Posted by Rahul kumar
Uttar Pradesh
19-10-2019 05:28 PM
राहुल जी , खेती की तैयारी के लिए खेत को एक बार 20-25 सैं.मी. गहरा जोतकर अच्छे ढंग से बैड बनाएं जोताई के बाद 2-3 बार तवियां फेरें और फिर 2-3 बार सुहागा फेरें बिजाई से पहले खेत में नमी की मात्रा बनाकर रखें बिजाई से दो सप्ताह पहले खेत की तैयारी के समय 200 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्र.... (Read More)
राहुल जी , खेती की तैयारी के लिए खेत को एक बार 20-25 सैं.मी. गहरा जोतकर अच्छे ढंग से बैड बनाएं जोताई के बाद 2-3 बार तवियां फेरें और फिर 2-3 बार सुहागा फेरें बिजाई से पहले खेत में नमी की मात्रा बनाकर रखें बिजाई से दो सप्ताह पहले खेत की तैयारी के समय 200 क्विंटल प्रति एकड़ रूड़ी की खाद डालें फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 75 किलो (165 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 25 किलो (40 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें बिजाई के समय नाइट्रोजन का 3/4 हिस्सा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बचा हुआ नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा बिजाई से 30-40 दिन बाद जड़ों से मिट्टी लगाने के समय डालें हल्की ज़मीनों में आधी मात्रा नाइट्रोजन और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें और बाकी की नाइट्रोजन दो हिस्सों में जड़ों को मिट्टी लगाने के समय दो बार करके डालें धन्यवाद्
Posted by Champeshwar Sahu
Chattisgarh
19-10-2019 05:25 PM
श्रीमान जी स्टीम बोयर और पत्ता लपेट सुंडी की रोकथाम के लिए Fame @30 ml या Coragen @60 ml प्रति एकड़ को 120 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते है
Posted by Champeshwar Sahu
Chattisgarh
19-10-2019 05:21 PM
श्रीमान जी धान में माहू की रोकथाम के लिए Buprofenzin @300 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर सकते है

Posted by sarbjeet singh
Punjab
19-10-2019 05:19 PM
Sarbjeet ji tuci iss nu pett de kiria lai Flukarid-DS bolus deo ate vdia matra vich chara ate feed deo isde nal nal tuci Enerboost powder 50-50gm swere sham deo, iss nal kamjori durr howegi.

Posted by Abhishek Amoiya
Uttar Pradesh
19-10-2019 05:10 PM
Abhishek ji, ab ap polyhouse mein sabjiya jaise ke karela, shimla mirch, lettuce, khira, bhindi lga sakte ho, dhanywad
Posted by ਸੁਖਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ
Punjab
19-10-2019 04:59 PM
tuci Hf nasal di cow rakh skde ho, cow lenn lai tuci Mandeep Singh 9569630002 nal sampark kr skde ho..

Posted by Sanjay.
Bihar
19-10-2019 04:53 PM
Sanjay ji isko pett ke kirro ke liye Bendikind plus bolus den aur cargil ki Heifer dry feed deni suru kren, isse achi growth ho jayegi..
Posted by vineet Kumar Dwivedi
Madhya Pradesh
19-10-2019 04:41 PM
Vineet ji, ap is samah piyaz, alu, gobhi, muli, gajar ki kheti kar sakte hai iske ilawa ap sarsoon , gehun ki kehti bhi kar sakte hai. fulon mein ap surajmukhi, genda, gulab, gulnar, chameli ki kheti kar sakte hai, dhanywad

Posted by Sonu Arora
Uttar Pradesh
19-10-2019 04:40 PM
Sonu ji, pyaj bone ka uchit samay October se November tak ka hota hai . 1 acre ki paneeri tiyar karne k liye 3 kg beej lagta hai, dhaywad
Posted by MAHESH MEWADA
Madhya Pradesh
19-10-2019 04:38 PM
जीवन जी, इसे विभिन्न प्रकार की मिट्टी की किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह गहरी और अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में अच्छी पैदावार देती है पानी रोकने वाली, खारी और भारी मिट्टी में इसकी खेती करने से परहेज़ करें खेत की पूरी तरह से तैयारी और बीज बैड समतल करें खेत की एक बार तवियों से और तीन बार हल से जोताई करें .... (Read More)
जीवन जी, इसे विभिन्न प्रकार की मिट्टी की किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह गहरी और अच्छे जल निकास वाली दोमट मिट्टी में अच्छी पैदावार देती है पानी रोकने वाली, खारी और भारी मिट्टी में इसकी खेती करने से परहेज़ करें खेत की पूरी तरह से तैयारी और बीज बैड समतल करें खेत की एक बार तवियों से और तीन बार हल से जोताई करें प्रत्येक जोताई के बाद सुहागे से खेत को समतल कर लें रजका की बिजाई के लिए उचित समय मध्य अक्तूबर है बिजाई के समय पंक्ति से पंक्ति का फासला 30 सैं.मी. रखें बीज को 2-4 सैं.मी. गहरा बोयें धन्यवाद
Posted by Suraj
Punjab
19-10-2019 04:36 PM
श्रीमान जी आप बरसीम को गेहूं की बिजाई वाली मशीन के साथ बोय सकते है या फिर खेत में सिंचाई करने के बाद छिड़काव करके कर सकते है

