
Posted by Rajesh patidar
Rajasthan
14-10-2019 03:38 PM
राजेश जी आप इसके ऊपर mancozeb 4gm को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें। धन्यवाद

Posted by Vishnu
Rajasthan
14-10-2019 03:32 PM
Vishnu ji novemeber month be next kishat aane ki umeed hai ji.

Posted by amritpal singh
Punjab
14-10-2019 03:23 PM
Sir, please send a photograph of your barota leaf so that we can provide you full information regarding that, thank you
Posted by hardeep Singh Saggi
Punjab
14-10-2019 03:21 PM
hardeep Singh Saggi ji tusi 94631 62531 number te mere nal contact karo ji.
Posted by Randhir Singh
Haryana
14-10-2019 02:50 PM
Posted by Amrit singh
Punjab
14-10-2019 02:49 PM
ਕੀ ਉਨ੍ਹਾਂ ਬੂਟਿਆਂ ਦੇ ਥੱਲੇ ਕੁਝ ਗਾਹੜੇ ਕਾਲ਼ੇ ਰੰਗ ਦੇ ਪੱਤੇ ਹਨ
ਜਾਂ ਕੁਝ ਹੇਠਾਂ ਵੱਲ ਟਾਹਣੀਆਂ ਬਿਨਾਂ ਕੰਡਿਆਂ ਤੋਂ ਹੋਣ ਤੇ ਪੀਲ਼ੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੀਆਂ ਟਾਹਣੀਆਂ ਤੇ ਕੰਡੇ ਹਨ??

Posted by sukhdeep singh
Punjab
14-10-2019 02:46 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਬੀਜ ਨਾਵਾਂ ਲੈ ਕਿ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ, ਪੁਰਾਣ ਬੀਜ ਲਗਾਉਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਬਹੁਤ ਘਾਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by harsimranjit singh
Punjab
14-10-2019 02:44 PM
1718 ਦਾ ਰੇਟ 2570 -2600 ਰੁਪਏ ਪ੍ਰਤੀ ਕੁਇੰਟਲ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਚਲ ਰਿਹਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by shamsher singh
Punjab
14-10-2019 02:42 PM
shrimaan ji, HDCSW 18 di biaji da sahi sama october tak da hunda hai, ea lagbhag 155 to 160 din tak pak ke tiyar ho jandi hai, dhanwad

Posted by dayaram
Madhya Pradesh
14-10-2019 02:32 PM
Shrimaan ji, aap pyaj ki kisme jaise ke N 241, Ankur white, Arka Niketan, N-53, Punjab red round, Pusa Ratnar, Pusa Red, Pusa White Round, Arka Pitamber, Arka Kirtiman, Arka Lalima ki buvai kar skate hain, dhnaywad

