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Posted by ashu
Uttar Pradesh
23-10-2019 02:20 PM
Punjab
12-03-2019 04:27 PM
श्रीमान जी, यह फसल कईं प्रकार की मिट्टी में उगाई जा सकती है पर यह रेतली दोमट और दानेदार दोमट मिट्टी में अच्छा परिणाम देती है इसके अलावा मिट्टी में जैविक पदार्थ, नाइट्रोजन और पोटाश्यिम उच्च मात्रा में होने चाहिए फसल के अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6-6.8 तक होनी चाहिए इसकी खेती के लिए पानी ज्यादा रोकने वा.... (Read More)
श्रीमान जी, यह फसल कईं प्रकार की मिट्टी में उगाई जा सकती है पर यह रेतली दोमट और दानेदार दोमट मिट्टी में अच्छा परिणाम देती है इसके अलावा मिट्टी में जैविक पदार्थ, नाइट्रोजन और पोटाश्यिम उच्च मात्रा में होने चाहिए फसल के अच्छे विकास के लिए मिट्टी की पी एच 6-6.8 तक होनी चाहिए इसकी खेती के लिए पानी ज्यादा रोकने वाली और अम्लीय मिट्टी अच्छी नहीं होती मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की 2-3 बार जोताई करें पोषक तत्वों का पता करने के लिए मिट्टी की जांच करवाएं यदि मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी है तो मिट्टी की जांच के आधार पर सूक्ष्म पोषक तत्वों का प्रयोग करें मध्य सितंबर से मध्य नवंबर के महीने में नर्सरी तैयार करें नर्सरी में बोये गये बीजों का फासला 15-20 सै.मी. रखें बीज अंकुरित होने के लिए 3-4 दिन का समय लेते हैं अंकुरन के बाद सलाद पत्ता को सूरज की रोशनी में हर दिन सुबह के समय 3-4 घंटे के लिए रखें जब बीज 4-6 सप्ताह पुराने हो जाये तो इन्हे खेत में रोपण कर दें बीजों का खेत में रोपण करते समय पंक्ति से पंक्ति का फासला 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे का फासला 30 सैं.मी. रखें बीज को 2-4 सैं .मी. गहराई में बीजना चाहिए लैटस की बिजाई के लिए पौध रोपण ढंग का प्रयोग किया जाता है एक एकड़ की पनीरी तैयार करने के लिए 2 मरले में 400 ग्राम बीज बोयें सप्ताह के अंतराल पर नर्सरी बेडौं का सिंचित करें अच्छी तरह गली हुई रूड़ी की खाद 15 टन प्रति एकड़ में डालें और नाइट्रोजन 25 किलो (यूरिया 55 किलो), फासफोरस 12 किलो (सुपर फासफेट 75 किलो) प्रति एकड़ में डालें पौध रोपण से पहले फासफोरस की सारी मात्रा और नाइट्रोजन की आधी मात्रा डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पौध रोपण के छः सप्ताह बाद डालें पौध रोपण करने से 48 घंटे पहले नर्सरी बैड की सिंचाई बंद कर दें पौध रोपण के 30 मिनट पहले अच्छी तरह से सिंचाई करें यह पौधे को आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है पौध रोपण के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें हल्की मिट्टी में 5-6 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें और भारी मिट्टी में 8 से 10 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें धन्यवाद
Posted by Asik ansari
Jharkhand
23-10-2019 02:15 PM
Punjab
03-13-2020 05:31 PM
Asik ansari ji machine lene ke lia aap Rajiv garg (Raja) 9815940212, 9317793673 Raja Enterprises se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Sanjay jangar
Haryana
23-10-2019 02:09 PM

?

Punjab
10-23-2019 02:42 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है आपके द्धारा भेजी गई ओडियो अपलोड नहीं हुई है कृप्या आप दोबारा साफ आवाज में ओडियो अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by SB Sumit Bharti
Uttar Pradesh
23-10-2019 02:06 PM
Punjab
10-25-2019 05:05 PM
Sumit ji aap uski puch per ivermectin injection 1ml srinj se dalen aur 30 mint ke badd uski puch per Loraxin spray kren, isse frak padd jayega..