Posted by सचिन गौतम
Uttar Pradesh
19-10-2019 04:35 PM
सचिन जी, बरगद के पेड़ पर fungus का हमला दिखाई दे रहा है, इसकी रोकथाम के लिए आप carbendazim @ 4g या mencozeb @ 4g प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें , इससे यह पौधा ठीक हो जाए गा, धन्यवाद

Posted by paramjit Singh Dhariwal
Punjab
19-10-2019 04:35 PM
Paramjit ji kirpa krke apna swal vistar nal pusho ji tan jo tuhanu sahi jankari diti ja skee..

Posted by lovedeep singh
Punjab
19-10-2019 04:17 PM
श्रीामन जी धान का रेट 1835 रूप्ये प्रति क्विंटल है

Posted by kumbha ram meghwal
Rajasthan
19-10-2019 04:16 PM
कुम्भा जी, रायड़ा के लिए किस्मे जैसे के Aashirwad (RK 01-03, Swarn Jyoti (RH 9801), RGN 73, Lakshmi (RH 8812), VSL 5, Aravali (RN 393), Vansudhara (RH 9304), Maya (RK 9902, Pusa, Jaykisan, Pusa Bold, T 59(Varuna), RH 30 की बुवाई आप कर सकते है असिंचित क्षेत्रों में बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक पूरी कर लें जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें बिजाई के लिए पौधे से पौधे का फासला 10 सैं.मी. और कतार से कत.... (Read More)
कुम्भा जी, रायड़ा के लिए किस्मे जैसे के Aashirwad (RK 01-03, Swarn Jyoti (RH 9801), RGN 73, Lakshmi (RH 8812), VSL 5, Aravali (RN 393), Vansudhara (RH 9304), Maya (RK 9902, Pusa, Jaykisan, Pusa Bold, T 59(Varuna), RH 30 की बुवाई आप कर सकते है असिंचित क्षेत्रों में बिजाई 15 सितंबर से 15 अक्तूबर तक पूरी कर लें जबकि सिंचित क्षेत्रों में बिजाई 10-25 अक्तूबर तक पूरी कर लें बिजाई के लिए पौधे से पौधे का फासला 10 सैं.मी. और कतार से कतार का फासला 30-45 सैं.मी. रखें बीजों को 4-5 सैं.मी. गहराई में बोयें जब एक फसल लेनी हो तो ड्रिल विधि का प्रयोग करें और यदि अंतरफसली लेनी हो तो बिजाई के लिए बुरकाव या ड्रिल विधि का प्रयोग करें सूखे असिंचित क्षेत्रों के लिए 1.5-2 किलो बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें और सिंचित क्षेत्रों के लिए 1.2-1.6 किलो बीजों का प्रयोग प्रति एकड़ में करें
धन्यवाद्

Posted by Rajnesh
Haryana
19-10-2019 04:04 PM
उसे आप Bovimin-B, Minfa gold पाउडर दे सकते है ये आप 100 ग्राम रोजाना दे सकते है
Posted by Ravi kumar
Rajasthan
19-10-2019 04:01 PM
रवि जी, कृपया आप बताये की आप कोनसी फसल का बीज तैयार करना चाहते है ताकि आपको उसकी पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद

Posted by jawahir sahani
Bihar
19-10-2019 04:00 PM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं
Posted by Harpreet Sándhu
Punjab
19-10-2019 03:57 PM
Harpreet ji, Matar di growth lai tuc NPK 19.19.19 @ 10 g prati liter pani de hisaab nal spray karo te ulli di roktham lai carbendazim @ 4g yan mencozeb @ 4g prati liter pani ch mila ke spray karo, dhanwad

Posted by Jagdeep Singh
Punjab
19-10-2019 03:55 PM
श्रीमान जी PBW 725 गेहूं की किस्म की बिजाई अक्तूबर के चौथे सप्ताह से नवंबर के आखिरी सप्ताह तक कर सकते है
Posted by Jagdish
Madhya Pradesh
19-10-2019 03:52 PM
उसे आप पेट के कीड़े के लिए Zenvet bolus दें, इसके साथ आप Broton liquid 50ml रोज़ाना और Halotas 2-2 गोलिया सुबह शाम दें, इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by Harpreet Singh
Punjab
19-10-2019 03:51 PM
Harpreet ji kadaknath chicks lenn lai tuci Balwinder Singh 9041009671 Papu Hachery Farm nal sampark kr skde ho.
Posted by Ravi kumar
Rajasthan
19-10-2019 03:47 PM
Ravi ji, gajar ka lal rang Lycopene nam ke pigment ki vajah se hota hai, dhanywad

