
Posted by nitish Kumar
Bihar
16-10-2019 06:21 AM
नितीश जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Balendra rajpoot
Uttar Pradesh
16-10-2019 06:16 AM
उसे आप nilzan liquid 1ml/3kg शरीर के भार के हिसाब से दें और Biotrim injection 2ml लगवायें इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Amarjit Singh
Punjab
16-10-2019 02:11 AM
amarejit ji isde uper tuc NPK 130045@1 kilo nu 150 litre pani vich mila ke spray karo.dhanwad

Posted by vivek nigam
Madhya Pradesh
16-10-2019 12:34 AM
जूट भारत की, विशेषकर पूर्वी भारत की महत्तवपूर्ण नकदी फसल है इसका कच्चे फाइबर के साथ-साथ उत्पादों के रूप में भी निर्यात किया जाता है विश्व में भारत और बांग्लादेश मुख्य जूट उत्पादक देश हैं पश्चिम बंगाल, आसाम, उत्तरी बिहार, दक्षिण पूर्वी उड़ीसा, त्रिपुरा और पूर्वी उत्तर प्रदेश मुख्य जूट उगाने वाले क्षेत्र है.... (Read More)
जूट भारत की, विशेषकर पूर्वी भारत की महत्तवपूर्ण नकदी फसल है इसका कच्चे फाइबर के साथ-साथ उत्पादों के रूप में भी निर्यात किया जाता है विश्व में भारत और बांग्लादेश मुख्य जूट उत्पादक देश हैं पश्चिम बंगाल, आसाम, उत्तरी बिहार, दक्षिण पूर्वी उड़ीसा, त्रिपुरा और पूर्वी उत्तर प्रदेश मुख्य जूट उगाने वाले क्षेत्र हैं जूट फाइबर का उपयोग टाट, बोरी और कालीन निर्माण के लिए किया जाता है इसे चटाई, तिरपाल, रस्सी और डोरी आदि बनाने के लिए भी किया जाता है जूट के पत्तों को पकाया जाता है और सब्जी के तौर पर खाया जाता है

Posted by hanuwant singh
Rajasthan
15-10-2019 11:53 PM
आम की खेती कईं तरह की मिट्टी में की जा सकती है इसकी खेती के लिए घनी ज़मीन, जो 4 फुट की गहराई तक सख्त ना हो, की जरूरत होती है मिट्टी की पी एच 8.5 प्रतिशत से कम होनी चाहिए Dusheri: यह बहुत ज्यादा क्षेत्रों में उगाया जाता है इसके फल जुलाई के पहले सप्ताह में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इस किस्म के फलों का आकार छोटे से दरमिया.... (Read More)
आम की खेती कईं तरह की मिट्टी में की जा सकती है इसकी खेती के लिए घनी ज़मीन, जो 4 फुट की गहराई तक सख्त ना हो, की जरूरत होती है मिट्टी की पी एच 8.5 प्रतिशत से कम होनी चाहिए Dusheri: यह बहुत ज्यादा क्षेत्रों में उगाया जाता है इसके फल जुलाई के पहले सप्ताह में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इस किस्म के फलों का आकार छोटे से दरमियाना, रंग पीला, चिकना और गुठली छोटी होती है यह फल ज्यादा देर तक स्टोर किए जा सकते हैं ये फल सदाबहार लगते रहते हैं इसकी औसतन पैदावार 150 क्विंटल प्रति वृक्ष होती है Langra: इस किस्म के फलों का आकार दरमियाने से बड़ा, रंग निंबू जैसा पीला और चिकना होता है यह फल रेशे रहित और स्वाद में बढ़िया होते हैं इसके फल का छिल्का दरमियाना मोटा होता है इसके फल जुलाई के दूसरे सप्ताह में तुड़ाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 100 किलो प्रति वृक्ष होती है Chausa: यह पिछेते मौसम की किस्म है इसके फल बड़े और अंडाकार आकार के और हल्के पीले रंग के होते हैं Ambika: इसके फल मध्यम आकार के, नर्म और मजबूत छिल्का होता है इसके फल गहरे पीले रंग के होते हैं और गहरी लाल रंग की लालिमा देते हैं यह देरी से पकने वाली किस्म है और लगातार फल देती है Arunika: यह किस्म Amrapali और Vanraj किस्म से तैयार की गई है इस किस्म के फल आकर्षित हल्के लाल रंग के होते हैं पौधे अगस्त से सितंबर और फरवरी मार्च के महीने में बोये जाते हैं पौधे हमेशा शाम को ठंडे समय में बोयें फसल को तेज हवा से बचाएं कलमी किस्मों के लिए 10 मीटर x 10 मीटर फासले का प्रयोग करें और मध्यम घनता की रोपाई के लिए 5 x 5 मीटर फासले का प्रयोग करें रोपाई के लिए वर्गाकार प्रणाली का प्रयोग करें बिजाई से एक महीना पहले 1x1x1 मीटर के आकार के गड्ढे 10x10 मीटर के फासले पर खोदें गड्ढों को सूर्य की रोशनी में खुला छोड़ दें फिर इन्हें मिट्टी में 30-40 किलो रूड़ी की खाद और 1 किलो सिंगल सुपर फासफेट मिलाकर भर दें बिजाई वर्गाकार और 6 भुजाओं वाले तरीके से की जा सकती है 6 भुजाओं वाले तरीके से बिजाई करने से 15 प्रतिशत वृक्ष ज्यादा लगाए जा सकते हैं

