Posted by Jasveer Singh
Uttar Pradesh
16-10-2019 05:08 PM
पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें
पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है
ऊंचे पहाड़ी क्.... (Read More)
पश्चिमी यू पी में, सिंचित और सामान्य बिजाई स्थितियों में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें और पिछेती बिजाई की स्थितियों में 1 से 25 दिसंबर तक बिजाई पूरी कर लें
पूर्वी यू पी के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय 1 नवंबर से 15 नवंबर तक है, जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 से 20 दिसंबर का समय उचित है
ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के दूसरे पखवाड़े से लेकर नवंबर का पहला पखवाड़ा है जबकि पिछेती बिजाई के लिए 1 दिसंबर से 20 दिसंबर का समय उचित है निचले पहाड़ी क्षेत्रों के लिए, सिंचित और सामान्य बिजाई का उचित समय अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर मध्य नवंबर तक का है जबकि पिछेती बिजाई के लिए नवंबर का दूसरा पखवाड़ा उचित समय है सामान्य बिजाई के लिए कतारों में 20-22-5 सैं.मी. के फासले की सलाह दी जाती है यदि बिजाई देरी से करनी हो तो 15-18 सैं.मी. का फासला होना चाहिए
Posted by ʙᴀʙʟᴜ ᴠᴇʀᴍᴀ
Uttar Pradesh
16-10-2019 05:05 PM
श्रीमान जी, अफीम की खेती के लिए सरकार की तरफ से इजाजत लेनी पड़ती है, इसदि बुवाई का सही समय अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर नवंबर के पहले सप्ताह तक का समय उपयुक्त होता है इसके बीज छोटे होते हैं इसलिए बीजों को बारीक रेत में अच्छे से मिलाया जाता है और फिर बिजाई के लिए प्रयोग किया जाता है धन्यवाद

Posted by Yogesh Kumar
Uttar Pradesh
16-10-2019 05:00 PM
योगेश जी आप इसके ऊपर mancozeb @400 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by ʙᴀʙʟᴜ ᴠᴇʀᴍᴀ
Uttar Pradesh
16-10-2019 04:59 PM
श्रीमान जी, अफीम की खेती के लिए सरकार की तरफ से इजाजत लेनी पड़ती है, इसदि बुवाई का सही समय अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से लेकर नवंबर के पहले सप्ताह तक का समय उपयुक्त होता है इसके बीज छोटे होते हैं इसलिए बीजों को बारीक रेत में अच्छे से मिलाया जाता है और फिर बिजाई के लिए प्रयोग किया जाता है धन्यवाद
Posted by lala ram bairwa
Rajasthan
16-10-2019 04:42 PM
Usko aap Lactomood homeopathic dwai ki 10-10 drops din mai 3 bar aur Lactomax tablet 10 golia rojana aur Milkout powder 2-2 chamch subah sham dein, isse farak pad jayega..
Posted by Ravinder Kumar
Haryana
16-10-2019 04:38 PM
Ravinder ji iss vich Ivermection salt hai jiss nal pashua di deworming kr skde ho, ehh gaban pashu nu v lgga skde ho..
Posted by Amit Kumar Singh
Bihar
16-10-2019 04:37 PM
Amit ji iske liye pashu ki nasal achi honi chahiye, usko achi nasal ka tika bhrwana chahiye jiska milk record acha hota hai, baki uski khurak v achi honi chahiye aur her 3 month ke badd deworming honi jruri hai, isse pashu ki nasal v tyar ho jatti hai aur duudh v acha liya ja skta hai..
Posted by Vineeta singh
Uttar Pradesh
16-10-2019 04:32 PM
Posted by lala ram bairwa
Rajasthan
16-10-2019 04:32 PM
गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है बारानी क्षेत्रों के लिए बिजाई नवंबर के पहले से तीसरे सप्ताह में पूरी कर लें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई अक्तूबर से 15 नवंबर तक पूरी कर लें
Posted by Awadhesh kushwaha
Uttar Pradesh
16-10-2019 04:24 PM
यह फंगस के कारण है, इसकी रोकथाम के लिए Tilt @200ml प्रति एकड़ का उपयोग करें
Posted by Gurdeep Singh Batth
Punjab
16-10-2019 04:24 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ

Posted by gagan faridkot
Punjab
16-10-2019 04:16 PM
BhaaG nazdik de pashuan de hospital wich doctor ton teeke lagwa lao je 20 kg gau dudh dindi howe te 16 kg dudh de sakdi ae te gau dubaara gabhan v ho sakdi ae unj tuci nazdik di laboratory wich taaran culture karwa ke dasi pashuan wali dwaee doctor ton bachedani ch bharwao
Posted by harry
Punjab
16-10-2019 04:11 PM
Harry ji 1121 da rate 3000-3300 rupaye prati quintal de hisab nal chal reha hai.dhanwad
Posted by Mankirat singh sandhu
Punjab
16-10-2019 03:42 PM
HD-3226 ਕਿਸਮ ਨਵੀਂ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22-30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ 150 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਨਾੜ ਮੋਟਾ ਹੈ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਡਿਗਣ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਨਹੀਂ ਆਉਂਦੀ
Posted by Mankirat singh sandhu
Punjab
16-10-2019 03:40 PM
Azotobactar ik jivanu hai, jo ke roodi di khaad 80 to 100 kg nal 5 kg azotobacter nu 10 liter pani ch mila ke prati acre de hisaab nal chidkaya janda hai, ate eh mitti di gunvata nu vda denda hai, dhanwad
Posted by Sandeep Kumar
Rajasthan
16-10-2019 03:39 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बारीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं.

Posted by gurmeet
Punjab
16-10-2019 03:37 PM
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
16-10-2019 03:32 PM
ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਝੋਨੇ ਦਾ ਛਿਲਕਾ ਨਾ ਦਿਓ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਤੁਸੀ ਚਾਵਲ ਦਾ ਟੁਕੜਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ.

Posted by Rajvir singh
Punjab
16-10-2019 03:31 PM
ਇਹ ਫ਼ਲ ਦੀ ਮੱਖੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਅਮਰੂਦ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨੂੰ ਲੱਗਣ ਵਾਲਾ ਖਤਰਨਾਕ ਕੀੜਾ ਹੈ ਮਾਦਾ ਮੱਖੀ ਨਵੇਂ ਲੱਗਣ ਵਾਲੇ ਫਲਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰਲੇ ਪਾਸੇ ਅੰਡੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਇਹ ਕੀੜੇ ਇਸ ਦਾ ਗੁੱਦਾ ਖਾਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਫ਼ਲ ਗਲ ਕੇ ਡਿੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਫ਼ਲ ਉਤੇ ਮੱਖੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬਰਸਾਤੀ ਮੌਸਮ ਵਿਚ ਬੂਟਿਆਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ .... (Read More)
ਇਹ ਫ਼ਲ ਦੀ ਮੱਖੀ ਦੇ ਕਾਰਨ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਅਮਰੂਦ ਦੇ ਬੂਟੇ ਨੂੰ ਲੱਗਣ ਵਾਲਾ ਖਤਰਨਾਕ ਕੀੜਾ ਹੈ ਮਾਦਾ ਮੱਖੀ ਨਵੇਂ ਲੱਗਣ ਵਾਲੇ ਫਲਾਂ ਦੇ ਅੰਦਰਲੇ ਪਾਸੇ ਅੰਡੇ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ ਬਾਅਦ ਵਿਚ ਇਹ ਕੀੜੇ ਇਸ ਦਾ ਗੁੱਦਾ ਖਾਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੰਦੇ ਹਨ ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਫ਼ਲ ਗਲ ਕੇ ਡਿੱਗ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਫ਼ਲ ਉਤੇ ਮੱਖੀ ਦਾ ਹਮਲਾ ਪਹਿਲਾਂ ਵੀ ਹੁੰਦਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਬਰਸਾਤੀ ਮੌਸਮ ਵਿਚ ਬੂਟਿਆਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੁੜਾਈ ਵਿਚ ਦੇਰੀ ਨਹੀਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਪੀੜਤ ਟਾਹਣੀਆਂ ਅਤੇ ਫ਼ਲਾਂ ਨੂੰ ਤੋੜ ਕੇ ਖੇਤ ਵਿਚੋਂ ਬਾਹਰ ਸੁੱਟ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਫ਼ਲਾਂ ਦੇ ਪੱਕਣ ਵੇਲੇ 80 ਮਿਲੀਲੀਟਰ ਫੈਨਵਾਲਰੇਟ ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਘੋਲ ਕੇ ਹਫ਼ਤੇ ਦੇ ਵਕਫ਼ੇ ਬਾਅਦ ਬੂਟਿਆਂ ਉਤੇ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਫੈਨਵਾਲਰੇਟ ਦੇ ਛਿੜਕਾਅ ਤੋਂ ਤੀਸਰੇ ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਫ਼ਲਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ

Posted by ranjeet singh
Uttar Pradesh
16-10-2019 03:26 PM
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है ब.... (Read More)
एलोवेरा का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाईयों में बड़े स्तर पर होता है आजकल कई नेशनल और इंटर नेशनल कंपनियां इसका प्रयोग चिकित्सा के साथ साथ सुंदरता उत्पाद जैसे क्रीम, शैंपू, दंत पेस्ट और कई सारे उत्पाद में इसका प्रयोग होता है मिट्टी - एलोवेरा के पौधों को किसी भी प्रकार की उपजाऊ/अनउपजाऊ मिट्टी में उगाया जा सकता है बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि पौधा ज्यादा पानी वाली और ज्यादा ठंड पड़ने वाली जगह पर नहीं लगाना है कम पानी और रेतली भूमि में लगाने के लिए यह सबसे अच्छी फसल है खेत की तैयारी - खेत की तैयारी के लिए सबसे पहले खेत की 2 बार अच्छी तरह जोताई करके उसमें प्रति हेक्टेयर 10 से 20 टन में पुरानी रूड़ी की खाद डालें साथ ही 120 किलोग्राम यूरिया + 150 किलोग्राम फास्फोरस + 30 किलोग्राम पोटाश इन्हें खेत में समान रूप से बिखेर दें फिर एक बार हल्की जोताई और कराहे से भूमि को समतल कर लें फिर खेत में 50x50 सैं.मी. की दूरी पर मेंड़ें बना लें पौधे की रोपाई और देख रेख - पौधे की रोपाई किसी भी समय की जा सकती है पर अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए जून- जुलाई या फरवरी- मार्च में कर सकते हैं एलोवेरा की रोपाई मेंड़ों पर होती है यह पौधे किसी पुरानी एलोवेरा फार्म या नर्सरी से प्राप्त किए जा सकते हैं यही पौधे बाद में पनीरी के रूप में प्रयोग किए जाते हैं इस विधि को रूट सक्कर कहा जाता है अच्छी उपज के लिए किस्में - सिम सितल, L 1 , 2 , 5 और 49 लगाएं जिसमें जैल की मात्रा ज्यादा पायी जाती है इसके अलावा नेशनल बोटनीकल और प्लांट जैनेटिक रिसोर्स, आई. सी. ए. आर द्वारा रिलीज़ की गई किस्में IC111271, IC111269, IC111280 आदि हैं मेंड़ों पर 50 x 50 सैं.मी. की दूरी पर पौधों को लगाएं पौधे से पौधे की दूरी 50 सैं.मी. रखने पर प्रति एकड़ में 15000 पौधों की रोपाई की जरूरत पड़ेगी सिंचाई - सिंचाई साल भर में इसे सिर्फ 4 से 5 बार सिंचाई की जरूरत होती है सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली अच्छी रहती है इससे इसकी उपज में वृद्धि होती है गर्मी क दिनों में 25 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए कीट और बीमारियां - वैसे इस फसल पर कोई विशेष कीट और रोगों का प्रभाव नहीं होता है पर कहीं कहीं तने के सड़ने और पत्तियों पर दाग वाली बीमारियों का असर देखा गया है जो एक फंगस रोग होता है उसके उपचार के लिए मैनकोजेब 3 ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए कटाई - यह फसल एक साल बाद काटने के लायक हो जाती है कटाई के दौरान पौधों की सबसे पहले निचली ठोस 3 या 4 पत्तों की कटाई करें उसके बाद लगभग 1 महीने के बाद उससे ऊपर वाली पत्तियों की कटाई करनी चाहिए कभी भी ऊपर वाली नई नाज़ुक पत्तियों की कटाई ना करें कटी हुई पत्तियों में फिर नई पत्तियां बननी शुरू हो जाती हैं प्रति हेक्टेयर में 50 से 60 टन ताजी पत्तियां प्रति वर्ष मिल जाती हैं दूसरे वर्ष में 15 से 20 फीसदी वृद्धि होती है बाजार में इसकी पत्तियों की अनुमानित कीमत 3 से 6 रूपये किलो होती है एक तंदरूस्त पौधे से एक साल में लगभग 3-4 किलो पत्तियां ली जा सकती हैं इस तरह एक वर्ष में एक एकड़ में से 1.5 से 3 लाख की फसल हो जाती है एलोवेरा का प्रयोग तंदरूस्त पत्तियों की कटाई के बाद साफ पानी से धोकर पत्तियों के निचली ओर ब्लेड या चाकू से कट लगाकर थोड़े समय के लिए छोड़ देते हैं जिसमें पीले रंग का गाढ़ा चिपचिपा रस (जेल) निकलता है उसे एक टैंक में इकट्ठा करके इस रस को सुखा लिया जाता है इस सूखे हुए रस को अलग अलग ढंग से तैयार करने के बाद अलग अलग नामों से जाना जाता है जैसे कि सकोतरा केप जब फसल पूरी तरह तैयार हो जाये और उसकी कटाई कर ली जाये तो उसे आप सब्जी मंडी में सीधे तौर पर बेच सकते हैं यदि आप खुद मंडी में बेचते हैं तो आपको अंदाजन 5 से 10 रूपये प्रति किलो तक मुल्य मिल सकता है पर यदि आप किसी कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट करते हो तो इसका रेट उस कंपनी की जरूरत और शर्तों के मुताबिक उस कंपनी के द्वारा तय होता है यह मुल्य आपकी उनके साथ डीलिंग पर निर्भर करता है
Posted by Manjit Singh
Punjab
16-10-2019 03:21 PM
tuci 50ml rojana pashua nu de skde ho, ehh tuci feed vich milla ke de skde ho ja vase he de skde ho, jiwe tuhada pashu assani nal khaa jawe uss hisab nal deo..
Posted by lakhveer singh
Punjab
16-10-2019 03:21 PM
Lakhveer ji vermicompost lain layi tuc Gurpreet Shergill 9872624253 ji nal sampark kar sakde ho.dhanwad

