
Posted by Sonu awashthi
Uttar Pradesh
18-10-2019 10:51 PM
इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे .... (Read More)
इसे मिट्टी की कई किस्मों, रेतली दोमट से चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी जिसकी पी एच 6 से 7.5 हो, में उगाने पर यह अच्छे परिणाम देती है यह फसल जलजमाव वाले हालातों में खड़ी नहीं रह सकती अम्लीय मिट्टी के लिए, चूना डालें Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Bonneville: यह मध्यम समय की किस्म है इसके फलियां मीठे दानों वाली होती हैं इसकी औसतन पैदावार 36 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Multi Freezer: यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी फलियां मीठी और नर्म होती हैं यह ठंड को सहनेयोग्य किस्म हैं इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Azad P-I: यह छोटे कद की किस्म है इसके दाने झुर्रीदार होते हैं इसकी औतसन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Early E-6: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खरीफ ऋतु की फसल की कटाई के बाद, सीड बैड तैयार करने के लिए हल से 1 या 2 बार जोताई करें हल से जोतने के बाद 2 या 3 बार तवियों से जोताई करें जल जमाव से रोकने के लिए खेत को अच्छी तरह समतल कर लेना चाहिए बिजाई से पहले, खेत की एक बार सिंचाई करें जो कि फसल के अच्छे अंकुरन में सहायक होती है फसल को मिट्टी से पैदा होने वाले कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए ट्राइकोडरमा विराइड 10 किलो को अच्छी तरह से गले हुए गाय के गोबर 25-30 किलो को आखिरी जोताई के समय प्रति एकड़ में डालें अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए बिजाई अक्तूबर से नवंबर के मध्य में पूरी कर लें बिजाई में देरी होने से उपज में काफी नुकसान होता है कतारों में 30-40 सैं.मी. और पौधें में 3-5 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें लंबी किस्मों के लिए 32-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें और छोटे कद की किस्मों के लिए 50 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई के समय नाइट्रोजन 13 किलो (30 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (150 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 18 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 30 किलो) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें फासफोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को बिजाई के एक महीने बाद डालें छोटे कद की किस्मों के लिए नाइट्रोजन की 8 किलो मात्रा बिजाई के समय डालें एक या दो गोडाई करना यह किस्म पर निर्भर करता है पहली गोडाई, फसल की बिजाई के 3-4 सप्ताह बाद या जब फसल 2 या 3 पत्ते निकाल लेती है और दूसरी गोडाई, फूल निकलने से पहले करें मटरों की खेती के लिए नदीन नाशकों का प्रयोग बहुत प्रभावशाली होता है फ्लूक्लोरालिन 45 ई सी 800 मि.ली. को 100-150 लीटर पानी में मिलाकर बीज बोने से पहले खेत में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ या बसालिन 1 लीटर प्रति एकड़ का प्रयोग फसल बीजने से 48 घंटों के अंदर करें

Posted by Neelesh Kumar Uikey
Madhya Pradesh
18-10-2019 10:41 PM
श्रीमान जी गेहूं की बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के आखिरी सप्ताह तक कर सकते है
Posted by Sanjeet Kumar
Uttar Pradesh
18-10-2019 09:59 PM
Shrimaan ji, kripya pa apna resume info@apnikheti.com par bejein, dhanywad

Posted by Bhagwan Rajput
Madhya Pradesh
18-10-2019 09:59 PM
Shrimaan ji, kripya pa apna resume info@apnikheti.com par bejein, dhanywad

