Posted by sukhvinder singh
Punjab
22-10-2019 11:29 AM
Sukhvinder ji ehh ABS walia da Murrah nasal da semen hai Fats (%)7.20%,
Fats (kg)338, Dam s Yield (kg) 4689 ..

Posted by mandip ghuman
Punjab
22-10-2019 11:20 AM
Mandip ji tuci uss nu pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham deo ate vdia khurak ate hara chara deo, baki tuci usde suun ton 1 mahina pehla Metabolite powder di rojana 1 pudi deo ate 20 din tak dinde rho, iss nal vdia growth howegi.

Posted by jagdish GURJAR
Rajasthan
22-10-2019 11:17 AM
उसे आप Sarakind plus tablet 2—2 गोलियां सुबह शाम दें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by ARUN KUMAR
Punjab
22-10-2019 11:15 AM
श्रीमान जी, सुझाव देने के लिए धन्यवाद हमारी टीम इस पर जल्द ही काम करे गई, धन्यवाद
Posted by deepak sharma
Madhya Pradesh
22-10-2019 11:07 AM
श्रीमान जी PBW343 गेहूं की बढ़िया किस्म का बीज है
Posted by brajesh pal
Uttar Pradesh
22-10-2019 10:44 AM
श्रीमान जी HD 3226, HD 2967, HD3086 किस्म की बिजाई कर सकते हैं
Posted by Nitendra Yadav
Madhya Pradesh
22-10-2019 10:44 AM
bhai sahib nazdik ke pashu palan adhikari or krishi vigyan kendar se sampark karein training lein

Posted by ARUN KUMAR
Punjab
22-10-2019 10:40 AM
सर डिप्टी डायरेक्टर एनिमल हसबेंडरी और KVK फ़िरोज़पुर के साथ संम्पर्क करें

Posted by Manish
Uttar Pradesh
22-10-2019 10:32 AM
मनीष जी मौसम विभाग के अनुसार इस हफ्ते बारिश होने की सम्भावना नहीं है धन्यवाद

Posted by ARUN KUMAR
Punjab
22-10-2019 10:30 AM
अरुण जी नमस्कार जी आपका सुझाव हमें अच्छा लगा जी, कोशिश करेंगे कि यह पूरी जानकारी ले और इसके बारे में वीडियो भी बनाई जाये जी

Posted by Naseeb Bishnoi
Haryana
22-10-2019 10:30 AM
श्रीमान HD-3226 किस्म का बीज करनाल यूनिर्वसिटी से मिल सकता है या फिर कोई प्राईवेट बीज वाली एजेंसी से खरीद सकते है
Posted by suraj
Uttar Pradesh
22-10-2019 10:26 AM
सब्जियों में प्रयोग करने के लिए इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक करनी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई के लिए .... (Read More)
सब्जियों में प्रयोग करने के लिए इसकी बिजाई अक्तूबर के पहले सप्ताह में करनी चाहिए और बीज तैयार करने के लिए बिजाई अक्तूबर के आखिरी सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक करनी चाहिए कतार से कतार का फासला 30 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 15 सैं.मी. रखें बीज की गहराई 3 सैं.मी. से ज्यादा नहीं होनी चाहिए इसकी बिजाई के लिए पोरा ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 8-10 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें

Posted by Gopal ji
Rajasthan
22-10-2019 10:23 AM
Shrimaan ji, kripya aap apna sawal visthar se puchein tajo apko iske bare mein sahi jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Jyoti Malik
Haryana
22-10-2019 10:19 AM
सुअर पालन में तभी फायदा होता है यदि आप इस काम को पूरी जानकारी लेकर और सही ट्रेनिंग प्राप्त करके शुरू करते है जिसमें आपको इस काम में मुनाफा कमाने का सही तरीका पता लगता है
सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म प.... (Read More)
सुअर पालन में तभी फायदा होता है यदि आप इस काम को पूरी जानकारी लेकर और सही ट्रेनिंग प्राप्त करके शुरू करते है जिसमें आपको इस काम में मुनाफा कमाने का सही तरीका पता लगता है
सुअर पालन का काम भी ट्रेनिंग से बिना न शुरू करें, शुरू करने से पहले आप किसी सफल सुअर पालक के फार्म पर खुद जाकर बाकी शैड बनाने के लिए फार्म पर जाकर खुद समझना पड़ेगा क्योंकि यह अलग अलग जगह के हिसाब से सैट करना पड़ता है सफल सुअर पाल के तजुर्बे के अनुसार एक सुअरी एक वर्ष में 2—2.5 बार बच्चे देती है पहले ब्यांत में 6—7 बच्चे देती है और दूसरे ब्यांत में 10—14 बच्चे देती है यदि आप सुअर मीट के लिए तैयार कर रहे हैं तो एक सुअर 7—8 महीनों में लगभग 1 क्विंटल का हो जाता है और उससे 100 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बिमक जाता है और गाभिन सुअरी 150—200 रूपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती है सुअरों की मार्किटिंग की भी कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि व्यापारी खुद फार्म से आकर सुअर ले जाते हैं उसके बाद फीड सही खिलाकर उन्हें आगे बेच देना बाकी लोन के लिए ट्रेनिंग स्र्टीफिकेट तो जरूरी है ही पर सिर्फ स्र्टीफिकेट ही नहीं और भी कागज़ों की जरूरत पड़ेगी क्योंकि यह सारा कुछ बैंकों पर निर्भर करता है कि बैंक को लोन पास करने के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए यह अलग अलग बैंकों के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है क्योंकि कोई बैंक कैसे वैरीफिकेशन करता है कोई कैसे पांच सुअरी गाभिन 10—11 महीनों के बाद पहली इनकम आती है और लगभग एक सुअरी 3500 रूपये महीने की इनकम आती है,इस तरह आप सुअर पालन का काम शुरू कर सकते है, सुअर पालन के लिए आप large white yorkshire नस्ल रख सकते हैं, इसकी ट्रेनिंग आप अपने नज़दीकी केवीके में प्राप्त कर सकते है आप वहां जाकर टे्रनिंग का फार्म आए जब भी वहां ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके बता देंगे

Posted by shashi
Bihar
22-10-2019 10:10 AM
Shrimaan ji, ap isme 130045 @ 1 kg ko 150 liter pani mein mila kar prati acre ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by ਸਰਦਾਰ ਗੁਰਭੇਜ ਸਿੰਘ
Punjab
22-10-2019 10:07 AM
tuci iss nu nazdiki doctor ton check krwao ji isde leg ate pair di janch krke he isda sahi ilagg ho skda hai..

Posted by gurmanjot singh
Punjab
22-10-2019 10:02 AM
श्रीमान जी गेहूं की बिजाई का समय अक्तूबर से आखिरी सप्ताह से नवंबर के आखिरी सप्ताह तक है
Posted by Dharmend barman
Madhya Pradesh
22-10-2019 09:57 AM
धर्मेंद जी कृपया आप मटर की फोटो भेजे ताकि आपको फोटो देख कर बताया जा सके कि मटर में किसी बीमारी का प्रकोप है या किसी कीट का और आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके धन्यवाद
Posted by Dharmend barman
Madhya Pradesh
22-10-2019 09:43 AM
धर्मेंद जी यह फंगस के कारण हो रहा है इसके लिए आप fungicide का स्प्रे कर सकते है जिसमे आप carbendazim @4 ग्राम या mancozeb @4 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by bhanwar
Rajasthan
22-10-2019 09:31 AM
Depending upon soil type, take two-three ploughing and bring soil to fine tilth. Do leveling of soil so that water stagnation will not occurred in field. At time of field preparation, apply well decomposed cow@4ton/acre.
Posted by Prakash Mishra
Madhya Pradesh
22-10-2019 09:28 AM
श्रीमान जी HI8381, HI1077 mangla GW190, GW173, HI977 ज़्यादा उपज देती है
Posted by Prakash Mishra
Madhya Pradesh
22-10-2019 09:26 AM
श्रीमान जी, यह जानने के लिए साथ में दिए लिंक को खोलकर वीडियो देखे, धनयवाद https://youtu.be/NrZFMCkCwYs

