
Posted by bharat singh
Uttar Pradesh
24-10-2019 07:43 PM
उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल प.... (Read More)
उसे हीट में आने पर उसकी बच्चेदानी में Lixin-iu तीन दिन भरवायें और उसे Agrimin पाउडर 100 ग्राम रोजाना दें और Concimax bolus रोजाना एक गोली दें और 14 दिन तक देते रहें फिर अगली बार हीट में आने पर उसे टीका भरवायें इस तरह वो गाभिन हो जाएगी और जो भी अंदर इंफेक्शन होगा वो खत्म हो जाएगा, यदि आप कोई ओर जानकारी लेना चाहते है तो आप दोबारा सवाल पूछ सकते हैं
Posted by रामचन्द्र राजपूत
Uttar Pradesh
24-10-2019 07:41 PM
Ram chander ji solar pump ke bare me puri jankari ke lia aap Jain Irrigation Systems Ltd. Phone: 011 4174 8412 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by bharat singh
Uttar Pradesh
24-10-2019 07:40 PM
Bharat ji, kripya aap isme NPK 13.0.45 @ 10 g prati liter pani ke hisab se spray karein, isse phool jhadne band ho jayege, dhanywad
Posted by रामचन्द्र राजपूत
Uttar Pradesh
24-10-2019 07:37 PM
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का .... (Read More)
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना पड़ेगा किसानों को इसका लाभ पाने के लिए सबसे पहले कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, प्रशासन उसका वेरीफिकेशन करेगा रेवेन्यू रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर देना होगा कोई कन्फ्यूजन है तो अपने लेखपाल से संपर्क कर सकते हैं लेखपाल ही यह वेरीफाई करता है कि आप किसान हैं अगर लेखपाल और कृषि अधिकारी किसी असली किसान को इसका लाभ देने में आनाकानी कर रहे हैं तो सोमवार से शुक्रवार तक पीएम-किसान हेल्प डेस्क (PM-KISAN Help Desk) के ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011-23381092 (Direct HelpLine) पर फोन करें आॉनलाइन आवेदन करते समय किसान को अपना आधार कार्ड नंबर, मतदाता पहचान पत्र और बैंक से संबंधित यानी कि बैंक खाता संख्या पास होना जरूरी है इसके अलावा अगर किसान एससी/एसटी वर्ग से है तो उसके लिए उसे सर्टिफिकेट देना होगा इसके बाद आपको अपनी जानकारी देने होगी जैसे कि पिता का नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, खेती की जानकारी जैसे- खेत का आकार, कितनी जमीन है आदि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का ऑफलाइन आवेदन करने के लिए किसानों को ग्राम पंचायत या फिर पास के सीएससी सेंटर जाना होगा वहां पर जाने के बाग आपको फार्म दिए जाएंगे, जिन्हें आपको भरना होगा कैसे पता चलेगा कि आपका नाम रजिस्टर हो चुका हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फार्म भरने के बाद जो भी लाभकारी किसान हैं, उनके नामों की लिस्ट पंचायत पर लगाई जाएगी इसके अलावा जिन किसानों को उसका लाभ मिलना है उनके मोबाइल पर भी एसएसएस भेजा जाएगा.

Posted by narayan Ram
Jharkhand
24-10-2019 07:31 PM
Narayan ji tamatar ki 3 nayi kisme aayi hai, greenhouse ya polyhouse ke liye swran anmol, Swarna Kanchan processing karne ke liye or normal tareeke se bijai karne ke liye aap Swarna Ratan ka upyog kar sakte hai, dhanyawad

Posted by lalit patel
Rajasthan
24-10-2019 07:31 PM
Lalit patel ji BMC lene or is ke bare me puri jankari lene ke lia aap Chadha Sales Pvt. Ltd. Phone : (11)-23944840/23922290 /23920100/23926277 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Randeep Singh
Punjab
24-10-2019 07:25 PM
उसे आप Lactomood होमियोपेथिक दवा की 10—10 बूंदे दिन में तीन बार दें और leptaden tablet 10-10 सुबह शाम और Milkout पाउडर 1—1 चम्मच सुबह शाम और Anabolite liquid 100ml रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा

Posted by sukhwinder singh
Punjab
24-10-2019 07:23 PM
25 किलो डीएपी और 10 किलो बीज का छिड़काव दें और 50 किलो डीएपी और 40 किलो बीज की बिजाई करें 25 किलो पोटाश डालें यदि पानी घटिया है तो 3 किलो सल्फर डालें

Posted by ਜੱਸ
Punjab
24-10-2019 07:22 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ 0.2% metalaxyl MZ-72 + 0.5% trichoderma viride ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰੋ ਅਤੇ 50-75 cm ਜਮੀਨ ਤੋਂ ਉਪਰ ਬੂਟੇ ਉਪਰ Bordeaux mixture ਸਾਲ ਚ ਇਕ ਵਾਰ ਜਰੂਰ ਲਗਾਓ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by deepakchouhan
Madhya Pradesh
24-10-2019 07:16 PM
Deepak ji, yeh nitrogen tatv ki kami ki vajah se hua hai, aap isme NPK 19.19.19 @ 10 g prati litre mein milakar spray karein, dhanywad
Posted by Buta Singh
Punjab
24-10-2019 07:13 PM
ਮਸ਼ਰੂਮ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਈ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਆਪਣਾ ਨਾਮ ਲਿਖਵਾ ਕੇ ਆਓ ਜੀ ਤੇ ਜਾਂ pau ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਪਮੇਤੀ ਅਦਾਰੇ ਵੱਲੋਂ 4-9 ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਮੁਫਤ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲਗਵਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਤੁਸੀ ਜੇਕਰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਲੈਣੀ ਹੈ ਤਾਂ ਆਪਣਾ ਅਧਾਰ ਕਾਰਡ ਤੇ ਨੰਬਰ ਲਿਖ ਕੇ ਇਸ ਦੱਸੇ ਹੋਏ ਨੰਬਰ 8146067700 ਤੇ ਵੱਟਸ ਅੱਪ ਕਰ ਦਿਓ ਜੀ

