Posted by Dilbagh Sidhu
Punjab
25-10-2019 12:34 PM
Sidhu ji tuci isde jakham te ivermectin injection 2ml nu srijj nal maro ate iss upar Topicure spray krni suru kro, iss nal frak paa jawega.

Posted by lakhwinder Singh
Punjab
25-10-2019 12:33 PM
श्रीमान जी HD 3226 किस्म बहुत अच्छी है इसका औसतन उपज 22—30 क्विंटल प्रति एकड़ निकलती है इसकी बिजाई 25 अक्तूबर से 30 नवंबर तक 35 किलो बीज डाल सकते है इसका पौधा मोटा होने के कारण गिर जाता है

Posted by sukhmander Singh
Punjab
25-10-2019 12:28 PM
sukhmander ji 3226 da beej tuc brar seed store Ludhiana Road Opp. Punjab Agricultural University Gate No.1, Punjab 141003 to lai sakde ho isde layi tuc 098140 97127 te sampark kar sakde ho.dhanwad
Posted by Baljinder Singh Chahal
Punjab
25-10-2019 12:28 PM
BhaaG deputy director dairy development Faridkot naal sampark karo Training 2 hafte di hundi ae

Posted by प्रकाशचंदगुर्जर
Uttar Pradesh
25-10-2019 12:12 PM
श्रीमान जी एकड़ और किल्ले में कोई अंतर नहीं है, यह इक ही परनाम के दो नाम है , धन्यवाद

Posted by Rajat Choudhary
Uttar Pradesh
25-10-2019 12:09 PM
RAjat ji, ap gehun ki kisme jaise ke WH 896, PBW 373, PBW 343, HD 2643, UP 2425, PBW-443, DBW-14, NW-2036, MACS-6145, HD-2824, PBW-502, PDW-291, PBW-524, HD-2864, HI-8627, Ujiar(K-9006, Gangotri(K-9162), Prasad (K-8434), Halna (K-7903) , Naina (K-9533), UP 2338 ki buvai kar skate hai, dhanywad

Posted by pinder sidhu
Punjab
25-10-2019 12:02 PM
ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Ovumin advance ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ

Posted by Anuj Bharti
Madhya Pradesh
25-10-2019 11:55 AM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद
Posted by Mukesh Kumar
Jharkhand
25-10-2019 11:54 AM
उन्हें आप Broton liquid 20ml/100 birds के हिसाब से दे सकते है इससे उनका हाजमा ठीक रहेगा और जो वो खाते है वो भी हज़म होता रहेगा और शरीर की भी अच्छी ग्रोथ होगी
Posted by Gurmeet Sandhu
Punjab
25-10-2019 11:52 AM
ਉਸ ਨੂੰ ਪੇਟ ਦੇ ਕੀੜਿਆਂ ਲਈ Bendikind plus ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minfa gold ਪਾਊਡਰ 100 ਗ੍ਰਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ ਅਤੇ ਉਸ ਨੂੰ Minotas ਰੋਜਾਨਾ ਇਕ ਗੋਲੀ ਦਿਓ ਅਤੇ 21 ਦਿਨ ਤਕ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਹੀਟ ਵਿਚ ਆ ਜਾਵੇਗੀ..
Posted by siyaram.patel.jamunipur
Uttar Pradesh
25-10-2019 11:40 AM
siyaram ji yeh galan ho raha hai iske liye aap mancozeb@400 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Vikas Thory
Haryana
25-10-2019 11:24 AM
श्रीमान जी, गेहूं का बीज लेने के लिए आप Dr Dalip Gosain 9215757800 से सम्पर्क करें, धन्यवाद