Posted by rajendraprasad
Uttar Pradesh
23-10-2019 02:02 PM
Punjab
10-25-2019 03:35 PM
राजेंद्र जी, तना छेदक की रोकथाम के लिए आप quinalphos @4 ml प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें , धन्यवाद
Posted by manjinder singh
Punjab
23-10-2019 02:01 PM
Punjab
10-23-2019 02:43 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by lau Singh
Uttar Pradesh
23-10-2019 01:45 PM
Punjab
12-07-2019 04:57 PM
Lau Singh ji mirch de seed len lai tusi Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by satya
Uttar Pradesh
23-10-2019 01:30 PM
Punjab
12-03-2019 04:29 PM
श्रीमान जी, धान का रेट इस समय 1815 से 1835 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रहा है, धन्यवाद
Posted by Mandeep
Punjab
23-10-2019 01:29 PM
Punjab
10-23-2019 01:33 PM
Posted by shankar Kumar Singh
Bihar
23-10-2019 01:27 PM
Punjab
10-23-2019 01:41 PM
Kumar ji aap bakri ko silage de skte hai iska koi nuksan nhi hai, silage tyar krke 40-45 din tak dakk kr rakhen usme hwa nhi janii chahiye fir aap apne janwaro ko silage de skte hai, yeh aap suru mai kam dalen jithna woh hajam kr skee yeh aap dusre chare mai milla kr de skte hai, isse janwar ki achi growth hoti hai..
Posted by Suneel yadav
Uttar Pradesh
23-10-2019 01:25 PM
Punjab
10-23-2019 01:34 PM
Posted by सुरेश कुमार शर्मा
Chattisgarh
23-10-2019 01:22 PM
Punjab
10-23-2019 01:30 PM
श्रीमान जी मिर्च में wilt है इसकी रोकथाम के लिए shamir 400ml प्रति एकड़ स्प्रे कर सकते हैं।
Posted by pintu Kumar
Bihar
23-10-2019 01:20 PM
Maharashtra
10-23-2019 01:23 PM
pintu ji aap iske uper quinalphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Pawan Kumar
Uttar Pradesh
23-10-2019 01:13 PM
Punjab
10-25-2019 03:31 PM
पवन जी, यह फंगस की वजह से होता है , इसकी रोकथाम के लिए आप tilt @ 200 ml प्रति एकड़ के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by mohd javed
Uttar Pradesh
23-10-2019 01:10 PM
Maharashtra
10-23-2019 01:12 PM
मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आ.... (Read More)
मालाबार नीम के पेड़ की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है और पानी की कम आपूर्ति की आवश्यकता होती है मालाबार नीम रोपण से 2 साल के भीतर 40 फुट तक उचाई लेलेता है, मालाबार नीम एक नकदी नीम परिवार से संबंधित है इस पेड़ अपनी तेजी से विकास के लिए जाना जाता है हाल के दिनों में कर्नाटक के आसपास के किसान, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में इस वृक्ष की बढ़ी मात्रा में फार्मिंग कर रहे है और इसका प्रयोग सस्ती वुड (plywood इंडस्ट्री) के रूप में कर रहे है यदि पेड़ो को सिंचित किया जाये तो 5 वर्ष के अंत में काटा जा सकता है और प्लाई के लिए प्रयोग किया जासकता है मार्च - अप्रैल के दौरान बीज बोना सबसे अच्छा है
Posted by pradeep
Rajasthan
23-10-2019 01:07 PM
Maharashtra
10-23-2019 01:13 PM
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए बहु-सूक्ष्म तत्व खाद (Micnelf-32)@ 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद NPK 13:00:45 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें .... (Read More)
यदि बिजाई के 80-100 दिनों के बाद फसल को फूल ना निकलें या फूल कम हों तो फूलों की पैदावार बढ़ाने के लिए बहु-सूक्ष्म तत्व खाद (Micnelf-32)@ 750 ग्राम प्रति एकड़ प्रति 150 लीटर पानी की स्प्रे करें बी.टी किस्मों की पैदावार बढ़ाने के लिए बिजाई के 85, 95 और 105 दिनों के बाद NPK 13:00:45 10 ग्राम या पोटाश 5 ग्राम प्रति लीटर पानी की स्प्रे शाम के समय करें अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए, पोटाशियम 10 ग्राम प्रति लीटर और डी.ए.पी. 20 ग्राम प्रति लीटर (पहले फूल खिलने के प्रत्येक 15 दिनों के फासले पर 2-3 स्प्रे) की स्प्रे करें कई बाद फूल और टिंडों का गिरना दिखाई देता है तो इन्हें रोकने के लिए और अच्छी उपज प्राप्त करने के लिए प्लानोफिक्स (एन ए ए) 4 मि.ली. और Micnelf-16 or 32@120 ग्राम, मैगनीश्यिम सल्फेट 150 ग्राम प्रति 15 लीटर पानी की स्प्रे करें यदि खराब मौसम के कारण टिंडे झड़ते दिखाई दें तो इसकी रोकथाम के लिए 100 ग्राम NPK 00:52:34+30 मि.ली. हयूमिक एसिड (12 प्रतिशत से कम)+6 मि.मी. स्टिकर को 15 लीटर पानी में मिलाकर 10 दिनों के फासले पर तीन स्प्रे करें आज कल पत्तों में लाली बहुत ज्यादा दिख रही है, इसका मुख्य कारण तत्वों की कमी है इसे खादों के सही उपयोग से ठीक किया जा सकता है इस के लिए 1 किलो मैग्नीशियम सल्फेट की पत्तियों पर स्प्रे करें और इसके बाद यूरिया 2 किलो को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
Posted by Beant Bhullar
Punjab
23-10-2019 12:29 PM
Punjab
10-23-2019 01:42 PM
tuci usdi bachedani vich lixin-iu dwai bhrwao deo ate uss nu Metra liquid 100-100ml swere sham deo, iss nal infection khtam howega ate safai v ho jawegi..
