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Posted by Dinesh Parmar
Madhya Pradesh
12-10-2019 11:58 AM
Punjab
11-23-2019 01:58 PM
श्रीमान जी, आप अपने खेत की जोताई कर दें, और उसके बाद पेंडीमेथालिन @ 1 लीटर प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by akash singh
Punjab
12-10-2019 11:55 AM
Punjab
10-12-2019 12:09 PM
amrik ji eh ohna khetan vich varti jandi hai jithe pani ghat jeeran di smasya hundi hai othe varti jandi hai eh ik fungicide da kam vi kardi hai isda 3 kilo prati acre de hisab nal chitta dita janda hai.dhanwad
Posted by Vikas Thory
Haryana
12-10-2019 11:54 AM
Punjab
10-15-2019 01:53 PM
विकास जी इसके लिए आप Atmaram 9812921253 से संपर्क कर सकते है
Posted by Md Mashir alam
Bihar
12-10-2019 11:53 AM
Punjab
10-12-2019 05:11 PM
बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5..... (Read More)
बैंगन की फसल सख्त होने के कारण इसे अलग अलग तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह एक लंबे समय की फसल है, इसलिए अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ रेतली दोमट मिट्टी उचित होती है और अच्छी पैदावार देती है अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी और अधिक पैदावार के लिए चिकनी और नमी या गारे वाली मिट्टी उचित होती है फसल की वृद्धि के लिए 5.5-6.6 पी एच होनी चाहिए लंबी किस्में Pusa Purple Long: यह जल्दी पकने वाली किस्म है सर्दियों में यह 70-80 दिनों में और गर्मियों में यह 100-110 दिनों में पक जाती है इस किस्म के बूटे दरमियाने कद के और फल लंबे और जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Purple Cluster: यह किस्म आई. सी. ए. आर. नई दिल्ली द्वारा बनाई गई है यह दरमियाने समय की किस्म है इसके फल गहरे जामुनी रंग और गुच्छे में होते हैं यह बैक्टीरिया सूखे के कुछ हद तक प्रतिरोधक है Pusa Kranti: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म बसंत और पतझड़ के मौसम में उगाने के लिए अनुकूल है यह किसम 130-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हे इसके फल आकर्षित गहरे जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 56-64 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Sadabahar: इसकी औसतन पैदावार 120-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Punjab Basarati: इसकी औसतन पैदावार 120-140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Samrat: इसके फल रोपाई के 70 दिनों के बाद तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं गोल किस्में Pusa Purple Round: यह किस्म छोटे पत्ते, शाख और फल के छेदक की रोधक किस्म है Pant Rituraj: इस किस्म के फल गोल और आकर्षित जामुनी रंग के होते हैं और इनमें बीज की मात्रा भी कम होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Banaras Giant: यह वाराणसी और उसके नजदीक के क्षेत्रों में प्रसिद्ध किस्म है इसके फल हरे और सफेद रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 400 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Swarna Mani: यह किस्म बैक्टीरियल सूखे के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 24-26 टन प्रति एकड़ होती है Swarna Ajay: इसकी औसतन पैदावार 28-30 टन प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की तीन से चार बार जोताई करें गाय का गला हुआ गोबर 42 क्विंटल प्रति एकड़ में डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें बैंगन के बीज 3 मीटर लंबे, 1 मीटर चौड़े और 15 सैं.मी. ऊंचे बैडों पर बोये जाते हैं पहले बैडों में बढ़िया रूड़ी की खाद डालें फिर बिजाई से दो दिन पहले कप्तान का घोल डालें ताकि जो नर्सरी बैडों में पौधों को नष्ट होने से बचाया जा सके उसके बाद बीजों को कतारों में 2.5 सैं.मी. के फासले पर और 1.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें हल्की सिंचाई करें पौधों के अंकुरन तक बैडों को काले रंग की पॉलीथीन शीट या पराली से ढक दें तंदरूस्त पौधे जिनके 3-4 पत्ते निकलें हों और कद 12-15 सैं.