंइसका बीज लेने के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by shivendra Kumar
Uttar Pradesh
10-10-2019 03:41 PM
Punjab
10-12-2019 05:42 PM
शिवेंद्र जी यह फंगस के कारण होता है इसके लिए आप tilt @200ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by shivendra Kumar
Uttar Pradesh
10-10-2019 03:38 PM
Maharashtra
10-17-2019 12:04 PM
शिवेंद्र जी यह फंगस है इसकी रोकथाम के लिए आप tilt @200ml को प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Jaswant singh
Punjab
10-10-2019 03:35 PM
Punjab
10-10-2019 05:58 PM
jaswant ji kanak da desi beej lain layi tuc Rajeev Gupta 9814800554 ji nal sampark kar sakde ho.dhanwad
Posted by Jaswant singh
Punjab
10-10-2019 03:27 PM
Punjab
10-10-2019 03:37 PM
jaswant ji tuc oranic kanak lain de layi rajinderpal singh 9417337602 ji nal sampark kar sakde ho.dhanwad
Posted by Bhupendra Singh
Madhya Pradesh
10-10-2019 03:25 PM
Maharashtra
10-10-2019 03:39 PM
मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई .... (Read More)
मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें
Posted by avtar Singh
Punjab
10-10-2019 03:24 PM
Punjab
10-10-2019 05:00 PM
BhaaG kal tak taaran dekho je kal nu taaran kare iss nu dubara nawi karwa lyo Rajwa hara chaara dio te har 3kg dudh lai 1kg wadhya feed pao hor kuj ni karna
Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
10-10-2019 03:24 PM
Punjab
10-10-2019 05:39 PM
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ .... (Read More)
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Posted by Bhupendra Singh
Madhya Pradesh
10-10-2019 03:23 PM
Maharashtra
10-10-2019 05:45 PM
मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और फिर आवश्यकता अनुसार 10-15 दिनों के फासले पर सिंचाई करें
Posted by shashi
Haryana
10-10-2019 03:15 PM
Maharashtra
10-10-2019 05:51 PM
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौध.... (Read More)
मोटे आलुओं की पैदावार के लिए 13:0:45 की 2 किलो और मैगनीश्यिम ई डी टी ए 100 ग्राम प्रति एकड़ की स्प्रे करें बीमारियों के हमले को रोकने के लिए फंगसनाशी प्रॉपीनेब 3 ग्राम प्रति लीटर पानी डालें आलुओं का आकार और गिणती बढ़ाने के लिए हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत) 3 ग्राम + एम ए पी 12:61:0 की 8 ग्राम या डी ए पी 15 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे पौधे की वृद्धि के समय करें
Posted by रुगनाथ भागीरथजी ईशरवाल
Rajasthan
10-10-2019 02:57 PM
Punjab
10-11-2019 02:33 PM
आप उन्हें Bendikind plus bolus पेट के कीड़ों के लिए दें, इसके साथ आप Agrimin powder 100gm रोज़ाना दें और Ovumin advance bolus रोज़ाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहे, इससे हीट में आ जाएगी..
Posted by gajanan
Maharashtra
10-10-2019 02:50 PM
Punjab
10-10-2019 05:52 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by harpreet singh
Punjab
10-10-2019 02:48 PM
Punjab
10-11-2019 05:38 PM
Harpreet singh ji isdi bijai di sarkar valo kanuni taur te mnahi hai punjab vich isdi kheti nahi kiti jandi.dhanwad
Posted by रुगनाथ भागीरथजी ईशरवाल
Rajasthan
10-10-2019 02:42 PM
Maharashtra
10-11-2019 02:12 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें
Posted by Manoj Awasthi
Uttar Pradesh
10-10-2019 02:36 PM
Maharashtra
10-10-2019 05:56 PM
manoj ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by harpreet singh
Punjab
10-10-2019 02:34 PM
Maharashtra
10-10-2019 04:41 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਖਸ ਖਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦੀ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by nadeem
Bihar
10-10-2019 02:31 PM
Punjab
10-11-2019 03:16 PM
Nadeem ji machlio ko woh chijj deni chahiye jisme jyada matra mai protein hoti hai isse unki jldi growth hoti hai..