Posted by Ellathurai
Tamil Nadu
25-10-2019 11:15 AM
Posted by Rashid khan
Uttar Pradesh
25-10-2019 11:11 AM
Rashid khan ji iske patton ke neeche keet ka hamla check karen agar maujood hai to aap imidacloprid@1.5ml ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by ਮਲਕੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
25-10-2019 11:07 AM
ਮਲਕੀਤ ਜੀ ਇਸਦਾ ਬੀਜ ਹੋ ਸਕੇ ਤਾ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਜਾ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇੰਦਰ ਤੋਂ ਹੀ ਖਰੀਦੋ ਇਸਦੇ ਲਈ ਤੁਸੀ ਬੀਜ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਵਿਚ ਇਸ ਨੰਬਰ ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕਰਕੇ 98555 -56672 ਖਰੀਦ ਸਕਦੇ ਹੋ
Posted by Aadarsh
Uttar Pradesh
25-10-2019 11:04 AM
आदर्श जी, जो के लिए तापमान 12 -32 *C का होना चाहिए यह फसल हल्की ज़मीनों जैसे कि रेतली और कल्लर वाली ज़मीनों में भी कामयाबी से उगाई जा सकती है इसलिए उपजाऊ ज़मीनों और भारी से दरमियानी मिट्टी इसकी अच्छी पैदावार के लिए सहायक होती हैं तेजाबी मिट्टी में इसकी पैदावार नहीं की जा सकती इसके लिए किस्मे जैसे के Ratna, Azad, Vijaya, Dolama, Himani, L.... (Read More)
आदर्श जी, जो के लिए तापमान 12 -32 *C का होना चाहिए यह फसल हल्की ज़मीनों जैसे कि रेतली और कल्लर वाली ज़मीनों में भी कामयाबी से उगाई जा सकती है इसलिए उपजाऊ ज़मीनों और भारी से दरमियानी मिट्टी इसकी अच्छी पैदावार के लिए सहायक होती हैं तेजाबी मिट्टी में इसकी पैदावार नहीं की जा सकती इसके लिए किस्मे जैसे के Ratna, Azad, Vijaya, Dolama, Himani, LSB 2, Amber, Jyoti,C 164, BG 108, Kedar, Neelam की बुवाई कर सकते है खेत को 2-3 बार जोतना चाहिए ताकि खेत में से नदीनों को अच्छी तरह नष्ट किया जा सके खेत की तैयारी के लिए तवियों का प्रयोग करें और फिर 2-3 बार सुहागा फेर दें ताकि फसल अच्छी तरह जम जाए पहले बोयी गई फसल की पराली को हाथों से उठाकर नष्ट कर दें ताकि दीमक का हमला ना हो सके अच्छी उपज के लिए, 15 अक्तूबर से 15 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें सिंचित क्षेत्रों के लिए, 15 से 25 नवंबर तक बिजाई पूरी कर लें बारानी क्षेत्रों में, बिजाई के लिए 15 अक्तूबर से 10 नवंबर का समय उपयुक्त होता है यदि बिजाई देरी से की जाए तो दानों की उपज और गुणवत्ता कम हो जाती है और उपज बीयर बनाने के लिए उपयुक्त नहीं होती बिजाई के लिए पंक्ति से पंक्ति का फासला 22.5 सैं.मी. होना चाहिए यदि बिजाई देरी से की गई हो तो 18-20 सैं.मी. फासला रखें सिंचाई वाले क्षेत्रों में गहराई 3-5 सैं.मी. रखें और बारिश वाले क्षेत्रों में 5-8 सैं.मी. रखें इसकी बिजाई छींटे द्वारा और मशीन द्वारा की जाती है बीज की मात्रा अलग अलग क्षेत्रों में अलग अलग होती है उत्तर प्रदेश के लिए 30-40 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें बारानी और नमक वाली मिट्टी में ज्यादा बीजों का प्रयोग किया जाता है अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिए बाविस्टिन 2 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें इससे कांगियारी रोग नहीं लगता बंद कांगियारी के रोग से बचाने के लिए बीजने से पहले वीटावैक्स 2.5 ग्राम से प्रति किलो बीज का उपचार करें दीमक से बचाने के लिए बीज को 250 मि.ली. फॉर्माथियोन को 5.3 लीटर पानी में डालकर बीज का उपचार करें खादें हमेशा मिट्टी की जांच के आधार पर दें बारानी क्षेत्रों में नाइट्रोजन 8-16 किलो प्रति एकड़ में प्रयोग करें, जबकि सिंचित क्षेत्रों में नाइट्रोजन 16-24 किलो प्रति एकड़ में प्रयोग करें यदि खेती सूखी भूमि पर करनी हो तो नाइट्रोजन 8 किलो प्रति एकड़ में प्रयोग करें सिंचित और समय पर बिजाई के लिए फासफोरस 8 किलो बीज प्रति एकड़ में प्रयोग करें धन्यवाद

