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Posted by zahid mudassir
Uttar Pradesh
12-10-2019 05:37 PM
Punjab
11-23-2019 02:33 PM
Shrimaan ji, haldi rog ke liye ap tilt @ 200 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Aman Kashyap
Uttar Pradesh
12-10-2019 05:31 PM
Maharashtra
10-12-2019 05:57 PM
आप भिंडी की किस्मे जैसे V.R.O 6: यह चितकबरे रोग और पत्ता मरोड़ रोग के प्रतिरोधक है बसंत के मौसम में, इसकी औसतन उपज 54 क्विंटल और खरीफ के मौसम में, इसकी औसतन उपज 72 क्विंटल प्रति एकड़ होती है V.R.O 5: यह छोटे कद की और अधिक उपज वाली किस्म है यह चितकबरे रोग और पत्ता मरोड़ रोग के प्रतिरोधक है खरीफ के मौसम में, इसकी औसतन उपज 60 क्वि.... (Read More)
आप भिंडी की किस्मे जैसे V.R.O 6: यह चितकबरे रोग और पत्ता मरोड़ रोग के प्रतिरोधक है बसंत के मौसम में, इसकी औसतन उपज 54 क्विंटल और खरीफ के मौसम में, इसकी औसतन उपज 72 क्विंटल प्रति एकड़ होती है V.R.O 5: यह छोटे कद की और अधिक उपज वाली किस्म है यह चितकबरे रोग और पत्ता मरोड़ रोग के प्रतिरोधक है खरीफ के मौसम में, इसकी औसतन उपज 60 क्विंटल और बसंत के मौसम में, इसकी औसतन उपज 48 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Parbhani Kranti : यह MKV, परभानी द्वारा जारी की गई है इसके फल मध्यम लंबे और नर्म होते हैं इन्हें ज्यादा देर तक रखने की गुणवत्ता अच्छी होती है यह किस्म पीले चितकबरे रोग को सहनेयोग्य है इसकी औसतन पैदावार 35-45 क्विंटल प्रति एकड़ होती है I.I.V.R 10 : यह किस्म पीले चितकबरे रोग की प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 60 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Vibhuti: यह किस्म बिजाई के बाद 38-40 दिनों में पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 68-72 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Bhairav: यह किस्म रोपाई के 43-45 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 76 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह पीले चितकबरे रोग की प्रतिरोधक किस्म है Kashi Mahima: यह किस्म रोपाई के 45 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है यह खरीफ के साथ साथ गर्मियों में भी बोने के लिए उपयुक्त किस्म है इसकी औसतन पैदावार 80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Mohini: इस किस्म की औसतन पैदावार 56 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह पीले चितकबरे रोग की प्रतिरोधक किस्म है Kashi Mangali : यह किस्म रोपाई के 45-50 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इस किस्म की औसतन पैदावार 56 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Pragati: यह किस्म रोपाई के 45-46 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इस किस्म की औसतन पैदावार 64 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Satdhari: यह किस्म रोपाई के 50 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इस किस्म की औसतन पैदावार 50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kashi Kranti: इस किस्म की औसतन पैदावार 50 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म रोपाई के 45 दिनों के बाद पहली तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है Pusa Sawani: यह किस्म IARI नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह किस्म गर्मियों के साथ साथ बारिश के मौसम में खेती करने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 50 दिनों के अंदर अंदर तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है इसके फल तुड़ाई के समय गहरे हरे रंग के और 10-12 सैं.मी. लंबे होते हैं यह किस्म पीले चितकबरे रोग के प्रति संवेदनशील होती है इसकी औसतन पैदावार 40-56 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by satnam lehri
Punjab
12-10-2019 05:26 PM
Maharashtra
11-05-2019 05:30 PM
ਸਤਨਾਮ ਜੀ ਇਸਦੇ ਉਪਰ ਤੁਸੀ ਜ਼ਿੰਕ ਸਲਫੇਟ @3 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by rakesh prajapati
Uttar Pradesh
12-10-2019 05:24 PM
Punjab
11-23-2019 02:38 PM
श्रीमान जी, इसकी रोकथाम के लिए आप tilt @ 200 ml प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by MANAV
Maharashtra
12-10-2019 05:23 PM
Posted by rakesh prajapati
Uttar Pradesh
12-10-2019 05:22 PM
Punjab
11-23-2019 12:12 PM
श्रीमान जी, यह फंगस का हमला हुआ , इसकी रोकथाम के लिए आप tilt @ 200 ml प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by MANAV
Maharashtra
12-10-2019 05:19 PM
Punjab
11-23-2019 02:42 PM
श्रीमान जी आप hexaconazol 5% का इस्तेमाल copper oxychloride की जगह पर कर सकते हैं, दोनों के ही result बोहत अच्छा होता है, आप इन मेसे किसी का भी इस्तेमा कर सकते हैं धन्यवाद
Posted by sarbjit Singh
Punjab
12-10-2019 05:18 PM
Punjab
10-12-2019 08:44 PM
tuci iss nu udder pox homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deo ate iss nu Avil injection 7ml, C flox injection 15 ml lgwao ji, iss nal frak paa jawega.
