Experts Q&A Search

Posted by jitendrakumar
Uttar Pradesh
24-10-2019 07:48 AM
Rajasthan
10-24-2019 02:08 PM
जतिंदरा जी वैसे तो दोंनो नस्लें अच्छी है आप इनमें से साहीवाल नस्ल की गाय को रख सकते है इसका दूध भी ज्यादा होता है और इसके दूध में फैट भी ज्यादा होती है
Posted by jitendrakumar
Uttar Pradesh
24-10-2019 07:37 AM
Rajasthan
10-24-2019 02:10 PM
साईलेज तैयार करने के गड्ढा - गड्ढे का आकार, पशुओं की गिणती, हरे चारे की मिकदार और उसे जितने समय के लिए चारना है पर निर्भर करता है आमतौर पर एक घन मीटर स्थान पर 5-6 क्विंटल कटा हुआ हरा चारा संभाला जा सकता है 10 मीटर लंबा, 3 मीटर चौड़ा और 1.5 मीटर गहरा गड्ढा 350-400 क्विंटल हरा चारा संभालने की क्षमता रखता है गड्ढे की लंबाई, चौड़ा.... (Read More)
साईलेज तैयार करने के गड्ढा - गड्ढे का आकार, पशुओं की गिणती, हरे चारे की मिकदार और उसे जितने समय के लिए चारना है पर निर्भर करता है आमतौर पर एक घन मीटर स्थान पर 5-6 क्विंटल कटा हुआ हरा चारा संभाला जा सकता है 10 मीटर लंबा, 3 मीटर चौड़ा और 1.5 मीटर गहरा गड्ढा 350-400 क्विंटल हरा चारा संभालने की क्षमता रखता है गड्ढे की लंबाई, चौड़ाई पशुओं की गिणती और उनकी जरूरतों के अनुसार कम ज्यादा हो सकती है परंतु गहराई हमेशा 1.5 से 2 मीटर होनी चाहिए गड्ढा पशुओं के ढारे के नज़दीक ऊंचे स्थान पर बनाना चाहिए यह पक्का और सीमेंट से पलस्तर किया होना चाहिए आचार बनाने के ढंग • काटी हुई फसल का 5 से 8 सैं.मी. के हिसाब से कुतरा कर ले और इसे गड्ढे में भर दें • गड्ढे में कुतर कर डाले गए चारे को ट्रैक्टर या बैलों की सहायता से अच्छी तरह दबा दें और इसे ज़मीन की सतह से एक मीटर ऊंचा रखें बढ़िया आचार तैयार करने के लिए ज़रूरी है कि आधे मीटर की चारे की तह को अच्छी तरह दबाया जाये • इसे ऊपर से कड़ब या तूड़ी की 10-15 सैं.मी. मोटी तह से ढक दें फिर इसके ऊपर मिट्टी डालकर लीप दें यह ध्यान रखें कि गड्ढा पूरी तरह से बंद हो • इस काम के लिए दबे हुए चारे के ऊपर प्लास्टिक की चादन बिछाकर इसके किनारे गोबर वाल मिट्टी से भी बंद किए जा सकते हैं • इसकी पूरी निगरानी रखें कि चारे के लेप के ऊपर कोई छेद या दरार ना आये यदि ऐसा हो जाये तो इसे जल्दी बंद कर दें आचार 45 दिनों तक तैयार हो जायेगा • प्रयोग करते समय आचार के गड्ढे को एक ओर से खोलें हर रोज़ के प्रयोग अनुसार चारा निकालकर बाकी रहता चारा अच्छी तरह बंद कर दें इस तरह चारा ज्यादा देर तक ठीक रहेगा पशुओं को आचार खिलाना - हो सकता है पशु पहले कुछ दिन आचार पसंद ना करें इसलिए पहले 5-6 दिन 5-10 किलो आचार हरे चारे में मिलाकर उन्हें डालें बाद में हर पशु को 20-30 किलो आचार रोजाना दूसरे चारों के साथ मिला दिया जा सकता है
Posted by Dharminder Dharm
Punjab
24-10-2019 07:36 AM
Punjab
10-24-2019 02:11 PM
Hanji tuci uss nu Suun ton badd v Pentamix gold de skde ho, isda koi nuksan nahi hai iss vich vitamins hunde hai, tuci iss nu 10-10ml swere sham de skde ho..
