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Posted by avinash
Madhya Pradesh
19-10-2019 09:14 PM
Punjab
10-21-2019 11:24 AM
Avinash ji, dhan ka bhav 1815 Grade A 1835 hai, dhanywad
Posted by Arshdeep
Punjab
19-10-2019 09:14 PM
Punjab
10-20-2019 03:41 PM
Arshdeep ji jekar jyada lambe hair hai tan tuci uss nu kanchi nal cut kr skde ho, ehh vase he pashua de aunde hai iss vich koi chkar wali gal nhi hai..
Posted by Hasanan Ansari
Madhya Pradesh
19-10-2019 09:12 PM
Punjab
12-03-2019 05:50 PM
श्रीमान जी, मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम साफ़ रहेगा बारिश नहीं है , धन्यवाद
Posted by Davinder singh
Punjab
19-10-2019 08:58 PM
Punjab
10-20-2019 08:00 AM
ਪਸ਼ੂ ਦਾ ਦੁੱਧ ਉਸਦੀ ਨਸਲ ਅਤੇ ਖੁਰਾਕ ਤੇ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਤੁਸੀ ਓਹਨਾ ਨੂੰ ਰੋਜਾਨਾ 35-40 ਕਿਲੋ ਹਰਾ ਚਾਰਾ ਦਿਓ ਅਤੇ ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ, Milkout powder 2-2 ਚਮਚ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਮਿਨਰਲ ਮਿਕਸਚਰ 50-50gm ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by prabhakant Sharma
Uttar Pradesh
19-10-2019 08:53 PM
Punjab
10-21-2019 11:28 AM
Posted by Nawed
Madhya Pradesh
19-10-2019 08:52 PM
Punjab
10-21-2019 10:48 AM
नावेद जी, यह मच्छर के हमले की वजह से हो रहा है , इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @ 1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by BALWANT SINGH CHOUHAN
Rajasthan
19-10-2019 08:49 PM
Punjab
10-20-2019 08:01 AM
आप उसे रोजाना 35—40 किलो हरा चारा डालें इसे अच्छी खुराक के साथ साथ पेट के कीड़ों के लिए Flukarid-DS bolus दें और Anabolite liquid 100ml रोजाना और Milkout पाउडर 2—2 चम्मच सुबह शाम दें इनका दूध बढ़ाने में अच्छा परिणाम है, बाकि आप इसे गेहूं का दलिया भी बनाकर खिला सकते हैं
Posted by Navdeep
Punjab
19-10-2019 08:25 PM
Punjab
10-20-2019 03:44 PM
Hanji navdeep ji tuci brucellosis di vaccine khudd v kr skde ho per iss vich dyan rkho ki suii tuhade sarir vich nahi lggni chahidi ate hatha nu dastane paa ke vaccine kro ate ehh dwai da koi v tipka tuhade sarir te jakham wali jgah te nhi girna chahida kyuki iss nal insaana vich v brucellosis bimari krke nuksan hunda hai..
Posted by daljeet singh
Punjab
19-10-2019 08:19 PM
Punjab
10-21-2019 11:22 AM
Daljeet Singh ji, fungus ke liye ap Mencozeb @ 4g or Carbendazim @4g prati liter pani ke hisaab se spray kar dein, dhaywad
Posted by satinderbir singh
Punjab
19-10-2019 08:16 PM
Punjab
03-14-2020 10:49 AM
Satinderbir singh ji sonalika de 50 HP tractor da price 6.20 to 6.70 lac hai, Thankyou.
