Posted by ashish soni
Madhya Pradesh
26-10-2019 07:07 PM
गेहूं की बिजाई के लिए JW 1201 (21.2क्विंटल/एकड़), GW 322 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 8498 (22-24क्विंटल/एकड़), HI 1544 (22-24क्विंटल/एकड़), JW 1203 (16.8-18क्विंटल/एकड़) की बिजाई कर सकते हो
Posted by Sudhir swami
Punjab
26-10-2019 06:59 PM
श्रीमान जी नरमे को एक बार चुगाई के बाद आप एनपीके 00.00.50 एक किलो प्रति एकड़ को 100 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते है
Posted by Jagdish
Madhya Pradesh
26-10-2019 06:48 PM
उसे आप Injection Enrostrong 4.5gm लगवायें और उसे Biotrim-Ds bolus 1-1 गोली सुबह शाम दें इसके साथ साथ आप उसे Broton liquid 50ml रोजाना दें इससे फर्क पड़ जाएगा..

Posted by Daljit Singh
Punjab
26-10-2019 06:37 PM
Shri maan g HD-3086 di beejayi da time 20 October to 30 November tk and Kanak de vich total 110kg urea paya janda hai..iss nu tuc 2-3 hissya de vich vand ke paa skde ho..kanak de vich DAP@55kg per acre de hisab nal payi jandi hai...Tuc ikk acre de hisab nal DAP da ikk gatta pa skde ho. Jekar SSP di varto kr rhe ho tan SSP@150kg per acre de hisaab nal vart skde ho. DAP nu kanak de beej nal mix kr ke beej deo. Isse dhang nal beej de nal SSP di v varto kr skde ho nahi tan kanak de lyi vaahn tyaar krde sme khet de vich shitta de skde ho..DAP ate SSP de vicho kise v ikk di varto krni hai. jekar vaahn de vich potash di kami hai tan POTASH@20kg per acre de hisaab nal tuc vart skde ho.
Posted by Rajveer Singh
Punjab
26-10-2019 06:34 PM
HD 3086 (PusaGautam) : इसकी औसतन उपज 23 क्विंटल प्रति एकड़ होती है इसके पत्ते पीलेपन और भूरेपन की बीमारी से रहित होते है इस किस्म के बरेड बनाने के लिए सभी तत्त होते है इसकी बिजाई अक्तूबर से नवंबर महीने तक कर सकते है ये पकने के लिए 156 दिन और लंबाई 96 सैं.मी है
Posted by Rajveer Singh
Punjab
26-10-2019 06:22 PM
Rajveer ji uss nu tuci pett de kiria lai Flukarid-Ds bolus deo ate Intalyte oral powder 2-2 chamch swere sham ate Enerdyna liquid 100ml rojana deo, iss nal frak paa jawega.

Posted by Gurjinder Singh
Punjab
26-10-2019 06:17 PM
Gurjinder ji, amistar top di spray tan h karo jekar tuhade matar de butte te fungus da hamla ho reha hai tan, dhanwad
Posted by Gurdhian singh Anttal
Haryana
26-10-2019 06:09 PM
श्रीमान जी जो सिफारिश किस्में नहीं है उनका मार्किट में रेट 50 रूप्ये प्रति क्विंटल कम भी मिल सकता है नमी ज्यादा होने के कारण भी रेट कम हो जाता है या फिर धान सूखा कर बेचें

Posted by Bhullar saab
Punjab
26-10-2019 05:31 PM
श्रीमान जी धान का रेट 1835 रूप्ये प्रति क्विंटल है