Posted by rajesh prasad
Jharkhand
19-10-2019 03:46 PM
Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Bonneville: यह मध्यम समय की किस्म है इसके फलियां मीठे दानों वाली होती हैं इसकी औसतन पैदावार 36 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Multi Freezer: यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी फलियां मीठी और .... (Read More)
Arkal: यह छोटे कद की और जल्दी पकने वाली किस्म है इसकी फलियां लंबी और गहरे हरे रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 16-18 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Bonneville: यह मध्यम समय की किस्म है इसके फलियां मीठे दानों वाली होती हैं इसकी औसतन पैदावार 36 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Multi Freezer: यह देरी से पकने वाली किस्म है इसकी फलियां मीठी और नर्म होती हैं यह ठंड को सहनेयोग्य किस्म हैं इसकी औसतन पैदावार 25 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Azad P-I: यह छोटे कद की किस्म है इसके दाने झुर्रीदार होते हैं इसकी औतसन पैदावार 16 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Early E-6: यह किस्म पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई है इसकी औसतन पैदावार 40 क्विंटल प्रति एकड़ होती है

Posted by ks bhullar
Punjab
19-10-2019 03:43 PM
Bhullar ji isde vare jankari lai tuci mere nal Birbal Ram Sharma 7009579091 sampark kr skde ho.

Posted by tHe farmer
Uttar Pradesh
19-10-2019 03:43 PM
Shrimaan ji, makki ke seed jaise ke Ganga II, Deccan - 103, Deccan - 105, Trisholta, High Starch, Mangiri ki ap buvai kar sakte hain, dhanywad
Posted by ramratan kumar
Bihar
19-10-2019 03:39 PM
Ramratan ji, bina aakh ke aalu nahi lgaye ja sakte kyu ki aalu ki paidawar aakh ki vaja se hi hoti hai, dhaywad
Posted by Sukh Chahal
Punjab
19-10-2019 03:39 PM
ਤੁਸੀ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ
Posted by MANGILAL JAKHAR
Rajasthan
19-10-2019 03:36 PM
मांगीलाल जी, हरे मछर के लिए आप नीम का तेल 50 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे कर दें, धन्यवाद
Posted by kaushal
Chattisgarh
19-10-2019 03:33 PM
kaushal ji, iske liye ap NPK 13.0.45 @ 10 g prati liter pani ke hisab se flowering stage par spray kar dein, apke ped par fal a jayega, dhanywad

Posted by Prabhjot Randhawa
Punjab
19-10-2019 03:27 PM
Shrimaan ji, tuc tuc november de mahine ch sabjiyan jive ke tamatar, piyaj, fulgobhi, bangan, matar di bijai kar sakde ho ate dallan jive ke kale mah, chole, rajma di bijai kar sakde ho, dhanwad
Posted by Ranjit Singh
Punjab
19-10-2019 03:25 PM
ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਮੇਥੇ ਦੇਖੇਤ ਨੂੰ ਨਦੀਨ ਮੁੱਕਤ ਕਾਰਨ ਲਈ, ਇੱਕ ਜਾਂ ਦੋ ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 25-30 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਤੋਂ 30 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਰਸਾਇਣਿਕ ਢੰਗ ਨਾਲ ਰੋਕਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਫਲੂਕਲੋਰਾਲਿਨ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਉਣ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਇਲਾਵਾ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 1.3 ਲੀਟਰ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ .... (Read More)
ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਮੇਥੇ ਦੇਖੇਤ ਨੂੰ ਨਦੀਨ ਮੁੱਕਤ ਕਾਰਨ ਲਈ, ਇੱਕ ਜਾਂ ਦੋ ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 25-30 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਤੋਂ 30 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਰਸਾਇਣਿਕ ਢੰਗ ਨਾਲ ਰੋਕਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਫਲੂਕਲੋਰਾਲਿਨ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਉਣ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੇ ਇਲਾਵਾ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 1.3 ਲੀਟਰ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬਿਜਾਈ ਦੇ 1-2 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਵਿੱਚ, ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸਹੀ ਨਮੀ ਹੋਣ ਤੇ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਸਪਰੇਅ ਕਰੋ ਜਦੋਂ ਪੌਦਾ ਲਗਭਗ 4 ਇੰਚ ਕੱਦ ਦਾ ਹੋ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਟਹਿਣੀਆਂ ਨੂੰ ਖਿਲਰਨ ਤੋਂ ਰੋਕਣ ਲਈ ਬੰਨ ਦਿਓ ਅਤੇ ਪਾਲਕ ਦੇ ਖੇਤ ਨੂੰ ਨਦੀਨ ਮੁਕਤ ਕਾਰਨ ਲਈ ਪਾਇਰਾਜ਼ੋਨ 1-1.12 ਕਿਲੋ ਦੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by RAMAWATAR SINGH
Uttar Pradesh
19-10-2019 03:24 PM
Ramawatar ji, kandua rog ke liye ap tilt@ 200 ml prati acre ke hisab se spray karein, dhanywad
Posted by Narain singh
Punjab
19-10-2019 03:23 PM
Narain singh ji, makki di growth lai tuc Hoshi @ 400 ml prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad

