Posted by ramsingh rewari
Rajasthan
21-10-2019 01:49 PM
Napier hybrid ki cutting mil jayegi iski cutting ke liye aap Bharat Bhushan 9412568747 se samparak kar sakte hai. Thank you.
Posted by ramsingh rewari
Rajasthan
21-10-2019 01:48 PM
सम्पूर्णा घास की बिजाई मार्च महीने में की जाती है इसके बारे में ओर जानकारी लेने के लिए या इसके बीज मंगवाने के लिए आप 09412568747 bharat bhusan tyagi जी के साथ सम्पर्क कर सकते हैं, इसके रेट का भी आपको इन्ही से पता चलेगा

Posted by Rupinder Singh
Punjab
21-10-2019 01:47 PM
Posted by aman Kumar singh
Bihar
21-10-2019 01:38 PM
Aman Kumar singh ji kirpa karke tusi apna sawal visthar nal pushu ke tusi kis paise bare jankari chode ho ta jo tuhanu sahi jankari diti ja sake, Thankyou.

Posted by कोमल धाकड़ हनुमंतियाँ
Madhya Pradesh
21-10-2019 01:26 PM
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी ख.... (Read More)
प्याज़ एक प्रसिद्ध व्यापक सब्जी वाली प्रजाति है इसकी खेती अलग-अलग किस्म की मिट्टी जैसे की रेतली दोमट, चिकनी, गार और भारी मिट्टी में की जा सकती है यह गहरी दोमट और जलोढ़ मिट्टी, जिसका निकास प्रबंध बढ़िया, नमी को बरकरार रखने की समर्थता, जैविक तत्वों वाली मिट्टी में बढ़िया परिणाम देती है विरली और रेतली मिट्टी इसकी खेती के लिए बढ़िया नहीं मानी जाती है, क्योंकि मिट्टी के घटिया जमाव के कारण इसमें गांठों का उत्पादन सही नहीं होता है इसकी खेती के लिए मिट्टी का pH 6-7 होना चाहिए प्रसिद्ध किस्में:-alyanpur Red Round: यह उत्तर प्रदेश की प्रसद्धि किस्म है इसकी गांठे भूरे रंग की और गोलाकार आकार की होती हैं इसके पौधे 150-160 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं इसकी औसतन पैदावार 8-10 टन प्रति एकड़ होती है Bhima Shakti: यह खरीफ के साथ साथ रबी के मौसम में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म रोपाई के 130 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावारा 170 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Arka Kalyan: इसकी गांठे गहरे गुलाबी रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 135 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa White Round: इसकी गांठे सफेद, गोल और समतल होती हैं इसकी औसतन पैदावार 120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa white flat: इसकी गांठे सफेद, चपटी और मध्यम से बड़े आकार की होती हैं यह किस्म डीहाइड्रेशन के लिए उपयुक्त है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए तीन-चार बार गहराई से जोताई करें मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए रूड़ी की खाद डालें फिर खेत को छोटे-छोटे प्लाटों में बांट दे नर्सरी तैयार करने के उचित समय मध्य-अक्तूबर से मध्य-नवबंर होता है नए पौधे मध्य-दिसंबर से मध्य-जनवरी तक रोपाई के लिए तैयार हो जाते है रोपाई के लिए 10-15 सैं.