Posted by Rajan Dada
Uttar Pradesh
24-10-2019 07:11 PM
निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में बोन के लिए उपयुक्त हैं: Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ हो.... (Read More)
निम्नलिखित किस्में उत्तर प्रदेश में बोन के लिए उपयुक्त हैं: Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है यह पिछेती और अगेती झुलस रोग और पत्ता मरोड़ रोग की रोधक है
Kufri Badshah: इसके पौधे लंबे और 4-5 तने प्रति पौधा होते हैं इसके आलू बड़े से दरमियाने, गोलाकार और हल्के सफेद रंग के होते हैं इसके आलू स्वाद होते हैं यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है यह किस्म कोहरे को सहनेयोग्य है और पिछेती, अगेती झुलस रोग की प्रतिरोधक है
Kufri Sutlaj: इस किस्म के पौधे घने और मोटे तने वाले होते हैं पत्ते हल्के हरे रंग के होते हैं आलू बड़े आकार के, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 90-100 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म खाने के लिए अच्छी और स्वादिष्ट होती है इन आलुओं को पकाना आसान होता है यह नए उत्पाद बनाने के लिए उचित किस्म नहीं है
Kufri Anand: यह मध्यम समय की किस्म है, जो कि पिछेते झुलस रोग और कोहरे के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 140-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kufri Pukhraj: इसके पौधे लंबे और तने संख्या में कम और दरमियाने मोटे होते हैं आलू सफेद, बड़े, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 70-90 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 130 क्विंटल प्रति एकड़ है यह अगेती झुलस रोग की रोधक किस्म है और नए उत्पाद बनाने के लिए उचित नहीं है
Kufri Chipsona 2: इस किस्म के पौधे दरमियाने कद के और कम तनों वाले होते हैं इसके पत्ते गहरे हरे और फूल सफेद रंग के होते हैं आलू सफेद, दरमियाने आकार के, गोलाकार, अंडाकार और नर्म होते हैं इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह पिछेती झुलस रोग की रोधक किस्म है यह किस्म चिपस और फरैंच फ्राइज़ बनाने के लिए उचित है
Kufri Chipsona 1: यह किस्म 90-100 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है
Kufri Chandramukhi: इस किस्म के आलू बड़े अंडाकार आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 10 टन प्रति एकड़ होती है यह किस्म 80-90 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है
Kufri Jyoti: यह प्रोसेसिंग के लिए उपयुक्त किस्म है इसकी औसतन पैदावार 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है
Kufri Ashoka: यह किस्म CPIU, शिमला द्वारा विकसित की गई है और बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बंगाल में खेती के लिए उपयुक्त किस्म है यह लंबे कद की और मोटे तने वाली किस्म है यह किस्म 70-80 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसके आलू बड़े, गोलाकार, सफेद और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह पिछेती झुलस रोग को सहने योग्य किस्म है

Posted by Prem prakash sharma
Rajasthan
24-10-2019 07:07 PM
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई कर.... (Read More)
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आप इसकी किस्मे जैसे Washington Coorg Honey Pusa Delicious Pusa Dwarf की बिजाई कर सकते है आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं एक एकड़ में 104 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें कम बारिश वाले क्षेत्रों में जून - जुलाई के महीने में बिजाई की जानी चाहिए और तराई और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में सितंबर महीने में बिजाई की जानी चाहिए और क्षेत्र जहां सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध हो वहां पर फरवरी - मार्च के महीने में बिजाई की जानी चाहिए आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 10 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 0.8 किलो प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं तुड़ाई एक एक फल को हाथों से तोड़कर की जाती है फलों को सुबह के समय तोड़ें धन्यवाद

Posted by Rajan Dada
Uttar Pradesh
24-10-2019 07:07 PM
राजन जी, आलू की किस्मे जैसे कि Kufri Bahar, Kufri Badshah, Kufri Sutlaj, Kufri Anand, Kufri Pukhraj, Kufri Chipsona 2, Kufri Chipsona 1, Kufri Chandramukhi, Kufri Jyoti, Kufri Ashoka, Kufri Lalima की बुवाई कर सकते है

Posted by ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
24-10-2019 07:05 PM
श्रीमान जी आप HD-3086 किस्म की बिजाई कर सकते है इससे उपज अच्छी होती है

