Experts Q&A Search

Posted by Vinod Singh Yadav
Uttar Pradesh
16-10-2019 08:51 PM
Maharashtra
10-17-2019 07:21 PM
Pioneer 45S42: यह अधिक पैदावार वाली दरमियानी किस्म है यह 125—130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह हर तरह की मिट्टी में लगाने योग्य है इसके दाने मोटे और फलियां ज्यादा भरी होती है इसकी औसतन उपज12.5 क्विंटल प्रति एकड़ है
Posted by Satwinder Kumar
Punjab
16-10-2019 08:42 PM
Punjab
10-16-2019 09:37 PM
Satwinder ji kirpa krke ehh dso tuci iss nu tika bhrwaya c ja ehh vase he tarra kr rehi hai, jekar tuci iss nu tika bhrwaya hai tan tuci iss nu Pregstay gold powder 30 gm rojana 20 din tak deo , iss nal jekar gaban hoi tan rukk jawegi jekar gaban naa hoi tan dubara heat vich aa jawegi, jekar tuci koi hor jankari leni hai tan tuci dubara swal push skde ho..
Posted by राकेश शील चौधरी
Rajasthan
16-10-2019 08:39 PM
Punjab
10-16-2019 09:37 PM
आप उसे अच्छी फीड के साथ एक किलो सरसों की खल, 1 किलो बड़ेवो की खल सुबह शाम दें , 20 ग्राम मीठा सोडा रोजाना एक बार दें इसके साथ Fatplus पाउडर 50 ग्राम या Fatmax पाउडर 50 ग्राम दें, इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by sukhwinder singh
Punjab
16-10-2019 08:32 PM
Maharashtra
10-17-2019 07:25 PM
PR 127: ਇਹ ਇੱਕ ਮੱਧਮ ਸਮੇਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕਣ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜੋ 137 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦੀ ਔਸਤਨ ਲੰਬਾਈ 104 ਸੈ.ਮੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ ਕਲਰਾਠੀਆਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ ਅਤੇ ਮਾੜੇ ਪਾਣੀਆਂ ਵਿੱਚ ਨਾ ਉਗਾਓ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 30 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
Posted by Sher BOhadur. singh
Uttar Pradesh
16-10-2019 08:30 PM
Punjab
10-17-2019 07:28 PM
शेर जी कृपया आप इसकी फोटो भेजे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by raviranjan kumar
Bihar
16-10-2019 08:30 PM
Maharashtra
10-17-2019 07:47 PM
malabar Neem Plant lene ke liye aap Radhe Sham 7727065370 Avishkar Agrotech se samparak kar sakte hai. Thankyou.
Posted by Nirdev singh
Punjab
16-10-2019 08:28 PM
Punjab
10-18-2019 04:19 PM
Surindra beej bhandar Opp police station city Railway road Mansa Contact 9417170490
Posted by amarpal Singh
Uttar Pradesh
16-10-2019 08:28 PM

?

Punjab
10-16-2019 09:38 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by sohan dass
Punjab
16-10-2019 08:26 PM
Punjab
10-17-2019 07:36 PM
Sohan ji ajwain di kheti punjab vich sifarish nahi kiti jandi.dhanwad
Posted by gagan maAn
Punjab
16-10-2019 08:24 PM
Punjab
10-17-2019 06:50 AM
BhaaG rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu te har 4kg dudh lai gau nu 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad malap rehat karo Baaki bhai nasal te nirbhar ae
Posted by lovepreet Singh
Punjab
16-10-2019 08:20 PM
Punjab
10-17-2019 06:54 AM
BhaaG tuci wadhya sambhal kar rahe ho Feed ch 1quintal feed ch 1kg mithha soda rla lao har 3 mahine baad malap rehat karo
Posted by sukhdeep singh
Punjab
16-10-2019 08:16 PM
Punjab
10-17-2019 02:30 PM
tuci uss nu kise duje pashu de muuh vicho chbia hoya chara kadd ke dena suru kro iss nal uss nu v chare di addat pann lgg jawegi, baki tuci uss nu Broton liquid 10-10ml swere sham rojana deo.
Posted by Gurjeet singh
Punjab
16-10-2019 08:14 PM
Punjab
10-16-2019 08:18 PM
tuci uss nu Vetmate injection 2ml lgwa deo ji ate uss nu Anabolite liquid 100-100ml swere sham deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by Sukh Chahal
Punjab
16-10-2019 07:52 PM
Punjab
10-17-2019 02:32 PM
Chahal ji tuhade sare swala de jwab dite ja chuke hai tuci App vich apne swala de jwab dekh skde ho..