Posted by imaran
Uttar Pradesh
10-10-2019 02:31 PM
Maharashtra
10-10-2019 05:58 PM
यह एक महत्वपूर्ण सब्जी की फसल है जिसको ग्रीन हाउस या शेड नेट हाउस में उगाया जाता है इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निक.... (Read More)
यह एक महत्वपूर्ण सब्जी की फसल है जिसको ग्रीन हाउस या शेड नेट हाउस में उगाया जाता है इसकी खेती के लिए 18-35° सै. मिट्टी का तापमान होना आवश्यक है इसके अच्छे विकास के लिए विभिन्न प्रकार की चिकनी से दोमट मिट्टी में इसकी खेती करें यह कुछ हद तक तेज़ाबी मिट्टी में उगाई जा सकती है यह रेतली दोमट मिट्टी और पानी के अच्छे निकास में बढ़िया परिणाम देती है शिमला मिर्च की खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-Bomby (red color),Orobelle (yellow color),Indra (green).शिमला मिर्च की खेती के लिए, ज़मीन को अच्छी तरह से तैयार करें ज़मीन को भुरभुरा बनाने के लिए, 5-6 बार सुहागे से जोताई करें खेत की तैयारी के समय खेत में रूड़ी की खाद डालें और मिट्टी में मिलाएं बीजों को मुख्य तौर पर अक्तूबर के अंत में बोयें और रोपण के लिए मध्य-फरवरी का समय उचित होता है जल्दी पैदावार के लिए, बीजों को मध्य-अक्तूबर में बोयें और रोपण के लिए नवंबर के अंत का समय उचित होता है बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति में 50 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 40 सैं.मी. का फासला रखें बीज को 2-4 सैं.मी. गहरा बोयें .प्लास्टिक शीट की मदद से सुरंगी खेती: शिमला मिर्च की अगेती पैदावार के लिए गर्मियों के शुरू में इस विधि का प्रयोग किया जाता है यह दिसंबर से मध्य-फरवरी महीने के ठंडे मौसम में फसल की सुरक्षा करने में सहायता करती है बिजाई के समय कतार से कतार में 130 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 30 सैं.मी. का फासला रखें बिजाई से पहले 45-60 सैं.मी. लम्बे डंडों को मिट्टी में स्थापित करें खेत को प्लास्टिक शीट से (100 गेज मोटाई) डंडों की सहायता से लगाएं फरवरी के महीने में सही तापमान होने पर प्लास्टिक शीट को हटा दें 2. गड्डे खोद कर बीज लगाकर भी इसकी खेती की जाती है बीज की मात्रा:-एक एकड़ खेत के लिए 200-300 बीजों का प्रयोग करें बीज का उपचार मिट्टी से होने वाली बीमारीयों से बचाने के लिए बिजाई से पहले थीरम या कप्तान, सिरेसन आदि 2 ग्राम में प्रति किलो बीजों को भिगोएं शिमला मिर्च की खेती के लिए, सबसे पहले नर्सरी बैडों को तैयार करें नए पौधे लगाने के लिए 300 x 60 x 15 सैं.मी. आकार के सीड बैड तैयार करें बीजों को तैयार किये गए बैडों पर बोयें और बिजाई के बाद नर्सरी बैडों को मिट्टी की पतली परत से ढक दें बीजों के उचित अंकुरण के लिए बिजाई के बाद तैयार बैडों पर हल्की सिंचाई करें जब पौधे के 4-5 पत्ते निकलने शुरू हो जाये तो आरोपण करें मुख्य खेत में आरोपण किया जाता है आरोपण आमतौर पर बरसात के मौसम में किया जाता है आरोपण के लिए मुख्यतः 50-60 दिनों की पौध का प्रयोग किया जाता है आरोपण से पहले नर्सरी बैडों को पानी लगाएं ताकि पौधे को आसानी से उखाड़ा जा सके खेत की तैयारी के समय, 20-25 टन प्रति एकड़ रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं रूड़ी की खाद के साथ, नाइट्रोजन 50 किलो( यूरिया 110 किलो), फासफोरस 25 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 175 किलो) और पोटाशियम 12 