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Posted by Narendra Singh
Rajasthan
17-10-2019 10:13 PM
Punjab
10-18-2019 09:06 AM
bhai sahib 1quintal feed ka formula Anaaj 40kg khal 30kg chokar or rice polish 30kg min mix 2kg namak 1kg
Posted by abhi baghel
Uttar Pradesh
17-10-2019 09:51 PM
Punjab
10-17-2019 10:20 PM
Shrimaan g gehu ki beejayi October ke last week se November ke last week tkk kr skte ho g..
Posted by vishnu
Andaman & Nicobar Islands
17-10-2019 09:43 PM

?

Punjab
10-18-2019 02:26 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by ritesh shakya
Uttar Pradesh
17-10-2019 09:41 PM
Maharashtra
10-18-2019 02:40 PM
अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले क.... (Read More)
अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज बोने के बाद बीजों को 8-10 सैं.मी. तक मिट्टी की परत से ढक दें रोपाई के लिए बड़ी आकार की गांठों का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 13-15 क्विंटल बीज प्रयोग किए जाते हैं बिजाई के लिए सेहतमंद आलू ही चुने बिजाई से पहले आलुओं को कोल्ड स्टोर से निकालकर 1-2 सप्ताह के लिए छांव वाले स्थान पर रखें ताकि वे अंकुरित हो जायें आलुओं के सही अंकुरन के लिए उन्हें जिबरैलिक एसिड 1 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर एक घंटे के लिए उपचार करें फिर छांव में सुखाएं और 10 दिनों के लिए हवादार कमरे में रखें फिर काटकर आलुओं को मैनकोजेब 0.5 प्रतिशत घोल (5 ग्राम प्रति लीटर पानी) में 10 मिनट के लिए भिगो दें इससे आलुओं को शुरूआती समय में गलने से बचाया जा सकता है आलुओं को गलने और जड़ों में कालापन रोग से बचाने के लिए साबुत और काटे हुए आलुओं को 6 प्रतिशत मरकरी के घोल (टैफासन) 0.25 प्रतिशत (2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी) में डालें
Posted by Arun kumar
Uttar Pradesh
17-10-2019 09:35 PM
Punjab
10-18-2019 02:50 PM
Arun ji yeh iski kisam par nirbhar karti hai. kripya aap btaye ke aapne konsi kisam ki bijai ki hai taki aapko iske hisab se jankari di ja sake. dhanywad
Posted by mukesh kumsr ray
Bihar
17-10-2019 09:18 PM
Punjab
10-18-2019 02:28 PM
छोटे बच्चों को 5 दिन के होने पर lasota vaccination करवायें ​फिर 12 दिन के होने पर Gamboro , 26 दिन के होने पर फिर gamboro और 28—29 दिन के होने पर फिर lasota से वैक्सीनेशन करवायें इस तरह आप शुरू से वैक्सीनेशन करवा सकते हैं
Posted by vikas gora
Rajasthan
17-10-2019 09:13 PM
Punjab
10-18-2019 07:14 AM
श्रीमान जी निमाटोड की रोकथाम के लिए Carbofuron 6 kg प्रति एकड़ का छींटा दे सकते हैं
Posted by faizan shah
Uttar Pradesh
17-10-2019 09:12 PM
Punjab
10-18-2019 07:16 AM
shrimaan g yeh haldi rog hai and yeh dangerous disease hai jiss se fasal ka loss hota hai.eski roktham ke liye koside @500 gm per acre ka spray kr skte ho g..