Posted by Arun Singh
Uttar Pradesh
16-10-2019 07:44 PM
Punjab
10-16-2019 07:52 PM
सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 ब.... (Read More)
सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है,इस तरह आप सुअर पालन का काम शुरू कर सकते है, सुअर पालन के लिए आप large white yorkshire नस्ल रख सकते हैं, इसकी ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके में प्राप्त कर सकते है आप वहां जाकर टे्रनिंग का फार्म आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे
Posted by Rajeev Shakya
Uttar Pradesh
16-10-2019 07:36 PM

?

Punjab
10-16-2019 07:53 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by sukhdeep singh
Punjab
16-10-2019 07:36 PM
Punjab
10-16-2019 07:56 PM
ਸੁਖਦੀਪ ਜੀ ਕਿਰਪਾ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਸਵਾਲ ਵਿਸਤਾਰ ਨਾਲ ਪੁੱਛੋਂ ਜੀ ਤੁਸੀ ਕਿ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲੈਣਾ ਚਾਹੁੰਦੇ ਹੋ ਤਾਂ ਜੋ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਹੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾ ਸਕੇ ..
Posted by sukhdeep singh
Punjab
16-10-2019 07:30 PM
Punjab
10-16-2019 07:55 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Piperazine liquid 30ml ਦਿਓ ਅਤੇ Broton liquid 10-10ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Sharkoferol liquid 20ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ ..
Posted by Satyaveer yada
Rajasthan
16-10-2019 07:24 PM
Punjab
10-17-2019 07:57 PM
Satyaveer ji yeh leaf miner ka attack hai iski roktham ke liye aap fenazaquin@2 ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Balwan Dhanda
Haryana
16-10-2019 07:21 PM
Chandigarh
11-23-2019 05:03 PM
Cotton required four to six irrigation depending upon rainfall intensity. Give first Irrigation to the crop four to six week after sowing and remaining irrigation at interval of two or three weeks. Never let water to stand in younger plants. Do not let the crop to suffer for want of water during flowering and fruiting to avoid the shedding of flowers and bolls. Give last irrigation to the crop when 33% of bolls are opened and after that there is no need of more water through irrigation. Whenever salty water has to use for irrigation, the water should be get tested from authenticated laboratory and as per their recommendation, Gypsum or Pyrite may be added. In drought condition, alternate furrow irrigation and use of micro irrigation system (wherever feasible) will be of immense help in .... (Read More)
Cotton required four to six irrigation depending upon rainfall intensity. Give first Irrigation to the crop four to six week after sowing and remaining irrigation at interval of two or three weeks. Never let water to stand in younger plants. Do not let the crop to suffer for want of water during flowering and fruiting to avoid the shedding of flowers and bolls. Give last irrigation to the crop when 33% of bolls are opened and after that there is no need of more water through irrigation. Whenever salty water has to use for irrigation, the water should be get tested from authenticated laboratory and as per their recommendation, Gypsum or Pyrite may be added. In drought condition, alternate furrow irrigation and use of micro irrigation system (wherever feasible) will be of immense help in saving irrigation water.
Posted by Harmanjeet Singh
Punjab
16-10-2019 07:16 PM
Punjab
10-16-2019 07:58 PM
ਤੁਸੀ ਮੱਝ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Flukaird-DS ਗੋਲੀ ਦਿਓ, vitum-h 10-10 ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਤੇ enerboost powder 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦਿਓ ਤੇ ਫਿਰ ਸੂਣ ਤੋਂ 1 ਮਹੀਨਾ ਪਹਿਲਾਂ vitum-h ਦੇ ਨਾਲ metabolite ਪਾਊਡਰ ਦੀ ਇੱਕ ਪੁੜੀ ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਦਿਓ..
Posted by सोभाराम
Rajasthan
16-10-2019 07:14 PM
Chandigarh
11-23-2019 05:05 PM
इसकी वृद्धि के लिए NPK 191919@1किलो प्रति एकड़ के हिसाब से इस्तेमाल करें
Posted by Pradeep Chhoker
Haryana
16-10-2019 07:14 PM
Rajasthan
10-17-2019 12:39 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Ankit Rajpoot ji
Uttar Pradesh
16-10-2019 07:07 PM
Punjab
10-16-2019 07:14 PM
Ankitraj ji kripya aap yeh btaye ki gaye ke pair ko kya smasya aa rehi hai aap apne swal ke sath photo v upload kren tan jo apko sahi jankari di jaa skee..