Posted by apsar
Uttar Pradesh
25-10-2019 10:48 AM
Apsar ji, dheemak ki roktham ke liye ap chloropyriphos @ 1 l ko 60 kilo mitti mein mila kar prati acre ke hisaab se khet mein dalein, dhanywad

Posted by rajkumar
Rajasthan
25-10-2019 10:27 AM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके

Posted by Vikas Thory
Haryana
25-10-2019 10:23 AM
bhai sahib KVK SIRSA KA No 01666221147 sampark karein
Posted by Balram Singh
Madhya Pradesh
25-10-2019 10:04 AM
श्रीमान जी false smut रोग है इसकी रोकथाम के लिए koside@500 gm प्रति एकड़ 120 लीटर पानी में स्प्रे कर सकते हैं

Posted by Deepak Jaiswal
Uttar Pradesh
25-10-2019 10:00 AM
Deepak Jaiswal ji IFFCO store ke bare me puri jankari ke lia aap IFFCO 8/2/19, , Above Mahindra 2 Wheeler Showroom, Rekabganj, Faizabad, Uttar Pradesh, 05278-222999 , 221344, se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by sandeep singh
Madhya Pradesh
25-10-2019 09:46 AM
संदीप जी गेंहू की बिजाई मध्य अक्तूबर से नवंबर के पहले हफ्ते तक बिजाई की जा सकती है धन्यवाद
Posted by Guri Dalio
Punjab
25-10-2019 09:46 AM
Guri Dalio ji pipe line subsidy bare visthar vich jankari lai tusi Mr Mishra 9465884780, 9810363807 se samparak kar sakte hai, Thankyou.

Posted by Mohd Qaseem
Uttar Pradesh
25-10-2019 09:42 AM
यदि आप चारे की फसल लगाना चाहते है तो आप आप बरसीम,ज्वी, राईघास की बिजाई कर सकते है..
Posted by रामचन्द्र राजपूत
Uttar Pradesh
25-10-2019 09:42 AM
Ram chander ji solar pump ke bare me puri jankari ke lia aap Jain Irrigation Systems Ltd. Phone: 011 4174 8412 se samparak kar sakte hai, Thankyou.
Posted by Hardeep Singh
Punjab
25-10-2019 09:16 AM
श्रीमान जी, कृपया आप बताये क आपका बजट कितना है, और आपके पास कितनी जमीन है ताकि आपको इस हिसाब से उच्चित जानकारी दी जा सके, धन्यवाद a

Posted by krishn
Uttar Pradesh
25-10-2019 08:54 AM
krishn ji kripya aap btaye ke aapne khet men konsi fasl ki bijai ki hai taki aapko uske hisab se jankari di ja sake.dhanywad

Posted by jugraj Singh
Punjab
25-10-2019 08:50 AM
Give the cow balanced diet, along with this, give him anabolite liquid 100 ml daily, milkout powder 2-2 spoons in the morning and evening and tablet of Calcimust bolus 1-1 in morning and evening, it will help in milk yield. For 2 months, feed the calf only with cow s milk. After 2 months you can start to give fodder to the calf