मी. (30-40 days crop) हो, खेत में पनीरी लगाने के लिए तैयार होते हैं बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ मौसम के लिए, नर्सरी फरवरी - मार्च के महीने में तैयार करें और मार्च - अप्रैल के महीने में रोपाई करें सर्दियों के मौसम में, नर्सरी की तैयारी के लिए जून जुलाई का समय उपयुक्त होता है और रोपाई के लिए जुलाई अगस्त का महीना उपयुक्त होता है बसंत के मौसम में, सितंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें और अक्तूबर - नवंबर के महीने में रोपाई पूरी कर लें लंबी किस्मों के लिए, कतार से कतार में 60-75 सैं.मी. जबकि गोल किस्मों के लिए कतारों में 80-90 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 60-70 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में, बीज को 1.5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें खेत में पनीरी लगाकर इसकी बिजाई की जाती है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 300-400 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 60 किलो (130 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (125 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 20 किलो (35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा आखिरी जोताई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को रोपाई के बाद 30 वें और 45वें दिन डालें नदीनों को रोकने, अच्छे विकास और उचित हवा के लिए दो - चार गोडाई करें काले रंग की पॉलिथीन शीट से पौधों को ढक दें जिससे नदीनों का विकास कम हो जाता है और ज़मीन का तापमान भी बना रहता हैं नदीनों को रोकने के लिए पौधे लगाने से पहले मिट्टी में फलूकलोरालिन 600-800 मि.ली. प्रति एकड़ या ऑक्साडायाज़ोन 400 ग्राम प्रति एकड़ डालें अच्छे परिणाम के लिए पौधे लगाने से पहले एलाकलोर 2 लीटर प्रति एकड़ की मिट्टी के तल पर स्प्रे करें
Posted by YUGESH KAJEE
Bihar
12-10-2019 11:39 AM
Punjab
10-12-2019 05:37 PM
योगेश जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप tilt @200ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by gurpreet
Punjab
12-10-2019 11:38 AM
Posted by dinesh kumar
Bihar
12-10-2019 11:31 AM
Punjab
10-12-2019 11:40 AM
Dinesh ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Kamal Kumar
Haryana
12-10-2019 11:24 AM
Punjab
10-12-2019 11:26 AM
kamal ji aap iske uper NPK 191919 ek kilo ko 150 litre pani men mila kar spray karen.dhanywad
Posted by kanhaiya dhakad
Rajasthan
12-10-2019 11:12 AM
Punjab
10-16-2019 01:01 AM
कन्हैया जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप custodia 300ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें। धन्यवाद
Posted by DULI CHAND VARMA
Rajasthan
12-10-2019 11:09 AM
Punjab
11-23-2019 08:52 AM
श्रीमान जी, इसके ऊपर आप copper oxychloride @ 2 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्पार करें, और इसमें vermicompost @ 5 से 6 kg के हिसाब से डालें, धन्यवाद
Posted by DULI CHAND VARMA
Rajasthan
12-10-2019 11:07 AM
Punjab
11-23-2019 08:54 AM
श्रीमान जी, इसके ऊपर आप copper oxychloride @ 2 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्पार करें, और इसमें vermicompost @ 5 से 6 kg के हिसाब से डालें, धन्यवाद
Posted by gagan faridkot
Punjab
12-10-2019 11:06 AM
Punjab
10-12-2019 12:48 PM
Gagan ji tuci isdi varto kr skde ho, iss nal calf di vdia growth hundi hai ..
Posted by Harpal singh
Punjab
12-10-2019 11:05 AM
Punjab
11-23-2019 01:55 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਹ ਟਹਿਣੀ ਫੰਗਸ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਵਜ੍ਹਾ ਨਾਲ ਸੁੱਕ ਰਹੀ ਹੈ, ਤੁਸੀ ਇਸ ਟਾਹਣੀ ਨੂੰ ਕੱਟ ਕੇ ਉਸ ਉਪਰ baudeaux ਪੇਸਟ ਲਗਾ ਦੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Amninder Singh
Punjab
12-10-2019 11:04 AM
Punjab
10-12-2019 12:50 PM
Amninder ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee..