Posted by Rambhajan Lal
Uttar Pradesh
16-10-2019 03:15 PM
Rambhajan ji kripya aap apna swal vistar se pooche ke aap konse rog ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Jagjeet Singh Sidhu
Punjab
16-10-2019 03:10 PM
ਗਾਜ਼ਰ ਦੀਆਂ ਦੇਸੀ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਅਗਸਤ-ਸਤੰਬਰ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਹੀ ਮੰਨਿਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਯੂਰੋਪੀਅਨ ਕਿਸਮਾਂ ਲਈ ਅਕਤੂਬਰ- ਨਵੰਬਰ ਦਾ ਮਹੀਨਾ ਵਧੀਆ ਮੰਨਿਆਂ ਜਾਂਦਾ ਹੈ

Posted by Lally Buttar
Punjab
16-10-2019 03:08 PM
lally ji tuc isde vich sundi da hamla check karo jekar maujood hai ta tuc cartap hydrochloride@170 gram nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by jugendra Singh
Uttar Pradesh
16-10-2019 03:06 PM
Kripya aap apna swal vistar se pushen ki aap sarso ke bare mai kya jankari lena chahte hai tan jo apko sahi jankari di jaa ske.

Posted by ਸੁਖਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
16-10-2019 02:54 PM
Posted by Jaiveer Singh
Haryana
16-10-2019 02:52 PM
Shrimaan ji, kripya pa apne dhaan ki photo bejein tajo apko apko iski puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Narendra Kumar
Uttar Pradesh
16-10-2019 02:50 PM
यह फंगस के कारण है, इसकी रोकथाम के लिए Tilt @200ml प्रति एकड़ का उपयोग करें
Posted by Jaiveer Singh
Haryana
16-10-2019 02:49 PM
Shrimaan ji, kripya pa apne dhaan ki photo bejein tajo apko apko iski puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by amarpal Singh
Uttar Pradesh
16-10-2019 02:43 PM
Sir, please ask your question in detail so that we can provide you full information regarding that, thank you

Posted by birjendra
Uttar Pradesh
16-10-2019 02:41 PM
इसमें हल्दी रोग का हमला है, इसकी रोकथाम के लिए Tilt @200ml प्रति एकड़ के हिसाब से उपयोग करें

Posted by arun kumar
Uttar Pradesh
16-10-2019 02:32 PM
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्च.... (Read More)
यदि आप लेयर मुर्गी पालन करना चाहते है तो लेयर फार्मिंग के लिए आपको 50 फीट लंबाई वाली जगह और 20 फीट चौड़ाई वाली जगह की जरूरत होती है यह आपका 1000 वर्ग फुट जगह बन जाती है यहां आप 1000 बच्चों को रख सकते हैं और यदि आप लेयर का बच्चा अपने फार्म पर तैयार करते है तो आपको बच्चा अंडे देने तक 160—170 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से खर्चा आएगा यदि आप तैयार बच्चा लेकर आते है तो वो आपको 205—210 रूप्ये प्रति बच्चे के हिसाब से पड़ेगा फिर आप उस हिसाब से इनको खरीद सकते है.
Posted by ਗੁਰਲਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
16-10-2019 02:31 PM
ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ, 20-25 ਟਨ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 50 ਕਿਲੋ(ਯੂਰੀਆ 110 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 25 ਕਿਲੋ(ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 175 ਕਿਲੋ) ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ 12 ਕਿਲੋ(ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ 20 ਕਿਲੋ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ
ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ 1/3 ਮਾਤਰਾ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਰੋਪਣ ਤੋਂ ਕੁੱਝ ਸਮਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਓ ਅਤ.... (Read More)
ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ, 20-25 ਟਨ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾਓ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 50 ਕਿਲੋ(ਯੂਰੀਆ 110 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 25 ਕਿਲੋ(ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ 175 ਕਿਲੋ) ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ 12 ਕਿਲੋ(ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ 20 ਕਿਲੋ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ
ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਅਤੇ ਫਾਸਫੋਰਸ ਦੀ ਪੂਰੀ ਮਾਤਰਾ ਅਤੇ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੀ 1/3 ਮਾਤਰਾ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ ਰੋਪਣ ਤੋਂ ਕੁੱਝ ਸਮਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਓ ਅਤੇ ਬਾਕੀ ਬਚੀ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਦੋ ਬਰਾਬਰ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਓ, ਪਹਿਲਾ ਹਿੱਸਾ ਰੋਪਣ ਤੋਂ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਦੂਜਾ ਰੋਪਣ ਤੋਂ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ
Posted by Mandeep Sekhon
Punjab
16-10-2019 02:14 PM
ਕਣਕ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਅੱਧ-ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ

Posted by Dildar Singh
Punjab
16-10-2019 01:50 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਕਣਕ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਦੇ ਲਗਾਉਣ ਦੇ ਸਮੇ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਨਾਲ ਭੇਜੀ ਗਈ ਫੋਟੋ ਦਖੋ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by RD Singh
Punjab
16-10-2019 01:38 PM
Dragon fruit ki kheti ke liye Dragon fruit ki kalmei lgayi jati hai ye ped gujrat mein hota hai ek acre mein takriban iski 1600 kalmei lagti hai aur in kalmo ko pehle gamle mei tyar kiya jata hai aur fir april se September tak kabhi bhi field mei lga skte hai aur eik kalam lagbhagg 70 rs ki ati hai. Adhik jaankari ke liye aap niche diye number par baat kr skte hain: vijay kumar -7065414241.Thank you

Posted by sohan dass
Punjab
16-10-2019 01:37 PM
Sohan dass ji bhuri mujh len lai tusi Gurtyan Singh 9813700444 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
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