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें पोटाशियम, फासफोरस की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन 1/3 हिस्सा रोपण से पहले कतारों में खाद के रूप में मिलाएंऔर बाकी बची हुई नाइट्रोजन को दो बराबर हिस्सों में डालें पहली खुराक रोपण के एक महीने बाद और दूसरी रोपण के दो महीने के बाद डालें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए, उचित समय के अंतराल पर गोड़ाई करें नए पौधों के रोपण के 2-3 हफ्ते बाद मेंड़ पर मिट्टी चढ़ाएं यह खेत को नदीन मुक्त करने में मदद करती है रोपण के 30 दिनों के बाद पहली गोड़ाई और 60 दिनों के बाद दूसरी गोड़ाई करें बिजाई के बाद तुरंत हल्की सिंचाई करें अगली सिंचाई रोपण के तुरंत बाद करें और फिर आवश्यकता के अनुसार सिंचाई करें शुष्क और अर्ध शुष्क क्षेत्रों में सिंचाई उचित अंतराल पर आवश्यक होती है अपरिपक्व हरे फल कटाई के लिए तैयार होते है अपरिपक्व फल नर्म और कुरकुरे कटाई के लिए बढ़िया होते है शिमला मिर्च की औसतन पैदावार मुख्य तौर 40-50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by Duman Ji
Himachal Pradesh
10-10-2019 02:29 PM
Rajasthan
10-10-2019 03:44 PM
यदि घास बडी हो गयी है तब इलेक्ट्रिक में falcon की है और पेट्रोल में 52cc matika कंपनी की
Posted by vikas
Rajasthan
10-10-2019 02:27 PM
Punjab
10-10-2019 04:53 PM
bhai sahib ise 1kg gahun ka dalia 500g gur mein rinh ke swere or itna hee shaam ko 7 din khilyae peit bhar har chara or har 3kg dudh ke lie bhens ko 1kg bdhiya feed den or har 3 mahine ke bad pet ke kide nikaalne wali dwa de.
Posted by GURMUKH singh
Punjab
10-10-2019 02:25 PM
Maharashtra
10-11-2019 01:50 PM
HD3226 da seed len lai tusi Punjab Seed Company, Gidderbaha 9814130982 nal samparak kar sakde ho.isda jhaad 22-26 quintal prati acre hai.dhanwad
Posted by Anjali Joshi
Madhya Pradesh
10-10-2019 02:15 PM
Maharashtra
10-10-2019 02:21 PM
ह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षे.... (Read More)
ह कई तरह की मिट्टी में उगाई जाती है इसकी पैदावार के लिए नमकीन, क्षारीय और पानी खड़ा होने वाली मिट्टी से बचाव करें यह बढ़िया निकास वाली मिट्टी जिसमे बढ़िया जैविक तत्व मौजूद हों, में बढ़िया परिणाम देती है इसके बढ़िया विकास के लिए मिट्टी का pH 5.5-7 होना चाहिए Drudriha Tulsi: यह मुख्य रूप से बंगाल, नेपाल, चटगांव और महाराष्ट्र क्षेत्रों में पाई जाती है यह गले को सूखेपन से राहत देता है यह हाथों, पैरों और गठिया की सूजन से आराम देता है Ram/Kali Tulsi (Ocimum canum): यह चीन, ब्राज़ील, पूर्व नेपाल और साथ ही बंगाल, बिहार, चटगांव और भारत के दक्षिणी क्षेत्रों में पाई जाती है इसका तना जामुनी और पत्ते हरे रंग के और बहुत ज्यादा सुगंधित होते है इसमें उचित मात्रा में औषधीय गुण जैसे ऐज़ाडिरैकटिन, ऐंटीफंगल , ऐंटीबैक्टीरियल, और पाचन तंत्र को ठीक रखती है यह गर्म क्षेत्रों में बढ़िया उगता है Babi Tulsi: यह पंजाब से त्रिवेंद्रम, बंगाल और बिहार में भी पाई जाती है इसका पौधा 1-2 फीट लम्बा होता है पत्ते 1-2 इंच लम्बे, अंडाकार और नुकीले होते है इसके पत्तों का स्वाद लौंग की तरह और सब्जियों में स्वाद के लिए प्रयोग किया जाता है तुलसी की खेती के लिए, अच्छी तरह से शुष्क मिट्टी की मांग की जाती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक हैरो के साथ खेत की जोताई करें, फिर रूड़ी की खाद मिट्टी में मिलाएं तुलसी की रोपाई सीड बैड पर करें फरवरी के तीसरे महीने में नर्सरी बैड तैयार करें पौधे के विकास के अनुसार, 4.5 x 1.0 x 0.2 मीटर के सीड बैड तैयार करें बीजों को 60x60 सैं.