Posted by amit patel
Madhya Pradesh
17-10-2019 09:11 PM
Punjab
10-18-2019 09:08 AM
bhai sahib garbdan ke 75 din baad doctor se check karwao g
Posted by CHUHAR SINGH AUJLA
Punjab
17-10-2019 09:04 PM
Punjab
10-17-2019 10:22 PM
श्रीमान जी गेहूं के बीज सब्सिड़ी के बारे में आप अपने ब्लॉक के एग्रीकल्चर विभाग के एडीओ से संपर्क करके पूरी जानकारी ले सकते है
Posted by Balvir Singh Mann
Punjab
17-10-2019 09:01 PM
Maharashtra
10-18-2019 04:12 PM
Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
17-10-2019 08:39 PM
Punjab
10-18-2019 04:43 PM
ਸ੍ਰੀ ਰਾਮ 272 ਕੱਦ 104 ਸੈਂਟੀਮੀਟਰ, ਝਾੜ 28•7 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, 157 ਦਿਨ ਪੱਕਣ ਲਈ ਕਣਕ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦਾ ਬੂਟਾ ਤਾਂ ਹੀ ਪੂਰਾ ਜਾੜ ਮਾਰ ਸਕਦਾ ਹੈ ਜੇਕਰ ਬੂਟੇ ਦੀਆਂ ਸ਼ਾਖਾਂ ਨਿਕਲਣ ਸਮੇਂ ਕੋਰਾ ਪਵੇ ਜਾਂ ਘੱਟ ਤਾਪਮਾਨ ਰਹੇ
Posted by Tulsi jaiswal
Chattisgarh
17-10-2019 08:39 PM
Punjab
03-14-2020 12:10 PM
Tulsi jaiswal ji paddy Reaper ka price 170000 se 350000 tak hai, Thankyou.
Posted by sukhi
Punjab
17-10-2019 08:33 PM
Punjab
10-22-2019 11:20 AM
Sukhi ji Kanak da Smarthan mul (MSP) 1840/Q hai, Thankyou.
Posted by Virmaram badhiya nagar Badhiya nagar
Rajasthan
17-10-2019 08:17 PM
Maharashtra
10-18-2019 04:45 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें
Posted by Aadarsh
Uttar Pradesh
17-10-2019 08:13 PM
Punjab
03-14-2020 12:12 PM
Aadarsh ji agar aap New tractar lena chahte hai to aap Pardhan Mantri Tractor yojna ka labh utha sakte hai, Is yojna ke bare me puri jankari ke lia aap apne nazdiki SBI Bank se samparak kare, Thankyou.
Posted by Ranjeet Yadav
Uttar Pradesh
17-10-2019 08:01 PM
Maharashtra
10-18-2019 05:22 PM
WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लि.... (Read More)
WH 896: इस किस्म की सिंचित क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए सिफारिश की गई है PBW 373: यह अधिक उपज वाली किस्म है इसकी सिंचित क्षेत्रों में पिछेती बिजाई के लिए सिफारिश की गई है यह किस्म विभिन्न बीमारियों के प्रतिरोधक है PBW 343: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है यह गर्दन तोड़, जल जमाव की स्थितियों के प्रतिरोधक किस्म है यह करनाल बंट के भी प्रतिरोधक और झुलस रोग को सहनेयोग्य किस्म है इसकी औसतन पैदावार 19 क्विंटल प्रति एकड़ होती है HD 2643: यह किस्म सिंचित और पिछेती बिजाई के क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है इस किस्म से अच्छी गुणवत्ता वाली रोटी बनती है यह पत्ता और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक और करनाल बंट को सहनेयोग्य किस्म है UP 2425: यह सिंचित स्थितियों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है PBW-443: यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त किस्म है DBW-14: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त है यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसके दाने सख्त होते हैं NW-2036: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह जल्दी पकने वाली किस्म है दूसरे शब्दों में, यह किस्म 108 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसके दाने छोटे, सुनहरी और अर्द्ध सख्त होते हैं MACS-6145: यह किस्म बारानी क्षेत्रों में समय पर बोने के लिए उपयुक्त हैHD-2824: यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है PBW-502: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर युनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है यह किस्म सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधक किस्म है PDW-291: यह किस्म सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है PBW-524: यह सिंचित हालातों में पिछेती बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म कुंगी, करनाल बंट और कांगियारी के प्रतिरोधक किस्म है HD-2864: यह सिंचित हालातों में समय पर बिजाई के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म पत्ते और धारीदार कुंगी के प्रतिरोधी और ताप को सहनेयोग्य किस्म है
Posted by Ankit singh baghel
Madhya Pradesh
17-10-2019 07:58 PM
Punjab
10-18-2019 05:38 PM
genhu ki bijai october ke last hafte se november tak ki jati hai.dhanywad
Posted by gurpreet
Punjab
17-10-2019 07:54 PM
Punjab
10-17-2019 08:51 PM
श्रीमान जी आप डॉ दलाल घोल की स्प्रे कर सकते है या फिर जिबरेलिक एसिड 300 मि.ली. प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है
Posted by hardeep singh
Punjab
17-10-2019 07:54 PM
Punjab
10-18-2019 01:47 PM
ਤੁਸੀ ਮੱਝ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸਦੀਆਂ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਦਿਓ , ਇਸਦੇ ਨਾਲ ਤੁਸੀ Anti stress ਦਵਾਈ ਦੀ ਗੋਲੀ ਦੁੱਧ ਲੈਣ ਤੋਂ ਅੱਧਾ ਘੰਟਾ ਪਹਿਲਾ ਦਿਓ , ਜਾਂ ਤੁਸੀ Stress-ess liqued 50ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ , ਇਸ ਨਾਲ ਵੀ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ, ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Milkout ਪਾਊਡਰ 2-2 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ , ਇਸ ਨਾਲ ਦੁੱਧ ਵੀ ਵੱਧ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by jaspreet singh
Punjab
17-10-2019 07:50 PM

..?