Posted by Shiv Patidar
Madhya Pradesh
15-10-2019 11:27 PM
पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर में मिलाकर स्प्रे करें कम तापमान के कारण पौधे तत्वों को कम सोखते हैं और इससे पौधे के विकास पर भी प्रभाव पड़ता है इस तरह की स्थितियों में फोलियर स्प्रे पौधे के विकास में मदद करती है शाखाएं और टहनियां निकलने के समय 19:19:19 या 12:61:00 की 4-5 ग्राम प्रत.... (Read More)
पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर में मिलाकर स्प्रे करें कम तापमान के कारण पौधे तत्वों को कम सोखते हैं और इससे पौधे के विकास पर भी प्रभाव पड़ता है इस तरह की स्थितियों में फोलियर स्प्रे पौधे के विकास में मदद करती है शाखाएं और टहनियां निकलने के समय 19:19:19 या 12:61:00 की 4-5 ग्राम प्रति लीटर स्प्रे करें पौधे के अच्छे विकास और पैदावार के लिए पनीरी लगाने के 40-50 दिन बाद 10 दिनों के फासले पर ब्रोसिनोलाइड 50 मि.ली. प्रति एकड़ को 150 मि.ली. प्रति एकड़ को 150 लीटर पानी में मिलाकर दो बार स्प्रे करें

Posted by vivek nigam
Madhya Pradesh
15-10-2019 11:22 PM
विवेक जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें आपके द्धारा भेंजी गई ओडियो में आवाज समझ नहीं आ रही है कृप्या आप ओडियो दोबारा साफ आवाज में अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Manpreet
Punjab
15-10-2019 11:20 PM
BhaaG 8 kanal or 160 marle or 4840 warg gajj or 36×40 karm 1 karm ch 5 feet 6 inch hunde ne