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
12-10-2019 05:16 PM
Punjab
10-12-2019 08:39 PM
tuci uss nu Broton liquid 1ml rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega.
Posted by sarbjit Singh
Punjab
12-10-2019 05:16 PM
Punjab
10-12-2019 08:44 PM
tuci iss nu udder pox homeopathic dwai dia 10-10 drops din vich 3 varr deo ate iss nu Avil injection 7ml, C flox injection 15 ml lgwao ji, iss nal frak paa jawega.
Posted by SUKHWINDER SINGH
Punjab
12-10-2019 05:07 PM
Punjab
10-12-2019 06:33 PM
ਤੁਸੀ ਨੇੜੇ ਦੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਵਾਲੇ ਮੈਡੀਕਲ ਸਟੋਰ ਤੋਂ EGG FORMULA ਨਾਮ ਦਾ ਪਾਊਡਰ ਲਿਆ ਕੇ ਫੀਡ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਦਿਓ, ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Ostovet ਕੈਲਸ਼ੀਅਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨੂੰ 15ml ਪ੍ਰਤੀ 100 ਮੁਰਗੀਆਂ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਦਿਓ .
Posted by Ramchander Sharma
Rajasthan
12-10-2019 05:03 PM
Punjab
11-05-2019 04:39 PM
Pusa Hybrid 1: यह किस्म ICAR, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 128 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Hybrid 2: यह किस्म ICAR, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है इसके फल चपटे, गोल और मोटे छिल्के वाले होते हैं इसकी औसतन पैदावार 220 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by kripa kerketta
Madhya Pradesh
12-10-2019 04:56 PM
Rajasthan
10-13-2019 08:28 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Shamsher singh
Punjab
12-10-2019 04:55 PM
Punjab
11-23-2019 02:46 PM
shrimaan ji, 1121 da rate hathi vaddi da 2800 hai ate machine nal vaddi fasal da rate 2675 rupay prati quintal hai, dhanwad
Posted by shamsher singh
Punjab
12-10-2019 04:53 PM
Posted by ਹਰਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
12-10-2019 04:47 PM
Punjab
10-12-2019 06:34 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Ovumin advance ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ..
Posted by opm
Rajasthan
12-10-2019 04:34 PM
Punjab
10-23-2019 06:19 PM
आप सब्जियां जैसे गाजर, शलगम, फूलगोभी, आलू, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, कोहीराबी, धनिया, सौंफ के बीज, राजमा, मटर, ब्रोकोली, सलाद, बैंगन, हरी प्याज, ब्रसल्स स्प्राउट, लहसुन की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by MOHD YAHIYA
Uttar Pradesh
12-10-2019 04:25 PM
Punjab
11-23-2019 02:51 PM
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट.... (Read More)
अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूमिगत-जल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसका pH 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का pH 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट्टी का pH 9.5 से ज्यादा हो तो इसमें जिप्सम डालें आप इसकी किस्मे जैसे Co 8014 (Mahalakshami) ,Vasant 1,Co 86032 ,Co 92005 की बिजाई कर सकते है पतझड़ के मौसम में 15 अक्तूबर से २० नवंबर तक बिजाई की जाती है, बसंत के मौसम में बिजाई 15 फरवरी तक और गर्मियों के मौसम में 15 जुलाई से 15 सितंबर तक बिजाई की जाती है बिजाई के लिए सुधरे ढंग जैसे कि (गहरी खालियां, मेंड़ बनाकर,पंक्तियों में जोड़े बनाकर और गड्ढा खोदकर बिजाई ) प्रयोग किये जाते हैं 1) खालियां और मेंड़ बनाकर सूखी बिजाई: ट्रैक्टर द्वारा मेंड़ बनाने वाली मशीन की मदद से मेंड़ और खालियां बनाएं और इन मेड़ और खालियों में बिजाई करें मेड़ और खालियों में 90 सैं.मी. का फासला होना चाहिए गन्ने की गुलियों को मिट्टी में दबाएं और उसके बाद हल्की सिंचाई करें 2) पंक्तियों के जोड़े बनाकर बिजाई: खालियां बनाने वाले यंत्र के प्रयोग से खेत में 150 सैं.मी. के फासले पर खालियां बनाएं और उनमें 30:30-90-30:30 सैं.मी. के फासले पर गन्ने की रोपाई करें इस तरीके से मेड़ वाली बिजाई से अधिक पैदावार मिलती है 3) गड्ढा खोदकर बिजाई: गड्ढे खोदने वाली मशीन से 60 सैं.मी. व्यास के 30 सैं.