Posted by Kulwinder Singh
Punjab
24-10-2019 07:34 AM
Punjab
10-24-2019 12:09 PM
श्रीमान जी HD-3226 करनाल यूनिर्वसिटी की किस्म है और इसकी उपज 23—30 क्विंटल प्रति एकड़ हो सकती है इसका बीज 35 किलो प्रति एकड़ पड़ता है इसकी लंबाई 105 सैं.मी. होती है
Posted by ਜਗਮੀਤ ਸਿਂਘ
Punjab
24-10-2019 07:27 AM
Punjab
10-24-2019 06:27 PM
jagmeet ji 12:32:16 di matra ik acre vich 50 killo da istemal kita janda hai.eh v phosphorus tat di kami nu poora kardi hai. DAP di matra ik acre de layi 55 killo da istemal kita janda hai tuc dona vicho kise da v istemal kar sakde ho.
Posted by satinderbir singh
Punjab
24-10-2019 07:22 AM
Punjab
10-24-2019 06:08 PM
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ .... (Read More)
ਹਾਜੀ ਸਤਿ ਸ਼੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਜੀ ਤੁਹਾਡੇ ਵੱਲੋਂ ਪੁੱਛੇ ਸਾਰੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦਾ ਜਵਾਬ ਦਾ ਦਿੱਤਾ ਜਾ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲਾਂ ਦੇ ਜਵਾਬ ਦੇਖਣ ਲਈ ਐਪ ਵਿੱਚ ਮੇਰੇ ਸਵਾਲ ਤੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰਕੇ ਜਾਂ ਫਿਰ ਮੇਰੀ ਪ੍ਰੋਫਾਈਲ ਦੇ ਹੇਠਾ ਆਪਣੇ ਸਵਾਲ ਜਵਾਬ ਦੇਖ ਸਕਦੇ ਹੋ ਵੀ ਜੇਕਰ ਤੁਹਾਨੂੰ ਜਵਾਬ ਸਬੰਧੀ ਕਿਸੇ ਤਰਾਂ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਆ ਰਹੀ ਹੈ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ: 97799-77641 ਤੇ ਕਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋਂ
Posted by suresh kumar
Rajasthan
24-10-2019 07:19 AM
Maharashtra
10-24-2019 06:00 PM
गाजर की जड़ों के अच्छे विकास के लिए गहरी, नर्म और चिकनी मिट्टी की जरूरत होती है बहुत ज्यादा भारी और ज्यादा नर्म मिट्टी गाजरों की फसल के लिए अच्छी नहीं मानी जाती अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की पी एच 5.5 से 7 होनी चाहिए (अच्छी पैदावार के लिए 6.5 पी एच लाभदायक होती है) Early Nantes: इस किस्म की जड़ें बेलनाकार और छोटी नोक वाली होत.... (Read More)
गाजर की जड़ों के अच्छे विकास के लिए गहरी, नर्म और चिकनी मिट्टी की जरूरत होती है बहुत ज्यादा भारी और ज्यादा नर्म मिट्टी गाजरों की फसल के लिए अच्छी नहीं मानी जाती अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी की पी एच 5.5 से 7 होनी चाहिए (अच्छी पैदावार के लिए 6.5 पी एच लाभदायक होती है) Early Nantes: इस किस्म की जड़ें बेलनाकार और छोटी नोक वाली होती है इसका गुद्दा संतरी रंग का होता है और यह किस्म 110 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 62.5-80 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Chantenay: इस किस्म के फल का निचला भाग नुकीला और ऊपर वाला भाग चौड़ा होता है यह किस्म संतरी रंग की होती है यह 110-130 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 84-94 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Yamdagni: इसकी जड़ें लम्बी और कम तीखी, नोक दरमियानी, संतरी रंग का गुद्दा होता है, और यह किस्म 80-120 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 80-105 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यूरोपियन किस्में:- European Carrot: इस किस्म की जड़ें आकर्षक बेलनाकार, दरमियानी लम्बी (18-20 सैं.मी.), नर्म और संतरी रंग की, सामन्य नोक वाली होती हैं यह किस्म केराटिन का उच्च स्त्रोत है यह किस्म 100-110 दिनों में तैयार हो जाती हैं इसकी औसतन पैदावार 94-115 क्विंटल प्रति एकड़ होती है खेत को अच्छी तरह जोत कर नदीनों से मुक्त कर लेना चाहिए और कंकड़ों को अच्छी तरह तोड़कर समतल कर लें खेत की जोताई समय 10 टन रूड़ी की खाद मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें ताजे गोबर और कम गली खाद को डालने से परहेज़ करें क्योंकि इससे जड़ें नर्म हो जाती हैं मैदानी क्षेत्रों में, अगस्त से शुरूआती अक्तूबर का समय बिजाई के लिए उपयुक्त होता है पहाड़ी क्षेत्रों में, मार्च-जुलाई में बिजाई पूरी कर लें कतार से कतार में 30 से 45 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 8-10 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें विरलन के बाद पौधे से पौधे में 4-5 सैं.