Posted by Iokesh dhangar dhangar
Madhya Pradesh
25-10-2019 08:41 AM
Iokesh dhangar ji kirpya aap visthar me btae ki aap kis muavje ke bare me jankari chahte hai ta jo aap ko sahi jankari di ja sake, Thankyou.
Posted by siyaram.patel.jamunipur
Uttar Pradesh
25-10-2019 08:38 AM
siyaram ji yeh fungus ke karn ho raha hai iske liye aap carbendazim@4 gram ko prati litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
25-10-2019 08:33 AM
Milkout powder 900gm di packing ate 300gm di packing vich aunda hai ehh intas company da product hai, isda sahi rate tuhanu medical store ton ptaa lgg skda hai..
Posted by msgill
Uttarakhand
25-10-2019 07:58 AM
Shrimaan ji tu cis vich halki sinchai kar do , matar nikl aun ge, dhanwad
Posted by Dushyant Sharma
Rajasthan
25-10-2019 07:38 AM
यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जमाव और खारी या नमक वाली ज़मीन इस फसल की खेती के लिए उचित नह.... (Read More)
यह फसल बहुत तरह की मिट्टी जैसे कि रेतली, नमक वाली, दोमट और चिकनी मिट्टी में उगाई जा सकती है अच्छे जल निकास वाली, जैविक तत्व भरपूर, रेतली से दरमियानी ज़मीन में फसल अच्छी पैदावार देती है यह फसल नमक वाली तेजाबी ज़मीनों में भी उगाई जा सकती है पर बहुत ज्यादा जल जमाव और खारी या नमक वाली ज़मीन इस फसल की खेती के लिए उचित नहीं होती Kufri Bahar: इस किस्म के पौधे लंबे और तने मोटे होते हैं तनों की संख्या 4-5 प्रति पौधा होती है इसके आलू बड़े, सफेद रंग के, गोलाकार से अंडाकार होते हैं और इसका गुद्दा सफेद रंग का होता है यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है और इसकी औसतन पैदावार 125 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसे ज्यादा देर तक स्टोर करके रखा जा सकता है यह पिछेती और अगेती झुलस रोग और पत्ता मरोड़ रोग की रोधक है Kufri Badshah: इसके पौधे लंबे और 4-5 तने प्रति पौधा होते हैं इसके आलू बड़े से दरमियाने, गोलाकार और हल्के सफेद रंग के होते हैं इसके आलू स्वाद होते हैं यह किस्म 100-110 दिनों में पक जाती है यह किस्म कोहरे को सहनेयोग्य है और पिछेती, अगेती झुलस रोग की प्रतिरोधक है Kufri Sutlaj: इस किस्म के पौधे घने और मोटे तने वाले होते हैं पत्ते हल्के हरे रंग के होते हैं आलू बड़े आकार के, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 90-100 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह किस्म खाने के लिए अच्छी और स्वादिष्ट होती है इन आलुओं को पकाना आसान होता है यह नए उत्पाद बनाने के लिए उचित किस्म नहीं है Kufri Anand: यह मध्यम समय की किस्म है, जो कि पिछेते झुलस रोग और कोहरे के प्रतिरोधक है इसकी औसतन पैदावार 140-160 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kufri Pukhraj: इसके पौधे लंबे और तने संख्या में कम और दरमियाने मोटे होते हैं आलू सफेद, बड़े, गोलाकार और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह किस्म 70-90 दिनों में पकती है इसकी औसतन पैदावार 130 क्विंटल प्रति एकड़ है यह अगेती झुलस रोग की रोधक किस्म है और नए उत्पाद बनाने के लिए उचित नहीं है Kufri Chipsona 2: इस किस्म के पौधे दरमियाने कद के और कम तनों वाले होते हैं इसके पत्ते गहरे हरे और फूल सफेद रंग के होते हैं आलू सफेद, दरमियाने आकार के, गोलाकार, अंडाकार और नर्म होते हैं इसकी औसतन पैदावार 140 क्विंटल प्रति एकड़ होती है यह पिछेती झुलस रोग की रोधक किस्म है यह किस्म चिपस और फरैंच फ्राइज़ बनाने के लिए उचित है Kufri Chipsona 1: यह किस्म 90-100 