
Posted by Ayush kushwaha
Madhya Pradesh
21-10-2019 12:52 AM
Posted by bhoopendra Kumar
Uttar Pradesh
21-10-2019 12:24 AM
यदि आपकी गाय/भैंस को मुंहपका की बीमारी हो गई है तो आप उसे Avil injection 10ml, DCR injection 2.5 ग्राम, Nonavet injection 15ml लगवाएं, बाकि आप उसके मुँह में Goheal स्प्रे करनी शुरू करें, यह स्प्रे Goel vet pharma कंपनी का प्रोडक्ट है यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप अपना सवाल दोबारा विस्तार से पूछ सकते हैं

Posted by Deewan Rajput
Madhya Pradesh
21-10-2019 12:17 AM
Kripya polyhouse ke lie Chander shekhar bangar ko 9827074545, 8770110731 Green More Organic Food Ltd smprk kr skte hain.

Posted by pradeep Singh
Haryana
20-10-2019 11:15 PM
Dhan men machar ki roktham ke liye aap buprofezin@250ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by pradeep Singh
Haryana
20-10-2019 11:13 PM
Pradeep Singh ji is bare visthar vich jankari lai tusi Japinder Wadhawan 9478810324 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by बिट्टू
Bihar
20-10-2019 11:07 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 .... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by बिट्टू
Bihar
20-10-2019 11:06 PM
मोती पालन से लाखो कैसे कमाए अब घर बैठे सीखे
WHATAPP FOR ONLINE TRAINING 9770085381 ( TEXT - ONLINE TRAINING )
https://youtu.be/MMvKOBzkgFA

Posted by pradeep Singh
Haryana
20-10-2019 11:02 PM
प्रदीप जी NPK खाद की स्प्रे की जाती है जो फसल को तीनो तत्व प्रदान करती है धन्यवाद
Posted by pawan kumar
Himachal Pradesh
20-10-2019 10:50 PM
sir Himachal Pradesh Solan me abs sexcal seman chahiye but bohat try ki but kahin se bhi nahi mila ?
Pawan Kumar G ABS baare bahutvswal aap ne puchh lye Aap ne ABS se contact v kar lya Jalandhar Solan se door ae yeh v aap ne bta dya ab aur kya keea jae Aap nazdik ke pashu palan adhikari se sampark karein

Posted by virendra kumar
Uttar Pradesh
20-10-2019 10:27 PM
Using this Multi-layer farming, farmers produce vegetables (like bottle gourd in trelly, below this bhendi, chili, turmeric, ginger and then amaranthus, spinach) under creeper vegetables during their early growth period and plant shade-loving crops such as turmeric and ginger.

Posted by kalp h patel
Gujarat
20-10-2019 10:25 PM
Shriman ji, kripya aap apna sawal visthar se puchein taki apko iske bare mein ucchit jankari di ja sake, dhanywad
Posted by PAVAN SINGH
Uttar Pradesh
20-10-2019 10:24 PM
Pavan ji 1121 ka rate 2960-3000 tak chal raha hai.dhanywad

Posted by SUMER SINGH
Rajasthan
20-10-2019 10:19 PM
Shrimaan ji, udad ka bhav 5700 rupay prati quintal ke hisaab se chall raha hai, dhanywad

Posted by neha
Madhya Pradesh
20-10-2019 10:09 PM
Shrimaan ji, iske liye jankari lene ke liye aap link par click kraien, dhanywad http://hindi.webdunia.com/article/bbc-hindi-news/%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A3-%E0%A4%85%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%B5%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%88%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AD%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-109091200093_1.htm
Posted by Virendra Singh Bhati
Rajasthan
20-10-2019 10:05 PM
virendra ji ek hectare men lehsun ki kheti karne ke liye 48000 tak ka kharcha aa jata hai. dhanywad
Posted by R. M. Maurya
Uttar Pradesh
20-10-2019 10:05 PM
मौर्या जी आप खेत के आस पास फलदार पौधे जैसे जामुन , आम की बिजाई कर सकते है इसके इलावा आप मोरिंगा की खेती ार सकते है धन्यवाद

Posted by Pawan Rathore
Madhya Pradesh
20-10-2019 10:03 PM
पवन जी आप किस्में जैसे W 17, JW 3269, JW 3288, HI1500, HI 1531, HD 4672,JW 1201, JW 322, JW 273, HI 1544, HI 8498, MPO 1215, JW 1203, MP 4010, HD 2864, HI 1454 की बिजाई कर सकते हैं। धन्यवाद

Posted by Manju Dwivedi
Madhya Pradesh
20-10-2019 09:48 PM
मध्य प्रदेश में गेहूं की HI-8663, C-306, HW-2004, Sujata, HI-1500, JW-3020, HI-3173 HI-1531, JW-3211 किस्में लगाने के लिए सही है।
Posted by rohtas yadav
Uttar Pradesh
20-10-2019 09:37 PM
rohtas yadav ji 70% hai to good hai ji. experience se apne aap badhna shuru ho jayega ji.