Posted by Akshay kumar
Punjab
14-10-2019 02:31 PM
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਇਹ ਜਾਨਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਮੁਰਗੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਧੰਦਾ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਮੀਟ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੇਇਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੀਟ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਜੇਕ.... (Read More)
ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਤੁਹਾਡੇ ਲਈ ਇਹ ਜਾਨਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਕਿ ਮੁਰਗੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਧੰਦਾ ਦੋ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਜਾਂ ਮੀਟ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਂਡਿਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੇਇਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਅਤੇ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੀਟ ਦਾ ਧੰਦਾ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਪਾਲਣੀਆਂ ਪੈਣਗੀਆਂ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬਰਾਇਲਰ ਮੁਰਗੀ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਘੱਟ ਤੋਂ ਘੱਟ 10 ਹਜਾਰ ਮੁਰਗੀਆਂ ਦਾ ਧੰਦਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 4 ਤੋਂ 5 ਲੱਖ ਦਾ ਇੰਤਜਾਮ ਕਰਨਾ ਪਵੇਗਾ , ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਆਡਿਆਂ ਲਈ 500 ਮੁਰਗੀਆਂ ਨਾਲ ਲੇਇਰ ਫਾਰਮਿੰਗ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਇੱਕ ਮੁਰਗੀ ਦੇ ਇੱਕ ਬੱਚੇ ਤੇ ਤੇ ਜਨਮ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਅੰਡੇ ਦੇਣ ਤੱਕ 250-300 ਤੱਕ ਖਰਚਾ ਆ ਜਾਵੇਗਾ ਤੇ ਇਸ ਲਈ 1250 ਸਕੇਅਰ ਫੁੱਟ ਦੇ ਸ਼ੈੱਡ ਜਗਾਂ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਪਵੇਗੀ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈ ਕੇ ਨਾਬਾਰਡ ਤੋਂ ਲੋਨ ਲੈਂਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ 25 ਤੋਂ 35 % ਤੱਕ ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰਨ ਦੀ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਵਿੱਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੋਂ ਜਾਂ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਜਾਂ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਕਿਸੇ ਵੀ ਦਿਨ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰ ਆਊ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਵੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਆਵੇਗੀ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਦਰ ਵੱਲੋਂ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਦਾ ਹੈ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਕੰਮ ਹੈ ਜੀ ਪੋਲਟਰੀ ਦਾ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਬ੍ਰਾਇਲਰ ਰੱਖਦੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਪੰਜ ਤੋਂ ਛੇ ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਅੰਦਰ ਅੰਦਰ ਮੰਡੀਕਰਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਤਕਰੀਬਨ ਪੰਜ ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਅੰੰਡਿਆ ਦੀ ਉਪਜ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵਾਲਾ ਕੰਮ ਹੈ ਜੀ ਜਿਆਦਾ ਮਿਹਨਤ ਵੀ ਨਹੀ ਲੱਗਦੀ ਇਹ ਨਾਜੁਕ ਕਿਸਮ ਦੇ ਜਾਨਵਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਕੁੱਝ ਕੁ ਖਤਰਨਾਕ ਬਿਮਾਰੀਆ ਵੀ ਹਨ ਜਿੰਨਾਂ ਤੋੰ ਬਚਣ ਲਈ ਖਾਸ ਧਿਆਨ ਰੱਖਣ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੂੰਦੀ ਹੈ..