Posted by suraj Kumar
Chattisgarh
16-10-2019 07:07 PM
Punjab
11-28-2019 01:00 PM
श्रीमान जी, चने की फसल के लिए ज्यादा समतल बैडों की जरूरत नहीं होती यदि इसे मिक्स फसल के तौर पर उगाया जाये तो खेत की अच्छी तरह से जोताई होनी चाहिए यदि इस फसल को खरीफ की फसल के तौर पर बीजना हो, तो खेत को मॉनसून आने पर गहरी जोताई करें, जो बारिश के पानी को संभालने में मदद करेगा बिजाई से पहले खेत की एक बार जोताई करें यद.... (Read More)
श्रीमान जी, चने की फसल के लिए ज्यादा समतल बैडों की जरूरत नहीं होती यदि इसे मिक्स फसल के तौर पर उगाया जाये तो खेत की अच्छी तरह से जोताई होनी चाहिए यदि इस फसल को खरीफ की फसल के तौर पर बीजना हो, तो खेत को मॉनसून आने पर गहरी जोताई करें, जो बारिश के पानी को संभालने में मदद करेगा बिजाई से पहले खेत की एक बार जोताई करें यदि मिट्टी में नमी की कमी नज़र आये तो बिजाई से एक सप्ताह पहले सुहागा फेरें बारानी क्षेत्रों के लिए, अक्तूबर का दूसरा या तीसरा सप्ताह चने की खेती के लिए उपयुक्त होता है सिंचित क्षेत्रों के लिए, बिजाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में पूरी कर लें चने की पिछेती बिजाई दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी कर लें बिजाई के लिए, कतार से कतार में 20-25 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज को 6-8 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीज को सीड ड्रिल या लोकल हल की सहायता से बोयें छोटे दानों के लिए 30-32 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और मोटे दानों के लिए 36-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें धन्यवाद
Posted by Jayant pawar
Madhya Pradesh
16-10-2019 07:06 PM
Punjab
03-14-2020 03:23 PM
अरंडी का रेट 3600 -3700 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रहा है धन्यवाद
Posted by Nikki
Uttar Pradesh
16-10-2019 07:05 PM
Punjab
11-28-2019 01:15 PM
Sir, apka interest agriculture ke jis bhi subject mein hai ap ussi mein hi admission lein, dhanywad
Posted by Pawan Janghel
Chattisgarh
16-10-2019 07:00 PM
Punjab
10-24-2019 01:00 PM
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी ख.... (Read More)
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव के कारण इसमें गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-alyanpur Red Round: यह उत्तर प्रदेश की प्रसद्धि किस्म है इसकी गांठे भूरे रंग की और गोलाकार आकार की होती हैं इसके पौधे 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 टन प्रति एकड़ होती है Bhima Shakti: यह खरीफ के साथ साथ रबी के मौसम में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म रोपाई के 130 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावारा 170 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Kalyan: इसकी गांठे गहरे गुलाबी रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 135 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa White Round: इसकी गांठे सफेद, गोल और समतल होती हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa white flat: इसकी गांठे सफेद, चपटी और मध्यम से बड़े आकार की होती हैं यह किस्म डीहाइड्रेशन के लिए उपयुक्त है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
16-10-2019 06:58 PM
Punjab
10-16-2019 07:15 PM
tuci mineral mixture feed vich mix krn di jgah vase he rojana 50gm de skde ho, iss nal vdia growth hundi hai..
Posted by gurshminder singh
Punjab
16-10-2019 06:57 PM
Punjab
10-17-2019 02:33 PM
ਇਸ ਸਿਸਟਮ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਜਗਾਂ ਤੇ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਮੀਟਰ ਦਾ ਟੈਕ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੇਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਇਸ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਕਿਸੇ ਕਿਸਾਨ ਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਕੀਤੀ ਕਿਉਕੀ ਇਸ ਦੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਿਤੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਹੋਈ, ਹਰਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਕੁੱਝ ਕਿਸਾ.... (Read More)
ਇਸ ਸਿਸਟਮ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਜਗਾਂ ਤੇ ਘੱਟ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਜੀ ਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਚਾਰ ਮੀਟਰ ਦਾ ਟੈਕ ਵਿੱਚ ਮੱਛੀ ਪਾਲੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਗੁਰੂ ਅੰਗਦ ਦੇਵ ਵੇਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਇਸ ਤੇ ਕੰਮ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਅਜੇ ਕਿਸੇ ਕਿਸਾਨ ਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਕੀਤੀ ਕਿਉਕੀ ਇਸ ਦੀ ਅਜੇ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਕਿਤੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵੀ ਸ਼ੁਰੂ ਨਹੀ ਹੋਈ, ਹਰਿਆਣਾ ਵਿੱਚ ਕੁੱਝ ਕਿਸਾਨ ਇਸ ਤਰੀਕੇ ਨਾਲ ਮੱਛੀ ਪਾਲ ਰਹੇ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਮੈ ਇਸ ਤੇ ਜਲਦੀ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹਾਂ ਤੇ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਇਸ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਬਾਰੇ ਵੀ ਗੱਲ ਕਰ ਰਿਹਾਂ ਹਾਂ ਜੀ , ਜਦੋਂ ਇਸ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ ਤਾਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਦੱਸ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਜੀ.