मी. गहरे गड्ढे खोदें जिनमें 60 सैं.मी. का फासला हो इससे गन्ना 2-3 बार उगाया जा सकता है और मेड़ वाली बिजाई से 25-50 % अधिक पैदावार आती है B) एक आंख वाले गन्नों की बिजाई: रोपाई के लिए सेहतमंद गुलियां चुनें और 75-90 सैं.मी. के अंतर पर खालियों में बिजाई करें गुलियां एक आंख वाली होनी चाहिए यदि गन्ने के ऊपरी भाग में छोटी डलियां चुनी गई हों तो बिजाई 6 -9 सैं.मी. के अंतर पर करें फसल के अच्छे उगने के लिए आंखों को ऊपर की ओर रखें और हल्की सिंचाई करें पतझड़ के मौसम में 14500-16500 तीन आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और बसंत के मौसम में 16500-25000 तीन आंख वाले बीज और 21600-25000 दो आंख वाले बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 % पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने बाद फसल की नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है 1) हाथों से गोडाई करके: गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली फसल है इसलिए नदीनों को गोडाई करके रोका जा सकता है इसके इलावा प्रत्येक सिंचाई के बाद 3-4 गोडाई जरूरी है 2) काश्तकारी ढंग: इस प्रक्रिया में खेती के तरीके, अंतरफसली और मलचिंग तरीके शामिल हैं बहुफसली के कारण नदीनों का हमला ज्यादा होता है इसकी रोकथाम के लिए चारे वाली फसलें और हरी खाद वाली फसलों के आधार वाला फसली चक्र गन्ने में नदीनों की रोकथाम करता है गन्ना एक व्यापक जगह लेने वाली भी फसल है जिससे नदीनों के हमले का खतरा भी ज्यादा होता है यदि गन्ने को कम समय वाली फसलों के साथ अंतरफसली किया जाए तो इससे नदीनों को कम किया जा सकता है और ज्यादा लाभ भी मिल सकता है गन्ने के अंकुरन के बाद गन्ने की कतारों में 10-12 सैं.मी. मोटी तह बिछा दी जाती है यह सूर्य की रोशनी को सोखता है जिससे नदीन कम होते हैं यह मिट्टी में नमी को भी बचाता है 3) रासायनिक तरीके: नदीनों की रोकथाम के लिए, सिमाज़ीन या एट्राज़ीन 600-800 ग्राम या मैट्रीब्यूज़िन 800 ग्राम या ड्यूरॉन 1-1.2 किलोग्राम प्रति एकड़ में बिजाई के तुरंत बाद प्रयोग करना चाहिए इसके इलावा चौड़े पत्ते वाले नदीनों की रोकथाम के लिए 2, 4-डी@ 300-400 ग्राम का प्रयोग प्रति एकड़ के हिसाब से करें नाइट्रोजन 62 किलो, फासफोरस 32 किलो और पोटाश 42 किलो प्रति एकड़ में डालें बिजाई से पहले नाइट्रोजन की 1/3 मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन की दो मात्रा को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें नाइट्रोजन की पहली मात्रा को बीज वाली आंख के अंकुरण के समय और दूसरी मात्रा को बीज अंकुरण के 45 दिन बाद डालें 3 वर्षों के बाद गन्ने की गुलियों में 40-50 क्विंटल गाय का गोबर प्रति एकड़ में डालें पतझड़ के मौसम में 90-100 दिनों में नाइट्रोजन को टॉप ड्रेसिंग के तौर पर डालें और बसंत के मौसम में 150-160 दिन बाद डालनी चाहिए सिंचाई की संख्या मिट्टी की किस्म और पानी की उपलब्धता पर निर्भर करती है गर्मी के महीने में गर्म हवाओं और सूखे में वृद्धि होने के कारण फसल को पानी की जरूरत पड़ती है पहली सिंचाई फसल के 20-25 % अंकुरित होने पर करें मानसून में गन्ने को पानी और बारिश के आधार पर लगाएं कम वर्षा में सिंचाई 10 दिनों के अंतराल पर करें इसके बाद सिंचाई के अंतराल को बढ़ाकर 20-25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें जमीन में नमी संभालने के लिए गन्ने की पंक्तियों में मलचिंग का प्रयोग करें अप्रैल जून के महीने में पानी की कमी ना होने दें इससे पैदावार कम होगी इसके इलावा बारिश के दिनों में पानी ना खड़ा होने दें जोताई का समय, वृद्धि का समय और अधिक विकास का समय सिंचाई के लिए बहुत नाज़ुक होता है मिट्टी को मेंड़ पर चढ़ाना: कसी की मदद से खालियों में और पौधे के किनारों पर मिट्टी चढ़ाई जाती है यह मिट्टी में अच्छी तरह से तैयार की गई खाद को अच्छी तरह से मिश्रित होने में मदद करती है पौधे को सहारा देने और उसे गिरने से बचाने में भी मदद करती है ज्यादा पैदावार और चीनी प्राप्त करने के लिए गन्ने की सही समय पर कटाई जरूरी है समय से पहले या बाद में कटाई करने से पैदावार पर प्रभाव पड़ता है किसान शूगर रीफरैक्टोमीटर का प्रयोग करके कटाई का समय पता लगा सकते हैं गन्ने की कटाई द्राती की सहायता से की जाती है गन्ना धरती से ऊपर थोड़ा हिस्सा छोड़कर काटा जाता है क्योंकि गन्ने में चीनी की मात्रा ज्यादा होती है कटाई के बाद गन्ना फैक्टरी में लेकर जाना जरूरी होता है