Posted by Dinesh Singh
Rajasthan
14-10-2019 02:28 PM
श्रीमान जी, अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूजल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसकी पी एच 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का पी एच 5 से कम हो तो इसमें चून.... (Read More)
श्रीमान जी, अच्छे जल निकास वाली गहरी, दोमट मिट्टी जिसमें भूजल का स्तर ज़मीन से 1.5-2 मी. के नीचे हो और अच्छी जल धारण क्षमता वाली वाली ज़मीन गन्ने की खेती के लिए लाभदायक है यह फसल काफी अम्लीय और खारेपन को सहन कर सकती है इसलिए इसे मिट्टी जिसकी पी एच 5 से 8.5 हो, में उगाई जा सकती है यदि मिट्टी का पी एच 5 से कम हो तो इसमें चूना (कली) डालें और यदि मिट्टी का पी एच 9.5 से ज्यादा हो तो इसमें जिप्सम डालें CO 419: यह अधिक उपज वाली, लेकिन देरी से पकने वाली किस्म है इसकी औसतन पैदावार 500 क्विंटल प्रति एकड़ होती है आप गन्ने की किस्मे जैसे के COS 767, CO 1007, CO 66-17, Co 1148, CO Pant 84211, COJ 64, Pratap Ganna-1 (COPK 05191), Co 1111, CO 00421, COJ 97015 की बिजाई कर सकते हैं खेत की दो बार जोताई करें पहली जोताई 20-25 सैं.मी. गहराई में होनी चाहिए रोड़ियों को मशीनी ढंग से या उपयुक्त औज़ार से अच्छी तरह तोड़कर समतल कर दें गन्ने की बिजाई मध्य फरवरी से मध्य मार्च में की जाती है गन्ना पकने के लिए सामान्य तौर पर एक वर्ष ही लेता है इसलिए इसे एकसाली भी कहा जाता है भारी मिट्टी में कतार से कतार का फासला 90 सैं.मी. और हल्की मिट्टी में अच्छी खेती के लिए 75 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें गन्ने को 3-4 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर इसे मिट्टी से ढक दें बीज की मात्रा क्षेत्र अनुसार बदलती रहती है उत्तर पश्चिमी भारत में बीज की मात्रा ज्यादा होती है क्योंकि यहां पर अंकुरण की प्रतिशतता कम और मौसम गर्म और शुष्क हवाएं चलती रहती हैं दो आंख वाली गुलियों के लिए 27500-27800 बीजों की मात्रा और तीन आंख वाली गुलियों के लिए 16500-18750 बीजों की मात्रा का प्रयोग प्रति एकड़ में करें बीज 6-7 महीनों की फसल के लगाएं ये कीड़ों और बीमारियों से रहित होते हैं बिमारी और कीड़े वाले गन्ने और आंखों को ना चुनें बीज वाली फसल बिजाई से एक दिन पहले काटें इससे फसल अच्छा जमाव देती है कार्बेनडाज़िम 1 ग्राम एमीसान 6 या मैनकोजेब 2.5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में मिलाकर गुलियों को 4-5 मिनट के लिए इसमें भिगो दें रासायनिक उपचार के बाद गुलियों को एजोस्पाइरिलम के साथ उपचार करें इससे गुलियों को एजोस्पाइरिलम 800 ग्राम प्रति एकड़ पानी में बिजाई से पहले 15 मिनट के लिए रखें मिट्टी के उपचार के लिए 5 किलो जीवाणु खाद को 10 लीटर पानी में घोलकर मिश्रण तैयार कर लें इस मिश्रित घोल को 80-100 किलो रूड़ी में मिला कर घोल तैयार कर लें इस घोल को मेंड़ पर बोये गन्ने की गुलियों पर छिड़कें इसके बाद मेंड़ को मिट्टी से ढक दें गन्ने में नदीनों के कारण 12-72 प्रतिशत पैदावार का नुकसान होता है शुरूआती 60-120 दिनों तक नदीनों की रोकथाम बहुत जरूरी है इसलिए रोपाई के बाद 3-4 महीने की फसल में नदीनों की रोकथाम करें नीचे लिखे तरीकों से नदीनों को रोका जा सकता है धन्यवाद
Posted by bazad khan
Punjab
14-10-2019 02:24 PM
Black wheat da seed tohanu mil javega ji baki tohanu puri jankari mil javegi ji tusi 86995 55651 number te call karo ji.

Posted by jass
Punjab
14-10-2019 02:17 PM
tuci iss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate iss nu 3D red liquid 50-50ml swere sham deo ate Broton liquid 50ml rojana deo, baki iss nu rojana 35-40kg hara chara ate 5-7 kg sukka chara deo, iss nal frak paa jawega..

Posted by gajendra singh
Madhya Pradesh
14-10-2019 02:16 PM
यदि आप मधु मक्खी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है और अगर आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट.... (Read More)
यदि आप मधु मक्खी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है और अगर आप नए सिरे से मक्खी पालन का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो अगस्त से जनवरी तक शुरू किया जा सकता है इसमें 100 मक्खी के बक्सों से आप औसतन 25000-30000 तक का मुनाफा ले सकते हैं शुरूआत में यदि आप 100 बक्सों से काम शुरू करते हैं तो औसतन 4-5 लाख तक खर्चा आता है आप अपने बजट के हिसाब से बक्सों की गिणती कम ज्यादा कर सकते हैं बाकी यदि इसकी ट्रेनिंग लेकर शुरू करें तो बढ़िया रहेगा ट्रेनिंग में आपको पूरी जानकरी मिलेगी किस तरह से इसका रख रखाव करना होता है जी और उसके बाद जब आपने यह काम शुरू करना है तो आप बक्से नज़दीकी किसी भी मधुमखी पालन का काम करने वाले किसान से खरीद सकते है..

