
Posted by baljinder singh
Punjab
25-10-2019 04:58 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤੁਸੀ ਇਸ ਵਿਚ NPK 191919 @ 10 gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਅਤੇ 2 ਦਿਨ ਦੇ ਫਾਸਲੇ ਤੇ M 45 @ 4gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Gurmukh Singh Garry
Punjab
25-10-2019 04:52 PM
श्रीमान जी HD-3086 में कोई भी ओर किस्म मिक्स करके बिजाई नहीं कर सकते आप अच्छी उपज लेने के लिए HD-3086 की अलग बिजाई करें
Posted by PUSHKAR SINGH
Uttar Pradesh
25-10-2019 04:38 PM
यदि आप मुर्गी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां प.... (Read More)
यदि आप मुर्गी पालन के बारे में जानकारी लेना चाहते है तो सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि मुर्गी पालन दो तरह का होता है कि आप अंडों का व्यवसाय करना चाहते हैं या मीट का यदि आप अंडों का धंधा करना चाहते हैं तो आपको लेयर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी और यदि आप मीट का धंधा करना चाहते हैं तो आपको ब्रॉयलर मुर्गियां पालनी पड़ेंगी यदि आप ब्रायलर मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो कम से कम 10 हजार मुर्गियों का धंधा शुरू करना चाहते हैं तो आपको 4 से 5 लाख का इतज़ाम करना पड़ेगा, ये आप अपने बजट के हिसाब से कम पंक्षियों से भी शुरू कर सकते हैं बाकि आप इस काम को ट्रेनिंग लेकर शुरू करें जिसमें आपको इस काम के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी ट्रेनिंग लेने के लिए आप अपने नज़दीकी कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करें आप वहां जाकर अपना ट्रेनिंग का फार्म भर आएं जब भी ट्रेनिंग होगी तो वो आपको फोन करके उसके बारे में बता देंगे..

Posted by sandhu
Punjab
25-10-2019 04:37 PM
श्रीमान जी ये किस्में पीएयू यूनिर्वसिटी की तरफ से सिफारिश नहीं है इसका बीज आप किसी प्राईवेट कंपनी की तरफ से खरीद सकते है

Posted by sandhu
Punjab
25-10-2019 04:34 PM
Shrimaan ji, beej len lai tuc Dr Dalip Gosain 9215757800 ji nal yan 9814130982 Punjab Seed Company, Gidderbaha nal samparak karo, dhanwad