Posted by padam singh rathore
Rajasthan
23-10-2019 12:25 PM
Maharashtra
10-23-2019 12:51 PM
पदम जी आप इसके ऊपर zinc sulphate @3 ग्राम को प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें और पौधे को वर्मीकम्पोस्ट डाले इस से पौधे की वृद्धि होनी शुरू हो जाएगी धन्यवाद
Posted by mukesh singh
Uttar Pradesh
23-10-2019 12:24 PM
Punjab
10-23-2019 01:43 PM
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं त.... (Read More)
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..
Posted by saligram
Madhya Pradesh
23-10-2019 12:19 PM
Punjab
10-23-2019 01:20 PM
श्रीमान जी यह हल्दी रोग है इसकी रोकथाम के लिए koside 500gm प्रति एकड़ 120 लीटर पानी में स्प्रे कर सकते हैं।
Posted by pk verma
Uttar Pradesh
23-10-2019 12:16 PM
Rajasthan
10-24-2019 12:41 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Kamlesh vishwakarma
Madhya Pradesh
23-10-2019 12:04 PM
Punjab
10-23-2019 12:20 PM
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं .... (Read More)
असली केसर सिर्फ जम्मू कश्मीर, ईरान और अफगानिस्तान में ही हो सकता है, यह कुसुम है, इसकी भी कई दवाई बनती है, यदि कोई और छक है तो जम्मू कश्मीर के इस किसान से बात करें, जिसके दादे, पड़दादे भी केसर की खेती करते थे और यह भी केसर की खेती करते है Javid Ahmed- 95964 93260 बाकि आप यह वीडियो देखें https://www.youtube.com/watchv=vl7c6L3ETnQ&t=8s बाकि यदि फिर भी यकीन नहीं है तो तो आप अमृतपाल सिंह बराड़ प्रोफेसर, पीएयू लुधियाना इस वीडियो संबंधी विचार पड़ सकते हैं, यह फसल केसर की नहीं है, यह फसल कसुंबडे की है, इसे अंग्रेजी में Safflower कहते है, और विज्ञानं में इसे Carthamus tinctorius कहते है
Posted by Mukesh Kumar Mehta
Bihar
23-10-2019 12:04 PM
Punjab
03-13-2020 10:35 AM
Mukesh Kumar Mehta ji us ke rate ke bare me puri jankari ke liye aap Shine Brand Seeds 8770896002 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by sidhu
Punjab
23-10-2019 12:02 PM
Punjab
10-25-2019 03:13 PM
ਬਿਕੀ ਜੀ, ਮਟਰ ਵਿਚ ਪਹਿਲੀ ਗੋਡੀ ਫਸਲ ਬੀਜ਼ਣ ਤੋ 3-4 ਹਫਤਿਆ ਬਾਅਦ ਜਦੋਂ ਫਸਲ 2 ਜਾਂ 3 ਪੱਤੇ ਕੱਢ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਦੂਜੀ ਗੋਡੀ ਫੁੱਲ ਨਿੱਕਲਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾ ਕਰੋ ਅਜਿਹਾ ਕਰਨ ਨਾਲ ਮੋਥਾ ਖਤਮ ਹੋ ਜਏ ਗਾ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurjeet singh
Punjab
23-10-2019 11:56 AM
Punjab
10-23-2019 01:45 PM
Gurjeet ji iss dwai di varto nal pashu nu asani nal jer paa jndi hai, pashu de bachedani di vdia safai ho jndi hai ate dudh vich v fyada hunda hai..