Punjab
10-18-2019 02:29 PM
Jaspreet ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tuci ki jankari lena chahunde ho tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee..
Posted by palwinder singh
Punjab
17-10-2019 07:47 PM
Punjab
11-28-2019 02:09 PM
ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਹੇਠ ਦਿਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ :-UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਹੇਠ ਦਿਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ :-UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 1 Zn: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 103 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 151 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ PBW 725: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ, ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਮੱਧਰੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੇ ਅਤੇ ਭੂਰੇ ਜੰਗ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ , ਅਤੇ ਗਹਿਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਸਲਾਨਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 677: ਇਹ ਕਿਸਮ 160 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 22.4 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ WH 1105: ਇਸ ਦੀ ਕਾਢ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 97 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਇਹ ਦਾਣਿਆਂ ਦੇ ਖਰਾਬ ਹੋਣ ਅਤੇ ਸਿੱਟਿਆਂ ਦੇ ਭੂਰੇ ਪੈਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.1 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ PBW 621: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 100 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈI HD 3226:- jhaad 24 qtl / acre.
Posted by ਹਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
17-10-2019 07:41 PM
Punjab
10-17-2019 07:48 PM
ਹਰਵਿੰਦਰ ਜੀ ਇਸਨੂੰ ਘੰਡੀ ਰੋਗ ਬੋਲਦੇ ਹਨ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ tilt @200ml ਨੂੰ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Prabhjot Randhawa
Punjab
17-10-2019 07:38 PM
Punjab
10-18-2019 02:31 PM
Prabhjot ji pashu nu calcium uddo tak dena chahida hai jddo ohh duudh de reha hai tuci dudh de hisab nal 50-100ml tak calcium de skde ho, isde lai tuci Calcimust gold liquid di varto kr skde ho, isda vdia result hai..
Posted by Ankit singh baghel
Madhya Pradesh
17-10-2019 07:33 PM
Punjab
11-28-2019 02:23 PM
गेहूं की बिजाई के लिए JW 1201 (21.2क्विंटल/एकड़), GW 322 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 8498 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 1544 (22-24क्विंटल/एकड़), JW 1203 (16.8-18क्विंटल/एकड़) की बिजाई कर सकते हो
Posted by aakash
Madhya Pradesh
17-10-2019 07:33 PM
Punjab
11-11-2019 03:10 PM
Aakash ji, pishle kuj same se punjab me black wheat ki kheti ki ja rahi hai jo ke kafi safal vi rahi hai organic me is ka jhaar (yield) 15-18/q or chemical kheti me 22/q ke aas pas raha hai, je kisam bhi dusri kismo ki tarah hi 145 se 155 din me tyar hoti hai, Is ke bare me or jeada jankari or is ke seed lene ke lia aap Malwinder sinbgh Nelowalia 9888399412 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Ankit singh baghel
Madhya Pradesh
17-10-2019 07:31 PM
Punjab
11-28-2019 02:22 PM
Shrimaan ji ,grhun ki buvai ka sahi samay october se november tak ka hota hai, dhanywad
Posted by amar
Uttar Pradesh
17-10-2019 07:30 PM
Punjab
10-17-2019 07:33 PM
amar ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by rakesh
Rajasthan
17-10-2019 07:25 PM
Maharashtra
10-17-2019 07:29 PM
राकेश जी कृपया आप सवाल विस्तार से पूछे कि आप जानकारी क्या लेना चाहते है ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Harjinder Singh
Punjab
17-10-2019 07:21 PM

?

