
Posted by MANAV
Maharashtra
13-10-2019 06:10 PM
Shrimaan ji, kripya ap apne aam ke podhe ki photo bejein, tajo apko iski puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by gurjant singh
Punjab
13-10-2019 06:05 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus bolus ਦਿਓ ਅਤੇ Bovimin-b ਪਾਊਡਰ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਅਤੇ Minotas tablet 1 ਗੋਲੀ ਰੋਜਾਨਾ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ

Posted by Rajwinder Singh Gill
Punjab
13-10-2019 06:01 PM
HD 2851: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਮੇ ਸਿਰ ਉਗਾਉਣਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਇਲਾਕਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ I ਇੱਹ ਕਿਸਮ 126-134 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਕਿਸਮ ਦਾ ਕੱਦ 80-90 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ ਹੈ

Posted by Mukesh Singh
Uttar Pradesh
13-10-2019 05:52 PM
मुकेश जी कीट के हमले के कारण हो रहा है इसके लिए आप quinalphos @800 ml को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by surya
Madhya Pradesh
13-10-2019 05:41 PM
tikkil medican Pani 1 Lt vich 2 ml pya k lada do ja hightik tika uper wali chamri vich lAgo thik ho u gi

Posted by Amit Kumar singh
Uttar Pradesh
13-10-2019 05:41 PM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्स.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्टूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.
Posted by ਸਰਦਾਰ ਜੀ
Punjab
13-10-2019 05:39 PM
ਸਰਦਾਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Buland:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਸੇਂਜੂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਹਾੜ੍ਹੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸਾਰੇ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਪੱਕਣ ਲਈ 178 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਵੱਧ ਝਾੜ ਦੇਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਠੰਡ ਨੂੰ ਸਹਾਰਣਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 31 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Partap 1:- ਇਹ ਕਿਸਮ ਸੇਂਜੂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਹਾੜ੍ਹੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸਾਰੇ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ .... (Read More)
ਸਰਦਾਰ ਜੀ ਤੁਸੀ ਮੱਕੀ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ Buland:-ਇਹ ਕਿਸਮ ਸੇਂਜੂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਹਾੜ੍ਹੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸਾਰੇ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਪੱਕਣ ਲਈ 178 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਵੱਧ ਝਾੜ ਦੇਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਠੰਡ ਨੂੰ ਸਹਾਰਣਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 31 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
Partap 1:- ਇਹ ਕਿਸਮ ਸੇਂਜੂ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਹਾੜ੍ਹੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸਾਰੇ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਬੀਜੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਪੱਕਣ ਲਈ 180 ਦਿਨ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਠੰਡ ਨੂੰ ਸਹਾਰਣਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਦੀ ਰੋਧਕ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 25 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਬੇਬੀ ਕੌਰਨ ਦੀ ਉਪਜ ਲਈ ਇਹ ਵਧੀਆ ਕਿਸਮ ਹੈ
PMH 9:- ਇਹ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਠੰਡ ਨੂੰ ਸਹਾਰਣਯੋਗ ਅਤੇ ਦੇਰ ਨਾਲ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਹਾੜ੍ਹੀ ਦੇ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਉਗਾਉਣ ਯੋਗ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ ਤਣੇ ਦੇ ਟੁੱਟਣ ਅਤੇ ਜੰਗ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਹ 180 ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 32.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ

Posted by Deepak Singh Savner
Madhya Pradesh
13-10-2019 05:39 PM
श्रीमान जी, आप मक्का की किस्मे जैसे के DHM 107, DHM 109, Prakash, P.E.H.M 1, P.E.H.M 2, P.M.H-5, X -3342, PRO 368, BIO 9637, K.H 5991, D.K.C 707, H.M 10, H.Q.P.M 4, H.Q.P.M 1, K.M.H 3712, M.N.H 803, BISCO 2418 , H.M. 4, H.Q.P.M 5, P 3441, N.K 21, K.M.H 3426, BISCO 111, M.H 11, DECCAN 105, GANGA 11, DECCAN 103, DECCAN 101की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by गुरजन्ट सिंह
Rajasthan
13-10-2019 05:38 PM
सरसो की बिजाई असिंचित क्षेत्रों में बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक पूरी कर लें जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें Aashirwad (RK 01-03): यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी .... (Read More)
सरसो की बिजाई असिंचित क्षेत्रों में बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक पूरी कर लें जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें Aashirwad (RK 01-03): यह किस्म पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है यह किस्म 120-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Swarn Jyoti (RH 9801): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 130-140 सैं.मी. होता है यह किस्म 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 39-42 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
RGN 73: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 160-170 सैं.मी. होता है इसमें तेल की मात्रा 40-41 प्रतिशत होती है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Lakshmi (RH 8812): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 160-180 सैं.मी. होता है यह किस्म 140-145 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने बड़े और काले रंग के होते हैं इसमें तेल की मात्रा 40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
VSL 5: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और सामान्य बिजाई के लिए उपयुक्त है पौधे का कद 165-170 सैं.मी. होता है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने मध्यम और काले रंग के होते हैं इसमें तेल की मात्रा 39-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8-8.8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Aravali (RN 393): पौधे का कद 155-165 सैं.मी. होता है यह किस्म 135-138 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 42 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 8.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Vansudhara (RH 9304): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके पौधे का कद 180-190 सैं.मी. होता है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Maya (RK 9902): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों और समय पर बोने के लिए उपयुक्त है इसके पौधे का कद 165-170 सैं.मी. होता है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 39-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 10-11 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Jaykisan: इसके पौधे का कद 160-180 सैं.मी. होता है यह 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसमें तेल की मात्रा 38-40 प्रतिशत होती है इसकी औसतन पैदावार 7.2-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Bold: पौधा मध्यम कद का होता है इसमें तेल की मात्रा 37-38 प्रतिशत होती है यह किस्म 130-140 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 4.8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by surya
Madhya Pradesh
13-10-2019 05:37 PM
सूर्य जी कृपया आप सवाल विस्तार से पूछे और हो सके तो इसकी फोटो भी भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Amit Kumar singh
Uttar Pradesh
13-10-2019 05:35 PM
वाईट पेकिन बत्तख की नस्ल है यह मीट उत्पादन वाली नसल है और इसका मूल स्थान चीन है इसके पंख बड़े आकार के सफेद, संतरी पीले रंग की चोंच, लाल पीले रंग के पंख और पीले रंग के पैर होते हैं इनके अंडों का रंग सफेद होता है लेकिन इन्हें इनके सबसे अच्छे मीट उत्पादन के लिए जाना जाता है ये बुरी बैठने वाली, स्वभाव से घबरायी हुई .... (Read More)
वाईट पेकिन बत्तख की नस्ल है यह मीट उत्पादन वाली नसल है और इसका मूल स्थान चीन है इसके पंख बड़े आकार के सफेद, संतरी पीले रंग की चोंच, लाल पीले रंग के पंख और पीले रंग के पैर होते हैं इनके अंडों का रंग सफेद होता है लेकिन इन्हें इनके सबसे अच्छे मीट उत्पादन के लिए जाना जाता है ये बुरी बैठने वाली, स्वभाव से घबरायी हुई होती है और इनसे धीरे से व्यवहार करना चाहिए बाकि आप विस्तार से बताएं कि बत्तख पालन के बारे में ओर क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Gurpreet Singh
Punjab
13-10-2019 05:32 PM
Gurpreet ji isde lai tuci Jaspreet Singh Moga 9781546129 nal sampark kr skde ho..

Posted by vikas rohra
Madhya Pradesh
13-10-2019 05:32 PM
waste decomposer एक अच्छा प्रोडक्ट हैं यह 20 रूपये की शीशी आती है जो कि किसी भी कीटनाशी वाली दूकान से ले सकते हैं, यह एक जैविक प्रोडक्ट हैं जिसमें एक बैक्टीरिया हैं जोकि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बढाता हैं जैसे फालतू चीजें पत्तो को गलन में मदद करता हैं इसे तैयार करने के लिए 150-200 लीटर पानी में 2 किलो गुड और एक शीशी waste decomposer की डा.... (Read More)
waste decomposer एक अच्छा प्रोडक्ट हैं यह 20 रूपये की शीशी आती है जो कि किसी भी कीटनाशी वाली दूकान से ले सकते हैं, यह एक जैविक प्रोडक्ट हैं जिसमें एक बैक्टीरिया हैं जोकि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बढाता हैं जैसे फालतू चीजें पत्तो को गलन में मदद करता हैं इसे तैयार करने के लिए 150-200 लीटर पानी में 2 किलो गुड और एक शीशी waste decomposer की डालें यह फंगीनाशी का भी काम करता हैं जल्दी जल्दी बीमारियों को नजदीकी नहीं आने देती यह लगभग 7 दिन में तैयार हो जाता हैं यह एक एकड की मात्रा हैं इसे आप हर फसल के ऊपर इस्तेमाल कर सकते है धन्यवाद