Posted by deepakchouhan
Madhya Pradesh
19-10-2019 08:08 PM
Punjab
10-22-2019 12:47 PM
Sir, All your questions have been answered. You can see the answers by clicking my question option in the app.if you any problem in app you can contact on our helpline number 9779977641
Posted by gurwinder kaur
Punjab
19-10-2019 08:08 PM
Punjab
12-03-2019 05:52 PM
Shrimaan ji, iske bare mein jankakri lene ke liye ap Somveer singh 9878733551 hydroponics ke sath samparak karein, dhanywad
Posted by ritik
Uttar Pradesh
19-10-2019 08:05 PM
Punjab
10-21-2019 11:32 AM
ऋतिक जी, शिमला मिर्च की खेती के लिए, सबसे पहले नर्सरी बैडों को तैयार करें नए पौधे लगाने के लिए 300 x 60 x 15 सैं.मी. आकार के सीड बैड तैयार करें बीजों को तैयार किये गए बैडों पर बोयें और बिजाई के बाद नर्सरी बैडों को मिट्टी की पतली परत से ढक दें बीजों के उचित अंकुरण के लिए बिजाई के बाद तैयार बैडों पर हल्की सिंचाई करें जब .... (Read More)
ऋतिक जी, शिमला मिर्च की खेती के लिए, सबसे पहले नर्सरी बैडों को तैयार करें नए पौधे लगाने के लिए 300 x 60 x 15 सैं.मी. आकार के सीड बैड तैयार करें बीजों को तैयार किये गए बैडों पर बोयें और बिजाई के बाद नर्सरी बैडों को मिट्टी की पतली परत से ढक दें बीजों के उचित अंकुरण के लिए बिजाई के बाद तैयार बैडों पर हल्की सिंचाई करें जब पौधे के 4-5 पत्ते निकलने शुरू हो जाये तो आरोपण करें मुख्य खेत में आरोपण किया जाता है आरोपण आमतौर पर बरसात के मौसम में किया जाता है आरोपण के लिए मुख्यतः 50-60 दिनों की पौध का प्रयोग किया जाता है आरोपण से पहले नर्सरी बैडों को पानी लगाएं ताकि पौधे को आसानी से उखाड़ा जा सके बीजों को मुख्य तौर पर अक्तूबर के अंत में बोयें और रोपण के लिए मध्य-फरवरी का समय उचित होता है जल्दी पैदावार के लिए, बीजों को मध्य-अक्तूबर में बोयें और रोपण के लिए नवंबर के अंत का समय उचित होता है धन्यवाद
Posted by Amar Jeet singh
Uttarakhand
19-10-2019 08:03 PM
Punjab
10-21-2019 11:19 AM
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इस.... (Read More)
स्ट्रॉबेरी की खेती पॉलीहाउस के अंदर या खुले खेत में कर सकते हैं चीकनी, बालुई और अच्छे निकास वाली ज़मीन स्ट्रॉबेरी के लिए अच्छी होती है तेजाबी में पी एच 5.0 से 6.5 होनी चाहिए मिट्टी की नाज़ुकता तीस से चालीस सैं.मी. होनी चाहिए स्ट्रॉबेरी की सही वृद्धि के लिए दिन में तापमान 20-25 डिगरी और रात के समय 7-12 डिगरी होना चाहिए इसलिए इसकी पनीरी लगाने का काम मध्य अक्तूबर से मध्य नवंबर तक कर देना चाहिए इन महीनों और इसके बाद पंजाब में लगभग यही तापमान होता है स्ट्रॉबेरी की खेती मलचिंग विधि द्वारा की जाती है सबसे पहले खेत को तैयार किया जाता है इसके बाद ही ट्रैक्टर की सहायता से मलचिंग मशीन को खेत में उतारा जाता है चार फुट क्यारी तैयार की जाती है इसमें ड्रिप लाइन फिट की जाती है इसके बाद मशीन की सहायता से क्यारियों पर प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है मलचिंग के लिए हल्का और लचकीला पदार्थ लें ताकि स्ट्रॉबेरी के पौधे की रफ्तार पर असर ना पड़े जिसे बाद में दोनों ओर से मिट्टी में दबा दिया जाता है अब इस शीट