Posted by Udham Singh
Haryana
26-10-2019 04:59 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें ताकि आपको पूरी जानकारी दी जा सके
Posted by Rahul Dedha
Uttar Pradesh
26-10-2019 04:59 PM
यदि आपकी गाय को भार पड़ता है तो भार पड़ने के इलाज के लिए आप यह तरीका प्रयोग कर सकते हैं, आप 1 किलो सत्यानाशी बीज लें, आधा किलो कमरकस, आधा किलो जोखार लें, यह सब पंसारी से मिल जायेगा, यह सब कुछ आप मिला लें और इसका पाउडर बना सकते हैं और रोज़ाना रात को यह मिश्रण आधा किलो लें और आधा किलो शकर लें और इन्हे भिगोकर रख दें और अग.... (Read More)
यदि आपकी गाय को भार पड़ता है तो भार पड़ने के इलाज के लिए आप यह तरीका प्रयोग कर सकते हैं, आप 1 किलो सत्यानाशी बीज लें, आधा किलो कमरकस, आधा किलो जोखार लें, यह सब पंसारी से मिल जायेगा, यह सब कुछ आप मिला लें और इसका पाउडर बना सकते हैं और रोज़ाना रात को यह मिश्रण आधा किलो लें और आधा किलो शकर लें और इन्हे भिगोकर रख दें और अगले दिन पशु को दें, इस तरह आप 4 दिन लगातार दें, बाकि उसे Lapnil-p पाउडर की 1 पुड़िया को आधा किलो बेसन में मिलाकर देना शुरू करें और Calcimust gel 300ml, तीन दिन लगातार दें उसे रस्सी डालकर रखें और तूड़ी कम डालें, इससे फर्क पड़ जायेगा..

Posted by sohan
Rajasthan
26-10-2019 04:56 PM
श्रीमान जी, यह जानवरों को देने के लिए उच्चित होता है, जहाँ तापक्रम अधिक रहता हो, वर्षा अधिक होती हो और वायुमण्डल मे आद्रता की मात्रा अधिक रहती हो, वे क्षेत्र नेपियर घास की खेती के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं लगभग 200 सेमी० वार्षिक वाले क्षेत्र इसकी खेती के लिए उत्तम हैं अधिक ठण्डी जलवायु मे फसल की अच्छी वृद्ध.... (Read More)
श्रीमान जी, यह जानवरों को देने के लिए उच्चित होता है, जहाँ तापक्रम अधिक रहता हो, वर्षा अधिक होती हो और वायुमण्डल मे आद्रता की मात्रा अधिक रहती हो, वे क्षेत्र नेपियर घास की खेती के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं लगभग 200 सेमी० वार्षिक वाले क्षेत्र इसकी खेती के लिए उत्तम हैं अधिक ठण्डी जलवायु मे फसल की अच्छी वृद्धि होती हैं पाले का इस पर बहुत हानिकारक प्रभाव पड़ता हैं इसे विभिन्न प्रकार की भूमि मे उगा सकते हैं परन्तु फसल की उपज भारी भूमियों की अपेक्षा हल्की भूमि मे अधिक होती हैं उत्तम उपज के लिए दोमट अथवा बलुअर दोमट मृदा उपयुक्त हैं खेत की तैयार के लिए पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से की जाती हैं इसके बाद 2-5 जुताइयाँ देशी हल से करते हैं मिट्टी को भुरभुरा करने के लिए प्रत्येक जुताई के बाद पाटे का प्रयोग किया जाता हैं भारत मे नेपियर घास की फसल रबी की फसल की कटाई के पश्चात खरीफ ऋतु मे तथा बसन्त ऋतु (फरवरी - मार्च) में बोई जाती हैं अत: इन्ही के आधार पर खेती की तैयारी की जाती हैं जिन स्थानों पर सिचाई की सुविधाएं उपलब्ध नही होती हैं वहाँ पर नेपियर घास की बुवाई वर्षा ऋतु में जुलाई से अगस्त तक की जाती हैं बसन्त ऋतु की बुवाई:-नेपियर घास की बुवाई का यह सबसे उत्तम समय (फरवरी से मार्च) होता हैं परन्तु इस समय फसल की बुवाई उन स्थानों पर की जाती हैं जहाँ सिचाई की सुविधायें उपलब्ध हों धन्यवाद

Posted by Jeetram
Rajasthan
26-10-2019 04:49 PM
श्रीमान जी गोभी की बिजाई नवंबर के पहले सप्ताह तक कर सकते है
Posted by ਹਰਪਾਲ ਸਿੰਘ
Punjab
26-10-2019 04:24 PM
ਤੁਸੀ ਉਸ ਨੂੰ Lactomood ਹੋਮਿਓਪੈਥਿਕ ਦਵਾਈ ਦੀਆ 10-10 ਬੂੰਦਾਂ ਦਿਨ ਵਿਚ 3 ਵਾਰ ਦਿਓ ਅਤੇ leptaden tablet 10-10 ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਦਿਓ ਅਤੇ Milkout ਪਾਊਡਰ 1-1 ਚਮਚ ਸਵੇਰੇ ਸ਼ਾਮ ਅਤੇ Anabolite liquid 100ml ਰੋਜਾਨਾ ਦਿਓ, ਇਸ ਨਾਲ ਫਰਕ ਪੈ ਜਾਵੇਗਾ..