Posted by lal Chand Mahato
West Bengal
25-10-2019 04:33 PM
Chand ji aap waha beetal nasal ki goat rakh skte hai, yeh nasal meat aur dudh dono kamo ke liye thik rehti hai.
Posted by Kulwant Singh
Punjab
25-10-2019 04:32 PM
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ 10 ਬੱਕਰੀਆਂ ਅਤੇ 2 ਬੱਕਰਿਆਂ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਵਸਥਾ ਘਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ ਹਰ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਪਾਲੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀਆਂ 12-14 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਂਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀ ਦਾ ਗਰਬ ਸਮਾਂ 150 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 1-5 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ .... (Read More)
ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਕਰਨ ਲਈ ਤੁਸੀ 10 ਬੱਕਰੀਆਂ ਅਤੇ 2 ਬੱਕਰਿਆਂ ਨਾਲ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹਨਾਂ ਦੀ ਖੁਰਾਕ ਅਵਸਥਾ ਘਟ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਇਸ ਲਈ ਅਸੀਂ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ ਅਸਾਨੀ ਨਾਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹਾਂ ਇਹ ਹਰ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਵਾਤਾਵਰਨ ਵਿੱਚ ਪਾਲੀਆਂ ਜਾ ਸਕਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀਆਂ 12-14 ਮਹੀਨਿਆਂ ਵਿੱਚ ਬੱਚੇ ਦੇਣਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦੇਂਦੀਆਂ ਹਨ ਬਕਰੀ ਦਾ ਗਰਬ ਸਮਾਂ 150 ਦਿਨ ਦਾ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 1-5 ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਸਾਲ ਵਿੱਚ 2 ਬੱਚੇ ਦੇਨਾ ਆਮ ਗੱਲ ਹੁੰਦੀ ਹੈ ਬਕਰੀਆਂ 8-10 ਸਾਲ ਤਕ ਬੱਚੇ ਦਿੰਦਿਆਂ ਹਨ ਅਤੇ ਆਪਣੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਤੇਜੀ ਨਾਲ ਵਾਧਾ ਕਰ ਲੈਂਦਿਆਂ ਹਨ ਪੰਜਾਬ ਵਿੱਚ ਤੁਸੀ ਬਰਬਰੀ, ਬਲੈਕ ਬੰਗਾਲ, ਸਿਰੋਹੀ ਆਦਿ ਨਸਲ ਪਾਲ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਹ ਤੁਹਾਨੂੰ ਨੇੜੇ ਦੇ ਕਿਸੇ ਸਫਲ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਕ ਜਾਂ ਵੈਟਨਰੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਤੋਂ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀਂ ਉਸ ਕਿਸਾਨ ਨੂੰ ਮਿਲ ਸਕਦੇ ਹੋ ਜੋ ਪਹਿਲਾਂ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ ਚਲਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ, ਉਸ ਤੋਂ ਤੁਹਾਨੂੰ ਬੱਕਰੀ ਫਾਰਮ ਬਾਰੇ ਪੂਰੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ ਇਸ ਕਿੱਤੇ ਤੇ ਲੋਨ ਲੈਣ ਲਈ 25% ਸਬਸਿਡੀ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਜੋ ਕਿ ਲੋਨ ਕਲੀਅਰ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮਿਲਦੀ ਹੈ ਬਾਕੀ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਕ੍ਰਿਸ਼ੀ ਵਿਗਿਆਨ ਕੇਂਦਰ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰੋ ਤੇ ਬੱਕਰੀ ਪਾਲਣ ਦੀ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਹਾਸਿਲ ਕਰੋ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਕਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਤੁਹਾਨੂੰ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਹਾਸਿਲ ਹੋਵੇਗਾ ਇਸ ਸਰਟੀਫਿਕੇਟ ਦੇ ਦੁਆਰਾ ਤੁਸੀ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ ਲੋਨ ਅਪਲਾਈ ਲਈ ਤੁਸੀ ਆਪਣੇ ਜ਼ਿਲੇ ਦੇ ਵੈਟਨਰੀ ਅਫਸਰ ਨੂੰ ਮਿਲੋ ਉਹ ਤੁਹਾਡੀ ਫਾਈਲ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਅੱਗੇ ਤੋਰਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣਗੇ ਬੀਟਲ ਨਸਲ ਦੀ ਬੱਕਰੀ ਲੈਣ ਲਈ ਤੁਸੀ ਮੇਰੇ 7009579091 ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹੋ..
Posted by vedram sahu G
Chattisgarh
25-10-2019 04:31 PM
वेदराम जी, यह मछर के हमले की वजह से हो रहा है, इसके लिए आप imidaclorprid @1.5 ml प्रति लीटर पानी हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद
Posted by रोहित चौधरी
Uttar Pradesh
25-10-2019 04:30 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by vishal
Punjab
25-10-2019 04:26 PM
श्रीमान जी गेहूं में ज्यादा ज्वी की रोकथाम के लिए 2,4-D@250 मि.ली. अगेती बोयी गेहूं के ऊपर 35—45 दिनों के अंदर और पिछेती बोयी हुई गेहूं के ऊपर 45—55 दिनों के अंदर ही करें

Posted by nishan singh
Punjab
25-10-2019 04:09 PM
nishan ji tuc barseem de vich DAP di jgah SSP di varto karo isto ilava tuc hoshi@400ml nu prati acre de hisab nal spray karo. isde nal barseem jaldi tyar ho jayega.dhanwad