में छेद करके उसमें स्ट्रॉबेरी की पनीरी लगायी जाती है पनीरी लगाने के समय जड़ को पूरी तरह मिट्टी में व्यवस्थित कर दें जड़ बाहर रहने से पौधे के सूखने का खतरा होता है पौधे को ज्यादा तापमान और ठंड से बचाने के लिए इसके ऊपर छांव करनी चाहिए जो आप लो टन्नल विधि से कर सके हैं मौसम का बहुत ख्याल रखना पड़ता है थोड़ी सी लापरवाही से सारी फसल खराब हो सकती है पहले साल अपने खेत में स्ट्रॉबेरी की खेती करने का कुल खर्चा ढाई से तीन लाख रूप्ये प्रति एकड़ के हिसाब से आ जाता है क्योंकि किसान को पहले साल ड्रिप सिस्टम और फव्वारों आदि पर खर्च करना पड़ता है पर अगले वर्षों में किसानों का यह खर्चा बच जाता है इसके लिए एक एकड़ में 40 बैड बनते हैं और एक बैड पर 1000 स्ट्रॉबेरी के पौधे लगते हैं इस तरह एक एकड़ में चालीस हजार पौधे लगाए जाते हैं एक पौधा 3 से 4 रूप्ये तक मिल जाता है और इसकी उपज 50 से 60 क्विंटल तक निकल आता है 25-30क्विंटल गोबर की खाद एक एकड़ में डालें यह खाद एक साल में डालनी होती है फिर 20 : 40 : 40 NPK KG / हेक्टेयर डालनी है अच्छी फसल के लिए यूरिया दो फीसदी जिंक सल्फेट, आधा प्रतिशत कैलशियम सल्फेट और बोरिक एसिड 0.2 फीसदी अच्छी फसल के लिए ठीक है सिंचाई जल्दी जल्दी पर हल्की करनी चाहिए ज्यादा पानी ठीक नहीं है पत्ते गीले ना करें तुपका सिंचाई से पानी कम लग सकता है यदि तुपका सिंचाई नहीं कर रहे तो क्यारियों में पानी खाली में ही लगाएं नदीन हाथ से हटाएं या कीड़े मकौड़े और अन्य बीमारियों की तरफ ध्यान रखना जरूरी है यदि कोई पौधा ज्यादा खराब है उसे हटा दें जब फल का रंग 70 प्रतिशत लाल हो जाये तो तोड़ लेना चाहिए यदि मार्किट दूरी पर है तो थोड़ा सख्त ही तोड़ना चाहिए तुड़ाई अलग अलग दिनों में करनी चाहिए स्ट्रॅाबेरी की पैकिंग प्लास्टिक की प्लेटों में करनी चाहिए इसे हवादार जगह पर रखना चाहिए जहां तापमान पांच डिगरी हो एक दिन के बाद स्ट्रॉबेरी की पैकिंग का तापमान ज़ीरो डिग्री होना चाहिए मार्किट में स्ट्रॉबेरी औसतन 200 रूपये प्रति तक बिकती है इस तरह पांच लाख प्रति एकड़ से इसकी आमदन शुरू होकर आगे अपनी मेहनत से किसान आमदन में भरपूर वृद्धि कर सकता है स्ट्रॉबेरी के पौधे सितंबर से अक्तूबर तक लगाए जाते हैं और 3 महीने के बाद यह फल देना शुरू कर देते हैं इसकी फसल अप्रैल तक चलती है इसकी मार्केटिंग में किसी भी तरह की मुश्किल नहीं है, यह ऐलनाबाद, सिरसा, हनुमानगढ़, गंगानगर के इलावा बठिंडा, मोगा, जलंधर. लुधियाना में इसकी मार्केटिंग कर सकते है, यदि ज़्यादा मात्रा में स्ट्रॉबेरी है तो दिल्ली इसकी मुख्य मार्किट है
Posted by ajit kumar
Bihar
19-10-2019 08:01 PM
Punjab
10-20-2019 08:04 AM
बटेर पालन के लिए किसी लाइसेंस की जरुरत नहीं है जी यह मुर्गी पालन से मिलता जुलता काम ही है बटेर पालन से जुड़ी कुछ आम जानकारी आपसे शेयर कर रहे हैं 1.यह बहुत छोटा पक्षी होने के कारण इस काम को शुरू करने के लिए कम जगह की जरूरत होती है उदाहरण के तौर पर 5-6 पक्षियों के लिए 1 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता होती है 2.खुराक की खप्त भ.... (Read More)