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
12-10-2019 04:14 PM
Punjab
10-12-2019 06:36 PM
Harsh ji iss nu pashu de suun ton 1 mahina pehla dena suru kr skde ho, iss nal pashu di kamjori door rehndi hai ehh asani nal hajam ho jndi hai iss nal pashu nu energy mildi hai tuci 1.5-2 kg tak feed de skde ho..
Posted by Dhanveer singh Benipal
Punjab
12-10-2019 04:11 PM
Punjab
10-12-2019 08:37 PM
ਬੈਨੀਪਾਲ ਜੀ ਇਹ ਹੋਲੀ ਹੋਲੀ ਅਸਰ ਹੋਵੇਗਾ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ trineurosol-h ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ 5-5ml ਕਰਕੇ ਪਿੱਛਲੇ ਪਾਸੇ ਦੋਨਾਂ ਪੁੜਿਆ ਤੇ ਲਗਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਦਿਨ ਵਿਚ ਥੋੜੀ ਦੇਰ ਸਹਾਰਾ ਦੇ ਕੇ ਖੜੀ ਰੱਖਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ ਜੀ
Posted by Sachin Singh
Jharkhand
12-10-2019 03:56 PM
Punjab
03-16-2020 08:36 PM
Sachin ji goat lene ke liye aap Ritesh Kumar 9334728654 New jyoti Foundation se sampark kr skte hai.
Posted by pawan kumar
Uttar Pradesh
12-10-2019 03:55 PM
Punjab
11-23-2019 02:13 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये के आपके धान में किस कीट का हमला हुआ है, ताकि आपको इसकी पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by jagpreet sandhu
Punjab
12-10-2019 03:48 PM
Punjab
10-12-2019 06:39 PM
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ 10 ਬੱਕਰੀਆਂ ਅਤੇ 2 ਬਕਰਿਆਂ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਵਸਥਾ ਘਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ ਹਰ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਪਾਲੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀਆਂ12-14 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਂਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀ ਦਾ ਗਰਬ ਸਮਾਂ 150 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 1-5 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਸ.... (Read More)
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ 10 ਬੱਕਰੀਆਂ ਅਤੇ 2 ਬਕਰਿਆਂ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਵਸਥਾ ਘਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ ਹਰ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਪਾਲੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀਆਂ12-14 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਂਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀ ਦਾ ਗਰਬ ਸਮਾਂ 150 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 1-5 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 2 ਬੱਚੇ ਦੇਨਾ ਆਮ ਗੱਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਕਰੀਆਂ 8-10 ਸਾਲ ਤਕ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਤੇਜੀ ਨਾਲ ਵਾਧਾ ਕਰ ਲੈਂਦਿਆਂ ਹਨ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀ ਬਰਬਰੀ, ਬਲੈਕ ਬੰਗਾਲ, ਸਿਰੋਹੀ ਆਦਿ ਨਸਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕ ਜਾਂ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਮਿਲ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੋ ਪਹਿਲਾਂ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ ਚਲਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ, ਉਸ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਲੋਨ ਕਲੀਅਰ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਤੇ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹਾਸਿਲ ਕਰੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਿਲ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਵੈਟਨਰੀ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਡੀ ਫਾਈਲ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅੱਗੇ ਤੋਰਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣਗੇ ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਦੀ ਬੱਕਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਮੇਰੇ 7009579091 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ..