Posted by Prem prakash sharma
Rajasthan
24-10-2019 07:05 PM
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई कर.... (Read More)
पपीता को मिट्टी की व्यापक किस्मों में उगाया जा सकता है अच्छे निकास वाली पहाड़ी मिट्टी पपीते की खेती के लिए उपयुक्त होती है रेतली और भारी मिट्टी में इसकी खेती ना करें पपीते की खेती के लिए मिट्टी की पी एच 6.5-7.0 होनी चाहिए पपीते की खेती के लिए नदीन रहित भूमि का प्रयोग करें मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें आप इसकी किस्मे जैसे Washington Coorg Honey Pusa Delicious Pusa Dwarf की बिजाई कर सकते है आखिरी जोताई के समय अच्छी तरह से गली हुई रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर मिट्टी में अच्छी तरह मिलाकर डालें सिफारिश किए गए फासलों पर 1 मीटर x 1 मीटर x 1 मीटर आकार के गड्ढे खोदें गड्ढों को मिट्टी और रूड़ी की खाद या गाय के गले हुए गोबर से भरें प्रयोग की गई किस्म के आधार पर प्रत्येक गड्ढे पर 2-4 नए पौधों की रोपाई करें रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करें हवा से बचाव के लिए खूंटा लगाएं एक एकड़ में 104 ग्राम बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें कम बारिश वाले क्षेत्रों में जून - जुलाई के महीने में बिजाई की जानी चाहिए और तराई और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों में सितंबर महीने में बिजाई की जानी चाहिए और क्षेत्र जहां सिंचाई की सुविधाएं उपलब्ध हो वहां पर फरवरी - मार्च के महीने में बिजाई की जानी चाहिए आमतौर पर 1.8 मीटर x 1.8 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है उच्च घनता की रोपाई के लिए 1.5 मीटर x 1.5 मीटर फासले का प्रयोग किया जाता है नर्सरी में बीज को 10 सैं.मी. की गहराई पर बोयें बीजो की खेत में सीधे बिजाई या मुख्य खेत में नए पौधों की रोपाई की जाती है बीजों को 150 गेज़ की मोटाई वाले, 25 x 10 सैं.मी. के पॉलीथीन बैग में बोयें पानी के उचित निकास के लिए पॉलीथीन बैग के निचले हिस्से में 1 मि.मी. अर्द्धव्यास का छेद करें उसके बाद पॉलीथीन बैग में समान अनुपात में रूड़ी की खाद, मिट्टी और रेत डालें बिजाई से पहले बीजों का उपचार करें रोपाई के लिए 6-7 सप्ताह के पौधों का प्रयोग करें पौधे की प्रौढ़ अवस्था के दौरान नदीनों की रोकथाम जरूरी होती है नदीनों की तीव्रता के आधार पर, नियमित और हल्की गोडाई करें फ्लूक्लोरालिन या बूटाक्लोर 0.8 किलो प्रति एकड़ में डालें नदीनों की रोकथाम के लिए मलचिंग भी एक प्रभावी तरीका है पौधों की रोपाई के कुछ दिनों बाद प्लास्टिक शीट या धान की पराली या गन्ने के बचे कुचे को मलच के रूप में डालें मुख्यत: फल के पूरा आकार लेने और हरे से हल्का पीला रंग होने पर तुड़ाई की जाती है पहली तुड़ाई रोपाई के 14-15 महीनों के बाद की जा सकती है 4-5 तुड़ाइयां प्रति मौसम की जा सकती हैं तुड़ाई एक एक फल को हाथों से तोड़कर की जाती है फलों को सुबह के समय तोड़ें धन्यवाद
Posted by Lachhma singh Bhullar PWD
Punjab
24-10-2019 07:03 PM
Bhullar ji Punjab vich 1121 da rate 2890 to 3300 de lagbhag chal reha hai, Thankyou.