Posted by ishwar singh
Rajasthan
26-10-2019 04:16 PM
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है म.... (Read More)
जीरा भारत का महत्तवपूर्ण मसाला है अच्छे निकास वाली और उच्च कार्बनिक पदार्थों वाली मिट्टी जीरे की खेती के लिए उपयुक्त होती है जीरे की खेती के लिए उस ज़मीन का चयन करें जहां 3-4 वर्ष जीरे की खेती ना की गई हो प्रसिद्ध किस्में:-RZ 19,RZ 209,Gujarat Jeera 2,RZ 223,GC 4 जीरे की खेती के लिए अच्छी तरह से जोती गई और समतल ज़मीन की आवश्यकता होती है मिट्टी के भुरभुरा होने तक खेत की जोताई करें और मिट्टी को समतल करने के लिए सुहागा फेरें जीरे की बिजाई के लिए 15 से 30 नवंबर सही समय होता है कतारों में बिजाई के लिए दो पंक्तियों में 30 सैं.मी. फासले का प्रयोग करें बीजों को 10 सैं.मी. की गहराई में बोयें बिजाई के लिए बुरकाव ढंग या कतार में बिजाई ढंग का प्रयोग करें एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-6 किलो बीज पर्याप्त होते हैं बिजाई से पहले कार्बेनडाज़िम 2 ग्राम से प्रति किलो बीजों का उपचार करें यह बीजों का फंगस संक्रमक से बचाव करेगा खादों की सही मात्रा के लिए और अतिरिक्त प्रयोग ना करने के लिए मिट्टी की जांच सबसे महत्तवपूर्ण कदम है फसल की अच्छी वृद्धि और अच्छी उपज के लिए नाइट्रोजन 15 किलो (यूरिया 32 किलो) फासफोरस 11 किलो (एस एस पी 66 किलो) और पोटाश 7 किलो (म्यूरेट ऑफ पोटाश 12 किलो) को गाय के गले हुए गोबर 2 टन के साथ प्रति एकड़ में डालें नाइट्रोजन की आधी मात्रा और फासफोरस और पोटाश की पूरी मात्रा बिजाई के समय डालें बाकी बची नाइट्रोजन की आधी मात्रा बिजाई के 35 दिनों के बाद डालें बिजाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें दूसरी सिंचाई बिजाई के 10 दिनों के बाद अंकुरण के समय करें उसके बाद तीन सिंचाइयां पर्याप्त होती हैं बाकी की सिंचाइयां बिजाई के 35वें, 60वें और 85वें दिन बाद करें एक बार फसल पक जाये तब सिंचाई ना करें बीज भरने की अवस्था में सिंचाई पत्तों के ऊपरी धब्बा रोग, चेपे और झुलस रोग के हमले को बढ़ाती है जीरे की फसल में नदीन गंभीर समस्या होते हैं नदीनों की जांच के लिए लगातार गोडाई और निराई करें पहली गोडाई बिजाई के 30-35 दिनों के बाद करें जब जीरे की फसल 5 सैं.मी. कद की हो जाये दूसरी गोडाई पहली गोडाई के 20-25 दिन बाद करें और खेत को नदीन रहित रखें रासायनिक रोकथाम के लिए बिजाई के 1-2 दिन बाद पैंडीमैथालीन 1 लीटर को 200 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें जीरे की फसल 100-115 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है कटाई दरांती की सहायता से की जाती है फसल की कटाई के बाद पौधों को फर्श पर खिलार दें और धूप में सुखाने के लिए छोड़ दें धूप में अच्छे से सुखाने के बाद पौधों से दाने अलग कर लें

Posted by jaswinder singh
Punjab
26-10-2019 04:00 PM
श्रीमान जी DBW-187 नई किस्म है जिसकी उपज 24—30 क्विंटल प्रति एकड़ निकल सकती है और ये 25 अक्तूबर से 30 नवंबर तक बिजाई की जा सकती है

Posted by jaswinder singh
Punjab
26-10-2019 03:45 PM
ਜਸਵਿੰਦਰ ਜੀ, ਇਸਦੀ ਰੋਕਥਾਮ ਲਈ ਤੁਸੀ fenvalrate @ 2gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by Balvir Singh
Punjab
26-10-2019 03:44 PM
श्रीमान जी कृप्या फसल की फोटो भेंजे ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके
Posted by jagpal sidhu028@gmail.com
Punjab
26-10-2019 03:07 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਜੀਰੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਪੰਜਾਬ ਵਿਚ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਸਿਫਾਰਿਸ਼ ਨਹੀਂ ਕਰਦੀ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ

Posted by Rupinder Singh
Punjab
26-10-2019 02:58 PM
श्रीमान जी सुपर 272: 120—125 दिनों की किस्म, इसकी लंबाई 95 सैं.मी और उपज 26 क्विंटल प्रति एकड़ और भारी ज़मीन में अक्तूबर —30 नवंबर तक बिजाई कर सकते है
Posted by sukhpinder singh bhullar
Punjab
26-10-2019 02:55 PM
Sukhpinder ji, eh sundi de hamle di vaja nal ho reha hai, isdi roktham lai tuc quinalphos @ 800 ml prati acre de hisaab nal spray karo, dhanwad
Posted by sukhdeep
Punjab
26-10-2019 02:53 PM
ਸ਼੍ਰੀਮਾਨ ਜੀ, ਤਾਲਾਬ ਵਿਚ ਪਾਈ ਗਈ ਨਦੀਨ ਨੂੰ ਹੱਥੀਂ ਹੀ ਕੱਢਿਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਇਸ ਲਈ ਕਿਸੇ ਨਦੀਨ ਨਾਸ਼ਕ ਦਾ ਪ੍ਰਯੋਗ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by ਕੁਲਵੀਰ ਸਿੰਘ
Punjab
26-10-2019 02:42 PM
shrimaan g kirpa krke apna swaal visthaar nal pucho ta jo tuhanu poori jaankari mil ske g..

Posted by Palwinder singh
Punjab
26-10-2019 02:10 PM
श्रीमान जी किस्म ज्यादा लंबाई वाली किस्म है इसकी औसतन लंबाई 101 सैं.मी है ये लगभग 157 दिनों में तैयार हो जाती है इसकी उपज 21.5 क्विंटल प्रति एकड़ है
Posted by sunil kumar
Haryana
26-10-2019 02:02 PM
shrimaan g aalu di germination 10-12 din tak hundi hai g..