Posted by Rajesh
Haryana
14-10-2019 02:09 PM
Rajesh ji aap iske uper carbendazim@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by चन्द्रप्रकाश सिन्हा
Chattisgarh
14-10-2019 02:07 PM

Posted by Amarjeet singh
Uttar Pradesh
14-10-2019 01:55 PM
श्रीमान जी, खेत की तैयारी के समय मिट्टी में 10 किलो रूड़ी की खाद अच्छी तरह मिलाएं एक वर्ष के पौधे के लिए, खेत में नाइट्रोजन 100 ग्राम, फासफोरस 50 ग्राम और पोटाश्यिम 100 ग्राम प्रति पौधा डालें 10 साल तक खाद की मात्रा बढ़ते रहें फासफोरस की पूरी और पोटाशियम और नाइट्रोजन की आधी मात्रा को जनवरी-फरवरी में शुरूआती खुराक के त.... (Read More)
श्रीमान जी, खेत की तैयारी के समय मिट्टी में 10 किलो रूड़ी की खाद अच्छी तरह मिलाएं एक वर्ष के पौधे के लिए, खेत में नाइट्रोजन 100 ग्राम, फासफोरस 50 ग्राम और पोटाश्यिम 100 ग्राम प्रति पौधा डालें 10 साल तक खाद की मात्रा बढ़ते रहें फासफोरस की पूरी और पोटाशियम और नाइट्रोजन की आधी मात्रा को जनवरी-फरवरी में शुरूआती खुराक के तौर पर डालें बाकी की मात्रा अगस्त के महीने में डालें सोडियम की ज्यादा मात्रा वाली मिटटी में, बोरोन और ज़िंक सल्फेट 100-150 ग्राम पौधे की आयु और सेहत के अनुसार डालें नए लगाए पौधों की काट छांट इस तरह करनी चाहिए जिस से कम से कम 1 मीटर तक तना सीधा और बिना टहनी वाला रहें इस के बाद 5-6 टहनियां अलग-अलग दिशाओं में निकाल दें ताकि पेड़ का ढांचा मजबूत रहे धन्यवाद

Posted by khyaliram nayak
Rajasthan
14-10-2019 01:50 PM

Posted by khyaliram nayak
Rajasthan
14-10-2019 01:47 PM
khyaliram ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by avtar Singh
Punjab
14-10-2019 01:46 PM
ਤੁਸੀ ਸਬਜ਼ੀਆਂ ਜਿਵੇ ਗਾਜਰ, ਸ਼ਲਗਮ, ਫੁੱਲਗੋਭੀ, ਆਲੂ, ਸਰ੍ਹੋਂ, ਮੂਲੀ, ਪਾਲਕ, ਪੱਤਾ ਗੋਭੀ, ਧਨੀਆ, ਸੌਂਫ, ਰਾਜਮਾਹ, ਮਟਰ, ਬਰੌਕਲੀ, ਸਲਾਦ, ਬੈਂਗਣ, ਹਰਾ ਪਿਆਜ, ਲਸਣ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by योगेंद्र कुमार
Uttar Pradesh
14-10-2019 01:40 PM
श्रीमान जी, इसके लिए आप boron @ 100 gm के साथ NPK 130045 @ 1kg प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by Ramlal Beniwal Beniwal
Rajasthan
14-10-2019 01:35 PM
श्रीमान जी, इसकी रोकथाम के लिए आप कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 2.5 ग्राम को प्रति लीटर पानी में डालकर स्प्रे करें
Posted by संजय सिंह पटेल
Uttar Pradesh
14-10-2019 01:30 PM
श्रीमान जी,यह हल्दी रोग है, इसकी रोकथाम के लिए आप tilt @ २०० ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by binder singh
Punjab
14-10-2019 01:24 PM
Shrimaan ji, iski roktham ke liye ap cartap hydrochloride @ 170 gm prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by harpreet singh
Punjab
14-10-2019 01:22 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਹਾਡਾ ਸੁਝਾਵ ਦੇਣ ਦਾ ਧੰਨਵਾਦ, ਅਸੀਂ ਬਹੁਤ ਜੀ ਜਲਦੀ ਇਸਨੂੰ app ਤੇ update ਕਰ ਦੇਵਾਂਗੇ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by binder singh
Punjab
14-10-2019 01:22 PM
Binder ji kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa skee..
Posted by ashok thakker(बिज उत्पादक समिति सदस्य)
Madhya Pradesh
14-10-2019 01:14 PM
अशोक थककर जी HD3226 किस्म का बीज लेने के लिए आप डॉ. दलीप गोसाईं 9215757800 ( pbw187, hd3226) (HR, UP) के साथ संम्पर्क कर सकते हैं। धन्यवाद