Posted by Gurjeet Singh
Punjab
13-10-2019 05:29 PM
BhaaG eh gandgi de kirhe ne Sfaee rakho baaki Butox 2ml 1litre paani ch ghol ke wallan de ulte rukh lagao Pashu rajya howe Piasa na hove te har 10 din de wakfe te 3 waar lagao farsh v dwaee de ghol naal dho deo
Posted by चौधरी Ravi Verma
Uttar Pradesh
13-10-2019 05:27 PM
बत्तख पालन करने से पहले उसके नस्लों(breeds) का selection कर लेना चाहिए Business के purpose से बत्तख पालन करने के लिए बत्तख की दो नस्ले प्रमुख हैं एक अधिक अंडा देने वाली और दूसरी अधिक मांस देने वाली, जो की इस प्रकार हैअंडा देने वाली नस्ले (लेयर / Egg) • इंडियन रनर– ये medium आकार के होते है और इनकी गर्दन (neck) पतली होती है ये 6 month में अंडा देने लग.... (Read More)
बत्तख पालन करने से पहले उसके नस्लों(breeds) का selection कर लेना चाहिए Business के purpose से बत्तख पालन करने के लिए बत्तख की दो नस्ले प्रमुख हैं एक अधिक अंडा देने वाली और दूसरी अधिक मांस देने वाली, जो की इस प्रकार हैअंडा देने वाली नस्ले (लेयर / Egg) • इंडियन रनर– ये medium आकार के होते है और इनकी गर्दन (neck) पतली होती है ये 6 month में अंडा देने लगते है ये white, black, light yellow, और brown color में पाए जाते है यह yearly 250 से 300 अंडा देती है • कैम्पबेल – इस नस्ल के बत्तखो का body चौड़ा होता है यह खाकी, सफेद व काले रंग में पाए जाते है यह yearly 300 से ज्यादा अंडा देती है मासं वाली जाति (ब्रोयलर) • सफ़ेद पेकिन – इनका body चौड़ा होता है, यह ज्यादा शोर करने वाले और जल्दी डर जाने वाले बत्तख होते है • एलिसबरी – इसमें हड्डी कम और मांस ज्यादा होती है • मस्कोवी (6 उपजाति) – इन्हें “म्यूल बत्तख” भी कहा जाता हैं • आरफीगंटन (5 उपजाति) • राउन बत्तख पालन में बत्तखो के लिए घर बनाना बहुत आसान होता है आप इन्हें छोटा, बड़ा, गीला, शुष्क या किसी भी अन्य स्थानों पर रख सकते हैं बत्तख पानी वाले और गीला जगहो पर रहना ज्यादा पसंद करते है आप एक बड़े फलों की टोकरी, लकड़ी या तेल के ड्रम का उपयोग करके अपने बतख के रहने के लिए एक उपयुक्त जगह बना सकते हैं बस इनके रहने के घरो में हमेशा एक प्रवेश और बाहर निकलने के लिए एक दरवाजा रहना चाहिए दरवाजे थोड़े उचे होने चाहिए आमतौर पर प्रत्येक बतख 2 से 3 square feet flooring space लेते है बत्तख को विशेष रूप से बिल्ली, लोमड़ी और कुत्ते जैसे जानवरों या शिकारियों से बचा कर रखने की अव्यश्कता होती है बत्तख का आहार मुर्गियों की तुलना में बतख रोजाना बहुत अधिक खाना खाते है यदि आप बत्तख से उचित अंडे और मांस की उत्पादन करना चाहते हैं तो आपको उन्हें अच्छी तरह से संतुलित भोजन खिलाना होगा वैसे तो बतख मुर्गियों की तरह सभी प्रकार के भोजन खाते है, लेकिन इसके अतिरिक आप बत्तख के आहार में कुछ और भी जोड़ सकते है कुछ बत्तख मुर्गियों की तुलना में अधिक अंडे देते हैं, तो आपको ऐसे बत्तखो को खिलाने में बहुत सावधान रहना होगा आपको इनके आहार में आवश्यक पोषक तत्व जोड़ने होंगे बत्तख को आहार उनके नस्ल और उनके विकास के अनुसार दिया जाता है यदि आप small scale पर batakh palan कर रहे है तो आप अपने बत्तख को खिलाने के लिए रसोई का कचरा, चोकर व घोंघे का इस्तेमाल कर सकते है चूँकि बत्तख पानी में रहता है इसलिए उन्हें सुखा आहार निगलने में काफी तकलीफ होती है सुखे हुए आहार को वे अपने चोंच में दबा कर वापस उसे पानी में हीं उगल देते है जिससे सारा आहार बरबाद हो जाता है बत्तख के अंडे के दाम / Price of Duck’s Eggs in India Local market में आपको 9 से 11 रूपए का एक बत्तख का अंडा मिलेगा और दर्जन (Dozens) के हिसाब से Rs 108 से ले कर 130 तक मिलेगा इसका मतलब है की, अगर उच्च नस्ल के बत्तखों के अंडे को बेचा जाये (एक average cost में) तो आपको केवल एक बत्तख से Rs 2,800 से Rs 3,000 आसानी से मिल जायेंगे

