Posted by u kumar
Bihar
13-10-2019 03:25 PM
Shrimaan ji kripry aap bataye ke kya rog hai, taki apko us hisaab se iski puri jankari di ja sake, dhanywad

Posted by RAJ KUMAR SHARMA
Uttar Pradesh
13-10-2019 03:12 PM
shrimaan g yeh smut hai or eski roktham ke liye Tilt @250 ml per acre ka spray kr skte ho g..

Posted by Sukhveer. Singh jaura
Punjab
13-10-2019 02:57 PM
Sukhveer ji yh bhens muraah nasal ki hai.

Posted by Imran Khan Hasan Imran
Uttar Pradesh
13-10-2019 02:54 PM
Shrimaan ji, dono hi kismo ki sinchit kshetron ke liye sifarish ki gai hai, ap dono mese koi bhi lga sakte hain,d hanywad

Posted by Rakesh Kumar
Uttar Pradesh
13-10-2019 02:44 PM
Shrimaan ji ap iske liye tilt @ 200 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by Tyagi Diwakar G
Madhya Pradesh
13-10-2019 02:40 PM
श्रीमान जी 1 एकड़ में 1.6 बीघा होता है, धन्यवाद

Posted by vikas rohra
Madhya Pradesh
13-10-2019 02:36 PM
Shrimaan ji, yeh fungus ka hamla hai, ap isme copper oxychloride @ 3gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by maninderjeet
Punjab
13-10-2019 02:24 PM
shrimaan g tele di roktham lyi Buprofenzin @250 ml per acre da spray kr skde ho g..
Posted by Gurvinder Singh
Uttarakhand
13-10-2019 02:23 PM
tuci uss nu nazdiki doctor ton bhukar check krwao ate usde bhukar de hisab nal ilagg krwao, baki usda picha ucha rakho, uss nu turri deni bnnd kro ate uss nu petti paa ke rkh skde ho..
Posted by Vijayant Tiwari
Uttar Pradesh
13-10-2019 02:19 PM
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों हल्की से उच्च पोषक तत्वों वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है जैसे कि गहरी गाद चिकनी, दोमट और उच्च दोमट मिट्टी केले की खेती के लिए उपयुक्त होती है केले की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 होनी चाहिए केला उगाने के लिए, अच्छे निकास वाली, पर्याप्त उपजाऊ और नमी की क्षमता वाली मिट्टी का .... (Read More)
इसे मिट्टी की विभिन्न किस्मों हल्की से उच्च पोषक तत्वों वाली मिट्टी में उगाया जा सकता है जैसे कि गहरी गाद चिकनी, दोमट और उच्च दोमट मिट्टी केले की खेती के लिए उपयुक्त होती है केले की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 7.5 होनी चाहिए केला उगाने के लिए, अच्छे निकास वाली, पर्याप्त उपजाऊ और नमी की क्षमता वाली मिट्टी का चयन करें उच्च नाइट्रोजन युक्त मिट्टी,पर्याप्त फासफोरस और उच्च स्तर की पोटाश वाली मिट्टी में केले की खेती अच्छी होती है जल जमाव, कम हवादार और कम पौष्टिक तत्वों वाली मिट्टी में इसकी खेती ना करें रेतली, नमक वाली, कैल्शियम युक्त और अत्याधिक चिकनी मिट्टी में भी इसकी खेती ना करें गर्मियों में, कम से कम 3 से 4 बार जोताई करें आखिरी जोताई के समय, 10 टन अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें ज़मीन को समतल करने के लिए ब्लेड हैरो या लेज़र लेवलर का प्रयोग करें वे क्षेत्र जहां निमाटोड की समस्या होती है वहां पर रोपाई से पहले निमाटीसाइड और धूमन, गड्ढों में डालें Grand Naine, Red Banana, Safed Velachi, Basarai, Rasthali, Dwarf Cavendish, Robusta, Poovan, Nendran, Ardhapuri, Nyali .केले की रोपाई के लिए मई-जून या सितंबर-अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है टिशू कल्चर से तैयार पौधों को पूरे साल में लगाया जा सकता है, जब तक कि तापमान के बहुत कम या बहुत अधिक होने पर पौधों की रोपाई नहीं की जा सकती केले की जड़ों को 45x 45x45 सैं.मी. या 60x60x60 सैं.मी. आकार के गड्ढों में रोपित करें गड्ढों को धूप में खुला छोड़ें, इससे हानिकारक कीट मर जायेंगे गड्ढों को 10 किलो रूड़ी की खाद या गला हुआ गोबर, नीम केक 250 ग्राम और कार्बोफ्युरॉन 20 ग्राम से भरें जड़ों को गड्ढें के मध्य में रोपित करे और मिट्टी के आसपास अच्छी तरह से दबायें गहरी रोपाई ना करें बिजाई के लिए, रोपाई ढंग या सीधी बिजाई ढंग का प्रयोग किया जाता है यदि फासला 1.8x1.5 मीटर लिया जाये तो प्रति एकड़ में 1452 पौधे लगाएं यदि फासला 2 मीटर x 2.5 मीटर लिया जाये, तो एक एकड़ में 800 पौधे लगाने की सिफारिश की जाती है रोपाई के लिए, सेहतमंद और संक्रमण रहित जड़ों या राइज़ोम का प्रयोग करें रोपाई से पहले, जड़ों को धोयें और क्लोरपाइरीफॉस 20 ई सी 2.5 मि.ली. प्रति लीटर पानी में डुबोयें फसल को राइज़ोम की भुंडी से बचाने के लिए रोपाई से पहले कार्बोफ्युरॉन 3 प्रतिशत सी जी 33 ग्राम में प्रति जड़ों को डुबोयें और उसके बाद 72 घंटों के लिए छांव में सुखाएं गांठों को निमाटोड के हमले से बचाने के लिए कार्बोफ्युरॉन 3 प्रतिशत सी जी 50 ग्राम से प्रति जड़ का उपचार करें फुज़ारियम सूखे की रोकथाम के लिए, जड़ों को कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में 15-20 मिनट के लिए डुबोयें पौधा लेने के लिए आप A.k Mani 9431232333 Hecure Agro Plants Prt Lmt जी से संपर्क कर सकते है धन्यवाद
Posted by Amrit singh
Punjab
13-10-2019 02:14 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਇਹ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਰਨ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿਚ vermcompost @ 4-5 kg ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by happy
Punjab
13-10-2019 02:12 PM
shrimaan g Boron and NPK 00.52.34 nu mix krke spray kr skde ho g bt ess vich soondi wali dwayi mix nhi kr skde ho g..