बटेर पालन के लिए किसी लाइसेंस की जरुरत नहीं है जी यह मुर्गी पालन से मिलता जुलता काम ही है बटेर पालन से जुड़ी कुछ आम जानकारी आपसे शेयर कर रहे हैं 1.यह बहुत छोटा पक्षी होने के कारण इस काम को शुरू करने के लिए कम जगह की जरूरत होती है उदाहरण के तौर पर 5-6 पक्षियों के लिए 1 वर्ग फीट जगह की आवश्यकता होती है 2.खुराक की खप्त भी कम होती है, सिर्फ 20-25 ग्राम प्रति पक्षी रोज़ाना 3.बटेर के अंडे और मांस में अमीनो अम्ल, विटामिन, चर्बी और धातु आदि पदार्थ उपलब्ध रहते हैं 4.बटेर पालन में, 5 सप्ताह का पक्षी मीट के लिए तैयार हो जाता है और 6-7 सप्ताह में अंडे देना शुरू कर देता है 5.मुर्गियों की बजाय बटेरों में छूत की बीमारियां कम होती हैं बीमारियों की रोकथाम के लिए मुर्गी पालन की तरह इनमें किसी प्रकार का टीका लगाने की जरूरत नहीं है 6.बटेर हर वर्ष तीन से चार पीढ़ियों को जन्म दे सकने की क्षमता रखती है 7.इसका मीट मुर्गे से काफी अधिक स्वाद और पोष्टिक होता है हेचरी में 35 से 40 दिनों में बटेरें खाने योग्य हो जाती हैं एक अंडा पांच रूपये में बिकता है जापानी बटेर और इसे पालने की सिखलाई चंडीगढ़ के केंद्रीय मुर्गी पालन संस्था (Central Poultry Development Organization (Northern Region) की तरफ से करवायी जाती है अन्य जानकारी के लिए वैबसाइट http://cpdonrchd.gov.in पर जाकर इसकी सिखलाई और ट्रेनिंग के बारे में पता कर सकते हैं
Posted by shiva
Uttar Pradesh
19-10-2019 07:59 PM
Punjab
10-21-2019 11:35 AM
Shiva ji, Kandua rog ki roktham ke liye ap dhan par Tilt @ 200 ml prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by durgesh kumar
Uttar Pradesh
19-10-2019 07:46 PM
Punjab
10-21-2019 11:45 AM
दुर्गेश जी, गेंदा मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नही.... (Read More)
दुर्गेश जी, गेंदा मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है पर यह अच्छे जल निकास वाली उपजाऊ मिट्टी में उगाने पर अच्छे परिणाम देती है मिट्टी अच्छे निकास वाली होनी चाहिए क्योंकि यह फसल जल जमाव वाली मिट्टी में स्थिर नहीं रह सकती मिट्टी की pH 6.5 से 7.5 होनी चाहिए तेजाबी और खारी मिट्टी इसकी खेती के लिए अनुकूल नहीं है फ्रैंच गेंदे की किस्म हल्की मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म उच्च जैविक खाद वाली मिट्टी में अच्छी वृद्धि करती है प्रसिद्ध किस्में :- African Marigold: इस किस्म की फसल 90 सैं.मी. तक लम्बी होती है इसके फूल बड़े आकार के और लैमन, पीले, सुनहरे, संतरी और गहरे पीले रंग के होते हैं यह लम्बे समय की किस्म है इसकी अन्य किस्में जैसे Giant Double African Orange, Crown of Gold, Giant Double African Yellow, Chrysanthemum Charm, Golden Age, Cracker Jack आदि हैं French Marigold: यह छोटे कद की जल्दी पकने वाली किस्में हैं इसके फूल छोटे आकार के और पीले, संतरी, सुनहरे पीले, लाल जंग और महोगनी रंग के होते हैं इसकी अन्य किस्में जैसे Rusty Red, Butter Scotch, Red Borcade, Star of India, Lemon drop आदि हैं Pusa Basanti Gainda: यह लम्बे समय की किस्म है इसका पौधा 58.80 सैं.मी. लम्बा और गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं इसके फूल सल्फर पीले, दोहरे और कारनेशन किस्म के होते हैं Pusa Narangi Gainda: फूल निकलने के लिए 125-136 दिनों की आवश्यकता होती है इसका पौधा लम्बा और कद में 73.30 सैं.