Posted by Vanwinder Singh Kesar
Punjab
13-10-2019 05:26 PM
vanwinder ji eh fungus de karn ho rahi hai isde layi tuc tilt@200ml nu prtai acre de hisab nal spray karo,dhanwad
Posted by चौधरी Ravi Verma
Uttar Pradesh
13-10-2019 05:19 PM
1 किलो वाट ऑन ग्रिड सोलर सिस्टम पर लगभग 65000 रुपया तक खर्चा आ जाता है

Posted by Gursharn singh
Punjab
13-10-2019 05:08 PM
Gursharn ji eh fungus de karn ho reha hai isde layi tuc planofix@4ml nu prati 15 litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by Dhawal Tiwari
Uttar Pradesh
13-10-2019 05:08 PM
तिवारी जी आप गाय को नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें इसकी जांच करके इसका सही इलाज हो सकता है
Posted by Ravi yaduvanshi
Uttar Pradesh
13-10-2019 05:06 PM
100 GM ajvan,50 GM Hera hing or 1 botal Kala sirka ,2 bollas ecotas,100 ml Hb care 5 din me frk pd jaega

Posted by Gursahib Singh
Punjab
13-10-2019 05:03 PM
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पा.... (Read More)
बढ़िया विकास के लिए, बढ़िया निकास वाली, घनी और उपजाऊ मिट्टी की आवश्यकता होती है इसके लिए मिट्टी का pH 6.5 या इससे ज्यादा होना चाहिए मिट्टी की pH 6.5 से कम होने पर फसल के विकास पर असर पड़ता है Konni Teak, West African teak, Godhavari Teak, South and Central American Teak, Nilambur or Malabar Teak.मिट्टी के भुरभुरा बनाने के लिए खेत की 2-3 बार जोताई करें मिट्टी को समतल करें ताकि खेत में पानी खड़ा ना हो सके नए पौधों की रोपाई के लिए 45x45x45 सैं.मी. के फासले पर गड्ढे खोदे प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद के साथ कीटनाशी डालें बीजों को नर्सरी बैड में बोया जाता है रोपाई के लिए 12-15 महीने के नए पौधों का प्रयोग करें टिशू प्रजनन ग्राफ्टिंग, जड़, तने काट कर और micro छोटे प्रजनन द्वारा किया जाता है रोपाई के लिए पूर्व अंकुरन पौधों का प्रयोग किया जाता है मॉनसून का मौसम सागवान की रोपाई के लिए सबसे अच्छा मौसम होता है रोपाई के लिए 2x2 या 2.5x2.5 या 3x3 मीटर के फासले रखा जाता है जब अंतर-फसली अपनाई हो, तो 4x4 मीटर या 5.x5 मीटर फासला रखें सागवान की रोपाई के लिए पूर्व अंकुरित पौधों का प्रयोग करें 45x45x45 सैं.मी. के गड्ढे बनाएं प्रत्येक गड्ढे में गली हुई रूड़ी की खाद और मिट्टी डालें बिजाई पंक्ति में, छींटे द्वारा या पनीरी लगाकर की जा सकती है एक एकड़ में रोपाई के लिए लगभग 1500-1800 clones का प्रयोग करें हर साल अगस्त और सितंबर महीने में 50 ग्राम प्रति पौधे में पहले तीन वर्ष डालें पहले तीन वर्षों में खेत को नदीन मुक्त करना आवश्यक है नियमित समय पर गोड़ाई करें पहले वर्ष में 3 और दूसरे वर्ष में 2 गोड़ाई करें रोपाई के तीसरे वर्ष में एक बार गोड़ाई करें मॉनसून के मौसम में सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती सिंचाई गर्म या गर्मियों के महीने में और आवश्यकता अनुसार करें आवश्यकता अनुसार सिंचाई करने के साथ काफी हद तक पैदावार में सुधार आता है अतिरिक्त सिंचाई से पानी के धब्बे और फंगस ज्यादा हो जाती है
Posted by Shivraj Sharma
Madhya Pradesh
13-10-2019 05:02 PM
shivraj ji kripya aap dhan ki najdiki photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake, aapke dwara bheji gayi photo men fasl sahi se dikhai nahi de rahi hai.dhanywad
Posted by Dhawal Tiwari
Uttar Pradesh
13-10-2019 04:59 PM
तिवारी जी आप गाय को नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें इसकी जांच करके इसका सही इलाज हो सकता है
Posted by chhatrapal rajput
Uttar Pradesh
13-10-2019 04:31 PM
बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों के मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें
Posted by shivanand baburao suryawanshi
Maharashtra
13-10-2019 04:30 PM
shivanand ji aap iske uper M-45@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by हेमचंद मीणा
Rajasthan
13-10-2019 04:26 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीन.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें
Posted by Rahul singh parihar
Madhya Pradesh
13-10-2019 04:26 PM
गर्मियों के मौसम में, बिजाई के लिए फरवरी से मार्च और खरीफ के मौसम के लिए, जून से जुलाई का महीना उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, मार्च से अप्रैल में बिजाई पूरी कर लें