मी. का फासला रखें बीज की गहराई अच्छी वृद्धि के लिए बीज को 1.5 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बिजाई के लिए गड्ढा खोदकर विधि का प्रयोग किया जाता है और बुरकाव ढंग का भी प्रयोग किया जाता है एक एकड़ में बिजाई के लिए 4-5 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले बीज को 12-24 घंटे पानी में भिगो दें इससे बीज के अंकुरन में वृद्धि होती है गाजर की फसल को 20-30 टन गली हुई रूड़ी की खाद के साथ नाइट्रोजन 20 किलो (45 किलो यूरिया), फासफोरस 16 किलो (100 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 18 किलो (30 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा की प्रति एकड़ में आवश्यकता होती है गाय का गोबर, फासफोरस, पोटाश और नाइट्रोजन की आधी मात्रा खेती की तैयारी के समय डालें बाकी बची आधी मात्रा को बिजाई के बाद 45 से 50 दिनों के बाद डालें नदीन की रोकथाम के लिए, निराई और गोडाई करते रहें और मिट्टी को हवादार बनाएं शुरूआती अवस्था में नदीनों का नियंत्रण आवश्यक है बिजाई के बाद, पैंडीमैथालीन 1 लीटर की प्रति एकड़ में स्प्रे करें नदीनाशक के समय मिट्टी में पर्याप्त नमी मौजूद होनी चाहिए बिजाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई करें यह अंकुरन में सहायता करती है उसके बाद मिट्टी की किस्म और जलवायु के आधार पर बाकी सिंचाइयां गर्मियों में 6-7 दिनों के फासले पर करें और सर्दियों के महीने में 10-12 दिनों के अंतराल पर करें आमतौर पर गाजर को तीन से चार सिंचाइयां की जरूरत होती है ज्यादा सिंचाई से परहेज़ करें क्योंकि इससे जड़ों के गलने का डर रहता है कटाई से दो या तीन हफ्ते पहले सिंचाई रोक दें इससे गाजर की मिठास और स्वाद बढ़ जाता है
Posted by Dapinder Singh
Punjab
24-10-2019 06:57 AM
Haryana
10-24-2019 05:59 PM
ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਮਿੱਟੀ ਪਰਖ਼ ਆਧਾਰ ਤੇ ਕਰੋ ਜੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਖ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਵਾਈ ਤਾਂ ਕਣਕ ਲਈ ਦਰਮਿਆਨੀ ਉਪਜਾਊ ਜ਼ਮੀਨ ਲਈ 55 ਕਿਲੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪੋਰ ਦਿਓ ਉਪਰੰਤ ਪਹਿਲੇ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ 45 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਜੇ ਬਾਰਿਸ਼ਾਂ ਕਾਰਨ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਦੇਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਦੂਜੀ ਕਿਸ਼ਤ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 55 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਜ਼ਰੂਰ ਦੇ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪੋਟ.... (Read More)
ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਮਿੱਟੀ ਪਰਖ਼ ਆਧਾਰ ਤੇ ਕਰੋ ਜੇ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਪਰਖ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਵਾਈ ਤਾਂ ਕਣਕ ਲਈ ਦਰਮਿਆਨੀ ਉਪਜਾਊ ਜ਼ਮੀਨ ਲਈ 55 ਕਿਲੋ ਡੀ ਏ ਪੀ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਬਿਜਾਈ ਸਮੇਂ ਪੋਰ ਦਿਓ ਉਪਰੰਤ ਪਹਿਲੇ ਅਤੇ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ 45 ਕਿੱਲੋ ਯੂਰੀਆ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਜੇ ਬਾਰਿਸ਼ਾਂ ਕਾਰਨ ਦੂਜੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਦੇਰੀ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਯੂਰੀਆ ਦੀ ਦੂਜੀ ਕਿਸ਼ਤ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 55 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਜ਼ਰੂਰ ਦੇ ਦੇਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਪੋਟਾਸ਼ ਤੱਤ ਦੀ ਘਾਟ ਵਾਲੀਆ ਜਮੀਨਾ ਵਿੱਚ 12 ਕਿਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ (20 ਕਿਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ ਗੁਰਦਾਸਪੁਰ, ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ, ਰੋਪੜ ਅਤੇ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਨਗਰ ਜ਼ਿਲ੍ਹਿਆਂ ਲਈ 24 ਕਿਲੋ ਪੋਟਾਸ਼ (40 ਕਿਲੋ ਮਿਊਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਪਾਓ
Posted by Dapinder Singh
Punjab
24-10-2019 06:54 AM
Punjab
10-24-2019 07:01 AM
श्रीमान जी PBW 550 किस्म को 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक बोय सकते है
Posted by bhuneshvara
Chattisgarh
24-10-2019 06:54 AM
Punjab
10-24-2019 12:28 PM
MP mein ek acre 3.63 bigha ke hisab se hota hai.dhanywad
Posted by Jagjit Hundal
Punjab
24-10-2019 06:39 AM
Maharashtra
10-24-2019 11:52 AM
ਜਗਜੀਤ ਜੀ ਤੁਸੀ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰ ਇਸਦਾ ਬੀਜ ਤੁਸੀ ਅਗਲੇ ਸਾਲ ਲਈ ਨਹੀਂ ਰੱਖ ਸਕਦੇ ਧੰਨਵਾਦ
Posted by prabhjot singh
Punjab
24-10-2019 06:18 AM
Punjab
10-24-2019 02:13 PM
tuci uss nu Amoxirum forte 4.5gm injection, Megludyne injection 20ml, CRB injetion 20ml, Vitum-H injection 5ml ate Isoflud injection 5ml lgwao, tuci Isoflud injection 1-1 din de frak nal lgwao baki 3 din lgatar lgwao..