मी. कद के पौधे चुनें खरीफ के मौसम में रोपाई के लिए मई से जून का महीना नर्सरी तैयार करने के लिए उपयुक्त होता है बिजाई के 6-8 सप्ताह बाद नए पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं जुलाई -अगस्त के महीने में रोपण कर दें रोपण के समय, पंक्तियों के बीच 15 सैं.मी. और पौधों के बीच 10 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीज 1-2 सैं.मी. गहराई पर बोयें बिजाई के लिए रोपण विधि का प्रयोग करें एक एकड़ के लिए 2-3 किलो बीज का प्रयोग करें उखेड़ा रोग और कांव-गियारी से बचाव के लिए थीरम 2 ग्राम+बैनोमाइल 50 डब्लयू पी 1 ग्राम प्रति लीटर पानी से प्रति किलो बीजों का उपचार करें रासायनिक उपचार के बाद बायो एजेंट ट्राईकोडर्मा विराइड 2 ग्राम के साथ प्रति किलो बीजों का उपचार करने की सिफारिश की जाती है इस तरह करने से नए पौधे मिट्टी से पैदा होने वाली और अन्य बीमारीयों से बच जाते है बिजाई से 10 दिन पहले 20 टन रूड़ी की खाद डालें नाइट्रोजन 30 किलो(यूरिया 65 किलो), फासफोरस 16 किलो(सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 16 किलो(मिउरेट ऑफ़ पोटाश 30 किलो) प्रति एकड़ डालें फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा रोपण के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई के बाद टॉप ड्रेसिंग के तौर पर 30वें और 45वें दिन डालें मिट्टी की किसम और जलवायु के आधार पर सिंचाई की मात्रा और आवर्ती का फैसला करें आमतौर पर, इसे 5-8 सिंचाइयों की आवश्यकता होती है पहली सिंचाई बिजाई के तुरंत बाद करें और दूसरी सिंचाई रोपाई के तीन दिन बाद करें बाकी की सिंचाई आवश्यकता और मिट्टी में नमी के आधार पर 7-10 दिनों के अंतराल पर करें पुटाई के 10-15 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें अत्याधिक सिंचाई ना करें शुरुआत में नए पौधे धीरे-धीरे बढ़ते है इसलिए नुकसान से बचाव के लिए गोड़ाई की जगह रासायनिक नदीन-नाशक का प्रयोग करें रोकथाम के लिए बिजाई से 72 घंटे में पेंडीमैथालीन(स्टंप) 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों के अंकुरण उपरांत बिजाई से 7 दिन बाद आक्सीफ्लोरफैन 425 मि.ली. को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों की रोकथाम के लिए 2-3 गोड़ाईयों की सिफारिश की जाती है पहली गोड़ाई बिजाई से एक महीने बाद और दूसरी गोड़ाई, पहली से एक महीने बाद करें सही समय पर पुटाई करना बहुत जरूरी है पुटाई का समय किस्म,ऋतु,मंडी रेट आदि पर निर्भर करता है 50% पौधे की पत्तियां नीचे की तरफ गिरना दर्शाता है कि फसल पुटाई के लिए तैयार है फसल की पुटाई हाथों से प्याज़ को उखाड़ कर की जाती है पुटाई के बाद इनको 2-3 दिन के लिए अनावश्यक नमी निकालने के लिए खेत में छोड़ दे धन्यवाद