Posted by M
Jharkhand
22-10-2019 09:22 AM
Japanese white: यह किस्म नवंबर-दिसंबर महीने में बिजाई के लिए अनुकूल है इसे भारत में जापान द्वारा लायी गई है उत्तरी मैदानों में इसकी पिछेती बिजाई के लिए और पहाड़ी क्षेत्रों में जुलाई से सितंबर महीने में इसकी खेती के लिए सिफारिश की गई है इसकी जड़ें बेलनाकार और सफेद रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ .... (Read More)
Japanese white: यह किस्म नवंबर-दिसंबर महीने में बिजाई के लिए अनुकूल है इसे भारत में जापान द्वारा लायी गई है उत्तरी मैदानों में इसकी पिछेती बिजाई के लिए और पहाड़ी क्षेत्रों में जुलाई से सितंबर महीने में इसकी खेती के लिए सिफारिश की गई है इसकी जड़ें बेलनाकार और सफेद रंग की होती हैं इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa chetki: यह किस्म अप्रैल-अगस्त में बिजाई के लिए अनुकूल है यह जल्दी पकने वाली किस्म पंजाब में बीज उत्पादन के लिए खेती करने के लिए अनुकूल है इसकी जड़ें नर्म, बर्फ जैसी सफेद और मध्यम लंबी होती है इसकी
औसतन पैदावार 105 क्विंटल प्रति एकड़ और बीजों की उपज 4.5 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Pusa Deshi: यह किस्म उत्तरी मैदानों में बिजाई के लिए अनुकूल हैं इसकी जड़ें सफेद रंग की होती हैं यह किस्म बिजाई के बाद 50-55 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है

Posted by Kuldeep Singh
Punjab
22-10-2019 09:15 AM
tuci uss nu Feritas injection 2ml rojana ate Feritas bolus 1-1 goli swere sham deo baki tuci Ferikind vet ate Provisac forte v dinde rho, ehna nal frak paa jawega..

Posted by sukhvirsingh
Punjab
22-10-2019 09:11 AM
tuci uss nu Calcimust gold liquid 100ml rojana ate Bovimin mineral mixture 50-50gm swere sham deo..
Posted by shivam rajpoot
Madhya Pradesh
22-10-2019 08:54 AM
श्रीमान जी यह हल्दी रोग है इसकी रोकथाम के लिए koside@500 gm प्रति एकड़ 120 लीटर पानी में स्प्रे कर सकते हैं

Posted by Amar Jeet singh
Uttarakhand
22-10-2019 08:52 AM
आप इसके ऊपर Bavistin fungicide बिजाई के 4 दिन बाद स्प्रे कर सकते है अगर किसी कीट का हमला हो रहा है तो Accephate की स्प्रे करें Micronutrients की स्प्रे बिजाई के 20 दिन बाद स्प्रे करें धन्यवाद

Posted by harmit Singh
Punjab
22-10-2019 08:51 AM
श्रीमान जी गर्दन मरोड़ के लिए Isomain@300ml प्रति एकड़ स्प्रे कर सकते हैं
Posted by रोबिन कुंतल
Uttar Pradesh
22-10-2019 08:46 AM
Posted by deepakchouhan
Madhya Pradesh
22-10-2019 08:32 AM
आपके सभी सवालो का जवाब दिया जा चुका है आप अपने सवालों के जवाब एप में मेरे सवाल का क्लिक करके देख सकते हैं या फिर मेरी प्रोफाईल के नीचे अपने सवालों के जवाब देख कते हैं यदि आपकी कोई ओर समस्या है तो आप हैल्प लाईन नंबर : 97799-77641 पर संपर्क कर सकते हैं

Posted by mandip gomekar
Maharashtra
22-10-2019 08:29 AM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 4kg dudh lai gau nu 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo
Posted by Anoop kumar
Uttar Pradesh
22-10-2019 08:27 AM
अनूप जी आप किसम जैसे Rachna: यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है KPM: यह किस्म उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन .... (Read More)
अनूप जी आप किसम जैसे Rachna: यह पूरे उत्तर प्रदेश में उगाने के लिए उपयुक्त किस्म है यह किस्म 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है KPM: यह किस्म उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 12-13 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Shikha: यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 10-12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Malviya Matar 2: यह किस्म उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 125-130 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Malviya Matar 15: यह किस्म उत्तर प्रदेश के सभी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 120-125 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है JP 885: यह किस्म उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है DDR 23 (Pusa Prabhat): यह किस्म उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह किस्म 100-105 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 6-7 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pant Matar 5: यह किस्म उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में उगाने के लिए उपयुक्त है यह 130-135 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 8-10 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Posted by jaswider
Punjab
22-10-2019 08:21 AM
श्रीमान जी गेहूं की बढ़िया किस्म PBW 343 की बिजाई कर सकते हैं
Posted by suraj
Uttar Pradesh
22-10-2019 08:19 AM
श्रीमान जी इसकी रोकथाम के लिए koside@500 gm प्रति एकड़ 120 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते है
Posted by Santosh Malviya
Madhya Pradesh
22-10-2019 08:13 AM
santosh ji aap gehu ki kisme jaise JW 17, JW 3269, JW 3288, HI1500, HI 1531, HD 4672,JW 1201, JW 322, JW 273, HI 1544, HI 8498, MPO 1215, JW 1203, MP 4010, HD 2864, HI 1454 ki bijai kar sakte hai.dhanywad

