
Posted by Ramakant Shrivastav
Uttar Pradesh
12-10-2019 08:40 AM
Ramakant ji sabse jyada rate 1121 aur 1509 kisam ka hota hai.aap iski bijai kar sakte hai. dhan ki bijai ka smay 15 july se shuru ho jata hai.dhanywad

Posted by chandrakesh
Uttar Pradesh
12-10-2019 08:39 AM
चंद्रकेश जी यह फंगस के कारण हो रहे है इसके लिए आप इसके ऊपर मैंकोजेब@400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Harpreet Singh
Punjab
12-10-2019 08:34 AM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਜੀ ਇਹ ਫੰਗਸ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ tilt @200 ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by hemant patel
Madhya Pradesh
12-10-2019 08:34 AM
पटेल जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by vinod
Uttar Pradesh
12-10-2019 08:33 AM
Fruit and Shoot Borer: It is one of the major and serious insect pests of brinjal. A short pinkish caterpillar bores into the terminal shoot and eats internal tissue in initial stages, later it bores into the young fruit. The large holes can be seen on the infected fruits. The insect affected fruits become unfit for consumption.
Scout field every week after transplanting for fruit and shoot borer infestation. Remove and destroyed infected fruits. Take spray of Triazophos@20ml/10Ltr water and Neem extract@50gm/Ltr, one month after transplanting. Repeat spray with interval of 10-15 days. When crop is in flowering stage take spray of Chlorantraniliprole 18.5%SC (Coragen)@5ml+Teepol@5ml in 12 Ltr of water, twice with 20 days interval.
In initial stage of infestation, take spray of 5% Ne.... (Read More)
Fruit and Shoot Borer: It is one of the major and serious insect pests of brinjal. A short pinkish caterpillar bores into the terminal shoot and eats internal tissue in initial stages, later it bores into the young fruit. The large holes can be seen on the infected fruits. The insect affected fruits become unfit for consumption.
Scout field every week after transplanting for fruit and shoot borer infestation. Remove and destroyed infected fruits. Take spray of Triazophos@20ml/10Ltr water and Neem extract@50gm/Ltr, one month after transplanting. Repeat spray with interval of 10-15 days. When crop is in flowering stage take spray of Chlorantraniliprole 18.5%SC (Coragen)@5ml+Teepol@5ml in 12 Ltr of water, twice with 20 days interval.
In initial stage of infestation, take spray of 5% Neem extract@50gm/Ltr. If infestation is seen in field take sprayed of 25% Cypermethrin@2.4 ml/10Ltr of water on affected crops. For high population spray Spinosad@1ml/Ltr of water. Avoid spraying of Triazophos or any other insecticide after fruit maturation and harvest.