Punjab
10-18-2019 01:10 PM
Harjinder Singh ji eh tohade swal nal attach kiti audio upload nai hoe hai ji. es layi tusi kirpa karke dobara audio upload karo ji.
Posted by Ramesh chand
Rajasthan
17-10-2019 07:20 PM
Punjab
10-17-2019 07:24 PM
Ramesh ji aap iske uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Devkinandan meena
Rajasthan
17-10-2019 07:20 PM
Punjab
10-17-2019 07:27 PM
देवकीनंदन जी आप इसमें कीट का हमला चेक करें अगर तेला मौजूद है तो आप glamore @50 ग्राम की स्प्रे कर सकते है इसके इलावा आप इसमें सुंडी का हमला चेक करें अगर मौजूद है तो आप इसके ऊपर cartap hydrochloride @170 ग्राम को प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Kamal Yadav
Uttar Pradesh
17-10-2019 07:19 PM
Punjab
03-14-2020 12:26 PM
Kamal Yadav ji dhan ka MSP 1815 - 1835/Q hai, Thankyou.
Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
17-10-2019 07:19 PM
Punjab
10-17-2019 07:20 PM
ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝੀ ਕਾਰਨ ਲਈ ਤੁਹਾਡਾ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
17-10-2019 07:17 PM
Punjab
10-17-2019 07:20 PM
ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨਾਲ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਂਝੀ ਕਾਰਨ ਲਈ ਤੁਹਾਡਾ ਬਹੁਤ ਬਹੁਤ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by SUKHDEV Singh
Punjab
17-10-2019 07:17 PM
Punjab
10-17-2019 07:22 PM
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Liv 52 ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਤੁਸੀ 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਮਾਂ ਦਾ ਰੱਜਵਾਂ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਭੱਜ ਕੇ ਕਸਰਤ ਕਰਦੀ ਰਹੇ, ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦਾ Calf starter ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ Calf grow.... (Read More)
ਹਾਂਜੀ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Liv 52 ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਤੁਸੀ 10ml ਰੋਜਾਨਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਤਕ ਮਾਂ ਦਾ ਰੱਜਵਾਂ ਦੁੱਧ ਪਿਲਾਓ, ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ, ਉਸ ਨੂੰ ਖੁਲਾ ਰੱਖੋ ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਹ ਭੱਜ ਭੱਜ ਕੇ ਕਸਰਤ ਕਰਦੀ ਰਹੇ, ਇਕ ਮਹੀਨੇ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੁਸੀ ਕਾਰਗਿਲ ਦਾ Calf starter ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨੂੰ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਮਿਕਸ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, 3 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦਾ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਦ Calf grower ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, 8 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਦ Heifer dry ਫੀਡ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਉੱਨੀ ਮਾਤਰਾ ਵਿਚ ਦਿਓ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਉਹ ਆਸਾਨੀ ਨਾਲ ਹਜ਼ਮ ਕਰ ਸਕੇ ਇਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਤੁਸੀ ਗਰੋਥ ਦੇ ਲਈ Growth Mantra ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਜਾਂ ਤੁਸੀ puberaid ਪਾਊਡਰ ਵੀ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ 2 ਮਹੀਨਿਆਂ ਦੀ ਉਮਰ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ, ਜੇਕਰ ਉਮਰ 2 ਮਹੀਨੇ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੈ ਤਾਂ 20 ਗ੍ਰਾਮ ਪਾਊਡਰ ਦੇਣਾ ਹੈ, 4 ਮਹੀਨਿਆਂ ਤੋਂ ਜ਼ਿਆਦਾ ਹੋਣ ਤੇ 25 ਗ੍ਰਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਉਮਰ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ 5-5 ਗ੍ਰਾਮ ਵਧਾ ਦਿਓ. ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਡੇਵਰਮਿੰਗ ਦਾ ਵੀ ਪੂਰਾ ਧਿਆਨ ਰੱਖੋ ਜੀ..