Posted by vishal
Punjab
25-10-2019 04:09 PM
ਇਸ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਮਿਹਨਤ ਅਤੇ ਹੱਥੀਂ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਪੁੱਟਣ ਨਾਲ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਹਾਨੀ ਨਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਇਹ ਤਰੀਕਾ ਹੀ ਅਪਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਨੁਕਸਾਨ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਪਿੱਛੇ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 1 ਲੀਟਰ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 0-3 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜਾਂ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4-D 250 ਮਿ.ਲੀ. ਨੂੰ 150 .... (Read More)
ਇਸ ਵਿੱਚ ਘੱਟ ਮਿਹਨਤ ਅਤੇ ਹੱਥੀਂ ਨਦੀਨਾਂ ਨੂੰ ਪੁੱਟਣ ਨਾਲ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਹਾਨੀ ਨਾ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਜ਼ਿਆਦਾਤਰ ਇਹ ਤਰੀਕਾ ਹੀ ਅਪਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਨੁਕਸਾਨ ਤੋਂ ਬਚਣ ਲਈ ਇੱਕ ਏਕੜ ਪਿੱਛੇ ਪੈਂਡੀਮੈਥਾਲਿਨ 1 ਲੀਟਰ ਨੂੰ 200 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿਚ ਮਿਲਾ ਕੇ ਬੀਜਣ ਤੋਂ 0-3 ਦਿਨਾਂ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਜਾਂ ਬਾਅਦ ਵਿੱਚ ਛਿੜਕਾਅ ਕਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ
ਚੌੜੇ ਪੱਤਿਆਂ ਵਾਲੇ ਨਦੀਨਾਂ ਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ 2,4-D 250 ਮਿ.ਲੀ. ਨੂੰ 150 ਲੀਟਰ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਪ੍ਰਯੋਗ ਕਰੋ
Posted by ਬਿੱਟਾ
Punjab
25-10-2019 04:04 PM
BhaaG rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu 1kg feed pao, 1quintal feed da formula Anaaj 40kg khal 30kg chokar or rice polish 30kg min mix 2kg namak 1kg mithha soda1kg rla lao

Posted by Udham Singh
Haryana
25-10-2019 04:04 PM
श्रीमान जी गेहूं के बीज को raxil और gaucho से सोध करके बिजाई करें इससे बीमारी कंट्रोल हो जाती है

Posted by kuber kirar kankra
Madhya Pradesh
25-10-2019 04:02 PM
kuber ji, isme nirtogen tatv ki kami hai, ap isme NPK 19.19.19 @ 10 g prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad
Posted by Ram nihal
Uttar Pradesh
25-10-2019 03:35 PM
राम जी यदि आप ज्यादा दूध के लिए गाय रखना चाहते है तो आप एचएफ नस्ल की गाय रख सकते है इससे गाय को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है क्योंकि इसे बीमारियां सबसे ज्यादा लगती है इसके इलावा आप साहीवाल, जर्सी गाय रख सकते है इन्हें बीमारियां भी कम लगती है और दूध भी अच्छा होता है

Posted by tinku
Punjab
25-10-2019 03:35 PM
टिंकू जी मुर्गियां 6 महीने की होने के बाद अंडे देना शुरू कर देती है आप उनकी खुराक का पूरा ध्यान रखें जिससे उनकी अच्छी ग्रोथ हो सकती है

Posted by shyambabu
Uttar Pradesh
25-10-2019 03:35 PM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्स.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी

Posted by harvinder singh
Haryana
25-10-2019 03:32 PM
Harvinder ji unko aap dusre chicks se alag kr den, aur unn sabhi ko Ostovet calcium liquid 30ml/100birds ke hisab se den aur Broton liquid 20ml/100birds ke hisab se den, isse frak padd jayega..
Posted by mohit
Haryana
25-10-2019 03:32 PM
मोहित जी , अच्छे जल निकास और रेतली दोमट वाली ज़मीन में मूंगफली बीजी जाती है अच्छे जल निकास वाली मिट्टी, जिसकी पी एच 6.5-7 और उपजाऊ ज़मीनों में इसकी फसल बहुत अच्छी होती है भारी जमीनें मूंगफली के लिए अनुकूल नहीं हैं क्योंकि भारी ज़मीनों में फलियां कम भरती हैं मूंगफली के लिए किस्मे जैसे के Moongphali Haryana-1, Moongphali No. 13, Moongphali Haryana-2, M-145,.... (Read More)
मोहित जी , अच्छे जल निकास और रेतली दोमट वाली ज़मीन में मूंगफली बीजी जाती है अच्छे जल निकास वाली मिट्टी, जिसकी पी एच 6.5-7 और उपजाऊ ज़मीनों में इसकी फसल बहुत अच्छी होती है भारी जमीनें मूंगफली के लिए अनुकूल नहीं हैं क्योंकि भारी ज़मीनों में फलियां कम भरती हैं मूंगफली के लिए किस्मे जैसे के Moongphali Haryana-1, Moongphali No. 13, Moongphali Haryana-2, M-145, PG-1, MH-4
की बिजाई करें पिछली फसल की कटाई के बाद दो बार जोताई करके खेत को तैयार करो जरूरत पड़ने पर बारानी हालातों में तीसरी जोताई जून या जुलाई के शुरू में करो जोताई के लिए तवियों ओर हलों का प्रयोग किया जा सकता है जब खेत सदाबहार नदीनों से पीड़ित होते हैं उस समय हलों को गहराई से प्रयोग करने की जरूरत होती है सिंचित हालातों में खेत अनुसार क्यारी बनानी चाहिए बारानी हालातों में मूंगफली की बिजाई मॉनसून के शुरू होने पर करें जो कि जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होती है बिजाई समय से करने से पैदावार पर कम प्रभाव पड़ता है सिंचित हालातों में मूंगफली अप्रैल के आखिर से मई के आखिर में बोयें फसल की किस्म के आधार पर दो बूटों के अनुसार फासला रखें जैसे कि अर्द्ध गुच्छेदार के लिए 30 सें.मी पंक्तियों में, पौधों में फासला 22.5 सें.मी और गुच्छेदार किस्मों के लिए फासला 30x15 सें.मी रखें बीजों को सीड ड्रिल या पोरा विधि से 5 सै.मी. गहराई में बोयें
38-40 किलोग्राम बीज प्रति एकड़ में बोयें खादों का प्रयोग मिट्टी की जांच के आधार पर ही करना चाहिए यूरिया 13 किलो प्रति एकड़, एस एस पी 125 किलो प्रति एकड़ और मिट्टी की जांच के आधार पर यदि पोटाश की कमी दिखे तो म्यूरेट ऑफ पोटाश 10 किलो प्रति एकड़ में डालें जिंक सल्फेट 10 किलोग्राम प्रति एकड़ में प्रयोग करें बिजाई के समय सारी खादें डालें जिप्सम मूंगफली के बनने में और अच्छे प्रकार से विकसित होने में सहायता करता है अच्छे फसल के विकास के लिए मौसमी वर्षा के अनुसार 2 या 3 बार सिंचाई की आवश्यकता होती है पहला पानी फूल आने के समय लगाएं खरीफ की ऋतु में यदि फसल को लंबे समय के लिए पानी ना दिया गया हो तो फलियों के बनने पर सिंचाई करें यदि पानी उपलब्ध हो (मिट्टी की किस्म के अनुसार फलियों के विकसित होने पर 2-3 सिंचाई करें) इसके इलावा कटाई से कुछ दिन पहले एक सिंचाई और करें