Posted by rajeshpawar
Madhya Pradesh
26-10-2019 01:53 PM
श्रीमान जी , तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Spec.... (Read More)
श्रीमान जी , तरबूज भारत में एक महत्वपूर्ण ककड़ी की सब्जी है यह एक उत्कृष्ट रेगिस्तान फल है और इसके रस में प्रोटीन, खनिज और कार्बोहाइड्रेट के साथ 92% पानी होता है तरबूज राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की प्रमुख नदी-फसल है इसकी किस्मे जैसे के Arka Jyoti, Arka Manik, Durgapur Kesar, Durgapur Lal, Durgapur Meetha, Improved Shipper, Pusa Bedane, Special No 1, Charl Stan Gray की बिजाई कर सकते हो तरबूज गहरी उपजाऊ और अच्छी तरह से सूखा मिट्टी में अच्छी तरह से बढ़ता है यह सबसे अच्छा परिणाम देता है जब रेतीले या रेतीले दोमट मिट्टी पर उगाया जाता है खराब जल निकासी क्षमता वाली मिट्टी तरबूज की खेती के लिए अनुकूल नहीं है एक ही खेत पर एक ही फसल के लगातार उगने से फसल के घूमने का पालन करने से पोषक तत्वों की हानि, खराब उपज और अधिक रोग का हमला होता है मिट्टी का पीएच 6-7 के बीच होना चाहिए भूमि की जुताई करें और बारीक तिलक लगाएं तरबूज को सीधे नर्सरी में उगाया जा सकता है या फिर मुख्य खेत में प्रत्यारोपित किया जा सकता है तरबूज की खेती के लिए इष्टतम समय फरवरी के मध्य से मार्च के मध्य तक है बुवाई विधि के आधार पर रिक्ति भिन्न हो सकती है गड्ढे की विधि में पंक्ति से पंक्ति की दूरी 2-3.5 मी और दो पौधे के बीच 0.6-1.2 मी -4 सेमी की गहराई पर बीज बोएं बुवाई के विभिन्न तरीकों जैसे फुर्रो विधि, पिट विधि और पहाड़ी विधि का उपयोग जलवायु और मौसम के आधार पर किया जा सकता है फ़रो विधि: बुवाई फ़ुर्रों के दोनों ओर की जाती है एक बार में 3-4 बीज बोना (अंकुरण के बाद केवल स्वस्थ अंकुर रखना) और पौधे को पौधे से 60-90 सेमी की दूरी पर रखें पिट विधि: गड्ढे में 4 बोया हुआ बीज इसके लिए दो पंक्तियों के बीच 2-3.5 मीटर की दूरी पर और पौधे के बीच 0.6-1.2 मीटर की दूरी पर 60x60x60 सेमी के गड्ढे बनाएं अच्छी तरह से विघटित गोबर और मिट्टी के साथ गड्ढे भरें अंकुरण के बाद केवल एक अंकुर रखें पहाड़ी विधि: पिट विधि के समान इसमें 30x30x30 सेमी गड्ढों के गड्ढे को 1-1.5 मी की दूरी पर बनाया जाता है दो बीज प्रति पहाड़ी बोए जाते हैं एक एकड़ भूमि की बुवाई के लिए 1.5 से 2 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है बुवाई से पहले कार्बेन्डिज़िम @ 2 ग्राम / किलोग्राम बीज से बीज उपचारित करें रासायनिक उपचार के बाद ट्राइकोडर्मा विरिडी @ 4 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज के हिसाब से बीज डालें बीज को छाया में सुखाएं और फिर तुरंत बुवाई करें बुवाई से 20-25 दिन पहले, फार्म यार्ड खाद या अच्छी तरह से विघटित गोबर @ 6 टन प्रति एकड़ की दर से लगाएं और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं तरबूज के लिए नाइट्रोजन @ 20 किग्रा, फास्फोरस @ 10 किग्रा और पोटाश @ 10 किग्रा यूरिया @ 45 किग्रा, सिंगल सुपर फास्फेट @ 65 किग्रा और म्यूरिएट ऑफ पोटाश @ 18 किग्रा प्रति एकड़ की आवश्यकता होती है बीज बोने के समय फास्फोरस, पोटाश की पूरी मात्रा और नाइट्रोजन की एक तिहाई मात्रा लगाएँ नाइट्रोजन आधार की शेष खुराक लागू करें, 30-45 दिनों के बाद बेलों के पास बुवाई करें, इसे छूने से बचें और मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं वृद्धि के प्रारंभिक चरण के दौरान बिस्तर को खरपतवार मुक्त रखें उचित नियंत्रण उपायों की अनुपस्थिति में, खरपतवार 30% की उपज हानि का कारण बन सकता है बुवाई के 15-20 दिन बाद, आपस में जुड़े हुए ऑपरेशन करें मातम की गंभीरता और तीव्रता के आधार पर, दो से तीन निराई की आवश्यकता होती है
बीजों के त्वरित अंकुरण के लिए बुवाई के तुरंत बाद सिंचाई करें शेष सिंचाई 5-7 दिनों के अंतराल पर करें परिपक्वता के समय जरूरत पड़ने पर ही सिंचाई करें सिंचाई के समय भी सिंचाई से बचें, बेलों या वानस्पतिक भागों को गीला नहीं करना चाहिए, विशेष रूप से फूलों और फलों के सेट के दौरान बेहतर स्वाद के लिए, बेहतर मिठास पाने के लिए; कटाई से ३-६ दिन पहले सिंचाई बंद कर दें या पानी देना कम कर दें धन्यवाद

Posted by Palwinder singh
Punjab
26-10-2019 01:44 PM
tuci uss nu Vitum-H liquid 10-10ml swere sham, Metabolite powder di rojana 1 pudi deo, iss nal lewa v vdia howega ate dudh v vdia ho jawega..
Posted by Sohil Swaraj
Bihar
26-10-2019 01:40 PM
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजि.... (Read More)
मोती की खेती एक बहुत ही अच्छा व्यवसाय है इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए सबसे जरुरी है इसकी ट्रेनिंग, क्योकि इसमें बहुत सी ऐसी बारीकियें होती है जो हमें प्रेक्टिकल ट्रेनिंग में ही सीखने को मिलती है अगर आप इसकी ट्रेनिंग लेना चाहते है तो आप ग्लिटराटी पर्ल फार्मिंग ट्रेनिंग केंद्र प्रशिक्षण कार्य कर्म आयोजित किया जा रहा है प्रशिक्षण कार्य कर्म में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए नम्बर पर आज ही संपर्क करें और Rs 250/ से अपना रजिस्ट्रेशन करवाए अचल सिंह (फाउंडर )- 9711858258. धन्यवाद