Posted by sunil
Haryana
13-10-2019 02:08 PM
shrimaan g gehu mein total @110 kg urea per acre pao and aap 45 kg urea beejayi ke time pa skte ho g.Gehu ki beejayi ke time 50 kg DAP prati acre drill kro.Potash deficiency wale khet mein 25 kg potash pao..
Posted by MOHD YAHIYA
Uttar Pradesh
13-10-2019 02:03 PM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये के आपके गन्ने के खेत में क्या रोग है, ताकि आपको इसकी पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by satnam singh
Punjab
13-10-2019 02:01 PM
shrimaan g knak da subsidy wala seed co-operative society ja agriculture wale department vich ja ke pta kro g..

Posted by Amanpreetsingh
Chandigarh
13-10-2019 02:01 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by raju
Madhya Pradesh
13-10-2019 02:00 PM
श्रीमान जी, यह सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन बिहार के किसानों के लिए एक बहुवर्ष.... (Read More)
श्रीमान जी, यह सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन बिहार के किसानों के लिए एक बहुवर्षिक सब्जी देनेवाला जाना-पहचाना पौधा है गाँव देहात में सहजन बिना किसी विशेष देखभाल के किसान अपने घरों के आसपास दो-एक पेड़ लगाकर रखते हैं, जिसके फल का उपयोग वे साल में एक बार जाड़े के दिनों में सब्जी के रूप में करते हैं ऐसा देखा जा रहा है कि बाजार में सहजन का फूल, छोटा-नन्हा कोमल सहजन से लेकर बड़ा और मोआसहजन भी ऊँचे दामों में बिकता है दक्षिण भारतीय लोग सहजन के फूल, फल, पत्ती का उपयोग अपने विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में सालों भर करते हैं भारत ही नहीं बल्कि फिलीपिंस, हवाई, मैक्सिको, श्रीलंका, मलेशिया आदि देशों में सहजन विशेष रूप से उपयोग में लाया जाता है सहजन के बीज से तेल भी निकाला जाता है बीज को उबालकर सुखाने और फिर पाउडर बनाकर विदेशों में निर्यात भी किया जा रहा है सहजन में औषधीय गुण प्रचुर मात्रा में है और इसके पौधे के सभी भागों का उपयोग विभिन्न कार्यो में किया जाता है सहजन भारतीय मूल का मोरिन्गासाए परिवार का सदस्य है इसका वनस्पतिक नाम मोरिंगा ओलीफेरा है सामान्यतया यह एक बहुवर्षिक, कमजोर तना और छोटी-छोटी पत्तियों वाला लगभग दस मीटर से भी उंचा पौधा है यह कमजोर जमीन पर भी बिना सिंचाई के सालों भर हरा-भरा और तेजी से बढने वाला पौधा है हाल के दिनों में सहजन का साल में दो बार फलने वाला वार्षिक प्रभेद तैयार किया गया है, जो न सिर्फ उत्पादन ज्यादा देता है बल्कि यह प्रोटीन, लवण, लोहा, विटामिन-बी, और विटामिन-सी. से भरपूर है बिहार के किसानों और खासकर अपनी भू-भागीय पसंद के कारण सहजन दियारा क्षेत्र के किसानों के लिए उनकी फसल प्रणाली का एक आर्थिक महत्व का उपयुक्त फसल हो सकता है जलवायु: सामान्यतया 25-300 के औसत तापमान पर सहजन के पौधा का हरा-भरा व काफी फैलने वाला विकास होता है यह ठंढ को भी सहता है परन्तु पाला से पौधा को नुकसान होता है फूल आते समय 400 से ज्यादा तापमान पर फूल झड़ने लगता है कम या ज्यादा वर्षा से पौधे को कोई नुकसान नहीं होता है यह विभिन्न पारिस्थितिक अवस्थाओं में उगने वाला एक ढीठ स्वभाव का पौधा है सभी प्रकार की मिट्टियों में सहजन की खेती की जा सकती है यहाँ तक कि बेकार, बंजर और कम उर्वरा भूमि में भी इसकी खेती की जा सकती है, परन्तु व्यवसायिक खेती के लिए साल में दो बार फलनेवाला सहजन के प्रभेदों के लिए 6-7.5 पी.