Posted by puran mal
Rajasthan
23-10-2019 11:41 AM
Punjab
10-23-2019 11:52 AM
Bhai sahib rajwa hara chaara te har 3 kg dudh lai 1kg wadhya feed deo har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwai deo
Posted by chhabi Lal sahu
Chattisgarh
23-10-2019 11:37 AM
Punjab
10-24-2019 12:26 PM
chhabi ji kripya aap swal vistar se pooche ke aap iski bijai ek hi khet men karna chahte hai ya inki bijai ke smay ke bare men jankari lena chahte hai taki aapko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad
Posted by puran mal
Rajasthan
23-10-2019 11:36 AM
Punjab
10-25-2019 03:27 PM
Puran ji, agar apka podha 1-3 saal ka hai, to aap usme vermicompost @ 4-5 kg prati podhe ke hisaab se dalein or agar podha 3-5 saal ka hai to ap usme vermicomost 7-8 kg prati podhe ke hisaab se daal dein or 5 saal se upar ki umar vale podhe mein, ap 10 kg vermicompost prati podhe ke hisaab se dalein, dhanywad
Posted by kamlesh nagar
Rajasthan
23-10-2019 11:35 AM
Punjab
03-13-2020 10:37 AM
Kamlesh nagar ji sall 2020 - 2021 ka chane ka MSP 4875/Q hai, Thankyou.
Posted by shivjeet
Madhya Pradesh
23-10-2019 11:25 AM
Punjab
10-23-2019 11:37 AM
श्रीमान जी धान का रेट 1815-1835 रूपये है
Posted by Sivendra singh
Uttar Pradesh
23-10-2019 11:23 AM
Punjab
10-23-2019 11:35 AM
श्रीमान जी सैनिक कीट की रोकथाम के लिए Ampligo, coragen, proclaim, Barazide की स्प्रे कर सकते हैं
Posted by Gurvinder Singh
Punjab
23-10-2019 11:22 AM
Punjab
10-23-2019 12:51 PM
ਸਤਿ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਇਕ ਏਕੜ ਵਿਚ 10 ਹਜਾਰ ਤੋਂ 12 ਹਜਾਰ ਬੂਟੇ ਲਗਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜੀ
Posted by Sukhpal Meena
Rajasthan
23-10-2019 11:09 AM
Punjab
10-23-2019 01:46 PM
Sukhpal ji isko aap nazdiki doctor se janch krwayen kyuki iski janch krke iska sahi ilagg ho skta hai..
Posted by Tarsem
Punjab
23-10-2019 11:07 AM
Punjab
10-23-2019 11:12 AM
tarsem ji jhone da rate 1815-1835 rupaye prati quintal de hisab nal chal reha hai.dhanwad
Posted by Vishnu Kant pathak
Bihar
23-10-2019 11:04 AM
Punjab
10-23-2019 01:47 PM
कृप्या आप ये बताएं की आपकी गाय हीट में नहीं आ रही है या फिर बार बार रिपीट हो रही है आप विस्तार से अपना सवाल पूछें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by parsh dhillon
Punjab
23-10-2019 11:01 AM
Punjab
10-23-2019 01:55 PM
tuci uss nu Anabolite liquid 100-100ml swere sham, Gouge powder 50gm rojana deo ate Calcimust gold liquid 50ml rojana dena suru kro, iss nal frak paa jawega baki tuci usdi khurak ate chare da pura dian rkho ji..
Posted by sukhjinder singh
Punjab
23-10-2019 10:25 AM
Punjab
10-25-2019 03:41 PM
Sukhjinder singh ji HD 3086 di 40kg di packing da rate 1200/- hai, Thankyou.