Posted by SANTOSH
Jharkhand
18-10-2019 09:57 PM
Good news for all farmers, Businessman
बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,माध्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत )
द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए
भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming )
9-10 oct 2019 आयोजित किया जा रह.... (Read More)
Good news for all farmers, Businessman
बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,माध्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत )
द्वारा किसान भाइयो और सभी के लिए
भारत के प्रसिद्ध/ विख्यात और्वेदाचार्य एवं सफल किसान द्वारा खेती या व्यवसाय करके लाखो रूपये कैसे कमाए हेतु प्रशिक्षिण कार्यक्रम ( Integrated farming )
9-10 oct 2019 आयोजित किया जा रहा है
दो दिवशीय प्रशिक्षिण कार्यक्रम के मुख्या विषय
निम्नलिखित है .
1-मोती पालन या सीप पालन ( घर ,छत ,आँगन या बड़े तालाब में )
2-मछली पालन
3- बतख पालन
4- कड़कनाथ मुर्गा पालन
5-जापानी बटेर पालन
6-मोती भस्म
7-सीप भस्म
8-शंक भस्म
इसके अलावा बमोरिया फार्म और भारत सरकार की योजनाओ के साथ प्रतिमाह 2-3 लाख रूपये कैसे कमाए स्वस्थ एवं समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत
ग्राम स्वराज
महिला स्वस्थ एवं हाईजीन
मधुमेह मुक्त भारत
आदि योजनाओ को जानकारी भी दी जायगी
जिससे आप और आपका परिवार स्वस्थ तो रहेगा ही साथ ही आप हमारे साथ काम करके लाखो रूपये भी कमा सकते है
प्रशिक्षिण शुल्क 6000/person
# खाना चाय नास्ता सम्मलित होगा
# सम्बंधित किताबे
# सैंपल मटेरियल
#सर्टिफिकेट
#शुभकामना पत्र
# जीवन भर सहयोग ( life time support )
स्टेविआ का पौधा
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करे ,
अमित बमोरिया 9770085381
9584120929
(सीट आरक्षित करने के लिए
1000/- एडवांस जमा कराये )
Amit kumar
Ac no. 50100079403714
Ifsc HDFC0003695
एडवांस जमा नहीं कराते है तो फीस 7000/- देना होगा
#बमोरिया मोती सम्बर्धन केंद्र एवं एग्रो फार्म
(अमित बमोरिया ) #
@@@
केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड
@@@
भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित..
@@@@
प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार..
प्रमुख कार्य
मोती सम्बर्धन (मोती पालन )
मछली पालन
बतख पालन
जापानी बटेर पालन
कड़कनाथ मुर्गा
सुगर फ्री स्टेविआ की खेती
विशेष उद्यानिकी
बमोरिया फार्म
सतपुरा टाइगर रिज़र्व मड़ई
से 5 किलोमीटर पहले
कामतीरंगपुर
सोहागपुर
स्टेशन कोड SGP
जिला होशंगाबाद HBD
https://www.youtube.com/channel/UCpUOawnNhQ5_Jr2QhTUcGYw
Posted by ankit Sharma
Madhya Pradesh
18-10-2019 09:57 PM
Posted by agrasen more
Madhya Pradesh
18-10-2019 09:54 PM
Agrasen more ji aap kai kisam ki kheti kar sakte hai jese ke gehu, sabjio, Aushadhiya plant ki kheti kar sakte hai, kirpya aap visthar se btae ke aap konsi fasal lgana chahte hai ta jo us ke bare me aap ko sahi or puri jankari di ja sake, Thankyou.
Posted by Sanjeet Kumar
Uttar Pradesh
18-10-2019 09:51 PM
Shrimaan ji, iski roktham ke liye ap carbendazim @ 4gm yan mencozeb @ 4gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, djhanywad

Posted by Harwinder singh
Punjab
18-10-2019 09:47 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ PBW 677 ਕਿਸਮ 20ਨਵੰਬਰ ਤੋਂ 30ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਬੀਜ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by tribhuwan kushwaha
Bihar
18-10-2019 09:45 PM
शुरूआत में इसकी छोटी गुलाबी सुंडियां पौधे की गोभ में छेद करके अंदर से तंतू खाती हैं और बाद में फल पर हमला करती हैं प्रभावित फलों के ऊपर बड़े छेद नज़र आते हैं और खाने योग्य नहीं होते हैं
प्रभावित फल हर सप्ताह तोड़ कर नष्ट कर दें नर्सरी लगाने से 1 महीने बाद ट्राइज़ोफॉस 20 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी और 50 ग्राम नीम एक्सट.... (Read More)
शुरूआत में इसकी छोटी गुलाबी सुंडियां पौधे की गोभ में छेद करके अंदर से तंतू खाती हैं और बाद में फल पर हमला करती हैं प्रभावित फलों के ऊपर बड़े छेद नज़र आते हैं और खाने योग्य नहीं होते हैं
प्रभावित फल हर सप्ताह तोड़ कर नष्ट कर दें नर्सरी लगाने से 1 महीने बाद ट्राइज़ोफॉस 20 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी और 50 ग्राम नीम एक्सट्रैक्ट 50 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें 10-15 दिनों के फासले पर यह स्प्रे दोबारा करें फूल निकलने के समय कोराजैन 18.5 प्रतिशत एस सी 5 मि.ली. + टीपॉल 5 मि.ली. का घोल 12 लीटर पानी में मिलाकर 20 दिनों के फासले पर दो बार स्प्रे करें
शुरूआती हमले में 5 प्रतिशत नीम एक्सट्रैक्ट 50 ग्राम प्रति लीटर की स्प्रे करें ज्यादा हमला दिखने पर 25 प्रतिशत साइपरमैथरिन 2.4 मि.ली. प्रति 10 लीटर पानी की स्प्रे करें कीटों की गिनती अधिक हो जाने पर स्पाइनोसैड 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें फल पकने के बाद ट्राइज़ोफॉस या किसी और कीटनाशक की स्प्रे ना करें
Posted by Dinesh Kumar meghwal
Rajasthan
18-10-2019 09:33 PM
Shrimaan ji, ap apne khet ki mitti ko upjau banane ke liye isme gobar ki khaad dalein, yan hari khaad ki bijai karein yan fir vermicompost dal sakte hain, isse javik tareeke se upjau banane ke liye 2-3 saal lag jaye ge, dhanywad