Posted by Yates Rats
Himachal Pradesh
15-10-2019 11:19 PM
Posted by ASHWANI BANTH
Punjab
15-10-2019 11:08 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਖੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕਿੱਤਾ ਨਵੇ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਅਗਸਤ ਤੋਂ ਜਨਵਰੀ ਤੱਕ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਮੱਖੀ ਫਾਰਮ ਦੇ ਨੇੜੇ ਜੀ. ਟੀ. ਰੋਡ, ਰੇਲਵੇ ਲਾਈਨ ਅਤੇ ਟੈਲੀਫੋਨ ਜਾਂ ਬਿਜਲੀ ਦੀਆਂ ਤਾਰਾਂ ਦਾ ਜਾਲ ਨਾ ਹੋਵੇ ਫੁੱਲਾਂ ਤੋਂ ਮੱਖੀਆਂ ਨੂੰ ਨੈਕਟਰ (ਫੁੱਲਾਂ ਦਾ ਰਸ) ਅਤੇ ਪੋਲਨ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਮੱਖੀਆਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਵਾਧੂ ਸ਼ਹਿਦ ਇਕੱਠਾ ਕਰਨ ਲਈ ਫ.... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਮੱਖੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕਿੱਤਾ ਨਵੇ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋਂ ਤਾਂ ਅਗਸਤ ਤੋਂ ਜਨਵਰੀ ਤੱਕ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਮੱਖੀ ਫਾਰਮ ਦੇ ਨੇੜੇ ਜੀ. ਟੀ. ਰੋਡ, ਰੇਲਵੇ ਲਾਈਨ ਅਤੇ ਟੈਲੀਫੋਨ ਜਾਂ ਬਿਜਲੀ ਦੀਆਂ ਤਾਰਾਂ ਦਾ ਜਾਲ ਨਾ ਹੋਵੇ ਫੁੱਲਾਂ ਤੋਂ ਮੱਖੀਆਂ ਨੂੰ ਨੈਕਟਰ (ਫੁੱਲਾਂ ਦਾ ਰਸ) ਅਤੇ ਪੋਲਨ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਮੱਖੀਆਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਵਾਧੂ ਸ਼ਹਿਦ ਇਕੱਠਾ ਕਰਨ ਲਈ ਫੁੱਲਾਂ ਵਾਲੀਆਂ ਮੁੱਖ ਫਸਲਾਂ ਸਰ੍ਹੋਂ, ਤੋਰੀਆ, ਰਾਇਆ, ਗੋਭੀ ਸਰ੍ਹੋਂ, ਸਫੈਦਾ, ਬਰਸੀਮ, ਸੂਰਜਮੁਖੀ, ਲੀਚੀ, ਅਰਹਰ, ਟਾਹਲੀ, ਕਪਾਹ/ਨਰਮਾ ਆਦਿ ਹਨ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿਚ ਇਹ ਫੁੱਲ-ਫੁਲਾਕੇ ਦੇ ਸੋਮੇ ਸਮੇਂ-ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਮਿਲਦੇ ਹਨ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿਚ ਇਸ ਧੰਦੇ ਨੂੰ ਬਹੁਤ ਕਾਮਯਾਬੀ ਨਾਲ ਅਪਣਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਸ ਵਿੱਚ 100 ਮੱਖੀ ਦੇ ਬਕਸਿਆ ਤੋਂ ਤੁਸੀਂ ਔਸਤਨ 25000-30000 ਤੱਕ ਦਾ ਮੁਨਾਫਾ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਸ਼ੁਰੁਆਤ ਵਿੱਚ ਜੇਕਰ ਤੁਸੀਂ 100 ਬਕਸਿਆ ਨਾਲ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਔਸਤਨ 4-5 ਲੱਖ ਤੱਕ ਖਰਚਾ ਆਉਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਬੱਜਟ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਬਕਸਿਆ ਦੀ ਗਿਣਤੀ ਘੱਟ- ਵੱਧ ਵੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਇਸਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਕੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਤਾਂ ਵਧੀਆ ਰਹੇਗਾ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਤੇ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੈਨਟਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣ ਵਿਖੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਫਾਰਮ ਭਰ ਕੇ ਆਓ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਅਗਲੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹੋਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਜੇਕਰ ਬਕਸੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਮੈਨੂੰ 9417423111 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ
Posted by राशिद खान
Uttar Pradesh
15-10-2019 10:34 PM
राशिद जी आप मटर की किस्मे जैसे Rachna,KPM,Shikha,Malviya Matar 2 ,Malviya Matar 15 की बिजाई कर सकते है धन्यवाद
Posted by sam Choudhary
Rajasthan
15-10-2019 10:33 PM
गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें
Posted by sam Choudhary
Rajasthan
15-10-2019 10:22 PM
shrimaan g aap carrot(gajar),mooli,turnip,palak,gobhi lga skte ho g..
Posted by atul trivedi
Uttar Pradesh
15-10-2019 10:21 PM
अतुल जी आप किस्मे जैसे Ratna: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह नमक वाली और क्षारीय मिट्टी को सहनेयोग्य है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Azad: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म पीली कुंगी रोग के प्रतिरोधक है सिंचित .... (Read More)
अतुल जी आप किस्मे जैसे Ratna: यह किस्म IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है यह नमक वाली और क्षारीय मिट्टी को सहनेयोग्य है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Azad: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म पीली कुंगी रोग के प्रतिरोधक है सिंचित हालातों में खेती करने पर यह अधिक उपज देती है यह किस्म चारे और दाने लेने के लिए उपयुक्त किस्म है यह 115-120 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है सिंचित हालातों में, इसकी औसतन पैदावार 14-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Vijaya: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 12-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Dolama: यह किस्म उत्तर प्रदेश के बारानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 140-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह पीली कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है इसकी औसतन पैदावार 12-15 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Himani: यह किस्म शिमला में विकसित की गई है यह यू पी के मध्यम और निचली पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसकी औसतन पैदावार 12.8-14 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
LSB 2: यह किस्म उत्तर प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 145-150 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Amber: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह 130-133 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह किस्म यू पी के बारानी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है इसका प्रयोग बीयर बनाने के लिए किया जाता है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Jyoti: यह किस्म C.S.A कानपुर द्वारा विकसित की गई है यह किस्म उत्तर प्रदेश के सिंचित क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by Vinod Singh Yadav
Uttar Pradesh
15-10-2019 10:11 PM
HD-2967 की उपज 21.4 क्विंटल प्रति एकड़ है