Posted by ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
24-10-2019 07:02 PM
ਇਹ ਫੁੱਲ ਆਮ ਤੋਰ ਤੇ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਨੂੰ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਵਧੀਆ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਉਪਜਾਊ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਉਗਦੀ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਵਧੀਆ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ, ਇਹ ਫਸਲ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸਥਿਰ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਸਕਦੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ pH 6.5 ਤੋਂ 7.5 ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੇਜ਼ਾਬੀ ਅਤੇ ਖਾਰੀ ਮਿੱਟੀ ਇਸ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਅਨੁਕੂ.... (Read More)
ਇਹ ਫੁੱਲ ਆਮ ਤੋਰ ਤੇ ਭਾਰਤ ਵਿੱਚ ਪਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸਨੂੰ ਕਈ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਉਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਇਹ ਵਧੀਆ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਉਪਜਾਊ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਉਗਦੀ ਹੈ ਮਿੱਟੀ ਵਧੀਆ ਨਿਕਾਸ ਵਾਲੀ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ, ਇਹ ਫਸਲ ਪਾਣੀ ਨੂੰ ਰੋਕਣ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਸਥਿਰ ਨਹੀਂ ਰਹਿ ਸਕਦੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ pH 6.5 ਤੋਂ 7.5 ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤੇਜ਼ਾਬੀ ਅਤੇ ਖਾਰੀ ਮਿੱਟੀ ਇਸ ਦੀ ਖੇਤੀ ਲਈ ਅਨੁਕੂਲ ਨਹੀਂ ਹੈ ਫਰੈਂਚ ਗੇਂਦੇ ਦੀ ਕਿਸਮ ਹਲਕੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਜਦ ਕਿ ਅਫਰੀਕਨ ਗੇਂਦੇ ਦੀ ਕਿਸਮ ਜਿਆਦਾ ਜੈਵਿਕ ਖਾਦ ਵਾਲੀ ਮਿੱਟੀ ਵਿੱਚ ਵਿਕਾਸ ਕਰਦੀ ਹੈ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਕਿਸਮਾਂ:-African Marigold,French Marigold,Pusa Basanti Gainda,Pusa Narangi Gainda ਖੇਤ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਨੂੰ ਭੁਰਭੂਰਾ ਹੋਣ ਤੱਕ ਖੇਤ ਨੂੰ ਜੋਤੋ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਉਪਜਾੳ ਸ਼ਕਤੀ ਵਧਾੳਣ ਲਈ ਆਖਿਰ ਵਿੱਚ ਖੇਤ ਜੋਤਣ ਦੇ ਸਮੇਂ 250 ਕੁਇੰਟਲ ਰੂੜੀ ਦੀ ਖਾਦ ਅਤੇ ਗਾਂ ਦਾ ਗੋਬਰ ਮਿੱਟੀ ਚ ਮਿਲਾਓ ਬਿਜਾਈ ਦਾ ਸਮਾਂ:-ਗੇਂਦੇ ਦੀ ਬਿਜਾਈ ਇੱਕ ਸਾਲ ਵਿੱਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਸਮੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾ ਸਕਦੀ ਹੈ ਮੀਂਹ ਦੇ ਮੋਸਮ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਜੂਨ ਤੋਂ ਅੱਧ ਜੁਲਾਈ ਵਿੱਚ ਕਰੋਂ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ ਇਸਦੀ ਬਿਜਾਈ ਅੱਧ ਸੰਤਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ ਅਕਤੂਬਰ ਵਿੱਚ ਪੂਰੀ ਕਰ ਲਓ ਫਾਸਲਾ:-ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡ 3x1 ਮੀਟਰ ਆਕਾਰ ਦੇ ਤਿਆਰ ਕਰੋਂ ਗਾਂ ਦਾ ਗੋਬਰ ਮਿਲਾਓ ਬੈੱਡਾ ਨੂੰ ਪਾਣੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਨਮੀ ਬਣਾਏ ਰੱਖੋ ਸੁੱਕੇ ਫੁੱਲਾਂ ਦਾ ਚੂਰਾ ਕਰਕੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਕਤਾਰਾਂ ਅਤੇ ਬੈੱਡਾ ਤੇ ਛਿੱੜਕ ਦਿਓ ਜਦੋਂ ਪੌਦਿਆਂ ਦਾ ਕੱਦ 10-15 ਸੈ.ਮੀ. ਹੋ ਜਾਵੇਂ ਤਾਂ ਇਹ ਪਨੀਰੀ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੁੰਦੇ ਹਨ ਫਰੈਂਚ ਕਿਸਮ ਨੂੰ 35x35 ਸੈ.ਮੀ. ਅਤੇ ਅਫਰੀਕੀ ਕਿਸਮ ਨੂੰ 45x45 ਸੈ.