Posted by Harpreet Singh
Punjab
18-10-2019 09:16 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by पुष्पेन्द्र कुमार
Uttar Pradesh
18-10-2019 09:14 PM
खेत में खड़ी आलू की फसल में चेचक रोग लगने पर उसे नहीं रोका जा सकता है लेकिन किसान थोड़ी समझदारी के साथ इस बीमारी से अपनी फसल को बचा सकता है इसके लिए किसान साइकोडरमा दवा से बीज का शोधन करे वहीं इसके पाउडर को गोबर में मिलाकर खेत में डाले जिस खेत में चेचक का रोग लग गया है उस खेत में तीन से चार साल तक आलू की फसल को नह.... (Read More)
खेत में खड़ी आलू की फसल में चेचक रोग लगने पर उसे नहीं रोका जा सकता है लेकिन किसान थोड़ी समझदारी के साथ इस बीमारी से अपनी फसल को बचा सकता है इसके लिए किसान साइकोडरमा दवा से बीज का शोधन करे वहीं इसके पाउडर को गोबर में मिलाकर खेत में डाले जिस खेत में चेचक का रोग लग गया है उस खेत में तीन से चार साल तक आलू की फसल को नहीं करना चाहिए

Posted by पुष्पेन्द्र कुमार
Uttar Pradesh
18-10-2019 09:11 PM
गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें
फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें
बिजाई के समय .... (Read More)
गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें
फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें
बिजाई के समय नाइट्रोजन का 3/4 हिस्सा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बचा हुआ नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा बिजाई से 35-40 दिन बाद जड़ों में मिट्टी लगाने के समय डालें

Posted by Madan singh
Rajasthan
18-10-2019 09:08 PM
मदन सिंह जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Rajinderpalsingh
Punjab
18-10-2019 09:05 PM
Shrimaan ji, eh keet da hamla hoea hai, isdi roktham lai tuc quinalphos @ 400 ml prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by Madhusudan Sharma
Madhya Pradesh
18-10-2019 09:03 PM
उसे आप तुरंत नज़दीकी डॉक्टर से जांच करें उसकी बीमारी के हिसाब से उसका सही इलाज हो सकता है
Posted by Sanjeev kumar
Jharkhand
18-10-2019 08:59 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by Aakash
Haryana
18-10-2019 08:58 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by RAHUL Mojle
Madhya Pradesh
18-10-2019 08:54 PM
श्रीमान जी, कंकर वाली जमीन के लिए आप इसमें gypsum 1 क्विंटल बिजाई से पहले प्रति एकड़ के हिसाब से डालें गेहूं की बिजाई के लिए JW 1201 (21.2क्विंटल/एकड़), GW 322 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 8498 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 1544 (22-24क्विंटल/एकड़), JW 1203 (16.8-18क्विंटल/एकड़) की बिजाई कर सकते हो धन्यवाद

Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
18-10-2019 08:52 PM
Kudeep Singh ji shri ram 272 40kg packing da rate 2100/- hai, Thankyou.

Posted by Ranjan sharma
Bihar
18-10-2019 08:51 PM
श्रीमान जी, आप मक्खन घास की बिजाई कर सख्त हैं, धन्यवाद

Posted by ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ
Punjab
18-10-2019 08:50 PM
Kuldeep ji iss injection vich Vitamin A,D3, E ate iodized hunda hai iss nal pashu da lewa vdia hunda hai ate uss nu thnna dia bimaria ton v bacha rehnda hai..