Posted by ਹਰਨੇਕ ਸਿੰਘ
Punjab
26-10-2019 01:37 PM
ਹਰਨੇਕ ਸਿੰਘ ਜੀ ਸਾਡੇ ਕੋਲੋ ਮਿਲ ਜਾਵੇਗੀ ਜੀ ਤੁਸੀ 97810 41978 ਨੰਬਰ ਤੇ ਕਾਲ ਕਰੋ ਜੀ

Posted by Manpreet singh
Punjab
26-10-2019 01:36 PM
ਕੱਟੀਆਂ ਅਤੇ ਵੱਛੀਆ ਲਈ 15 ਦਿਨ ਤੋ 3 ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣ ਵਾਲੀ ਖੁਰਾਕ
ਮੱਕੀ ਜਾ ਕਣਕ 40 ਕਿਲੋ , ਸੋਇਆਬੀਨ ਦੀ ਖੱਲ 15 ਕਿਲੋ, ਸਰੋ ਖਲ 7 ਕਿਲੋ, ਚੋਲਾ ਦੀ ਪਾਲਸ 10 ਕਿਲੋ, ਚੋਕਰ 10 ਕਿਲੋ , ਤੇਲ ਰਹਿਤ ਚੋਲਾ ਦੀ ਪਾਲ਼ਿਸ 7 ਕਿਲੋ, ਸੀਰਾ 10 ਕਿਲੋ , ਧਾਤਾਂ ਦਾ ਮਿਸ਼ਰਣ 1 ਕਿਲੋ , ਮਿੱਠਾ ਸੋਡਾ 100 ਗਰਾਮ
ਕੁੱਲ ਜੋੜ, 100

Posted by Micky
Delhi
26-10-2019 01:28 PM
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्स.... (Read More)
यदि आप मछली पालन का काम शुरू करना चाहते हैं तो ट्रेनिंग बहुत जरूरी है यह ट्रेनिंग FFDA(fish farmer development aggency) हर जिले में बनी है जहां हमारा खेतीबाड़ी विभाग है वहां इसके अफसर बैठते हैं वहां जाकर एप्लीकेशन भरवायें वहां आपको 5 दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी ट्रेनिंग के लिए दसवीं पास होना ज़रूरी है इस ट्रेनिंग में आपको लोन और सब्सिड़ी के बारे में सारी जानकारी प्राप्त हो जाएगी इसकी पुंग छोड़ने के लिए अप्रैल से अक्टूबर का समय बढ़िया होता है, बाकि यदि अपने शुरू करना है तो यूनिवर्सिटी की तरफ से एक एकड़ में शुरू कर सकते हैं. एक एकड़ में 5000 पूंग डाल सकते हैं यह 2 से 3 इंच का होता है यदि 5000 डालना है तो 3000 रोहू, 1000 कतला, 500 कॉमन कॉर्प और 500 मरीगल नस्ल डाली जाए यह पूंग आप मछली पालन विभाग से खरीद सकते हैं यह एक इंच का बच्चा 10 पैसा प्रति बच्चा मिलेगा यदि बढ़िया खुराक डाली जाए तो 8 महीनों में यह लगभग 800—900 ग्राम का हो जाता है बाकी मछली पालन के लिए नहरी पानी बढ़िया होता है और आप गांव का छप्पड़ ठेके से लेकर भी यह काम शुरू कर सकते हैं तालाब में मछली के बीज डालने से पहले इस बात की जांच कर लेनी चाहिए कि उस तालाब में काफी मात्रा में मछली की कुदरती खुराक उपलब्ध है.