Posted by Kadulal Bairwa
Madhya Pradesh
14-10-2019 01:09 PM
kadulal ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by veer bahadur
Rajasthan
14-10-2019 01:09 PM
Shirmaan ji, kripya ap apna sawal vishthar se puchein ke yeh koi variety hai, or is variety ka pura nam bataye tanjo apko iske bare mein puri jankari di ja iske, dhanywad

Posted by jeevansingh
Madhya Pradesh
14-10-2019 01:05 PM
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीन.... (Read More)
यदि आप डेयरी फार्मिंग बड़े स्तर पर करना चाहते है तो आप इसकी ट्रेनिंग लेकर इस काम को करें जिसमें आपको इस काम के बारे में सारी जानकारी प्राप्त होगी , वहां आपको इसके शेड को तैयार करना और उसमें पशुओं को सही तरीके से रखने के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी आप एक बार में इक्ट्ठी गाय ना खरीदें गायों को 2-2 महीनों के फासले पर खरीदें या फिर 3 पहले खरीदें ओर 3 महीने बाद फिर खरीद लें इससे दूध की कमी नहीं आयेगी पशु की नसल सबसे ज्यादा जरूरी है पशु खरीदने के समय कोशिश करें कि दिन में तीन बार दूध निकालकर ही पशु खरीदें भैंसो का एक दिन का दूध 12 लीटर और गायों को दूध 16-17 लीटर से कम ना हो गाभिनों को खरीदने का सही समय रखड़ियों से लेकर वैशाखी तक का होता है क्योंकि इस समय मौसम अच्छा होने के कारण हरा चारा भी खुला होता है गाभिनों के लिए शैड आवाजाई वाली सड़क पर ना बनायें और शैड सड़क से कम से कम 100 गज दूर हो शैड को धूप और हवा का ध्यान रखकर ही बनायें शैड हमेशा खेत या आस पास से 2 फुट ऊंचा बनायें क्योंकि निचले स्थान पर पानी खड़ा हो जाता है जिस कारण गंदगी पैदा हो जाती है और बाकी पशुओं का मल मूत्र का निकास भी आसानी से हो जाता है पशुओं के लिए बनायी जाने वाली खुरली ढाई तीन फुट चौड़ी होनी चाहिए खुरली पर खड़ने के लिए एक पशु को तकरीबन चार फुट जगह चाहिए मतलब 10 पशुओं के लिए 40 फुट लंबी खुरली बनेगी डेयरी फार्म से संबंधित सामान रखने के लिए स्टोर बनायें पशुओं का वितरण/दाना स्टोर करने के लिए कमरा सैलाब से रहित होना चाहिए शैड का फर्श पक्क, फिसलन रहित और जल्दी साफ होने वाला हो शैड में जितना हो सके पशुओं को खुला छोंड़े और पानी और दाना पूरा डालें पशु को खुला छोड़ने से पशुओं में अफारे की समस्या कम आती है बाकी अपनी आवश्यकता और क्षमता के मुताबिक ही सामान खरीदें और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए प्रत्येक गाभिन का बीमा जरूर करवायें