Posted by Vivekanand Gautam
Uttar Pradesh
19-10-2019 03:22 PM
Vivekanand Gautam ji Till (Sesame) ka mandi bhaav 8700-8950/q chal raha hai, Thankyou.

Posted by fanty
Haryana
19-10-2019 03:22 PM
बकरी लेने के लिए आप Gurpreet Singh 8689090090 Haryana Goat Farmसे सम्पर्क कर सकते है और मुर्गियों के लिए आप Satish Kumar 9992031003 से सम्पर्क कर सकते है ..

Posted by MANAV
Maharashtra
19-10-2019 03:20 PM
मानव जी, कृपया आप यह बताएं कि आपके आम के पेड़ पर कौन सा कीट है, ताकि उसके हिसाब से आपको बताया जा सके, आप पेड़ पर imidacloprid स्प्रे कर सकते है यां नहीं, धन्यवाद
Posted by Davinder singh
Punjab
19-10-2019 03:19 PM
tuci usdi deworming kr skde ho, isde lai tuci Flukarid-Ds bolus de skde ho ehh gaban lai safe goli hai.
Posted by Amit khiladi
Chattisgarh
19-10-2019 03:14 PM
Amit ji, kharpatwar har fasal ke liye alag alag hote hai, kripya ap yah bataye ki ap konsi fasal ke kharpatwar ki jankari lena chahte hai, taki apko uske bare mein vistar se bataya ja sake, dhanywad
Posted by ramsingh rewari
Rajasthan
19-10-2019 03:11 PM
Ram ji aap pashuo ko ajola khila skte hai yeh aap 1-1.5kg rojana de skte hai..
Posted by ramsingh rewari
Rajasthan
19-10-2019 03:09 PM
shrimaan ji, Napier hybrid ki cutting mil jayegi is ki cutting ke liye aap Bharat Bhushan 9412568747 se samparak kar sakte hai. Thank you.
Posted by ramsingh rewari
Rajasthan
19-10-2019 03:05 PM
Ram ji aap uss powder ko use kr skte hai, iska acha result hai..

Posted by Gurwinder Singh
Punjab
19-10-2019 02:59 PM
Shrimaan ji, iske bare mein jankakri lene ke liye ap Puneet Gupta 9780200996 ke sath samparak karein, dhanywad
Posted by Dinesh Kumar
Uttar Pradesh
19-10-2019 02:48 PM
दिनेश जी, सरसों 5222 इक जल्दी पक जाने वाली किसम है, इसकी पैदावार 12 -15 q प्रति एकड़ होती है और इसमें तेल की मात्रा 41 -42 % है, धयवाद
Posted by Mangat
Punjab
19-10-2019 02:27 PM
Hnji tuci usdi deworming kr skde ho isde lai tuci Flukarid-Ds bolus de skde ho..
Posted by om parksh
Punjab
19-10-2019 02:26 PM
Tuci uss nu Bovimin-B powder 20-25gm rojana deo ate uss nu Mintab tablet 1-1 goli swere sham deni suru kro, iss nal jldi heat vich aa jawegi.
Posted by Satnam Singh Dhaliwal
Haryana
19-10-2019 02:26 PM
सतनाम जी मुर्गियों की फीड तैयार करने के लिए 25 किलो मक्की, 20 किलो गेहूं, 5—6 किलो सोयावीन खल और थोडा मिर्नल मिक्सर्च मिक्स करके सुबह और शाम फीड दें ये आप उस हिसाब से डालें जितना मुर्गियां आसानी से हज़म कर सके
Posted by Aaditya yadav
Uttar Pradesh
19-10-2019 02:19 PM
आप उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें इसे अच्छी खुराक के साथ साथ पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS bolus दें और Anabolite liquid 100ml रोजाना और Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इनका दूध बढ़ाने में अच्छा परिणाम है, बाकि आप इसे गेहूं का दलिया भी बनाकर खिला सकते हैं
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