Posted by Ranjan sharma
Bihar
18-10-2019 08:49 PM
आप उसे Flukarid-ds bolus पेट के कीड़ों के लिए दें, इसके साथ Bovimin-B powder 100gm रोज़ाना और Minotas bolus रोज़ाना एक गोली दें, और 21 दिन तक दें, इससे हीट में आ जाएगी
Posted by Ashish Dwivedi
Uttar Pradesh
18-10-2019 08:48 PM
उसे आप तुरंत नज़दीकी डॉक्टर से जांच करवायें उसकी जांच करके ही सही इलाज हो सकता है

Posted by Ranjan sharma
Bihar
18-10-2019 08:47 PM
आप उसे Flukarid-ds bolus पेट के कीड़ों के लिए दें, इसके साथ Bovimin-B powder 100gm रोज़ाना और Minotas bolus रोज़ाना एक गोली दें, और 21 दिन तक दें, इससे हीट में आ जाएगी
Posted by Ashish Dwivedi
Uttar Pradesh
18-10-2019 08:45 PM
श्रीमान जी, धान में आखरी पानी कटाई के 15 दिन पहले लगाना चाहिए धन्यवाद
Posted by विजय चौहान गुर्जर
Madhya Pradesh
18-10-2019 08:38 PM
genhu ki kisme jaise Wheat Super 111,Wheat Super 152,Wheat Super 231, Wheat Super 172,SHRIRAM SUPER 303,Shriram Super 404,Shriram Super 252,Shriram Super 272 ki bijai kar sakte hai.dhanywad

Posted by aryan
Uttar Pradesh
18-10-2019 08:32 PM
श्रीमान जी, उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में बिजाई के लिए अक्तूबर से नवंबर का महीना उपयुक्त होता है धन्यवाद
Posted by mallaram
Rajasthan
18-10-2019 08:28 PM
Mallaram ji Guar ka bhaav 3000 - 4500/q chal raha hai, Thankyou.

Posted by Ramesh chand
Rajasthan
18-10-2019 08:28 PM
Shirmaan ji, rajasthan mein adrak ki kheti ke liye university sifarih nahi karti hai, dhanywad