Posted by Diwan
Haryana
20-10-2019 09:32 PM
diwan ji kripya swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake,dhanywad
Posted by Pawan Deep Singh Randhawa
Punjab
20-10-2019 09:32 PM
ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ-ਦਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਇੱਕਲੀ ਕਰਨੀ ਹਾਂ ਤਾਂ 1.25-1.5kg ਤੇ ਜੇ ਕਿਸੇ ਫਸਲ ਨਾਲ ਬੀਜਣੀ ਹੈ ਤਾਂ 0.50-0.75kg ਬੀਜ ਪਾਓ ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਪਲਾੱਟ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ, ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ ਜਾਂ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪੁੰਗਰਾਅ ਲਈ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਨਮੀ ਬਣਾਈ ਰੱਖੋ ਸਧਾਰਨ ਹਾਲਾ.... (Read More)
ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅਕਤੂਬਰ-ਦਸੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜੇ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਇੱਕਲੀ ਕਰਨੀ ਹਾਂ ਤਾਂ 1.25-1.5kg ਤੇ ਜੇ ਕਿਸੇ ਫਸਲ ਨਾਲ ਬੀਜਣੀ ਹੈ ਤਾਂ 0.50-0.75kg ਬੀਜ ਪਾਓ ਮੱਖਣ ਘਾਹ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਤਾਰਾਂ ਵਿੱਚ 30 ਸੈ.ਮੀ. ਦੇ ਪਲਾੱਟ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਕੇ, ਮਸ਼ੀਨ ਨਾਲ ਜਾਂ ਹੱਥਾਂ ਨਾਲ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਪੁੰਗਰਾਅ ਲਈ ਬੈੱਡਾਂ ਤੇ ਨਮੀ ਬਣਾਈ ਰੱਖੋ ਸਧਾਰਨ ਹਾਲਾਤਾਂ ਵਿੱਚ ਪੁੰਗਰਾਅ 10 ਤੋਂ 14 ਦਿਨ ਵਿੱਚ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ 18 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੂਰਾ ਹੋ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਦੀਆਂ ਜੜ੍ਹਾਂ 4 ਤੋਂ 6 ਹਫਤੇ ਵਿੱਚ ਵਿਕਸਿਤ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਜ਼ਮੀਨ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਸਮੇਂ 15–20 ਟਨ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਪਾਓ ਬਾਕੀ ਖਾਦਾਂ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਪਾਓ: ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ - 30 kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, ਫਾਸਫੋਰਸ - 20 kg ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ, ਹਰ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ 30 kg ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਪਾਓ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਤੁਰੰਤ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਦੂਜੀ ਸਿੰਚਾਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 5 ਤੋਂ 6 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਅਤੇ ਫਿਰ 10 ਦਿਨ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਤੇ ਲੋੜ ਅਨੁਸਾਰ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰਦੇ ਰਹੋ ਪਹਿਲੀ ਸਿੰਚਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੱਥੀਂ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਅਤੇ 20 kg ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ ਪਾਓ ਇਸਦਾ ਬੀਜ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ R K Singh 9888413150 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by rohit
Uttar Pradesh
20-10-2019 09:30 PM
यदि पशु की सही तरीके से देख भाल न की जाये तो इससे थनेला रोग या मस्टाइटस की बीमारी हो जाती है, सबसे पहले कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल .... (Read More)
यदि पशु की सही तरीके से देख भाल न की जाये तो इससे थनेला रोग या मस्टाइटस की बीमारी हो जाती है, सबसे पहले कुछ बातों का ध्यान रखें कि पशु का दूध निकालने के बाद तुरंत बैठने न दें, जब भी कभी मस्टाइटस कि बीमारी दिखाई दे तो मीठा सोडा तुरंत देना शुरू करें, ग्राम मीठा सोडा देने से शुरूआती अवस्था की मस्टाइटस पर कण्ट्रोल किया जा सकता है, बाकि का बढ़े स्तर पर अज़माया हुआ तरीका, आप इसका प्रयोग सबसे पहले आप एलोवेरा की एक पत्ती लगभग 250 ग्राम जड़ से काट लें सफेद लाइन के नीचे से काट लें पर ध्यान रखें कि उसकी जैल नीचे ना गिरे इसलिए तुरंत उसे काटकर उलटा कर लें उसके बाद उसे काटकर छोटे छोटे टुकड़े करके मिक्सी में डाल लें उसमें 50 ग्राम घरेलु हल्दी डाल दें और साथ ही 15 ग्राम चूना उसमें डाल लें अब इसे मिक्सी में मिक्स कर लें मिक्स होने के बाद यह ईंट के रंग जैसा लाल हो जायेगा उसके बाद इसमें थोड़ा सा 2-3 चम्मच अलग बर्तन में निकाल लें और बाकी फ्रिज में रख लें जो अलग निकाला हुआ होगा 2-3 चम्मच उसमें थोड़ा सा पानी घोल लें फिर जिस पशु के लेवे पर लगाना है उसे अच्छी तरह धोकर साफ कर लें उसके बाद लेवे के चारों ओर मालिश करें जो रात को मालिश करनी है उसमें थोड़ा सा सरसों का तेल भी मिक्स कर सकते हैं जिससे सारी रात इसका असर रहेगा हर रोज़ नया इसी तरह ही तैयार करना है 5-6 दिन लगातार इस तरह से मालिश करने से थनैला रोग ठीक हो जाये तो यदि धार सख्त हे तो भी इससे ठीक हो जायेगी बाकी यदि तंदरूस्त पशु के भी सप्ताह में दो – तीन दिन इस तरह से मालिश करते रहेंगे तो थनों की समस्या आयेगी ही नहीं..
Posted by Rajwinder Singh
Punjab
20-10-2019 09:16 PM
rajwinder ji kripa karke daso ke tuc isde uper kehdi kehdi spray kiti hai ta jo tuhanu osde hisab nal jankari diti ja sake.dhanwad
Posted by satinderbir singh
Punjab
20-10-2019 09:05 PM
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ .... (Read More)
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ

Posted by Sanket Galgate
Maharashtra
20-10-2019 09:05 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 .... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Dhanraj Khakre
Madhya Pradesh
20-10-2019 08:57 PM
धनराज जी अगर पानी ज्यादा है तो आप खेत से फालतू पानी बाहर निकले और इसके इलावा आप mancozeb @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by Manoj
Madhya Pradesh
20-10-2019 08:51 PM
Manoj ji aap iske uper mancozeb@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by bachalal
Uttar Pradesh
20-10-2019 08:49 PM
कृपया आप कीटों की फोटो भेजे ताकि आपको इसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Ganpat Gurjar
Rajasthan
20-10-2019 08:48 PM
गणपत जी अभी आप सब्जियां जैसे गाजर, शलगम, फूलगोभी, आलू, टमाटर, काली सरसों के बीज, मूली, पालक, पत्ता गोभी, कोहीराबी, धनिया, सौंफ के बीज, राजमा, मटर, ब्रोकोली, सलाद, बैंगन, हरी प्याज, ब्रसल्स स्प्राउट, लहसुन की बिजाई कर सकते है धन्यवाद

Posted by lovepreet Singh
Punjab
20-10-2019 08:47 PM
Lovepreet ji tuci savari krn lai Marwari nasal di ghodi rakh skde ho..

Posted by chandan
Rajasthan
20-10-2019 08:45 PM
chandan ji aap Veterinary hospital me
Lsa ki post ke liye try kar sakte ho . ya fir kisi dariay farm ya Cattle farm per job ka pata kar sakte ho ji.

Posted by Onkar Singh
Punjab
20-10-2019 08:41 PM
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨ.... (Read More)
ਭਾਰ ਪੈਣ ਦੇ ਇਲਾਜ ਲਈ ਤੁਸੀ ਇਹ ਦੇਸੀ ਤਰੀਕਾ ਵਰਤ ਸਕਦੇ ਹੋ, ਤੁਸੀ 1 ਕਿਲੋ ਸਤਿਆਨਾਸ਼ੀ ਬੀਜ ਲਓ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਕਮਰਕੱਸ, ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਜੋਂਖਾਰ ਲਓ, ਇਹ ਸਭ ਪੰਸਾਰੀ ਤੋਂ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗਾ ਇਹ ਸਾਰਾ ਕੁਜ ਤੁਸੀ ਮਿਲਾ ਲਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਪਾਊਡਰ ਬਣਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਅਤੇ ਰੋਜਾਨਾ ਰਾਤ ਨੂੰ ਇਹ ਮਿਸ਼ਰਣ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਲਓ ਅਤੇ ਅੱਧਾ ਕਿਲੋ ਸ਼ੱਕਰ ਲਓ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਭਿਗੋ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਓ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਦਿਨ ਪਸ਼ੂ ਨੂੰ ਦਿਓ, ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੁਸੀ 4 ਦਿਨ ਲਗਾਤਾਰ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ.