Posted by Hani singh Hani singh
Uttar Pradesh
14-10-2019 12:58 PM
shirmaan ji, yeh mauam mein nami hone ke karan a jata hai iski roktham ke liye ap buprofenzin @ 250 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by karan jaat
Rajasthan
14-10-2019 12:41 PM
करण जी आप चने की किस्मे जैसे RSG-44: यह किस्म 1991 में RAU, दुर्गापुर द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म पकने के लिए 135-185 दिन लेती है यह किस्म सूखे और ठंड के प्रतिरोधी है
KPG 59: यह किस्म 1992 में CASUAT द्वारा जारी की गई है यह पिछेती बिजाई वाली किस्म है जिसके बीज मोटे होते हैं इसकी औसतन प.... (Read More)
करण जी आप चने की किस्मे जैसे RSG-44: यह किस्म 1991 में RAU, दुर्गापुर द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म पकने के लिए 135-185 दिन लेती है यह किस्म सूखे और ठंड के प्रतिरोधी है
KPG 59: यह किस्म 1992 में CASUAT द्वारा जारी की गई है यह पिछेती बिजाई वाली किस्म है जिसके बीज मोटे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म पकने के लिए 135-150 दिनों का समय लेती है यह किस्म रतुआ रोग, सूखा और फली छेदक को सहने योग्य है
Pusa 372 (BG 372): यह किस्म 1993 में IARI द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 135-150 दिनों में पक जाती है यह किस्म झुलस रोग, सूखा और रतुआ रोग को सहने योग्य है इसके बीज छोटे होते हैं जो कि हल्के भूरे रंग के होते हैं
Pusa 329: यह किस्म 1993 में IARI द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 8-9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 145-155 दिनों में पक जाती है यह किस्म सूखे और सलेटी रंग की फंगस की काफी हद तक प्रतिरोधी होती है
Vardan (GNG-663): यह किस्म RAU, श्रीनगर द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 9-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 150-155 दिनों में पक जाती है यह किस्म सूखे के प्रतिरोधी होती है
GPF 2: यह किस्म 1995 में PAU द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 8-9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 152 दिनों में पक जाती है यह किस्म सूखे के प्रतिरोधी और झुलस रोग को सहने योग्य है इसके बीज पीले भूरे रंग के होते हैं
Pusa-362: यह किस्म 1995 में IARI द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 9-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 145-150 दिनों में पक जाती है इसके बीज मोटे होते हैं और यह किस्म सूखे को सहनेयोग्य है
Alok (KGD 1168): यह किस्म 1996 में CSAUAT द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 7-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 145-150 दिनों में पक जाती है यह किस्म सूखे और रतुआ रोग के प्रतिरोधी है
Samrat (GNG 469): यह किस्म RAU, श्रीनगर द्वारा 1997 में जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 7-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 145-150 दिनों में पक जाती है यह किस्म झुलस रोग के प्रतिरोधी और सूखे और रतुआ रोग को सहने योग्य है यह किस्म कम वर्षा वाले क्षेत्रों और सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए अनुकूल है
Posted by Mangal prasad bismongare
West Bengal
14-10-2019 12:38 PM