Posted by pinder sidhu
Punjab
25-10-2019 03:12 PM
Sidhu ji tuci iss nu pett de kiria lai Bendikind plus bolus deo ate iss nu Ovumin gold powder 50gm rojana ate Minotas bolus rojana 1 goli deo ate 21 din tak deo, iss nal vdia growth howegi ate puuri heat vich v aa jawegi..
Posted by Jaspal Singh Cheema
Punjab
25-10-2019 03:07 PM
ਤੁਸੀ ਰਜਿੰਦਰ ਪਾਲ ਸਿੰਘ ਜੀ ਨਾਲ 94173 37602 ਨੰਬਰ ਤੇ ਸਲਾਹ ਕਰੋ ਜੀ ਹੋ ਸਕਦਾ ਕੋਈ ਹੱਲ ਕਰਵਾ ਦੇਣ ਕਿਉਕੀ ਪਿਛਲੇ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋ ਆਰਗੈਨਿਕ ਝੋਨਾ ਲਗਾ ਰਹੇ ਹਨ ਜੀ ਬਾਕੀ ਪੰਜਾਬ ਐਗਰੋ ਨਾਲ ਸੰਪਰਕ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ
Posted by Karan Deep
Punjab
25-10-2019 03:02 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਪਾਊਡਰ ਦੇ ਚਮਚ ਦਾ ਚੋਥਾਂ ਹਿੱਸਾ ਅੱਧੇ ਗਿਲਾਸ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਦੋ ਤੋਂ ਤਿੰਂਨ ਲਗਾਤਾਰ ਅੱਖ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟੇ ਮਾਰੋ..
Posted by Karan Deep
Punjab
25-10-2019 02:52 PM
ਤੁਸੀ ਇਸ ਪਾਊਡਰ ਦੇ ਚਮਚ ਦਾ ਚੋਥਾਂ ਹਿੱਸਾ ਅੱਧੇ ਗਿਲਾਸ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਘੋਲ ਕੇ ਦੋ ਤੋਂ ਤਿੰਂਨ ਲਗਾਤਾਰ ਅੱਖ ਵਿੱਚ ਛਿੱਟੇ ਮਾਰੋ..

Posted by Amarjit
Punjab
25-10-2019 02:51 PM
tuci usda bhukar dso kina rehnda hai ate ehh dso ki ohh jugali krdi hai ja nhi . jekar jugali v nahi krdi tan uss nu Broton liquid 50-50ml rojana, Tonakind gold powder 25-25gm rojana deo..

Posted by satish kumar chouhan
Rajasthan
25-10-2019 02:32 PM
बिजाई के लिए सितंबर के आखिरी सप्ताह से मध्य अक्तूबर का समय उपयुक्त होता है

Posted by Anjali Joshi
Madhya Pradesh
25-10-2019 02:28 PM
इसे बहुत तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह घटिया निकास प्रबंध को भी सहन कर सकती है यह सैलाबी दलदली मिट्टी में अच्छी पैदावार देती है इसे दलदली इलाकों, नहरों और अन्य जल स्त्रोतों के पास उगाया जा सकता है इसके अच्छे विकास के लिए इसे तेजाबी मिट्टी की जरूरत होती है Pragyashakti: यह किस्म सी आई एम ए पी, लखनऊ की तरफ से तैय.... (Read More)
इसे बहुत तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है यह घटिया निकास प्रबंध को भी सहन कर सकती है यह सैलाबी दलदली मिट्टी में अच्छी पैदावार देती है इसे दलदली इलाकों, नहरों और अन्य जल स्त्रोतों के पास उगाया जा सकता है इसके अच्छे विकास के लिए इसे तेजाबी मिट्टी की जरूरत होती है Pragyashakti: यह किस्म सी आई एम ए पी, लखनऊ की तरफ से तैयार की गई है इस किस्म में 1.8-2 प्रतिशत बैकोसाइड होता है और यह ज्यादा से ज्यादा स्थानीय लोगों के लिए प्रयोग की जाती है
Subodhak: इस किस्म को भी सी आई एम ए पी, लखनऊ की तरफ से तैयार किया गया है इस किस्म में 1.8-2 प्रतिशत बैकोसाइड होता है और यह ज्यादा से ज्यादा स्थानीय लोगों के लिए प्रयोग की जाती है ब्राह्मी की खेती के लिए, भुरभुरी और समतल मिट्टी की जरूरत होती है मिट्टी को अच्छी तरह भुरभुरा बनाने के लिए, खेत को जोतें और फिर हैरों का प्रयोग करें जब ज़मीन को प्लाटों में बदल दिया जाये तो तुरंत सिंचाई करें जोताई करते समय 20 क्विंटल रूड़ी की खाद डालें और मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें इसकी बिजाई मध्य जून या जुलाई महीने के शुरू में कर लेनी चाहिए पनीरी वाले पौधों का रोपण् 20x20 सैं.मी. के फासले पर करें इसकी बिजाई मुख्य खेत में पनीरी लगा कर की जाती है