Posted by kulvir singh
Punjab
13-10-2019 04:24 PM
tuci uss nu nazdiki doctor ton check krwao ji photo de hisab nal iss trah lgda hai jiwe ehh fall sutt gyi howe..
Posted by हेमचंद मीणा
Rajasthan
13-10-2019 04:22 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं, बकरी पालन में लोन लेने के लिए सबसे जरूरी है ट्रेनिंग सर्टीफिकेट अपने नज़दीक के कृषि विज्ञान केंद्र से ट्रेनिंग करने के बाद ट्रेनिंग के सर्टीफिकेट पर लोन एप्लाई होता है पर लोन मिलेगा या नहीं यह बैंक मेनेजर पर निर्भर करता है क्योंकि पहली बात यह है कि बैंक देखता है कि आपके अकाउंट में कितने पैसों का लेन देन हो रहा है और आपके पास ज़मीन गारंटी के तौर पर देने के लिए है या नहीं और अन्य भी कई बातें चैक करके लोन के लिए सहमत होता है बाकी कोशिश करें कि लोन के बिना अपने स्तर पर ही काम शुरू करें क्योंकि लोन की किश्त हर महीने भरनी पड़ेगी पर बकरियों से कमाई हर महीने नहीं होने होगी बाकी यदि कोशिश करके देखनी है तो अपने ट्रेनिंग सर्टीफिकेट से आप अपने जिले के पशु पालन विभाग अफसर को मिलें और उस पर प्रवानगी लेकर फिर बैंक से बात करके देखें, यदि आपने बकरी फार्म बनाना है तो बहुत बढ़िया सोच है आप बीटल नस्ल रखें यह दूध और मीट दोनों के लिए फायदेमंद है बाकि आप जैसे इस व्यवसायों में आएंगे उस हिसाब से आपके लिंक बनने शुरू हो जाएंगे और बाकि मार्केटिंग इस बात निर्भर है कि आपका लोगों के साथ लिंक कैसा है इसका दूध गाय के रेट के बराबर मिल जाता है और बाकि यदि फार्म हो तो बच्चे भी बेचे जाते है कुल मिलाकर यदि मोटा सा हिसाब लगाना है तो एक बकरी से लगभग 20000 तक कमाई हो जाती है बाकि यह भी सलाह है कि आप आपने नज़दीक kvk से ट्रेनिंग ज़रूर लें और सफल बकरी पालकों के फार्म ज़रूर देखें.वहां से आपको इस काम के बारे में जानकारी और इसे करने के तरीकों के बारे में भी पता लगेगा.

Posted by Tarun
Delhi
13-10-2019 04:20 PM
मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आ.... (Read More)
मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में इस वृक्ष की बढ़ी मात्रा में फार्मिंग कर रहे है और इसका प्रयोग सस्ती वुड (plywood इंडस्ट्री) के रूप में कर रहे है यदि पेड़ो को सिंचित किया जाये तो 5 वर्ष के अंत में काटा जा सकता है और प्लाई के लिए प्रयोग किया जासकता है मार्च - अप्रैल के दौरान बीज बोना सबसे अच्छा है

Posted by Tyagi Diwakar G
Madhya Pradesh
13-10-2019 04:15 PM
Posted by Gurnishan Singh Dhillon
Punjab
13-10-2019 04:12 PM
hnji tuci uss nu agrimin powder 30gm rojana de skde ho..