Posted by B.G
Uttar Pradesh
23-10-2019 10:12 AM
Punjab
10-23-2019 10:24 AM
श्रीमान जी सरसों की बिजाई सितंबर से अक्तूबर में कर सकते हैं
Posted by nishan singh
Punjab
23-10-2019 10:04 AM
Punjab
10-23-2019 10:21 AM
श्रीमान जी गेहूं की किस्म HD-3226 और PBW-343 में से किसी की भी बिजाई कर सकते हैं
Posted by amit verma
Uttar Pradesh
23-10-2019 09:54 AM
Punjab
10-23-2019 01:58 PM
अमित वर्मा जी कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by dr. s. k. patel
Uttar Pradesh
23-10-2019 09:51 AM
Maharashtra
10-23-2019 12:32 PM
यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50.... (Read More)
यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें बिजाई के समय नाइट्रोजन का 3/4 हिस्सा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बचा हुआ नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा बिजाई से 35-40 दिन बाद जड़ों में मिट्टी लगाने के समय डालें जड़ों के साथ मिट्टी लगाना : मिट्टी में सही हवा, पानी और तापमान बनाए रखने के लिए यह काम बहुत जरूरी है ताकि फसल का विकास अच्छा हो सके आलुओं के अच्छे विकास के लिए पौधे की जड़ों के साथ मिट्टी लगाएं मिट्टी को अच्छी तरह से पौधे के आधार पर डाला जाता है जिससे गांठे अच्छे से बनने में मदद मिलती है यह काम पौधों के 15-20 सैं.मी. कद होने पर करें यदि जरूरत पड़े तो पहली बार मिट्टी लगाने के दो सप्ताह बाद दूसरी बार फिर मिट्टी लगाएं यह काम कही से हाथों के द्वारा या बड़े क्षेत्रों में मोल्ड बोर्ड या रिज़र की सहायता से किया जा सकता है
Posted by vicky
Haryana
23-10-2019 09:46 AM
Punjab
10-23-2019 09:55 AM
shri maan g HD-2967 variety da jhad 20-24 quintal per acre hai, isdi height 101 cm, eh Bhaari Halki ate Darmiyani jameen ch beej skde ho.
Posted by virendra naik
Chattisgarh
23-10-2019 09:38 AM
Punjab
11-29-2019 05:35 PM
Shrimaan ji kripya ap iski ik photo bejein taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Amit Malviya
Uttar Pradesh
23-10-2019 09:28 AM
Punjab
10-25-2019 01:43 PM
अमित जी ,मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है .... (Read More)
अमित जी ,मिर्च रेतली से भारी चिकनी हर तरह की मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे विकास के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिसमे नमी सोखने की क्षमता हो, इसके लिए अनुकूल होती है हल्की ज़मीनें भारी ज़मीनों के मुकाबले अच्छी क्वालिटी की पैदावार देती हैं मिर्च के अच्छे विकास के लिए ज़मीन की pH 6-7 अनुकूल है आप इसकी किस्मे जैसे Arka Meghana,Arka Sweta,Kashi Early, Kashi Surkh की बिजाई कर सकते है खेत को तैयार करने के लिए 2-3 बार जोताई करें और प्रत्येक जोताई के बाद डलियों को तोड़ें बिजाई से 15-20 दिन पहले रूड़ी की खाद 150-200 क्विंटल प्रति एकड़ डालकर मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें टमाटर और मिर्च की खेती एक ही या नज़दीक वाले खेत में ना करें, क्योंकि दोनों की बीमारियां एक जैसी होती हैं और इस कारण एंथ्राक्नोस और बैक्टीरिया वाली बीमारीयों के बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है मिर्च की खेती पूरे वर्ष की जाती है खरीफ की फसल के लिए मई-जून और गर्मियों की फसल के लिए फरवरी - मार्च का समय मिर्च की रोपाई के लिए उपयुक्त होता है खरीफ के मौसम में 60-75 सैं.मी. x 45 सैं.मी. और सिंचित क्षेत्रों में 60 x 60 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें नर्सरी में बीजों को 3-5 सैं.