ਮੀ, ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ ਪਨੀਰੀ ਲਾਉ ਨਰਸਰੀ ਬੈੱਡਾ ਤੇ ਬੀਜਾਂ ਦਾ ਛਿੱੜਕਾਅ ਕਰੋਂ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਲਈ ਪਨੀਰੀ ਵਾਲੇ ਢੰਗ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਬੀਜ ਦੀ ਮਾਤਰਾ:-ਇੱਕ ਏਕੜ ਖੇਤ ਵਿੱਚ 600 ਗ੍ਰਾਮ ਤੋਂ 800 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜਾਂ ਦੀ ਲੌੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਦੋ ਫਸਲ 30-45 ਦਿਨ ਦੀ ਹੋ ਜਾਵੇਂ, ਤਾਂ ਇਸਨੂੰ ਸਿਰੇ ਤੋਂ ਕੱਟ ਦਿਓ ਇਸ ਨਾਲ ਪੌਦੇ ਨੂੰ ਝਾੜੀਦਾਰ ਅਤੇ ਸੰਘਣਾ ਹੋਣ ਚ ਮਦਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ, ਇਸ ਨਾਲ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਕੁਆਲਿਟੀ ਅਤੇ ਵਧੀਆ ਆਕਾਰ ਮਿਲਦਾ ਹੈ ਬਿਜਾਈ ਦੇ ਪਹਿਲੇ ਬੀਜਾਂ ਨੂੰ ਏਜ਼ੋਸਪੀਰਿਅਮ 200 ਗ੍ਰਾਮ ਨੂੰ 50 ਮਿ.ਲੀ. ਚਾਵਲ ਦੇ ਦਲੀਏ ਵਿੱਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਸੋਧੋ ਸ਼ੁਰਆਤ ਵਿੱਚ ਖਰਾਕ ਦੇ ਤੋਰ ਤੇ ਵਧੀਆ ਵਿਕਾਸ ਲਈ ਨਾਈਟ੍ਰੋਜਨ 32 ਕਿਲੋ (ਯੂਰੀਆ 70 ਕਿਲੋ), ਫਾਸਫੋਰਸ 16 ਕਿਲੋ (ਐਸ ਐਸ ਪੀ 100 ਕਿਲੋ ), ਪੋਟਾਸ਼ 32 ਕਿਲੋ (ਮਿਉਰੇਟ ਆਫ ਪੋਟਾਸ਼ 53 ਕਿਲੋ) ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਵਿੱਚ ਪਾਓ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਕਿਸਮ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਖਾਦ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਬਦਲ ਦਿਓ ਠੀਕ ਖੁਰਾਕ ਦੇਣ ਲਈ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਜਾਂਚ ਕਰਵਾਓ ਅਤੇ ਉਸ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਖੁਰਾਕ ਦਿਓ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਸੰਖਿਆ ਦੇ ਅਨੁਸਾਰ ਗੋਡੀ ਕਰੋ ਖੇਤ ਵਿੱਚ ਪਨੀਰੀ ਲਗਾਉਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਰੰਤ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋਂ ਕਲੀ ਬਣਨ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਕਟਾਈ ਤੱਕ ਦੀ ਸਥਿਤੀ ਸਿੰਚਾਈ ਲਈ ਬਹੁਤ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਜੂਨ ਦੇ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ 4-5 ਦਿਨਾਂ ਦੇ ਅੰਤਰਾਲ ਤੇ ਲਗਾਤਾਰ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰਨਾ ਜਰੂਰੀ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਕਿਸਮ ਦੇ ਆਧਾਰ ਤੇ ਗੇਂਦਾ 2 ਤੋਂ 2.5 ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਫਰੈਂਚ ਗੇਂਦੇ ਦੀ ਕਿਸਮ 1.5 ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਕਟਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਦਕਿ ਅਫਰੀਕੀ ਗੇਂਦੇ ਦੀ ਕਿਸਮ ਦੋ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਤਿਆਰ ਹੋ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਜਦੋਂ ਗੇਂਦੇ ਦੇ ਫੁੱਲ ਪੂਰਾ ਆਕਾਰ ਲੈ ਲੈਣ ਤਾਂ ਉਸ ਸਮੇਂ ਇਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਤੋੜ ਲਓ ਤੁੜਾਈ ਸਵੇਰੇ ਅਤੇ ਸ਼ਾਮ ਦੇ ਸਮੇਂ ਕਰੋਂ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਸਿੰਚਾਈ ਕਰੋਂ, ਇਸ ਨਾਲ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਕੁਆਲਿਟੀ ਲੰਬੇ ਸਮੇਂ ਤੱਕ ਬਣੀ ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ ਕਟਾਈ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਫੁੱਲਾਂ ਨੂੰ ਬਾਂਸ ਦੀ ਟੋਕਰੀ ਜਾਂ ਬੋਰੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪੈਕ ਕਰਕੇ ਲੋਕਲ ਜਾਂ ਲੰਬੀ ਦੂਰੀ ਵਾਲੇ ਸਥਾਨਾਂ ਤੇ ਭੇਜ ਦਿਓ ਵਰਖਾ ਦੇ ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਤਾਜ਼ੇ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਪੈਦਾਵਾਰ 80-90 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਅਤੇ ਸਰਦੀਆਂ ਵਿੱਚ 60-70 ਕੁਇੰਟਲ ਪ੍ਰਤੀ ਏਕੜ ਹੁੰਦੀ ਹੈ