Posted by pawan giri
Uttar Pradesh
25-10-2019 02:26 PM
bhai sahib rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai bhains ko 1kg wadhya feed pao har 3 mahine baad pet ke kirhe nikalne ki dwaee deo

Posted by dhiraj singh
Uttarakhand
25-10-2019 02:23 PM
यदि आप चारे की फसल लगाना चाहते है तो आप बरसीम,ज्वी, राईघास की बिजाई कर सकते है..

Posted by arohi verma
Madhya Pradesh
25-10-2019 02:19 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें

Posted by Gurvinder Singh
Punjab
25-10-2019 02:18 PM
गुरविंदर जी आप इसे पेट के कीड़ों के लिए Albendazole साल्ट की गोली दें और अच्छी मात्रा में फीड और चारा दें बाकि आप उसे Enerboost powder 100gm रोजाना और हर तीन महीने के बाद डीवॉर्मिंग जरूर करें

Posted by Vishal kamboj
Punjab
25-10-2019 02:09 PM
strawberry di kheti abohar area vich ho sakdi hai ji. baki jekar plant chahide hai ta sade nal 98725-95194 number te sampark karo ji.
Posted by jagdeep Singh jattana
Punjab
25-10-2019 02:09 PM
Jagdeep ji tuhade swala de jwab dite gye hai tuci App vich apne swala de jwab dekh skde ho.

Posted by Lokesh Kasana
Haryana
25-10-2019 01:57 PM
Shrimaan ji, kripya aap btaye ke aap ki fasal mein jankari lena chahte hai tajo apko iske bare mein puri jankari di ja sake, dhanywad
Posted by Narender
Haryana
25-10-2019 01:55 PM
Narender ji aap apna swal vistar se pooche taki apko iske bare men poori jankari di ja sake.dhanywad

Posted by Gurjeet Singh
Punjab
25-10-2019 01:51 PM
ਤੁਸੀ 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁੜ, 250 ਗ੍ਰਾਮ ਗੁਲਕੰਦ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੌੰਫ, 100 ਗ੍ਰਾਮ ਸੁਕੇ ਆਵਲੇ ਤੇ 50 ਗ੍ਰਾਮ ਅਜਵਾਇਨ ਉਬਾਲ ਕੇ ਠਾਰ ਕੇ 5 ਦਿਨ ਦੇਣੀ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰੋ, ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Enerdyna liquid 100-100ml ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ, Lactomax tablet 10-10 ਗੋਲੀਆਂ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ ..

Posted by Jaswinder Singh Mann
Punjab
25-10-2019 01:45 PM
Jaswinder ji tuci iss nu Neurobion forte injection 0.5ml lgwao ji..