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है Kufri Chandramukhi: इस किस्म के आलू बड़े अंडाकार आकार के होते हैं इसकी औसतन पैदावार 10 टन प्रति एकड़ होती है यह किस्म 80-90 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है Kufri Jyoti: यह प्रोसेसिंग के लिए उपयुक्त किस्म है इसकी औसतन पैदावार 80-120 क्विंटल प्रति एकड़ होती है Kufri Ashoka: यह किस्म CPIU, शिमला द्वारा विकसित की गई है और बिहार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बंगाल में खेती के लिए उपयुक्त किस्म है यह लंबे कद की और मोटे तने वाली किस्म है यह किस्म 70-80 दिनों में पककर तैयार हो जाती है इसके आलू बड़े, गोलाकार, सफेद और नर्म छिल्के वाले होते हैं यह पिछेती झुलस रोग को सहने योग्य किस्म है Kufri Lalima: इस किस्म के आलू गोल, लाल और सफेद गुद्दे वाले होते हैं आलू बड़े से मध्यम आकार के होते हैं यह किस्म 100-110 दिनों में पुटाई के लिए तैयार हो जाती है इसकी औसतन पैदावार 16 टन प्रति एकड़ होती है खेत को एक बार 30 सैं.मी. गहरा जोतकर अच्छे ढंग से बैड बनाएं जोताई के बाद 2-3 बार तवियां फेरें और फिर 2-3 बार सुहागा फेरें बिजाई से पहले खेत में नमी की मात्रा बनाकर रखें बिजाई के लिए दो ढंग मुख्य तौर पर प्रयोग किए जाते हैं 1. मेंड़ और खालियों वाला ढंग 2. समतल बैडों वाला ढंग अगेती बिजाई के लिए, सितंबर के आखिरी सप्ताह से अक्तूबर का पहला सप्ताह खेती के लिए उपयुक्त होता है मुख्य फसल के लिए अक्तूबर का दूसरे से चौथा सप्ताह बिजाई के लिए उपयुक्त समय होता है गांठों के आकार के अनुसार रोपाई का फासला विभिन्न होता है बिजाई के लिए कतार से कतार में 60 सैं.मी. और पौधे से पौधे में 20 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीज बोने के बाद बीजों को 8-10 सैं.मी. तक मिट्टी की परत से ढक दें रोपाई के लिए बड़ी आकार की गांठों का प्रयोग किया जाता है बिजाई के लिए 13-15 क्विंटल बीज प्रयोग किए जाते हैं यदि संभव हो, तो आलू की रोपाई से पहले, हरी खाद वाली फसलें जैसे सनई, जंतर आदि फसलें उगायें और उन्हें मिट्टी में अच्छी तरह दबायें यदि हरी खाद उपलब्ध ना हो तो गली सड़ी रूड़ी की खाद या गाय का गला हुआ गोबर 60-80 क्विंटल प्रति एकड़ में खेत की तैयारी के समय रोपाई से दो सप्ताह पहले डालें फसल की उचित वृद्धि के लिए नाइट्रोजन 40-50 किलो (90-110 किलो यूरिया), फासफोरस 24-32 किलो (150-200 किलो सिंगल सुपर फासफेट) और पोटाश 40-50 किलो (66-85 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश) की मात्रा प्रति एकड़ में डालें बिजाई के समय नाइट्रोजन का 3/4 हिस्सा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा डालें बाकी बचा हुआ नाइट्रोजन का 1/4 हिस्सा बिजाई से 35-40 दिन बाद जड़ों में मिट्टी लगाने के समय डालें बिजाई से पहले सिंचाई करें बिजाई के बाद 10-12 दिनों के अंदर अंदर पहली सिंचाई करें दूसरी सिंचाई पहली सिंचाई के 7 दिनों के बाद करें बाकी की सिंचाइयां जलवायु की परिस्थितियों और जरूरत के अनुसार करें गांठे बनने की अवस्था सिंचाई के लिए बहुत महत्तवपूर्ण होती है इस अवस्था में पानी की कमी ना होने दें ज्यादा सिंचाई ना करें इससे गलने की बीमारी का खतरा बढ़ता है पुटाई से 10-12 दिन पहले सिंचाई बंद कर दें डंठलों की कटाई : आलुओं को विषाणु से बचाने के लिए यह क्रिया बहुत जरूरी है और इससे आलुओं का आकार और गिणती भी बढ़ जाती है इस क्रिया में सही समय पर पौधे को ज़मीन के नज़दीक से काट दिया जाता है इसका समय अलग अलग स्थानों पर अलग है और चेपे की जनसंख्या पर निर्भर करता है उत्तरी भारत में यह क्रिया दिसंबर महीने में की जाती है