Posted by Nirdev singh
Punjab
21-10-2019 01:20 PM
Nirdev ji tuci uss nu Pett de kiria lai Bendikind plus bolus deo ate Bovimin-B powder 100gm rojana ate Minotas tablet rojana 1 goli deo ate 21 din tak dinde rho, iss nal heat vich aa jawegi..

Posted by Nirdev singh
Punjab
21-10-2019 01:16 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te 2kg feed rojana dyo har 3 mahine baad malap rehat karo jad iss da bhaar 250se275 kg de aas paas howe swer shaam taaran dekho jad taaran kare uss nu aas karwa lao Arhamdi arhingdi na vekho
Posted by Padam Singh
Rajasthan
21-10-2019 01:10 PM
padam ji kripya aap swal vistar se pooche taki aapko uske hisab se jankari di ja sake,dhanywad

Posted by Shiv Patidar
Madhya Pradesh
21-10-2019 01:03 PM
शिव जी, इसकी रोकथाम के लिए आप Imidacloprid @ 1.5 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, यह ठीक हो जाएगा, धन्यवाद

Posted by Junaid ahmad
Uttar Pradesh
21-10-2019 12:56 PM
Kaveri, vanaraja, debendra, RIR, giriraaj breed achhi hai ji.
Posted by PARAMJEET Singh
Uttar Pradesh
21-10-2019 12:55 PM
परमजीत जी, आप गेहूं की किस्मे जैसे कि PBW 443, MACS-6145, HD-2824, PBW-502 ,HD-2864, HI-2864, HI-2827 ,K - 9006 ,UP-2338 की बिजाई कर सकते है, धन्यवाद
Posted by Harpreet Sándhu
Punjab
21-10-2019 12:53 PM
Shrimaan ji, tuhade dawara puche gye sare sawalan da jawab tuhanu de dita gea hai, kirpa kar ke tuc mere sawal ch ja ke apne jawab dekh sakde ho, dhanwad
Posted by vishavjeet Ashok Keche
Maharashtra
21-10-2019 12:51 PM
विशवजीत जी, आप गन्ना अक्तूबर के महीने में लगा सकते हैं, धन्यवाद
Posted by Hukma ram
Rajasthan
21-10-2019 12:48 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें

Posted by rama kant tiwari
Chattisgarh
21-10-2019 12:46 PM
रमा कांत जी, गेहूं की बुवाई का सही समय अक्टूबर से नवंबर के पहले हफ्ते तक का होता है, धन्यवाद
Posted by Hukma ram
Rajasthan
21-10-2019 12:45 PM
हुक्मा जी, जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं खादों की सही मात्रा के लिए औ.... (Read More)
हुक्मा जी, जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें RZ 19: यह किस्म राजस्थान के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसका पौधा लंबा, फूल गुलाबी रंग के, और दाने बड़े होते हैं इसकी औसतन पैदावार 4.2 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके लिए किस्मे जैसे के RZ 209, Gujarat Jeera 2, RZ 223, GC 4 की बिजाई कर सकते है बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है धन्यवाद
Posted by Maninder Singh
Punjab
21-10-2019 12:40 PM
BhaaG nazdik di laboratory wich taaran culture karwa ke dasi pashuan wali dwaee doctor ton bachedani ch bharwao

Posted by rama kant tiwari
Chattisgarh
21-10-2019 12:37 PM
Rama ji, kripya aap apna sawal visthar se puche taki apko iska sahi samadhan diya ja sake, dhanywad

Posted by sarbjit singh
Punjab
21-10-2019 12:34 PM
BhaaG deputy director dairy development hoshiarpur naal sampark karo Training lao phir loan lao

Posted by Dileep Singh
Uttar Pradesh
21-10-2019 12:29 PM
Dileep ji aap iske uper quinalphos@8ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by anmolsamra
Punjab
21-10-2019 12:26 PM
ਅਨਮੋਲ ਜੀ, 2927 ਨਾਮ ਦੀ ਕੋਈ ਕਿਸਮ ਦੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਹੈ, ਕਿਸਮ HD 2967 ਜੋ ਕੇ ਯੂਨੀਵਰਿਸਟੀ ਦੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਹੈ ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by vishu
Uttar Pradesh
21-10-2019 12:25 PM
Vishu ji is sall paddy rate MSP 1815 - 1835/q hai, Thankyou.

Posted by amit
Haryana
21-10-2019 12:24 PM
Amit ji, sencor ik post emergence herbicide hai, isse nedeen ki roktham ki jati hai, ap isse potato par daal sakte hai, iski matra sencor @ 200 ml prati acre ke hisaab se hai, dhanywad
Posted by krishan dhaliwal
Punjab
21-10-2019 12:15 PM
BhaaG isnu rajwa hara chaara te 2kg feed rojana dyo har 3 mahine baad malap rehat karo jad iss da bhaar 250-275 kg de aas paas howe swer shaam taaran dekho jad taaran kare uss nu aas karwa lao Arhamdi arhingdi na vekho
Posted by VINOD KUMAR
Uttar Pradesh
21-10-2019 12:04 PM
यह गेहूं की एक बहुत ही बढ़िया किस्म है, इसकी समय पर बिजाई भी की जा सकती है और यह पिछेती बिजाई में भी अच्छी पैदावार देता है, यह भूरी कुंगी रोग और धब्बा रोग से लड़ने की क्षमता रखती है, धन्यवाद
Posted by Raj Mourya
Uttar Pradesh
21-10-2019 11:55 AM
Raj ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare mein poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Anil Kumar Jha
Assam
21-10-2019 11:54 AM
plz call 9770085381 watch on youtube Bamoriya pearl farm