Posted by MANAV
Maharashtra
16-10-2019 06:54 PM
Punjab
11-23-2019 04:52 PM
लीफ माइनर की रोकथाम के लिए fenazaquin@2ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें
Posted by ਅਮਰੀਕ ਸਿੰਘ
Punjab
16-10-2019 06:51 PM
Punjab
10-16-2019 08:23 PM
BhaaG deputy director animal husbandry or Krishi vigyan kendar Naag kalan naal sampark karo g or GADVASU VETERINARY UNIVERSITY LUDHIANA NAAL SAMPARK KARO G No 0161 2553364 2414026
Posted by Jagar Singh
Punjab
16-10-2019 06:47 PM
Punjab
10-16-2019 09:14 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ 200 ਮਿਲੀ ਲੱਸੀ, 100 ਮਿਲੀ ਸਰੋਂ ਦਾ ਤੇਲ, ਇਕ ਚਮਚ ਨਮਕ ਨੂੰ ਖਾਲੀ ਬੋਤਲ ਵਿਚ ਚੰਗੀ ਤ੍ਰਾਹ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ 3 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ ਅਤੇ Metro 400mg ਇਕ ਇਕ ਗੋਲੀ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ
Posted by prashant
Haryana
16-10-2019 06:35 PM
Punjab
11-23-2019 04:49 PM
Yeh fungus ke kaarn hai, iski roktham ke liye custodia @300ml per acre kii spray kre.
Posted by balvant
Uttar Pradesh
16-10-2019 06:34 PM
Punjab
11-18-2019 05:08 PM
balvant ji aap ise poly house men lga sakte hai. dhanywad
Posted by Rajesh Gupta
Delhi
16-10-2019 06:21 PM
Punjab
10-17-2019 05:06 PM
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्.... (Read More)
बकरी पालन बहुत ही लाभकारी काम है शुरूआत करने के लिए आप 10 बकरियों और 2 बकरे के साथ कर सकते हैं इन्हें खुराक कम चाहिए इसलिए इन्हें आसानी से पाल सकते हैं ये हर प्रकार के मौसम में पाली जा सकती हैं बकरियां 12-14 महीने में बच्चे देना शुरू कर देती है बकरी का गर्भ समय 150 दिन का होता है और साल में 1-5 बच्चे देती है साल में दो बच्चे देना आम बात है बकरियां 8-10 वर्ष तक बच्चे देती हैं और अपन गिनती को तेजी से बढ़ा लेती हैं आप बारबरी, ब्लैक बंगाल, जैसी नसल पाल सकते हैं इसकी ट्रेनिेंग के लिए आप अपने कुषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करे या फिर जो बकरी पालन का व्यवसाय कर रहा कोई किसान उसका फार्म स्वंय जाकर देखकर आयें तो और भी बा​रीकियों का पता चल जायेगा, आप ब्लैक बंगाल, बीटल, सिरोही, जमुनापरी, बरबरी नस्ल रख सकते हैं.
Posted by Gaganjit mann
Punjab
16-10-2019 06:18 PM
Punjab
10-23-2019 05:50 PM
ਅਗੇਤੀ ਰੁੱਤ ਦੀ ਕਿਸਮ ਲਈ ਇਸ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਜੂਨ-ਜੁਲਾਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕਰੋ ਮੁੱਢਲੀ ਰੁੱਤ ਦੀ ਕਿਸਮ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਅਗਸਤ ਤੋਂ ਅੱਧ ਸਤੰਬਰ ਅਤੇ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਹਫਤੇ ਪਿਛੇਤੀ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰੋ
Posted by Janak Juglan@ gaimal com
Punjab
16-10-2019 06:16 PM
Punjab
11-23-2019 04:47 PM
ਇਸ ਤੇ ਤੇਲੇ ਦਾ ਹਮਲਾ ਹੈ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ buprofezin @250ml ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੀ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ
Posted by आर.एल.यादव
Uttar Pradesh
16-10-2019 06:02 PM
Punjab
11-23-2019 04:38 PM
गेहूं की बिजाई आम तौर पर मध्य-अक्तूबर से नवंबर तक की जाती है
Posted by neeraj
Uttar Pradesh
16-10-2019 05:42 PM
Punjab
10-16-2019 05:47 PM
Neeraj ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Ravinder Kumar
Haryana
16-10-2019 05:15 PM
Punjab
10-16-2019 06:41 PM
Bhai sahib doctor di salah se wart lein heat mein aa jaygi