Posted by Prem prakash sharma
Rajasthan
24-10-2019 07:00 PM
प्रेम जी आपके द्धारा भेजी गई ओडियो में आवाज समझ नहीं आ रही है कृप्या आप दोबारा साफ आवाज में ओडियो अपलोड करें ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by pawan
Uttar Pradesh
24-10-2019 07:00 PM
pawan ji aap iske uper tilt@200ml ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by ਸੁਖਚੈਨ ਸਿੰਘ
Punjab
24-10-2019 06:56 PM
ਖੁੰਬਾ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਬਟਨ ਖੁੰਬ, ਢੀਂਗਰੀ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ, ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਅਤੇ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ +ਅਲਗ ਹੈ ਜਿਵੇ *ਬਟਨ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 2 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * *ਢੀਂਗਰੀ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 3 ਫ਼ਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * * ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬ.... (Read More)
ਖੁੰਬਾ ਦੀਆ ਕਿਸਮਾਂ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੀਆ ਹੁੰਦੀਆਂ ਹਨ ਜਿਵੇਂ ਬਟਨ ਖੁੰਬ, ਢੀਂਗਰੀ, ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ, ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਅਤੇ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਇਹਨਾਂ ਵਿਚੋਂ +ਅਲਗ ਹੈ ਜਿਵੇ *ਬਟਨ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਸਤੰਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 2 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * *ਢੀਂਗਰੀ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਮਾਰਚ ਤਕ ਹੈ ਇਸ ਸਮੇ ਵਿੱਚ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 3 ਫ਼ਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * * ਸ਼ਟਾਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਤੋਂ ਅੱਧ ਫਰਵਰੀ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ ਇਕ ਫ਼ਸਲ ਹੀ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * *ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਅਗਸਤ ਤਕ ਹੈ ਆਪਾ ਇਸ ਤੋਂ 4 ਫਸਲਾਂ ਲੈ ਸਕਦੇ ਹਾਂ * ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਦਾ ਸਮਾਂ ਅਪ੍ਰੈਲ ਤੋਂ ਸਤੰਬਰ ਤਕ ਹੈ ਤੁਸੀ ਹੁਣ ਅਪ੍ਰੈਲ ਵਿਚ ਪਰਾਲੀ ਜਾ ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹੋ ਪਰਾਲੀ ਖੁੰਬ ਦੇ ਲਈ ਤੁਹਾਨੂੰ ਪਰਾਲੀ,ਬੀਜ,ਬਾਂਸ, ਸੇਬਾ ਆਦਿ ਦੀ ਜ਼ਰੂਰਤ ਹੈ *ਪਰਾਲੀ ਦੇ ਪੂਲੇ*-- ਝੋਨੇ ਦੀ ਪਰਾਲੀ ਦੇ 1-1 ਕਿਲੋ ਦੇ ਪੂਲੇ ਦੋਨੋ ਸਿਰਿਆ ਤੋਂ ਸੇਬੇ ਨਾਲ ਬੰਨ ਕੇ ਤਿਆਰ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਪੂਲੇ ਦੇ ਸਿਰੇ ਕਟ ਕ ਇਕ ਬਰਾਬਰ ਕਰ ਲਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਪੂਲਿਆ ਦੀ ਕਿਆਰੀ ਲਗਾਉਣਾ*---ਪਰਾਲੀ ਦੇ ਪੂਲਿਆ ਨੂੰ ਸਾਫ ਪਾਣੀ ਵਿਚ 16-20 ਘੰਟੇ ਲਈ ਡਬੋ ਦਇਓ ਗਿਲੇ ਪੂਲਿਆ ਨੂੰ ਢਲਾਨ ਤੇ ਰੱਖ ਕੇ ਵਾਧੂ ਪਾਣੀ ਨਿਕਲਣ ਦਇਓ ਕਮਰੇ ਚ ਇੱਟਾਂ ਤੇ ਬਾਂਸ ਦਾ ਇਕ ਢਕਵਾ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਬਣਾਓ ਇਸ ਪਲੇਟਫਾਰਮ ਤੇ 5 ਪੂਲਿਆ ਦੀ ਇਕ ਤਹਿ ਲਗਾਓ ਜਿਸ ਉਪਰ ਲਗਭਗ 75 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪਾਓ ਇਸ ਤੋਂ ਉਪਰ ਵਾਲੀ ਤਹਿ ਉਲਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਤਰਾਂ 5-5 ਪੂਲਿਆ ਦੀਆ 4 ਤਹਿਆ ਵਿਚ 300 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪਾ ਕ ਇਕ ਕਿਆਰੀ ਤਿਆਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ ਸਭ ਤੋਂ ਉਪਰ 2 ਪੂਲੇ ਖੋਲ ਕੇ ਰੱਖ ਦਿਤੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਖੁੰਬਾ ਦਾ ਫੁੱਟਣਾ*---ਬਿਜਾਈ ਤੋਂ 7-9 ਦਿਨਾਂ ਬਾਅਦ ਖੁੰਬਾਂ ਫੁਟਣ ਲਗ ਪੈਂਦੀਆਂ ਹਨ *ਪਾਣੀ ਤੇ ਹਵਾ ਦਾ ਸੰਚਾਰ*-- ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2 ਦਿਨ ਬਾਅਦ ਹਰ ਰੋਜ ਪਾਣੀ ਦਾ ਛਿੜਕਾਅ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਖੁੰਬਾਂ ਫੁਟਣ ਉਪਰੰਤ ਹਵਾ ਦਾ ਸੰਚਾਰ 6-8 ਘੰਟੇ ਪ੍ਰਤੀ ਦਿਨ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ * ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ*-- ਖੁੰਬਾਂ ਫੁੱਟਣ ਉਪਰੰਤ 1-2 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਤੋੜਨ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ **ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ** ਮਿਲਕੀ ਖੁੰਬ ਲਈ ਤੂੜੀ ,ਬੀਜ ,ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ(12×16),ਸੇਬਾ,ਕੇਸਿੰਗ, ਮਿਟੀ ਆਦਿ ਚਾਹੀਦੇ ਹਨ *ਤੂੜੀ ਦੀ ਤਿਆਰੀ*--ਸੁਕੀ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਪੱਕੇ ਫ਼ਰਸ਼ ਤੇ ਵਿਛਾ ਕੇ 16-20 ਘੰਟੇ ਪਾਣੀ ਨਾਲ ਗਿਲਾ ਕਰੋ ਗਿਲੀ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਬੋਰੀ ਵਿਚ ਭਰ ਕੇ ਸੇਬੇ ਨਾਲ਼ ਬੰਨ ਦਇਓ ਇਸ ਬੋਰੀ ਨੂੰ ਉਬਲਦੇ ਪਾਣੀ ਵਿਚ 45-50 ਮਿੰਟ ਲਈ ਰੱਖੋ ਤੂੜੀ ਨੂੰ ਕੱਢ ਕੇ ਪੱਕੇ ਫ਼ਰਸ਼ ਤੇ ਵਿਛਾ ਕੇ ਠੰਡਾ ਕਰ ਲਓ ਇਹ ਤੂੜੀ ਬਿਜਾਈ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ *ਬਿਜਾਈ*--- ਠੰਡੀ ਤੂੜੀ ਵਿਚ ਬੀਜ ਰਲਾ ਕੇ ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ ਵਿਚ ਭਰ ਦਇਓ 1 ਮੋਮੀ ਲਿਫਾਫੇ ਵਿਚ ਲਗਭਗ 2 ਕਿਲੋ ਗਿਲੀ ਤੂੜੀ ਅਤੇ 70-80 ਗ੍ਰਾਮ ਬੀਜ ਪੈਂਦਾ ਹੈ ਲਿਫਾਫੇ ਦੇ ਮੂੰਹ ਨੂੰ ਸੇਬੇ ਨਾਲ ਬੰਨ ਕੇ ਕਮਰੇ ਵਿਚ ਰੱਖ ਦਇਓ *ਕੇਸਿੰਗ*--ਬਿਜਾਈ ਦੇ 2-3 ਹਫਤਿਆਂ ਬਾਅਦ ਲਿਫਾਫੇ ਖੋਲ ਕੇ ਕੇਸਿੰਗ ਦੀ 1-1.5 ਦੀ ਤਹਿ ਲਗਾ ਦਇਓ ਕੇਸਿੰਗ ਵਿਚ ਰੂੜੀ ਤੇ ਰੇਤਲੀ ਮਿਟੀ(4:1) ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕ 24 ਘੰਟਿਆ ਲਈ 4% ਫਾਰਮਲੇਨ ਦੇ ਘੋਲ਼ ਨਾਲ ਜੀਵਣੁ ਰਹਿਤ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ *ਖੁੰਬਾਂ ਦਾ ਫੁੱਟਣਾ*-- ਕੇਸਿੰਗ ਮਿਟੀ ਪਾਉਣ ਤੋਂ ਲਗਭਗ 2 ਹਫਤਿਆਂ ਵਿਚ ਖੁੰਬਾਂ ਦੇ ਛੋਟੇ-ਛੋਟੇ ਕਿਣਕੇ ਨਿਕਲਣੇ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਜੋ ਕ 4-5 ਦਿਨਾਂ ਵਿਚ ਤੋੜਨ ਯੋਗ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹਨ *ਖੁੰਬਾਂ ਦੀ ਤੁੜਾਈ*-- ਲਗਭਗ 35 -40 ਦਿਨਾਂ ਤਕ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ.
Posted by jitendra kr.bharti
Jharkhand
24-10-2019 06:54 PM
इस को आप ने प्रदर्शनी प्लांट बना दिया है यहां आ कर किसान के दिमाग की जरूरत होती है रूम को सावधानी पूर्वक बंद करें और चारों तरफ़ बुझा हुंआ चुना पाउडर अच्छे से डाले जरूरत हो तो बैग के आस पास भी डाल दें ज्यादा जरूरत हो तो कोई हल्की पड़ती पेस्टीसाइड का उपयोग कर सकते हो