Posted by p s thakur
Madhya Pradesh
17-10-2019 07:17 PM
Punjab
10-17-2019 07:21 PM
Thakur ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanwyad
Posted by sajan
Jharkhand
17-10-2019 07:04 PM
Punjab
10-18-2019 02:37 PM
Sajan ji ashi nasal ki HF cow lene ke liye aap Gourav Chauhan 7838808938 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Ranjeet kumar
Uttar Pradesh
17-10-2019 07:04 PM
Punjab
10-17-2019 07:07 PM
ranjeet ji aap sabjiyon ki bijai kar sakte hai iske ilava aap genhu ki bijai kar sakte hai.dhanywad
Posted by Ankit singh baghel
Madhya Pradesh
17-10-2019 07:00 PM
Maharashtra
10-17-2019 07:02 PM
गेंहूं की बिजाई सही समय पर करनी जरूरी है पिछेती बिजाई की फसल की पैदावार पर बुरा असर पड़ता है गेहूं की बिजाई 25 अक्तूबर से नवंबर के महीने में की जाती है
Posted by jagjit aulakh
Punjab
17-10-2019 06:56 PM
Punjab
10-17-2019 07:01 PM
tuci uss nu Broton liquid 50-50ml swere sham deo, baki jekar usde din purre ho gye hai tan pashu suun de nazdik khana ghta dinda hai ate jor marn lgda hai.
Posted by Ajay Kumar Singh
Uttar Pradesh
17-10-2019 06:54 PM
Punjab
10-18-2019 02:32 PM
कुमार जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by ਰਸ਼ਪਿੰਦਰ ਭੁੱਲਰ
Punjab
17-10-2019 06:54 PM
Punjab
10-18-2019 05:59 PM
ਜਿਪਸਮ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਖ ਤੋ ਬਾਅਦ ਹੀ ਸਹੀ ਦੱਸੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਜਾਂਚ ਵਿੱਚ ਪਤਾ ਲੱਗੇਗਾ ਕਿ ਕਿੰਨੀ ਜਿਪਸਮ ਪਾਉਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਆਮ ਤੌਰ ਤੇ ਇੱਕ ਏਕੜ ਵਿੱਚ 100 ਕਿੱਲੋ ਜਿਪਸਮ ਪਾਉਣ ਦੀ ਸਿਫਾਰਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ , ਜਿਪਸਮ ਜਿਆਦਾ ਮਹਿੰਗੀ ਨਹੀ ਹੁੰਦੀ ਜੀ
Posted by ramsingh rewari
Rajasthan
17-10-2019 06:39 PM
Punjab
10-17-2019 07:25 PM
ये मुर्रा नस्ल की भैंस है इसे आप Enerdyna liquid 100ml रोजाना, calcimust gold liquid 50ml रोजाना और Gouge पाउडर 50gm रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा, बाकि आप उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें और उसे पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-Ds गोली भी दें और हर 3 महीने के बाद डीवॉर्मिंग जरूर करें.