Posted by सुरेंद्र
Uttar Pradesh
12-10-2019 08:31 AM
सुरेंद्र जी आप सब्जियां जैसे गाजर, शलगम, फूलगोभी, आलू, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, कोहीराबी, धनिया, सौंफ के बीज, राजमा, मटर, ब्रोकोली, सलाद, बैंगन, हरी प्याज, ब्रसल्स स्प्राउट, लहसुन की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by suraj
Haryana
12-10-2019 08:30 AM
Suraj ji dhan me daane kaale fungus de karn ho reha hai iske liye tilt@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by jaskaran singh
Punjab
12-10-2019 08:19 AM
jaskarn ji eh daane kaale fungus de karn ho rahe han isde layi tuc tilt@200ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by jasveer singh
Punjab
12-10-2019 08:14 AM
Jasveer ji eh fungus de karn hundi hai isde layi tuc folicur@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Deva Kshatriya
Uttar Pradesh
12-10-2019 08:12 AM
श्रीमान जी, पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है ऊंचे .... (Read More)
श्रीमान जी, पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े से लेकर नवंबर का पहला पखवाड़ा है जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 दिसंबर से 20 दिसंबर का समय उचित है निचले पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर मध्य नवंबर तक का है जबकि पिछेती बिजाई के लिए नवंबर का दूसरा पखवाड़ा उचित समय है धन्यवाद
Posted by Deva Kshatriya
Uttar Pradesh
12-10-2019 08:10 AM
पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें
पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है
ऊंचे पहाड़ी क्.... (Read More)
पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें
पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है
ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े से लेकर नवंबर का पहला पखवाड़ा है जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 दिसंबर से 20 दिसंबर का समय उचित है
निचले पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर मध्य नवंबर तक का है जबकि पिछेती बिजाई के लिए नवंबर का दूसरा पखवाड़ा उचित समय है
Posted by SHUBHAM RANA
Madhya Pradesh
12-10-2019 07:40 AM
Shrimaan ji, iske adhik utpadan ke liye ap NPK 191919 @ 10 gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Harpinder Sandhu
Punjab
12-10-2019 07:38 AM
ਪਪੀਤੇ ਦਾ ਜੇਕਰ ਇਹੋ ਜਾ ਹਾਲ ਹੈ ਤਾਂ ਇਸਨੂੰ ਪੁੱਟ ਕੇ ਦੂਰ ਸੁਟਿਆ ਜਾਵੇ,ਦੂਜਿਆ ਪੌਦਿਆ ਤੇ ਕਾਰਬਨਡਾਈਜਮ ਤੇ ਮੈਨਕੋਜੈਬ ਦੀ ਸਪਰੇ ਵਕਫ਼ੇ ਪਿੱਛੋਂ ਕਰੋ
Posted by Mohammad Belal
Uttar Pradesh
12-10-2019 07:34 AM
Shrimaan ji, khet mein bijai se pehle iska istemal karein, dhanywad
Posted by Raman Ghoshal Arijit
Uttar Pradesh
12-10-2019 07:34 AM
Shirmaan ji, ap gehun ki kisme jaise ke WH 896, PBW 373, PBW 343,HD 2643, UP 2425, PBW 443, DBW 14, NW 2036, MACS 6145, HD 2824, PBW 524, PBW 502, PBW 291, 524, HD 2864, HI 8627, K9001, K-9162, k-8434, halna, naina, UP 2338 ki biaji kar sakte hain, iska 40 kg beej prati acre ke hisaab se dalta hai, dhanywad
Posted by Mohammad Belal
Uttar Pradesh
12-10-2019 07:34 AM
Shrimaan ji, mitti ki janch ap apne paas ke KVK jo ke Sam Higginbottom University of Agriculture,Technology & Sciences , P.O.: Allahabad Agricultural Institute, Distt.- Allahabad - (U.P.) INDIA , PIN - 211 007, Tel. No.: 0532-2696541 par karwa sakte hain, iske liye ap mitti ko apne jammen ke charo kono se le or ik sample jameen ke beech mein se bhi lein, ap V shaped cut lga kar sample lein, sample lene ke liye mitti ki upar ki prt hta dein , sabhi jagah se sample le kar unhey mix kar dein, mix kar ke shaya mein thodi der sukhayein or fir ise KVK mein le jae, dhanywad

Posted by pankaj Kumar
Uttar Pradesh
12-10-2019 07:31 AM
Shrimaan ji, isme sundi ka hamla check karein, agar mojood ho to isme cartap hydrochloride @ 170 gm prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Balamsingh
Rajasthan
12-10-2019 07:30 AM
खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आध.... (Read More)
खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें

Posted by Ravinder Paliwal
Rajasthan
12-10-2019 07:29 AM
रविंदर जी इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @1.5 ml को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by amar singh
Uttar Pradesh
12-10-2019 07:25 AM
Amar ji aap iski roktham ke liye tilt @200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
12-10-2019 07:21 AM
ਬਰਸੀਮ ਦੀ ਕੁਆਲਟੀ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਕਿ ਤੁਸੀ ਕਹਿੜੀ ਵਰਾਇਟੀ ਬੀਜੀ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਹਰੇ ਦਾ ਝਾੜ ਪੁੱਛ ਰਹੇ ਹੋ ਜਾ ਬੀਜ ਦਾ
Posted by ਨੀਟੂ ਗਰੇਵਾਲ
Punjab
12-10-2019 07:20 AM
ਨੀਟੂ ਜੀ ਝੋਨੇ ਦਾ ਰੇਟ 1815 -35 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by amar singh
Uttar Pradesh
12-10-2019 07:15 AM
amar ji aap iski roktham ke liye tilt@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Rahul kumar
Uttar Pradesh
12-10-2019 07:15 AM
rahul ji makdi ki roktham ke liye aap imidacloprid@1.5ml ko prati litre aur sundi ki roktham ke liye quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Kuldip Chandel
Himachal Pradesh
12-10-2019 07:09 AM
अभी आप गाजर मूली शलगाम मेथा मेथी पालक onion सरसों चकूँडेर बरोकाली लगा सकते है
Posted by pratap singh
Madhya Pradesh
12-10-2019 06:59 AM
आप गेंहू की किस्मे जैसे MP-4010,JW 1203 ,JW 1215 ,MP 3288 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Ajay Kumar
Uttar Pradesh
12-10-2019 06:56 AM
ajay ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by kishan Singh
Madhya Pradesh
12-10-2019 06:56 AM
किशन जी मौसम विभाग के अनुसार इस हफ्ते बारिश होने की सम्भावना नहीं है धन्यवाद
Posted by chandan kumar
Bihar
12-10-2019 06:52 AM
chandan ji yeh pani khaara hone ke karn ho rahe hai iske uper aap copper oxychloride@3 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanwyad

Posted by Sushil Kumar
Rajasthan
12-10-2019 06:50 AM
shrimaan g moong ki fasal mein beejayi ke time ke according hi fall ayega..Eske better yield ke liye NPK 13.O.45 @1 kg per acre ka spray kr skte ho g..
Posted by chandan kumar
Bihar
12-10-2019 06:47 AM
chandan ji kripya btaye ke aapne isme kya kya khaad daali hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad

Posted by jasmant Chaudhary
Uttar Pradesh
12-10-2019 06:28 AM
jasmant ji dhan ka rate 1815-35 rupaye prati quintal ke hisab se chal raha hai.dhanywad
Posted by कैलाश चंद
Rajasthan
12-10-2019 06:23 AM
कैलाश चंद जी आप अपनी बकरी की एड हमारी दूसरी एप अपनी खेती खरीदो/बेचो पर अपलोड कर सकते है वहां आपको बकरी खरीदने वाले कई किसान मिल जाएगे
Posted by Hargbinder singh
Punjab
12-10-2019 05:27 AM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਇਹ ਸਰਟੀਫਾਇਡ ਬੀਜ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਗੁਣਵੱਤਾ ਵੀ ਵਧੀਆ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀਂ ਇਹ ਬੀਜ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by H.R. chakravarty
Jharkhand
12-10-2019 05:08 AM
बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइ.... (Read More)
बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें
पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें
बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें
फसल को फसल को बैक्टीरियल सूखे से बचाने के लिए रोपाई से पहले नए पौधों को स्ट्रैपटोसाइकलिन घोल 100 पी पी एम में मिलाकर 5 मिनट के लिए भिगोयें