Posted by SURYAKANT SAROJ
Uttar Pradesh
13-10-2019 04:10 PM
श्रीमान जी, इसकी रोकथाम के लिए आप tilt @ 200 ml प्रति एकर के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by Amit Kumar
Haryana
13-10-2019 04:08 PM
Sir, according to weather forecast clmaite will be clear for next week, thank you
Posted by Raj kumar
Haryana
13-10-2019 04:01 PM

Posted by Gurpïńďëŕ Brar
Punjab
13-10-2019 03:56 PM
tuci pashu de suun ton 2 mahine pehla vitum-H liquid 10-10ml swere sham dena suru kr skde ho..

Posted by Mangal
Uttar Pradesh
13-10-2019 03:52 PM
Shrimaan ji kripya ap apna sawal visthar se puchen ke ap konsi fasal ke beej ki baat kar rahe hai, tajo apko iske bare mein puri janakri di ja sake, dhanywad
Posted by rajkumar
Madhya Pradesh
13-10-2019 03:49 PM
चने और धनिया को पाले से बचाने के लिए आप इस में हलकी सिंचाई कर दें, धन्यवाद

Posted by ravi
Rajasthan
13-10-2019 03:47 PM
श्रीमान जी, इसमें दीमक का हमला चेक करें, अगर दीमक मौजूद हो तो आप इसमें chlorpyriphos @ 4ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by Gurminder Singh
Punjab
13-10-2019 03:41 PM
Gurminder Singh ji basmati 1509 da rate 2420 to 2730 de lag bhag chal reha hai, Thankyou.

Posted by Narinderpal singh
Punjab
13-10-2019 03:40 PM
Narnderpal ji pashu de gaban honn ton 3 month badd he gaban check krwana chahida hai, iss nal pashu de gaban rehn da sahi pta lggda hai..
Posted by harpal singh sandhu
Punjab
13-10-2019 03:38 PM
ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਇਹ ਪੁੰਗਰਣ ਵਿੱਚ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਦੀ ਹੈ ਉਸ ਤੋ ਬਾਅਦ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਅਤੇ ਜਲਵਾਯੂ ਦੇ ਅਧਾਰ ਤੇ ਬਾਕੀ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ 6-7 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਕਰੋ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ 10-12 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਤੇ ਕਰੋ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਗਾਜ਼ਰ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਤੋਂ ਚਾਰ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੀ ਜਰੂ੍ਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਆਦਾ ਸਿੰਚਾਈ ਤੋ ਪ੍ਰਹੇਜ਼ ਕਰੋ ਕਿਉਕ.... (Read More)
ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋ ਇਹ ਪੁੰਗਰਣ ਵਿੱਚ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਦੀ ਹੈ ਉਸ ਤੋ ਬਾਅਦ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਅਤੇ ਜਲਵਾਯੂ ਦੇ ਅਧਾਰ ਤੇ ਬਾਕੀ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਗਰਮੀਆਂ ਵਿੱਚ 6-7 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਕਰੋ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ 10-12 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਤੇ ਕਰੋ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਗਾਜ਼ਰ ਨੂੰ ਤਿੰਨ ਤੋਂ ਚਾਰ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੀ ਜਰੂ੍ਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਆਦਾ ਸਿੰਚਾਈ ਤੋ ਪ੍ਰਹੇਜ਼ ਕਰੋ ਕਿਉਕਿ ਇਸ ਨਾਲ ਜੜਾਂ ਦੇ ਗਲਣ ਦਾ ਡਰ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ ਪੁਟਾਈ ਤੋਂ ਦੋ ਜਾਂ ਤਿੰਨ ਹਫਤੇ ਪਹਿਲਾਂ ਸਿੰਚਾਈ ਰੋਕ ਦਿਉ ਇਸ ਨਾਲ ਗਾਜ਼ਰ ਦੀ ਮਿਠਾਸ ਅਤੇ ਸੁਆਦ ਵਧ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by Panthjeet Singh
Punjab
13-10-2019 03:35 PM
Hanji tuci Udder-H liquid suun ton badd v de skde ho, isda koi nuksan nhi hai.

Posted by amrit tech to dear sir
Uttar Pradesh
13-10-2019 03:33 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
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