Posted by ashok kumar
Uttar Pradesh
12-10-2019 11:04 AM
Punjab
11-23-2019 01:54 PM
Shrimaan ji, ap isme quinalphos @ 1.5 ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Amit Singh
Uttar Pradesh
12-10-2019 10:57 AM
Punjab
11-23-2019 01:53 PM
श्रीमान जी, आर्गेनिक खेती के लिए आप सब्जियों की बिजाई से पहले गोबर की खाद का इस्तेमाल करें, अगर किसे कीट का हमला हो जाए तो आप इसमें नीम के तेल 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, और अगर फंगस का हमला अहो जाए तो आप इसमें खट्टी लस्सी की स्प्रे 3 ml प्रति लीटर पानी क हिसाब से स्प्रे करें, पौधे के विकास के लिए उप.... (Read More)
श्रीमान जी, आर्गेनिक खेती के लिए आप सब्जियों की बिजाई से पहले गोबर की खाद का इस्तेमाल करें, अगर किसे कीट का हमला हो जाए तो आप इसमें नीम के तेल 4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, और अगर फंगस का हमला अहो जाए तो आप इसमें खट्टी लस्सी की स्प्रे 3 ml प्रति लीटर पानी क हिसाब से स्प्रे करें, पौधे के विकास के लिए उपलों के पानी की स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Simran S Judge
Punjab
12-10-2019 10:53 AM
Punjab
11-23-2019 01:46 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਸ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ fenvalrate @ 2 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by satnam singh
Punjab
12-10-2019 10:44 AM
Punjab
11-30-2019 02:57 PM
Shrimaan ji, kanak di subsidy 5 acre de beej te hi mil rahi hai, is lai 5 acre te 2000 rupay subcidy hai, subcidy len lai tuc apne najdeeki KVK te ja ke form bharo, dhanwad
Posted by Sumit Kumar
Jharkhand
12-10-2019 10:41 AM
Punjab
11-15-2019 11:25 AM
बिजाई का समय गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है पिछेती बिजाई की फसल की पैदावार पर बुरा असर पड़ता है गेहूं की बिजाई 25 अक्तूबर से नवंबर के महीने में की जाती है फासला फसल की अच्छी पैदावार के लिए कतारों में 20-22.5 सै.मी. का अंतर होना जरूरी है पिछेती बीजी गई फसल में कतारों में 15-18 सै.मी. तक का अंतर होना जरूरी है ब.... (Read More)
बिजाई का समय गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है पिछेती बिजाई की फसल की पैदावार पर बुरा असर पड़ता है गेहूं की बिजाई 25 अक्तूबर से नवंबर के महीने में की जाती है फासला फसल की अच्छी पैदावार के लिए कतारों में 20-22.5 सै.मी. का अंतर होना जरूरी है पिछेती बीजी गई फसल में कतारों में 15-18 सै.मी. तक का अंतर होना जरूरी है बीज की गहराई बीज की गहराई 4-5 सैंमी होनी चाहिए बिजाई की ढंग 1.बिजाई वाली मशीन 2. छींटा देना विधि द्वारा 3. जीरो टिलेज़ ड्रिल 4. रोटावेटर
Posted by Kulwinder Mann
Punjab
12-10-2019 10:39 AM
Punjab
11-23-2019 12:10 PM
Shrimaan ji, jiri da punjab ch rate 1815 to 1835 rupay prati quintal de hisaab nal chal reha hai, dhanwad
Posted by prabhjot singh
Punjab
12-10-2019 10:37 AM
Punjab
10-12-2019 11:01 AM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te 2kg feed rojana dyo te hunh malap rehat karo
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
12-10-2019 10:33 AM
Punjab
10-12-2019 11:03 AM
sahib g shanni aitwar chhutti ae Somvaar swer 9 to shaam 5 vaje tak gal kar lao
Posted by Sumit Kumar
Jharkhand
12-10-2019 10:23 AM
Punjab
10-12-2019 03:23 PM
सुमित जी आप इसके ऊपर कीट का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर imidacloprid @1.5 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Aman Kumar Aman Kumar
Uttar Pradesh
12-10-2019 10:22 AM
Punjab
10-12-2019 12:51 PM
Aman ji kripya aap apna swal vistar se pushen aur aap apne swal ke sath photo v upload kren tan jo apko sahi jankari di jaa skee..