Posted by Maya verma
Haryana
20-10-2019 08:38 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 .... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र यहाँ जून और जुलाई महीने में 3 दिन का प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए जून - 22,23,24 (प्रशिक्षण की तारीख ) जुलाई - 20,21,22 (प्रशिक्षण की तारीख ) अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by vijay pratap singh
Uttar Pradesh
20-10-2019 08:37 PM
vijay pratap singh ji iske liye aapko sabse pehle pashu palan depatmnet se dairy farming ki training leni padegi. uske baad aap aap training certificate ke sath aap nazdiki bank se loan ke liye mile. uske baad project report bnaye ji. fir puri file aap bank me lagwaye. uske baad ka process aapko bank manager tayega ji.

Posted by nishan singh
Punjab
20-10-2019 08:37 PM
Nishan ji tuhade sare swala de jwab dite gye hai tuci App vich apne swala de jwab dekh skde ho..
Posted by Balvir Singh
Punjab
20-10-2019 08:19 PM
बलवीर जी, बीजों की बिजाई के लिए फरवरी-मार्च का महीना अनुकूल होता है इसके फल 60-70 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं कटाई मुख्य तौर पर फल के पूरी तरह विकसित होने और नर्म होने पर की जाती है धन्यवाद
Posted by Balvir Singh
Punjab
20-10-2019 08:15 PM
Balvir singh ji, Punjab ke retle ilaake mein ap jadibuti jaise ke alovera, Ashwaganda, Bahera, Bhumi amalika, honey, Indian bael, kali hari, lemon grass, mulethi, sadabahar, safed musli, sarpagandha, shankhpushpi, sathavari, stevia, sweet flag lga sakte hai, dhanywad

Posted by Suraj Gupta
Chattisgarh
20-10-2019 08:00 PM
bhai sahib shakal se to Jersey crossbred lagti hai

Posted by Hardeep singh
Punjab
20-10-2019 07:58 PM
ਸ੍ਰੀ ਮਾਨ ਜੀ ਕਣਕ ਵਾਲੇ ਖੇਤ ਦੀ ਵਹਾਈ ਸਮੇਂ ਯੂਰੀਆ @35 ਕਿਲੋ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਛਿੱਟਾ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ ਅਤੇ ਪੋਟਾਸ਼ ਤਤ ਦੀ ਘਾਟ ਵਾਲੀਆਂ ਜਮੀਨਾਂ ਵਿੱਚ @30 ਕਿਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਕਣਕ ਵਿੱਚ DAP @50 ਕਿਲੋ ਡਰਿੱਲ ਕਰੋ ਜੀ

Posted by रंजीत कुमार
Jharkhand
20-10-2019 07:53 PM
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई कर.... (Read More)
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आप इसकी किस्मे जैसे Washington Coorg Honey Pusa Delicious Pusa Dwarf की बिजाई कर सकते है आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं एक एकड़ में 104 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें कम बारिश वाले क्षेत्रों में जून - जुलाई के महीने में बिजाई की जानी चाहिए और तराई और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में सितंबर महीने में बिजाई की जानी चाहिए और क्षेत्र जहां सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध हो वहां पर फरवरी - मार्च के महीने में बिजाई की जानी चाहिए आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 10 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 0.8 किलो प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं तुड़ाई एक एक फल को हाथों से तोड़कर की जाती है फलों को सुबह के समय तोड़ें धन्यवाद
Posted by ravinder
Rajasthan
20-10-2019 07:51 PM
Ravinder ji metabolite mix powder se pashu ka duudh vdhh jata hai, isse pashu ko byane ke badd jer jldi padd jatti hai aur sarir ki achi growth hoti hai..

Posted by कोमल धाकड़ हनुमंतियाँ
Madhya Pradesh
20-10-2019 07:51 PM
कोमल जी अभी आप प्याज की खेती कर सकते है धन्यवाद
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