Posted by PARMINDER SINGH BARN
Punjab
24-10-2019 05:14 AM
Punjab
11-29-2019 04:56 PM
Shirmaan ji kripya pa apna sawal visthar se puchein taki apko iske bare mei puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Manpreet singh
Punjab
24-10-2019 04:03 AM
Punjab
10-24-2019 09:11 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ ਪਹਿਲੇ ਦਿਨ Zoctum injection 2.5gm, Isoflud injection 5ml, CRB injection 20ml, Megludyne injection 20ml, vitum-H 5ml injection ਲਗਵਾਓ ਫਿਰ ਅਗਲੇ 2 ਦਿਨ ਤੁਸੀ Intacef Tezo injection 4.5gm, Megludyne injection 20ml, CRB injection 20ml, Vitum-H injection 5ml ਲਗਵਾਓ, ਸਿਰਫ ਪਹਿਲੇ ਅਤੇ ਤੀਜੇ ਦਿਨ ਹੀ Isoflud ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਜੀ ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..
Posted by bs.saini
Punjab
23-10-2019 11:17 PM
Punjab
10-24-2019 06:28 AM
श्रीमान HD-3226 नई किस्म आयी है
Posted by Gajendar Singh
Uttar Pradesh
23-10-2019 10:37 PM
Punjab
10-25-2019 09:21 AM
Gajendar ji, gehun ke liye aap beej jaise k WH 896, PBW 373, PBW 343, HD 2643, UP 2425, PBW-443, DBW-14, NW-2036, MACS-6145, HD-2824. PBW-502, PDW-291, PBW-524, HD-2864, HI-8627, Ujiar(K-9006), Gangotri(K-9162), Prasad (K-8434), Halna (K-7903), Naina (K-9533). UP 2338 ki bijai kar sakte ho, dhanywad
Posted by swinder
Punjab
23-10-2019 10:35 PM
Punjab
10-25-2019 09:39 AM
ਸਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਤੋਰੀਏ ਲਈ ਭਾਰੀ ਜ਼ਮੀਨ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ 22°C - 25°C ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੋਰੀਏ ਲਈ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਕੇ PBT 37, TL 15, TL 17 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸੀਡ ਬੈੱਡ ਤੇ ਬੀਜੀ ਫ਼ਸਲ ਵਧੀਆ ਪੁੰਗਰਦੀ ਹੈ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਦੇਸੀ ਹਲ ਨਾਲ ਦੋ ਤੋ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਅਤੇ ਹਰੇਕ ਵਾਰੀ ਵਾਹੁਣ ਪਿੱਛੋ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਬੀਜਾਂ ਦੇ ਇਕਸਾਰ ਪੁੰਗਰਣ ਲਈ ਬੈੱਡ ਨਰਮ, ਗਿੱਲੇ ਅਤੇ ਪੱਧਰੇ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ .... (Read More)
ਸਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਤੋਰੀਏ ਲਈ ਭਾਰੀ ਜ਼ਮੀਨ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ 22°C - 25°C ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੋਰੀਏ ਲਈ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਕੇ PBT 37, TL 15, TL 17 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸੀਡ ਬੈੱਡ ਤੇ ਬੀਜੀ ਫ਼ਸਲ ਵਧੀਆ ਪੁੰਗਰਦੀ ਹੈ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਦੇਸੀ ਹਲ ਨਾਲ ਦੋ ਤੋ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਅਤੇ ਹਰੇਕ ਵਾਰੀ ਵਾਹੁਣ ਪਿੱਛੋ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਬੀਜਾਂ ਦੇ ਇਕਸਾਰ ਪੁੰਗਰਣ ਲਈ ਬੈੱਡ ਨਰਮ, ਗਿੱਲੇ ਅਤੇ ਪੱਧਰੇ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਤੋਰੀਆ ਫਸਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬੀਜ 4-5 ਸੈ:ਮੀ: ਡੂੰਘੇ ਬੀਜਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਤੋਰੀਏ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿੱਚ ਸੇਂਜੂ ਹਾਲਤਾ ਵਿੱਚ 25 ਕਿਲੋ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ (55 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ) ਅਤੇ 50 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰੋ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੇਵਲ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਕਮੀ ਹੋਣ ਤੇ ਹੀ ਕਰੋ , ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Jagsir Sandhu