मी. का होता है और पत्ते गहरे हरे रंग के होते हैं इसके फूल संतरी रंग के और कारनेशन किस्म के होते हैं फूल घने और दोहरी परत वाले होते हैं इसके ताजे फूलों की पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए आखिरी जोताई के समय 250 क्विंटल रूड़ी की खाद और अच्छी तरह से गला हुआ गाय का गोबर मिट्टी में मिलायें गेंदे की बिजाई एक वर्ष में कभी भी की जा सकती है बारिश के मौसम में इसकी बिजाई मध्य जून से मध्य जुलाई में करें सर्दियों में इसकी बिजाई मध्य सितंबर से मध्य अक्तूबर में पूरी कर लें नर्सरी बैड 3x1 मीटर आकार के तैयार करें गाय का गला हुआ गोबर मिलायें बैडों में नमी बनाए रखने के लिए पानी दें सूखे फूलों का चूरा करें और उनका कतार या बैड पर छिड़काव करें जब पौधों का कद 10-15 सैं.मी. हो जाये, तब वे रोपाई के लिए तैयार होते हैं फैंच किस्म को 35x35 सैं.मी. और अफ्रीकी किस्म को 45x45 सैं.मी. के फासले पर रोपाई करें नर्सरी बैड पर बीजों का छिड़काव करें बिजाई के लिए पनीरी ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत के लिए 600 से 800 ग्राम बीजों की आवश्यकता होती है जब फसल 30-45 दिन की हो जाए, तब पौधे के सिरे से उसे काट दें इससे पौधे को झाड़ीदार और घना होने में मदद मिलती है, इससे फूलों की गुणवत्ता और अच्छा आकार भी प्राप्त होता है बिजाई से पहले बीजों को एजोसपीरियम 200 ग्राम को 50 मि.ली. धान के चूरे में मिलाकर उपचार करें शुरूआती खुराक के तौर पर अच्छी वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 32 किलो (यूरिया 70 किलो), फासफोरस 16 किलो (एस एस पी 100 किलो), पोटाश 32 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 53 किलो) प्रति एकड़ में डालें मिट्टी की किस्म के अनुसार खाद की खुराक बदल दें सही खुराक देने के लिए मिट्टी की जांच करवायें और उसके आधार पर खुराक दें नदीनों की संख्या के आधार पर गोडाई करें खेत में रोपाई के बाद तुरंत सिंचाई करें कली बनने से लेकर कटाई तक की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है अप्रैल से जून के महीने में 4-5 दिनों के अंतराल पर लगातार सिंचाई करना आवश्यक होता है किस्म के आधार पर गेंदा 2 से 2.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं फ्रैंच गेंदे की किस्म 1.5 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है जबकि अफ्रीकी गेंदे की किस्म दो महीने में तैयार हो जाती है जब गेंदे का पूरा आकार विकसित हो जाये तब उसे तोड़ लें कटाई सुबह के समय और शाम के समय करें फूलों की तुड़ाई से पहले खेत को सिंचित करना चाहिए इससे फूलों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है धन्यवाद
Posted by Banshidhar Sethi
Madhya Pradesh
19-10-2019 07:46 PM
Punjab
10-21-2019 12:13 PM
बंशीधर जी, कृपया आप गेहूं की इस किसम का पूरा नाम बताये ताकि आपको इसकी पूरी जानकरी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by Jagdish
Madhya Pradesh
19-10-2019 07:43 PM
Punjab
10-20-2019 08:05 AM
usko aap pett ke kirro ke liye Flukarid-Ds bolus den aur usko Broton liquid 50-50ml subah sham, Halotas tablet 2-2 golia subah sham den, isse frak padd jayega..