मी. के फैसले पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के 6-7 हफ्ते बाद, फसल की रोपाई खेत में करें तुलसी की खेती के लिए 120 ग्राम बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें फसल को मिट्टी से पैदा होने वाली बीमारीयों से रोकथाम के लिए, बिजाई से पहले मैनकोजेब 5 ग्राम प्रति किलोग्राम से बीजों का उपचार करें फसल की बढ़िया पैदावार के लिए बिजाई से पहले 15 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में डालें तुलसी के बीजों को तैयार बैडों के साथ उचित अंतराल पर बोयें मानसून आने के 8 हफ्ते पहले बीजों को बैड पर बोयें बीजों को 2 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के बाद, रूड़ी की खाद और मिट्टी की पतली परत बीजों पर बना दें इसकी सिंचाई फुवारा विधि द्वारा की जाती है रोपाई के 15-20 दिनों के बाद, नए पौधों को तंदरुस्त बनाने के लिए 2% यूरिया का घोल डालें 6 हफ्ते पुराने और 4-5 पत्तों के अंकुरण होने पर अप्रैल के महीने में नए पौधे तैयार होते है तैयार बैडों को रोपाई 24 घंटे पहले पानी लगाएं ताकि पौधों को आसानी से उखाड़ा जा सकें और रोपाई के समय जड़ें मुलायम और सूजी हुई हो खेत की तैयारी के समय, रूड़ी की खाद को मिट्टी में मिलाएं खाद के तौर पर नाइट्रोजन 48 किलो(यूरिया 104 किलो), फासफोरस 24 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो(मिउरेट 40 किलो) प्रति एकड़ में डालें नए पौधे लगाने के समय नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफेट पेंटोऑक्साइड की पूरी मात्रा शुरुआती समय में डालें Mn 50 पी पी एम कंसंट्रेशन और Co@100 पी पी एम कंसंट्रेशन सूक्ष्म-तत्व डालें बाकी की बची हुई नाइट्रोजन को 2 हिस्सों में पहली और दूसरी कटाई के बाद डालें खेत को नदीनों से मुक्त करने के लिए कसी की मदद से गोड़ाई करें नदीनों की रोकथाम कम न होने पर यह फसल को नुकसान पहुंचाते है रोपण के एक महीने बाद पहली गोड़ाई और पहली गोड़ाई के चार हफ्ते बाद दूसरी गोड़ाई करें रोपण के दो महीने बाद कसी से अनुकूल गोड़ाई करें गर्मियों में, एक महीने में 3 सिंचाइयां करें और बरसात के मौसम में, सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती एक साल में 12-15 सिंचाइयां करनी चाहिए पहली सिंचाई रोपण के बाद करें और दूसरी सिंचाई नए पौधों के स्थिर होने पर करें 2 सिंचाइयां करनी आवश्यक है और बाकी की सिंचाई मौसम के आधार पर करें इसके मंडीकरण के लिए आप Aushadhiya kheti vikas sansthan 6268536795 से संपर्क कर सकते हैं
Posted by gourav
Punjab
10-10-2019 02:13 PM
Posted by makund Sahu
Jharkhand
10-10-2019 02:09 PM
Maharashtra
10-10-2019 02:14 PM
खेत की दो-तीन बार जोताई करें. खेत में से पिछली फसल के बचे कुचे हिस्से निकालें और खेत नदीनों से रहित करें प्रत्येक जोताई के बाद सुहागा फेरें खेत की तैयारी के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद 5-10 टन प्रति एकड़ में डालें अच्छी तरह से ना गली गली हुई रूड़ी की खाद को ना डालें इससे जड़ें दोमुंही हो जाती हैं