एच. मान वाली बलुई दोमट मिट्टी बेहतर पाया गया है सहजन का साल में दो बार फलने वाले प्रभेदों में पी.के.एम.1, पी.के.एम.2, कोयेंबटूर 1 तथा कोयेंबटूर 2 प्रमुख हैं इसका पौधा 4-6 मीटर उंचा होता है तथा 90-100 दिनों में इसमें फूल आता है जरूरत के अनुसार विभिन्न अवस्थाओं में फल की तुड़ाई करते रहते हैं पौधे लगाने के लगभग 160-170 दिनों में फल तैयार हो जाता है साल में एक पौधा से 65-170 दोनों में फल तैयार हो जाता है साल में एक पौधा से 65-70 सें.मी. लम्बा तथा औसतन 6.3 सेंमी. मोटा, 200-400 फल (40-50 किलोग्राम) मिलता है यह काफी गूदेदार होता है तथा पकाने के बाद इसका 70 प्रतिशत भाग खाने योग्य होता है इसके पौध से 4-5 वर्षो तक पेड़ी फसल लिया जा सकता है प्रत्येक वर्ष फसल लेने के बाद पौधे को जमीन से एक मीटर छोड़कर काटना आवश्यक है सहजन के पौध की रोपनी में गड्ढा बनाकर किया जाता है खेत को अच्छी तरह खरपतवार से साफ़-सफाई का 2.5 x 2.5 मीटर की दूरी पर 45 x 45 x 45 सेंमी. आकार का गड्ढा बनाते हैं गड्ढे के उपरी मिट्टी के साथ 10 किलोग्राम सड़ा हुआ गोबर का खाद मिलाकर गड्ढे को भर देते हैं इससे खेत पौध के रोपनी हेतु तैयार हो जाता है सहजन में बीज और शाखा के टुकड़ों दोनों से ही प्रबर्द्धन होता है अच्छी फलन और साल में दो बार फलन के लिए बीज से प्रबर्द्धन करना अच्छा है एक हेक्टेयर में खेती करने के लिए 500 ग्राम बीज पर्याप्त है बीज को सीधे तैयार गड्ढों में या फिर पॉलीथीन बैग में तैयार कर गड्ढों में लगाया जा सकता है पॉलीथीन बैग में पौध एक महीना में लगाने योग्य तैयार हो जाता है एक महीने के तैयार पौध को पहले से तैयार किए गये गड्ढों में माह जुलाई-सितम्बर तक रोपनी कर दें पौध जब लगभग 75 सेंमी. का हो जाये तो पौध के ऊपरी भाग की खोटनी कर दें, इससे बगल से शाखाओं को निकलने में आसानी होगी रोपनी के तीन महीने के बाद 100 ग्राम यूरिया + 100 ग्राम सुपर फास्फेट + 50 ग्राम पोटाश प्रति गड्ढा की दर से डालें तथा इसके तीन महीने बाद 100 ग्राम यूरिया प्रति गड्ढा का पुन: व्यवहार करें सहजन पर किए गए शोध से यह पाया गया कि मात्र 15 किलोग्राम गोबर की खाद प्रति गड्ढा तथा एजोसपिरिलम और पी.एस.बी. (5 किलोग्राम/हेक्टेयर) के प्रयोग से जैविक सहजन की खेती, उपज में बिना किसी ह्रास के किया जा सकता है अच्छे उत्पादन के लिए सिंचाई करना लाभदायक है गड्ढों में बीज से अगर प्रबर्द्धन किया गया है तो बीज के अंकुरण और अच्छी तरह से स्थापन तक नमी का बना रहना आवश्यक है फूल लगने के समय खेत ज्यादा सूखा या ज्यादा गीला रहने पर दोनों ही अवस्था में फूल के झड़ने की समस्या होती है धन्यवाद
Posted by shankar kumar
Bihar
13-10-2019 01:57 PM
usko pett ke kirro ke liye Flukarid-Ds bolus den aur usko Minfa gold powder 100gm rojana aur Totavit tablet rojana 1 goli den aur 21 din tak dete rehen, isse heat mai aa jayegi..