Posted by Shivam singh
Uttar Pradesh
12-10-2019 03:46 PM
Punjab
10-12-2019 06:53 PM
yadi talab mein haryai ho rahi hai to usme chuna 25 kg per acre ke hisab se dalen.
Posted by Umashankar patidar
Madhya Pradesh
12-10-2019 03:45 PM
Punjab
10-12-2019 03:47 PM
उमाशंकर जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप mancozeb @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Rajinder Singh
Punjab
12-10-2019 03:40 PM
Punjab
10-12-2019 06:40 PM
tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate Bovimin-B powder 100gm rojana ate Minotas tablet rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo, iss nal dubara heat vich aa jawegi..
Posted by sukhi grewal
Punjab
12-10-2019 03:39 PM
Punjab
10-12-2019 05:07 PM
sukhi ji eh beejan di sodh na kiti hon karke fungus de karn faildi hai ate eh jyada nami de karn vi faildi hai isdi roktham de layi tucv tilt@200ml nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by jaspal
Punjab
12-10-2019 03:38 PM
Punjab
10-12-2019 03:46 PM
ਜਸਪਾਲ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਦੱਸੋ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਇਸ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by sidharath
Himachal Pradesh
12-10-2019 03:38 PM
Punjab
10-12-2019 06:55 PM
उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल प.... (Read More)
उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल पूछ सकते हैं
Posted by Harmeet singh
Punjab
12-10-2019 03:32 PM
Punjab
11-16-2019 03:55 PM
Posted by sukhpreet singh
Punjab
12-10-2019 03:16 PM
Punjab
10-12-2019 06:56 PM
ਫੀਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਮੱਗਰੀ :• 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ, • 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, • ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 1 ਕਿਲੋ,• ਮੱਕੀ 30 ਕਿਲੋ, • ਕਣਕ 25 ਕਿਲੋ • ਸੋਇਆ doc 10 ਕਿਲੋ • ਸਰੋਂ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ • ਚੌਲਾਂ ਦੀ doc 21 ਕਿਲੋ ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਫੀਡ ਤੁਸੀਂ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੀ 5% ਫੀਡ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਸੱਜਰੀ ਸੂਈ ਬੱਕਰੀ ਨੂੰ 300-400 .... (Read More)
ਫੀਡ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਸਮੱਗਰੀ :• 1 ਕਿਲੋ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ, • 2 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, • ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 1 ਕਿਲੋ,• ਮੱਕੀ 30 ਕਿਲੋ, • ਕਣਕ 25 ਕਿਲੋ • ਸੋਇਆ doc 10 ਕਿਲੋ • ਸਰੋਂ ਖਲ 10 ਕਿਲੋ • ਚੌਲਾਂ ਦੀ doc 21 ਕਿਲੋ ਇਹਨਾਂ ਸਭ ਚੀਜ਼ਾਂ ਨੂੰ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਫੀਡ ਤੁਸੀਂ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਵਜ਼ਨ ਦੀ 5% ਫੀਡ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਫਿਰ ਸੱਜਰੀ ਸੂਈ ਬੱਕਰੀ ਨੂੰ 300-400 ਗ੍ਰਾਮ ਤੱਕ ਫੀਡ ਪਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੇਕਰ ਛੋਟੇ ਬੱਚੇ ਹਨ ਜਾਂ ਫਿਰ ਫੰਡਰ ਬੱਕਰੀ ਹੈ ਉਸ ਨੂੰ ਘੱਟ ਫੀਡ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ..