Posted by BABBU
Punjab
12-10-2019 10:19 AM
Punjab
10-12-2019 03:26 PM
ਬੱਬੂ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਵਿਚ ਇਸਦੀ ਫ਼ਸਲ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾ ਤੁਸੀ ਇਸਦੇ ਬੀਜਾਂ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by rajkumar sahu
Jharkhand
12-10-2019 10:14 AM
Punjab
11-15-2019 11:29 AM
फोटो देख कर इसमें फंगस का हमला लग रहा है इसकी रोकथाम के लिए Mancozeb @4gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से डालें
Posted by Sumit Kumar
Jharkhand
12-10-2019 10:13 AM
Maharashtra
10-12-2019 10:27 AM
सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें
Posted by Harsh PATEL
Madhya Pradesh
12-10-2019 10:10 AM
Punjab
10-12-2019 03:34 PM
हर्ष जी आप लहसुन की किस्मे जैसे Agrifound White (G-41),Yamuna Safed (G-1),Yamuna Safed-2 (G-50),Yamuna Safed-3 (G-282),Yamuna Safed-4 (G-323) की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Harsh PATEL
Madhya Pradesh
12-10-2019 10:09 AM
Punjab
10-12-2019 10:17 AM
ICAR-Indian Institute of Wheat & Barley Research, Karnal wallo kanak da nva beej Karan Vandana (DBW187) teyaar kiya gya hai, iski paidavar 28-30 quintal prati acre ke hisab se spray karen.yeh kisam 120 din men teyar ho jati hai.
Posted by Rajat Choudhary
Uttar Pradesh
12-10-2019 10:03 AM
Punjab
10-12-2019 12:53 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि थनैला रोग में क्या क्या समस्या आ रही है दूध बिल्कुल नहीं आ रहा है या दूध आता है, थनों में सोजिश है इसके साथ ओर क्या क्या समस्या आ रही है आप पूरे विस्तार से अपना सवाल पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by ਜੱਗੀ ਜਗਤਾਰ
Punjab
12-10-2019 10:00 AM
Punjab
10-12-2019 03:35 PM
ਜੱਗੀ ਜੀ ਇਸਦਾ ਰੇਟ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਤਹਿ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਇਸ ਬਾਰੇ ਹਾਲੇ ਕੁਛ ਵੀ ਕਿਹਾ ਨਹੀਂ ਜਾ ਸਕਦਾ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by श्याम
Chattisgarh
12-10-2019 09:46 AM
Punjab
10-12-2019 09:53 AM
श्याम जी आप गेंहू की किस्मे जैसे DL 803-3, GW 190, HI 1077, HI 8498(d), GW 273, HD 2236, Raj 1555(d), HI 8381, GW 173, Swati, j 405, dl 788-2,HD 2285, Raj 3777, Raj 3765, HD 2402 की बिजाई की जा सकती है धन्यवाद
Posted by Gurucharan
Madhya Pradesh
12-10-2019 09:43 AM
Maharashtra
10-12-2019 10:00 AM
यह फसल काफी तरह की मिट्टी में उगाई जाती है चने की खेती के लिए रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी बहुत अनुकूल मानी जाती है घटिया निकास वाली ज़मीन इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती खारी या नमक वाली ज़मीन भी इसके लिए अच्छी नहीं मानी जाती इसके विकास के लिए 5.5 से 7 पी एच वाली मिट्टी अच्छी होती है हर साल एक खेत में एक ही फसल.... (Read More)
यह फसल काफी तरह की मिट्टी में उगाई जाती है चने की खेती के लिए रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी बहुत अनुकूल मानी जाती है घटिया निकास वाली ज़मीन इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती खारी या नमक वाली ज़मीन भी इसके लिए अच्छी नहीं मानी जाती इसके विकास के लिए 5.5 से 7 पी एच वाली मिट्टी अच्छी होती है हर साल एक खेत में एक ही फसल ना बोयें अच्छा फसली चक्र अपनायें अनाज वाली फसलों को फसल चक्र में प्रयोग करने से ज़मीन से लगने वाली बीमारियां रोकने में मदद मिलती है आमतौर पर फसल चक्र में खरीफ के सफेद चने, खरीफ के काले चने + गेहूं/जौं/रायाचरी-चने, धान/मक्की-चने आदि फसलें आती हैं चने की फसल के लिए ज्यादा समतल बैडों की जरूरत नहीं होती यदि इसे मिक्स फसल के तौर पर उगाया जाये तो खेत की अच्छी तरह से जोताई होनी चाहिए यदि इस फसल को खरीफ की फसल के तौर पर बीजना हो, तो खेत को मॉनसून आने पर गहरी जोताई करें, जो बारिश के पानी को संभालने में मदद करेगा बिजाई से पहले खेत की एक बार जोताई करें यदि मिट्टी में नमी की कमी नज़र आये तो बिजाई से एक सप्ताह पहले सुहागा फेरें बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें बिजाई के लिए, कतार से कतार में 20-25 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 6-8 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीज को सीड ड्रिल या लोकल हल की सहायता से बोयें छोटे दानों के लिए 30-32 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे दानों के लिए 36-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बथुआ, सेंजी, क्रुशन निल, हिंरनखुरी, चटरी मटरी, गाजरी, अकारा अकारी, जंगली गाजर आदि चने के खेत में पाये जाने वाले मुख्य नदीन हैं नदीनों की जांच के लिए पहली गोडाई हाथों से या घास निकालने वाली चरखड़ी से बिजाई के 25-30 दिन बाद करें और जरूरत पड़ने पर दूसरी गोडाई बिजाई के 60 दिनों के बाद करें फ्लूक्लोरालिन 45 ई सी 800 मि.ली. को 100-150 लीटर पानी में मिलाकर बीज की बिजाई से पहले खेत में डालें नदीनों की प्रभावशाली रोकथाम के लिए बिजाई से पहले पैंडीमैथालीन 1 लीटर को प्रति 150 लीटर पानी में घोलकर बिजाई के 3 दिन बाद एक एकड़ में स्प्रे करें कम नुकसान होने पर नदीन नाशक की बजाय हाथों से गोडाई करें या कही से घास निकालें इस से मिट्टी हवादार बनी रहती है सभी किस्मों के लिए, नाइट्रोजन 9 किलो (यूरिया 20 किलो), फासफोरस 24 किलो (एस एस पी 150 किलो), पोटाश 9 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 15 किलो) और सल्फर 8 किलो प्रति एकड़ में डालें बारानी क्षेत्रों के लिए यूरिया 200 ग्राम को 10 लीटर पानी में मिलाकर फूल बनने के समय डालें फासफोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के समय डालें नाइट्रोजन की बाकी बची मात्रा बिजाई के 4-5 सप्ताह बाद डालें बारानी क्षेत्रों में मुख्यत: बंगाल ग्राम की खेती की जाती है यदि पानी उपलब्ध हो तो पहली सिंचाई बिजाई के 40-45 दिनों के बाद, फूल निकलने के बाद करें और अगली सिंचाई फली के विकास के बाद करें यदि सिर्फ एक सिंचाई उपलब्ध हो तो बिजाई के 60 दिनों के बाद करें जब पौधा सूख जाता है और पत्ते लाल-भूरे दिखते हैं और झड़ने शुरू हो जाते हैं, उस समय पौधा कटाई के लिए तैयार हो जाता है पौधे को द्राती की सहायता से काटें कटाई के बाद फसल को 5-6 दिनों के लिए धूप में सुखाएं फसल को अच्छी तरह सुखाने के बाद पौधों को छड़ियों से पीटें या फिर बैलों के पैरों के नीचे छंटाई के लिए बिछा दें
Posted by Rahul Singh
Uttar Pradesh
12-10-2019 09:32 AM
Punjab
10-12-2019 09:38 AM
बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें
Posted by HARJINDER SINGH
Punjab
12-10-2019 09:22 AM
Punjab
10-12-2019 03:36 PM
Soondi di roktham de lyi tuc hari mirch 5 kg , lasan 5 kg, akk de patte 5 kg, sukhchain de patte 5 kg, dhatura 5 kg, arind 5 kg nu 10 leetr gau mootar de vich 4 dina de lyi bhio ke rakho. 4 dina baad ihna pattya nu gau mootar de vich maslo ate 1 din lyi fir iss nu shaawe rakh deo. Iss nu dhakk ke ate shaawe rakhna jruri hunda hai. iss ghol nu kise kpde de nal pun lao ate fir 100 ltr paani de hisaab nal ikk acre de vich iss di spray kro. Iss nal soondi control ho jandi hai.