Posted by vikram singh
Punjab
13-10-2019 01:55 PM
ehna dona da vdia result hai, ehna nal pashu nu vitamin milde hai ate pashu da lewa vdia tyar hunda hai..
Posted by prahlad prajapati
Uttar Pradesh
13-10-2019 01:51 PM
श्रीमान जी, इसकी रोकथाम के लिए आप tilt @ 200 ml प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by sukhpinder singh bhullar
Punjab
13-10-2019 01:33 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਸਰਦੀਆਂ ਦੀ ਮੱਕੀ : ਵਧੀਆ ਝਾੜ ਲਈ ਸੁਪਰ ਸਲਫੇਟ 150 ਕਿਲੋ, ਯੂਰੀਆ 155 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 20 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਬਸੰਤ ਦੀ ਮੱਕੀ : ਵਧੀਆ ਝਾੜ ਲਈ ਸੁਪਰ ਸਲਫੇਟ 150 ਕਿਲੋ, ਯੂਰੀਆ 110 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 20 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਤੀਜਾ ਹਿੱਸਾ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡੋ ਪਹਿਲ.... (Read More)
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਸਰਦੀਆਂ ਦੀ ਮੱਕੀ : ਵਧੀਆ ਝਾੜ ਲਈ ਸੁਪਰ ਸਲਫੇਟ 150 ਕਿਲੋ, ਯੂਰੀਆ 155 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 20 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਬਸੰਤ ਦੀ ਮੱਕੀ : ਵਧੀਆ ਝਾੜ ਲਈ ਸੁਪਰ ਸਲਫੇਟ 150 ਕਿਲੋ, ਯੂਰੀਆ 110 ਕਿਲੋ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ 20 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਫਾਸਫੋਰਸ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਯੂਰੀਆ ਦਾ ਤੀਜਾ ਹਿੱਸਾ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਯੂਰੀਆ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਭਾਗਾਂ ਵਿੱਚ ਵੰਡੋ ਪਹਿਲਾ ਹਿੱਸਾ ਅੱਧ-ਜਨਵਰੀ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਬਚਿਆ ਦੂਜਾ ਹਿੱਸਾ ਗੁੱਛੇ ਬਣਨ ਸਮੇਂ ਪਾਓ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by gagan faridkot
Punjab
13-10-2019 01:29 PM
tuci uss nu pett de kiria lai Bendikind plus bolus deo ate uss nu Anabolite liquid 100ml rojana, Milkout powder 2-2 chamch ate Calcimust gold liquid 50ml rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega baki uss nu tuci kanak da dalia v de skde ho..
Posted by omdas solanki
Madhya Pradesh
13-10-2019 01:25 PM
Shrimaan ji, kripya ap bataye ke ap iske bare mein kya jankari lena chahte hai, taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad

Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
13-10-2019 01:17 PM
Kuldeep ji tuci usdi dhun di photo bhejo ji jiss nu dekh ke tuhanu sahi jankari diti ja ske.

Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
13-10-2019 01:13 PM
ehh ABS walia da Murrah nasal da semen hai
Fats (%) 7.20%
Fats (kg) 338
Dam s Yield (kg) 4689
Posted by happy
Punjab
13-10-2019 01:03 PM

Posted by praveen sharma
Uttar Pradesh
13-10-2019 12:57 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Vishal Gharat
Maharashtra
13-10-2019 12:52 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by prabhjot singh
Punjab
13-10-2019 12:50 PM
1718 ਦਾ ਰੇਟ 2570 -2600 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by sandeep garg
Haryana
13-10-2019 12:48 PM
यदि आपने पशुओं के लिए घर में 100 किलो खुराक तैयार करनी है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इन.... (Read More)
यदि आपने पशुओं के लिए घर में 100 किलो खुराक तैयार करनी है तो 25 किलो अनाज (ज्वार, बाजरी (सर्दियां), गेहूं, जौं (गर्मियां)इनमें से कोई एक), दाल चूरी 20 किलो (मूंग चूरी, मांह चूरी, मोठ चूरी (केवल सर्दियों के लिए), मसूर चूरी, अरहर (इनमें से एक), डी ओ सी 25 किलो (धान का चूरा), फाइबर छिल्का 15 किलो (गेहूं, चौकर, चना छिल्का, मटर छिल्का, इनमें से एक), खल 15 किला (सरसों, बिनौला या सोया (इनमें से कोई एक), मीठा सोडा 250 ग्राम, 1 किलो नमक, गुड़ 1 किलो , 1 किलो हल्दी इन्हें मिला लें यह फीड पशु के लिए बहुत लाभदायक होती है.
Posted by dholuram saini
Rajasthan
13-10-2019 12:39 PM
श्रीमान जी, यह सुंडी का हमला हुआ है, इसकी रोकथाम के लिए आप quinalphos @ 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Akhilesh Madeshiya
Bihar
13-10-2019 12:33 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है खुम्ब का बीज लेने के लिए आप Mr. jai bhadouriya 8882876224 Contract Farming of mushroom से सम्पर्क करें , धन्यवाद

Posted by AMITGIRI ONKARI
Maharashtra
13-10-2019 12:32 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by Vikram Patil
Karnataka
13-10-2019 12:28 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by MANAV
Maharashtra
13-10-2019 12:25 PM
श्री मान इसकी किस्में हैं---PNB 83, PNB 233, CO 3, Pusa Giant Napier, Gajraj, NB-5, NB-6, NB 37 and NB-35..I इसकी बिजाई गन्ने की तरह की जाती है इसकी बिजाई का सही समय फरवरी से अप्रैल के अंत तक का है I एक एकड़ में 11000 कलमें लगती है I
Posted by Sukhvir singh
Punjab
13-10-2019 12:09 PM
usko aap Uteroton liquid 200ml abhi aur baki liquid 2 hours ke badd den, isse frak padd jayega yadi fir v jer nahi paddti too aap nazdiki doctor se jer niklwa skte hai.
Posted by sat ish pratap singh
Uttar Pradesh
13-10-2019 12:03 PM
आप इसके ऊपर mancozeb 4gm को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें. धन्यवाद

Posted by Lakhbir sohi Golu
Punjab
13-10-2019 12:03 PM
Shrimaan ji, si vich fungus da hamla hoea hai isdi roktham lai tuc tilt @ 200 ml prati liter pani de hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by iftekar husain
Uttar Pradesh
13-10-2019 11:54 AM
Shrimaan ji, sundi ki roktham ke liye ap quinaphos @ 4ml prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by satnam singh
Punjab
13-10-2019 11:51 AM
Shrimaan ji, kanak di subsidy 5 acre de beej te hi mil rahi hai, is lai 5 acre te 2000 rupay subcidy hai, subcidy len lai tuc apne najdeeki KVK te ja ke form bharo, dhanwad
Posted by Dilpreet singh
Punjab
13-10-2019 11:48 AM
ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Expert Communities
We do not share your personal details with anyone
We do not share your personal details with anyone
Sign In
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
Your mobile number and password is invalid
We have sent your password on your mobile number
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Sign Up
Registering to this website, you accept our Terms of Use and our Privacy Policy.
All fields marked with an asterisk (*) are required:
Please select atleast one option
Please select text along with image