Posted by ਹਰਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
21-10-2019 11:53 AM
BhaaG Butox 2ml 1litre paani ch ghol ke wallan de ulte rukh lagao Pashu rajya howe Piasa na hove te har 10 din de wakfe te dubara lagao farsh v dwaee de ghol naal dho deo baaki Sfaee rakho

Posted by Anil Kumar Jha
Assam
21-10-2019 11:53 AM
किसान भाइयो के लिए खुसखबरी इंटीग्रेटेड फार्मिंग से एक एकड़ में 4-5 लाख कैसे कमाए हेतु सभी कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध साथ ही हमारे बिज़नेस पार्टनर बनकर प्रतिमाह कमाए लाखो बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वार.... (Read More)
किसान भाइयो के लिए खुसखबरी इंटीग्रेटेड फार्मिंग से एक एकड़ में 4-5 लाख कैसे कमाए हेतु सभी कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध साथ ही हमारे बिज़नेस पार्टनर बनकर प्रतिमाह कमाए लाखो बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. Mission के उद्देश्य किसी भी देश को विकसित देश तभी माना जाता है जब वहां की महिला और किसान वर्ग स्वस्थ और समृद्ध हो तो ,आओ मिलकर अपने भारत को समृद्ध बनाये Healthy and Prosperous Farmer and Women s # एक एकड क्षेत्र में खेती करके 4-5 लाख सालाना कैसे कमाए / हेतु प्रशिक्षण उचित मार्गदर्शन # महिलाओ को स्वस्थता ,स्वच्छता की जानकरी देकर रोजगार उपलब्ध करना # शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे कोर्स जिनकी फीस लाखो रूपये होती है ऐसे कोर्स मुफ्त या कम कीमत में सभी बच्चो को उपलब्ध करना # इंटिग्रेड फार्मिंग या एक गाय से प्रतिमाह 40-50 हजार कैसे कमाए # निरंतर गिरते जल स्तर को बढ़ाना ..वायु प्रदुषण कम करना या जैवविविधता बनाये रखना # Business Partner for Farming Training ( प्रतिमाह 1-2 लाख की आय प्राप्त करना चाहते है तो संपर्क करे ) # Business partner with women health hygiene # Business partner with Diabetes free India 9770085381 9893232938
Posted by Tehal Singh
Punjab
21-10-2019 11:52 AM
tehal singh ji please tell us in detail which fertilizers you have provided to the crop so that we can provide you proper information.thank you
Posted by shivraj dhillon ghudda
Punjab
21-10-2019 11:52 AM
Shivraj ji tuc compost lain de layi Nirmal singh 9878811157, 9876306548 nal samparak kar sakde ho eh tuhadi tyar fasal nu sale karan vich vi tuhadi help karan ge, Thankyou.

Posted by Arshdeep Singh
Punjab
21-10-2019 11:50 AM
ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵ.... (Read More)
ਤੁਸੀ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਾ ਕੰਮ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਨਾ ਹੈ ਤਾ ਸਭ ਤੋਂ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਇਹ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਤੁਹਾਨੂੰ FFDA(fish farmer development aggency) ਜੋ ਕਿ ਲੱਗਭੱਗ ਹਰ ਜ਼ਿਲੇ ਵਿੱਚ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਾਂ ਉੱਥੇ ਜਾ ਕੇ ਐਪਲੀਕੇਸ਼ਨ ਫਾਰਮ ਭਰੋ ਉਸ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ 5 ਦਿਨ ਦੀ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਦਸਵੀ ਪਾਸ ਹੋਣਾ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਤੇ ਇਹ ਡਿਪਾਰਮੈ੍ਟ ਜਿੱਥੇ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਫਸਰ ਬੈਠਦਾ ਹੈ ਜਿਵੇ ਕਚਿਹਰੀਆਂ , ਡੀ ਸੀ ਆਫਿਸ ਕਹਿੰ ਦਿੰਦੇ ਹਾਂ ਉਸ ਵਿੱਚ ਬਣਿਆ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਵੀ ਦੇਖੋ https://www.youtube.com/watch v=LhGSt0s4Zx0