Posted by Mohd Haaris Zubair
Uttar Pradesh
12-10-2019 09:19 AM
Posted by R K Sharma
Bihar
12-10-2019 09:15 AM
Punjab
10-12-2019 03:37 PM
RK sharma ji kripya btaye ke aapne kisam konsi ki bijai ki hai kyuki fasl ki ktayi kisam ke hisab se hi ki jati hai.dhanywad
Posted by rahul kumar
Punjab
12-10-2019 09:14 AM
Punjab
10-12-2019 12:54 PM
tuci ohna de rehnn wali jgah nu sukka rkho, baki ohna di vdia khurak de nal nal tuci Ostovet calcium 30ml/100birds de hisab nal deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by gurpreet
Punjab
12-10-2019 09:08 AM
Punjab
10-12-2019 03:38 PM
gurpreet ji eh tat ki kami de karn ho reha hai isde layi tuc boote nu SSP 150 gram ja vermicompost 2-3 kilo prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by ankur
Uttar Pradesh
12-10-2019 09:08 AM
Punjab
10-12-2019 12:55 PM
कृप्या आप अपने सवाल के साथ फोटो भी अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Rajkumar
Uttar Pradesh
12-10-2019 09:07 AM
Maharashtra
10-12-2019 03:42 PM
राजकुमार जी आप आलू की किस्मे जैसे Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्ट.... (Read More)
राजकुमार जी आप आलू की किस्मे जैसे Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है यह पिछेती और अगेती झुलस रोग और पत्ता मरोड़ रोग की रोधक है Kufri Badshah: इसके पौधे लंबे और 4-5 तने प्रति पौधा होते हैं इसके आलू बड़े से दरमियाने, गोलाकार और हल्के सफेद रंग के होते हैं इसके आलू स्वाद होते हैं यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है यह किस्म कोहरे को सहनेयोग्य है और पिछेती, अगेती झुलस रोग की प्रतिरोधक है Kufri Sutlaj: इस किस्म के पौधे घने और मोटे तने वाले होते हैं पत्ते हल्के हरे रंग के होते हैं आलू बड़े आकार के, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 90-100 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म खाने के लिए अच्छी और स्वादिष्ट होती है इन आलुओं को पकाना आसान होता है यह नए उत्पाद बनाने के लिए उचित किस्म नहीं है Kufri Anand: यह मध्यम समय की किस्म है, जो कि पिछेते झुलस रोग और कोहरे के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 140-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kufri Pukhraj: इसके पौधे लंबे और तने संख्या में कम और दरमियाने मोटे होते हैं आलू सफेद, बड़े, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 70-90 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 130 क्विंटल प्रति एकड़ है यह अगेती झुलस रोग की रोधक किस्म है और नए उत्पाद बनाने के लिए उचित नहीं है,की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by Maan singh
Punjab
12-10-2019 08:54 AM
Punjab
10-12-2019 12:56 PM
tuci uss nu Hitek injection 1ml/50kg sarir de bhar de hisab nal Chamdi vich lgwao, iss nal frak paa jawega..