Posted by Jitu Yadav
Rajasthan
24-10-2019 06:53 PM
Shrimaan ji, agar pani 1 ya 2 number hai to ap iska istemal kar skate hain nahi to ap nehri pani ka istemal karein, dhanywad
Posted by Bankesh Singh
Rajasthan
24-10-2019 06:52 PM
श्रीमान जी अच्छी किस्म के गेहूं PBW_590 PBW 343,HD-3226 ,Super 272 किस्में है
Posted by PANKAJ KUMAR BHARTI
Uttar Pradesh
24-10-2019 06:51 PM
Pankaj kumar Bharti ji farm producer organisation bnane ke bare me puri jankari ke lia aap Puneet singh thind 9991320236 nal samparak kar sakde ho, Thankyou.

Posted by Harjinder wraich
Punjab
24-10-2019 06:46 PM
Harjinder ji boer goat lenn lai tuci Ravinder Nikam 97636-75583 se sampark kr skde ho..

Posted by Jitu Yadav
Rajasthan
24-10-2019 06:46 PM
jitu ji aap pani ki jaanch krvaye agar krvayi hai to kripya aap iski report ki photo bheje taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad
Posted by Ranjit Singh
Punjab
24-10-2019 06:40 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Ovumin advance ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ, ਫਿਰ ਤੁਸੀ ਉਸਦੀ ਬੱਚੇਦਾਨੀ ਦੀ ਸਫਾਈ ਕਰਵਾ ਕੇ ਅਗਲੀ ਹੀਟ ਵਿਚ ਟੀਕਾ ਭਰਵਾਓ ਇਸ ਨਾਲ ਉਹ ਗੱਭਣ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ ..

Posted by kuldeep
Haryana
24-10-2019 06:38 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Riku Prasad Gupta
Jharkhand
24-10-2019 06:38 PM
Riku Prasad Gupta ji jeera ka bhaav 14600 - 16500/q chal reha hai, Thankyou.

Posted by Jitu Yadav
Rajasthan
24-10-2019 06:36 PM
jitu ji isme dheemak check karen agar maujood hai to aap iske uper chlorpyriphos@4ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.agar maujood nahi hai to aap iske uper mancozeb@4gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by ankit
Uttar Pradesh
24-10-2019 06:23 PM
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का .... (Read More)
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना पड़ेगा किसानों को इसका लाभ पाने के लिए सबसे पहले कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, प्रशासन उसका वेरीफिकेशन करेगा रेवेन्यू रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर देना होगा कोई कन्फ्यूजन है तो अपने लेखपाल से संपर्क कर सकते हैं लेखपाल ही यह वेरीफाई करता है कि आप किसान हैं अगर लेखपाल और कृषि अधिकारी किसी असली किसान को इसका लाभ देने में आनाकानी कर रहे हैं तो सोमवार से शुक्रवार तक पीएम-किसान हेल्प डेस्क (PM-KISAN Help Desk) के ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011-23381092 (Direct HelpLine) पर फोन करें आॉनलाइन आवेदन करते समय किसान को अपना आधार कार्ड नंबर, मतदाता पहचान पत्र और बैंक से संबंधित यानी कि बैंक खाता संख्या पास होना जरूरी है इसके अलावा अगर किसान एससी/एसटी वर्ग से है तो उसके लिए उसे सर्टिफिकेट देना होगा इसके बाद आपको अपनी जानकारी देने होगी जैसे कि पिता का नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, खेती की जानकारी जैसे- खेत का आकार, कितनी जमीन है आदि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का ऑफलाइन आवेदन करने के लिए किसानों को ग्राम पंचायत या फिर पास के सीएससी सेंटर जाना होगा वहां पर जाने के बाग आपको फार्म दिए जाएंगे, जिन्हें आपको भरना होगा कैसे पता चलेगा कि आपका नाम रजिस्टर हो चुका हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फार्म भरने के बाद जो भी लाभकारी किसान हैं, उनके नामों की लिस्ट पंचायत पर लगाई जाएगी इसके अलावा जिन किसानों को उसका लाभ मिलना है उनके मोबाइल पर भी एसएसएस भेजा जाएगा.