Posted by ryan
Punjab
22-10-2019 08:13 AM
श्रीमान जी गुलीडंडे की रोकथाम के लिए Basf का JINDUA प्रोडक्ट आया है जो गेहूं की बिजाई के बाद स्प्रे कर सकते है
Posted by bhupinder singh
Punjab
22-10-2019 08:13 AM
BhaaG nazdik de pashuan de hospital naal sampark karo Chhote jahe operation naal theek ho jau

Posted by Sunil chaudhary
Uttar Pradesh
22-10-2019 08:10 AM
सुनील जी आमतौर पर सभी बकरियां दो साल में तीन बार बच्चे दे देती हैं
Posted by Gurdeep Singh
Punjab
22-10-2019 08:09 AM
gurdeep ji sab to choti packing 5 kilo di hai usda rate 50 rupaye hai ate vaddi packing 50 kilo di hai jisda rate 800 rupyae de hisab nal mildi hai.
Posted by sandeep vishwakarma
Uttar Pradesh
22-10-2019 08:04 AM
sandeep ji kripya aap iski photo bheje taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by lovepreet Singh
Punjab
22-10-2019 08:00 AM
lovepreet ji eh fungus hai isde layi tuc carbendazim @400 gram nu prati acre de hisab nal spray karo.dhanwad
Posted by gurwinder kaur
Punjab
22-10-2019 08:00 AM
gurwinder ji isde uper keede da hamla hai isdi roktham de layi tuc quinalphos@4ml nu prati litre pani de hisab nal spray karo.dhanwad