Posted by डॉ राज ठाकुर नैनपुर 481776 जिला मंडला
Madhya Pradesh
12-10-2019 02:40 AM
स्टीविया से हमें शूगर मिलती है हमें इसके पत्तों से ज़ीरो कैलोरी स्वीटनेस मिलती है जो कि यह शूगर से ज्यादा मीठे होते हैं भारत में इसकी 2 किस्में लगायी जाती हैं mds 14औरmds 13 इसके लिए तापमान 30 डिगरी सेल्सियस से 32 डिगरी सेल्सियस चाहिए पंजाब में धान की काश्त ज्यादा होने के कारण ज़मीन निचले पानी का स्तर नीचे जाना बड़ी चि.... (Read More)
स्टीविया से हमें शूगर मिलती है हमें इसके पत्तों से ज़ीरो कैलोरी स्वीटनेस मिलती है जो कि यह शूगर से ज्यादा मीठे होते हैं भारत में इसकी 2 किस्में लगायी जाती हैं mds 14औरmds 13 इसके लिए तापमान 30 डिगरी सेल्सियस से 32 डिगरी सेल्सियस चाहिए पंजाब में धान की काश्त ज्यादा होने के कारण ज़मीन निचले पानी का स्तर नीचे जाना बड़ी चिंता का विषय है पंजाब की जलवायु मुताबिक रेतली और कंडियाली क्षेत्र क धरती इस फसल के लिए अधिक लाभदायक है इस फसल को पानी बहुत कम लगता है और एक बार पौधे लगाने के बाद 5 साल फसल की कटाई ही करनी होती है पहली फसल की कटाई तीन महीनों के बाद होने के कारण किसानों को आमदन जल्दी शुरू हो जाती है एक एकड़ ज़मीन में 30 से 40 हज़ार पौधे लगते हैं महत्तवपूर्ण तथ्य यह है कि इस फसल पर कीटनाशक या नदीननाशक दवाईयों का प्रयोग नहीं होता यूरिया या डी ए पी खाद के स्थान पर सिर्फ रूड़ी की खाद का ही प्रयोग होता है इस तरह से कुदरती खेती का हिस्सा भी कहा जा सकता है स्टीविया के पौधे में मीठास होने के काराण पशु भी मुंह नहीं लगाते यह फसल कम से कम एक कनाल रकबे में भी लगायी जा सकती है पर यदि 5 एकड़ में लगायी जाये तो भारत सरकार कुल लागत का 40 फीसदी सब्सिडी भी देती है फसल को प्रफुल्लित करने के लिए सरकार लगा रही ज़ोर इसलिए कंडियाली क्षेत्र के किसानों को स्टीविया लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है इसके बीज लेने के लिए आप Vivesh Sharma 9826556880 से संपर्क कर सकते है धन्यवाद

Posted by Shivam singh
Uttar Pradesh
12-10-2019 02:40 AM
शिवम् जी आप गेंहू की किस्मे जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है
PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है
PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक.... (Read More)
शिवम् जी आप गेंहू की किस्मे जैसे WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है
PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है
PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है
UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है
PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है
DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं
NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं
MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है
HD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है
PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है
PDW-291: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है
PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है
HD-2864: यह सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधी और ताप को सहनेयोग्य किस्म है
HI-8627: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह धारीदार कुंगी और पैर गलन के प्रतिरोधक किस्म है
Ujiar(K-9006): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके दाने अर्द्ध सख्त और सुनहरी होते हैं यह किस्म करनाल बंट के प्रतिरोधक किस्म है
Gangotri(K-9162): यह जल्दी पकने वाली और सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है
Prasad (K-8434): यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर और नमक वाली और क्षारीय मिट्टी में बोने के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है यह 115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने अर्द्ध सख्त, सुनहरी होते हैं यह किस्म पत्ता झुलस रोग, करनाल बंट और झूठी कांगियारी को सहनेयोग्य किस्म है
Halna (K-7903): यह सिंचित क्षेत्रों में पिछेती और बहुत देर से उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म नमक वाली मिट्टी के साथ साथ क्षारीय मिट्टी में उगाने के लिए उपयुक्त है इसके दाने सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं यह किस्म सभी प्रकार की कुंगियों के प्रतिरोधक किस्म है यह पत्ता झुलस रोग और करनाल बंट को भी सहनेयोग्य किस्म है
Naina (K-9533): यह सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है इसके दाने सुनहरी रंग के और अर्द्ध सख्त होते हैं यह सभी प्रकार की कुंगियों के प्रतिरोधक किस्म है यह पत्ता झुलस रोग और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है