Posted by Raj Singh
Punjab
25-10-2019 01:45 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Mecvolt 400mg ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਸਿਰਫ ਇਕ ਇੰਜੇਕਸ਼ਨ ਲਗਾਨਾ ਹੈ ਅਤੇ Trineurosol h injection ਵੀ 5-5ml ਦੋਨਾਂ ਪੂੜਿਆਂ ਤੇ ਲਾਓਂ ਬਾਕੀ ਉਸ ਨੂੰ Urimin injection 20ml ਅਤੇ Metphos injection 20ml ਲਗਵਾਓ ਇਹ ਸਾਰੇ ਤੁਸੀ 3 ਦਿਨ ਲਗਵਾਓ ਉਸ ਨੂੰ ਸਹਾਰਾ ਦੇ ਕੇ ਥੋੜੀ ਥੋੜੀ ਦੇਰ ਖੜੀ ਰੱਖਣ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੋ..
Posted by Om Prakash
Jharkhand
25-10-2019 01:43 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by nand
Chattisgarh
25-10-2019 01:40 PM
उन्हें आप Broton liquid 20ml/100 birds के हिसाब से दे सकते है इससे उनका हाजमा ठीक रहेगा और जो वो खाते है वो भी हज़म होता रहेगा और शरीर की भी अच्छी ग्रोथ होगी
Posted by Thakurdas Thakurdas
Uttar Pradesh
25-10-2019 01:34 PM
Thakur ji aap paudhe ke uper NPK 130045@1 kilo ko 150 litre pani ke hisab se spray karen.dhanywad
Posted by Naresh Kumar
Punjab
25-10-2019 01:32 PM
नरेश कुमार जी ये फसल में सूक्ष्म तत्त की कमी को पूरा करता है इसकी मात्रा 4 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से प्रयोग कर सकते है ये आप किसी भी कंपनी की खरीद सकते है धन्यवाद

Posted by Sukh Deep
Punjab
25-10-2019 01:30 PM
sukhdeep ji tuc isde uper hoshi@400ml nu prati acre de hisab nal spray karen.dhanywad

Posted by deependra Singh
Uttar Pradesh
25-10-2019 01:28 PM
श्रीमान जी, आलू की आंख काट कर उसे शोधित किया जाता है, बीज शोधित करणे के लिए बिजाई के लिए सेहतमंद आलू ही चुने बिजाई से पहले आलुओं को कोल्ड स्टोर से निकालकर 1-2 सप्ताह के लिए छांव वाले स्थान पर रखें ताकि वे अंकुरित हो जायें आलुओं के सही अंकुरन के लिए उन्हें जिबरैलिक एसिड 1 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर एक घंट.... (Read More)
श्रीमान जी, आलू की आंख काट कर उसे शोधित किया जाता है, बीज शोधित करणे के लिए बिजाई के लिए सेहतमंद आलू ही चुने बिजाई से पहले आलुओं को कोल्ड स्टोर से निकालकर 1-2 सप्ताह के लिए छांव वाले स्थान पर रखें ताकि वे अंकुरित हो जायें आलुओं के सही अंकुरन के लिए उन्हें जिबरैलिक एसिड 1 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में मिलाकर एक घंटे के लिए उपचार करें फिर छांव में सुखाएं और 10 दिनों के लिए हवादार कमरे में रखें फिर काटकर आलुओं को मैनकोजेब 0.5 प्रतिशत घोल (5 ग्राम प्रति लीटर पानी) में 10 मिनट के लिए भिगो दें इससे आलुओं को शुरूआती समय में गलने से बचाया जा सकता है आलुओं को गलने और जड़ों में कालापन रोग से बचाने के लिए साबुत और काटे हुए आलुओं को 6 प्रतिशत मरकरी के घोल (टैफासन) 0.25 प्रतिशत (2.5 ग्राम प्रति लीटर पानी) में डालें
Posted by ਨਵਪਰੀਤ ਸਿੰਘ
Punjab
25-10-2019 01:00 PM
BhaaG isnu 1-2bottle calcium dian doctor ton khoon wali naarh wich lagwa lao 1 kg kanak da dalia 500g gur ch rinh ke swer te aina hi shaam nu 7din khuao Chowaee 7 din poori na karo rajwa hara chaara te har 3kg dudh lai majh nu wadhya feed pao
Posted by jay
Gujarat
25-10-2019 12:59 PM
अफारा की समस्या जो पशुओं में होती है उसे अंग्रेजी में bloating बोलते है
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