Posted by Umashankar patidar
Madhya Pradesh
17-10-2019 06:37 PM
Punjab
10-17-2019 07:11 PM
उमाशंकर जी आप इसके ऊपर NPK 130045 @1 किलो को 150 लीटर पानी में मिला कर स्प्रे करें धन्यवाद
Posted by Dinesh chandra
Uttar Pradesh
17-10-2019 06:35 PM
Maharashtra
10-17-2019 07:08 PM
परवल कद्दू कुल की एक पौष्टिक सब्जी है परवल की खेती के लिए गर्म एवं अधिक आर्द्रता वाली जलवायु उपयुक्त होती है ऐसे क्षेत्र जहां औसत वार्षिक वर्षा 100 से 120 सेंमी. हो तथा तापक्रम 5 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं जाता हो, वह क्षेत्र परवल की खेती के लिए सर्वोत्तम होता है लेकिन जहां सिंचाई की सुविधा न हो, वहाँ भी परवल की खे.... (Read More)
परवल कद्दू कुल की एक पौष्टिक सब्जी है परवल की खेती के लिए गर्म एवं अधिक आर्द्रता वाली जलवायु उपयुक्त होती है ऐसे क्षेत्र जहां औसत वार्षिक वर्षा 100 से 120 सेंमी. हो तथा तापक्रम 5 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं जाता हो, वह क्षेत्र परवल की खेती के लिए सर्वोत्तम होता है लेकिन जहां सिंचाई की सुविधा न हो, वहाँ भी परवल की खेती सफलतापूर्वक होती है बिहार की गंगा, सोन एवं गंडक दियारा क्षेत्रों में परवल की असिंचित फसल ही उगाई जाती है, फिर भी उपज अधिक प्राप्त होती है परवल भारी मिट्टी को छोड़कर सभी प्रकार की मिट्टियों में उगाया जा सकता है, परन्तु परवल की अच्छी पैदावार के लिए जल निकासयुक्त दोमट, बलुई दोमट मिट्टी जिसमें पर्याप्त मात्रा में जीवांश हो, अधिक उपयुक्त होती है यही कारण है कि परवल की खेती उत्तरप्रदेश, बिहार एवं पश्चिम बंगाल की नदियों के किनारों के दियारा क्षेत्रों में सफलतापूर्वक की जाती है परवल को हमेशा ऊँचे स्थान पर लगाना चाहिए, जहां पानी का जमाव नहीं होता हो उत्तरप्रदेश, बिहार तथा बंगाल में परवल की खेती पान के बरेजों में अंतरावर्ती फसल के रूप में करने की प्रथा अत्यंत पुरानी है, जहां के परवल के फल उच्च कोटि के गुणवत्ता वाले होते हैं मई-जून के महीनों में मिट्टी पलटने वाले हल से खेत को एकबार जुताई कर खुला छोड़ देना चाहिए ताकि हानिकारक कीड़े-मकोड़े मर जायें तथा खरपतवार सुख जायें लत्तर की रोपाई के लगभग एक महीना पहले मिट्टी में गोबर की सड़ी खाद अथवा कम्पोस्ट 200-250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से अच्छी तरह मिला देना चाहिए लत्तर रोपाई के समय खेत को 3-4 बार देशी हल से जुताई करके पाटा चलाकर मिट्टी को भुरभुरा तथा समतल बना लेना आवश्यक है डंडाली, राजेन्द्र परवल-1, राजेन्द्र परवल-2, स्वर्ण रेखा, स्वर्ण अलौकिक, निमियां, सफेदा, सोनपुरा, संतोखबा, तिरकोलबा, गुथलिया की बिजाई कर सकते है परवल उगाने की निम्नलिखित विधियां हैं:-1. बीज द्वारा 2. जड़ों की कलम द्वारा. लत्ताओं की लच्छी द्वारा रोपाई का समय भिन्न-भिन्न स्थानों पर अलग-अलग होता है मैदानी भागों में परवल की रोपनी का उचित समय मध्य जुलाई से अक्टूबर तक और दियारा क्षेत्रों में सितम्बर से अक्टूबर तक होता है परवल में अलग-अलग पौधों पर नर और मादा फूल उत्पन्न होते हैं नर पुष्पों से फल नहीं बनते हैं बल्कि वे मादा पुष्पों में परागण का कार्य करते हैं जिसमें मादा पुष्पों से फल बनना सम्भव होता है नर पुष्प बड़े और सफेद होते हैं, जबकि मादा पुष्प थोड़ा छोटा और सफेद होता है, उसके नीचे गर्भाश्य