Posted by Akhilesh yadav
Uttar Pradesh
22-10-2019 07:58 AM
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मि.... (Read More)
इस फसल की खेती अलग-अलग मिट्टी की किस्मों में की जा सकती है जैसे कि रेतली, चिकनी, दोमट, काली, लाल मिट्टी, जिसमें पानी के निकास का सही प्रबंध हो इसकी अच्छी पैदावार के लिए इसे अच्छे निकास वाली रेतली मिट्टी में उत्तम जैविक तत्वों से उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है प्रसिद्ध किस्में :- Pusa Rubi,Pusa Early Dwarf,Punjab Chhuhara,Pusa 120,Roma Selection 120 टमाटर के बीजों को पहले नर्सरी में बोया जाता है और फिर हन्हें मुख्य खेत में रोपित किया जाता है मुख्य खेत की तैयार के लिए अच्छी जोताई और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए 4-5 बार जोताई करें फिर मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें आखिरी जोताई के समय गाय का गला हुआ गोबर 60 किलो को मिट्टी में अच्छी तरह मिलायें रोपाई के लिए 80-90 सैं.मी. चौड़े बैड तैयार करें बिजाई से एक महीना पहले मिट्टी को धूप में खुला छोड़ दें आवश्यक लंबाई और 80-90 सैं.मी. की चौड़ाई वाले बैडों पर टमाटर के बीजों को बोयें बिजाई के बाद बैडों को प्लास्टिक शीट से ढक दें और फूलों को पानी देने वाले डब्बे से रोज़ सुबह बैडों की सिंचाई करें रोगाणुओं के हमले से फसल को बचाने के लिए नर्सरी वाले बैडों को अच्छे नाइलोन के जाल से ढक दें पनीरी लगाने के 10-15 दिन बाद 19:19:19 के साथ सूक्ष्म तत्वों की 2.5-3 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें पौधों को तंदरूस्त और मजबूत बनाने के लिए बिजाई के 20 दिन बाद लीहोसिन 1 मि.ली. प्रति लीटर पानी की स्प्रे करें प्रभावित पौधों को खेत में से उखाड़ दें ताकि पौधों का फासला सही रखा जा सके और निरोग पौधों को रोगाणुओं से भी बचाया जा सके रोगाणुओं से बचाव के लिए मिट्टी में नमी बनाये रखें यदि सूखा दिखे तो पौधों को रोपाई से पहले मैटालैक्सिल 2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी में 2-3 बार भिगोयें बिजाई से 25-30 दिन बाद पनीरी वाले पौधे तैयार हो जाते हैं और इनके 3-4 पत्ते निकल आते हैं यदि पौधों की आयु 30 दिन से ज्यादा हो तो इसके उपचार के बाद इसे खेत में लगायें पनीरी उखाड़ने के 24 घंटे पहले बैडों को पानी लगायें ताकि पौधे आसानी से उखाड़े जा सकें बसंत के मौसम के लिए नर्सरी नवंबर-दिसंबर में तैयार करें जबकि सर्दियों में KE मौसम में सितंबर-अक्तूबर महीने में नर्सरी में बीजों को बोयें किस्म और विकास के ढंग मुताबिक 60x30 सैं.मी. या 75x60 सैं.मी. या 75x75 सैं.मी. का फासला रखें में छोटे कद वाली किस्म के लिए 75x30 सैं.मी. का फासला रखें और वर्षा वाले मौसम के लिए 120-150x30 सैं.मी. का फासला रखें नर्सरी में बीजों को 0-5 सैं.मी. गहराई में बोयें और मिट्टी से ढक दें पनीरी को उखाड़कर खेत में लगा दें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 100-160 ग्राम बीज नए पौधे तैयार करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं हाइब्रिड किस्मों के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें नाइट्रोजन 40-60 किलो (90-130 किलो यूरिया), फासफोरस 25 किलो (155 किलो एस एस पी) और पोटाश 25 किलो (42 किलो एम ओ पी) की मात्रा प्रति एकड़ में प्रयोग करें नए पौधों की रोपाई के 2-3 सप्ताह पहले फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को दो भागों में बांटकर रोपाई 30 और 50 दिनों के बाद डालें लगातार गोडाई करें और जड़ों को मिट्टी लगाएं 45 दिनों तक खेत को नदीन रहित रखें यदि नदीन नियंत्रण से बाहर हो जायें तो यह 70-90 प्रतिशत पैदावार कम कर देंगे रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 0.4 किलो को प्रति एकड़ में लगाएं यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो नदीनों के अंकुरण के बाद सैंकर 0.2 किलो की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनों को रोकने के साथ साथ मिट्टी के तापमान को कम करने के लिए मलचिंग भी प्रभावी तरीका है रोपाई के बाद दो से तीन दिन हल्की सिंचाई करें मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 12 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और गर्मियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती हैं इस अवस्था में पानी की कमी से फूलों का गिरना बढ़ता है और फलों और उत्पादकता पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है बहुत सारी जांचों के मुताबिक यह पता चला है कि हर पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई करने से जड़ें ज्यादा फैलती हैं और इससे पैदावार भी अधिक हो जाती है अत्याधिक सिंचाई ना करें पनीरी लगाने के 70 दिन बाद पौधे फल देना शुरू कर देते हैं कटाई का समय इस बात पर निर्भर करता है कि फलों को दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाना है या ताजे फलों को मंडी में ही बेचना है आदि पके हरे टमाटर जिनका 1/4 भाग गुलाबी रंग का हो, लंबी दूरी वाले स्थानों पर लेकर जाने के लिए प्रयोग किए जाते हैं ज्यादातर सारे फल गुलाबी या लाल रंग में बदल जाते हैं, पर सख्त गुद्दे वाले टमाटरों को नज़दीक की मंडी में बेचा जा सकता है अन्य उत्पाद बनाने और बीज तैयार करने के लिए पूरी तरह पके और नर्म गुद्दे वाले टमाटरों का प्रयोग किया जाता है कटाई के बाद आकार के आधार पर टमाटरों को छांट लिया जाता है इसके बाद टमाटरों को बांस की टोकरियों या लकड़ी के बक्सों में पैक कर लिया जाता है लंबी दूरी पर लिजाने के लिए टमाटरों को पहले ठंडा रखें ताकि इनके खराब होने की संभावना कम हो जाये पूरी तरह पके टमाटरों से जूस, सीरप और कैचअप आदि उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं
Posted by roopkumar sharma
Madhya Pradesh
22-10-2019 07:54 AM

Posted by dharmendra rai
Madhya Pradesh
22-10-2019 07:53 AM
Dharmendra ji kripya aap apna swal vistar se pooche taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by रविन्द्र सिंह
Rajasthan
22-10-2019 07:53 AM
रविंदर जी कृपया आप अपना सवाल विस्तार से पूछे ताकि आपको इसके बारे में पूरी जानकारी दी जा सके धन्यवाद

Posted by Guru Bhai
Bihar
22-10-2019 07:52 AM
श्रीमान जी यह हल्दी रोग है इसकी रोकथाम के लिए koside@500 gm प्रति एकड़ 120 लीटर पानी में स्प्रे कर सकते हैं
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