Posted by Durgeshkumar
Uttar Pradesh
25-10-2019 07:30 AM
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का .... (Read More)
Pm kisan samman nidhi yojna के तहत खेती-किसानी के लिए सालाना 6000 रुपए तीन किस्तों में मिल रहे हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम (pradhan mantri kisan samman nidhi scheme) अब देश के सभी 14.5 करोड़ किसान परिवारों के लिए लागू हो गई है स्टेप बाई स्टेप जाने कैसे लें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आपको ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करना पड़ेगा किसानों को इसका लाभ पाने के लिए सबसे पहले कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, प्रशासन उसका वेरीफिकेशन करेगा रेवेन्यू रिकॉर्ड, बैंक अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर और आधार नंबर देना होगा कोई कन्फ्यूजन है तो अपने लेखपाल से संपर्क कर सकते हैं लेखपाल ही यह वेरीफाई करता है कि आप किसान हैं अगर लेखपाल और कृषि अधिकारी किसी असली किसान को इसका लाभ देने में आनाकानी कर रहे हैं तो सोमवार से शुक्रवार तक पीएम-किसान हेल्प डेस्क (PM-KISAN Help Desk) के ई-मेल Email (pmkisan-ict@gov.in) पर संपर्क कर सकते हैं वहां से भी न बात बने तो इस सेल के फोन नंबर 011-23381092 (Direct HelpLine) पर फोन करें आॉनलाइन आवेदन करते समय किसान को अपना आधार कार्ड नंबर, मतदाता पहचान पत्र और बैंक से संबंधित यानी कि बैंक खाता संख्या पास होना जरूरी है इसके अलावा अगर किसान एससी/एसटी वर्ग से है तो उसके लिए उसे सर्टिफिकेट देना होगा इसके बाद आपको अपनी जानकारी देने होगी जैसे कि पिता का नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, खेती की जानकारी जैसे- खेत का आकार, कितनी जमीन है आदि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का ऑफलाइन आवेदन करने के लिए किसानों को ग्राम पंचायत या फिर पास के सीएससी सेंटर जाना होगा वहां पर जाने के बाग आपको फार्म दिए जाएंगे, जिन्हें आपको भरना होगा कैसे पता चलेगा कि आपका नाम रजिस्टर हो चुका हैं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फार्म भरने के बाद जो भी लाभकारी किसान हैं, उनके नामों की लिस्ट पंचायत पर लगाई जाएगी इसके अलावा जिन किसानों को उसका लाभ मिलना है उनके मोबाइल पर भी एसएसएस भेजा जाएगा.
Posted by Subhash Chandra
Uttar Pradesh
25-10-2019 07:15 AM
श्रीमान जी मिर्च में स्टीम गलन की रोकथाम के लिए Shamir@ 400ml प्रति एकड़ के हिसाब से छिड़काव कर सकते है