Posted by pradeep Singh
Haryana
21-10-2019 11:47 AM
Pradeep ji aap iski matra 400-500 kilo prati acre ke hisab se dale. dhanywad
Posted by sukhvinder singh
Punjab
21-10-2019 11:44 AM
BhaaG majh 18-24 ghante heat ch rehndi ae garmian ch eh sama ghat k 8-10 ghante ho sakda ae tuci je swer nu taaran dekho te shaam nu luwao je shaam nu bole te teeka swer nu luwao

Posted by Ramruchan singh
Madhya Pradesh
21-10-2019 11:42 AM
किसान भाइयो के लिए खुसखबरी इंटीग्रेटेड फार्मिंग से एक एकड़ में 4-5 लाख कैसे कमाए हेतु सभी कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध साथ ही हमारे बिज़नेस पार्टनर बनकर प्रतिमाह कमाए लाखो बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वार.... (Read More)
किसान भाइयो के लिए खुसखबरी इंटीग्रेटेड फार्मिंग से एक एकड़ में 4-5 लाख कैसे कमाए हेतु सभी कोर्स ऑनलाइन उपलब्ध साथ ही हमारे बिज़नेस पार्टनर बनकर प्रतिमाह कमाए लाखो बमोरिया फार्म एवं प्रशिक्षण केंद्र ( सूक्ष्म , लघु ,मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार से पंजीकृत ) केंद्रीय राज्य कृषि मंत्री श्री रूपाला जी द्वारा सम्मानित मध्य प्रदेश सरकार द्वारा holistic farmer का अवार्ड भारत के प्रमुख अखवार दैनिक भास्कर एवं पत्रिका द्वारा प्रथम पेज द्वारा सत्यापित.. प्रमुख ટીવી news चैनल सहारा समय एवं बंसल news पर सफल साक्षात्कार.. Mission के उद्देश्य किसी भी देश को विकसित देश तभी माना जाता है जब वहां की महिला और किसान वर्ग स्वस्थ और समृद्ध हो तो ,आओ मिलकर अपने भारत को समृद्ध बनाये Healthy and Prosperous Farmer and Women s # एक एकड क्षेत्र में खेती करके 4-5 लाख सालाना कैसे कमाए / हेतु प्रशिक्षण उचित मार्गदर्शन # महिलाओ को स्वस्थता ,स्वच्छता की जानकरी देकर रोजगार उपलब्ध करना # शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे कोर्स जिनकी फीस लाखो रूपये होती है ऐसे कोर्स मुफ्त या कम कीमत में सभी बच्चो को उपलब्ध करना # इंटिग्रेड फार्मिंग या एक गाय से प्रतिमाह 40-50 हजार कैसे कमाए # निरंतर गिरते जल स्तर को बढ़ाना ..वायु प्रदुषण कम करना या जैवविविधता बनाये रखना # Business Partner for Farming Training ( प्रतिमाह 1-2 लाख की आय प्राप्त करना चाहते है तो संपर्क करे ) # Business partner with women health hygiene # Business partner with Diabetes free India 9770085381 9893232938