जुड़ा रहता है जो कुछ दिनों में परागण के बाद बढ़कर फल बन जाता है इसका विस्तार लताओं या बेलों द्वारा किया जाता है परवल लगाने के समय नर और मादा पौधों का अनुपात 1:19 होना अनिवार्य है उपरोक्त अनुपात नहीं रहने पर उत्पादन में काफी कमी हो जाती है खेत में कतार से कतार की दूरी 2.5 मीटर तथा पौधे से पौधे की दूरी 1.5 मीटर रखना चाहिए साथ ही थल्ले, भूमि की सतह से 6-8 सेंमी. ऊँचाई पर बनाने चाहिए एक वर्ष पुरानी लताओं से 120-150 सेंमी. लम्बे टुकड़े काटकर इस प्रकार मोड़ना चाहिए कि लच्छी की लम्बाई 30 सेंमी. हो जाये तथा 10 सेंमी. गहरे थालों में इस प्रकार लगाया जाय कि दोनों सिरे ऊपर खुले रहें रोपनी के बाद और फल लगने के समय तक 4-5 बार निकाई-गुड़ाई करनी चाहिए ताकि लताओं की शाकीय वृद्धि तेजी से हो लताओं के बढ़ जाने पर इसकी अनावश्यक वृद्धि को रोकने के लिए बार-बार लताओं को हाथ से उलटते-पलटते रहना चाहिए ऐसा करने से गांठों से जड़ें निकलकर जमीन में प्रवेश नहीं कर पाती है और फलन अधिक होता है मार्च माह के मध्य से पौधों पर फल लगना शुरू हो जाता है प्रारम्भ में फल लगने के 10-12 दिनों के बाद फल तोड़ने लायक हो जाते हैं इस प्रकार मार्च एवं अप्रैल माह में फलों की तोडनी प्रति सप्ताह एक बार तथा मई में प्रति सप्ताह दो बार अवश्य करनी चाहिए फलों की तोड़ाई मुलायम एवं हरी अवस्था में सूर्योदय से पहले करनी चाहिए इससे फल अधिक समय तक ताजे बने रहते हैं
Posted by Sohan Siwach
Haryana
17-10-2019 06:34 PM
Punjab
11-28-2019 02:39 PM
shrimaan ji, Ankur-5644 ik non notified seed hai, iski jankari abhi uplabdh nahi hai, dhanywad
Posted by JAGDISH KUMAR VERMA
Jharkhand
17-10-2019 06:34 PM
Punjab
10-18-2019 02:43 PM
आप उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें इसे अच्छी खुराक के साथ साथ पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS bolus दें और Anabolite liquid 100ml रोजाना और Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इनका दूध बढ़ाने में अच्छा परिणाम है, बाकि आप इसे गेहूं का दलिया भी बनाकर खिला सकते हैं
Posted by veer singh
Punjab
17-10-2019 06:34 PM
Haryana
10-17-2019 07:18 PM
इसके शुरू में आप एक यूनिट से शुरू कर सकते है , एक यूनिट में 3 नर और 10 मादा खरगोश होते है एक यूनिट आपको लगभग 30000 रूपये तक मिल जाएगा इसके लिए आपको 30X35 का शैड बनाना पडेगा, और यदि इनकी खुराक की बात करें तो इन्हें एक टाइम फीड और एक टाइम पठ्ठे पा सकते है यह लगभग तीन महीनो में बेचने के लिए तैयार हो जाते है इसके लिए आप मेरे साथ .... (Read More)
इसके शुरू में आप एक यूनिट से शुरू कर सकते है , एक यूनिट में 3 नर और 10 मादा खरगोश होते है एक यूनिट आपको लगभग 30000 रूपये तक मिल जाएगा इसके लिए आपको 30X35 का शैड बनाना पडेगा, और यदि इनकी खुराक की बात करें तो इन्हें एक टाइम फीड और एक टाइम पठ्ठे पा सकते है यह लगभग तीन महीनो में बेचने के लिए तैयार हो जाते है इसके लिए आप मेरे साथ संपर्क 9466419455 कर सकते है
Posted by Ranjeet singh
Punjab
17-10-2019 06:32 PM
Punjab
11-28-2019 02:42 PM
ਤੁਸੀ ਖੜ੍ਹੇ ਬੂਥੀਆ ਵਿਚ happy seeder ਨਾਲ ਬਿਆਜੀ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ,ਜਾ ਰੋਟਾਵੇਟਰ ਯਾਂ reaper ਨਾਲ ਬੂਥੀਆ ਦੀ ਕਟਾਈ ਕਰ ਕੇ ਬਿਆਜੀ ਕਰ ਸਕਦਾ ਹੋ, ਧੰਨਵਾਦ