Punjab
23-10-2019 10:35 PM
Punjab
10-25-2019 11:36 AM
Jagsir Sandhu ji same same te kisana di mang te training chaldia hi rehdia han, is lai tusi apne najdiki KVK nal samparak kar uthe apna training form bhar ke ao, fir jida hi training di date rakhi javegi tuhanu call kar ke das dita javega, goat farming di training lai tusi Krishi Vigyan Kendra, Village Goneana, District Muktsar-152026, Punjab – India, Phone: 01633-210046 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.
Posted by Satnam Singh
Punjab
23-10-2019 10:26 PM
Rajasthan
10-24-2019 06:14 PM
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਵੋ ਉਹ ਸਹੀ ਰਹੇਗਾ ਜੀ, ਉਸ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਿਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਨ ਵਾਰੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ .... (Read More)
ਜੇਕਰ ਤੁਸੀ ਡੇਅਰੀ ਲੋਨ ਲੈਣਾ ਹੈ ਤਾਂ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਵੋ ਉਹ ਸਹੀ ਰਹੇਗਾ ਜੀ, ਉਸ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਵਿਚ ਤੁਹਾਨੂੰ ਲੋਨ ਵਾਰੇ ਸਾਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਡੇਅਰੀ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਬੋਰਡ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਸਾਰੇ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਬਣਾਏ ਗਏ ਹਨ, ਤੁਸੀ ਸਾਡੇ ਪੰਜਾਬ ਡੇਅਰੀ ਡਿਵੈਲਪਮੈਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਮੁੱਖ ਦਫਤਰ ਦੇ 0172-5027285 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰਕੇ ਆਪਣਾ ਏਰੀਆ ਦੱਸ ਕੇ ਆਪਣੇ ਨਜ਼ਦੀਕੀ ਟ੍ਰੈਨਿੰਗ ਸੈਂਟਰ ਦਾ ਪਤਾ ਪੁੱਛ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜਦੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਮਿਲ ਗਿਆ ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ ਵਿਭਾਗ ਨਾਲ ਗੱਲ ਕਰੋ ਤੇ ਲੋਨ ਲਈ ਫਾਈਲ ਤਿਆਰ ਕਰਵਾਓ, ਬਾਕੀ ਇਸ ਵੀਡੀਓ ਵਿੱਚ ਪਸ਼ੂਆਂ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਦਾ ਤਰੀਕਾ ਬਾਰੇ ਡਿਟੇਲ ਨਾਲ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਹ ਵੀਡੀਓ ਦੇਖੋ ਤੇ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਗੱਲ ਦੀ ਸਮਝ ਨਹੀ ਲੱਗੀ ਤਾਂ ਤੁਸੀ ਦੁਬਾਰਾ ਸਵਾਲ ਪੋਸਟ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੀ https://youtu.be/L9dsW7iAdgw
Posted by Bapu kumar Tiwari
Jharkhand
23-10-2019 10:16 PM
Punjab
10-24-2019 02:20 PM
Tiwari ji yadi aap meat aur dudh dono kamo ke liye goat rakhna chahte hai too aap Beetal nasal rakh skte hai, yeh nasal meat aur dudh dono kamo ke liye achi hai, yaddi aap sirf meat ke liye rakhna chahte hai too aap Barbari, Sirohi koi v nasal rakh skte hai..
Posted by madhurendra Kumar Singh
Bihar
23-10-2019 10:13 PM

?