मी. की गहराई में बोयें और फिर मिट्टी से ढक दें इसकी मुख्य खेत में रोपाई की जाती है 1 मीटर चौड़े और आवश्यकतानुसार लंबे बैड बनाएं कीटाणु रहित कोकोपिट 300 किलो, 5 किलो नीम केक को मिलाए और 1-1किलो एज़ोसपीरिलियम और फासफोबैक्टीरिया भी डालें उपचार किए हुए बीज ट्रे में एक बीज प्रति सैल बोयें बीज को कोकोपिट से ढक दें और ट्रे एक- दूसरे के साथ रखें बीज अंकुरन तक इन्हें पॉलीथीन से ढक दें नर्सरी में बीज बीजने के बाद बैडों को 400 मैश नाइलोन जाल या पतले सफेद कपड़े से ढक दें यह नए पौधों को कीड़े-मकौड़े और बीमारियों के हमले से बचाता है 6 दिनों के बाद, ट्रे में लगे नए पौधों को एक एक करके जाल की छांव के नीचे बैडों में लगाएं बीज अंकुरन तक पानी देने वाले बर्तन की मदद से पानी दें बिजाई के 18 दिन बाद 19:19:19 की 0.5 % (5 ग्राम प्रति लीटर ) की स्प्रे करें किस्मों के लिए 200 ग्राम बीज और हाइब्रिड के लिए 80-100 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 50 किलो (110 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 100 किलो) और पोटाश 20 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 35 किलो) प्रति एकड़ डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा, फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा पनीरी खेत में लगाने के समय डालें रोपाई के बाद बाकी बची नाइट्रोजन दो बराबर हिस्सों में 30वें और 50वें दिन डालें सिंचित क्षेत्रों के लिए, नाइट्रोजन 84 किलो (182 किलो यूरिया), फासफोरस 24 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 150 किलो) और पोटाश 24 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 40 किलो) प्रति एकड़ डालें रोपाई से पहले 24 किलो नाइट्रोजन (यूरिया 52 किलो), फासफोरस की पूरी मात्रा और पोटाश की आधी मात्रा प्रति एकड़ में डालें बाकी बची नाइट्रोजन को पांच भागों में बांटें और पोटाश को तीन बराबर भागों में बांटें नाइट्रोजन 12 किलो (यूरिया 26 किलो) को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, 75वें, 95वें और 115वें दिन डालें और पोटाश 4 किलो को बिजाई के बाद 45वें, 60वें, और 75वें दिन डालें 45 दिनों तक गोडाई करें, कही की मदद से मिट्टी चढ़ाएं और खेत को नदीन मुक्त रखें यदि नदीनों की रोकथाम ना की जाये तो यह 70-90 % पैदावार कम कर देते हैं रोपाई से पहले मुख्य खेत में पैंडीमैथालीन 1 लीटर प्रति एकड़ में डालें यदि नदीनों की संख्या ज्यादा हो तो उनके अंकुरण के बाद सेन्कोर 800 मि.ली की स्प्रे प्रति एकड़ में करें नदीनों की रोकथाम के साथ मिट्टी में नमी को बनाए रखने के लिए मलचिंग एक प्रभावी तरीका है मिट्टी में नमी के आधार पर सर्दियों में 6-7 दिनों के अंतराल पर और गर्मियों में 4-5 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करें फूल निकलने की अवस्था सिंचाई के लिए गंभीर होती है इस अवस्था पर पानी की कमी से फल गिरते हैं जिससे फलों के उत्पादन में कमी होती है विभिन्न खोजों में यह पाया गया है, कि प्रत्येक पखवाड़े में आधा इंच सिंचाई से जड़ों में नमी ज्यादा होती है जिससे वे अधिक उपज देती हैं मिर्चों की तुड़ाई हरा रंग आने पर करें या फिर पकने के लिए पौधे पर ही रहने दें मिर्चों का पकने के बाद वाला रंग किस्म पर निर्भर करता है अधिक तुड़ाइयां लेने के लिए यूरिया 10 ग्राम प्रति लीटर और घुलनशील K @ 10 ग्राम प्रति लीटर पानी (1 प्रतिशत प्रत्येक का घोल) की स्प्रे 15 दिनों के फासले पर कटाई के समय करें पैकिंग के लिए मिर्चें पक्की और लाल रंग की होने पर तोड़ें सुखाने के लिए प्रयोग की जाने वाली मिर्चों की पूरी तरह पकने के बाद ही तुड़ाई करें धन्यवाद
Posted by Gopal Ramawat
Rajasthan
23-10-2019 09:27 AM
Punjab
10-25-2019 03:19 PM
गोपाल जी, हर एक फसल को बढ़ाने के लिए अलग उपचार है, कृपया आप यह बताये के आपने कोनसी फसल की बिजाई की है, ताकि आपको उसके हिसाब से जानकारी दी जा सके , धन्यवाद
Posted by Tarlochan singh
Punjab
23-10-2019 09:10 AM
Punjab
10-23-2019 11:55 AM
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Posted by ਗੁਰਜੰਟ ਸਿੰਘ ਹੇ੍ਰ
Punjab
23-10-2019 09:08 AM
Punjab
10-23-2019 03:01 PM
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