Posted by dharmendra Yadav
Bihar
25-10-2019 07:14 AM
परवल कद्दू कुल की एक पौष्टिक सब्जी है परवल की खेती के लिए गर्म एवं अधिक आर्द्रता वाली जलवायु उपयुक्त होती है ऐसे क्षेत्र जहां औसत वार्षिक वर्षा 100 से 120 सेंमी. हो तथा तापक्रम 5 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं जाता हो, वह क्षेत्र परवल की खेती के लिए सर्वोत्तम होता है लेकिन जहां सिंचाई की सुविधा न हो, वहाँ भी परवल की खे.... (Read More)
परवल कद्दू कुल की एक पौष्टिक सब्जी है परवल की खेती के लिए गर्म एवं अधिक आर्द्रता वाली जलवायु उपयुक्त होती है ऐसे क्षेत्र जहां औसत वार्षिक वर्षा 100 से 120 सेंमी. हो तथा तापक्रम 5 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं जाता हो, वह क्षेत्र परवल की खेती के लिए सर्वोत्तम होता है लेकिन जहां सिंचाई की सुविधा न हो, वहाँ भी परवल की खेती सफलतापूर्वक होती है बिहार की गंगा, सोन एवं गंडक दियारा क्षेत्रों में परवल की असिंचित फसल ही उगाई जाती है, फिर भी उपज अधिक प्राप्त होती है परवल भारी मिट्टी को छोड़कर सभी प्रकार की मिट्टियों में उगाया जा सकता है, परन्तु परवल की अच्छी पैदावार के लिए जल निकासयुक्त दोमट, बलुई दोमट मिट्टी जिसमें पर्याप्त मात्रा में जीवांश हो, अधिक उपयुक्त होती है यही कारण है कि परवल की खेती उत्तरप्रदेश, बिहार एवं पश्चिम बंगाल की नदियों के किनारों के दियारा क्षेत्रों में सफलतापूर्वक की जाती है परवल को हमेशा ऊँचे स्थान पर लगाना चाहिए, जहां पानी का जमाव नहीं होता हो उत्तरप्रदेश, बिहार तथा बंगाल में परवल की खेती पान के बरेजों में अंतरावर्ती फसल के रूप में करने की प्रथा अत्यंत पुरानी है, जहां के परवल के फल उच्च कोटि के गुणवत्ता वाले होते हैं मई-जून के महीनों में मिट्टी पलटने वाले हल से खेत को एकबार जुताई कर खुला छोड़ देना चाहिए ताकि हानिकारक कीड़े-मकोड़े मर जायें तथा खरपतवार सुख जायें लत्तर की रोपाई के लगभग एक महीना पहले मिट्टी में गोबर की सड़ी खाद अथवा कम्पोस्ट 200-250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से अच्छी तरह मिला देना चाहिए लत्तर रोपाई के समय खेत को 3-4 बार देशी हल से जुताई करके पाटा चलाकर मिट्टी को भुरभुरा तथा समतल बना लेना आवश्यक है डंडाली, राजेन्द्र परवल-1, राजेन्द्र परवल-2, स्वर्ण रेखा, स्वर्ण अलौकिक, निमियां, सफेदा, सोनपुरा, संतोखबा, तिरकोलबा, गुथलिया की बिजाई कर सकते है परवल उगाने की निम्नलिखित विधियां हैं:-1. बीज द्वारा 2. जड़ों की कलम द्वारा. लत्ताओं की लच्छी द्वारा रोपाई का समय भिन्न-भिन्न स्थानों पर अलग-अलग होता है मैदानी भागों में परवल की रोपनी का उचित समय मध्य जुलाई से अक्टूबर तक और दियारा क्षेत्रों में सितम्बर से अक्टूबर तक होता है परवल में अलग-अलग पौधों पर नर और मादा फूल उत्पन्न होते हैं नर पुष्पों से फल नहीं बनते हैं बल्कि वे मादा पुष्पों में परागण का कार्य करते हैं जिसमें मादा पुष्पों से फल बनना सम्भव होता है नर पुष्प बड़े और सफेद होते हैं, जबकि मादा पुष्प थोड़ा छोटा और सफेद होता है, उसके नीचे गर्भाश्य जुड़ा रहता है जो कुछ दिनों में परागण के बाद बढ़कर फल बन जाता है इसका विस्तार लताओं या बेलों द्वारा किया जाता है परवल लगाने के समय नर और मादा पौधों का अनुपात 1:19 होना अनिवार्य है उपरोक्त अनुपात नहीं रहने पर उत्पादन में काफी कमी हो जाती है खेत में कतार से कतार की दूरी 2.5 मीटर तथा पौधे से पौधे की दूरी 1.5 मीटर रखना चाहिए साथ ही थल्ले, भूमि की सतह से 6-8 सेंमी. ऊँचाई पर बनाने चाहिए एक वर्ष पुरानी लताओं से 120-150 सेंमी. लम्बे टुकड़े काटकर इस प्रकार मोड़ना चाहिए कि लच्छी की लम्बाई 30 सेंमी. हो जाये तथा 10 सेंमी. गहरे थालों में इस प्रकार लगाया जाय कि दोनों सिरे ऊपर खुले रहें रोपनी के बाद और फल लगने के समय तक 4-5 बार निकाई-गुड़ाई करनी चाहिए ताकि लताओं की शाकीय वृद्धि तेजी से हो लताओं के बढ़ जाने पर इसकी अनावश्यक वृद्धि को रोकने के लिए बार-बार लताओं को हाथ से उलटते-पलटते रहना चाहिए ऐसा करने से गांठों से जड़ें निकलकर जमीन में प्रवेश नहीं कर पाती है और फलन अधिक होता है मार्च माह के मध्य से पौधों पर फल लगना शुरू हो जाता है प्रारम्भ में फल लगने के 10-12 दिनों के बाद फल तोड़ने लायक हो जाते हैं इस प्रकार मार्च एवं अप्रैल माह में फलों की तोडनी प्रति सप्ताह एक बार तथा मई में प्रति सप्ताह दो बार अवश्य करनी चाहिए फलों की तोड़ाई मुलायम एवं हरी अवस्था में सूर्योदय से पहले करनी चाहिए इससे फल अधिक समय तक ताजे बने रहते हैं
Posted by Subhash Chandra
Uttar Pradesh
25-10-2019 07:02 AM
subhash ji yeh fungus ke karn ho raha hai iske liye aap mancozeb@400 gram ko prati acre ke hisab se spray karen.dhanywad