Punjab
10-24-2019 02:21 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by lakha singh
Rajasthan
23-10-2019 10:05 PM
Punjab
10-25-2019 10:04 AM
Lakha ji, chloropyriphos deemak ki roktham ke liye istemaal kiya jata hai, agar apke keht mein deemak ka haml hai to ap iksa istemal jutai ke samay par kar sakte hai, ik bhige ke liye 625 ml chloropyriphos ko 40 kilo mitti mein mix kar ke khet mein dalein, dhanywad
Posted by swinder
Punjab
23-10-2019 10:00 PM
Punjab
10-25-2019 10:09 AM
ਸਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਤੋਰੀਏ ਲਈ ਭਾਰੀ ਜ਼ਮੀਨ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ 22°C - 25°C ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੋਰੀਏ ਲਈ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਕੇ PBT 37, TL 15, TL 17 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸੀਡ ਬੈੱਡ ਤੇ ਬੀਜੀ ਫ਼ਸਲ ਵਧੀਆ ਪੁੰਗਰਦੀ ਹੈ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਦੇਸੀ ਹਲ ਨਾਲ ਦੋ ਤੋ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਅਤੇ ਹਰੇਕ ਵਾਰੀ ਵਾਹੁਣ ਪਿੱਛੋ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਬੀਜਾਂ ਦੇ ਇਕਸਾਰ ਪੁੰਗਰਣ ਲਈ ਬੈੱਡ ਨਰਮ, ਗਿੱਲੇ ਅਤੇ ਪੱਧਰੇ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਤੋਰੀਆ.... (Read More)
ਸਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਤੋਰੀਏ ਲਈ ਭਾਰੀ ਜ਼ਮੀਨ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਅਤੇ ਤਾਪਮਾਨ 22°C - 25°C ਹੋਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਤੋਰੀਏ ਲਈ ਕਿਸਮਾਂ ਜਿਵੇ ਕੇ PBT 37, TL 15, TL 17 ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਸੀਡ ਬੈੱਡ ਤੇ ਬੀਜੀ ਫ਼ਸਲ ਵਧੀਆ ਪੁੰਗਰਦੀ ਹੈ ਜਮੀਨ ਨੂੰ ਦੇਸੀ ਹਲ ਨਾਲ ਦੋ ਤੋ ਤਿੰਨ ਵਾਰ ਵਾਹੋ ਅਤੇ ਹਰੇਕ ਵਾਰੀ ਵਾਹੁਣ ਪਿੱਛੋ ਸੁਹਾਗਾ ਫੇਰੋ ਬੀਜਾਂ ਦੇ ਇਕਸਾਰ ਪੁੰਗਰਣ ਲਈ ਬੈੱਡ ਨਰਮ, ਗਿੱਲੇ ਅਤੇ ਪੱਧਰੇ ਹੋਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਤੋਰੀਆ ਫਸਲ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਸਤੰਬਰ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਪੰਦਰਵਾੜੇ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਤੱਕ ਕਰ ਲੈਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਬੀਜ 4-5 ਸੈ:ਮੀ: ਡੂੰਘੇ ਬੀਜਣੇ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ ਤੋਰੀਏ ਦੀ ਫ਼ਸਲ ਵਿੱਚ ਸੇਂਜੂ ਹਾਲਤਾ ਵਿੱਚ 25 ਕਿਲੋ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ (55 ਕਿਲੋ ਯੂਰੀਆ ) ਅਤੇ 50 ਕਿਲੋ ਸਿੰਗਲ ਸੁਪਰ ਫਾਸਫੇਟ ਦੀ ਵਰਤੋ ਕਰੋ ਪੋਟਾਸ਼ੀਅਮ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੇਵਲ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਕਮੀ ਹੋਣ ਤੇ ਹੀ ਕਰੋ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2 ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ, ਜਦੋਂ ਨਦੀਨ ਘੱਟ ਹੋਣ 2-3 ਗੋਡੀਆਂ ਕਰੋ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਰਾਉਣੀ ਤੋ ਬਾਅਦ ਕਰੋ ਵਧੀਆ ਫ਼ਸਲ ਲੈਣ ਲਈ ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤਿੰਨ ਹਫਤਿਆਂ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਤਿੰਨ ਸਿੰਚਾਈਆਂ ਦੀ ਜਰੂਰਤ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਮੀਨ ਵਿੱਚ ਨਮੀ ਨੂੰ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਜੈਵਿਕ ਖਾਦਾਂ ਦੀ ਵਧੇਰੇ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਫ਼ਸਲ ਪੱਕਣ ਲਈ 110-140 ਦਿਨਾਂ ਦਾ ਸਮਾਂ ਲੈਂਦੀ ਹੈ ਫ਼ਸਲ ਦੀ ਵਾਢੀ ਫਲੀਆਂ ਪੀਲੀਆਂ ਅਤੇ ਬੀਜ ਸਖਤ ਹੋਣ ਤੇ ਕਰੋ ਬੀਜਾਂ ਦੇ ਝੜਨ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਲਈ ਵਾਢੀ ਸਵੇਰ ਵੇਲੇ ਕਰੋ ਦਾਤੀ ਦੀ ਮਦਦ ਨਾਲ ਬੂਟਿਆਂ ਨੂੰ ਜਮੀਨ ਦੇ ਨੇੜਿਉ ਕੱਟੋ l ਫਿਰ 7-10 ਦਿਨਾਂ ਲਈ ਫਸਲ ਨੂੰ ਸੁੱਕਣ ਲਈ ਰੱਖੋ ਅਤੇ ਸੁੱਕਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਗਹਾਈ ਕਰੋ , ਧੰਨਵਾਦ