Posted by nadeem
Bihar
12-10-2019 08:54 AM
Punjab
11-15-2019 11:32 AM
iski jaankari ke liye kripya btayen k aap ne podha beej se lgaya hai ya kalam se. agar podha beej se lgaya hai to phal 6-7 saal tk aayega or agr kalam se lgaya hai to 3-4 saal tk fal aayega.
Posted by Dharmendra Kumar Kurmi
Uttar Pradesh
12-10-2019 08:53 AM
Punjab
11-15-2019 11:40 AM
इसमें मच्छर का हमला है इसकी रोकथाम के लिए imidacloprid @1.5ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से डालें
Posted by Dharmendra Kumar Kurmi
Uttar Pradesh
12-10-2019 08:48 AM
Punjab
11-15-2019 11:41 AM
इसमें मच्छर का हमला है इसकी रोकथाम के लिए imidacloprid @1.5ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से डालें
Posted by Ramakant Shrivastav
Uttar Pradesh
12-10-2019 08:47 AM
Punjab
11-15-2019 11:53 AM
जी धान की महंगी बिकने वाली किस्म 1121 है इसकी खेती का तरीका नीचे बताए अनुसार है: बिजाई का समय इसकी बिजाई के लिए 20 मई से 5 जून का समय अनुकूल होता है फासला सही समय पर उगाई जाने वाली फसल के लिए पंक्तियों का फासला 20-22.5 सैं.मी. रखा जाता है यदि फसल की बिजाई पिछेती होती है तो फासला 15-18 सैं.मी. रखना चाहिए बिजाई का ढंग इस.... (Read More)
जी धान की महंगी बिकने वाली किस्म 1121 है इसकी खेती का तरीका नीचे बताए अनुसार है: बिजाई का समय इसकी बिजाई के लिए 20 मई से 5 जून का समय अनुकूल होता है फासला सही समय पर उगाई जाने वाली फसल के लिए पंक्तियों का फासला 20-22.5 सैं.मी. रखा जाता है यदि फसल की बिजाई पिछेती होती है तो फासला 15-18 सैं.मी. रखना चाहिए बिजाई का ढंग इसकी बिजाई छींटे द्वारा की जाती है पौधे की गहराई पौधे की गहराई 2-3 सैं.मी. होनी चाहिए फासला बनाकर लगाने से पौधे ज्यादा पैदावार देते हैं
Posted by Dharmendra Kumar Kurmi
Uttar Pradesh
12-10-2019 08:45 AM
Punjab
10-12-2019 12:58 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो में आवाज समझ नहीं आ रही है कृप्या आप दोबारा ओडियो अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
12-10-2019 08:42 AM
Punjab
11-15-2019 12:08 PM
Bifenthrin ਅਤੇ Buprofezin ਦੋਨੋਂ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਹਨ, ਜੋ ਕੀਟਾਂ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਜਦਕਿ Tebuconazole ਅਤੇ Tricyclazole ਦੋਨੋਂ ਫੰਗਸਨਾਸ਼ੀ ਹਨ, ਫੰਗਸ ਵਾਲੀਆਂ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇਅ ਨਾ ਕਰੋ ਜੀ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਹ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਜਿਸ ਫਸਲ ਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਹੈ, ਉਸ ਵਿੱਚ ਸਮੱਸ.... (Read More)
Bifenthrin ਅਤੇ Buprofezin ਦੋਨੋਂ ਕੀਟਨਾਸ਼ਕ ਹਨ, ਜੋ ਕੀਟਾਂ ਦੇ ਹਮਲੇ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ, ਜਦਕਿ Tebuconazole ਅਤੇ Tricyclazole ਦੋਨੋਂ ਫੰਗਸਨਾਸ਼ੀ ਹਨ, ਫੰਗਸ ਵਾਲੀਆਂ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਵਰਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇਅ ਕਰਕੇ ਸਪਰੇਅ ਨਾ ਕਰੋ ਜੀ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਇਹ ਦੱਸੋ ਕਿ ਤੁਸੀਂ ਜਿਸ ਫਸਲ ਤੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦਵਾਈਆਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਹੈ, ਉਸ ਵਿੱਚ ਸਮੱਸਿਆ ਕੀ ਹੈ