Posted by karan
Punjab
21-10-2019 11:32 AM
karan ji punjab vich jhone da rate parmal da 1815-35 rupaye prati quintal hai ate basmati da rate usdi kisam de hisab nal hai.dhanwad
Posted by ਲਵਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
21-10-2019 11:31 AM
ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਈ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ.. Red sandalwood, white sandalwood ਚੰਦਨ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ.. ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਕਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ.. ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਈ-ਅਕਤੂਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸਨੂੰ ਬੀਜਣ ਦਾ ਸਬ ਤੋਂ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜੁਲਾਈ-ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਹਨ.. ਪੌਧੇ ਤੋਂ ਪੌਧੇ ਦੀ ਦੂਰੀ 3ਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚ.... (Read More)
ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਫਾਇਦੇਮੰਦ ਹੈ ਚੰਦਨ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਕਈ ਕਿਸਾਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ.. Red sandalwood, white sandalwood ਚੰਦਨ ਦੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਹਨ.. ਇਸਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਅਪ੍ਰੈਲ-ਮਈ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਤਿਆਰ ਕਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ.. ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਮਈ-ਅਕਤੂਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਕਿੱਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਪਰ ਇਸਨੂੰ ਬੀਜਣ ਦਾ ਸਬ ਤੋਂ ਸਹੀ ਸਮਾਂ ਜੁਲਾਈ-ਅਗਸਤ ਮਹੀਨੇ ਹਨ.. ਪੌਧੇ ਤੋਂ ਪੌਧੇ ਦੀ ਦੂਰੀ 3ਮੀਟਰ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ.. ਯੂਰੀਆ@50ਗ੍ਰਾਮ/ਪੇੜ/ਸਾਲ,ਐਸ ਐਸ ਪੀ@100ਗ੍ਰਾਮ/ਪੇੜ/ਸਾਲ, ਐਮਓਪੀ @40ਗ੍ਰਾਮ/ਪੇੜ/ਸਾਲ ਨੂੰ ਦੋ ਹਿੱਸਿਆਂ ਵਿਚ ਦੇਣਾ ਹੈ .. ਪਹਿਲੀ ਡੋਜ਼ ਮਾਰਚ-ਅਪ੍ਰੈਲ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਡੋਜ਼ ਸਿਤਮਬਰ-ਅਕਤੂਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿਚ ਦੇਣੀ ਹੈ.. ਇਸਦੇ ਬੂਟੇ ਲੈਣ ਲਈ Arun Khurmi ਨੂੰ 9878123123 ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਇਹਨਾਂ ਤੋਂ ਹੀ ਤੁਹਾਨੂੰ ਚੰਦਨ ਬਾਰੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਏਗੀ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by siyaram.patel.jamunipur
Uttar Pradesh
21-10-2019 11:30 AM
पटेल जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by Karan Billing
Punjab
21-10-2019 11:23 AM
ਕਰਨ ਜੀ ਇਹ ਇਕ hybird ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਬੀਜ ਤੁਸੀ ਅਗਲੇ ਸਾਲ ਲਈ ਨਹੀਂ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by siyaram.patel.jamunipur
Uttar Pradesh
21-10-2019 11:21 AM
siyaram ji aap iske paudhe ke neeche keet ka hamla check karen agar maujood hai to aap iske uper imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by kawaljit singh
Punjab
21-10-2019 11:20 AM
ਕਣਕ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਤੇ ਕਰਨੀ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਪਿਛੇਤੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਫਸਲ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਤੇ ਬੁਰਾ ਅਸਰ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਕਣਕ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 25 ਅਕ੍ਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਹੇਠ ਦਿਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ :-UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤ.... (Read More)
ਕਣਕ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਸਹੀ ਸਮੇਂ ਤੇ ਕਰਨੀ ਜਰੂਰੀ ਹੈ ਪਿਛੇਤੀ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਫਸਲ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਤੇ ਬੁਰਾ ਅਸਰ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਕਣਕ ਦੀ ਬਿਜਾਈ 25 ਅਕ੍ਤੂਬਰ ਤੋਂ ਨਵੰਬਰ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਹੇਠ ਦਿਤੀਆਂ ਕਿਸਮਾਂ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ :-UNNAT PBW 343: ਇਹ ਕਿਸਮ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਉਣ ਯੋਗ ਹੈ ਪੱਕਣ ਦੇ ਲਈ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਰਨਾਲ ਬੰਟ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਅਤੇ ਬਲਾਈਟ ਨੂੰ ਵੀ ਸਹਿਣ ਯੋਗ ਹੈ ਇਸਦੀ ਔਸਤ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.2 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