Posted by Arun Singh
Uttar Pradesh
25-10-2019 06:58 AM
Arun ji, agar ap 1121 ka rate janna chahte hai to vo 2870-330 rupay prati quintal ke hisaab se chal raha hai, 2171 basmati ke bare mein abhi koi bhi jankari nahi hai, kripya ap yeh bataye ke yeh kis company ka beej hai taki apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad

Posted by Arun Singh
Uttar Pradesh
25-10-2019 06:55 AM
Arun ji, agar aap 1121 ka rate janna chahte hai vo is samey 2870-3300 rupay prati quintal ke hisab se chal raha hai or 2171 ke bare mein abhi koi bhi jankari nahi hai, kripya aap is kism ke bare mein visthar se btaye ki yeh kis company ki kisam hai tan jo apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Jasvir singh
Punjab
25-10-2019 06:40 AM
ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਦੀ ਬੱਕਰੀ ਦੇ ਪਿਉਰ ਬੱਚੇ ਖਰੀਦਣ ਲਈ ਤੁਸੀ 93175 17763 ਸੰਦੀਪ ਜੀ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ
Posted by Jasvir singh
Punjab
25-10-2019 06:35 AM
BhaaG mastitis check karwao g 20 g nimbu da sat 20din de k dekh lao
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
25-10-2019 06:28 AM
ਜਗਦੀਪ ਜੀ ਇਸ ਨਾਲ ਜਾਨਵਰਾਂ ਦੇ ਸਰੀਰ ਦੀ ਕਮੀ ਪੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਜਿਸ ਨਾਲ ਸਰੀਰ ਵਧਿਆ ਵਿਕਾਸ ਕਰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਪਸ਼ੂਆਂ ਦੇ ਦੁੱਧ ਵਿਚ ਵੀ ਫਾਇਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹ ਜਲਦੀ ਨਵੇਂ ਦੁੱਧ ਵੀ ਹੋ ਜਾਂਦੇ ਹੈ..

Posted by prem jeet singh
Punjab
25-10-2019 06:25 AM
tuci uss nu Mammidium powder 50gm rojana ate Vitum-H injection 5ml lgwao ate 1-1 din de frak nal 5 injection lgwa deo ji.
Posted by Bunty Saldi Sarpanch
Punjab
25-10-2019 06:20 AM
BhaaG doctor sing daag ke kirm nasha dwaee lga deuga oh swer shaam lgao makhian na baithan
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