Posted by pappu chaudhary
Uttar Pradesh
15-10-2019 09:49 PM
Pappu ji kripya aap swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Anil
Haryana
15-10-2019 09:40 PM
hanji aap cement tank me fish farming kr skte h aap chahe konsi bhi fish aap isme fish farming kar skte h

Posted by Anil
Haryana
15-10-2019 09:37 PM
Dragon fruit ki kheti ke liye Dragon fruit ki kalmei lgayi jati hai ye ped gujrat mei hota hai eik acre mei takriban iski 1600 kalmei lagti hai aur in kalmo ko pehle gamle mei tyar kiya jata hai aur fir april se September tak kabhi bhi field mei lga skte hai aur eik kalam lagbhagg 70 rs ki ati hai. Adhik jaankari ke liye aap niche diye number par baat kr skte hain: vijay kumar -7065414241.Thank you
Posted by vijender saini
Rajasthan
15-10-2019 09:33 PM
Vijender ji, kripya ap bataye ke ap kya jankari lena chahte hain, taki apko iske bare mein bataya ja sake, dhanywad

Posted by ਸੁਖਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
15-10-2019 09:33 PM
sukhdeep ji jal shakti abhiyan da mela kal ho gya hai.dhanwad
Posted by Virendra Singh Bhati
Rajasthan
15-10-2019 09:31 PM
Virendra ji aap nimbu ki kisme jaise Eureka,Lisbon lemon:Assam Lemon, Italian Lemon, Eureka lemon, Malta lemon ki bijai kar sakte hai.dhanywad

Posted by gurwinder
Punjab
15-10-2019 09:28 PM
ਰਾਉਣੀ ਇਸ ਫਸਲ ਲਈ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਜੇਕਰ ਫਸਲ ਝੋਨੇ ਤੋ ਬਾਅਦ ਬੀਜੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਰਾਉਣੀ ਦੀ ਕੋਈ ਜਰੂਰਤ ਨਹੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 1 ਜਾਂ 2 ਸਿੰਚਾਈਆ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਹਿਲਾ ਪਾਣੀ ਫੁੱਲ ਪੈਣ ਤੋ ਪਹਿਲਾ ਅਤੇ ਫਲੀਆ ਬਨਣ ਸਮੇ ਲਗਾਉ ਜਿਆਦਾ ਪਾਣੀ ਨਾ ਲਗਾਉ ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਪੱਤੇ ਪੀਲੇ ਤੇ ਝਾੜ ਘੱਟ ਜਾਂਦਾ ਹੈ
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
15-10-2019 09:26 PM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਚਾਵਲ ਦਾ ਚੂਰਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ . ਇਹ ਤੁਸੀ ਫੀਡ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ

Posted by Narinderpal singh sidhu
Punjab
15-10-2019 09:19 PM
Narinderpal singh ji bilkul es bare pata karke list nu update kita javega ji. last time jo gal hoe c par os de according oh apne ghar layi organic farming karde v but puri kheti organic nahi c ji. feedback den layi tohada thanwad ji.