Posted by pawan
Punjab
19-10-2019 07:37 PM
Punjab
10-20-2019 08:06 AM
कुलदीप जी यदि आप पशुओं से मक्खियों को खत्म करने के बारे में पूछ रहें हैं तो आप butox दवा को 2 मि.ली. प्रति एक लीटर पानी में मिलाकर पशुओं के ऊपर स्प्रे कर सकते है बाकि आप उनके आस पास साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें, इससे फर्क पड़ जाएगा
Posted by Ravi kumar
Rajasthan
19-10-2019 07:34 PM
Punjab
10-21-2019 12:15 PM
रवि जी, कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे के आप कोनसी फसल का उन्नत बीज तैयार करना चाहते है ताकि आपको उसकी पूरी जानकारी दी जा सके, धन्यवाद
Posted by chhina saab
Punjab
19-10-2019 07:23 PM
Punjab
10-19-2019 07:38 PM
BhaaG gabhan pashu nu sunh ton 2 mahine pehlan dudho chhad k isdi dab ke sewa karni chahidy hai jiwe 10kg dudh den wale pashuan wali di hundi ae rajwa hara chaara te 2-3 kg feed pao Mineral mixture bahut zaruri hai 50-75 g rojana dyo or 2kg feed ch ralao koi garm thanda ni hunda jo kahenda oh doctor hi nahi jholla chhap hou
Posted by jitendra kr.bharti
Jharkhand
19-10-2019 07:20 PM
Maharashtra
10-21-2019 11:20 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
Posted by Deewan Rajput
Madhya Pradesh
19-10-2019 07:19 PM
Punjab
12-03-2019 05:54 PM
Shrimaan ji, aap polyhouse ke bare mein jankari lene ke liye Puneet Gupta 9780200996 ji ke sath samparak karein, dhanywad
Posted by Harpreet Singh
Punjab
19-10-2019 07:14 PM
Punjab
10-21-2019 12:09 PM
ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਜੀ, ਗੋਭੀ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਦਾ ਤਿਆਰ ਹੋਣ ਦਾ ਸਮਾਂ ਨਿਰਭਰ ਕਰਦਾ ਹੈ ਕੇ ਤੁਸੀ ਕਿਹੜੀ ਕਿਸਮ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕੀਤੀ ਹੈ , ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਲੱਗਣ ਵਾਲਿਆਂ ਗੋਭੀ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਲਗਭਗ 100 ਦੀਨਾ ਵਿਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Sanjay
Jharkhand
19-10-2019 07:13 PM
Rajasthan
10-20-2019 08:07 AM
इसके लिए आप साहीवाल, जर्सी गाय रख सकते है इन दोनो नस्लों का दूध भी अच्छा होता है और इन्हें बीमारियां भी कम लगती हैं
Posted by shpinder
Punjab
19-10-2019 07:08 PM
Punjab
10-20-2019 08:09 AM
tuci uss nu Anabolite liquid 100ml rojana, Milkout powder 2-2 chamch swere sham ate Calcimust gold liquid 50ml rojana dena suru kro baki uss nu rojana 35-40kg hara chara rojana deo ate usdi deworming da pura dian rkho, baki tuci uss nu Kanak da dalia v rinn ke de skde ho..
Posted by punit yadaw
Chattisgarh
19-10-2019 07:02 PM
Punjab
10-21-2019 12:20 PM
Punit ji, ap fasle jaise ke gehun, sarson,ganna , joo, chole, masur, alsi, methe, soya or sabjiya jaise ke alu, shimla mirch, gobhi, gajar, palak, muli, shalgum ki bijai kar sakte hai, dhanywad
Posted by Kundan Singh
Bihar
19-10-2019 06:58 PM
Punjab
10-22-2019 10:21 AM
kundan ji aap kali sarson ka beej jaise ke Rai Varuna (T-56), Rohani, kranti, krishna, vardan, vaibhav, kiran, narendra rai-8501 ki bijai kar sakte hai, dhanywad
Posted by Udham Singh
Haryana
19-10-2019 06:49 PM
Punjab
10-21-2019 12:56 PM
Udham ji, keede ke liye ap Quinalphos @ 4ml prati liter pani ke hisab se spray karein or makka ki height ke liye Hoshi @ 400ml prati acre ke hisab se spray karein, dhanywad
Posted by Harman Sidhu
Chattisgarh
19-10-2019 06:40 PM
Punjab
03-13-2020 04:57 PM
Harman Sidhu ji is vaar muchhal da bhaa 2165 - 2690 tak reha, Thankyou.