Posted by gursharan sandhu
Punjab
23-10-2019 09:56 PM
Punjab
10-24-2019 06:42 AM
Posted by amit dubey
Jharkhand
23-10-2019 09:43 PM
Punjab
10-25-2019 10:42 AM
अमित जी, बैंगन की किस्मे जैसे कि Pusa Purple Long: यह जल्दी पकने वाली किस्म है सर्दियों में यह 70-80 दिनों में और गर्मियों में यह 100-110 दिनों में पक जाती है इस किस्म के बूटे दरमियाने कद के और फल लंबे और जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 130 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Purple Cluster: यह किस्म आई. सी. ए. आर. नई दिल्ली द्वारा बनाई गई है.... (Read More)
अमित जी, बैंगन की किस्मे जैसे कि Pusa Purple Long: यह जल्दी पकने वाली किस्म है सर्दियों में यह 70-80 दिनों में और गर्मियों में यह 100-110 दिनों में पक जाती है इस किस्म के बूटे दरमियाने कद के और फल लंबे और जामुनी रंग के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 130 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Purple Cluster: यह किस्म आई. सी. ए. आर. नई दिल्ली द्वारा बनाई गई है यह दरमियाने समय की किस्म है इसके फल गहरे जामुनी रंग और गुच्छे में होते हैं यह किस्म झुलस रोग को सहने योग्य होती है Pusa Hybrid 5: इस किस्म के फल लंबे और गहरे जामुनी रंग के होते है यह किस्म 80-85 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 204 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Pusa Purple Round: यह किस्म पत्ते, शाख और फल के छोटे कीट की रोधक किस्म है Pant Rituraj: इस किस्म के फल गोल और आकर्षित जामुनी रंग के होते हैं और इनमें बीज की मात्रा भी कम होती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है, की बिजाई कर सकते है, धन्यवाद
Posted by Sewakgill
Punjab
23-10-2019 09:40 PM
Punjab
10-24-2019 06:32 AM
श्रीमान जी गेहूं की बिजाई अक्तूबर से नवंबर तक कर सकते है
Posted by taranjeet Singh
Punjab
23-10-2019 09:40 PM
Rajasthan
10-24-2019 02:22 PM
Today, a home-remedy is being shared with you that how a balanced feed can also be prepared at home. To make balanced feed of 100 Kg there are some essential ingredients such as 25 kg of grains (Sorghum, Pearl millet (winter), wheat, barley (summer) one of these), Pulses Choker 20 kg (Moong Bean Choker, Beans Choker ( winter), Red Lentils Choker, Pigeon pea lentils (one of them) , 25 kg (paddy straw), fiber covering 15 kg (wheat, choker, Chickpeas coverings, pea coverings one of them), Neem Cake 15 kg (mustard, binola or soya (one of them), 250 gm sweet soda, 1 kg of salt, jaggery 1 kg, 1 kg turmeric (in winter), mix everything well. This feed is very beneficial for the cattles.