Posted by Bhupinder singh
Punjab
14-10-2019 12:38 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਬੀਜ ਨਾਵਾਂ ਲੈ ਕਿ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ, ਪੁਰਾਣ ਬੀਜ ਲਗਾਉਣ ਨਾਲ ਝਾੜ ਬਹੁਤ ਘਾਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Shabid ali
Uttar Pradesh
14-10-2019 12:34 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे, चूज़े लेने के लिए आप Sumit Kumar 8006000291 7906547529 Sumit Kumar Poultry Farm से संपर्क कर सकते है
Posted by karan jaat
Rajasthan
14-10-2019 12:31 PM
आप चने की किस्मे जैसे RSG-44: यह किस्म 1991 में RAU, दुर्गापुर द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म पकने के लिए 135-185 दिन लेती है यह किस्म सूखे और ठंड के प्रतिरोधी है
KPG 59: यह किस्म 1992 में CASUAT द्वारा जारी की गई है यह पिछेती बिजाई वाली किस्म है जिसके बीज मोटे होते हैं इसकी औसतन पैदावा.... (Read More)
आप चने की किस्मे जैसे RSG-44: यह किस्म 1991 में RAU, दुर्गापुर द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म पकने के लिए 135-185 दिन लेती है यह किस्म सूखे और ठंड के प्रतिरोधी है
KPG 59: यह किस्म 1992 में CASUAT द्वारा जारी की गई है यह पिछेती बिजाई वाली किस्म है जिसके बीज मोटे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म पकने के लिए 135-150 दिनों का समय लेती है यह किस्म रतुआ रोग, सूखा और फली छेदक को सहने योग्य है
Pusa 372 (BG 372): यह किस्म 1993 में IARI द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 135-150 दिनों में पक जाती है यह किस्म झुलस रोग, सूखा और रतुआ रोग को सहने योग्य है इसके बीज छोटे होते हैं जो कि हल्के भूरे रंग के होते हैं
Pusa 329: यह किस्म 1993 में IARI द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 8-9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 145-155 दिनों में पक जाती है यह किस्म सूखे और सलेटी रंग की फंगस की काफी हद तक प्रतिरोधी होती है
Vardan (GNG-663): यह किस्म RAU, श्रीनगर द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 9-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 150-155 दिनों में पक जाती है यह किस्म सूखे के प्रतिरोधी होती है
GPF 2: यह किस्म 1995 में PAU द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 8-9 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 152 दिनों में पक जाती है यह किस्म सूखे के प्रतिरोधी और झुलस रोग को सहने योग्य है इसके बीज पीले भूरे रंग के होते हैं
Pusa-362: यह किस्म 1995 में IARI द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 9-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 145-150 दिनों में पक जाती है इसके बीज मोटे होते हैं और यह किस्म सूखे को सहनेयोग्य है
Alok (KGD 1168): यह किस्म 1996 में CSAUAT द्वारा जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 7-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 145-150 दिनों में पक जाती है यह किस्म सूखे और रतुआ रोग के प्रतिरोधी है
Samrat (GNG 469): यह किस्म RAU, श्रीनगर द्वारा 1997 में जारी की गई है इसकी औसतन पैदावार 7-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म 145-150 दिनों में पक जाती है यह किस्म झुलस रोग के प्रतिरोधी और सूखे और रतुआ रोग को सहने योग्य है यह किस्म कम वर्षा वाले क्षेत्रों और सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए अनुकूल है
Posted by raghvendra Singh
Uttar Pradesh
14-10-2019 12:29 PM
Shrimaan ji, ap gehun ki kisme jaise me WH 896, PBW 373, PBW 343,HD 2643, UP 2425, PBW 443, DBW 14, NW 2036, MACS 6145, HD 2824, PBW 524, PBW 502, PBW 291, 524, HD 2864, HI 8627, K9001, K-9162, k-8434, halna, naina, UP 2338 ki biaji kar sakte hain, dhanywad

Posted by Mandeep Sran
Punjab
14-10-2019 12:28 PM
tuci uss nu Minfa gold powder 100gm rojana ate Minotas tablet rojana 1 goli deo jddo ohh puuri trah heat vich aawe us ton badd he tuci AI krwao ji..
Posted by ved prakash
Himachal Pradesh
14-10-2019 12:13 PM
ved prakash ji agar aapne puri jankari sahi bhari hai to november tak agli kishat aane ni umeed hai ji.
Posted by pradeep yadav
Uttar Pradesh
14-10-2019 12:13 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं
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