Posted by DURGESH KUMAR
Uttar Pradesh
26-10-2019 01:27 PM
Shrimaan ji, tuc is lai makka di biaji kar sakde o, nai ta fir savbjiya jive ke tamatar, mirch, fulgobhi, piyaj di bijai kar sakde ho, dhanwad

Posted by Abhimanyu Yadav
Bihar
26-10-2019 01:13 PM
कृप्या आप अपना सवाल विस्तार से पूछें कि आप क्या जानकारी लेना चाहते है ताकि आपको सही जानकारी दी जा सके।

Posted by inderdeepak singh
Punjab
26-10-2019 12:53 PM
मिती 26—10—2019 मंडी कोटकपूरा पंजाब Combaine Paddy. 1121- Rate- 3080, 1718- Rate- 2660 1509- Rate- 2450 1401- Rate- 2515 सारे ग्राहक कमज़ोर है कोई अच्छी तरह माल नहीं ले रहा है

Posted by deepak singh
Bihar
26-10-2019 12:15 PM
दीपक जी, , यह फंगस के हमले के कारन हुआ है, आप इसकी रोकथाम के लिए carbendazim @ 4 gm प्रति लीटर पानी के हिसाब से स्प्रे करें, धन्यवाद

Posted by nikku
Bihar
26-10-2019 12:12 PM
Nikku ji , eh fungus ke hamle ki vajah se ho raha hai, iski roktham ke liye ap carbendazim @ 4gm prati liter pani ke hisaab se spray karein, dhanywad

Posted by taranjit singh aulakh
Punjab
26-10-2019 12:09 PM
ਤਰਨਜੀਤ ਜੀ, ਇਹ ਤੱਤਾਂ ਦੀ ਕਮੀ ਦੇ ਕਰਨ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ, ਇਸ ਵਿਚ ਤੁਸੀ vermicompost @ 7-8 kg ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਪਾਓ ਅਤੇ ਇਸਦਾ ਦੇ ਵਿਚ copper oxychloride @ 3gm ਪ੍ਰਤੀ ਲਿਟਰ ਪਾਣੀ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਸਪਰੇ ਕਰੋ, ਧੰਨਵਾਦ
Posted by JASS
Punjab
26-10-2019 12:05 PM
ਜੱਸ ਜੀ, ਹਰਿ ਮਿਰਚ ਲਈ ਨਰਸਰੀ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਉੱਚਿਤ ਸਮਾਂ ਅਕਤੂਬਰ ਦੇ ਅਖੀਰ ਤੋਂ ਅੱਧ-ਨਵੰਬਰ ਤੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਸ਼ਿਮਲਾ ਮਿਰਚ ਦੀ ਅਗੇਤੀ ਪੈਦਾਵਾਰ ਲਈ ਬੀਜ ਅੱਧ-ਅਕਤੂਬਰ ਵਿੱਚ ਬੀਜੇ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਅਤੇ ਰੋਪਣ ਨਵੰਬਰ ਦੇ ਅੰਤ ਵਿੱਚ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਧੰਨਵਾਦ

Posted by dhiraj singh
Uttarakhand
26-10-2019 11:57 AM
यदि आप चारे की फसल लगाना चाहते है तो आप बरसीम,ज्वी, राईघास की बिजाई कर सकते है..

Posted by Dharminder Singh
Punjab
26-10-2019 11:51 AM
tusi dr Dr Allah Rang ji nal contact karo .98154 64786 eh Biocrave seed to hun ji. tohanu puri detail nal guide karange ji.

Posted by Amrit chahal
Punjab
26-10-2019 11:40 AM
ਚਾਹਲ ਜੀ ਤੁਸੀ ਘਰ ਵਿਚ ਫੀਡ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਦੇ ਸਕਦੇ ਹੋ ਇਸਦੇ ਲਈ
• 10 ਕਿਲੋ ਸੋਇਆਬੀਨ
• 8 ਕਿਲੋ ਵੜੇਵਿਆਂ ਦੀ ਖਲ
• 9 ਸਰੋਂ ਦੀ ਖਲ
• 40 ਕਿਲੋ ਚੋਕਰ
• 20 ਕਿਲੋ ਕਣਕ ਜਾਂ ਮੱਕੀ
• 10 ਕਿਲੋ ਛੋਲੇ
• 1 ਕਿਲੋ ਨਮਕ
• 2 ਮਿਨਰਲ ਮਿਸ਼ਰਣ
Posted by msgill
Uttarakhand
26-10-2019 11:23 AM
Gill ji, tuc is vich halki sinchai kardo ajeha karan nal matar da vikaas ho jae ga, dhanwad
Posted by Parveen
Punjab
26-10-2019 11:08 AM
Parveen ji 48 x 23 karma vali jaga nu asi 122.66 Marle ja 6.13 Kanal bol sakde ha, Thankyou.
Posted by sunil kumar
Haryana
26-10-2019 11:06 AM
सुनील जी, आलू 15 -18 दिन के बाद निकल आते है, धन्यवाद
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