Posted by manglesh Dhakad
Madhya Pradesh
15-10-2019 09:11 PM
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने त.... (Read More)
इसे किसी भी तरह की हल्की से भारी ज़मीनों में उगाया जा सकता है गहरी मैरा, अच्छी जल निकास वाली, पानी को बांध कर रखने वाली और अच्छी जैविक खनिजों वाली ज़मीन सब से अच्छी रहती है नर्म और रेतली ज़मीनें इसके लिए अच्छी नहीं होती क्योंकि इसमें बनी गांठे जल्दी खराब हो जाती हैं ज़मीन की तैयारी के लिए मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत को 3-4 बार जोताई करें और मिट्टी में जैविक खनिजों को बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें खेत को समतल करके क्यारियों और खालियों में बांट दें बिजाई के लिए सही समय सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह माना जाता है पौधे से पौधे का फासला 7.5 सैं.मी. और कतारों में फासला 15 सैं.मी. रखें लहसुन की गांठों को 3-5 सैं.मी. गहरा और उसका उगने वाला हिस्सा ऊपर की तरफ रखें इसकी बिजाई के लिए केरा ढंग का प्रयोग करें बिजाई हाथों से या मशीन से की जा सकती है लहसुन की गांठों को मिट्टी से ढककर हल्की सिंचाई करें बीज की मात्रा 225-250 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई से 10 दिन पहले खेत में 2 टन रूड़ी की खाद डालें 50 किलो नाइट्रोजन (110 किलो यूरिया) और 25 किलो फासफोरस (155 किलो एस एस पी) प्रति एकड़ डालें सारी एस एस पी बिजाई से पहले और नाइट्रोजन तीन हिस्सों में बिजाई के 30, 45 और 60 दिन बाद डालें शुरू में लहसुन का पौधा धीरे धीरे बढ़ता है इसलिए नदीन नाशकों का प्रयोग गोडाई से बढ़िया रहता है नदीनों को रोकने के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति 200 लीटर पानी प्रति एकड़ में डालकर बिजाई से 72 घंटो में स्प्रे करें इसके बिना नदीन नाशक ऑक्सीफ्लोरफेन 425 मि.ली. प्रति 200 लीटर पानी में डालकर स्प्रे बिजाई के 7 दिन बाद करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2 गोडाई की जरूरत है पहली गोडाई बिजाई से 1 महीने बाद और दूसरी गोडाई बिजाई के 2 महीने बाद करें वातावरण और मिट्टी की किस्म के आधार पर सिंचाई करें बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें और आवश्यकता के आधार पर 10-15 दिनों के अंतराल पर आवश्यकतानुसार सिंचाई करें कटाई करने और सूखाने के बाद गांठों को आकार के अनुसार छांटे प्याज की बुवाई :- मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद
Posted by Nirmal Singh
Punjab
15-10-2019 09:10 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te 2kg feed rojana dyo har 3 mahine baad malap rehat karo swer shaam taaran v dekho jab taaran disan ta samjo oh boli ae aas karaun da parbandh karo par isda bhaar 250-275 kg de aas paas howe

Posted by sarbjeet singh
Punjab
15-10-2019 08:58 PM
tuci iss nu Keeper plus powder dinde rho ate iss nu Concimax tablet jo intas company da product hai usdi 1 goli rojana deo ate 14 din tak dinde rho fir jddo agli varr heat vich aawe tan iss nu Jhote ton cross krwao ate cross krwa ke concimax tablet 14 din hor deo..

Posted by Krisna Urmaliya
Madhya Pradesh
15-10-2019 08:58 PM
मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आ.... (Read More)
मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में इस वृक्ष की बढ़ी मात्रा में फार्मिंग कर रहे है और इसका प्रयोग सस्ती वुड (plywood इंडस्ट्री) के रूप में कर रहे है यदि पेड़ो को सिंचित किया जाये तो 5 वर्ष के अंत में काटा जा सकता है और प्लाई के लिए प्रयोग किया जासकता है मार्च - अप्रैल के दौरान बीज बोना सबसे अच्छा है
Posted by harman janda
Punjab
15-10-2019 08:44 PM