Posted by taranjeet Singh
Punjab
23-10-2019 09:35 PM
Rajasthan
10-24-2019 02:23 PM
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿ.... (Read More)
ਸੰਤੁਲਿਤ ਖੁਰਾਕ 100 ਕਿਲੋ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲੋੜੀਂਦੀ ਸਮੱਗਰੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਜਿਵੇਂ 25 ਕਿਲੋ ਅਨਾਜ ( ਜਵਾਰ, ਬਾਜਰੀ (ਸਰਦੀਆਂ) , ਕਣਕ, ਜੌਂ ( ਗਰਮੀਆ) ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ ) , ਦਾਲ ਚੂਰੀ 20 ਕਿਲੋ( ਮੂੰਗੀ ਚੂਰੀ, ਮਾਂਹ ਚੂਰੀ, ਮੋਠ ਚੂਰੀ ( ਕੇਵਲ ਸਰਦੀਆਂ ਲਈ) , ਮਸੁਰ ਚੂਰੀ ,ਅਰਹਰ, (ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ ) , DOC 25 ਕਿਲੋ ( ਚੌਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ) , ਫਾਈਬਰ ਛਿਲਕਾ 15 ਕਿਲੋ (ਕਣਕ, ਚੌਕਰ, ਚਨਾ ਛਿਲਕਾ, ਮਟਰ ਛਿਲਕਾ, ਇਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਇੱਕ) , ਖਲ਼ 15 ਕਿਲੋ(ਸਰੋਂ, ਬਿਨੌਲਾ ਜਾਂ ਸੋਇਆ (ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚੋ ਕੋਈ ਇੱਕ) , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 250 ਗ੍ਰਾਮ, 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ, ਗੁੜ 1 ਕਿਲੋ, 1 ਕਿੱਲੋ ਹਲਦੀ (ਸਰਦੀਆ ਵਿੱਚ ) ਇਹ ਨੂੰ ਰਲਾ ਲਵੋ ਇਹ ਫੀਡ ਪਸ਼ੂ ਲਈ ਬਹੁਤ ਲਾਹੇਵੰਦ ਹੁੰਦੀ ਹੈ.
Posted by s k gupfa
Madhya Pradesh
23-10-2019 09:25 PM
Punjab
10-24-2019 06:31 AM
shri maan g keede ki roktham ke liye coragen,Barazide,Proclaim ki spray kr skte ho..
Posted by Manjeet Singh
Uttarakhand
23-10-2019 09:25 PM
Punjab
10-24-2019 06:44 PM
Manjeet Singh ji mitti ki janch ke lia aap G. B. Pant University of Agriculture and Technology, Pantnagar, District-U.S.Nagar (Uttarakhand) Phone (O): 05944-233336 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Chandra Bhan singh
Uttar Pradesh
23-10-2019 09:16 PM
Punjab
10-25-2019 10:32 AM
Chandra ji, aap makka ki kheti mein bandgobhi ki bijai kar sakte hai, iske liye apko med banani pdegi, ik med par bandgobhi ka beej boye or agli med par makka ka beej boyein aisa karne se aap inki intercropping kar sakte hai, dhanywad
Posted by ARUN KUMAR
Punjab
23-10-2019 09:07 PM
Punjab
11-23-2019 11:40 PM
अरुण कुमार जी नस्ल सुधार में पशु पालन डिपार्टमेंट पंजाब और GADVASU काफी अच्छा काम कर रहे है जी. हम भी कोशिश करेंगे कि डिपार्टमेंट के इन आधारों की गतिविधि के ऊपर वीडियो बनाया जाये जी
Posted by phool chand
Rajasthan
23-10-2019 09:03 PM
Punjab
10-25-2019 11:29 AM
Phool ji, nimbu ki growth ke liye aap vermicompost @ 4-5 kilo agar buta 1-3 saal ka hai, or 7-8 kilo agar buta 4-5 saal ka hai, prati podhe ke hisaab se dalein, dhanyawad
Posted by shiv shankar joshi
Punjab
23-10-2019 08:52 PM
Rajasthan
10-24-2019 06:24 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Bhawan Preet ਸਿੰਘ
Punjab
23-10-2019 08:43 PM
Punjab
10-23-2019 08:49 PM
Hd 3086 bijo
Posted by gagan faridkot
Punjab
23-10-2019 08:42 PM
Punjab
10-24-2019 02:26 PM
tuci uss nu Broton liquid 50ml rojana, Kol liquid 500ml ek varr vich deo ate 1 ghnte badd Biotrim tablet 2 golia rojana deo, iss nal frak paa jawega..
Posted by Hariom Patidar
Madhya Pradesh
23-10-2019 08:40 PM
Punjab
12-03-2019 04:24 PM
श्रीमान जी, मंडी के भाव सरकार की तरफ से नियुक्त किये जाते हैं, इसके बड़े में अभी नहीं बताया जा सकता धन्यवाद
Posted by rahul
Rajasthan
23-10-2019 08:37 PM
Maharashtra
10-24-2019 06:59 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें
Posted by अमित कुमार सिंह
Uttar Pradesh
23-10-2019 08:36 PM
Punjab
10-24-2019 06:26 AM
Shri maan g yeh haldi rog hai iski roktham ke liye koside@500 gm per acre 120ltr pani mein spray kr skte ho.