Posted by Krishna Kant dixit
Uttar Pradesh
24-10-2019 06:22 PM
Shrimaan ji, ap usr jameen mein 1 quintal gypsum prati acre mein dal koi kisi bhi fasal ki bijai kar skate hain, dhanywad
Posted by mohd hussain
Rajasthan
24-10-2019 06:20 PM
आप मुर्गी पालन का काम ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको लोन, सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यद.... (Read More)
आप मुर्गी पालन का काम ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको लोन, सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..
Posted by आशुतोष पांडेय
Uttar Pradesh
24-10-2019 06:19 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by pravin
Madhya Pradesh
24-10-2019 06:18 PM
Parvin ji, kele ke podhe ki lambhai bdhane ke liye ap isme vermicompost 4-5 kg prati podhe ke hisab se dalein , dhanywad
Posted by Gopal Kumar Maurya
Uttar Pradesh
24-10-2019 06:09 PM
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी ख.... (Read More)
खुम्ब की किस्में कई प्रकार की होती है जैसे कि बटन खुम्ब, डीगरी, शटाकी खुम्ब, पराली खुम्ब, और मिलकी खुम्ब इनमे से कुइ खुम्ब सर्दियो के मौसम में और कुछ गर्मीयों के मौसम में लगाये जाते है और हर खुम्ब को लगाने का समय अलग अलग है जैसे बटन खुम्ब का समय सितंबर से मार्च तक होता है इस समय में हम तीन फसले ले सकते है शटाकी खुम्ब का समय अक्तूबर से मध्य फरवरी तक हैं इस समय हम एक फसल ही ले सकते है पराली खुम्ब का समय अप्रैल से अगस्त तक है इस समय हम चार फसले ले सकते है मिलकी खुम्ब का समय अप्रैल से सितंबर तक है आप अब अप्रैल में मिलकी या पराली खुम्ब लगा सकते है पराली खुमब के लिए आपको पराली, बीज, बांस, सेबा, आदि की जरूरत है पराली के पूले, धानो की पराली 1-1 किलो के पूले दोनो सिरो से सेबे से बांध कर तैयार किये जाते है पूले के सिरे कांट कर एक सार कर लिए जाते है पूलो की क्यिारी लगाना पराली के पूलो को साफ पानी में 16-20 घंटो के लिए डूबो दे गिले पूलो को ढलान पर रख कर फालतू पानी को निकलने दे कमरे ईटो और बांस से एक पलेटफार्म बनाये इस पलेटफार्म पर 5 पूलो की एक तहय लगाये जिसके ऊपर 75 ग्राम बीज डाले इसके ऊपर की तहय उलट होती है इस प्रकार 5-5 पूलो की तहय में 300 ग्राम बीज डाल कर कियारी तैयार करे सबसे ऊपर दो पूलो को खोलकर रख दे खुम्बो का फूटना बिजाई से 7-9 दिनो के बाद खुम्ब फूटने लगती है पानी और हवा का संचार बिजाई के दो दिन के बाद हर रोज पानी का छिडका करे खुम्बो के फूटने के बाद हवा का संचार 6-8 घंटे प्रति दिन किया जाता है खुम्बो की तूडाई खुम्बो के फूटने के बाद 1-2 दिनो के बाद तोडाई के योग्य हो जाती है मिलकी खुम्ब मिलकी खुम्ब के लिए तूडी, बीज, मोमी लिफाफे, सेबा, केसिंग,मिट्टी आदि होने चाहिये तूडी की तैयारी सूकी तूडी को पक्के फर्श पर बिछा कर 16-20 घंटे पानी से गिला करे गिली तूडी को बोरी में भर कर सेबे से बांध दे इस बोरी को उबलते पानी में 45-50 मिनट रखें तूडी को निकालकर पक्के फर्श पर बिछा कर ठंडा करे यह तूडी बिजाई के लिए तैयार है बिजाई ठंडी तूडी में बीज मिलाकर मोमी लिफाफो में भर दें एक मोमी लिफाफें में लगभग 2 किलो गिली तूडी और 70-80 ग्राम बीज पडता है लिफाफे के मुंह को सेबे से अच्छी तरह बांध कर कमरे में रख दे केसिंग बिजाई के दो तीन हफतो के बाद लिफाफे खोलकर केसिंग की 1-1.5 की तहय लगा दें केसिंग में तूडी और रेतली मिट्टी होती है 24 घंटो के लिए 4 प्रतिशत फारमलेन के घोल से जीवाणु रहित किया जाता है खुम्बो का फूटना केसिंग मिट्टी डालने के लगभग दो हफतो में खुम्बो के छोटे छोटे किणके निकलने शुरू हो जाते है और 4-5 दिन के बाद तोडने योग्य हो जाते है खुम्बो की तूडाई लगभग 35-40 दिनो तक की जाती है इसका बीज लेने के लिए आप Mr. jai 8882876224 जी से संपर्क कर सकते है

Posted by Suresh Yadav
Uttar Pradesh
24-10-2019 06:09 PM
आप Agrimin powder 100gm रोज़ाना दें और Ovumin advance bolus रोज़ाना एक गोली दें और 21 दिन तक देते रहे, इससे हीट में आ जाएगी..
Posted by Ranjit Singh
Punjab
24-10-2019 06:02 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਇਸ ਨਾਲ ਉਸਦੀ ਵਧਿਆ ਗਰੋਥ ਹੋ ਜਾਵੇਗੀ

Posted by davinder singh
Punjab
24-10-2019 05:58 PM
सूखे में छिड़काव करके पानी लगाएं जब तक पैदा नहीं होता उसे गिला रखें बीज को गाउचो या confidor लगाकर बिजाई करें
Posted by Gurdeep Singh
Punjab
24-10-2019 05:40 PM
श्रीमान जी मालावार नीम की नर्सरी तैयार करने के लिए मार्च—अप्रैल में बिजाई कर सकते है
Posted by Ranjit Singh
Punjab
24-10-2019 05:21 PM
Ranjit ji tuci uss nu Vitamor-H liquid 10-10ml swere sham ate Metabolite powder di rojana 1 pudi deo ate 20 din tak deo, iss nal lewa ate dudh vdia ho jawega..

Posted by Sunil
Uttar Pradesh
24-10-2019 05:18 PM
sunil ji aap isko bhigo kar beej sakte o.is se beej ki ankurit shakti badh jati hai. dhanywad
Posted by Ranjit Singh
Punjab
24-10-2019 05:13 PM
tuci uss nu pett de kiria lai Bendikind plus bolus deo ate Bovimin-b powder 100gm rojana ate Ovumin advance tablet rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo, iss nal heat vich aa jawegi..

Posted by Sukhveer. Singh jaura
Punjab
24-10-2019 05:06 PM
Sukhveer ji ehh cross nasal di vashi hai..

Posted by Kulwinder Sidhu
Rajasthan
24-10-2019 05:03 PM
कुलविंदर जी आप इसकी स्प्रे 7-8 दिन के बाद कर सकते है और पौधे को वर्मीकम्पोस्ट डाल सकते है इसकी मात्रा 5 से 6 किलो प्रति पौधा डाले धन्यवाद
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