Posted by shpinder
Punjab
18-10-2019 08:21 PM
tuci usdi bachedani vich lixin-iu dwai 3 din bhrwao ate uss nu Anabolite liquid 100-100ml swere sham deo, baki uss nu Xnel injection 1gm, Vitum-H injection 5ml, CRB injection 20ml, Mecovet injection 20ml lgatar 3 din lgwao, iss nal frak paa jawega..
Posted by Om Tatsat
Haryana
18-10-2019 08:15 PM
वनस्पतियों और जीव जंतुओं के बचे-कुचे से कुदरती तरीके से तैयार की ज़मीन (केंचुआ खाद) इसकी अच्छी फसल के लिए बेहद अनुकूल होती है परंतु इसकी अच्छी पैदावर के लिए इसे अच्छे जल निकास वाली चिकनी और रेतली मिट्टी में उगाना चाहिए इसके अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 8 होनी चाहिए धनिये की खेती के लिए खारी और लवण वाल.... (Read More)
वनस्पतियों और जीव जंतुओं के बचे-कुचे से कुदरती तरीके से तैयार की ज़मीन (केंचुआ खाद) इसकी अच्छी फसल के लिए बेहद अनुकूल होती है परंतु इसकी अच्छी पैदावर के लिए इसे अच्छे जल निकास वाली चिकनी और रेतली मिट्टी में उगाना चाहिए इसके अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6 से 8 होनी चाहिए धनिये की खेती के लिए खारी और लवण वाली मिट्टी ठीक नहीं होती निम्नलिखित किस्में हरियाणा में लगाने के लिए उपयुक्त हैं: Narnaul Selection: इस किस्म की काफी संख्या में शाखाएं ज्यादा होती हैं इस किस्म के बीज अन्य किस्मों के बीज से मोटे होते हैं इसकी औसतन पैदावार 6-8 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pant Haritima: इस किस्म की शाखाएं ज्यादा वृद्धि करती हैं इस किस्म की दो बार कटाई की जा सकती है जिससे दानों की उपज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा इसकी औसतन पैदावार 6-8 क्विंटल प्रति एकड़ है
Hissar Anand: यह देरी से पकने वाली दरमियानी किस्म है इसकी काफी संख्या में शाखाएं होती हैं और इसकी वृद्धि झाड़ियों की तरह होती है यह किस्म पत्तों और दानों के लिए प्रसिद्ध है इसकी औसतन पैदावार 7-8 क्विंटल प्रति एकड़ है
Hisar Sugandh: यह अधिक उपज वाली किस्म है यह सूखा और सफेद धब्बों के प्रतिरोधी है
Hisar Bhoomit: यह किस्म तना गलन के प्रतिरोधी है इनके बीजों में कम मात्रा में तेल होता है जब धनिया की खेती पत्तों के उद्देश्य से की जाती है तब बिजाई मध्य सितंबर से मध्य दिसंबर में की जानी चाहिए बीजों के उद्देश्य से इसकी खेती नवंबर के पहले पखवाड़े में की जाती है पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 20 सैं.मी. रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए पत्तों के उद्देश्य के लिए 4-6 किलो बीज प्रति एकड़ में और बीज उद्देश्य के लिए 3-4 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 25 किलो (55 किलो यूरिया), फासफोरस 20 किलो (एस एस पी 125 किलो)फसल की अच्छी वृद्धि के लिए डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस की पूरी मात्रा बिजाई के समय में डालें नाइट्रोजन की बाकी की मात्रा को फूल बनने के समय डालें फसल की ऊंचाई 20 से 25 सैं.मी. की होने पर हरे पत्तों को काटना शुरू कर देना चाहिए एक फसल को तीन से चार बार काटा जा सकता है बीज की पैदावार के लिए बीजी गई फसल अप्रैल महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है फसल के फल हरे रंग में ही काट लेने चाहिए क्योंकि ज्यादा पकने की सूरत में इसका पूरा मूल्य नहीं मिल पाता
Posted by Amarjeet sidhu
Punjab
18-10-2019 08:13 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by gurwinder kaur
Punjab
18-10-2019 08:11 PM
Gurwinder ji, hydroponcs bare jankari len lai tuc Somveer singh 9878733551 hydroponics nal samprak kar sakde ho, dhanwad
Posted by Rahul sahani
Uttar Pradesh
18-10-2019 08:10 PM
श्रीमान जी आप लाही की किस्मे जैसे के T-9 (1978): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में अच्छे जल निकास वाली प्रणाली में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 85-100 दिनों में पक जाती है और 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ उपज देती है इसके भूरे रंग के बीज होते हैं जिनमें तेल की मात्रा 44 प्रतिशत होती है Bhvaani: इस किस्म का पौधा छोटा होता है इसकी फलियां.... (Read More)
श्रीमान जी आप लाही की किस्मे जैसे के T-9 (1978): यह किस्म सिंचित क्षेत्रों में अच्छे जल निकास वाली प्रणाली में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 85-100 दिनों में पक जाती है और 5-6 क्विंटल प्रति एकड़ उपज देती है इसके भूरे रंग के बीज होते हैं जिनमें तेल की मात्रा 44 प्रतिशत होती है Bhvaani: इस किस्म का पौधा छोटा होता है इसकी फलियां लंबी और बीज चमकदार भूरे रंग के होते हैं यह जल्दी पकने वाली किस्म है इसलिए यह किस्म थ्रिप्स के प्रतिरोधक है यह किस्म 70-80 दिनों में तैयार हो जाती है और इसकी औसतन पैदावार 3-3.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है P.T 303: यह किस्म 90-95 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 7.2 क्विंटल प्रति एकड़ होती है P.T 30: यह किस्म 90-95 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 5.6-6.4 क्विंटल प्रति एकड़ होती है की बिजाई कर सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Ravishankar patel
Uttar Pradesh
18-10-2019 08:05 PM
iski roktham ke liye mancozeb@4gm prti acre ke hisaab se istemaal krein.
Posted by Rajender rathi
Haryana
18-10-2019 08:02 PM
श्रीमान जी, नरमे का रेट हरियाणा में 5000-5272 प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रहा है, धन्यवाद

Posted by SOMIN
Haryana
18-10-2019 08:01 PM
Somin ji aap uss injection ki photo bhejen tan jo apko sahi jankari di jaa skee.
Posted by satinderbir singh
Punjab
18-10-2019 07:53 PM
Satinderbir singh ji Sonalika de 50hp de Tractor DI-55RX, DI-50RX, DI-47RX, DI-750II hai, Thankyou.
Posted by satinderbir singh
Punjab
18-10-2019 07:47 PM
solar pump lag jau , par subsidy nhi filhal, Baki 9646457187 te call kar lena
Posted by Rambilas Jaat
Haryana
18-10-2019 07:45 PM
श्रीमान जी, कीट की रोकथाम के लिए आप fenvalrate @ 3gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
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