Posted by kapil chauhan
Uttar Pradesh
15-10-2019 08:36 PM
Kapil chauhan ji is sall dhan ka smarthan mul (MSP) 1815/Q or Grade A 1835/Q nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Pushpinder Singh Maan
Punjab
15-10-2019 08:31 PM
ये कोई समस्या वाली बात नहीं है इसे आप ORT Calf पाउडर 1 पाउच रोजाना 1 लीटर पानी में मिलाकर देना शुरू करें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by harsimranjit singh
Punjab
15-10-2019 08:24 PM
tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-DS bolus deo ate uss nu rojana 35-40kg hara chara deo ate vitum-H liquid 10-10ml swere sham deo ate suun ton 1 mahina pehla vitum-h de nal nal Metabolite powder di rojana 1 pudi v deo baki feed tuci uss nu ohi deo jo ohh asani nal hajam kr jndi hai ate asani nal khaa lendi hai..
Posted by Dalvir Dhaliwal
Punjab
15-10-2019 08:21 PM
ਆਲੂਆਂ ਦੇ ਸਹੀ ਪੁੰਗਰਨ ਲਈ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਜਿਬਰੈਲਿਕ ਐਸਿਡ 1 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਇੱਕ ਘੰਟੇ ਲਈ ਸੋਧੋ ਫਿਰ ਛਾਂਵੇ ਸੁਕਾਓ ਅਤੇ 10 ਦਿਨਾਂ ਲਈ ਹਵਾਦਾਰ ਕਮਰੇ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਫਿਰ ਕੱਟ ਕੇ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਮੈਨਕੋਜ਼ੇਬ 0.5% ਘੋਲ (5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ) ਵਿੱਚ 10 ਮਿੰਟਾਂ ਲਈ ਡੋਬੋ ਇਸ ਨਾਲ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਗਲਣ ਤੋਂ ਬਚਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਗਲਣ .... (Read More)
ਆਲੂਆਂ ਦੇ ਸਹੀ ਪੁੰਗਰਨ ਲਈ ਉਨਾਂ ਨੂੰ ਜਿਬਰੈਲਿਕ ਐਸਿਡ 1 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ 10 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਇੱਕ ਘੰਟੇ ਲਈ ਸੋਧੋ ਫਿਰ ਛਾਂਵੇ ਸੁਕਾਓ ਅਤੇ 10 ਦਿਨਾਂ ਲਈ ਹਵਾਦਾਰ ਕਮਰੇ ਵਿੱਚ ਰੱਖੋ ਫਿਰ ਕੱਟ ਕੇ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਮੈਨਕੋਜ਼ੇਬ 0.5% ਘੋਲ (5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ) ਵਿੱਚ 10 ਮਿੰਟਾਂ ਲਈ ਡੋਬੋ ਇਸ ਨਾਲ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਸ਼ੁਰੂਆਤੀ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਗਲਣ ਤੋਂ ਬਚਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ ਗਲਣ ਅਤੇ ਜੜ੍ਹਾਂ ਚ ਕਾਲਾਪਨ ਰੋਗ ਤੋਂ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਸਾਬਤੇ ਅਤੇ ਕੱਟੇ ਹੋਏ ਆਲੂਆਂ ਨੂੰ 6% ਮਰਕਰੀ ਦੇ ਘੋਲ (ਟੈਫਾਸਨ) 0.25% (2.5 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ) ਵਿੱਚ ਪਾਓ
Posted by Vinod Singh Yadav
Uttar Pradesh
15-10-2019 08:21 PM
श्रीमान जी, गेहूं की MSP इस समय 1925 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रही है, धन्यवादक

Posted by Avadhnath Singh
Uttar Pradesh
15-10-2019 08:21 PM
tuci uss nu Broton liquid 50-50ml swere sham ate Halotas bolus 2-2 golia swere sham deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by Vinod Singh Yadav
Uttar Pradesh
15-10-2019 08:17 PM
Vinod Singh Yadav ji gehu ka Smarthan mul ( MSP 1840/Q hai, Thankyou.

Posted by shpinder
Punjab
15-10-2019 08:11 PM
ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸੁੱਕੇ ਆਂਵਲੇ ਦਾ ਮੁਰੱਬਾ, 1 ਕਿਲੋ ਗੁਲਕੰਦ, 1 ਕਿਲੋ ਸੌਂਫ, 1 ਕਿਲੋ ਮਿਸ਼ਰੀ, 10 ਮੋਟੀਆਂ ਇਲੈਚੀਆ, 20 ਛੋਟੀਆਂ ਇਲੈਚੀਆ ਲਉ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਕੇ ਇਸਦੇ ਪੇੜੇ ਬਣਾ ਲਈ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ 5 ਹਿਸਿਆਂ ਵਿਚ ਵੰਡ ਲਉ ਅਤੇ ਇਹ ਤੁਸੀ 5 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Metra liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ..

Posted by अजय सिंह
Bihar
15-10-2019 08:05 PM
अजय जी कृपया आप इसकी उम्र बताये ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by karanvir singh
Punjab
15-10-2019 08:01 PM
tuci iss nu Pregstay gold powder 30gm rojana dena suru kro ate 20 din tak dinde rho jekar dubara agli varr purri heat vich aawe tan tuci isdi bachedani vich lixin-iu dwai 2 din bhrwao ate pregstay gold powder dinde rho ate uss ton agli varr heat vich aaun te tika bhrwao, iss trah gaban hoo jawegi..
Posted by Satyam Sachan
Uttar Pradesh
15-10-2019 07:59 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
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