Posted by kuldeep Bhakar
Rajasthan
19-10-2019 06:40 PM
Punjab
10-20-2019 08:11 AM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..
Posted by Kumar hanagi
Karnataka
19-10-2019 06:38 PM
Rajasthan
10-25-2019 05:58 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by ritik
Uttar Pradesh
19-10-2019 06:35 PM
Punjab
10-21-2019 01:00 PM
ऋतिक जी, लहसुन की बुवाई का सही समय मध्य अक्टूबर है, आप अभी लहसुन की बुवाई कर सकते हो , धयवाद
Posted by ritik
Uttar Pradesh
19-10-2019 06:34 PM
Punjab
10-21-2019 01:05 PM
ऋतिक जी आप पियाज के पौधे को अक्टूबर- नवंबर में लगा सकते हैं, धन्यवाद्
Posted by ritik
Uttar Pradesh
19-10-2019 06:33 PM
Punjab
10-21-2019 01:02 PM
ऋतिक जी, लहसुन की बुवाई का सही समय मध्य अक्टूबर है, आप अभी लहसुन की बुवाई कर सकते हो , धन्यवाद
Posted by Damodar Boipai
Jharkhand
19-10-2019 06:31 PM
Punjab
03-13-2020 05:00 PM
Damodar Boipai ji grass cutting machine lene ke lia aap Rajiv garg (Raja) 9815940212, 9317793673 Raja Enterprises se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Umesh Raj Uma Paswan
Bihar
19-10-2019 06:15 PM
Punjab
10-21-2019 06:36 PM
Umesh Raj Uma Paswan ji Apni kheti team unse baat kargi or puri detail me verify karke aapko contact kiya jayega ji. yeh app sirf farmer ke suggestion ke liye hai. aap kirpeya aisa kisi ke account me paisa deposit na kare ji. baaki aapko hmari team contact karegi ji.
Posted by Sanjay
Jharkhand
19-10-2019 06:14 PM
Punjab
10-19-2019 07:29 PM
bhai sahib 10 litre dudh dene wali gau to bahut ne jese desi mein SAHIWAL GIR HARIANA THARPARKAR RATHI VIDESHI MEIN HF JERSEY CROSSBRED nasal
Posted by Ramesh BABU
Uttar Pradesh
19-10-2019 06:12 PM
Punjab
10-21-2019 01:17 PM
Ramesh ji for the cultivation of Geranium deep light porous well drained soil rich in organic matter and acidic in reaction with a pH 5.5 to 6.0 is suitable.Geranium is propagated by stem cuttings. Cuttings of about 10 – 15 cm are taken from current season growth with a well formed crown of leaves with 3 - 4 nodes and terminal bud. Dipping basal portion of the cuttings in 200 ppm of IBA increase the rooting efficiency. Cuttings planted in raised nursery beds will be ready for planting with in 60 days. Geranium is usually grown as a rainfed crop. Irrigation during dry periods increases the yield. varieties like Algerian, KKL-1, SEL-8 himanti, vipuland kunti can be cultivated. Thank you
Posted by Gurbhej
Punjab
19-10-2019 05:44 PM
Punjab
10-21-2019 01:19 PM
Gurbhej ji, gobhi upar fungus de hamle karan gala pe rea ea, is di roktham lai Mencozeb @ 4g ya carbendazim @ 4g prati liter pani vich ghol ke spray kardo, dhanwad
Posted by Gurbhej
Punjab
19-10-2019 05:34 PM
Punjab
10-21-2019 01:21 PM
Posted by morpal
Uttar Pradesh
19-10-2019 05:30 PM
Punjab
10-21-2019 01:36 PM
मोरपाल जी, आपके टमाटर में मछर का हमला नज़र आ रहा है, इसकी रोकथाम के लिए आप imidacloprid @ 1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे कर दें, धन्यवाद
Posted by Rahul kumar
Uttar Pradesh
19-10-2019 05:30 PM
Punjab
10-21-2019 01:22 PM
Rahul ji, dahn da rate 1815 Grade A 1835 hai,dhaywad