Posted by Ashish Kumar
Uttar Pradesh
12-10-2019 03:10 PM
Punjab
10-12-2019 03:22 PM
Ashish ji aap iske uper planofix@4ml ko prati 15 litre pani ke hisab se spray karen.is se yeh fal girna band ho jayega.dhanywad
Posted by Arpit Tiwari
Uttar Pradesh
12-10-2019 03:00 PM
Punjab
10-12-2019 03:04 PM
अर्पित जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Sukhdev singh
Uttar Pradesh
12-10-2019 02:59 PM
Punjab
10-12-2019 03:08 PM
Sukhdev ji aap safed makhi ki roktham ke liye aap glamore@50 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Udeyveer
Uttar Pradesh
12-10-2019 02:55 PM
Punjab
10-12-2019 06:57 PM
यदि आपकी गाय बार बार रिपीट हो रही है और नए दूध नहीं हो रही है तो आप उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप क.... (Read More)
यदि आपकी गाय बार बार रिपीट हो रही है और नए दूध नहीं हो रही है तो आप उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल पूछ सकते हैं
Posted by Lovedeep Sohi
Punjab
12-10-2019 02:51 PM
Punjab
10-12-2019 06:59 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Mifex 450ml ਬੋਤਲ ਲਗਵਾਓ ਉਸ ਬੋਤਲ ਵਿਚ Tonophos injection 20ml ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ IV slow ਲਗਵਾਓ, ਉਸਦਾ ਪਿੱਛਾ ਉੱਚਾ ਰੱਖੋ ਉਸ ਨੂੰ ਤੂੜੀ ਦੇਣੀ ਬੰਦ ਕਰ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਖੁਰਾਕ ਥੋੜੀ ਥੋੜੀ ਕਰਕੇ ਦਿਓ ਇਕ ਵਾਰ ਵਿਚ ਸਾਰੀ ਖੁਰਾਕ ਨਾ ਪਾਓ..
Posted by Amarpal Maan
Uttar Pradesh
12-10-2019 02:50 PM
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
12-10-2019 02:46 PM
Punjab
10-12-2019 03:34 PM
BhaaG Je bukhaar nahi te isnu balti ch thora thora paani pio khulla paani na pio Baaki je bukhaar ae te chichran da dhian karo
Posted by hitendra rathore
Madhya Pradesh
12-10-2019 02:45 PM
Punjab
10-12-2019 03:15 PM
Hitendra ji HD3226 kisam ka beej lene ke liye aap Dr Dalip Gosain 9215757800 ( pbw187, hd3226) (HR, UP) ji se sampark kar sakte hai.dhanywad
Posted by Dilpreet singh
Punjab
12-10-2019 02:44 PM
Punjab
10-12-2019 03:29 PM
dilpreet ji isda asar 15-18 din rehnda hai isde asar da wait karo jekar fer v tela nahi marda ta tuc buprofezin@250ml di spray dubara kar sakde ho.ate jehde patte jhulasde han eh do spreha nu ikathe vartan nal eda ho jandi hai.dhanwad
Posted by Harsh Deep Singh
Punjab
12-10-2019 02:40 PM
Punjab
10-12-2019 03:34 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te 3kg feed rojana dyo te hunh malap rehat karo g
Posted by Jagdish kumar
Uttar Pradesh
12-10-2019 02:38 PM
Punjab
10-12-2019 07:00 PM
आप इसका बुखार नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें यदि इसे बुखार है तो बुखार के हिसाब डॉक्टर से इलाज करवायें यदि बुखार नहीं है तो इसे पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS दवा की गोली दें और Broton liquid 50-50ml सुबह शाम और Aptifast bolus 1—1 गोली सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Satwinder Kumar
Punjab
12-10-2019 02:34 PM
Punjab
10-12-2019 07:02 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Pregstay gold ਪਾਊਡਰ 30 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ 20 ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਦੇਣ ਲਗ ਜਾਵੇਗੀ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਗੱਭਣ ਹੋਈ ਤਾਂ ਰੁਕ ਜਾਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਗੱਭਣ ਨਾ ਹੋਈ ਤਾਂ ਦੁਬਾਰਾ ਹੀਟ ਵਿਚ ਵੀ ਆ ਜਾਵੇਗੀ
Posted by jashandeep Singh
Chandigarh
12-10-2019 02:33 PM
Punjab
10-12-2019 03:18 PM
jashandeep ji kripya aap apna swal vistar nal pucho ta jo tuhanu is bare poori jankari diti ja sake.dhanwad