UNNAT PBW 550: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 145 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 86 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
PBW 1 Zn: ਇਸ ਕਿਸਮ ਦੇ ਪੌਦੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 103 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 151 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 22.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ
PBW 725: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੀ ਏ ਯੂ, ਐਗਰੀਕਲਚਰ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਦੁਆਰਾ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਮੱਧਰੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਸਿੰਚਾਈ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਲਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੇ ਅਤੇ ਭੂਰੇ ਜੰਗ ਦੀ ਪ੍ਰਤਿਰੋਧੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦੇ ਦਾਣੇ ਮੋਟੇ , ਅਤੇ ਗਹਿਰੇ ਰੰਗ ਦੇ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ 155 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦੀ ਸਲਾਨਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
PBW 677: ਇਹ ਕਿਸਮ 160 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤ ਝਾੜ 22.4 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ HD 3086 (PusaGautam) : ਇਸ ਦਾ ਔਸਤਨ ਝਾੜ 23 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਵਧੀਆ ਕਿਮਸ ਦੇ ਬਰੈੱਡ ਬਣਾਉਣ ਦੇ ਸਾਰੇ ਗੁਣ/ਤੱਤ ਇਸ ਵਿਚ ਮੌਜੂਦ ਹਨ
WH 1105: ਇਸ ਦੀ ਕਾਢ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ ਇਹ ਇੱਕ ਛੋਟੇ ਕੱਦ ਵਾਲੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 97 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਪੱਤਿਆਂ ਦੇ ਪੀਲੇਪਣ ਅਤੇ ਭੂਰੇਪਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਤੋਂ ਰਹਿਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਪਰੰਤੂ ਇਹ ਦਾਣਿਆਂ ਦੇ ਖਰਾਬ ਹੋਣ ਅਤੇ ਸਿੱਟਿਆਂ ਦੇ ਭੂਰੇ ਪੈਣ ਦੀ ਬਿਮਾਰੀ ਪ੍ਰਤੀ ਸੰਵੇਦਨਸ਼ੀਲ ਹੈ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 23.1 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
HD 2967: ਇਹ ਵੱਡੇ ਕੱਦ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹੈ ਜਿਸ ਵਿਚ ਬੂਟੇ ਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 101 ਸੈ.ਮੀ. ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਦਾਣੇ ਸੁਨਹਿਰੇ, ਮਧਰੇ, ਸਖਤ ਅਤੇ ਚਮਕਦਾਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਇਹ ਲਗਭਗ 157 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਸ ਦੀ ਔਸਤਨ ਪੈਦਾਵਾਰ 21.5 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੈ
PBW 621: ਇਹ ਕਿਸਮ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਾਰਿਆਂ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਉਗਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਕਿਸਮ 158 ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਪੱਕ ਕੇ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਇਹ ਪੀਲੀ ਅਤੇ ਭੂਰੀ ਕੁੰਗੀ ਦੀ ਰੋਧਕ ਕਿਸਮ ਹੈ ਇਸਦਾ ਔਸਤਨ ਕੱਦ 100 ਸੈ.ਮੀ. ਹੁੰਦਾ ਹੈI
HD 3226:- jhaad 24 qtl / acre.
Posted by sikandar prajapati
Uttar Pradesh
21-10-2019 11:19 AM
Sikandar prajapati ji Mushroom ki training ke liye aap Mr. jai 8882876224 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Maninder Singh
Punjab
21-10-2019 11:18 AM
Maninder ji tuci female dog rakh skde ho, vdia nasal di female dog rakh ke usdi vdia growth krwa ke fir uss nu ussi nasal de dog ton cross krwa ke usde bache sale kr skde ho, ehna vich bhutt munafa hai, ja tuci ohna nu tyar krke vdia breed tyar kr skde ho.
Posted by sikandar prajapati
Uttar Pradesh
21-10-2019 11:16 AM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है
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