Posted by Shivam singh
Uttar Pradesh
12-10-2019 02:38 AM
Shivam ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ya boron@100 gram nu prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by GULZAR SINGH
Punjab
12-10-2019 12:58 AM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by Anup
Jharkhand
11-10-2019 11:06 PM
अनूप जी इसके बारे में जानकारी के लिए आप Rajinder Singh 6299561595 Balwant Farm Chicks से संपर्क कर सकते है
Posted by Sanjay Kumar
Bihar
11-10-2019 10:42 PM
बमोरिया मोती
सम्बर्धन केंद्र
( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग )
सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत
दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका ,
सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा सत्यापित
मोती पालन से ला.... (Read More)
बमोरिया मोती
सम्बर्धन केंद्र
( भारत का एक मात्र प्रशिक्षण केंद्र जहां देश विदेश से आते है लोग )
सुक्ष्म लघु मध्यम उद्यम भारत सरकार द्वारा पंजीकृत
कृषि मंत्री जी एवं मुख्या मंत्री जी द्वारा पुरुष्कृत
दैनिक भास्कर , राजिस्थान पत्रिका ,
सहारा समय ,बंसल NEWS आदि न्यूज़ चैनल द्वारा सत्यापित
मोती पालन से लाखो कैसे कमाए अब घर बैठे सीखे
WHATAPP FOR ONLINE TRAINING 9770085381 ( TEXT - ONLINE TRAINING )
https://youtu.be/MMvKOBzkgFA
अगला प्रशिक्षण 9-10 NOV.
सीट बुक करने के लिए भी उपरोक्त न. पर करे

Posted by Vimal Prajapat
Madhya Pradesh
11-10-2019 10:32 PM
श्रीमान जी, गेहूं की बिजाई के लिए JW 1201 (21.2क्विंटल/एकड़), GW 322 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 8498 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 1544 (22-24क्विंटल/एकड़), JW 1203 (16.8-18क्विंटल/एकड़) की बिजाई कर सकते हो , सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी .... (Read More)
श्रीमान जी, गेहूं की बिजाई के लिए JW 1201 (21.2क्विंटल/एकड़), GW 322 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 8498 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 1544 (22-24क्विंटल/एकड़), JW 1203 (16.8-18क्विंटल/एकड़) की बिजाई कर सकते हो , सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 60 किलो (यूरिया 110 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 12 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 20 किलो) प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी नाइट्रोजन को पहली सिंचाई के समय डालें पानी की उपलब्धता मिट्टी की किस्म पर पर निर्भर करती है जड़ें बनने के समय और बालियां बनने के समय नमी का होना जरूरी है छोटे कद वाली किस्मों और अच्छी पैदावार के लिए बिजाई से पहले सिंचाई करें गेहूं की फसल के लिए चार से छः सिंचाईयां बहुत होती हैं बिजाई के 20-25 दिनों के बाद पहली सिंचाई देनी चाहिए जड़ें बनने के समय पर नमी का होना पैदावार को कम होने से बचाता है ठंडे क्षेत्रों में जैसे पहाड़ी क्षेत्रों और जहां पर गेहूं की पिछेती बिजाई की जाती है वहां पर बिजाई के लगभग 25-30 दिनों के बाद पहली सिंचाई करें बिजाई के 40-45 दिनों के बाद पौधा बनने के समय दूसरी सिंचाई करें तीसरी सिंचाई 70-75 दिनों के बाद नोड्स बनने के समय करें फूल निकलने के समय चौथी सिंचाई 90-95 दिनों में करें पांचवी सिंचाई बिजाई के 110-115 दिनों के बाद करें जब दाने अपरिपक्व होते हैं धन्यवाद

Posted by Virender
Haryana
11-10-2019 10:27 PM
wese to sabhi bakri breed rakh sakte hai ji lekin aap beetal or sirohi breed rakhe ji
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